‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर बवाल: यूपी में रिलीज से पहले तेज हुआ विरोध, कई जिलों में प्रदर्शन

लखनऊ/संभल/फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर एक फिल्म ने सियासी और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। 27 फरवरी को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। खासकर संभल और फिरोजाबाद जिलों में यादव समाज के संगठनों ने फिल्म पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सिनेमाघरों में न चलाने की चेतावनी दी है। विरोध कर रहे संगठनों का आरोप है कि फिल्म की कहानी को ‘लव जिहाद’ से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना है कि फिल्म में लड़की को यादव समाज से और लड़के को मुस्लिम समुदाय से दिखाया गया है, जिससे एक विशेष जाति की छवि को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इस तरह की प्रस्तुति से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। संभल और फिरोजाबाद में विरोध सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। कुछ स्थानों पर थानों में औपचारिक शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स संचालकों को भी चेतावनी दी है कि यदि फिल्म का प्रदर्शन किया गया तो व्यापक विरोध किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनज़र स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विरोध करने वालों का एक बड़ा तर्क यह भी है कि फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य कलाकारों में कोई भी यादव समाज से नहीं है। फिल्म के निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना हैं, जबकि मुख्य भूमिकाओं में प्रगति तिवारी और विशाल मोहन नजर आएंगे। यादव संगठनों का कहना है कि बिना समाज के प्रतिनिधित्व के इस तरह की कहानी बनाना आपत्तिजनक है। उनका आरोप है कि फिल्म एक खास जाति को निशाना बनाती है। फिल्म की मुख्य अभिनेत्री प्रगति तिवारी ने बयान जारी कर कहा है कि फिल्म का उद्देश्य किसी समाज की भावनाओं को आहत करना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक काल्पनिक प्रेम कहानी है और इसे किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विरोध अब उनके नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। इस विवाद से प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के लिए यह मुद्दा असहज स्थिति पैदा कर रहा है, क्योंकि यादव समाज को उसका पारंपरिक समर्थन आधार माना जाता है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस विषय पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हैं। प्रशासन ने फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड से अनुमति मिली है या नहीं, इस पर भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा सकती है। रिलीज की तारीख नजदीक आने के साथ ही यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म निर्धारित समय पर सिनेमाघरों में पहुंच पाती है या विरोध के चलते इसकी रिलीज टलती है। फिलहाल, ‘यादव जी की लव स्टोरी’ ने पर्दे पर आने से पहले ही प्रदेश की राजनीति और समाज में हलचल मचा दी है।

यूपी चुनाव से पहले बड़ा ऐलान: मायावती बोलीं—बसपा अकेले लड़ेगी, गठबंधन से दूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस बार किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बसपा प्रदेश में अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी और पूर्ण बहुमत हासिल करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। लखनऊ से जारी आधिकारिक प्रेस बयान में मायावती ने कहा कि पिछले चुनावी अनुभवों से यह स्पष्ट हुआ है कि गठबंधन से पार्टी को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, बल्कि कई बार संगठनात्मक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा, “बसपा का जनाधार मजबूत है और पार्टी अपने दम पर सत्ता में आने की क्षमता रखती है। इसलिए इस बार किसी भी तरह के गठबंधन से दूर रहकर अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है।” बसपा सुप्रीमो ने कहा कि गठबंधन की राजनीति में पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक ताकत प्रभावित होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर बहुजन समाज की आवाज को मजबूती दें, ताकि पार्टी पूर्ण बहुमत के लक्ष्य को हासिल कर सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा का यह फैसला प्रदेश की चुनावी रणनीति को नया मोड़ दे सकता है। अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा से अन्य दलों की रणनीतियों पर भी असर पड़ने की संभावना है। मायावती ने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उनके और पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं फर्जी दावे फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के मैसेज और पोस्ट पूरी तरह गलत हैं और पार्टी का उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों और फर्जी खबरों से सतर्क रहें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मायावती ने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से तैयार की गई फर्जी बयानबाजी को पार्टी गंभीरता से ले रही है और ऐसे मामलों की निगरानी की जा रही है। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक एकता पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें तथा पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। आगामी चुनावों के मद्देनजर बसपा का यह ऐलान प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति बसपा को कितना राजनीतिक लाभ पहुंचाती है।

वृंदावन में आध्यात्मिक सवेरा: विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने प्रेमानंद महाराज से की एकांत वार्ता

वृंदावन (मथुरा)। भक्ति और आध्यात्मिकता की नगरी वृंदावन में उस समय विशेष हलचल देखने को मिली, जब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा सोमवार तड़के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और एकांतिक वार्ता के लिए पहुंचे। सुबह लगभग 5:30 बजे दोनों दंपति मथुरा के वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम में उनका आगमन अत्यंत सादगीपूर्ण रहा। सूत्रों के अनुसार, विराट और अनुष्का ने करीब एक घंटे तक आश्रम में समय बिताया, जहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज जी से आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जाता है कि यह मुलाकात पूर्णतः निजी और आध्यात्मिक उद्देश्य से थी। दोनों ही लंबे समय से आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं और समय-समय पर विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन करते रहे हैं। वृंदावन की शांत व पावन वातावरण में उन्होंने भक्ति और ध्यान के क्षण बिताए। हालांकि यात्रा को गोपनीय रखने का प्रयास किया गया था, लेकिन जैसे ही उनके आगमन की सूचना फैली, आश्रम के बाहर प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन के उपरांत जब वे आश्रम से बाहर निकले, तो उनकी गाड़ी केली कुंज आश्रम के बाहर लगे जाम में कुछ देर के लिए फंस गई। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशंसक अपने चहेते क्रिकेटर और अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए यातायात को सुचारू कराया।

काशी में गूंजा जनजातीय संस्कृति का स्वर: 17वाँ जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का तृतीय दिवस प्रेरणा और एकता का बना प्रतीक

वाराणसी। मेरा युवा भारत के तत्वावधान में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित सात दिवसीय 17वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का तृतीय दिवस शनिवार को गरिमामय, प्रेरणादायी और ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। काशी की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और युवा सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने शिरकत की। उन्होंने विधिवत दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और इसी विविधता में हमारी एकता निहित है। कार्यक्रम के दौरान नारायणपुर, छत्तीसगढ़ से आए प्रतिभागियों ने पारंपरिक जनजातीय सामूहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। रंग-बिरंगी वेशभूषा, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की लय और ऊर्जा से भरपूर अभिव्यक्ति ने सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। उपस्थित दर्शक इस जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुति से अभिभूत हो उठे। जिलाधिकारी ने काशी की आध्यात्मिक महिमा और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए युवाओं को उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हैं और उन्हें नई दृष्टि, नई दिशा एवं नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने अनुभवों को साझा करने, नई सीख ग्रहण करने तथा समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिला युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षक प्रयागराज के मनोज शर्मा ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि संत रविदास नगर के जिला युवा अधिकारी रामगोपाल सिंह चौहान ने भावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर लेखा एवं कार्यक्रम सहायक ललितपुर विकास चौरसिया, भूतपूर्व स्वयंसेवक नन्दकिशोर जी, पूर्व स्वयंसेवक राकेश यादव, सुरेश भावद्वाज जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और भी बढ़ा दिया। काशी की पावन धरती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं, बल्कि युवाओं के बीच संवाद, समझ और राष्ट्रीय एकात्मता की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

वाराणसी में महाशिवरात्रि पर हाई अलर्ट: शिवबारात, घाट सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस-प्रशासन की व्यापक तैयारी

वाराणसी, 13 फरवरी 2026। महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनज़र कमिश्नरेट वाराणसी ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) श्री शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संभावित भीड़, शिवबारात आयोजन, घाटों एवं जल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पुलिस उपायुक्त काशी श्री गौरव बंसवाल, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध श्री अतुल अंजान त्रिपाठी, प्रभारी जल पुलिस सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही नाविकों, मल्लाह/मांझी समाज के प्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों तथा शिवबारात आयोजकों ने भी सहभागिता की। जल क्षेत्र में कड़ी निगरानी, अवैध नावों पर सख्ती पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल वैध पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी नाविकों को ही नाव संचालन की अनुमति होगी। अवैध नावों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सीज की कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक नाव पर पंजीकरण संख्या स्पष्ट अंकित होना अनिवार्य होगा तथा निरीक्षण के दौरान अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना और उसे पहनाना अनिवार्य किया गया है। नाव में प्राथमिक उपचार किट, रस्सी और टॉर्च रखना भी जरूरी होगा। नशे की हालत में नाव संचालन पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घाटों पर भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम प्रमुख घाटों पर प्रवेश एवं निकास मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए जाएंगे, ताकि भीड़ का दबाव न बने। सुरक्षित और असुरक्षित स्नान क्षेत्रों का स्पष्ट चिन्हांकन किया जाएगा तथा गहरे जल क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। अत्यधिक भीड़ की स्थिति में नियंत्रित प्रवेश प्रणाली लागू की जाएगी। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, जल पुलिस एवं गोताखोरों की तैनाती रहेगी। रेस्क्यू बोट लगातार सक्रिय रहेंगी। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शिवबारात के लिए तय मार्ग और समय अनिवार्य शिवबारात केवल प्रशासन द्वारा स्वीकृत मार्ग और निर्धारित समयावधि में ही निकाली जाएगी। बिना अनुमति मार्ग परिवर्तन या कार्यक्रम आयोजन दंडनीय होगा। आयोजकों को पूर्व में शोभायात्रा का पूरा विवरण देना होगा। जुलूस में वाहनों की संख्या नियंत्रित रखी जाएगी तथा भड़काऊ, साम्प्रदायिक या उत्तेजक नारे-गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आतिशबाजी केवल अनुमति प्राप्त स्थल पर और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही की जा सकेगी। आपातकालीन मार्गों को पूरी तरह अवरोध मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। लाउडस्पीकर और डीजे का प्रयोग केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही किया जाएगा। निर्धारित ध्वनि मानकों और समय सीमा का पालन अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन पर उपकरण जब्त किए जाएंगे। अस्पतालों, विद्यालयों और संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरती जाएगी। पार्किंग और यातायात के लिए विस्तृत प्लान केवल चिन्हित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग किया जाएगा। मुख्य मार्गों और घाट मार्गों पर वाहन खड़ा करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अवैध पार्किंग पर तत्काल चालान और कार्रवाई की जाएगी। आपातकालीन वाहनों के लिए हर हाल में ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध रहेगा। VIP, मीडिया और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएंगे। यातायात पुलिस और आयोजकों के बीच समन्वय के लिए ट्रैफिक कंट्रोल डेस्क स्थापित की जाएगी। आयोजन स्थल, मंच और भंडारा स्थलों पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्र लगाए जाएंगे। जेनरेटर सेट सुरक्षित दूरी पर स्थापित होंगे। अस्थायी विद्युत कनेक्शन केवल प्रमाणित तकनीशियन द्वारा लगाए जाएंगे। अग्निरोधक सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है। आपातकालीन निकास मार्ग स्पष्ट रूप से चिन्हित और अवरोध मुक्त रखे जाएंगे। फायर विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार फायर टेंडर स्टैंडबाय रहेंगे। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की अपील पूजा सामग्री एवं धार्मिक अवशेषों के लिए अलग संग्रहण पात्र लगाए जाएंगे। घाटों और शिवबारात मार्ग पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। पर्याप्त डस्टबिन और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था रहेगी। “स्वच्छ घाट- सुरक्षित पर्व” अभियान भी संचालित किया जाएगा। प्रशासन ने सभी आयोजकों को एक उत्तरदायी संपर्क अधिकारी (नोडल पर्सन) नामित करने का निर्देश दिया है, जो पुलिस एवं प्रशासन के साथ सतत समन्वय बनाए रखे। पुलिस प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाएं। निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट अवश्य पहनें, अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी के सहयोग से महाशिवरात्रि का पावन पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।

वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी जिला जज के ई-मेल पर आया संदेश

आधी रात के बाद मचा हड़कंप; सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, परिसर खाली कराया गया वाराणसी, शुक्रवार। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में गुरुवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब जिला जज के आधिकारिक ई-मेल पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। रात करीब 1:30 बजे आए इस ई-मेल की सूचना मिलते ही न्यायिक और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। एहतियातन कचहरी परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। आधी रात के संदेश से बढ़ी हलचल सूत्रों के अनुसार, जिला जज को भेजे गए ई-मेल में कथित तौर पर आतंकवादी संगठन के नाम का उल्लेख करते हुए डेढ़ बजे कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। संदेश की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित किया गया। सुबह होते-होते कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल बन गया। अधिवक्ताओं और कर्मचारियों में चिंता साफ दिखाई दी। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए अदालतों में चल रहे मामलों में अगली तारीखें देने का निर्णय लिया गया और लोगों से परिसर खाली करने का अनुरोध किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा धमकी की सूचना मिलते ही डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे कचहरी परिसर की सघन जांच शुरू की गई। संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में हर चैंबर, कोर्ट रूम और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की गई। अधिवक्ताओं ने भी प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए अपने-अपने चैंबरों की जांच की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के सभी मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। बार एसोसिएशन की बैठक सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि जिला जज ने दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री को अपने चैंबर में बुलाकर ई-मेल की जानकारी दी। इसके बाद बार पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए न्यायिक कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया गया। धमकी भरे ई-मेल की सत्यता और स्रोत की पड़ताल के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। ई-मेल किस सर्वर से भेजा गया और उसका तकनीकी स्रोत क्या है, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे गंभीरता से लेते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह घटना न केवल न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि डिजिटल माध्यम से मिल रही धमकियों के बढ़ते खतरे की भी ओर संकेत करती है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

भटनी–कुसम्ही खंड का DRM ने किया विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण, गुड्स शेड व स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर जोर

वाराणसी, 09 फरवरी 2026। पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल में माल यातायात को सुदृढ़ करने की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री आशीष जैन ने मंडल पर मॉल यातायात को बढ़ावा देने की कार्ययोजना के तहत मॉल टर्मिनलों की क्षमता वृद्धि एवं गुड्स शेडों के आधुनिकीकरण से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के लिए भटनी–कुसम्ही रेल खंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान DRM ने कुसम्ही रेलवे स्टेशन एवं कोल गुड्स शेड, सरदार नगर स्टेशन एवं गुड्स शेड, तथा चौरीचौरा, गौरीबाजार, बैतालपुर और नूनखार रेलवे स्टेशनों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने माल ढुलाई से संबंधित व्यवस्थाओं, सुरक्षा मानकों और यात्री सुविधाओं की स्थिति का सूक्ष्म मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने और निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कुसम्ही स्टेशन व कोल गुड्स शेड पर फोकस कुसम्ही कोल गुड्स शेड के निरीक्षण के दौरान DRM ने लोडिंग–अनलोडिंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अनाधिकृत प्रवेश पर रोक, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, निष्प्रयोज्य विद्युत पोल व स्लीपर हटाने, तथा परिचालनिक सुगमता के लिए गुड्स शेड में ट्रैक्शन (OHE) लाइन नंबर 5 और 6 की विद्युत आपूर्ति को अलग-अलग करने के निर्देश दिए। कुसम्ही स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, प्लेटफार्मों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। DRM ने स्टेशन भवन पर लगे CCTV कैमरों के ऊपर हाईलोजन लैंप लगाने, तथा रिक्त कमरों में एक कक्ष लोको पायलट व गार्ड के विश्रामालय और एक कक्ष में ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) स्थापित करने का निर्देश दिया। सरदार नगर: सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था पर जोर सरदार नगर स्टेशन एवं गुड्स साइडिंग के निरीक्षण में DRM ने माल ढुलाई, साइडिंग की सुरक्षा और सुविधाओं के उन्नयन की समीक्षा की। उन्होंने **गुड्स शेड की सुरक्षा पुख्ता करने, विद्युत प्रकाश बढ़ाने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्टेशन निरीक्षण के दौरान परिचालनिक व्यवस्था, स्टेशन पैनल, संरक्षा उपकरण, स्टेशन भवन और सर्कुलेटिंग एरिया की गहन जांच की गई। DRM ने प्लेटफार्म संख्या-01 पर रखे निष्प्रयोज्य सामान को हटाने, प्लेटफार्म संख्या-02 की इलेक्ट्रिकल वायरिंग दुरुस्त करने, तथा स्टेशन परिसर की हाई-मास्ट लाइट बदलने के निर्देश दिए। अन्य स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की समीक्षा चौरीचौरा, गौरीबाजार, बैतालपुर और नूनखार स्टेशनों पर DRM ने परिचालनिक व्यवस्था, स्टेशन पैनल, संरक्षा उपकरण, बर्थिंग ट्रैक, पॉइंट्स ज़ोन, स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया तथा यात्री सुविधाओं—जैसे सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, फूड स्टॉल, वाटर बूथ, प्लेटफार्मों की स्थिति और पैदल उपरिगामी पुल के निकास—का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेटफार्म सतह दुरुस्त करने , साफ-सफाई और रख-रखाव में सुधार, तथा परिचालन में संरक्षा नियमों के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान DRM ने केंद्रीकृत स्टेशन पैनल और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) श्री विकास कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शेख रहमान, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री बलेंद्र पाल, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री यशवीर सिंह, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री एम. रमेश कुमार, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (परिचालन) श्री धर्मेंद्र यादव, मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (गोरखपुर) श्री अमित मणि त्रिपाठी सहित वरिष्ठ पर्यवेक्षक और स्टेशन कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के माध्यम से मंडल में माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा को सुदृढ़ करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

“गौ-वंश वध से वेतन–वैराग्य तक: योगी सरकार की नीतियों पर शंकराचार्य जी का तीखा प्रतिवाद, काशी में शास्त्रार्थ की घोषणा”

वाराणसी, 9 फरवरी 2026 : उत्तर प्रदेश में चल रहे 40 दिवसीय ‘उप्र राज्यमाता अभियान’ के 11वें दिन परमाराध्य उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘1008’ ने प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया। श्री विद्यामठ, काशी में आयोजित पत्रकारवार्ता में शंकराचार्य जी ने गौ-वंश वध, बढ़ते मांस उत्पादन, राजकीय संरक्षण में संचालित वधशालाओं और सत्ता-धर्म के अंतर्विरोधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। शंकराचार्य जी ने कहा कि वर्तमान सरकार स्वयं को “गौ-भक्त” बताती है, लेकिन सरकारी आंकड़े इस दावे की पोल खोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन की प्राथमिकता धर्म-रक्षा नहीं, बल्कि मांस-उद्योग को बढ़ावा देना बन गई है। इस दौरान उन्होंने आगामी 1 मार्च 2026 को काशी में ‘वेतन और वैराग्य’ विषय पर अखिल भारतीय स्तर के शास्त्रार्थ की घोषणा भी की, जिसे उन्होंने “शास्त्रीय मर्यादा की शुद्धि की दिशा में ऐतिहासिक कदम” बताया। सरकारी दावों पर सवाल, आंकड़ों के साथ घेरा पत्रकारवार्ता में शंकराचार्य जी ने कहा कि प्रदेश के पशुपालन मंत्री के माध्यम से यह स्वीकारोक्ति कराई गई कि सरकार गाय नहीं, बल्कि भैंस, बकरा और सुअर का वध कराती है। उन्होंने इसे हिन्दू समाज और गुरु गोरखनाथ की परंपरा के विपरीत बताया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष **2017 में प्रदेश में मांस उत्पादन जहां लगभग 7.5 लाख टन था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 13 लाख टन से अधिक हो गया है। उनके अनुसार, कागजों पर वधशालाओं की संख्या भले घटी हो, लेकिन पशु-वध की गति और मात्रा में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शंकराचार्य जी ने यह भी कहा कि जिन गतिविधियों को पहले अपराध माना जाता था, आज उन्हें “उद्योग” का दर्जा देकर 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी (5 करोड़ रुपये तक) दी जा रही है। उनका अनुमान है कि बीते नौ वर्षों में प्रदेश में 16 करोड़ से अधिक निरपराध जीवों, जिनमें लगभग 4 करोड़ भैंस-वंश शामिल हैं, का वध हुआ है। केन्द्रीय बजट और चुनावी चंदे पर भी निशाना उन्होंने केन्द्रीय बजट 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि मांस निर्यातकों को दी गई 3 प्रतिशत अतिरिक्त ड्यूटी-फ्री छूट यह दर्शाती है कि शासन की दिशा किस ओर है। साथ ही, उन्होंने बड़े मांस निर्यात समूहों से मिलने वाले चुनावी चंदे और उन्हें मिल रहे राजकीय संरक्षण पर भी सवाल उठाए। ‘वेतन बनाम वैराग्य’ का शास्त्रीय विमर्श शंकराचार्य जी ने शास्त्रीय संदर्भ देते हुए कहा कि सिद्ध सिद्धांत पद्धति के अनुसार संन्यासी के लिए ‘भृति’ (वेतन) विष तुल्य है। उन्होंने तर्क दिया कि जो व्यक्ति एक ओर संन्यासी-महंत की परंपरा से जुड़ा है और दूसरी ओर उसी राजकोष से वेतन व सुविधाएं ले रहा है, जो हिंसक राजस्व से भरा है—उसके लिए धर्म-रक्षा का दावा कैसे संभव है? इसी शास्त्रीय द्वंद्व के समाधान हेतु उन्होंने तीन चरणों के कार्यक्रम की घोषणा की— 19 फरवरी 2026: देशभर में स्वतंत्र विमर्श 1 मार्च 2026: काशी में अखिल भारतीय संत-विद्वद्गोष्ठी और ‘वेतन बनाम वैराग्य’ पर शास्त्रार्थ 11 मार्च 2026: लखनऊ में अभियान का अंतिम निष्कर्ष और आगामी “धर्म-शासनादेश” गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने की मांग पत्रकारवार्ता के अंत में शंकराचार्य जी ने आशा जताई कि शेष दिनों में सरकार आत्म-चिंतन करेगी और गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित कर पशु-वध और मांस-उद्योग से जुड़े इस “क्रूर कारोबार” पर रोक लगाएगी। धर्म, शासन और समाज के इस टकराव ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति और नीतियों पर व्यापक बहस को जन्म दे दिया है, जिसकी गूंज आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

डीआरएम आशीष जैन का सैदपुर भीतरी स्टेशन व औड़िहार DEMU शेड का औचक निरीक्षण

वाराणसी | 07 फरवरी : वाराणसी मंडल में रेल सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और अनुरक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री आशीष जैन ने शुक्रवार को सैदपुर भीतरी स्टेशन तथा औड़िहार स्थित DEMU शेड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन और शेड में उपलब्ध सुविधाओं, संरक्षा मानकों और कार्यप्रणालियों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने सैदपुर भीतरी स्टेशन पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं—साफ-सफाई, प्लेटफॉर्म की स्थिति, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, टिकट काउंटर और सुरक्षा प्रबंध—का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही ट्रैक की स्थिति, रेल पटरियां, स्लीपर, बैलास्ट, जॉइंट्स और सिग्नलिंग व्यवस्था का सूक्ष्म परीक्षण कर संरक्षा मानकों की पुष्टि की। निरीक्षण के उपरांत डीआरएम ने स्टेशन पैनल उपकरणों की कार्य प्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया और निर्देश दिए कि सभी उपकरणों की समय-समय पर जांच, रिकॉर्ड संधारण और किसी भी तकनीकी कमी का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि रेल परिचालन पूर्णतः सुरक्षित और निर्बाध बना रहे। स्टेशन परिसर की स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर डीआरएम ने यात्रियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। साथ ही स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और अनुशासन की भी समीक्षा की। डीआरएम ने दोहराया कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके पश्चात डीआरएम ने औड़िहार स्थित DEMU शेड का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने रख-रखाव व्यवस्थाओं, संरक्षा मानकों, स्वच्छता, उपकरणों की कार्यशीलता और कर्मचारियों की उपस्थिति का गहन अवलोकन किया। DEMU ट्रेनों के अनुरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षा और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने शेड में कार्यरत कर्मचारियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने अनुरक्षण कार्यों में गुणवत्ता और मानकों के सख्त पालन पर बल दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर/ट्रेन सेट श्री राहुल मिश्र सहित संबंधित पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

वाराणसी मंडल में सघन टिकट जांच अभियान, 91 बिना टिकट यात्री पकड़े गए, ₹24,965 का जुर्माना वसूला गया

वाराणसी, 05 फरवरी 2025। मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शेख रहमान के नेतृत्व में वाराणसी मंडल द्वारा विभिन्न रेलखंडों पर लगातार सघन टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार, 05 फरवरी 2025 को गोरखपुर कैंट–थावे–छपरा कचहरी रेलखंड पर व्यापक स्तर पर टिकट जांच की गई। इस विशेष अभियान के तहत कप्तानगंज, पड़रौना, थावे एवं छपरा कचहरी स्टेशनों को आधार बनाकर किलाबंदी के साथ टिकट जांच की गई। जांच के दौरान छपरा–थावे सवारी गाड़ी (75103), थावे–नकहा जंगल सवारी गाड़ी (75105), गोहाटी–जम्मूतवी अमरनाथ एक्सप्रेस (15653), मथुरा–छपरा एक्सप्रेस (15110) सहित कई मेल एवं सवारी गाड़ियों में यात्रियों के टिकटों की गहनता से जांच की गई। इस अभियान का नेतृत्व मुख्य वाणिज्य निरीक्षक/थावे श्री विशाल सिंह एवं मुख्य वाणिज्य निरीक्षक कप्तानगंज श्री महेन्द्र शुक्ला ने किया। टीम में मुख्य टिकट निरीक्षक श्री मोहम्मज सईद अख्तर, टिकट निरीक्षक राजेश सिंह, अमित कुमार, श्रीमती प्रतिमा कुमारी, ममता कुमारी और संतोष कुमार सहित कुल 08 टिकट जांच कर्मचारी शामिल थे। अभियान को प्रभावी बनाने में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। छपरा, सीवान, थावे, कप्तानगंज, तमकुही रोड, पीपराइच, पड़रौना सहित अन्य स्टेशनों एवं ट्रेनों में की गई इस सघन जांच के दौरान बिना टिकट या अनियमित टिकट पर यात्रा कर रहे कुल 91 यात्रियों को पकड़ा गया। इन यात्रियों से रेल राजस्व के रूप में ₹24,965 (चौबीस हजार नौ सौ पैंसठ रुपये) का जुर्माना वसूल किया गया, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। अभियान के दौरान संबंधित स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर टिकट लेने के लिए यात्रियों की लंबी कतारें भी देखी गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि टिकट जांच से यात्रियों में नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शेख रहमान ने आम यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा के दौरान रेल नियमों का पालन करें, उचित और वैध यात्रा टिकट लेकर ही सफर करें तथा ट्रेनों और स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखने में रेलवे का सहयोग करें।