पटना, 02 अगस्त: बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से उनका नाम गायब है। इस दावे को पटना जिला प्रशासन ने सिरे से नकारते हुए कहा कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में है। मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया है, जिसमें उनका नाम है।

दरअसल, राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में दावा कर दिया कि उनका वोटर लिस्ट से नाम गायब है; अब वे किस तरह से चुनाव लड़ पाएंगे? तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। उन्होंने सवाल पूछा है कि अब मैं चुनाव कैसे लडूंगा?

तेजस्वी यादव के इस दावे के बाद पटना जिला प्रशासन ने बाकायदा मतदाता सूची का वह प्रारूप भी जारी किया है, जिसमें तेजस्वी की फोटो के साथ उनका नाम, उम्र, पिता का नाम, मकान संख्या दर्ज है। पटना जिला प्रशासन ने कहा, “कुछ समाचार माध्यमों से यह ज्ञात हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है। इस बारे में जिला प्रशासन, पटना द्वारा जांच की गई। इसमें यह स्पष्ट हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज है। वर्तमान में उनका नाम मतदान केन्द्र संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, क्रम संख्या 416 पर अंकित है। पूर्व में उनका नाम बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, मतदान केन्द्र संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर दर्ज था।”

इसके साथ जिला प्रशासन ने मतदाता सूची का प्रारूप भी जारी किया है। इधर, जदयू ने भी राजद नेता तेजस्वी यादव पर जोरदार निशाना साधा। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को राजनीति का फरेबी बताते हुए कहा कि राजनीति का जालसाज पकड़ा गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में उनका नाम नहीं है। लेकिन यह फरेब है, झूठ है।

उन्होंने आगे कहा कि सच यह है कि उनका नाम मतदाता सूची में है, जिसमें उनके नाम के साथ मकान संख्या 110, उम्र 36 दर्ज है। उन्होंने तेजस्वी यादव को राजनीति का फरेबी बताया। जदयू नेता ने आगे कहा कि ये लोग आरोप लगाते हैं। ये अपना ठीकरा दूसरे पर मढ़ रहे हैं। तेजस्वी यादव को माफी मांगनी चाहिए।

Rajnish Pandey
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