नई दिल्ली, 23 जून: दिल्ली में बीते सप्ताह पेयजल का संकट और बढ़ गया। यहां राष्ट्रीय राजधानी में पेयजल के उत्पादन में सामान्य दिनों के मुकाबले 100 एमजीडी से भी अधिक की गिरावट आई है। इस बीच राज्य के लिए पानी की मांग कर रही दिल्ली की मंत्री आतिशी का अनशन रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।

आतिशी ने आज कहा कि हरियाणा के हथिनी कुंड में पानी भरा हुआ है लेकिन वहां की सरकार ने दिल्ली के लिए पानी छोड़ने वाले गेट बंद कर दिए हैं। दिल्ली के हक के पानी पर हरियाणा सरकार ने ताला लगाया है। आतिशी का कहना है कि जब तक दिल्ली की जनता को उनके हक का पानी नहीं मिल जाता तब तक उनका ‘पानी सत्याग्रह’ जारी रहेगा।

दूसरी ओर, दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के पेयजल उत्पादन में अब 117 एमजीडी पानी की कमी आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी के अनशन पर बैठने के बाद हरियाणा ने और अधिक पानी रोकना शुरू कर दिया है। इससे प्रतिदिन करीब 17 एमजीडी पानी की अतिरिक्त कमी हुई है।

सौरभ भारद्वाज का कहना है कि एक एमजीडी पानी से करीब 28,500 लोगों की पानी की जरूरत पूरी होती है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पहले 100 एमजीडी पानी की कमी थी। अब 117 एमजीडी पानी की कमी हो गई है। अतिरिक्त 17 एमजीडी पानी दिल्ली के करीब 4.85 लाख लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से लगातार दिल्ली को कम पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले दिल्ली में प्रतिदिन 1000 एमजीडी के आप-पास पानी का उत्पादन हो रहा था। यह 21 जून को घटकर 896 एमजीडी रह गया है।

दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया कि हरियाणा की ओर से आने वाले पानी में लगातार कमी की जा रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर भी हमला करते हुए कहा कि ‘वन इंडिया वन टीम’ की बात करने वाले आज अपने ही देश की राजधानी के लोगों को प्यासा रख रहे हैं।

जल संकट के मुद्दे पर दिल्ली सरकार के मंत्री आज उपराज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे। सौरभ भारद्वाज ने कहा, इससे पहले मैं और आतिशी उप राज्यपाल से पानी के मुद्दे पर मुलाकात कर चुके हैं। इस मुलाकात को उपराज्यपाल ने बकायदा तीन कैमरों में रिकॉर्ड करवाया था।

Rajnish Pandey
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