दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, दिन में दो बार बदला ग्रैप; चौथे चरण की सख्त पाबंदियां लागू

दिल्ली, 13 दिसंबर: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 के करीब दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सब-कमिटी ने दिन में दूसरी बार ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) में बदलाव करते हुए चौथे चरण यानी GRAP-4 के सभी सख्त उपाय तत्काल प्रभाव से पूरे दिल्ली-एनसीआर में लागू कर दिए हैं। आयोग के अनुसार, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और प्रदूषकों के बढ़ते स्तर के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका है। GRAP-4 लागू होने के साथ ही निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, गैर-जरूरी प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही पर रोक और औद्योगिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी जैसे कदम उठाए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और प्रदूषण कम करने में सहयोग करें। साथ ही स्कूलों, दफ्तरों और अन्य संस्थानों को भी एहतियाती दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

ग्रेटर नोएडा: घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दो जगह भीषण हादसे

नोएडा , 13 दिसंबर: ग्रेटर नोएडा में घने कोहरे के चलते ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह बड़े सड़क हादसे हो गए। कम दृश्यता के कारण एक्सप्रेसवे पर दो अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की आपस में टक्कर हो गई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। पहला हादसा चक्रसेनपुर फ्लाईओवर पर हुआ, जहां तीन वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। वहीं दूसरा और बड़ा हादसा समाधिपुर फ्लाईओवर पर हुआ, जहां करीब एक दर्जन गाड़ियां कोहरे के कारण नियंत्रण खो बैठीं और आपस में भिड़ गईं। हादसों के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया गया। गनीमत रही कि हादसों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान सावधानी बरतें, धीमी गति से वाहन चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक: नया कानून लागू, फीस वसूली पर सख्त नियम

नई दिल्ली, 12 दिसंबर: दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में अनियमित फीस वसूली और मनमानी को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने दिल्ली स्कूल एजुकेशन (फीस तय करने और रेगुलेशन में ट्रांसपेरेंसी) एक्ट, 2025 को नोटिफाई कर दिया है। नया कानून लागू होते ही अब राजधानी के निजी स्कूलों को फीस संरचना में पारदर्शिता रखनी होगी और बिना अनुमति मनचाही फीस बढ़ाना संभव नहीं होगा। कौन-कौन से नियम बदले? तय हेड्स के तहत ही फीस वसूली: प्राइवेट स्कूल अब केवल सरकार द्वारा तय किए गए हेड्स में ही फीस ले सकेंगे। कैपिटेशन फीस पर पूरी तरह रोक: एडमिशन के नाम पर अतिरिक्त राशि लेने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। फीस बढ़ाने से पहले मंजूरी अनिवार्य: स्कूलों को हर प्रकार की फीस वृद्धि के लिए शिक्षा विभाग से पूर्व अनुमति लेनी होगी। फाइनेंशियल ऑडिट का प्रावधान: स्कूलों को सालाना वित्तीय रिपोर्ट सरकार के सामने प्रस्तुत करनी होगी, ताकि फीस वसूली और खर्च में पारदर्शिता बनी रहे। पेरेंट्स के लिए राहत: किसी भी विवाद की स्थिति में अभिभावक सीधे ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी से शिकायत कर सकेंगे। सरकार का कहना शिक्षा विभाग का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य अभिभावकों को राहत देना और स्कूलों में जवाबदेही तय करना है, ताकि शिक्षा व्यापार न बने। नए कानून के लागू होने से उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस प्रणाली अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होगी।

दिल्ली का प्रशासनिक नक्शा बदला: अब 11 की जगह 13 जिले – पूरी सूची के साथ विशेष रिपोर्ट

नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2025 : राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने 11 राजस्व जिलों को पुनर्गठित कर 13 नए जिलों का गठन करने का ऐतिहासिक फैसला कैबिनेट में मंजूर किया है। इससे प्रशासन में सुधार, सेवाओं की त्वरित उपलब्धता और नागरिकों के लिए बेहतर सुविधा सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इस संशोधन के तहत कुछ पुराने जिलों की सीमाएँ बदली गईं, शाहदरा जिला समाप्त कर दिया गया है और तीन नए जिले बनाए गए हैं। गजट नोटिफिकेशन 15 दिनों के भीतर जारी होगा और नए जिले डिसेम्बर 2025 तक पूरी तरह लागू होने की योजना है। नई दिल्ली के 13 जिले (Districts) सरकार द्वारा जारी राजस्व सूची के अनुसार दिल्ली अब निम्न 13 जिलों में विभक्त रहेगा: South East (दक्षिण-पूर्व दिल्ली) – Jangpura, Kalkaji, Badarpur शामिल Old Delhi (पुरानी दिल्ली) – Sadar Bazar, Chandni Chowk North (उत्तर दिल्ली) – Burari, Adarsh Nagar, Badli New Delhi (नई दिल्ली) – Delhi Cantt, New Delhi Central (मध्य दिल्ली) – Patel Nagar, Karol Bagh Central North (मध्य उत्तर दिल्ली) – Shakur Basti, Shalimar Bagh, Model Town South West (दक्षिण-पश्चिम दिल्ली) – Najafgarh, Matiala, Dwarka, Bijwasan Outer North (बाहरी उत्तर दिल्ली) – Mundka, Narela, Bawana North West (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) – Kirari, Nangloi Jat, Rohini North East (उत्तर-पूर्वी दिल्ली) – Karawal Nagar, Gokal Puri, Yamuna Vihar, Shahdara East (पूर्वी दिल्ली) – Gandhi Nagar, Vishwas Nagar, Patparganj South (दक्षिण दिल्ली) – Chhatarpur, Malviya Nagar, Deoli, Mehrauli West (पश्चिम दिल्ली) – Vikaspuri, Janakpuri, Rajouri Garden बदलाव के पीछे का मकसद राजस्व जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 की गई है। शाहदरा जिला समाप्त कर दिया गया, उसके क्षेत्र अन्य जिलों में शामिल किए गए। जिला सीमाएँ अब एमसीडी, NDMC और कैंट बोर्ड के जोन के अनुरूप होंगी, जिससे सेवाओं का एक-खिड़की मॉडल उपलब्ध होगा। सब-डिवीजन की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 की जाएगी और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय भी 22 से 39 किए जाएंगे। हर जिले में मिनी सेक्रेटेरिएट्स बनाकर आम नागरिकों को एक ही जगह कई सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि यह ऐतिहासिक निर्णय दिल्ली के प्रशासन को आधुनिक और नागरिक-मुक्त सेवाओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दिल्ली में EV खरीदारों के लिए बड़ी खुशखबरी: सब्सिडी प्रक्रिया फिर शुरू, इंतज़ार हुआ आसान

नई दुनिया 10 दिसंबर: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अगर आपने EV खरीदा है—चाहे हाल ही में या पिछले कुछ सालों में—और अब तक दिल्ली सरकार की ओर से मिलनी वाली सब्सिडी आपके खाते में नहीं पहुंची, तो आपका इंतज़ार जल्द खत्म होने वाला है। दिल्ली सरकार एक नया पोर्टल शुरू करने की तैयारी में है, जिसके जरिए लंबित सब्सिडी को तेज़ी से जारी किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, नया सिस्टम पहले से ज़्यादा पारदर्शी और उपयोगकर्ता-फ्रेंडली होगा, ताकि सब्सिडी प्रोसेसिंग में होने वाली देरी को खत्म किया जा सके। EV अपनाने को बढ़ावा देने के लिए यह कदम राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और रफ्तार देगा। नया पोर्टल लॉन्च होते ही हजारों लंबित मामलों पर कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। EV यूज़र्स के लिए यह सिर्फ सब्सिडी नहीं, बल्कि डिजिटल प्रोसेसिंग की ओर एक नई शुरुआत भी है।

दिल्ली–एनसीआर की एयर सिक्योरिटी को मिलेगा ‘स्वदेशी कवच’

सरकार ने तैयार किया हाई-टेक मल्टीलेयर एयर डिफेंस प्लान नई दिल्ली, 10 दिसंबर: दिल्ली–एनसीआर की सुरक्षा अब और भी मजबूत होने जा रही है। केंद्र सरकार ने राजधानी के हवाई क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए स्वदेशी मल्टीलेयर इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह सिस्टम दिल्ली की हवा में किसी भी संदिग्ध ड्रोन, मिसाइल या हवाई घुसपैठ को कई स्तरों पर रोकने में सक्षम होगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह उन्नत घरेलू तकनीक से बना सिस्टम राजधानी को “एयर प्रोटेक्शन ज़ोन” में बदल देगा। इसमें रडार, सेंसर नेटवर्क, इंटरसेप्टर मिसाइलें, ड्रोन-रोधी तकनीक और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को एक साथ जोड़ा जाएगा, जिससे सुरक्षा प्रतिक्रिया पहले से कई गुना तेज हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम किसी भी हवाई खतरे को किलोमीटरों दूर से पहचान सकेगा, तुरंत अलर्ट भेजेगा,और ज़रूरत पड़ने पर खतरे को कुछ ही सेकंड में न्यूट्रलाइज़ कर देगा। यह नई तैनाती G20, संसद, राष्ट्रपति भवन, पीएमओ और पूरे NCR के लिए एक मजबूत सुरक्षा परत तैयार करेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम भारत की राजधानी को विश्वस्तरीय एयर सिक्योरिटी मानकों के बराबर खड़ा कर देगा।यह स्वदेशी ‘एयर डिफेंस कवच’ न सिर्फ सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि भारत की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता का बड़ा संदेश भी देगा।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण से हल्की राहत, लेकिन हालत अब भी गंभीर; कई इलाकों में AQI 300 पार

नई दिल्ली,09 दिसंबर: दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह जहरीली हवा और घने स्मॉग के बीच दिन की शुरुआत हुई। हालांकि हवाओं की रफ्तार बढ़ने से मामूली राहत जरूर महसूस हुई है, लेकिन हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। सीपीसीबी के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी दिल्ली का औसत AQI 293 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम के कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार तक प्रदूषण स्तर में कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में लोगों को मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियां सीमित रखने की सलाह दी जा रही है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पंवार ट्रैवल्स की बस ब्रेकडाउन, छठ व्रती फंसे कई घंटे — बड़ा हादसा टला

दिल्ली/पटना, 27 अक्टूबर: दिल्ली से पटना जा रही पंवार ट्रैवल्स की बस (नंबर UP-81-CT-9481) रविवार सुबह करीब 8 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर अचानक ब्रेकडाउन हो गई, जिसके कारण बस में सवार दर्जनों यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। यह बस 25 अक्टूबर को दिल्ली से शाम 4 बजे रवाना होनी थी, लेकिन दो घंटे की देरी के बाद शाम 6 बजे निकली थी। बताया जा रहा है कि बस का कंप्रेसर पाइप फट गया, जिससे टायर से धुआं निकलने लगा। बस में बैठे यात्रियों ने जब शोर मचाया तो चालक ने तुरंत वाहन रोक दिया। समय रहते बस रुक जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों ने बताया कि उन्होंने कई बार बस मालिक और पार्टनर से संपर्क किया ताकि दूसरी बस की व्यवस्था हो सके, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बाद में ड्राइवर ने एक्सप्रेस वे पर ही एक मैकेनिक को बुलाया, जिसने बस की मरम्मत की। मरम्मत के बाद बस करीब रात 1 बजे फिर से रवाना हुई। यात्रियों का कहना है कि बस दिल्ली से निकलते समय ही ठीक हालत में नहीं थी। बस में अधिकतर यात्री छठ व्रती थे, जिन्हें समय पर अपने घर पहुंचकर खरना पूजन करना था। यात्रियों में इस देरी को लेकर गुस्से का माहौल देखने को मिला। कई टोल प्लाजा पर बस का फास्टैग भी काम नहीं कर रहा था, क्योंकि उसमें रिचार्ज नहीं था। कुछ यात्रियों ने बताया कि फास्टैग का रिचार्ज भी उन्हें खुद करना पड़ा। गोरखपुर एक्सप्रेस वे पर यात्रियों और ड्राइवर के बीच नोकझोंक भी हुई, क्योंकि वहां भी बस फास्टैग समस्या के कारण करीब आधे घंटे तक खड़ी रही। ट्रैवल एजेंसी से बात कर पता चला है कि यह बस ITO विभाग द्वारा कई महीनों से ब्लैकलिस्टेड है। इसके बावजूद बस का संचालन किया जा रहा था। टिकट बिक्री में भी अनियमितता सामने आई है — बस दिल्ली से पटना के लिए बुक थी, लेकिन उसमें किशनगंज, बेतिया और बेगूसराय के यात्रियों के टिकट भी ऑनलाइन उसी बस में जारी किए गए थे। यात्रियों का कहना है कि बस कंपनी की लापरवाही और तकनीकी खामियों के कारण उन्हें छठ पर्व जैसे पावन अवसर पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली:”स्वदेशी मेला 2025 में झलकी भारत की एकता और संस्कृति की अनूठी छटा”

द्वारका, नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: द्वारका में आयोजित स्वदेशी मेला 2025 इस वर्ष देश की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर उभरा। मेले में देश के लगभग 15 राज्यों — झारखंड, कोलकाता, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, असम, मिजोरम, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात सहित अन्य प्रदेशों — के प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर विविधता में एकता का सुंदर संदेश दिया। मेले में मिट्टी के स्वनिर्मित दिए, कुर्ता-पजामा, साड़ियां, जैकेट, देसी भोजनालय, पौधों की नर्सरी, ज्वेलरी और राजस्थानी व साउथ इंडियन व्यंजन जैसी अनेक चीज़ें आकर्षण का केंद्र बनीं। सातों दिन चले इस आयोजन में मीडिया जगत के उन पत्रकारों को भी मंच से सम्मानित किया गया जिन्होंने प्रतिदिन मेले की खबरों को आमजन तक पहुँचाया। साथ ही स्कूली बच्चों को उनकी प्रतिभा के अनुसार प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति रही उत्तराखंड के प्रवासी भारतीयों द्वारा मां नंदा देवी यात्रा की सांस्कृतिक झांकी, प्रस्तुति गढ़ वाली, कुमाँ ऊ एवं जान सारी भाषा अकादमी दिल्ली सरकार ने ब्रजेश नोटियाल द्वारा किया जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने गणवेश में वाद्य यंत्रों पर प्रदर्शन कर हिंदू एकता और स्वदेशी भावना का सशक्त संदेश दिया। विभिन्न प्रदेशों से आए क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कलाकारों ने मंच से अपनी कला का भव्य प्रदर्शन किया। संस्कृत नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथियों, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया गया, जिन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि — स्वदेशी मेला न केवल देश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जनआंदोलन का रूप ले चुका है।” यह मेला देश की विविधता, एकता और स्वदेशी गौरव का सजीव उदाहरण बन गया।

दिल्ली: द्वारका स्वदेशी मेले में पहुंचे सांसद मनोज तिवारी ने किया स्वदेशी वस्तुयों की खरीदारी

नई दिल्ली/द्वारका, 13अक्टूबर : स्वदेशी जागरण मंच व संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से द्वारका सेक्टर-7 स्थित सीसीआरटी ग्राउंड में चल रहे स्वदेशी मेले में आज का दिन खास रहा , आये हुए लोंगों ने जमकर स्वदेशी वस्तुयों की खरीदारी की। मेले के सयोजक रविंद्र सोलंकी व नीलेन्द्र पाठक ने मेले की जानकारी देते हुए बताया कि गत वर्ष की अपेछा इस बार मेले में स्वदेशी को लेकर अलग से ही उत्साह देखने को मिला, और लोंगो ने जमकर खरीदारी की। स्वदेशी मंच पर पहुंचे भाजपा सांसद, लोक गीतकार मनोज तिवारी, ने स्वदेशी को लेकर अपने अनुभव मे बताया कि वे जब अपने गॉव मे थे तब स्वदेशी वहां की मिट्टी में झलका करता था, माँ के हाथ में मोटे अनाज का खाना आज भी याद आती हैं, तिवारी ने अपने चिर परिचित अंदाज में एक भोजपुरी लोक गीत का गायन कर दर्शको की खूब तालियां बजवाते रहे, बाद में उन्होंने स्वदेशी को अपनाने पर बल दियi बाद में सांसद तिवारी ने स्वदेशी वस्तु की स्टाल पर जाकर खरीदारी की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश दिल्ली के महामंत्री विष्णु मित्तल का स्वागत किया गया, इस अवसर पर उत्तम नगर विधायक पवन शर्मा, नजफगढ़ जोन चेयरमैन सविता पवन शर्मा, मटियाला पार्षद अनुराधा अशोक शर्मा, द्वारका पार्षद रामनिवास गहलोत, पालम पार्षद सीमा पंडित, पालम 360 के प्रधान रामकुमार सोलंकी, आदि समेत कई गणमान्य हस्तियों ने मेले की शोभा बढ़ाई। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर मेले के आज के सत्र का शुभारंभ किया। इस दौरान वातावरण देशभक्ति और लोक संस्कृति की धुनों से गूंज उठा। 7 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक चल रहे इस भव्य मेले में स्वदेशी खेल महोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां लगातार लोगों को आकर्षित कर रही हैं। मेले में देशभर के 15 राज्यों के स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं—जहां हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्योग, परंपरागत परिधान, आयुर्वेदिक उत्पाद और घरेलू वस्तुएं लोगों को खूब लुभा रही हैं। खान-पान के लिए भी स्वदेशी स्वाद का अलग ही जादू छाया हुआ है। द्वारका और आसपास के सैकड़ों लोग न सिर्फ शॉपिंग का आनंद ले रहे हैं, बल्कि हर शाम होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी ले रहे हैं। स्वदेशी मेला अब केवल एक प्रदर्शनी नहीं रहा, बल्कि भारत की आत्मा – “स्वदेशी और संस्कृति” का उत्सव बन चुका है।