जयपुर, 16 फरवरी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ के बीच भारत ने कृषि क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। देशभर के किसानों के लिए एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म “भारत-VISTAAR” का 17 फरवरी को शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जयपुर में किया जाएगा। यह मंच किसानों के लिए मौसम, मंडीभाव, कीट-रोग प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
लॉन्च समारोह सुबह 10 बजे स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट, दुर्गापुरा, जयपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, कृषि मंत्रालय के सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी, सांसद-विधायक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहेंगे।
क्या है भारत-VISTAAR?
“भारत-VISTAAR” भारत सरकार का किसान-केंद्रित, एआई-संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है। इसे “प्लग-एंड-प्ले” मॉडल पर विकसित किया गया है, जिससे अलग-अलग सरकारी, वैज्ञानिक और बाज़ार प्रणालियों को एक साथ जोड़ा जा सके।
यह प्लेटफॉर्म किसानों को निम्नलिखित सुविधाएं देगा:
- मौसम की सटीक जानकारी (IMD डेटा के आधार पर)
- मंडी भाव (AgMarkNet से)
- कीट एवं रोग प्रबंधन (NPSS के माध्यम से)
- मृदा स्वास्थ्य एवं सॉइल हेल्थ कार्ड आधारित सलाह
- फसल प्रबंधन व ICAR के “पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज”
- कम से कम 10 प्रमुख केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी
- आवेदन की स्थिति, लाभ ट्रैकिंग और शिकायत निवारण
इसका उद्देश्य किसानों को बार-बार अलग-अलग पोर्टल या दफ्तरों के चक्कर से बचाना है।
वॉयस-फर्स्ट एआई: फीचर फोन से भी मिलेगा लाभ
भारत-VISTAAR को खासतौर पर “वॉयस-फर्स्ट एआई” के रूप में तैयार किया गया है। यानी साधारण फीचर फोन रखने वाला किसान भी सिर्फ कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकेगा।
टेलीफोनी हेल्पलाइन 155261 को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इसके अलावा:
- वॉयस इनपुट-आउटपुट सुविधा
- वेबसाइट व मोबाइल साइट चैटबॉट
- एंड्रॉयड ऐप (जल्द लॉन्च)
फेज-1 में यह सुविधा हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध होगी।
किन राज्यों से होगी शुरुआत?
पहले चरण में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात सहित कई राज्यों के लाखों किसानों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। आगे चलकर इसे अन्य राज्यों और भारतीय भाषाओं तक विस्तार देने की योजना है, जिससे यह राष्ट्रीय स्तर का कृषि डिजिटल नेटवर्क बन सके।
“AI फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप” और एआई हैकथॉन
लॉन्च समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा “AI फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप” भी जारी किया जाएगा। साथ ही “AI हैकथॉन” और “एग्रीकोष” की घोषणा भी की जाएगी, ताकि कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
डिजिटल सलाहकार बनेगा भारत-VISTAAR
इस मंच में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिक सुझाव, फसल प्रबंधन तकनीक और क्षेत्र-विशेष मृदा सलाह को शामिल किया गया है। इससे यह प्लेटफॉर्म सिर्फ सूचना देने वाला माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि एक “डिजिटल कृषि सलाहकार” की भूमिका निभाएगा, जो किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।
आज जब एआई उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को बदल रहा है, तब कृषि में इसका उपयोग ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकता है। सही समय पर सही सलाह मिलने से उत्पादन बढ़ेगा, लागत घटेगी और किसानों की आय में सुधार होगा।
भारत-VISTAAR का उद्देश्य तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को सशक्त बनाना है—ताकि डिजिटल इंडिया का लाभ खेतों तक पहुंचे और कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में नई उड़ान भर सके।