Headline
हिप्र संकट पर जयराम रमेश का तंज, कहा- मोदी की गारंटी है कांग्रेस की सरकारों को गिराओ
रेलवे जमीन के बदले नौकरी मामला : दिल्ली की अदालत ने राबड़ी देवी और उनकी दो बेटियों को दी जमानत
उप्र का ‘रामराज्य’ दलित,पिछड़े, महिला,आदिवासियों के लिए है ‘मनुराज’ : कांग्रेस
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दी वैज्ञानिक समुदाय को बधाई
तमिलनाडु : औद्योगिक विकास के लिए प्रधानमंत्री का बड़ा प्रोत्साहन, शुरू की विभिन्न परियोजनाएं
वर्ष 2030 तक दुनिया में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं : राष्ट्रपति मुर्मू
बिट्टु कुमार सिंह को मिला केंद्रीय विश्वविद्यालय से जनसंचार में स्नातकोत्तर की डिग्री
चंडीगढ़ महापौर चुनाव में ‘आप’ की जीत का बदला लेना चाहती है भाजपा: आतिशी
ईवीएम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के कई नेता गिरफ्तार

परिवहन जागरूकता रथ को जिलाधिकारी ने किया रवाना

छपरा, 20 दिसंबर: शहर मुख्यालय से प्रत्येक गांव प्रखंड और कस्बा को जोड़ने के लिए बिहार सरकार द्वारा जारी किया गया। मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना के जागरूकता अभियान रथ का जिलाधिकारी अमन समीर ने झंडा दिखा रवाना किया। जिला समाहरणालय परिसर में रथ रवानगी के समय डीटीओ सहित के अधिकारी मौजूद रहे। परिवहन जागरूकता रथ पूरे जिले में घूमकर घूमकर लोगों को योजना के बारे में।जनाकारी देते हुए जागरूक करेगा।

सारण जिला के प्रत्येक प्रखंड क्षेत्र से सात लाभुकों को योजन का लाभ देने है। कुल मिलाकर सरन जिला में 133 लोगों के बीच इस योजना के लिए आवेदन स्वीकृत किया जाना है। लेकिन अभी तक लक्ष्य से बहुत कम आवेदन प्राप्त हुए है। जिसको लेकर यह जागरूकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री परिवहन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाने के बाद मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी अमन समीर ने बताया कि यातायात विभाग के द्वारा मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना संचालित किया जा रहा है।

इसका मुख्य उद्देश्य प्रखंड के दूर दराज गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने को लेकर है। इस योजना के तहत लाभुकों को पांच लाख रुपए तक के अनुदान देने का प्रावधान है। प्रति प्रखंड से सात लाभुकों का चयन करना है। इस तरह सदर प्रखंड को छोड़ कल 19 प्रखंडों में 133 लाभुकों का चयन किया जाना है। जिसको लेकर अभी तक 94 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 27 दिसंबर है। साथ ही साथ यह लाभुक ओरिएंटेड स्कीम है। जिसके तहत दो फायदे होते हैं, एक लाभुकों को पांच लाख का अनुदान मिलता है। जबकि प्रत्येक प्रखंड के सुदूर ग्रामीण से लोग जिला मुख्यालय से परिवहन के माध्यम जुड़ जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top