नई दिल्ली, 06 फरवरी: दिल्ली की मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार उसके नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के जरिए पार्टी को ”डराने और चुप कराने” की कोशिश कर रही है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के एक मामले की जांच के तहत मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार और ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य तथा पार्टी के कोषाध्यक्ष एन डी गुप्ता के परिसरों की तलाशी ली।

आतिशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कुमार और गुप्ता के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय के कर्मी सुबह सात बजे से तलाशी ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्य ‘आप’ नेताओं के परिसरों पर और छापेमारी की जाएगी।

आतिशी ने कहा, ”कल मैंने कहा था कि मैं आज सुबह 10 बजे ईडी के बारे में ‘सनसनीखेज खुलासा’ करूंगा। इस खुलासे को रोकने तथा ‘आप’ को डराने के लिए ईडी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिसरों पर सुबह सात बजे से छापे मार रही है। हमारे नेता एन डी गुप्ता और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक के आवास पर तलाशी ली जा रही है।”

उन्होंने कहा, ”ऐसी खबरें हैं कि ईडी ‘आप’ नेताओं के खिलाफ दिनभर छापेमारी करेगी। भाजपा नीत केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर पार्टी को डराने का प्रयास कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय ने आबकारी नीति मामले से जुड़े गवाहों और आरोपियों के बयान जबरन तथा धमकी देकर दिलवाए हैं।

मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ‘आप’ के नेताओं पर छापे मारकर पार्टी को ”डराने और चुप” कराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय का इस्तेमाल कर रही है लेकिन वे डरे नहीं हैं।

आतिशी ने कहा कि दो साल की जांच के बावजूद एजेंसियों को कथित आबकारी नीति घोटाले में कुछ नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ”कुछ दिन पहले एक आरोपी ने पूछताछ की सीसीटीवी फुटेज देने का अनुरोध करते हुए अदालत में एक अर्जी दायर की थी। ईडी ने उनका एक सरकारी गवाह से आमना-सामना कराया था और यह ऐसे कमरे में हुआ था जहां सीसीटीवी कैमरा लगा था। उन्होंने यह अर्जी इसलिए दाखिल की क्योंकि ईडी द्वारा अदालत में दिया गया बयान उस कमरे में दर्ज किए गए बयान से अलग था।”

मंत्री ने दावा किया कि ईडी द्वारा अदालत में सौंपी गयी फुटेज में ‘ऑडियो’ नहीं था। उन्होंने कहा, ”ईडी ने पूछताछ की वीडिया फुटेज की ‘ऑडियो रिकॉर्डिंग’ डिलीट कर दी थी। हमें विश्वस्त सूत्रों से यह पता चला है कि ईडी ने मामले में की गई डेढ़ साल की पूछताछ की ऑडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी है।”

आतिशी ने कहा, ”हमने अदालत से अनुरोध किया है कि ईडी पूछताछ का वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिग पेश करे।” जांच एजेंसी पर सवाल उठाते हुए आतिशी ने कहा, ”मेरे दो सवाल हैं -ईडी क्या छिपाना चाहती है? ईडी ने कितने बयान दर्ज किए, उनमें से कितने बयान कैमरे में दर्ज किए गए और उनमें से किन बयानों की ऑडियो रिकॉर्डिंग है?” आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के तहत राष्ट्रीय राजधानी के करीब 10 परिसरों की तलाशी ली जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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