कालियाबोर (असम) | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के कालियाबोर में करीब 6,957 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का शिलान्यास किया और साथ ही दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर राज्य को बड़ी विकास सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने जहां बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के विस्तार पर जोर दिया, वहीं कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए घुसपैठ, सुरक्षा और असम की सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देश का भरोसा खो दिया है और असम की मिट्टी व संस्कृति के प्रति उसका रवैया उदासीन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान घुसपैठ लगातार बढ़ी, जिससे राज्य की जनसंख्या संरचना असंतुलित हुई। पीएम मोदी के अनुसार, यह स्थिति न केवल असम बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
पीएम मोदी ने असम सरकार की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार घुसपैठ से सख्ती से निपट रही है, उसकी देशभर में प्रशंसा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में घुसपैठियों को संरक्षण दिया, जिससे तस्करी और अन्य अपराध बढ़े और असम की पहचान पर संकट आया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक वार करते हुए कहा,
“घुसपैठियों को बचाओ और उनकी मदद से सत्ता पाओ**—कांग्रेस और उसके सहयोगी पूरे देश में यही राजनीति कर रहे हैं।”
उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां घुसपैठियों के समर्थन में रैलियां निकाली गईं, लेकिन जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि असम की धरती से भी कांग्रेस को ऐसा ही जवाब मिलेगा।
विकास परियोजनाओं की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं अमृत भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी और आम लोगों की यात्रा को आसान बनाएंगी।
समग्र रूप से देखें तो कालियाबोर का यह कार्यक्रम विकास और राजनीति—दोनों का संगम रहा। एक ओर बड़ी परियोजनाओं से असम के भविष्य की रूपरेखा पेश की गई, तो दूसरी ओर घुसपैठ और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट कर दिया गया।