नई दिल्ली,22 दिसंबर: अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। पर्यावरण कार्यकर्ता हितेंद्र गांधी ने अरावली रेंज से जुड़े मामले में शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर ‘100-मीटर टेस्ट’ नियम की समीक्षा करने की मांग की है।

याचिका में कहा गया है कि इस नियम के लागू होने से अरावली क्षेत्र का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो सकता है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है।

हितेंद्र गांधी ने इस मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखते हुए आग्रह किया है कि अरावली जैसे संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र की रक्षा के लिए अदालत अपने पूर्व आदेश पर पुनर्विचार करे। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति को भी पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अरावली पर्वतमाला न केवल जल संरक्षण और जैव विविधता के लिए अहम है, बल्कि उत्तर भारत में बढ़ते प्रदूषण और मरुस्थलीकरण को रोकने में भी इसकी बड़ी भूमिका है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर दोबारा सुनवाई होती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Rajnish Pandey
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