धनबाद, 04 फरवरी: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोयले की रॉयल्टी और कोयला खदानों की जमीन के एवज में 1 लाख 36 हजार करोड़ की बकाया राशि को लेकर केंद्र सरकार पर एक बार फिर जोरदार जुबानी हमला बोला है।

मंगलवार को धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 53वें स्थापना दिवस पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर केंद्र की सरकार जल्द बकाया राशि का भुगतान नहीं करती है, तो हम कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो इस राज्य के अधिकार के लिए कोयला खदानें बंद भी कराई जा सकती है। हम अगर खुद पर आ गए तो देश अंधकार में डूब सकता है।

सोरेन ने कहा कि हमारी धरती की छाती फाड़कर जो कोयला निकाला गया है, उसकी कीमत हम हर हाल में वसूलकर रहेंगे। हम झारखंडियों को पता है कि अगर अधिकार मांगने से नहीं मिलता है तो उसे छीनकर हासिल किया जाता है। राज्य में जिन खदानों से कोयला खनन पूरा हो चुका है, उसकी जमीनें कंपनियां हमें वापस करें। हमें पता चल रहा है कि केंद्र सरकार ऐसी खदानों की जमीन पर मालिकाना हक लेने की कोशिश कर रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। ये हमारी जमीनें हैं और हम उसे फिर से वापस लेकर रहेंगे।

सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि इन लोगों ने 18-20 साल तक झारखंड में शासन किया, लेकिन राज्य की तरक्की के बदले उसे बदहाली की दिशा की तरफ ले गए। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में लोग यहां भूख से मरने लगे थे। आखिरकार हमने झारखंडी हितों के लिए संघर्ष किया और 2019 में इन्हें सत्ता से बेदखल किया।

केंद्र पर झारखंड के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिन पहले पेश हुआ बजट भले 50 लाख करोड़ से ज्यादा राशि का है, लेकिन इसमें झारखंड को कुछ भी नहीं दिया गया। दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं तो वहां के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

सोरेन ने जनसभा में राज्यभर के बीडीओ और सीओ के दफ्तरों में भ्रष्टाचार और दलाली की संस्कृति को लेकर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों पर हमारी नजर है। ऐसे अधिकारी सुधर जाएं, अन्यथा हम उनकी नौकरी खत्म करेंगे और जेल भेजेंगे।

झामुमो के स्थापना दिवस कार्यक्रम में धनबाद सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग ढोल-नगाड़ों और तीर-धनुष के साथ जुटे। जनसभा को पार्टी नेता और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

Rajnish Pandey
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