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नई दिल्ली, 27 अगस्त : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को करोल बाग स्थित आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में दंत चिकित्सा इकाई का शुभांरभ किया। यह दंत चिकित्सा इकाई मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेस के सहयोग से खोली गई है। इस अवसर पर मंत्री ने अस्पताल परिसर में ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ स्वच्छता अभियान में भाग लिया एवं अस्पताल के स्वच्छता प्रहरियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयुष विभाग की निदेशक डॉ. योगिता मुंजाल, तिब्बिया कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मोहम्मद जुबैर समेत डॉक्टर्स और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल में खुले दंत चिकित्सा इकाई में दिल्ली के नागरिकों को हफ्ते के प्रत्येक मंगलवार-गुरुवार को ओपीडी सेवाओं का लाभ मिलेगा। जरूरत पड़ने और मरीजों की भीड़ बढ़ने पर भविष्य में ओपीडी सेवा के दिन को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने तिब्बिया कॉलेज एवं अस्पताल परिसर और ओपीडी ब्लॉक का बारीकी से निरिक्षण करने के साथ ही अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती मरीजों से बातचीत कर फीडबैक लिया।

दिल्ली के आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टरों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हमारी आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा विज्ञान एक ऐसा खजाना है, जिससे पूरी दुनिया ने भारत से ही सीखा है। उन्होंने कहा कि आज हम आयुष का प्रचार-प्रसार और विकास उतना नहीं कर पा रहे हैं, जितना राजधानी दिल्ली के साथ देश को जरूरत है, जो यहसबके लिए चिंतन करने का गंभीर विषय है।

स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों को भरोसा दिया कि हमसब एक साथ मिलकर राजधानी दिल्ली को पारंपरिक चिकित्सा जैसे आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में पूरे देश में रोल मॉडल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि दशकों से राज्य आयुष सोसाइटी के अभाव के कारण दिल्ली को एनएएम की केंद्रीय योजना के अंतर्गत धनराशि नहीं मिल पा रही थी। आयुष सोसाइटी के गठन से अब हम आयुष चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और सेवा से जुड़े लोगों को लाभान्वित करने के लिए इन संसाधनों का पूर्ण उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2025-26 के लिए एनएएम के अंतर्गत दिल्ली राज्य के लिए कुल 56 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्लीवासियों के लिए पारंपरिक चिकित्सा, आयुष के माध्यम से मेंटल हेल्थ वेलनेस प्रोग्राम लाने जा रहे हैं, जो पूरे देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में एक बेंचमार्क बनेगा। उन्होंने कहा कि किस प्रकार से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से भी मेंटल हेल्थ को ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की यह पहल न केवल दिल्लीवासियों को लाभान्वित करेगी, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अपनी खास पहचान कायम करेगी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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