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मुख्यमंत्री ने किया मिशन शक्ति के चौथे चरण का आगाज, बोले, इच्छा शक्ति हो तो महिलाएं कुछ भी कर सकती हैं

लखनऊ, 14 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास से नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित मिशन शक्ति के चौथे चरण का आगाज महिला सशक्तिकरण रैली को रवाना कर किया, जो राजधानी के विभिन्न पड़ाव से होते हुए 1090 चौराहे पर समाप्त हुई। रैली के जरिये केंद्र और राज्य सरकार की ओर से महिलाओं-बेटियों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं से रूबरू कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि खुद में इच्छा शक्ति, सरकार और प्रशासन का समर्थन हो तो महिलाएं कुछ भी कर सकती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में वर्ष 2020 में महिला संबंधी अपराधों को नियंत्रित करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया गया, जिसकी थीम थी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन। तीन मुद्दों को लेकर शुरू हुआ कार्यक्रम आज मिशन शक्ति के नाम से जाना जाता है। इस कार्यक्रम ने प्रदेश में लोकप्रियता हासिल करने के साथ पूरे देश में महिला संबंधी अपराध को नियंत्रित करने और अपराधियों को सजा दिलाने वाले राज्यों में अग्रणी राज्य बन गया। मिशन शक्ति की सफलता का ही परिणाम है कि भारत सरकार ने भी महिला सुरक्षा के लिए चलाए जाने वाले अभियान का नाम मिशन शक्ति रखा है, जो यह दर्शाता है कि जब कोई भी इनिशिएटिव समाज में व्यापक जागरूकता का बड़ा माध्यम बनता है, तो उसे राष्ट्रव्यापी बनने में देर नहीं लगती है। मिशन शक्ति के इस चौथे चरण का भी यह उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न तरह के कार्यक्रम चलाती है, लेकिन जिनके लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है, उन्हे इसकी जानकारी ही नहीं हो पाती। इसकी वजह से वह इसका लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए जागरुकता रैली का शुभारंभ किया गया है। इसके बाद प्रदेश के हर जनपद के स्कूल, कॉलेज में प्रभात रैलियां निकाल जाएंगी। इसके अलावा उन जनपदों में महिला सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन को लेकर अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं 15 अक्टूबर से हर शहर, गांव और नगर निकायों के वार्ड में केंद्र और राज्य सरकार की महिला संबंधी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इस दौरान सरकार की ओर से महिलाओं और बेटियों की रक्षा से संबंधित उठाए गए विभिन्न मुद्दों से उन्हें अवगत कराया जाएगा। पहले प्रदेश में लोग महिलाओं के बारे में बाेलते थे कि वह बहुत पढ़ी-लिखी नहीं है तो वह क्या काम कर पाएंगी, लेकिन हमारी सरकार ने इस धारण को बदला। आज बीसी सखी, बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंस सखी बन कर वह गांव में बैंक की कमी को पूरा कर रही हैं। इतना ही नहीं वह गांवों के लोगों की विपत्ति के समय में मदद भी कर रहीं हैं। इन महिलाओं को सरकार की ओर से छह माह का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सरकार ने मानदेय भी दिया। इनमें सबसे कम 25 हजार रुपये और सबसे अधिक सवा से डेढ़ लाख तक महिलाएं कमा रहीं हैं। इस प्रयास को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे पहले वर्ष 2019 में तीसरी और पांचवीं पास महज पांच से सात महिलाओं का सपोर्ट करते हुए सरकार ने बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की स्थापना की। पिछले 3 वर्षों में इनका कारोबार प्रति वर्ष डेढ़ सौ करोड़ के टर्नओवर तक पहुंच गया है और लगभग 15 से 16 करोड़ का नेट प्रॉफिट होता है। उन्होंने 40,000 महिलाओं को अपने साथ जोड़ लिया है। सीएम योगी ने कहा कि खुद में इच्छा शक्ति, सरकार और प्रशासन का समर्थन हो तो महिलाएं कुछ भी कर सकती हैं। कहा कि यूपी पूरे देश में सबसे बड़ा आबादी वाला राज्य है। ऐसे में आधी आबादी के लिए विशेष प्रयास होने चाहिये। मिशन शक्ति के चौथे चरण के तहत रैली का शुभारंभ इसे ही दर्शाता है। 15 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में महिलाओं को जागरूक करने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके साथ ही महिला और बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले से सख्ती से निपटा जाएगा। इसको लेकर सख्त आदेश दिए गए हैं क्योंकि सरकार पहले ही लोगों को सुधरने का काफी समय दे चुकी है। वहीं ऐसे लोगों से सख्त से निपटने के लिए थाना स्तर पर कार्रवाई का रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

गेट फांद कर अखिलेश ने जयप्रकाश की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

लखनऊ, 11 अक्टूबर: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को सुरक्षा कारणाें से बंद किये गये जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के गेट को फांद कर समाजवादी नेता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर सपा ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को पत्र लिख कर जेपीएनआईसी प्रांगढ़ में लगी प्रतिमा पर माल्यार्पण की अनुमति मांगी थी जिसे साज सफाई और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुये अनुमति नहीं दी गयी थी। सपा ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया और आज दोपहर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने समर्थकों के साथ जेपीएनआईसी पहुंच गये और बंद गेट को फांद कर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इससे पहले यादव ने ट्वीट कर अनुमति प्रदान नहीं करने के फैसले की भर्त्सना करते हुये एक्स पर पोस्ट किया, “महान समाजवादी विचारक, सामाजिक न्याय के प्रबल प्रवक्ता लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर अब क्या सपा को माल्यार्पण करने से रोकने के लिए ये टिन की चद्दरें लगाकर जेपीएनआईसी का रास्ता रोका जा रहा है। सच ये है कि भाजपा लोकनायक जयप्रकाश जी के भ्रष्टाचार, बेकारी-बेरोज़गारी और महंगाई के ख़िलाफ़ छेड़े गये आंदोलन की स्मृति को दोहराने से डर रही है क्योंकि भाजपा के राज में तो भ्रष्टाचार, बेकारी-बेरोज़गारी और महंगाई तब से कई गुना ज़्यादा है।’’ उन्होने कहा, “अब क्या माल्यार्पण के लिए भी जयप्रकाश नारायण जी की तरह ‘सम्पूर्ण क्रान्ति’ का आह्वान करना पड़ेगा। अगर भाजपा को यही मंज़ूर है तो यही सही।” बाद में सपा के आधिकारिक एक्स हैंडल से तस्वीरों के साथ पोस्ट किया गया, “जेपीएनआईसी पर ताला डालकर भी समाजवादियों को नहीं रोक पाई अहंकारी सरकार। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपीएनआईसी में लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण। भाजपा सरकार की तानाशाही के खिलाफ सामाजवादी लोग लड़ते रहेंगे।”

केदार पुरी में योगी का भव्य स्वागत, बाबा केदार का किया रूद्राभिषेक

केदारनाथ धाम/देहरादून, 08 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद अंतर्गत, स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम पहुँच कर बाबा केदार के दर्शन एवं रूद्राभिषेक किया। उन्होंने भगवान केदारनाथ से विश्व में सुख समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना करते हुए बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। तकरीबन दो घंटे के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान केदारपुर में लगातार जय श्री राम एवं हर-हर महादेव के नारे लगते रहे। जहां से भी मुख्यमंत्री योगी गुजरते वहां उनके अभिवादन को खड़े श्रद्धालु जयकारे लगाते। जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन कर जय श्री राम एवं बाबा केदार के जयकारे लगाए। आज सुबह करीब दस बजे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ केदारनाथ हैलीपैड पर पहुचें। जहाँ हैली पैड पर उनका स्वागत बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय अजयेंद्र, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अमरदेई शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष महावीर पंवार, केदार सभा, तीर्थ पुरोहित समाज, जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। वहीं पुरोहित समाज ने परंपरागत मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। यहाँ पर तीर्थ पुरोहितों से भेंट करने के बाद मुख्यमंत्री योगी जीएमवीएन अतिथि गृह में कुछ देर विश्राम किया जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी बीकेटीसी हट में मुख्य पुजारी शिवलिंग से मिले। पुजारी एवं अन्य तीर्थ पुरोहितों से भेंट के बाद तीर्थ पुरोहित समाज ‘दंड’ की अगुआई में उन्हें मंदिर तक ले गए, यहाँ उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर विश्व में सुख समृद्धि एवं जन कल्याण की कामना की। करीब पौने घंटे चली पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ का रूद्राभिषेक कर विशेष गो मुखी शृंघी से दूध एवं जल भी चढ़ाया। रूद्राभिषेक के बाद उन्होंने बाहर आकर नंदी की पूजा की एवं शॉल चढ़ाया। यहाँ मंदिर प्रांगण में खड़े श्रद्धालुओं के बीच बाबा केदारनाथ के नारे लगाने के बाद उन्होंने केदार सभा समेत अन्य तीर्थ पुरोहितों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम एवं बदरीनाथ धाम के दर्शनों का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ। दोनों धामों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशन में भव्य निर्माण कार्य चल रहा है। दुनियाभर में रहने वाले सनातन धर्म के अनुयायी दोनों धामों के दर्शन एवं आशीर्वाद की कामना रखते हैं। वर्ष 2013 में आयी त्रासदी के कारण केदार पुरी में हुए नुकसान से सभी प्रभावित हुए लेकिन स्थानीय लोगों के दृढ़ संकल्प एवं मोदी जी के निर्देशन में केदारनाथ का स्वरुप भव्य होता जा रहा है। दोनों धाम नई आभा के साथ विश्व में अपनी पहचान बना रहे हैं, विरासत के प्रति हमारे लोगों का सम्मान यही है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु दोनों धामों के दर्शन करने आ रहे हैं यह नए भविष्य की तस्वीर भी है। सतत विकास एवं पर्यावरण के सभी पहलुओं का ध्यान रहते हुए जिस प्रकार दोनों धामों में कार्य चल रहा है इसके लिए प्रधानमंत्री एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी दोनों ही बधाई के पात्र है। श्रद्धा का उमड़ता हुआ ज़न सैलाब नए भारत की नई तस्वीर को प्रस्तुत कराता है। उन्होंने कहा कि इसमें दृष्टि भी है दूरदर्शिता भी है, इसमें पर्यटन भी है और श्रद्धालुओं की जन आस्था का सैलाब भी है। इन सब को समेटे हुए केदार पुरी का नव निर्माण बहुत अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है। हमारे यह तीर्थ स्थल राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं, तीर्थ पुरोहितों, सुरक्षा एजेंसियों एवं व्यवस्थाओं से जुड़े हुए सभी पदाधिकारियों का धन्यवाद देते हुए सभी के साथ फोटो भी खिचाई। इस अवसर पर एडीएम बीर सिंह बुदियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीए योगेन्द्र सिंह, सीओ विमल रावत, कार्यकारी अधिकारी आरसी तिवारी, इंचार्ज सीएम सुरक्षा जगमोहन सिंह बिष्ट, इंस्पेक्टर योगेश शर्मा, डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार गोपाल चौहान, डीसी एनएसजी मानवेंद्र, एसएचओ केदारनाथ मंजुल रावत समेत अन्य तीर्थ पुरोहित, अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

उप्रः छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में सरकारी स्कूल का शिक्षक निलंबित

बलिया, 07 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के संवरूपुर गांव में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को कक्षा तीन की छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय, हरिजन बस्ती, संवरूपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक देवेंद्र भारती ने गत चार अक्टूबर को कक्षा तीन की छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत की थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि प्राथमिक विद्यालय, हरिजन बस्ती, संवरूपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक देवेंद्र भारती को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। सिंह के मुताबिक, यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी की गत छह अक्टूबर को की गई संस्तुति व जांच आख्या के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं और खंड शिक्षा अधिकारी, दुबहड़ को प्रकरण का जांच अधिकारी नामित किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर जातिवार जनगणना से ही दलितों और पिछड़ों को मिलेगा वाजिब हक : मायावती

लखनऊ, 03 अक्टूबर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी जातिवार जनगणना कराये जाने की जरूरत बताते हुए मंगलवार को कहा कि दलितों और पिछड़ों को उनका वाजिब हक तभी मिलेगा जब केन्द्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर जातिवार जनगणना करायेगी। मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गयी सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ”बिहार सरकार द्वारा करायी गयी जातीय जनगणना के आँकड़े सार्वजनिक होने की खबरें आज खासी सुर्खियों में हैं तथा उस पर गहन चर्चाएं जारी हैं। कुछ पार्टियाँ इससे असहज ज़रूर हैं मगर बसपा के लिए ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के संवैधानिक हक के लंबे संघर्ष की यह पहली सीढ़ी है।” उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने इसी सिलसिले में की गयी एक अन्य पोस्ट में कहा, ”वैसे तो उत्तर प्रदेश सरकार को अब अपनी नीयत व नीति में जनभावना और जन अपेक्षा के अनुसार सुधार करके जातीय जनगणना/सर्वे अविलम्ब शुरू करा देना चाहिए, किन्तु इसका सही समाधान तभी होगा जब केन्द्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर जातीय जनगणना कराकर उन्हें उनका वाजिब हक देना सुनिश्चित करेगी।” मायावती ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ”बसपा को प्रसन्नता है कि देश की राजनीति उपेक्षित ‘बहुजन समाज’ के पक्ष में नई करवट ले रही है, जिसका नतीजा है कि एससी/एसटी आरक्षण को निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाने तथा घोर ओबीसी व मण्डल विरोधी जातिवादी एवं साम्प्रदायिक दल भी अपने भविष्य के प्रति चिंतित नजर आने लगे हैं।” बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले गत सोमवार को अपने बहुप्रतीक्षित जातिवार सर्वेक्षण के आंकड़े जारी किए थे। इसके मुताबिक ओबीसी और अत्यंत पिछड़े वर्गों की राज्य की कुल आबादी में 63 प्रतिशत हिस्सेदारी है। आंकड़ों के अनुसार, बिहार की कुल जनसंख्या 13.07 करोड़ से कुछ अधिक है, जिसमें से अत्यंत पिछड़ा वर्ग (36 प्रतिशत) सबसे बड़ा सामाजिक वर्ग है, इसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग 27.13 प्रतिशत है।

लखनऊ में मकान की छत गिरी,एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

लखनऊ, 16 सितंबर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र में शनिवार को एक जर्जर मकान की छत गिरने से तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हादसे पर दुख व्यक्त करते हुये पीड़ित परिवार के परिजनो के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आनंद नगर इलाके में रेलवे कॉलोनी में तड़के चार से पांच बजे के बीच एक जर्जर घर की छत भरभरा कर गिर गयी। इस हादसे में सतीश चंद्र (40), उनकी पत्नी सरोजिनी देवी (35), बेटे हर्षित (13), अंश (5) और बेटी हर्षिता (10) मलबे में दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि घायलों को मलबे से बाहर निकाल कर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूत्रों ने बताया कि यह घर एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी का था और उनकी मृत्यु के बाद उनका परिवार वहां रह रहा था।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घर को परित्यक्त घोषित कर दिया गया था और इसे खाली करने का नोटिस दिया गया था।

नवोदय विद्यालय के आठ छात्रों के खिलाफ अपने ही स्कूल के छात्र से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज

मुजफ्फरनगर (उप्र), 24 अगस्त : मुजफ्फरनगर से सटे शामली जिले में एक नवोदय विद्यालय के छात्रावास के आठ छात्रों द्वारा इसी स्कूल में पढ़ने वाले एक लड़के के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि पीड़ित के परिवार द्वारा बुधवार को थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार बीते 17 अगस्त को हॉस्टल में आठ लड़कों ने पीड़ित लड़के की पिटाई की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि इन्हीं लड़कों ने 25 जुलाई को भी हॉस्टल में उसके साथ कुकर्म किया था। शामली के पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर सभी आठ आरोपी छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीड़ित लड़के को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। इस बीच, स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपी छात्रों को 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

लखनऊ, 16 अगस्त : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन में स्वतंत्रता की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें सिक्किम तथा गुजरात से आए कलाकारों, भिक्षा से शिक्षा की तरफ उन्मुख हुए ‘उम्मीद‘ संस्था के बच्चों तथा राजभवन में अध्यासित परिवारों के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राज्यपाल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी बच्चों का उत्साहवर्द्धन करते हुए बधाई दी। देश प्रेम की भावना को अंगीकृत करते हुए प्रतिभागी बच्चों ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण किया और मधुर सामूहिक स्वरों में राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत देश भक्ति के गीतों की प्रस्तुति दी। सिक्किम और गुजरात से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने राज्यों के लोकनृत्यों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में ‘उम्मीद‘ संस्था के बच्चों ने देशभक्तिपरक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को सम्मोहित किया। राजभवन में अध्यासित परिवारों के बच्चों ने रामायण के लव कुश प्रसंग की भावपूर्ण नाट्य प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों में देश प्रेम का उत्साह और लोक संस्कृति के प्रति गौरवपूर्ण भावना और आकर्षण नजर आया। राज्यपाल ने इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी बच्चों का उत्साहवर्द्धन करते हुए बधाई दी। उन्होंने आयोजकों से प्रस्तुतियों की समीक्षा करके भविष्य में गुणवत्ता सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों से नाट्य प्रस्तुति में जिस पात्र का अभिनय कराया जाए, उस पात्र का जीवन चरित्र और इतिहास में उसकी घटनाओं के प्रसंगों से भी बच्चों को अवगत कराया जाए। उन्होंने सिक्किम और गुजरात से आए कलाकारों से उत्तर प्रदेश भ्रमण के अनुभवों को भी पूछा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधान परिषद के सभापति कुं मानवेंद्र सिंह, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ़ सुधीर महादेव बोबडे, विशेष सचिव बीएन सिंह, जिलाधिकारी लखनऊ सूर्यपाल गंगवार सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर राज्यपाल को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।

आजमगढ़ में छात्रा की मौत का मामला: शिक्षकों की गिरफ्तारी के विरोध में सभी निजी स्कूल बंद

लखनऊ/आजमगढ़ (उप्र), 08 अगस्त: आजमगढ़ के एक स्कूल में कथित रूप से मोबाइल फोन जब्त होने से क्षुब्ध कक्षा 11 की एक छात्रा द्वारा स्कूल की छत से कूदकर खुदकुशी किये जाने के मामले में प्रधानाचार्या और एक शिक्षक की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अधिकांश निजी विद्यालय बंद रहे। ‘एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स उत्तर प्रदेश’ के अध्यक्ष अतुल कुमार ने मंगलवार को बताया कि संगठन के आह्वान पर राज्य के सभी निजी स्कूल बंद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि आजमगढ़ की घटना की निष्पक्ष जांच कराये बगैर स्कूल की प्रधानाचार्या और शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार शाम गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद से मुलाकात करके आजमगढ़ प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिये। कुमार ने बताया कि संगठन के सभी सदस्यों के साथ विचार-विमर्श करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। गौरतलब है कि आजमगढ़ शहर स्थित ‘चिल्ड्रन गर्ल्स कॉलेज’ में कक्षा 11 की छात्रा श्रेया तिवारी की पिछली 31 जुलाई को संदिग्ध हालात में विद्यालय की छत से गिरने से मौत हो गयी थी। इस घटना को लेकर छात्रा के परिजन के साथ-साथ कई सामाजिक तथा महिला संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया था। पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रधानाचार्या सोनम मिश्र और कक्षा अध्यापक अभिषेक राय के खिलाफ हत्या और खुदकुशी के लिये उकसाने के आरोपों में मामला दर्ज कर पांच अगस्त को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के मुताबिक प्रधानाचार्या के पास से छात्रा का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। मामले की सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला है कि छात्रा अपनी कक्षा से दोपहर 12 बजे निकलकर प्रधानाचार्या के कार्यालय में गयी और बाद में दफ्तर के बाहर काफी देर तक खड़ी रही। करीब सवा एक बजे वह काफी तेजी से सीढ़ियों के रास्ते विद्यालय की तीसरी मंजिल पर जाती नजर आयी। एक अन्य फुटेज में छात्रा के गिरने का वीडियो भी शामिल है। ऐसा लगता है कि जिस जगह लड़की गिरी वहां खून के धब्बों को धो दिया गया। आर्य ने बताया कि अब तक की विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि छात्रा के पास मोबाइल फोन मिला था। उसकी समुचित काउंसलिंग करने के बजाय अमानवीय रवैया अपनाते हुए छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घटना वाले दिन भी उसे प्रधानाचार्या के कक्ष में मानसिक प्रताड़ना दी गई और सजा के तौर पर कक्ष के बाहर काफी देर तक खड़ा रखा गया। इसी वजह से छात्रा ने यह कदम उठाया। मामले की जांच जारी है।

जुमे की नमाज के चलते कुछ देर के लिए ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे रोका गया

वाराणसी, 04 अगस्त : इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर अन्य हिस्से का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम सर्वे कर रही है। मस्जिद में जुमे की नमाज को देखते हुए मस्जिद परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। जिला प्रशासन ने सर्वे के बीच जुमे की नमाज को सकुशल सम्पन्न कराने के कार्य को चुनौती के रूप में लिया है। नमाज के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ देर के लिए एएसआई टीम के सर्वे को रोक दिया गया है। अपराह्न 02 बजे के बाद फिर सर्वे कार्य शुरू हो जाएगा। जिलाधिकारी एस.राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन सुरक्षा व्यवस्था की कमान थाम खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एएसआई टीम ज्ञानवापी क्षेत्र को चार भागों में बांट कर सर्वे कर रही है। प्रदेश शासन के निर्देश पर पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। सर्वे टीम सबसे ज्यादा ज्ञानवापी के पश्चिमी दीवार की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। उधर, सुरक्षा कारणों से मैदागिन से गोदौलिया तक बैरिकेडिंग कर इस क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। केवल पैदल राहगीर और दर्शनार्थियों को ही काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने दिया जा रहा था। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के साथ ही मंदिर प्रबंधन के कर्मियों के मोबाइल भी जमा कराए गए हैं। एएसआई के सर्वे में साफ हो जाएगा कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण पहले से मौजूद मंदिर की संरचना के ऊपर किया गया है कि नहीं, मस्जिद के पश्चिमी दीवार की उम्र और प्रकृति की जांच के साथ तीन गुंबदों के ठीक नीचे सर्वे, सभी तहखानों की जांच होगी। इमारत की उम्र, निर्माण की प्रकृति का पता लग सकेगा।