पटना। बिहार सरकार ने राज्य के बुजुर्ग नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए घर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की नई योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान करते हुए कहा कि अब बुजुर्गों को इलाज के लिए बार-बार अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह योजना सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम का अहम हिस्सा होगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द लागू किया जाए। योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को उनके घर पर ही बुनियादी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि समय पर इलाज संभव हो सके और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार आए।
घर पर मिलेंगी ये स्वास्थ्य सेवाएं
सरकार की इस योजना के तहत बुजुर्गों को निम्नलिखित सुविधाएं घर पर ही प्रदान की जाएंगी—
* प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की सेवा
* पैथोलॉजी जांच (खून, शुगर, अन्य जरूरी टेस्ट)
* ब्लड प्रेशर (BP) और ईसीजी जांच
* फिजियोथेरेपी की सुविधा
* अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में आपातकालीन सहायता
* ग्रामीण इलाकों पर विशेष फोकस
सरकार का विशेष जोर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों पर रहेगा, जहां बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को इस योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि सेवाएं समय पर और प्रभावी ढंग से मिल सकें।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा,“बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर हैं। उनकी देखभाल सरकार की जिम्मेदारी है। यह योजना बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
स्वास्थ्य विभाग करेगा निगरानी
स्वास्थ्य विभाग को योजना की निगरानी और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
सरकार की इस पहल से बिहार के लाखों बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और यह योजना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।