राम मंदिर की स्थापना भारत के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा : राज्यपाल आनंदीबेन

लखनऊ, 02 फरवरी: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित किया, जिसके साथ ही बजट सत्र की शुरुआत हो गयी। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण की शुरुआत में विधानमंडल के सभी सदस्यों और प्रदेश वासियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और संपन्नता की कामना की। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए राममंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की विशेष तौर पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत के इतिहास में वर्ष 2024 अविस्मरणीय स्मृति के रूप में दर्ज हो गया है। लगभग पांच शताब्दियों की सुदीर्घ प्रतीक्षा के बाद 22 जनवरी 2024 को सनातन भारतीय संस्कृति के प्राण, हमारे आदर्श प्रभु श्री रामलला अपनी जन्मभूमि अयोध्या में नव्य, भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हो गये हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व इस अलौकिक अवसर का गवाह बना है और भारतीय जन आस्था के संकल्प की सिद्धि के प्रतीक श्री राम जन्मभूमि मंदिर की स्थापना भारत के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा है। उन्होंने कहा, ”हम सभी आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे विशिष्ठ कालखंड में हमारी सांस्कृतिक विरासत का यह दिव्य प्रतिमान हमें और आने वाली पीढ़ियों को प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलने को सदैव प्रेरित करता रहेगा।” राज्यपाल ने अयोध्या में रामभक्तों की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए प्रदेश सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि अयोध्या में विकास के अनेक उपयोगी कार्य संपन्न कराए गये हैं, आज अयोध्या जल-थल-नभ की बेहतरीन कनेक्टिविटी से सम्पन्न हो रहा है, यहां लगभग 31,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं जारी हैं। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या अपने त्रेतायुगीन वैभव के साथ नगरीय विकास और संपन्नता के मॉडल के रूप में नवीन मानक गढ़ रहा है। राज्यपाल ने प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के संबंध में सदन को अवगत कराते हुए कहा कि सरकार द्वारा सभी संतगणों, स्नानार्थियों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और विश्व भर से आने वाले पर्यटकों, शोधार्थियों, जिज्ञासुओं की सुरक्षा, सेवा और सुविधा के लिए उत्तम प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रयागराज महाकुम्भ-2025 वैश्विक स्तर पर नवीन कीर्तिमान गढ़ेगा।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अयोध्‍या पहुंचकर रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन-पूजन किये

अयोध्‍या (उप्र), 29 जनवरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन-पूजन किए और सुखी उत्‍तर प्रदेश की कामना की। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार हनुमानगढ़ी में संकट मोचन हनुमान के दर्शन कर योगी आदित्यनाथ ने सुखी-स्वस्थ उत्तर प्रदेश की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के दर्शन किये। मुख्यमंत्री ने इस दौरान यहां पर श्रद्धालुओं के लिए की गई सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। योगी गोरखपुर में अपने गुरुओं को शीश नवाकर दोपहर में अयोध्या पहुंचे। बयान के अनुसार सोमवार को रामनगरी पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। जनवरी में योगी का राम नगरी का यह छठा दौरा है। मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों से मंदिर परिसर में व्यवस्था के संदर्भ में न केवल जानकारी ली, बल्कि खुद जमीनी स्तर पर व्यवस्था को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। योगी ने इस दौरान दर्शनार्थियों से भी बातचीत करके सुझाव लिया।

बाराबंकी पुलिस ने श्रद्धालुओं से मंगलवार को अयोध्या नहीं जाने का अनुरोध किया

लखनऊ, 23 जनवरी: अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर बाराबंकी पुलिस ने लोगों से मंगलवार को अयोध्या नहीं जाने का अनुरोध किया है। लखनऊ से लगभग 30 किलोमीटर दूर बाराबंकी से अयोध्या की ओर यातायात का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है और पैदल श्रद्धालुओं को भी आवाजाही की अनुमति नहीं है। बाराबंकी पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”बाराबंकी पुलिस की श्रद्धालुओं/दर्शनार्थियों से अपील है कि अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण अयोध्या धाम न जायें एवं सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है।” ‘एक्स’ पर इस पोस्ट में पुलिस ने अपील साझा करते हुए कहा है कि अयोध्या धाम में भीड़ अधिक होने के कारण अयोध्या की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है और पैदल श्रद्धालुओं को भी बाराबंकी पुलिस द्वारा विनम्र अनुरोध के साथ रोका जा रहा है। कृपया आज अयोध्या धाम जाने से बचें। सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद उद्घाटन के पहले दिन सुबह से ही अयोध्या में भारी भीड़ देखी गई और मंगलवार को भी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की वहां भारी भीड़ है।

भारत के शौर्य व पराक्रम के प्रतीक हैं नेताजी सुभाष चंद्र बोसः योगी

लखनऊ, 23 जनवरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के शौर्य व पराक्रम के प्रतीक हैं जिन्होने आजादी के आंदोलन में युवाओं को विदेशी हुकूमत के खिलाफ एकजुट करके लड़ने की नई प्रेरणा दी थी। नेता जी की जयंती पर लखनऊ के परिवर्तन चौक पर उन्हे श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये श्री योगी ने मंगलवार को कहा कि न केवल भारत, बल्कि बाहर भी हमें देश की आजादी की लड़ाई को कैसे आगे ले जाना है, नेताजी ने उस समय इसकी गजब रणनीति तैयार की थी। आज उसी का परिणाम है कि जब हम भारत के बाहर जाते हैं तो बहुत सारी जगहों पर हमें नेताजी से जुड़े स्थल भी देखने को मिलते हैं। नेताजी ने युवाओं का आह्वान करते हुए देश की आजादी की लड़ाई को प्रखरता के साथ बढ़ाने का कार्य किया। उन्होने कहा कि नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन किया। उन्होंने नौजवानों का आह्वान किया- तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। देश की आजादी के इस मंत्र की बदौलत लाखों युवा सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार हो गए। युवा व हर भारतवासी आजाद हिंद फौज के नेतृत्व में लड़ी जाने वाली लड़ाई का हिस्सा बना। नेताजी ने न केवल भारत, बल्कि म्यांमार, सिंगापुर समेत दुनिया के अनेक देशों में इस लड़ाई को प्रखरता के साथ बढ़ाने का कार्य भी किया। यही कारण है कि हर भारतवासी नेताजी के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में आयोजित करने और साप्ताहिक आयोजन को इससे जोड़ने का कार्यक्रम बनाया है। नेताजी भारत के शौर्य व पराक्रम के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने युवाओं को भारत के पराक्रम से जोड़ने का कार्य किया है। आज जब 127वीं पावन जयंती पर उन्हें स्मरण कर रहे हैं तो आंतरिक व बाहरी सुरक्षा की रणनीति क्या होनी चाहिए, इन स्थितियों में अब हमारे सामने सक्षम भारत है। पूरी दुनिया नए भारत को देख रही है। भारत वर्ल्ड पावर के रूप में स्थापित हो रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की वर्तमान स्थिति को पराक्रमी भारत के माध्यम से बढ़ने के प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, मोहसिन रजा, एमएलसी इंजी. अवनीश सिंह, बुक्कल नवाब, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या में 50 इलेक्ट्रिक बस, डिजिटल टूरिस्ट ऐप की शुरुआत की

अयोध्या, 14 जनवरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर में भगवान श्रीरामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुये ई वाहनों (50 इलेक्ट्रिक बसों एवं 25 ई ऑटो) को हरी झंडी दिखाई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने ‘डिजिटल टूरिस्ट ऐप’ और अयोध्या पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट की भी शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या धाम में श्रीरामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूर्व आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जन परिवहन की अच्छी सुविधा उपलब्ध हो सके, इस उद्देश्य से अयोध्या नगर निगम क्षेत्र और अयोध्या शहर में इलेक्ट्रिक-बस और इलेक्ट्रिक ऑटो, पर्यटन केंद्रित मोबाइल ऐप और अयोध्या पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट की शुरुआत की गई है। रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी की तिथि भारत की श्रद्धा और आस्था को सम्मान देने की तिथि है और भारत के स्वाभिमान तथा सम्मान को पुनर्स्थापित करने की भी पावन तिथि है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ”जब प्रभु श्रीराम 500 वर्षों के बाद अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे तो न केवल अयोध्या धाम में बल्कि पूरे देश और प्रदेश में रामराज्य की स्थापना के प्रयास को मूर्त रूप प्रदान करते हुए यशस्वी भविष्य की कामना के साथ हमें उनका आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।” उन्होंने कहा कि आयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देशभर में रामराज्य की स्थापना का कार्य 2014 में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा, ”इस पौराणिक और ऐतिहासिक तिथि को आने वाले श्रद्धालुओं, भक्तों, आस्थावान यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए अयोध्या का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक ऑटो और अन्य सुविधाएं शुरू की जा रही हैं। यहां आने वाला कोई भी श्रद्धालु ‘डिजिटल टूरिस्ट ऐप’ के जरिये अयोध्या की हर जगह का अवलोकन कर सकेगा। योगी ने अयोध्यावासियों को मकर संक्रांति की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा, ”देश और दुनिया आतुर है कि कब उन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिलेगा। हम सौभाग्यशाली हैं कि यहां पर हमें प्रभु का आशीर्वाद मिल रहा है।” उन्होंने कहा, ”हमारी जिम्मेदारी बनती है कि सबसे पहले अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाए। सरकार का जो काम है वह कर रही है। बुनियादी ढांचे, सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे लाइन, हवाई हड्डे जैसी सुविधाओं के साथ ही इलेक्ट्रिक बस के जरिये अयोध्या आने वालों को एक अच्छा जन परिवहन विकल्प दिया गया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”आज हर किसी की इच्छा है कि उसे अयोध्या धाम का दर्शन हो, यह हमारा सौभाग्य है कि प्रभु की सेवा में हमें कुछ कर गुजरने का अवसर मिल रहा है, इसलिए हमें कोई कोर कसर नहीं छोड़नी है। यहां जो भी श्रद्धालु आएं वे एक अच्छी छवि लेकर जाएं यही अपेक्षा है।” उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप अयोध्या को वैश्विक रूप से एक पहचान दिलानी है। सुबह ही अयोध्या से स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई है। यह पूरे प्रदेश में 21 जनवरी तक चलेगा। हर देव मंदिर में 16 जनवरी से 22 जनवरी से अखंड रामायण का पाठ और राम संकीर्तन का आयोजन होगा।” योगी ने कहा कि 22 जनवरी को जब प्रधानमंत्री मोदी जी के कर कमलों से अयोध्या धाम में प्रभु राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो रहे होंगे, इस अवसर पर मेरी सभी से अपील है जो अयोध्या आने के इच्छुक हैं वे कार्यक्रम को सीधे प्रसारण के माध्यम से देखें।

योगी ने दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास का हाल जाना

लखनऊ, 02 जनवरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास की कुशल क्षेम जानी। श्री योगी आज सुबह लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल पहुंचे जहां उन्होने भर्ती दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास महाराज से मिलकर उनका कुशल-क्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। मुख्यमंत्री करीब आधा घंटा अस्पताल परिसर में रहे। इस दौरान उन्होने अन्य मरीजों से भी उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों के तीमारदारों ने सीएम का स्वागत जय श्रीराम के नारे से किया। बाद में श्री योगी ने ट्वीट कर महंत सुरेश दास की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा की और लिखा “ प्रभु श्री राम उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें, यही प्रार्थना है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया, नई रेलगाड़ियों को झंडी दिखाई

अयोध्या, 30 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या में पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन ‘अयोध्या धाम’ का उद्घाटन किया और दो नई अमृत भारत व छह नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय अयोध्या दौरे पर शनिवार सुबह यहां पहुंचे। वह अयोध्या हवाई अड्डे से एक रोड शो करते हुए अयोध्‍या रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी भी मौजूद थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन का पहला चरण 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन के रूप में पहचाने जाने वाला तीन मंजिला आधुनिक रेलवे स्टेशन लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियों, फूड प्लाजा, पूजा की जरूरतों के लिए दुकानें, अमानती सामान घर, बाल देखभाल कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। बयान के अनुसार, स्टेशन भवन ‘सभी के लिए सुलभ’ और ‘आईजीबीसी प्रमाणित ग्रीन स्टेशन भवन’ होगा। प्रधानमंत्री ने देश में सुपरफास्ट यात्री ट्रेनों की नई श्रेणी ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ को हरी झंडी भी दिखायी। अमृत भारत ट्रेन एक ‘एलएचबी पुश-पुल’ ट्रेन है जिसमें गैर वातानुकूलित बोगियां हैं। इसमें रेल यात्रियों के लिए सुंदर और आकर्षक डिजाइन वाली सीटें, बेहतर सामान रैक, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, एलईडी लाइट, सीसीटीवी, सार्वजनिक सूचना प्रणाली जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। मोदी ने दो नई अमृत भारत ट्रेन दरभंगा-अयोध्या-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस और मालदा टाउन-सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनस (बेंगलुरु) अमृत भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखायी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने छह नई वंदे भारत ट्रेन को भी हरी झंडी दिखायी। इनमें श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृतसर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, कोयंबटूर-बेंगलुरु कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस, मैंगलोर-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस, जालना-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस और अयोध्या-आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।

अयोध्या पहुंचे मोदी, फूल बरसा कर धर्मनगरी ने किया स्वागत

अयोध्या, 30 दिसंबर : धर्मनगरी में विकास के नये युग का सूत्रपात करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार सुबह अयोध्या पहुंचे जहां उनका स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनामी पट्टिका पहना कर किया। श्री मोदी वायुसेना के विशेष विमान से निर्धारित समयानुसार 10 बज कर 50 मिनट पर अयोध्या के नवनिर्मित महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे जहां उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। बाद में प्रधानमंत्री रोड शो के जरिये लोगों को अभिवादन स्वीकार करने के लिये रवाना हो गये। इस दौरान भीषण ठंड की परवाह किये बगैर अयोध्या वासियों ने सड़क के दोनो ओर कतारबद्ध होकर अपने प्रधानमंत्री का स्वागत गर्मजोशी से किया। प्रधानमंत्री के रोड शो के रास्ते को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। जगह जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकार अपनी प्रस्तुति से हर किसी को आकर्षित कर रहे हैं। लोगों ने फूल बरसा कर श्री मोदी का स्वागत किया। रोड शो के दौरान लोगों ने जय श्रीराम के गगन भेदी नारे लगाये। श्री मोदी सबसे श्री मोदी अयोध्या में करीब चार घंटे के संक्षिप्त प्रवास के दौरान 15 हजार 700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। श्रीराम की नगरी से देश के विभिन्न शहरों के लिए भी सौगातों का पिटारा खुलेगा। प्रधानमंत्री देश के अलग अलग स्टेशनों से संचालित होने वाली छह वंदे भारत और दो अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इससे पहले श्री मोदी पुनर्विकसित अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-नई दिल्ली, अमृतसर-नई दिल्ली, कोयम्बटूर-बेंगलुरु, मंगलूरु-मडगांव, जालना-मुंबई एवं अयोध्या-आनंद विहार टर्मिनल के बीच छह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के साथ ही अयोध्या-दरभंगा एवं मालदा टाउन-बेंगलुरु के बीच दो अमृत भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। श्री मोदी 1462.97 करोड़ रुपए की लागत से बने महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे और 15 हजार 700 करोड़ रुपये की 46 विकास परियोजनाओ का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही वह यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। श्री मोदी के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये गये है। अयोध्या की ओर आने वाले भारी वाहनो को बदले रुट से चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट से 11 जनवरी 2024 से अहमदाबाद और अयोध्या के बीच प्रतिदिन तीन उड़ानों का संचालन होगा। वहीं, छह जनवरी को पहली फ्लाइट दिल्ली से अयोध्या के बीच उड़ान भरेगी। शुरुआती संचालन के बाद इस एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स को ऑपरेशनल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद अयोध्या ग्लोबल सर्किट से सीधे तौर पर जुड़ जाएगा और यह अयोध्या के लिए खोए गौरव को प्राप्त करने वाला क्षण होगा।

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुल्तानपुर से अयोध्या जाने का मार्ग परिवर्तित

सुल्तानपुर (उप्र), 29 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों अयोध्या हवाईअड्डे के नवनिर्मित भवन और पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम को देखते हुए सुल्तानपुर से अयोध्या की ओर जाने वाले सभी बड़े और छोटे वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने शुक्रवार को बताया कि 30 दिसंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम को देखते हुए सुल्तानपुर जनपद से अयोध्या की तरफ जाने वाले सभी बड़े व छोटे वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है। बर्मा ने कहा कि हलियापुर से अयोध्या की तरफ जाने वाले सभी भारी वाहन 29 दिसंबर की रात 9 बजे से और सभी छोटे वाहन 30 दिसंबर को सुबह 8 बजे से अयोध्या की तरफ ना जाकर कूरेभार से पीढ़ी की तरफ जाएंगे और सेमरी होते हुए अपने गंतव्य स्थान को प्रस्थान करेंगे। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार कूरेभार से अयोध्या की तरफ जाने वाली सभी बड़े वाहन 29 दिसंबर की रात 9 बजे से और सभी छोटे वाहन 30 दिसंबर को सुबह 8 बजे से अयोध्या की तरफ न जाकर कूरेभार से पीढ़ी की तरफ भेजे जाएंगे जो सेमरी होते हुए अपने गंतव्य स्थान को जाएंगे। बर्मा ने बताया कि कटका से अयोध्या की तरफ जाने वाले सभी भारी वाहन 29 दिसंबर की रात 9 बजे से और सभी छोटे वाहन 30 दिसंबर की सुबह 8 बजे से अयोध्या की तरफ न जाकर सेमरी की तरफ रवाना किए जाएंगे और फिर वे अपने गन्तव्य स्थान जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 दिसंबर को अयोध्या पहुंचेंगे जहां सुबह करीब 11:15 बजे वह पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वह कई अन्य रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। दोपहर करीब 12:15 बजे प्रधानमंत्री नवनिर्मित अयोध्या हवाईअड्डे का उद्घाटन करेंगे और करीब एक बजे वह एक जनसभा में भाग लेंगे जहां वह प्रदेश में 15,700 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कई का लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं में अयोध्या और इसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 11,100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं और प्रदेश भर में करीब 4,600 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

बलात्कारियों के लिये कब्रगाह बना यूपी,13 को मृत्युदंड, 291 को उम्रकैद

लखनऊ, 29 दिसंबर: माफियाराज पर नकेल कसने के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस ने वर्ष 2023 में महिला अपराधों के प्रति भी गंभीर रुख अपनाया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते बलात्कार की घटनाओं में संलिप्त 13 मुल्जिमों को अदालत ने मौत की सजा सुनायी जबकि 291 को ताउम्र जेल में बिताने का आदेश दिया। पुलिस के पास मौजूद रिकार्ड के अनुसार अधिनस्थ न्यायालयों में कुल एक लाख 52 हजार 594 मामलों में तथा सत्र न्यायालयों में सात हजार 285 मामलों में अपराधियों को सजा कराई गई है जबकि पाक्सो एक्ट में 13 मामलों में मृत्युदंड, 291 मामलों आजीवन कारावास, 1101 मामलों में 10 साल की सजा, और 1334 मामलों में 10 साल से कम की सजा दिलाई गई है। पाक्सो एक्ट के अंतर्गत चार्जशीट दाखिल होने के एक माह के अंदर 34 मामलों में और दो माह से भी कम समय में 74 मामलों में सजा कराई गई है। महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले विभिन्न अपराधों में 4312 मामलों में सजा कराई गई है। जिलों के टॉप 10 अपराधियों में 77 मामलों में 83 अपराधियों को प्रभावी पैरवी के जरिए दोषी सिद्ध कराया जा चुका है। यूपी के 32 जिलों में गैंगेस्टर एक्ट के तहत 5775 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। दशकों तक आतंक का पर्याय रहे यूपी के सबसे कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी को इस साल सबसे बड़ी चोट मिली है। बड़े माफिया के अलावा इलाकाई गुंडे-बदमाश और शोहदों के खिलाफ भी ताबड़तोड़ कार्रवाइयां हुई हैं। मुख्तार को 2023 में एक के बाद एक चार मामलों में सजा सुनाई गई है, जिसमें आजीवन कारावास जैसी अधिकतम सजा भी शामिल है। माफिया के आर्थिक 604 करोड़ से अधिक के साम्राज्य को भी पूरी तरह से मिट्टी में मिलाया जा चुका है। इसके अलावा प्रयागराज के अतीक गैंग का भी समूल विनाश हो चुका है। वहीं विजय मिश्रा, अनुपम दूबे, सऊद अख्तर, धर्मेन्द्र व संजय सिंघला जैसे बड़े माफिया को योगी राज में कानून के जरिए उनके गुनाहों की सजा मिल चुकी है। प्रदेश में व्यापारियों से रंगदारी ओर महिलाओं से छेड़खानी करने वाले तत्व या तो सलाखों के पीछे पहुंचा दिये गये या पुलिस मुठभेड़ में ढेर किये जा चुके हैं। इसके अलावा यूपी पुलिस को मजबूत बनाने के लिए इस साल 60 हजार से अधिक कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के क्राइम रेट 258.1 प्रतिशत के सापेक्ष यूपी में अपराध की दर 171.6 प्रतिशत है। दर्ज मुकदमों के आधार पर देश के अन्य राज्यों के मुकाबले यूपी 20वें स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है। जो यह दर्शाता है कि कई राज्यों की तुलना में यूपी में अपराधिक घटनाओं में काफी कमी आई है। सेफ सिटी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार की ओर से युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। सेफ सिटी परियोजना के पहले चरण के तहत 17 नगर निगमों व गौतमबुद्ध नगर में इन्टीग्रेशन के लिए 21,968 कैमरों लगाए जा रहे हैं। इसमें से 15,732 को कण्ट्रोल रूम से इन्टीग्रेट किया जा चुका है। शहरों को पूरी तरह से सीसीटीवी सर्विलांस से ना सिर्फ अपराधों में कमी आ रही है बल्कि आपराधिक घटनाओं का खुलासा भी त्वरित गति से हो रहा है। इसके अलावा साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए प्रदेश में 57 साइबर थानों की स्थापना भी एक नजीर बन गया है। यही नहीं प्रदेश में पुलिस के इकबाल को मजबूत करते हुए ना सिर्फ नई बैरकों का निर्माण हो रहा है बल्कि साल का अंत होते होते अबतक की सबसे बड़ी 60 हजार से अधिक कांस्टेबल भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।