मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फरवरी महीने में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विलय की संभावनाएं तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य की नई उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को होने वाली राकांपा विधायक दल की अहम बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी सहमत हैं और उन्होंने गठबंधन सहयोगियों के साथ इस मुद्दे पर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अजीत पवार के निधन के बाद राकांपा को एक मजबूत और स्वीकार्य चेहरे की जरूरत थी, जिसे सुनेत्रा पवार पूरा कर सकती हैं। संगठन में उनकी स्वीकार्यता, पारिवारिक राजनीतिक विरासत और सहानुभूति फैक्टर उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाता है।
वहीं, फरवरी में प्रस्तावित NCP के विलय को लेकर भी अंदरखाने चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि पार्टी की एकजुटता और सत्ता में स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। अगर विलय होता है तो महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनेंगे और सरकार की दिशा-दशा पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
फिलहाल सभी की निगाहें शनिवार की बैठक पर टिकी हैं, जहां सुनेत्रा पवार के राजनीतिक भविष्य और NCP की आगे की रणनीति को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।