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नई दिल्ली, 12 जुलाई : दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। यमुना के पानी का स्तर 207.55 मीटर पर पहुंच गया है और इसी के साथ 45 साल का पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया है। तटबंध टूटने से गढ़ी मांडू गांव डूबा, जैतपुर और मीठापुर भी डूबने के कगार पर है।

दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर दिल्ली के बाढ़ग्रस्त इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है। जानकारी के अनुसार लाल किला के पास पुराने लोहे के पुल से रेल और वाहनों का परिचालन रोक दिया गया है। यमुना का पानी निचले इलाकों को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले चुका है। यमुना में 1978 में जलस्तर सर्वाधिक था, जोकि 207.49 के करीब था। यमुना में बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्य के लिए 45 नावें तैनात की गई हैं।

यमुना के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। हालात की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज शाम चार बजे आला अफसरों की आपात बैठक बुलाई है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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