Miss & Mister Exclusive सीज़न 7 के विजेताओं का ऐलान

नई दिल्ली, 7 अप्रैल, 2024 रिक्ता मोदक ने मिस क्लासिक ब्यूटी पेजेंट में रनर अप टाइटल जीता। रिक्ता दिल्ली की द्वारका सोसाइटी में रहती हैं और बंगाल से हैं। रिक्ता ने वेस्टबेंगल के संस्कृति को प्रस्तुत किया था। रिक्ता ने एक अत्यधिक और असाधारण पेजेंट प्लेटफ़ॉर्म को एक नई ज़िंदगी देने वाला प्लेटफ़ॉर्म बताया और कहती हैं कि इन 3 दिनों में उनकी ज़िंदगी में बहुत बदलाव आया है और वह जैसे अपने आप को नया जैसा पाती है। एक विचारात्मक टोन में, रिक्ता ने अपनी यात्रा का सार बांटा, जाहिर करते हुए, “उन्होंने हमेशा ही फैशन और सौंदर्य के प्रति आकर्षण रखा है, दूसरों पर सकारात्मक प्रभाव डालने का इच्छुक हैं। उनके लिए, विजय प्राप्ति व्यक्तिगत विकास और सम्पन्नता का परिणाम है।” मिसेज इंडिया पेजेंट में अचानक प्रेरित होकर, रिक्ता ने नई ऊँचाइयों की ओर धकेल दिया। नेताओं के मार्गदर्शन और जजों के साक्षात्कारों के कठिनाईयों के माध्यम से, उन्होंने अपने आत्मविश्वास और दृष्टिकोण को संवारा। इस अनुभव से, उन्होंने सार्वजनिक भाषण और प्रस्तुति में मूल्यवान कौशल प्राप्त किए, जो उनके व्यक्तिगत और पेशेवर क्षेत्रों दोनों में लाभकारी हैं। केवल प्रतिद्वंद्वियों की प्रतिभा की प्रदर्शनी से आगे, रिक्ता ने पेजेंट को कार्यों को चारणों में बढ़ावा देने, आत्मविश्वास को मजबूत करने और व्यक्तिगत और करियर विकास के लिए द्वार खोलने का माध्यम माना। आगे देखते हुए, रिक्ता ने लक्ष्य निर्धारित करने के महत्व को उजागर किया, उन्हें सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक चरणों के रूप में देखा, चाहे वह पेजेंट्री क्षेत्र में हो या उससे परे।

Winners Announced for Miss Exclusive & Extraordinary Pageant Season 7

New Delhi, April 7, 2024   The stage was set aglow with talent and glamour as the winners of Miss Exclusive & Extraordinary Pageant Season 7 were unveiled at the Little Theatre Group Auditorium. Held from April 5th to 7th in New Delhi, this flagship pageant showcased an array of categories, including Miss & Mr, Plus Size & Mrs, and the Exclusive Pageant Categories for Women & Men aged 40 & above, pioneering a new standard of inclusivity in beauty pageants worldwide.   The culmination of months of preparation and anticipation, the Miss Exclusive & Extraordinary Pageant Season 7 witnessed a dazzling display of beauty and talent. From April 5th to 7th, contestants from across India graced the stage at the Little Theatre Group Auditorium in New Delhi, vying for top honors in various categories. The participants came from various parts of India Andhra pradesh, Chattisgarh, Assam Punjab, assam, uttarakhand and many more. The contestants Sudeep Sanat Bhaduri, Nidhi Billore, ISMAT ARA, SARVAN KUMAR, SHASHIBALA, Mikijulee Mohanta, Saundarya Gudisena,rajni bhasin,M MAHESHWARI, SAILESH UJJAWAL, surjit kaur, rikta modak, laxita, Rahul, Manav Singh, Kartik Malik , Inder, rohan lakra, mustakeen,Harsh Kapil, karan Rajput, Shailender, DIPA DUTTA, Aarthi Jadhav presented their best talent The platform exclusive & extraordinary is a very different Pageant platform then the general pageants, it is carved as per the International standards f the pageant industry and still keeping the priority of Indian culture exchange & talent recognition in each participant. Each participant is given equal priority and support. All contestants exhibited exceptional talent while earning multiple titles and accolades. Special recognition as a jury was extended to Maxine Simmons from Australia and Mr. Veer Sachin Aadvanshi & Prince Aadvanshi, founders of FFW wrestling club India. The pageant was graced by luminaries from the entertainment industry, including Sahil Multy Khan, Bollywood Music Composer, and Mrs. Neelam Berry, Jury Emmy Awards, serving as the show’s National Mentor. The esteemed panel of guides and jurors included Ms. Rashmi Ahuja, Mr. Rakesh Sabharwal, Bollywood Producer & Distributor, Ms. Preeti Sharma, Healer, Dr. Charu Singh, Renowned Dermatologist, and Swati Paraswani, esteemed makeover artist. According to Sana Murab, the visionary behind the pageant, the victory of all contestants is a testament to their individual efforts and talents. Sana aims to empower women and provide a platform for them to shine, acknowledging the challenges they face in navigating through life’s journey. She expressed pride in all participants, emphasizing their intellectual and creative capabilities.   The winner of Miss Exclusive & Extraordinary Pageant becomes an ambassador of humanity, embodying the platform’s commitment to social causes and humanitarian service. I am the World, the pageant’s platform, serves as a beacon for beauty with a purpose, raising awareness and promoting social causes on a national scale.   For those inspired to participate in the Exclusive and Extraordinary pageant, updates can be found on their Facebook and Instagram pages, or by contacting their website or email.   Contact Information: For further inquiries or media requests, please contact: Website: www.iamthe.world

मिस एक्सक्लूसिव और अतिविशिष्ट पेजेंट सीज़न 7 के विजेताओं का ऐलान

नई दिल्ली, 7 अप्रैल, 2024   अभिनय और प्रतिभा के चमकते तारों के साथ मिस एक्सक्लूसिव और अतिविशिष्ट पेजेंट सीज़न 7 के विजेताओ का ऐलान छोटे थिएटर ग्रुप ऑडिटोरियम में किया गया। 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक नई दिल्ली में आयोजित इस प्रमुख पेजेंट ने मिस और मिस्टर, प्लस साइज और मिसिस, और महिलाओं और पुरुषों की 40 और अधिक आयु वाली विशेष पेजेंट श्रेणियों को समेत किया, जो विश्व भर में सौंदर्य पेजेंट में समावेश का नया मापदंड स्थापित करता है।   महिलाओं की श्रेणियों में विजेताओ ने अपने सौंदर्य, शालीनता, और शिष्टाचार के लिए प्रतिष्ठा की। 40 की उम्र में महिलाओं के विजेताओ में निधि बिल्लोरे (मध्य प्रदेश) थीं। पहले रनर-अप: इसमत आरा (छत्तीसगढ़), दूसरे रनर-अप: रजनी भसीन (नई दिल्ली), तीसरे रनर-अप: सुरजित कौर (नई दिल्ली), और चौथे रनर-अप: रिक्ता मोदक (पश्चिम बंगाल)।   50 की उम्र में महिलाओं के विजेता महेश्वरी (कर्नाटक) थीं। 60 और उससे अधिक उम्र के महिलाओं के लिए विजेता शशिबाला चौधरी (उत्तर प्रदेश) थीं। मिसेज इंडिया के लिए विजेता मिकिजूली मोहंता (ओडिशा) थीं। प्लस साइज के लिए विजेता सौंदर्य गुड़ीसेना (तेलंगाना) थीं। मिस इंडिया के विजेता दीपा दत्ता (असम), पहली रनर-अप लक्षिता शर्मा (राजस्थान), और दूसरी रनर-अप आर्थी जाधव (आंध्र प्रदेश) थीं।   पुरुषों की श्रेणियों में विजेताओ ने अपने सौंदर्य, शालीनता, और शिष्टाचार के लिए प्रतिष्ठा की। 40 की उम्र में पुरुषों के विजेताओ में उज्ज्वल सैलेश (उत्तराखंड) थे। पहले रनर-अप: सुदीप भदूरी (पश्चिम बंगाल), दूसरे रनर-अप: शैलेंद्र (नई दिल्ली)।   50 और उससे अधिक उम्र के पुरुषों के लिए विजेता सर्वान कुमार चौधरी (उत्तर प्रदेश) थे। मिस्टर इंडिया के विजेता करण राजपूत (हरियाणा), पहले रनर-अप मिस्टर इंडिया: इंडर (नई दिल्ली)

जानें आखिर क्यों इतना रोता है आपका बच्चा और उसे संभालने के उपाय

सभी शिशु रोते है, यह बिलकुल सामान्य बात है। अधिकांश शिशु प्रत्येक दिन कुल एक घंटे से लेकर तीन घंटे तक के समय के लिए रोते हैं। आपका नन्हा सा शिशु अपने आप खुद कुछ नहीं कर सकता है और वह आप पर अपनी हर जरुरत के लिए निर्भर करता है-चाहे वह भूखा है, आराम चाहता है या फिर प्यार और दुलार। आपका शिशु रो कर ही आपको यह बता सकता है की उसे किसी चीज की जरुरत है। आपके लिए कई बार यह पता चलाना मुश्किल हो जाता है की आखिर शिशु रो क्यों रहा है। लेकिन समय के साथ आप पहचानने लगेंगी और समझने लगेंगी की आपके शिशु के रोने का कारण क्या है। और जैसे जैसे आपका शिशु बढ़ता है वह आप के साथ बात चीत करने के अन्य तरीके सीख लेता है जैसे की आंखों का समपर्क, शोर मचाना या फिर मुस्कुराते हुए आपका ध्यान अपनी तरफ खींचना। अगर आपका शिशु रो रहा है और चुप नहीं हो रहा है तो हो सकता है वह आपसे से यह कहने की कोशिश कर रहा है… मुझे भूख लग रही है भूख किसी नवजात शिशु के रोने का सबसे बड़ा कारण है। किसी बच्चे का छोटा सा पेट बहुत कुछ भंडार में नहीं रख सकता। इसीलिए अगर आपकी संतान रोती है, तो उसे दूध पिलाने की कोशिश करें, क्योंकि वह भूखी हो सकती है। मेरी नैपी बदलो कुछ शिशु अपनी नैपी बदलने की जरूरत पर बहुत ध्यान नहीं देते लेकिन कई दूसरे तुरंत ही चीख कर आपका ध्यान अपनी ओर खींचेंगे। खासकर तब, अगर उनकी कोमल त्वचा में खुजली या खुश्की हो। यह भी देखें कि कहीं नैपी बहुत कस कर तो नहीं बंधी है, या उसके कपड़े तो उसको परेशान नहीं कर रहे हैं। मुझे अधिक गर्म या अधिक ठंड लग रही है जांच करें कि आपका शिशु अपने बिस्तर में कहीं बहुत अधिक गर्म या ठंडा तो नहीं महसूस कर रहा। इसे आप उसके पेट को छूकर पता कर सकते हैं (उसके हाथ या पैर से पता नहीं लगेगा, वे सामान्य तौर पर ठंडे होते हैं)। अगर उसका शरीर अधिक गरम है, तो एक कंबल हटा दें। अगर वह ठंडा है तो एक और उढ़ा दें। मौसम के अनुसार कमरे का तापमान 22 और 25 डिग्री सेल्सियस के बीच में रखें। मुझे गोद में ले लो कई बार आपका शिशु केवल दुलार चाहता है. चिंता न करें, अगर आप अपने शिशु को शुरुआती कुछ महीनों में अधिक समय तक उठा भी लेंगे, तो वह बिगड़ नहीं जायेगा। छोटे बच्चों को शारीरिक आराम और आश्वासन की बहुत जरूरत है. यदि आप अपने बच्चे को सीने से लगा के रखेंगे तो उसे आपकी दिल की धड़कन सुनकर दिलासा मिलेगा आप शिशु को एक बेबी स्लिंग या केरीयर में भी रख सकती है जो आपके सीने या पीठ पर बंधता हो ऐसा करने से शिशु आपकी गोद में रह सकेगा और बाकी कामों के लिए आपके हांथ भी मुक्त रहेंगे। मुझे आराम की जरूरत है नवजातों के लिए काफी सक्रिय रहना कठिन होता है। उसके रोने का एक मतलब होता है- बस, मेरे लिए काफी है. रोना, चिडचिडाना, उदास हो कर छत के ओर घूरना नींद आने के कुछ उदाहरण हैं। उसे किसी शांत और खामोश जगह ले जाएं। कुछ देर बाद आप पाएंगे कि वह सोने के लिए तैयार है। मेरी तबियत ठीक नहीं है अपने बच्चे में किसी भी परिवर्तन के बारे में सतर्क रहे। अगर वह अस्वस्थ है, वह शायद वह हमेशा की तरह न रोये। रोने का अलग ही स्वर हो सकता है, थोडा कम या अधिक या फिर चीख कर लगातार रोना। और अगर आपका शिशु आम तौर पर बहुत रोता है, लेकिन असामान्य रूप से शांत हो गया है, तो यह भी एक संकेत है कि उसकी तबियत ठीक नहीं है। कोई भी आपके शिशु को इतनी अच्छी तरह से नहीं जान सकता जैसे की आप। यदि आपको लगता है कि आपके शिशु की तबियत ठीक नहीं लग रही है तो डॉक्टर से बात करें और अपनी चिंताओं पर चर्चा करें। डॉक्टर को तुरंत बुलाएं अगर आपका शिशु को रोते समय सांस लेने में कठिनाई हो रही है, या अगर रोने के साथ उसे बुखार, उल्टी, दस्त या कब्ज भी हो रहा हो। मुझे कुछ चाहिए…पर पता नहीं क्या कभी कभी आपको समझने में कठिनाई होगी की आखिर शिशु रो क्यूं रहा है। देखा गया है की अक्सर नवजात शिशु बीच में कुछ दिनों के लिए चिडचिडे हो जाते हैं या फिर रोते ही रहते हैं। कभी कभी यह एकदम ही चुप हो जाते हैं या फिर कभी कभी घन्टों तक रोते हैं। अक्सर यह पेट के दर्द याने कोलिक की वजह से होता है। कालिक कम से कम तीन दिनों के लिए, एक दिन में कम से कम तीन घंटे के लिए गमगीन रोने के रूप में प्रकट होता है। इससे निबटना कठिन होता है, वहीं इसकी कोई जादुई दवा भी नहीं है. हालांकि आपके लिए यह जानना फायदेमंद होगा कि दर्द कभी भी काफी दिनों तक नहीं रहता। मेरा शिशु लगातार रो रहा है में क्या करूं? यहां कुछ नुस्खे हैं जिससे आप अपने शिशु को आराम पहुंचा सकते हैं। उसे लपेटें और कस कर पकड़ें कई माता पिता यह देखते हैं की उनके शिशु गोद में आते ही चुप हो जाते हैं खासकर जब वह आपके दिल की धड़कन को सुन के सुखदायक मेह्सूस करते हैं। कई नवजात लिपटना और सुरक्षित महसूस करना पसंद करते हैं। जैसा कि वह गर्भ में रहते हैं, तो आप अपने शिशु को कंबल में लपेटें (यह स्वैडलिंग के नाम से जाना जाता है) या बेबी स्लिंग में भी उसे रख सकते हैं ताकि जान सकें कि क्या वह उसे पसंद करता है। हलाकि कुछ शिशु ऐसे भी होते हैं जिन्हें लिपटे हुए रहना बिलकुल पसंद नहीं होता। एक लगातार ध्वनि खोजें गर्भ में आपका शिशु आपके दिल की धड़कन लगातार सुनता रहता है। इसलिए मधुर संगीत की आवाज या लोरी से आपके शिशु को आश्वासन मिलेगा। कई माता पिता को लगता है कि घड़ी की टिक टिक के स्थिर लय अक्सर शिशु को खामोश करते हैं और सोने में भी मदद करते हैं।

जाॅब के दौरान आत्मविश्वास जरुरी…

आत्मविश्वास सिर्फ इंटरव्यू में ही नहीं, बल्कि आगे जॉब करने के दौरान आपको हर जगह दिखाना होता है। इस पर आपकी तरक्की भी निर्भर करती है। अगर आप करियर की राह में सफल होना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह स्किल सीखना होगा कि खुद को कैसे कॉन्फिडेंट बनाएं… किसी इंटरव्यू के दौरान सबसे पहले इस बात का आकलन किया जाता है कि कैंडिडेट कॉन्फिडेंट है या नहीं। नियोक्ता किसी कर्मचारी में जिन जरूरी स्किल की तलाश करता है, उसमें कॉन्फिडेंस यानी आत्म-विश्वास सबसे प्रमुख होता है। कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि अच्छे कैंडिडेट्स का भी जॉब के लिए सलेक्शन नहीं होता है, क्योंकि इंटरव्यू के दौरान वह काफी नर्वस था या उसके कॉन्फिडेंस की कमी इंटरव्यू लेने वालों को खल रही थी। आत्म-विश्वास सिर्फ इंटरव्यू में ही नहीं, बल्कि जॉब करने के दौरान आपको हर जगह दिखाना होता है। इस पर आपकी तरक्की भी निर्भर करती है। अगर आप करियर की राह में सफल होना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह स्किल सीखना होगा कि अपने को कॉन्फिडेंट कैसे बनाएं। यह कैसे हो सकता है, आइए इसका तरीका जानते हैं… प्रोफेशनल दिखें जब ऑप किसी जॉब के लिए अप्लाई करते हैं, तो एप्लीकेशन या अपने रिज्यूमे में ही अपने बारे में बेहतर से बेहतर तस्वीर दिखाने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन इंटरव्यू के द्वारा संभावित एम्प्लायर यह पता लगा लेता है कि आपका वास्तविक फस्र्ट इम्प्रेशन कैसा है, इसलिए आपको उस हिसाब से अपना बिहेवियर भी दिखाना होगा। इंटरव्यू या जॉब के दौरान आपको पूरी तरह से प्रोफेशनल दिखना चाहिए। अपनी क्षमता पर भरोसा करें सबसे पहले तो आपको खुद की क्षमता पर भरोसा करना होगा। आपने अपने रिज्यूमे में खुद अपनी काबिलियत की तारीफ की है, तो उस पर भरोसा भी करें। यह मान लें कि आपके अंदर क्षमता है और आप किसी इंटरव्यू को अच्छी तरह से फेस कर सकते हैं या कोई नया चैलेंजिग जॉब मिलने पर उसे कर सकते हैं। नेटवर्किंग की कला सीखें नेटवर्किंग से आपके अंदर की घबराहट कम होती है और सीनियर लोगों से मिलने-जुलने, उनके अनुभव जानने से आपको मार्ग-दर्शन मिलता है। इससे आपको यह सीख मिलती है कि इंटरव्यू के दौरान या किसी जॉब के दौरान किस तरह से पेश आना चाहिए। अति आत्म-विश्वास से बचें ज्यादातर लोग इसके शिकार हो जाते हैं। लोगों का अतिशय आत्म-विश्वास ईगो का रूप ले लेता है। कम योग्यता होते हुए भी कई बार लोग यह सोचते हैं कि उनसे बेहतर कोई नहीं और किसी जॉब के लिए उनका सलेक्शन तो तय है। इस बात का ध्यान रखें कि जब आप रिज्यूमे या कवर लेटर बनाएं तो वह विज्ञापन जैसा न हो। दिखाएं आत्म-विश्वास यदि आपको डराने वाला टास्क मिल गया, तो भी हर दिन ऐसे काम जरूर करें, जिसमें आप बेहतर हों। जैसे आप अच्छा लिखते हों, तो हर दिन कुछ लिखने का प्रयास करें। अपने को हमेशा यह याद दिलाते रहें कि आप सक्षम और कीमती हैं। सही सवाल करें ऐसे समय में कैंडिडेट्स सबसे मुश्किल में दिखता है, जब इंटरव्यूअर उससे पूछता है, क्या आप हमसे कोई सवाल करना चाहते हैं? आपके सामने ऐसी परिस्थित आती है और अगर आप कोई सवाल करना चाहते हैं, तो इस बात का ध्यान रहे कि सही तरीके का सवाल हो। आप चाहें, तो जॉब में संभावित चुनौतियों के बारे में सवाल पूछकर अपनी रुचि या कहें कि आत्म-विश्वास दर्शा सकते हैं या इंटरव्यू लेने वालों से यह सवाल भी कर सकते हैं कि उनके लिए सफलता का मतलब क्या है। अपनी नॉलेज बढ़ाएं अपनी ताकत और कमजोरियों के बारे अच्छी जानकारी से आत्म-विश्वास बनाए रखना आसान होता है। बिना किसी आत्म मुग्धता के ऐसा तरीका निकालें कि ताकत वाले गुण कैसे बढ़ें और कमजोरियों को कम कैसे किया जा सके।

मानसून के दौरान बच्चों की त्वचा और बालों की सुरक्षा कैसे करें

नई दिल्ली/नोएडा: मानसून के मौसम में माता-पिता के लिए अपने बच्चों की त्वचा और बालों की अतिरिक्त देखभाल करना बेहद जरूरी है। इस मौसम में बढ़ी हुई आर्द्रता और नमी से त्वचा और बालों से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। माता-पिता को इन चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए, हम एक प्रसिद्ध बेबी केयर ब्रांड एडोरिका के फाउंडर और सीईओ अभिषेक पांडे के पास पहुंचे। पांडे ने मानसून के मौसम के दौरान बच्चों की त्वचा और बालों की देखभाल पर कई जरूरी सलाह दी। साफ-सफई का ध्यान रखें: पांडे ने मानसून के मौसम के दौरान उचित स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से गुनगुने पानी से नहलाएं, हल्के और सौम्य बेबी साबुन या क्लींजर का उपयोग करें। नियमित स्नान से त्वचा को साफ रखने में मदद मिलती है और अत्यधिक पसीने और गंदगी जमा होने के कारण होने वाले संक्रमण से बचाव होता है। स्किन को मॉइस्चराइज़ करना जरूरी: मानसून के मौसम में बढ़ी हुई नमी से त्वचा में रूखापन आ सकता है। पांडे ने विशेष रूप से बच्चों के लिए तैयार किए गए अच्छी क्वालिटी वाले मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करने की सलाह दी। नहाने के बाद मॉइस्चराइज़र लगाने से नमी बरकरार रहती है और शुष्क और खुजली वाली त्वचा से बचाव होता है। मच्छरों से बचाव: मानसून के मौसम में मच्छर जनित बीमारियाँ एक आम चिंता का विषय है। पांडे ने बच्चों को मच्छरों के काटने से बचाने के लिए सुरक्षित और प्रभावी उपायों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बाल रोग विशेषज्ञों की सिफारिश के अनुसार प्राकृतिक रिपेलेंट्स या हल्के सांद्रता वाले डीईईटी युक्त पदार्थों का उपयोग करने का सुझाव दिया। बालों को साफ और सूखा रखें: पांडे ने मानसून के दौरान बच्चों के बालों को साफ और सूखा रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। अत्यधिक नमी से फंगल संक्रमण और रूसी हो सकती है। उन्होंने सप्ताह में कम से कम दो बार बालों को हल्के शैम्पू से धोने और फंगल को रोकने के लिए बाद में बालों को अच्छी तरह से सुखाने की सलाह दी। ठीक ढंग से कपड़े पहनें: मानसून के दौरान बच्चों के लिए सही कपड़ों का चयन करना महत्वपूर्ण है। पांडे ने बच्चों को ढीले-ढाले, हल्के सूती कपड़े पहनाने का सुझाव दिया, जिससे उनकी त्वचा को सांस लेने में मदद मिले। सिंथेटिक सामग्रियों से बचें क्योंकि वे अत्यधिक पसीना और असुविधा पैदा कर सकते हैं। पांव की देखभाल: मॉनसून के दौरान लंबे समय तक नमी के संपर्क में रहने के कारण बच्चों के पैरों में फंगल संक्रमण होने का खतरा होता है। पांडे ने माता-पिता को सलाह दी कि वे सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे अपने पैरों को सुरक्षित रखने के लिए साफ, सूखे मोजे और जूते पहनें। नियमित रूप से अपने पैरों को साफ करने और सुखाने से भी फंगल इंफेक्शन को रोकने में मदद मिल सकती है। हाइड्रेटेड रहना: पांडे ने मानसून के मौसम के दौरान बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के महत्व पर जोर दिया। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। अपने बच्चे को बार-बार पानी पीने के लिए कहें, भले ही उन्हें प्यास न लगी हो। पांडे ने अंत में कहा, “मानसून का मौसम बच्चों की त्वचा और बालों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही देखभाल और सावधानियों के साथ, माता-पिता अपने बच्चों को संभावित समस्याओं से बचा सकते हैं। स्वच्छता को प्राथमिकता देने और स्किन की देखभाल के लिए अच्छे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से आप अपने बच्चे को इस मौसम में स्वस्थ और निरोगी रख सकते हैं. इन उपायों को अपनाने से बच्चे बिना किसी स्वास्थ्य चिंता के बारिश का आनंद ले सकते हैं।” बताते चले कि ADORICA शिशु त्वचा देखभाल उत्पादों का एक प्रसिद्ध प्रदाता है जो शिशु और बच्चों के लिए उपयुक्त सुरक्षित और सौम्य फॉर्मूलेशन के लिए जाना जाता है।

मानसून के मौसम में चेहरे पर लाएं चमक- इन 5 घरेलू उपायों को अपनाकर करें अपनी स्किन केयर

मानसून का मौसम चिलचिलाती गर्मी से राहत देता है और ताज़ा बारिश के साथ पर्यावरण को तरोताजा कर देता है। हालाँकि, इस मौसम में पैदा होने वाली नमी, हमारी त्वचा पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है, जिससे सूखापन, सुस्ती और ब्रेकआउट जैसी कई समस्याएं होने का खतरा होता है। शुक्र है, प्रकृति ने हमें कई सामग्रियां प्रदान की हैं जो इन समस्याओं से निपटने में मदद कर सकती हैं। इन पांच घरेलू फेस पैक रेसिपी के ज़रिए आप पा सकते है फ्लॉलेस स्किन 1. ग्रीन टी और शहद का फेस पैक  सबसे पहले एक चम्मच हरी चाय की पत्तियों को दस मिनट के लिए पानी में भिगोकर रखें। एक बार पत्तियां अच्छी तरह लग जाएं तो उन्हें छान लें और पानी निकाल दें। गीली चाय की पत्तियों में एक चम्मच शहद मिलाएं। मिश्रण को अपने चेहरे पर समान रूप से लगाएं और 15 मिनट तक लगा रहने दें। अंत में, अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। यह फेस पैक आपकी त्वचा को ठंडा रखने के लिए ग्रीन टी के एंटीऑक्सीडेंट गुणों का उपयोग करता है, जबकि शहद जलयोजन बनाए रखने में मदद करता है। 2. दही और खीरे का फेस पैक यदि धूप में निकलने के बाद आपकी त्वचा जल गई है या खुजली हो रही है, तो यह फेस पैक राहत प्रदान कर सकता है और आपकी त्वचा को आराम दे सकता है। खीरे के पेस्ट में एक चम्मच दही मिलाएं और इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं। जरूरत पड़ने पर आप इसे अपने हाथों पर भी लगा सकते हैं। इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर धो लें। यह पैक न केवल त्वचा को ठंडक देता है बल्कि धूप से होने वाली क्षति को ठीक करने और टैन को कम करने में भी मदद करता है। 3. नीम और हल्दी का फेस पैक  मुंहासों की समस्या से निपटने के लिए 1 चम्मच नीम की पत्ती के पेस्ट में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं। यदि मिश्रण बहुत गाढ़ा है, तो थोड़ा पानी मिलाएं। पेस्ट को अपने चेहरे पर समान रूप से लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें। फिर, इसे धो लें। अच्छे परिणाम पाने के लिए और मुँहासों को कम करने के लिए इस फेस पैक का उपयोग सप्ताह में तीन बार करें। 4. टमाटर और चीनी का फेस पैक  टमाटर त्वचा के छिद्रों से अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने के लिए उत्कृष्ट हैं। एक्सफोलिएटिंग मास्क बनाने के लिए 1 टमाटर के रस में 1 चम्मच चीनी मिलाएं। मिश्रण को अपने गालों पर गोलाकार गति में लगाएं और 5 मिनट के लिए छोड़ दें। एक बार जब मास्क सूख जाए, तो अपने चेहरे को गर्म पानी से अच्छी तरह धो लें. 5. हल्दी और गुलाब जल का फेस पैक  यदि आपकी त्वचा धूप से झुलस गई है, तो यह फेस पैक राहत प्रदान कर सकता है और आपकी त्वचा की प्राकृतिक चमक बहाल कर सकता है। सबसे पहले एक पैन में हल्दी पाउडर को तब तक हिलाते रहें जब तक वह काला न हो जाए। फिर हल्दी पाउडर में 2 चम्मच गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को धूप से झुलसी जगह पर 5 मिनट के लिए लगाएं और अच्छी तरह धो लें। आपकी त्वचा जवां और चमकदार हो जाएगी. (लेखिका -मानसी)

आभार की शक्ति,मन को खुशी और शांति करती है प्रदान

लेखिका -प्रीति शर्मा (फाउंडर और सीईओ इटर्नल हीलिंग) आज की जीवनशैली इतनी तेजी से बदल रही है कि हम अक्सर खुद को ध्यान देने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। हमारी रौशनी तब तक दिखाई नहीं देती जब तक हम खुद उसे स्वीकार न करें। लेकिन क्या हमने कभी ध्यान दिया है कि आभार करने की शक्ति हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है? आज इस लेख में हम आभार की शक्ति के बारे में चर्चा करेंगे। आभार एक ऐसी भावना है जो हमें हमारे आस-पास के सब कुछ महसूस करने का मौका देती है। यह हमें संवेदनशील बनाती है और हमारे मन को खुशी और शांति प्रदान करती है। जब हम किसी को आभार व्यक्त करते हैं, तो हम उसके द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा करते हैं और उसके साथ संबंध और मजबूत होते हैं। आभार की शक्ति से हम अपने अंदर की खुशी को बढ़ाते हैं और अपने जीवन को सकारात्मकता से भर देते हैं।

मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए जरूरी है मैडिटेशन : प्रीति

मेडिटेशन एक शक्तिशाली उपकरण है जिसका उपयोग सदियों से मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए किया जाता रहा है। इटरनल रेकी हीलिंग की संस्थापक, प्रसिद्ध लाइफ कोच प्रीति शर्मा का मानना है कि सुखी, स्वस्थ और पूर्ण जीवन जीने की चाहत रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए ध्यान एक आवश्यक अभ्यास है। प्रीति के अनुसार, ध्यान मन को शांत करके और विश्राम को बढ़ावा देकर लोगों को तनाव, चिंता और अवसाद का प्रबंधन करने में मदद कर सकता है। यह फोकस और एकाग्रता में सुधार करने, रचनात्मकता बढ़ाने और समग्र उत्पादकता को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है। इसके मानसिक और भावनात्मक लाभों के अलावा, ध्यान का शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नियमित ध्यान अभ्यास रक्तचाप को कम करने, हृदय रोग के जोखिम को कम करने और प्रतिरक्षा समारोह में सुधार करने में मदद कर सकता है। ध्यान केवल आध्यात्मिक साधकों के लिए ही नहीं बल्कि उनके लिए भी है जो अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में रुचि रखते हैं। यह सभी उम्र और पृष्ठभूमि के लोगों द्वारा अभ्यास किया जा सकता है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण या प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती है। आज की तेजी से भागती दुनिया में, जहां हम लगातार सूचनाओं और ध्यान भटकाने वाली चीजों से बमबारी कर रहे हैं, ध्यान के लिए समय निकालना संतुलन और आंतरिक शांति की भावना बनाए रखने के लिए एक मूल्यवान उपकरण हो सकता है। ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करके, हम आत्म-जागरूकता की गहरी भावना पैदा कर सकते हैं और अपने भीतर से जुड़ सकते हैं, जिससे एक अधिक पूर्ण और सार्थक जीवन हो सकता है। प्रीति शर्मा संस्थापक: इटरनल रेकी हीलिंग संपर्क सूत्र #9728947108

30 मिनट से ज्यादा इस्तेमाल करते है मोबाईल फोन तो हो जाएं सावधान! इस बीमारी का बढ़ सकताहै खतरा

लेखिका – मानसी आजकल की भागती हुई जिंदगी में स्मार्टफोन हर किसी की मूल आवश्यकता बन गया है.पर क्या आपको पता है कि इसका ज्यादा इस्तेमाल आपकी सेहत को बहुत हानि पहुंचा रहाहै. चलिए जानते है कि मोबाइल फोन आपकी हेल्थ पर कितना बुरा असर डाल रहे है।मोबाईल फोन अब हमारी उस आदत की तरह बन गया है जिसके बिना जीवन असंभव लगने लगाहै. विज्ञान का यह उपकरण हमारी दिनचर्या को अपने कब्जे में ले चुका है. आजकल की युवापीढ़ी 24 घंटों में से लगभग 7 घंटे से अधिक का समय इसपे व्यतीत करती है. यह आदत हमारे जीवन काल को कम कर रहीहै. शोधकर्ताओं की माने तो प्रति सप्ताह 30 मिनिट या उससे अधिक समय तक मोबाइल फोन पर बात करने से हाइपरटेंशन का खतरा 12 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। मोबाइल फोन सेनिकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी हाई ब्लड प्रेशर का सबसे बड़ा कारण है। हाइपरटेंशनसे दिल के दौरे और स्ट्रोक के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है और विश्व स्तर पर अकालमृत्यु का एक प्रमुख कारण है। मोबाइल फोन से होने वाली समस्याएं– आंखों को होता है नुकसान- ज्यादा समय तक मोबाइल के यूज़ सेआखों पर दबाव पड़ता है। हमें चाहे इसका एहसास तुरंत न हो पर लंबे के इस्तेमाल केबाद इसका प्रभाव दिखना शुरू होता है। मोबाइल की नीली स्क्रीन हमारे शरीर के सबसेसंवेदनशील हिस्से को बहुत हानि पहुंचाती है। कलाइयों में हो सकता है दर्द– कोई भी चीज अगर इस्तेमाल में लाईजाए तो वह नुकसानदायक साबित होती है और जब बात इलेक्ट्रॉनिक्स की हो तो बेहतर होगाकी हम इनका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें। फोन के ज्यादा इस्तेमाल से कलाई मेंसुन्नपन और दर्द हो सकता है. इससे कलाई में झनझनाहट भी हो सकती है जो बाद मेंकार्पल टनल और सेल्फी कलाई का कारण बन सकती है। नींद पर पड़ता है प्रभाव- अपने कार्य में चुस्ती और फुर्तीलाने के लिए हमें एक अच्छी नींद की जरूरत होती है. मोबाइल का देर रात तक उपयोगकरने के कारण हमारे सोने के घंटे में कटौती हो जाती है. इसी कारण हम सुबह फ्रेशमहसूस करते और हमें दिन में अपने काम के दौरान नींद आती है। यह इन्सोम्निया यानीनींद आने की बीमारी का मुख्य कारण भी बन जाता है। बढ़ सकता है तनाव– स्ट्रेस सामान्य है लेकिन जब सेलफोन से तनाव की बातआती है तो यह कई कारणों की वजह से हो सकता है जैसे की इंटरनेट पर पढ़ना- देर रातफोन का यूज़ करना- नींद का पूरा न होना और सारे लक्षण कुछ समय के बाद गंभीरबीमारियों का रूप ले सकते है।