काबुल, 01 सितंबर : अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में रविवार रात आए भीषण भूकंप ने तबाही मचा दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 500 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1000 से अधिक लोग घायल हुए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया कि भूकंप का केंद्र कुनर प्रांत के हिंदू कुश क्षेत्र में था, जिसने नूरगल, सूकी, वतपुर, मानोगी और चपे-दरे जैसे दूरदराज के इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है. स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई गांवों तक राहत और बचाव कार्यों की पहुंच अभी तक नहीं हो पाई है.

रिक्टर स्कैल पर भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से केवल 8 किलोमीटर की गहराई पर था. इसके कारण भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में मलबे में दबे घरों और घायलों को बाहर निकालने की कोशिश करते लोगों की तस्वीरें देखी जा सकती हैं. एक तस्वीर में एक व्यक्ति मलबे के बीच रोते हुए नजर आ रहा है, जो इस दुखद घटना की गंभीरता को दर्शाता है.

तमाम घर तबाह
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भूकंप के बाद कई झोपड़ियों और पक्के मकानों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ पूरी तरह ढह गए. तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और टूटी सड़कों के कारण टीमों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हेलिकॉप्टर और चिकित्सा सहायता मुहैया कराने की अपील की है, क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्रों तक सड़क मार्ग से पहुंचना असंभव हो गया है.

तालिबान सरकार के पास सीमित संसाधन हैं और वे संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों से तत्काल मदद की उम्मीद कर रहे हैं. इस भूकंप ने अफगानिस्तान की पहले से ही कमजोर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य ढांचे को और चुनौती दी है. पिछले कुछ वर्षों में आए भूकंपों ने पहले भी इस देश को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन 2023 का 6.3 मैग्निट्यूड का भूकंप सबसे घातक माना जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदू कुश क्षेत्र का भूकृतिकीय रूप से सक्रिय होना इस तरह की आपदाओं का कारण है जहां यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं.

मौजूदा स्थिति में चिकित्सा शिविरों की स्थापना और भोजन-पानी की आपूर्ति की मांग बढ़ गई है, क्योंकि कई परिवार बेघर हो गए हैं. अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस संकट पर चिंता जताई है और राहत सामग्री भेजने की तैयारी शुरू कर दी है. संयुक्त राष्ट्र के आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि वे प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए जल्द ही अपनी टीम भेजेंगे.

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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