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दर्शन नगर और भरत कुंड रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री

अयोध्या (उप्र), 03 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छह अगस्त को अयोध्या के दर्शन नगर और भरत कुंड रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण और उन्नयन कार्य की आधारशिला रखेंगे। फैजाबाद से सांसद लल्लू सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि अमृत योजना के तहत रेल मंत्रालय ने दर्शन नगर और भरत कुंड रेलवे स्टेशन के विकास के लिए क्रमश 20 करोड़ रुपये और 16 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी छह अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अमृत योजना के तहत चयनित लगभग दो दर्जन रेलवे स्टेशनों के नवीनीकरण का शिलान्यास करेंगे, जिनमें दर्शन नगर और भरत कुंड भी शामिल हैं।

ज्ञानवापी में एएसआई सर्वे रोकने संबंधी याचिका उच्च न्यायालय में खारिज

प्रयागराज, 03 अगस्त : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सर्वेक्षण राेकने संबंधी मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर ने गुरूवार को अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज करते हुये अपने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि सर्वे पर लगी रोक समाप्त की जाती है। कोर्ट ने एएसआई सर्वे को लेकर एएसआई की तरफ से दिए हलफनामे को लेकर कहा कि उस हलफनामा पर अविश्वास करने का कोई आधार नहीं है। हलफनामा में एएसआई ने कहा था कि उनके सर्वे से ज्ञानवापी परिसर में किसी भी प्रकार का इंच भर भी नुकसान नहीं होगा। उच्च न्यायालय ने वाराणसी की निचली अदालत के सर्वे कराने के आदेश को भी सही माना है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद एएसआई सर्वे का रास्ता साफ हो गया है। एएसआई ने अपने बयान में कहा था कि परिसर में खुदाई करने का उसका कोई इरादा नहीं है। गौरतलब है कि पिछली 21 जुलाई को वाराणसी जिला जज ने ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे को मंजूरी प्रदान की थी जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने जिला जज के फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट से रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। दोनो पक्षों की दलील सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने 27 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे से ढांचे को नुकसान होने की बात कही थी। जिसके बाद एएसआई की ओर से एक हलफनामा दाखिल कर कहा गया था कि सर्वे से कोई नुकसान नहीं होगा जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद अब कभी भी ज्ञानवापी परिसर का एएसआई सर्वे शुरू किया जा सकता है। हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट ने इस बात को स्वीकार किया कि सर्वे को किसी भी स्टेज पर शुरू किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वाराणसी जिला प्रशासन ने ज्ञानवापी के सर्वे पर लगाई रोक

वाराणसी/नई दिल्ली, 24 जुलाई : जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत के निर्देश पर सोमवार की सुबह से शुरू ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने 26 जुलाई तक रोक लगा दी है। देश के उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को हाईकोर्ट जाने के लिए भी कहा है। हिन्दू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के दो दिन के स्टे पर कहा है कि हम भी हाईकोर्ट जाएंगे और मसाजिद कमेटी की याचिका पर आपत्ति दर्ज कराएंगे। इस संबंध में वाराणसी कमिश्नर कौशलराज शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के ज्ञानवापी सर्वे केस में एएसआई को 26 जुलाई तक सर्वे रोकने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके क्रम में सर्वे की कार्यवाही 26 जुलाई की शाम तक तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। उधर, सुबह से ज्ञानवापी में एएसआई के सर्वे में मस्जिद परिसर की नापजोख के साथ फोटोग्राफी की गई। नींव के पास खोदाई कर मिट्टी और ईंट-पत्थर के टुकड़े सैंपल के तौर पर एएसआई ने लिया। मशीनों से दीवारों को स्कैन करने के साथ कागज लगा कर उनका सैंपल भी टीम ने लिया। 43 सदस्यीय एएसआई टीम ने शुरुआती दौर में परिसर के हर पत्थर और ईंट की ऊंचाई भी नापी। सर्वे के लिए टीम झाड़ू और फावड़े से लेकर अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग भी किया। सर्वे के दौरान मुस्लिम पक्ष का कोई सदस्य नहीं पहुंचा था। मुस्लिम पक्ष की गैरमौजूदगी में सर्वे के काम में सहयोग के लिए पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग की टीम को लगाया गया था। उल्लेखनीय है कि जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश के आदेश पर सोमवार की सुबह ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य स्थानों का वैज्ञाानिक सर्वे के लिए एएसआई की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच ज्ञानवापी परिसर पहुंची थी। ज्ञानवापी परिसर में पुरातत्व सर्वे को लेकर देर रात एएसआई के एडिशनल डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर आलोक त्रिपाठी ने पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और जिलाधिकारी एस राजलिंगम सहित जिला प्रशासन के अफसरों संग बैठक की थी। बैठक में तय हुआ कि पुरातत्व सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में एक समय में वादी व प्रतिवादी के साथ केवल एक-एक अधिवक्ता समेत 10 लोग मौजूद रहेंगे। इसके लिए रात में ही 20 लोगों के नाम से पास जारी भी हो गए। अधिकारियों ने बैठक में सर्वेक्षण की तैयारियों पर चर्चा की। सर्वे टीम ने सुरक्षा, संसाधन आदि कई बिंदुओं पर सहयोग मांगा। जिला प्रशासन ने सभी संसाधन उपलब्ध करा दिए। एएसआई के कहने पर पुलिस आयुक्त और डीएम ने रविवार की देर रात ही अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी और हिंदू पक्ष के साथ अलग-अलग बैठक की।

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के पुरातात्विक एवं वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अदालत ने अनुमति दी

वाराणसी (उप्र), 21 जुलाई: उत्तर प्रदेश में वाराणसी की एक अदालत ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट स्थित मां श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष की मांग को स्वीकार करते हुए वजूखाने को छोड़कर पूरे ज्ञानवापी परिसर की पुरातात्विक एवं वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की अनुमति दी है। ज्ञानवापी और आदि विश्वेश्वर मामलों के विशेष अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने बताया कि वाराणसी के जनपद न्यायाधीश ए के विश्‍वेश ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। मिश्रा ने बताया कि ए के विश्वेश की अदालत ने हिंदू पक्ष की याचिका को स्वीकार करते हुए ज्ञानवापी मस्जिद के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दी है। विश्‍वेश की अदालत ने पूरे ज्ञानवापी परिसर की पुरातात्विक एवं वैज्ञानिक जांच कराने की मांग से संबंधित मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आज (21 जुलाई) के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले में हिंदू पक्ष द्वारा दायर याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। मुस्लिम पक्ष ने यह कहते हुए याचिका का विरोध किया था कि एएसआई सर्वेक्षण से परिसर को नुकसान हो सकता है।

योगी गोरखपुर को 114 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की देंगे सौगात

गोरखपुर, 21 जुलाई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को विकास के नक्शे पर लगातार निखार रहे। श्री योगी रविवार को 114 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों की सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री रविवार को भाटी विहार कॉलोनी में शाम करीब चार बजे से प्रस्तावित समारोह में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 63 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प समेत 89 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। शिलान्यास की इन परियोजनाओं में 74.95 करोड़ रुपये की लागत वाली गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की आठ, 26.92 करोड़ रुपये की लागत वाली नगर निगम की 24 तथा 12.12 करोड़ रुपये की लागत वाली जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की 57 परियोजनाएं शामिल हैं। श्री योगी द्वारा शिलान्यास किए जाने के बाद जीडीए जिन विकास कार्यों को कराएगा उनमें सबसे अहम गोरखनाथ मंदिर के आगे भाटी विहार कॉलोनी में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण है। विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि से बनने वाले इस वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बनाने के लिए छह करोड़ 17 लाख 80 हजार रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। करीब दो एकड़ में बनने वाला यह कॉम्प्लेक्स खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उपहार है। जीडीए के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर के मुताबिक मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एथलीटों के लिए सिंथेटिक ट्रैक, बास्केटबाल कोर्ट, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, लॉन टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट तथा टेबिल टेनिस कोर्ट, शूटिंग रेंज बनाया जाएगा। क्रिकेट खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए नेट की भी सुविधा मिलेगी। यहां भाला फेंक, गोला फेंक, लंबी कूद, ऊंची कूद के लिए भी अभ्यास कराया जाएगा। कॉम्प्लेक्स के मल्टी परपज हाल में स्क्वैश, जिम, जूडो, वेट लिफ्टिंग के अभ्यास की व्यवस्था कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी 23 जुलाई को रामगढ़ताल के किनारे पैडलेगंज से आरकेबीके होते हुए सहारा स्टेट तक टू लेन ताल रिंग रोड का भी शिलान्यास करेंगे। जीडीए की ओर से बनवाई जाने वाली इस रिंग रोड पर 44 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत आएगी। जीडीए 11 करोड़ 24 लाख 78 हजार रुपये की लागत से 63 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का भी कायाकल्प कराएगा। नगर निगम की शिलान्यास वाली 24 विकास परियोजनाओं में सड़क, नाली, कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन निर्माण तथा डस्ट मैनेजमेंट कार्यों के साथ 10 करोड़ रुपये की लागत से एकला बंधे पर लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) के निस्तारण का कार्य भी सम्मिलित है। जबकि डूडा की शिलान्यास वाली परियोजनाएं सड़क व नाली निर्माण से संबंधित हैं।

लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा; राजग और ‘इंडिया’ गठबंधन दलित विरोधी : मायावती

नई दिल्ली, 19 जुलाई: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बुधवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों के साथ ही राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। मायावती ने यहां एक बयान में कहा कि बसपा पंजाब और हरियाणा में क्षेत्रीय दलों के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार है, बशर्ते उनका सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) या नवगठित विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के साथ कोई गठजोड़ न हो। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राजग के साथ ही नवगठित विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उनमें से कोई भी दलितों और उत्पीड़ित वर्गों के अनुकूल नहीं है। विपक्ष के 26 दलों ने मंगलवार को बेंगलुरू में हुई अपनी बैठक में, अगले लोकसभा चुनाव के लिए अपनी चुनावी बिसात बिछाने का आगाज करते हुए ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (इंडिया)’ नाम से नए गठबंधन की घोषणा की थी। मायावती ने कहा कि जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राजग और कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन खुद को मजबूत कर रहा है, वहीं बसपा भी देश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं की बंद कमरे में बैठकें कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्पीड़ित वर्गों को बसपा का समर्थन करना होगा क्योंकि कांग्रेस ने ‘जातिवादी मानसिकता अपनायी और उनकी मांगों को नजरअंदाज किया।” मायावती ने कहा, ”अगर कांग्रेस ने अपनी जातिवादी और पूंजीवादी मानसिकता को अलग रखा होता, गरीबों और पीड़ितों के कल्याण के लिए काम किया होता और बी आर आंबेडकर के विचारों का अनुसरण किया होता, तो बसपा बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।”

उप्र : सड़क हादसों में मां-बेटी समेत तीन की मौत, चार अन्य घायल

गाजीपुर, 16 जुलाई : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, शनिवार को वाराणसी की ओर जा रही एक कार की शहर कोतवाली के चकसेमरा गांव के पास ट्रक से सीधी टक्कर हो गई। उसने बताया कि इस हादसे में कार सवार शशिबाला श्रीवास्तव (65) और उनकी बेटी निष्ठा श्रीवास्तव (45) की मौत हो गई, जबकि दीक्षा (40), विदित मोहन (37), अपर्णा (17) और मन्नू (13) घायल हो गए। घायलों को पास के अस्पता में भर्ती कराया गया है। गाजीपुर कोतवाली के उप-निरीक्षक सुनील कुमार के मुताबिक, दोनों महिलाओं के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कार सवार लोग गोरखपुर से वाराणसी जा रहे थे। दूसरी घटना गाजीपुर के बहरियाबाद थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार, गदाईपुर निवासी उपेंद्र सिंह उर्फ सोनू (34) बाइक सहित नहर में जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उपेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर हादसा, छह लोगों की मौत, मुख्यमंत्री योगी ने दुख जताया

गाजियाबाद, 11 जुलाई: दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह क्रासिंग रिपब्लिक थाना इलाके में स्कूल बस और कार की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिले के अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित इलाज कराए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि नोएडा के बाल भारती स्कूल की बस दिल्ली के गाजीपुर से सीएनजी भरवा कर एक्सप्रेस-वे पर मेरठ की तरफ उल्टी दिशा से जा रही थी। उसी दौरान मेरठ की ओर से आई कार की बस में टक्कर हो गई। हादसे में छह लोगों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान नरेंद्र, अबिता, हिमांशु, दीपांशु, वंशिका के रूप में और एक अन्य की अभी पहचान नहीं हो सकी है। कार में कुल आठ लोग थे। इनमें दो पुरुष व महिलाओं की मौके पर मौत हो गई। साथ ही दो बच्चे भी काल कलवित हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ज्योति मौर्या संग अफयेर: मुसीबत में फंसे प्रेमी होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे! हो सकती है बड़ी कार्रवाई

लखनऊ, 11 जुलाई: बरेली में तैनात पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य के प्रकरण में होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे को जांच में दोषी पाया गया है। विभाग के प्रयागराज में तैनात डीआईजी संतोष कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट होमगार्ड के महानिदेशक बीके मौर्य को सौंप दी है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जांच में संबंधित होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे को दोषी पाते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई है। सूत्र बताते हैं कि इस प्रकरण में जल्द ही कार्यवाही के आदेश जारी किए जाएंगे। हालांकि विभाग के अधिकारी इस मामले में अभी कोई औपचारिक वक्तव्य नहीं दे रहे हैं। प्रकरण में ज्योति मौर्य की भूमिका को लेकर नियुक्ति विभाग को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। मालूम हो कि महिला पीसीएस अधिकारी के पति आलोक मौर्य ने बीते दिनों आरोप लगाया था कि मनीष दुबे ने उनकी पत्नी के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची है। आलोक ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी और मनीष दुबे 2020 से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। आरोपों को लेकर मोबाइल फोन व्हॉट्सऐप पर की गई चैट (बातचीत) भी सार्वजनिक की थी। मुख्यमंत्री दरबार से मामले की जांच के निर्देश मिलने के बाद होमगार्ड मुख्यालय ने प्रयागराज में तैनात डीआइजी संतोष कुमार को मामले की जांच के आदेश दिए थे।

मंदिर के पास मिली मांस के अवशेष से भरी बोरी, मामला दर्ज

शाहजहांपुर, 08 जुलाई: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक मंदिर के पास कथित रूप से मांस के अवशेष से भरी बोरी मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन टीम बनाई गई हैं और इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि शुक्रवार रात थाना कोतवाली अंतर्गत कच्चा कटरा के पास स्थित मंदिर के समीप कथित रूप से मांस के अवशेष से भरी एक बोरी मिली थी। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि इसे निस्तारण के लिए कहीं ले जाया जा रहा था और रास्ते में यह बोरी गिर गई या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए किसी ने बोरी वहां रख दी। मीणा ने कहा ”दोनों पहलुओं पर जांच की जा रही है।” मीणा ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं इसके अलावा प्रथम दृष्टया कार्य में लापरवाही बरतने के कारण चौकी प्रभारी जोखन यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है एवं मामला दर्ज किया गया है। विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय नेता राजेश अवस्थी ने बताया कि शुक्रवार रात उन्हें घटना की जानकारी मिली थी,जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ पहुंचे और उन्होंने सड़क अवरुद्ध की।