पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे तो माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा नजर आया। ढोल-नगाड़ों, नारों और फूल-मालाओं के साथ कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का यह जोश देखकर तेजस्वी यादव भी भावुक और उत्साहित दिखे।

पार्टी कार्यालय में मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक सफर और संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि वह देश के सबसे युवा उप मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन उसी दौर में उनके चाचा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे अलग हो गए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ केस-मुकदमे दर्ज कराए गए।

तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जो जनता के भरोसे और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम था। उन्होंने कहा कि 2025 के चुनावी दौर को भी उन्होंने करीब से देखा है और अब संगठन में उन्हें पहली बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए तेजस्वी ने कहा कि अब पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा करना उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक बार फिर बिहार में आरजेडी की सरकार बनाना उनका सपना ही नहीं, बल्कि संकल्प है।

अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “आज के लोकतंत्र में लोक गायब हो गया है और सिर्फ तंत्र ही बचा है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने से पहले ही फर्जी केस बनाकर लोगों को उठाया जाता है और झूठे आरोपों में जेल भेज दिया जाता है। उनका कहना था कि आरजेडी कार्यकर्ताओं को भी जबरन परेशान किया गया, लेकिन अब पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है।

तेजस्वी यादव ने शेखपुरा के पूर्व विधायक को मिल रही जान से मारने की धमकियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार लोकतंत्र नहीं, बल्कि “डर-तंत्र” में बदल चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरजेडी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और न ही कमजोर हैं।

अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “कमजोर हम नहीं हैं, सिर्फ समय कमजोर है।” उन्होंने सभी से अपील की कि वे आरजेडी के सिपाही की तरह मजबूती से खड़े रहें और आने वाले समय में बदलाव की लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ें।

Rajnish Pandey
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