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नई दिल्ली, 12 दिसंबर: देश की राजनीति के वरिष्ठ और सम्मानित नेता शिवराज पाटिल का शुक्रवार को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और राजधानी के एक अस्पताल में उनका उपचार जारी था। परिवार के अनुसार, स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बाद उन्होंने आज अंतिम सांस ली।

शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति के ऐसे विनम्र और अनुभवी चेहरे थे, जिन्होंने कई दशकों तक देश की सेवा की। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाली—वह लोकसभा स्पीकर, केंद्रीय गृह मंत्री, और गवर्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके थे। उनकी शांत स्वभाव और संतुलित नेतृत्व शैली के कारण वह सभी दलों में सम्मानित थे।

महाराष्ट्र के लातूर जिले से राजनीति की शुरुआत करने वाले पाटिल ने कांग्रेस पार्टी में लंबे समय तक अहम भूमिका निभाई। उन्हें प्रशासनिक दक्षता और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाना जाता था। 2004-2008 के दौरान गृह मंत्री के रूप में उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि पाटिल पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थे और उन्हें लगातार अस्पताल में निगरानी में रखा गया था। उनका अंतिम संस्कार कब और कहां होगा, इसकी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। सभी ने उन्हें “अनुभवी राजनेता”, “विनम्र व्यक्तित्व” और “देश की राजनीति का महत्वपूर्ण स्तंभ” बताया।

देश आज एक संयमी, अनुभवी और दूरदर्शी नेता को खो बैठा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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