रांची/रामगढ़, 15 अगस्त : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रामगढ़ जिला स्थित अपने पैतृक गांव नेमरा में झंडात्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी। इस मौके पर उन्होंने समस्त झारखंडवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्य के गठन के बाद यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री राजधानी रांची में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में उपस्थित नहीं हो पाए। इस बार मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री के अनुपस्थित रहने का कारण उनके परिवार का शोक है। विगत 4 अगस्त को उनके पिता, झारखंड आंदोलन के प्रणेता और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन का निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने ही उन्हें मुखाग्नि दी थी और तब से वह अपने पैतृक गांव में ही रह रहे हैं। संथाल आदिवासी समाज की परंपरा के अनुसार, श्राद्ध कर्म संपन्न होने तक मुखाग्नि देने वाला गांव की सरहद के बाहर नहीं जाता। वह 12 दिनों तक श्राद्ध के लिए निर्धारित वस्त्रों में ही रहता है। दिवंगत शिबू सोरेन के श्राद्ध संस्कार का मुख्य कार्यक्रम 15 और 16 अगस्त को नेमरा गांव में आयोजित हो रहा है। इस वजह से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्राद्ध वाले वस्त्र पहनकर गांव में ध्वज फहराया। नेमरा में हुए झंडोत्तोलन कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और राज्य की तरक्की के लिए सबको एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की आज़ादी और पहचान में जिन लोगों ने बलिदान दिया, उनकी विरासत को संजोना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने राज्यवासियों से विकास, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए योगदान देने की अपील की।
शिबू सोरेन के निधन के बाद झारखंड विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: विस अध्यक्ष
रांची, 04 अगस्त: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने यह जानकारी दी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। शिबू सोरेन के निधन के साथ ही उस राजनीतिक युग का अंत हो गया है, जिसमें आदिवासी आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि मिली थी। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करते हुए कहा, ”दिशोम गुरु शिबू सोरेन आज परलोक सिधार गए… उनका निधन न केवल झारखंड के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है… वह गरीबों की खातिर अपनी लड़ाई के लिए जाने जाते थे…।” सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक ‘शिबू सोरेन अमर रहें’ के नारे लगाते देखे गए। महतो ने अपने शोक संदेश में कहा, ”आज हम सभी के लिए अत्यंत दुःख और शोक का दिन है। हमें अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि झारखंड के महान नेता, समाज के मार्गदर्शक, अलग झारखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता और देश के वरिष्ठ राजनेता, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री, वर्तमान राज्यसभा सदस्य, दिशोम गुरु श्री शिबू सोरेन जी का आज सुबह, चार अगस्त 2025 को निधन हो गया।” उन्होंने कहा, ”झारखंड के वंचित समाज को अंधकार से निकालकर उसे अधिकार और न्याय के प्रकाश से आलोकित करने वाले शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका जाना न केवल झारखंड के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए, राजनीतिक जगत में, सामाजिक जगत में और अन्याय के विरुद्ध निरंतर संघर्ष करने वालों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।” झारखंड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र एक अगस्त से शुरू हुआ था।
105 किमी की कांवड़ यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचे मनोज तिवारी, बाबा बैद्यनाथ को किया जलाभिषेक
देवघर, 03 अगस्त: भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने अपनी 105 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी करके झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ को जलाभिषेक किया है। मनोज तिवारी ने 31 जुलाई को अपनी कांवड़ यात्रा शुरू की थी, जो 3 अगस्त को पूरी हुई। सांसद मनोज तिवारी ने बिहार के सुल्तानगंज से कांवड़ उठाई। वह 30 साल बाद कांवड़ यात्रा पर निकले। उन्होंने सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए नंगे पांव 105 किलोमीटर की यात्रा की। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग कांवड़ यात्रा पर निकले थे। उनकी इस यात्रा में झारखंड के गोड़ा से सांसद निशिकांत दुबे भी शामिल हुए। जलाभिषेक के दौरान भी भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे अपने परिवार के साथ शामिल हुए। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने फेसबुक पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “सांसद मनोज तिवारी ने सुलतानगंज से देवघर 105 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ को जलाभिषेक किया। मैं सपरिवार उनके साथ गोडियारी नदी से देवघर मंदिर पहुंचा।” मनोज तिवारी ने अपनी कांवड़ यात्रा के बीच फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा था, “एक बड़ी तपस्या है अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज से देवघर तक पैदल जल लेकर जाना। जो नहीं चला है इस तपस्या में, वह नहीं समझ सकता कि कितना कठिन तप है, इस मुस्कान और जोश के बीच।” यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था, “हर-हर महादेव के जयघोष के साथ आस्था, श्रद्धा और आत्मिक शांति की इस यात्रा पर निकला हूं। भोले बाबा बिहार समेत दिल्ली का, हमारा-आपका, सभी सनातनियों व शिव में विश्वास करने वाले हर प्राणी का कल्याण करें।”
झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
देवघर, 22 जुलाई: सावन माह में झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में लगातार श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। मंगलवार को सुबह 04:22 से मंदिर का पट खुलते ही जलाभिषेक शुरू हो गया है। अब तक धाम में 18 लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके हैं। बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में शिवभक्तों की गूंज से पूरा रूट लाइन गुंजायमान है और सभी कांवड़िया कतारबद्ध होकर बाबा का जयघोष करते हुए जलाभिषेक के लिए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। देश के हर कोने और विदेश से भी भक्त भोलेनाथ को जलार्पण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के सुविधा के अनुरूप रूटलाइन में गर्मी और उमस से राहत दिलाने के लिए ठंडे पानी की फुहारों के छिड़काव की व्यवस्था की गयी है, ताकि रूटलाइन में जलार्पण के लिए कतारबद्ध श्रद्धालुओं को लगातार उमस भरी गर्मी में परेशानी महसूस न हो। ठंडक के बीच आराम से जलाभिषेक कर सकें। जिला प्रशासन के अनुसार 10 जुलाई से अब तक 18 लाख पांच हजार 891 श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके हैं। इस दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में कुल 564 मजिस्ट्रेट और 9650 पुलिस बल की तैनाती है। साथ ही चार सीआरपीएफ की कम्पनी, दो पुलिस अधीक्षक, एनडीआरएफ की टीम मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त हैं। सुरक्षा के लिहाज से 765 सीसीटी कैमरा, 200 एआई कैमरा और 10 ड्रोन कैमरा कार्यरत हैं। एसपी अजीत पीटर डुंगडुग ने बताया कि सुरक्षा में एटीएस की टीम, बम डिस्पोजल की टीम, डॉग स्वाक्वायड, क्यूआरटी टीम, 43 पुलिस उपाधीक्षक 93 पुलिस निरीक्षक, 723 सहायक पुलिस निरीक्षक, 1093 सशस्त्र और विभिन्न पुलिस बटालियनों की प्रतिनियुक्ति मेला क्षेत्र में की गयी है। लगातार सुरक्षा की मॉनिटरिंग की जा रही है।
सावन के पहले सोमवार पर ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजा देवघर, बैद्यनाथ धाम में भक्तों ने किया जलाभिषेक
देवघर, 14 जुलाई : झारखंड के देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम में सावन की पहली सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह तीन बजे जैसे ही मंदिर का पट खोला गया, बाबा की नगरी ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठी। परंपरागत कांचा जल पूजा और सरकारी पूजा के बाद अरघा से जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह आठ बजे कांवड़ियों की कतार करीब 10 किलोमीटर तक लंबी हो गई। बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर लाखों कांवड़िए 108 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बाबा धाम पहुंच रहे हैं। सावन में यहां रोज एक से डेढ़ लाख भक्त पहुंचते हैं, लेकिन सोमवार को भीड़ सबसे ज्यादा होती है। धार्मिक मान्यता है कि देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ‘कामना महादेव’ स्थापित है। कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर कामना पूरी होती है। सावन में जलार्पण कर भक्त शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। राज्य सरकार का अनुमान है कि इस साल मेले में देश-विदेश से 50 से 60 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे। उनकी सुविधा, सुरक्षा और सहूलियतों को लेकर राज्य सरकार की ओर से हर स्तर पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के रहने और विश्राम के लिए देवघर-सुल्तानगंज मार्ग में कोठिया और बाघमारा में सुविधाओं से युक्त विशाल टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है, जहां एक साथ हजारों श्रद्धालु विश्राम कर सकते हैं। मेला क्षेत्र में जगह-जगह स्नानगृह, शौचालय, चिकित्सा शिविर और सूचना केंद्र बनाए हैं। मेले को डिजिटल स्वरूप दिया गया है। भक्त क्यूआर कोड स्कैन कर हर सुविधा की जानकारी सुगमता से प्राप्त कर सकते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। हालांकि, वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर रोक लगा दी गई है। आउट ऑफ टर्न दर्शन की अनुमति भी नहीं दी गई है। इसके साथ ही स्पर्श पूजा पर भी पाबंदी लगाई गई है। इस बार शीघ्र दर्शनम की सुविधा भी स्थगित रखी गई है। सभी श्रद्धालुओं के लिए अरघा के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ में किसी को परेशानी न हो। मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को विनम्रता और सेवा भाव से ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया गया है।
तेजस्वी को सीएम बनाने का लालू यादव का सपना मुंगेरीलाल की तरह ढह जाएगा : गिरिराज सिंह
जमशेदपुर, 23 जून : केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने दावा किया है कि बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। सोमवार को जमशेदपुर के पास आदित्यपुर में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार की जनता लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को पूरी तरह नकार चुकी है। लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को बिहार का सीएम बनाने का जो सपना देख रहे हैं, वह मुंगेरी लाल के हसीन सपने की तरह ध्वस्त हो जाएगा। गिरिराज सिंह ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तुलना ‘शोले’ फिल्म के गब्बर सिंह से करते हुए कहा कि उनके शासन काल में बिहार में कोई सुरक्षित नहीं था। लोग घर से बाहर निकलते थे तो उनकी माताएं उनके सकुशल लौट आने की दुआ करती थी। बहन-बेटियों की अस्मिता खुलेआम लुट जाती थी। बिहार के लोग उस तरह का गब्बर राज फिर से लौटने नहीं दे सकते। केंद्रीय मंत्री ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार वोट बैंक की राजनीति में बांग्लादेशी मुसलमानों को मेहमान की तरह बुला रही है। घुसपैठियों को बसाकर राज्य की सांख्यिकी बदल दी गई है। राज्य के आदिवासी, मूलवासी और स्थानीय लोग हाशिए पर जा रहे हैं। बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाने वाले चंपई सोरेन इसलिए झारखंड मुक्ति मोर्चा से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, ताकि झारखंड को बांग्लादेश बनने से रोका जा सके। गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों में शामिल हो जाएगा। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री की परिकल्पना के भारत के निर्माण में आगे आने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप से जुड़ने वाले युवा देश की तस्वीर बदलने में जुटे हैं।
झारखंड के शहीद जवान के परिजनों को 2.66 करोड़ की आर्थिक मदद
रांची, 17 जून : झारखंड के चाईबासा में 12 अप्रैल, 2025 को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर शहीद हुए स्पेशल टास्क फोर्स “झारखंड जगुआर” के जवान सुनील धान के परिजनों को 2 करोड़ 66 लाख 26 हजार 972 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अपने आवासीय कार्यालय में शहीद जवान के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मान एवं सहायता राशि प्रदान करते हुए राज्य की जनता की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। सरकारी प्रावधान के अनुसार शहीद के परिजनों को जहां “स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पुलिस सैलरी पैकेज” के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपए का चेक सौंपा गया, वहीं गृह विभाग की ओर से 1 करोड़ 46 लाख 26 हजार 972 रुपए की राशि उनके बैंक अकाउंट में क्रेडिट की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षी सुनील धान ने राज्यवासियों की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम पूरे राज्य की ओर से उनकी शहादत को नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार एक शहीद परिवार की पीड़ा को गहराई से समझती है। उन्होंने शहीद के परिजनों को हौसला देते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है। शहीद आरक्षी सुनील धान की 65 वर्षीय माता फगनी उराइन और 29 वर्षीय पत्नी गंदरी धान ने मुख्यमंत्री को अपनी पारिवारिक स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान शहीद जवान के दो पुत्र प्रियांश धान (5) और अनिकेत धान (3) भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने शहीद आरक्षी की पत्नी से कहा कि राज्य सरकार के प्रावधान के तहत आप चाहें तो अनुकंपा पर सरकारी नौकरी कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहीद के परिजनों को पेंशन सहित अन्य लाभ से जोड़ें। बता दें कि पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला अंतर्गत छोटानागरा थाना क्षेत्र के रातामाटी गांव में सुरक्षा बलों की टीम जब नक्सलियों के विरुद्ध विशेष छापामारी अभियान में निकली थी, तो आईईडी की चपेट में आकर सुनील धान गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली थी।
हम अगर खुद पर आ गए तो देश अंधकार में डूब सकता है : हेमंत सोरेन
धनबाद, 04 फरवरी: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोयले की रॉयल्टी और कोयला खदानों की जमीन के एवज में 1 लाख 36 हजार करोड़ की बकाया राशि को लेकर केंद्र सरकार पर एक बार फिर जोरदार जुबानी हमला बोला है। मंगलवार को धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 53वें स्थापना दिवस पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर केंद्र की सरकार जल्द बकाया राशि का भुगतान नहीं करती है, तो हम कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो इस राज्य के अधिकार के लिए कोयला खदानें बंद भी कराई जा सकती है। हम अगर खुद पर आ गए तो देश अंधकार में डूब सकता है। सोरेन ने कहा कि हमारी धरती की छाती फाड़कर जो कोयला निकाला गया है, उसकी कीमत हम हर हाल में वसूलकर रहेंगे। हम झारखंडियों को पता है कि अगर अधिकार मांगने से नहीं मिलता है तो उसे छीनकर हासिल किया जाता है। राज्य में जिन खदानों से कोयला खनन पूरा हो चुका है, उसकी जमीनें कंपनियां हमें वापस करें। हमें पता चल रहा है कि केंद्र सरकार ऐसी खदानों की जमीन पर मालिकाना हक लेने की कोशिश कर रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। ये हमारी जमीनें हैं और हम उसे फिर से वापस लेकर रहेंगे। सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि इन लोगों ने 18-20 साल तक झारखंड में शासन किया, लेकिन राज्य की तरक्की के बदले उसे बदहाली की दिशा की तरफ ले गए। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में लोग यहां भूख से मरने लगे थे। आखिरकार हमने झारखंडी हितों के लिए संघर्ष किया और 2019 में इन्हें सत्ता से बेदखल किया। केंद्र पर झारखंड के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिन पहले पेश हुआ बजट भले 50 लाख करोड़ से ज्यादा राशि का है, लेकिन इसमें झारखंड को कुछ भी नहीं दिया गया। दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं तो वहां के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गई हैं। सोरेन ने जनसभा में राज्यभर के बीडीओ और सीओ के दफ्तरों में भ्रष्टाचार और दलाली की संस्कृति को लेकर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों पर हमारी नजर है। ऐसे अधिकारी सुधर जाएं, अन्यथा हम उनकी नौकरी खत्म करेंगे और जेल भेजेंगे। झामुमो के स्थापना दिवस कार्यक्रम में धनबाद सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग ढोल-नगाड़ों और तीर-धनुष के साथ जुटे। जनसभा को पार्टी नेता और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
गोड्डा में नाबालिग लड़की को घर से जबरन उठाया, रेप के बाद जहर खिलाकर की हत्या
गोड्डा, 31 जनवरी: झारखंड के गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का घर से अपहरण कर उसके साथ रेप और इसके बाद जहरीली दवा खिलाकर हत्या की घटना सामने आई है। इसका आरोप उसी थाना क्षेत्र के अनवर अंसारी पर है। स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी विधि-व्यवस्था को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है। वारदात को लेकर जिले में गुस्से का उबाल है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। मृतका की मां के बयान पर दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, अनवर अंसारी पीड़िता से शादी के लिए दबाव डाल रहा था। वह उसे जबरन अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म के बाद दवा खिलाकर उसकी जान ले ली। इसके बाद वह उसकी बेटी का शव उसके घर पर पहुंचाकर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही सुंदरपहाड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए गोड्डा भेज दिया है। एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र बरहेट की यह घटना है। गोड्डा मेरा भी जिला है। कांग्रेस की नीतियों के कारण पूरा संथाल परगना बांग्लादेशी घुसपैठियों से भर चुका है। आदिवासी लड़कियों के साथ जबरन शादी, बलात्कार, जमीन हथियाना आम बात है। आदिवासियों की संख्या 45 प्रतिशत से घटकर केवल 25 प्रतिशत रह गई है। जार्ज सोरोस, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री यूनुस और कांग्रेस की तिकड़ी हमारा अस्तित्व समाप्त कर देगी।” पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी इसे लेकर राज्य की सरकार को घेरा है। उन्होंने एक्स पर सीएम हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए लिखा है, “झारखंड में आदिवासी बेटियों के बलात्कार और उनकी हत्या का सिलसिला कब रुकेगा? महिलाओं को 2,400 रुपये की सहायता की आड़ में आप आदिवासी बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार को नहीं छिपा सकते। यदि महिला सम्मान के नाम पर आपको वाहवाही लूटने का शौक है, तो आदिवासी बेटियों की हत्या की जिम्मेदारी भी आपके सिर ही मढ़ी जाएगी!” मरांडी ने पहले घटी इसी तरह की घटनाओं का जिक्र करते हुए लिखा, “पहले दिलदार अंसारी और शाहरुख ने बेटियों की हत्या की… अब अनवर अंसारी ने बरहेट विधानसभा क्षेत्र की एक नाबालिग आदिवासी बेटी के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी। यूं तो आपको बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध से कोई लेना-देना नहीं रहता, लेकिन यह शर्मनाक मामला आपके विधानसभा क्षेत्र का है, इसलिए यह आपका नैतिक कर्तव्य है कि पीड़ित परिजनों के पास जाकर उन्हें न्याय दिलाने की हिम्मत जुटाएं।”
झारखंड में हेमंत सोरेन 28 नवंबर को चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे
रांची, 24 नवंबर: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज यहां राज भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके साथ ही श्री सोरेन 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की चौथी बार शपथ लेंगे। झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को 56 सीटों पर जीत मिली है। इससे पहले राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन में अपना त्यागपत्र सौंपा।राज्यपाल ने उनका त्यागपत्र स्वीकार कर कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के गठन तक अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहने को कहा है। इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) एवं भाकपा (माले) के शिष्टमंडल ने राजभवन में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में सरकार गठन के लिए निर्वाचित विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा। इसके बाद राज्यपाल ने हेमंत सोरेन को झारखंड का मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए उन्हें सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया। इससे पहले रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में इंडिया गठबंधन की बैठक हुई।इसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाकपा माले के नवनिर्वाचित विधायक शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से इंडिया गठबंधन विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन चुने गये। उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने 56 सीटों पर जीत हासिल की है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 34, कांग्रेस ने 16 ,राष्ट्रीय जनता दल ने चार और गठबंधन के घटक दल भाकपा माले ने दो सीटों पर जीत दर्ज की।