नई दिल्ली, 02 मई :कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बृहस्पतिवार को तीखा हमला किया और कहा कि जब चुनाव खत्म हो जाएंगे तब लोग उन्हें केवल ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद करेंगे जो हार से बचने के लिए ‘‘झूठ से भरे विभाजनकारी और सांप्रदायिक भाषण देते थे। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री से अपील की वह ‘‘नफरत फैलाने वाले भाषण’’ देने के बजाए अपनी सरकार के पिछले 10वर्ष के कामकाज पर वोट मांगें।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा। इस पत्र में खरगे ने लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक उम्मीदवारों (राजग) को प्रधानमंत्री की ओर से लिखे पत्र में उनकी पार्टी (कांग्रेस) पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनावों में भाजपा नीत राजग उम्मीदवारों से कहा कि वे इस बारे में मतदाताओं के बीच जागरुकता फैलाएं कि कांग्रेस ‘‘अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से आरक्षण छीनना चाहती है।’’ मोदी की ओर से उम्मीदवारों को लिखे एक व्यक्तिगत पत्र में प्रधानमंत्री ने धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक होने के बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर विभाजनकारी और भेदभावपूर्ण इरादे रखने का भी आरोप लगाया।

खरगे ने मोदी को लिखे पत्र में कहा,‘‘ मैंने वह पत्र देखा है जो आपने राजग के सभी उम्मीदवारों को लिखा है और जिसमें कहा गया है कि उन्हें मतदाताओं से क्या बोलना है। पत्र के लहजे और विषयवस्तु से ऐसा लगता है कि आपके अंदर बहुत हताशा और चिंता है जो आपको ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर रही है जो प्रधानमंत्री पद के अनुरूप नहीं है।’’

खरगे ने कहा, ‘‘पत्र से ऐसा प्रतीत होता है कि आपके भाषणों में जो झूठ है उसका वह असर नहीं हो रहा है जैसा आप चाहते थे और अब आप चाहते हैं कि आपके उम्मीदवार आपके झूठ को फैलाएं। एक झूठ को हजार बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाएगा।’’

कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि मतदाता इतने बुद्धिमान हैं कि वे खुद पढ़ और समझ सकते हैं कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में क्या लिखा है और क्या गारंटी देने का वादा किया है। खरगे ने अपने पत्र में कहा,‘‘ हमारी गारंटी इतनी सरल और स्पष्ट है कि हमें उन्हें समझाने की ज़रूरत नहीं है। आपके लाभ के लिए मैं उन्हें यहां दोहराऊंगा।’’ खड़गे ने अपने पत्र में पार्टी के युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय के बारे में विस्तार से बताया।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *