पटना, 12 जुलाई: बिहार विधान परिषद ने बिहार माल और सेवा कर संशोधन विधायक 2023 को बुधवार को ध्वनि मत से पारित कर दिया। भोजनावकाश के बाद बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चैधरी ने यह विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसके माध्यम बिहार माल सेवा कर अधिनियम में 22 संशोधन के प्रस्ताव हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से किए जा रहे संशोधनों में सबसे महत्वपूर्ण संशोधन जीएसटी न्यायाधिकरण से संबंधित प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है।

चौधरी ने कहा कि जीएसटी प्रणाली लागू होने के छह वर्ष बीत जाने के बाद भी जीएसटी न्यायाधिकरण का गठन नहीं हो सका है जिसके कारण करदाताओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर जीएसटी न्यायाधिकरण से संबंधित विधेयक विधिक अड़चनों को दूर करने के लिए इससे संबंधित प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके लिए केंद्रीय जीएसटी अधिनियम में अधिकांश बदलाव किए गए हैं। इस संबंध में जीएसटी परिषद की बैठक में बिहार राज्य की ओर से दिए गए सुझाव को भी शामिल किया गया है। बिहार राज्य द्वारा सुझाए गए संशोधनों के अनुरूप गठित किए जाने वाले न्यायाधिकरण में तीन के स्थान पर चार सदस्यों का प्रावधान किया गया है जिसमें दो न्यायिक सदस्य एवं दो तकनीकी सदस्य होंगे। दो तकनीकी सदस्यों में एक तकनीकी सदस्य (राज्य) और तकनीकी सदस्य (केंद्र) होगा।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम करदाताओं को कई सहूलियतें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अंतर्गत ई-कॉमर्स ऑपरेटर के माध्यम से सामान की आपूर्ति करने वाले करदाताओं को कंपोजिशन योजना के चयन का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम करदाताओं को सहूलियत देते हुए कंपाउंडिंग मनी की अधिकतम तथा न्यूनतम मौद्रिक सीमा को भी घटाया गया है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की अनुशंसा के आलोक में संसद के द्वारा यथा पारित वित्तीय अधिनियम 2023 के माध्यम केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम में कतिपय संशोधन किए जा चुके हैं। चूंकि केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम तथा राज्य माल सेवा कर अधिनियम एक दूसरे के प्रतिबिंब हैं, इसलिए केंद्रीय माल सेवा कर अधिनियम में किए गए सभी संशोधनों के मद्देनजर में बिहार माल और सेवा कर अधिनियम 2017 में संशोधन किया जाना अपेक्षित है।

सदन द्वारा विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति में बिहार माल और सेवा कर संशोधन विधेयक-2023 को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। विपक्षी दल भाजपा के सदस्य प्रतिपक्ष के नेता सम्राट चौधरी के खिलाफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के सदस्य रामेश्वर महतो द्वारा मंगलवार को लाए गए एक निंदा प्रस्ताव पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हुई तकरार के बाद सदन से बर्हिगमन कर गए थे।

Rajnish Pandey
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