मुख्यमंत्री ने किया यमुना बाजार का दौरा, राहत कार्यों की समीक्षा, प्रभावित इलाकों के लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन नई दिल्ली, 19 अगस्त: दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण निचले इलाकों में पानी घुस गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि राजधानी में बाढ़ जैसी कोई भयावह स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने मंगलवार को यमुना बाजार और आस-पास के प्रभावित इलाकों का दौरा किया और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने पानी से घिरे घरों और गलियों का निरीक्षण करते हुए स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और हर तरह की राहत सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। “यमुना का जलस्तर जरूर बढ़ा है, लेकिन यह रुका हुआ पानी नहीं है। यह एक-दो दिन में घट जाएगा। दिल्लीवासियों को घबराने की ज़रूरत नहीं है,” गुप्ता ने पत्रकारों से कहा। निचले इलाकों में हालात बिगड़े, लेकिन प्रशासन सक्रिय यमुना किनारे बसे इलाकों—यमुना बाजार, मजनूं का टीला और गीता कॉलोनी क्षेत्र में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में पानी घुस जाने से लोगों को अस्थायी रूप से अपने मकान छोड़ने पड़े। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से अपील की कि वे सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में चले जाएं, जहां भोजन, पेयजल और चिकित्सा की उचित व्यवस्था की गई है। गुप्ता ने कहा कि बिजली कटौती की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सौर ऊर्जा से चलने वाली फ्लडलाइट्स लगवाई हैं, ताकि रात के समय कोई दिक्कत न हो। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल मेडिकल टीमों को भी तैनात किया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद कर रही हैं। यमुना का जलस्तर खतरे के करीब, लेकिन जल्द होगा सामान्य दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर मंगलवार सुबह यमुना का जलस्तर 205.79 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर और निकासी स्तर 206 मीटर से थोड़ा कम है। सोमवार दोपहर यह जलस्तर 205.55 मीटर था और लगातार बढ़ रहा था। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पानी का बहाव तेज है, इसलिए जल्द ही इसका स्तर घट जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “यमुना का पानी बाढ़ मैदानों में फैला है लेकिन शहर के बड़े हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। सरकार हर पल हालात पर नजर रख रही है। कंट्रोल रूम सक्रिय है और राहत-बचाव दल चौकस हैं।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि दिल्ली पूरी तरह सुरक्षित है और प्रशासन ने ऐसी तैयारी की है कि किसी बड़े संकट की नौबत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और सुविधा है। “हम दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाते हैं कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है,” उन्होंने कहा।
दिल्ली: लगातार बढ़ रहा है यमुना नदी का जलस्तर
नई दिल्ली, 18 अगस्त: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुराने रेलवे ब्रिज पर 204.80 मीटर जलस्तर के साथ यमुना नदी सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी ‘चेतावनी’ के निशान से ऊपर बहती रही। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली के लिए चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 205.33 मीटर है और 206 मीटर पर लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। दिल्ली में पुराने रेलवे ब्रिज पर सोमवार सुबह सात बजे यमुना नदी का जलस्तर 204.80 मीटर के स्तर तक पहुंच गया। रविवार शाम को जलस्तर 204.60 मीटर के आसापास था। नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के खतरों पर नजर रखने के लिये पुराना रेलवे ब्रिज एक मुख्य अवलोकन स्थल के तौर पर कार्य करता है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जलस्तर संभावित रूप से बढ़ने के पूर्वानुमान के मद्देनजर सभी एजेंसियों को एहतियाती कार्रवाई करने के लिये कहा गया है। केंद्रीय बाढ़ कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ”जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाना है।” बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से लगभग 58,282 क्येसूक पानी छोड़ा जा रहा है, जो इस मौसम में सबसे अधिक है। वहीं वजीराबाद बैराज से हर घंटे 36,170 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इन बैराजों से छोड़े गये पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे का समय लगता है। ऊपरी इलाकों से छोड़े गये पानी की कम मात्रा भी जलस्तर में वृद्धि का कारण बन रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जन्माष्टमी पर की पूजा-अर्चना, कहा— भगवान कृष्ण का जीवन हमें धर्म, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है
नई दिल्ली, 16 अगस्त : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजधानी के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में भाग लिया, जहां उन्होंने भगवान कृष्ण की आरती उतारी और श्रद्धालुओं के साथ भजनों में सहभागिता की। इसके बाद उन्होंने कुतुबगढ़ स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, प्रशांत विहार, शालीमार बाग सहित अन्य इलाकों में आयोजित जन्माष्टमी समारोहों में भी शामिल होकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बाल गोपाल को झूला झुलाया, माखन-मिसरी का भोग अर्पित किया और भजन संध्या में सम्मिलित हुईं। रेखा गुप्ता ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल एक दिव्य बालक या आराध्य देव ही नहीं, बल्कि सत्य, कर्तव्य और निष्काम कर्म के प्रतीक हैं। उन्होंने गीता के उपदेशों के माध्यम से मानव समाज को धर्म, समभाव और आत्मनिष्ठा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा, “विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और विवेक बनाए रखना ही सच्ची भक्ति है। यदि हम श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करें, तो समाज में प्रेम, करुणा और सौहार्द का वातावरण स्थापित होगा।” मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों से समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व हमें अधर्म पर धर्म की विजय और एकता का संदेश देता है। रेखा गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि प्रभु के एक भक्त और राज्य की मुख्य सेविका के रूप में उनकी यही प्रार्थना है कि भगवान कृष्ण की कृपा सभी पर बनी रहे और सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया भर में लोग भक्ति और उल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मना रहे हैं, गली-गली और मंदिरों में आराधना हो रही है। अंत में मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यदि हम सभी अपने जीवन में श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को अपनाएं, तो न केवल समाज में सौहार्द और शांति स्थापित होगी, बल्कि हमारा जीवन भी सार्थक बन सकेगा।
बाढ़ के मुहाने पर दिल्ली, तेजी से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर; निगम बोध घाट के पास पहुंचा पानी
नई दिल्ली, 16 अगस्त : राजधानी दिल्ली इस वक्त बाढ़ के बड़े खतरे का सामना कर रही है। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और खतरे के निशान को पार करने की कगार पर पहुँच चुका है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है और प्रशासन ने लोगों को अलर्ट कर दिया है। तेजी से बढ़ा जलस्तर शनिवार को यमुना का जलस्तर 205.22 मीटर तक पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। यानी अब यह सिर्फ कुछ सेंटीमीटर नीचे रह गया है। यदि जलस्तर में और इज़ाफ़ा होता है तो पानी निचले इलाकों में प्रवेश कर जाएगा। प्रशासन सतर्क, लोगों को चेतावनी दिल्ली प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए यमुना किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। निगम बोध घाट के पास बने घरों के ठीक नीचे तक पानी पहुँच चुका है। अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो अगले कुछ घंटों में घरों तक पानी घुसने की संभावना है। डीएम ऑफिस और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं। एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए अलर्ट पर हैं। क्यों बढ़ रहा है खतरा? दरअसल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से यमुना का प्रवाह तेज़ हो गया है। हथिनीकुंड बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से दिल्ली तक इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि राजधानी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। निचले इलाकों पर संकट सबसे ज्यादा संकट शास्त्री पार्क, निगम बोध घाट, मजनू का टीला, ओखला और आईटीओ के आसपास के निचले इलाकों पर मंडरा रहा है। यहाँ रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों की अपील दिल्ली जल बोर्ड और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करें। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी हालात पर नज़र रखने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की है और कहा कि “यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार पूरी तरह अलर्ट है। लोगों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।” खतरे का मापक कैसे तय होता है? गौरतलब है कि दिल्ली में यमुना का खतरनाक जलस्तर 204.50 मीटर माना जाता है। वहीं खतरे का निशान 205.33 मीटर है। शास्त्री पार्क के पास बना पुराना लोहे का पुल इस माप का आधार होता है। जैसे ही पानी इस पुल की ऊंचाई को छू लेता है, बाढ़ की आशंका को गंभीर माना जाता है। आगे क्या? मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश अभी और होगी, जिससे हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में यमुना का जलस्तर और बढ़ेगा और दिल्ली में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
एसबीआई क्रेडिट कार्ड घोटाला: 350 ग्राहकों से ठगी, 18 जालसाज गिरफ्तार, 2.6 करोड़ की साइबर फ्रॉड का खुलासा
नई दिल्ली, 16 अगस्त: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने एक बड़े साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 18 जालसाजों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) क्रेडिट कार्ड धारकों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। जांच में सामने आया कि गिरोह अब तक 350 से अधिक पीड़ितों से लगभग 2.6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है। दरअसल, दिल्ली पुलिस को द्वारका के काकरोला स्थित कॉल सेंटर के खिलाफ शिकायत मिली थी। जांच में पता चला कि यह गिरोह गुरुग्राम स्थित टेलीपरफॉर्मेंस कॉल सेंटर से चोरी किए गए डेटा का इस्तेमाल करता था। इस कॉल सेंटर में एसबीआई कार्ड प्रोटेक्शन प्लान (सीपीपी) से जुड़ी सेवाएं दी जाती थीं। डेटा में ग्राहकों का नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर और आंशिक कार्ड विवरण शामिल था। गिरोह के सदस्य खुद को एसबीआई कस्टमर केयर अधिकारी बताकर कॉल करते और ओटीपी तथा सीवीवी जैसी संवेदनशील जानकारियां हासिल कर लेते। गिफ्ट कार्ड के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग इन क्रेडेंशियल्स से आरोपी EaseMyTrip और WuHu जैसे प्लेटफार्म पर महंगे गिफ्ट कार्ड और घरेलू एयर टिकट खरीदते थे। फिर ये गिफ्ट कार्ड ट्रैवल एजेंटों को थोक में बेच दिए जाते, जिसके बदले में उन्हें नकद या क्रिप्टोकरेंसी मिलती थी। इस तरह गिरोह ने करोड़ों रुपये का हेरफेर किया। गिरफ्तार आरोपी और उनका रोल पुलिस ने दिल्ली, जयपुर, मथुरा और गुरुग्राम में छापेमारी कर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया। अंकित राठी, वसीम और विशाल भारद्वाज – सिंडिकेट के सरगना, जो पूरी रणनीति और मनी मैनेजमेंट संभालते थे। विशेष लाहौरी उर्फ पाजी और दुर्गेश धाकड़ – टेलीपरफॉर्मेंस कॉल सेंटर से डेटा चोरी कराने वाले ब्रोकर्स। राहुल विश्वकर्मा, पवन बिष्ट, कैलाश पुरोहित उर्फ कबीर, हिमांशु चुघ उर्फ बाबू, रविन सैनी – ग्राहकों से संपर्क कर ओटीपी और सीवीवी निकालने वाले। अखिलेश लखोटिया और हर्ष चौहान – क्रिप्टो और कैश ट्रांजैक्शन संभालने वाले। शिवम सहरावत – सिम कार्ड सप्लायर। पुलिस ने इनके पास से 52 मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और बैंक विवरण की लिस्ट बरामद की है। पुलिस अधिकारियों का बयान डीसीपी आईएफएसओ विनीत कुमार ने बताया, “यह एक हाई-प्रोफाइल साइबर सिंडिकेट है, जो लंबे समय से सक्रिय था। कॉल सेंटर कर्मचारियों की मिलीभगत से ग्राहक डेटा लीक किया गया। यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि है।” एसीपी विजय गहलावत, जिन्होंने टीम का नेतृत्व किया, ने कहा कि गिरोह “संगठित और पेशेवर तरीके से” काम करता था।
युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने ‘वोट चोरी’ को लेकर किया विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली, 12 अगस्त : भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर ‘वोट चोरी’ और ‘लोकतंत्र को कमजोर करने’ की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को ‘हल्ला बोल’ मार्च निकाला। यह विरोध मार्च पांच, रायसीना रोड स्थित युवा कांग्रेस मुख्यालय से निर्वाचन आयोग कार्यालय तक निकाले जाने की योजना थी। पुलिस ने हालांकि प्रदर्शनकारियों को भारतीय युवा कांग्रेस कार्यालय के बाहर ही हिरासत में ले लिया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। वहीं एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ इसमें हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उदय भानु चिब ने कहा कि राहुल गांधी ने हर चोरी का तथ्यों के साथ पर्दाफाश किया है। अगर भाजपा वोट चुराएगी तो युवा कांग्रेस चुप नहीं रहेगी। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने यह भी कहा कि ये लड़ाई सिर्फ एक वोट की नहीं, बल्कि उस विश्वास की है जिस पर लोकतंत्र टिका है। अगर मोदी सरकार हमारे वोट देने का अधिकार छीनने पर उतर आई है, तो चुप रहना गुनाह होगा। जब लड़ाई देश के वजूद की हो, तो सड़कों पर उतरना जिम्मेदारी बन जाती है। क्योंकि अगर वोट ही चोरी होता रहा, तो लोकतंत्र और संविधान दोनों खत्म हो जाएंगे। एनएसयूआई ने आज चुनाव आयोग कार्यालय की ओर अपना मार्च निकाला। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में शुरू हुए इस विशाल मार्च में भारी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। मार्च को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सैकड़ों एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को वोट चोरी और चुनाव घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने पर हिरासत में ले लिया गया। मीडिया को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला और कहा हमने चुनाव आयुक्त के लिए आंखों की जांच (आई टेस्ट) का अपॉइंटमेंट बुक किया है, ताकि वह सच को साफ-साफ देख सकें। चुनाव आयोग खुलकर भाजपा की वोट चोरी में मदद कर रहा है और अब इसका पूरा नाम इलेक्शन्स कम्प्रोमाइज्ड हो गया है। एनएसयूआई ने चुनाव आयोग पर सच छुपाने, भाजपा को बचाने, संविधान को कमजोर करने और जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। वरुण चौधरी का कहना है कि आखिर चुनाव आयोग की वेबसाइट से डिजिटल मतदाता सूची क्यों हटा दी गई? वह डिजिटल वोटर रोल क्यों नहीं साझा कर सकता? हम उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि उनकी जवाबदेही जनता के प्रति है, प्रधानमंत्री के प्रति नहीं।
आप के छात्र संगठन एसैप ने मेट्रो किराए में छूट की मांग की
आज से दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में 16 दिवसीय अभियान शुरू करेगा संगठन नई दिल्ली, 12 अगस्त: आम आदमी पार्टी के छात्र विंग एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एसैप) ने दिल्ली सरकार से सभी छात्रों के लिए मेट्रो के किराए में 50 फीसद रियायत देने की मांग की है। एसैप का कहना है कि कॉलेजों की लगातार बढ़ती फीस और महंगाई के चलते छात्रों के लिए मेट्रो का किराया बोझ बन गया है। कई छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी ने और दिल्ली चुनाव में भाजपा ने छात्रों को मेट्रो में रियायती पास देने का वादा किया था। लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ। एसैप ने बताया कि उसने मेट्रो में 50 फीसद रियायती पास देने की मांग को लेकर एलजी, सीएम, डीयू के कुलपति और डीएमआरसी को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही, इसे लेकर बुधवार से दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में 16 दिवसीय अभियान शुरू किया जाएगा। एसैप से ईशना गुप्ता ने कहा कि एक छात्र का सपना बहुत ही सीधा-साधारण होता है। छात्र एक अच्छे कॉलेज में जाएं, वहां अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और उस शिक्षा के जरिए उनके लिए बेहतर भविष्य और रोजगार के रास्ते खुलें। उनकी बड़ी मांगें नहीं होतीं, बल्कि सरकारों से सिर्फ यह उम्मीद होती है कि उनकी बुनियादी सुविधाओं में थोड़ी सी राहत मिल जाए। एसैप के दिल्ली प्रदेश संगठन मंत्री ओम सिंह ने भी दोहराया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के मेनिफेस्टो में छात्रों से वादा किया था कि उन्हें मेट्रो किराए में रियायत दी जाएगी। उनकी विचारधारा वाला छात्र संगठन एबीवीपी ने भी 2015, 2023 और 2024 के अपने हर मेनिफेस्टो में छात्रों से वादा किया कि वे उनके लिए मुफ्त मेट्रो पास या रियायती मेट्रो पास लाएंगे। लेकिन उनके बाकी वादों की तरह यह भी एक चुनावी जुमला ही साबित हुआ है। इसी तरह, कांग्रेस और उनके छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी 2015 के अपने मेनिफेस्टो में वादा किया था कि वे छात्रों को मुफ्त या रियायती मेट्रो पास देंगे। एनएसयूआई ने भी 2023 के अपने मेनिफेस्टो में भी दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली के सभी छात्रों के लिए 50 फीसद मेट्रो किराए में रियायत का वादा किया था।
सुप्रीम कोर्ट परिसर में बढ़ा डॉग बाइट का खतरा, वकील ने पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली, 12 अगस्त : सुप्रीम कोर्ट के परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी ने वकीलों और लोगों के लिए गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक शर्मा ने रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले वकीलों और मीडिया कर्मियों को डॉग बाइट का खतरा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक शर्मा ने रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में कहा, “यह अत्यंत चिंताजनक है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आधिकारिक निर्देश में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद आवारा कुत्ते कोर्ट परिसर में ही खुलेआम घूमते रहते हैं। हाल ही में उनकी यात्रा के दौरान कोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों का झुंड देखा गया, जिनकी तस्वीरें भी उन्होंने खींचीं।” शर्मा ने कहा, “यह न केवल प्रशासनिक चूक है, बल्कि यह वकीलों, मुवक्किलों, कोर्ट कर्मचारियों, मीडियाकर्मियों और आम जनता के लिए खतरा है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इन कुत्तों से जोखिम है, क्योंकि देशभर में कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद, जो आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों में भेजने का निर्देश देते हैं, परिसर में इनकी मौजूदगी कोर्ट के आदेशों की अवमानना है। यह कोर्ट की गरिमा और उसके आदेशों की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। वकील अभिषेक शर्मा ने मांग की है कि कोर्ट परिसर से सभी आवारा कुत्तों को तुरंत आश्रय स्थलों में भेजा जाए। सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं। साथ ही, परिसर में स्थायी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। उन्होंने अपने पत्र के साथ कुत्तों की तस्वीरें भी भेजी हैं और उम्मीद जताई है कि कोर्ट की सुरक्षा और सम्मान के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि दिल्ली-एनसीआर के हर इलाके से आवारा कुत्तों को उठाना शुरू किया जाए और उन्हें किसी अन्य सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाए। इस प्रक्रिया में किसी भी संगठन या व्यक्ति की ओर से बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली : सीएम रेखा गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई
नई दिल्ली, 12 अगस्त : दिल्ली के भारत मंडपम से मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘हर घर तिरंगा’ रैली को हरी झंडी दिखाई गई। इस रैली का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को भारत के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में तिरंगा को घर लाने और उसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करना है। सीएम रेखा गुप्ता के साथ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “भारत मां की जय के नारों के साथ, हाथों में तिरंगा लिए हजारों बाइक आज निकल पड़े। पूरा वातावरण भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।” उन्होंने आगे कहा, “आज सांसदों से लेकर हमारे वीर जवानों तक, हर कोई अपनी देशभक्ति का इजहार कर रहा है। आजादी के इतने सालों बाद भी, देश के प्रति हमारा प्यार हर गुजरते साल के साथ बढ़ता ही जा रहा है। मैं इस राष्ट्रीय पर्व को घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती हूं।” उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “2014 से पहले क्या किसी ने इस तरह स्वतंत्रता दिवस मनाते देखा था? क्या किसी ने किसी प्रधानमंत्री को तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ कहते देखा था? संविधान का दिखावा करने वाले लोग इसे हर जगह ले जाकर कभी ‘भारत माता की जय’ नहीं कहेंगे।” इससे पहले, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्री आशीष सूद के साथ विधानसभा से राजघाट तक लड़कियों के लिए तिरंगा साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “दिल्ली की बेटियां इस साइकिल यात्रा, साइक्लोथॉन में भाग ले रही हैं। मैं इस साइक्लोथॉन को दिल्ली की बेटियों के लिए एक नई उड़ान और एक नए अध्याय के रूप में देखती हूं। हजारों की संख्या में ये लड़कियां देश को आगे ले जाने के लिए यहां हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “दिल्ली सरकार दिल्ली की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करेगी। स्वतंत्रता दिवस से पहले, मैं उन सभी बेटियों को शुभकामनाएं देती हूं जो देश की प्रगति में योगदान देने के लिए आगे आई हैं।” पिछले तीन वर्षों में, हर घर तिरंगा पहल एक जन आंदोलन के रूप में विकसित हुई है, जिसमें सभी क्षेत्रों के नागरिक इस विचार को अपना रहे हैं और देश भर में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अपना समर्थन दिखा रहे हैं। सीएम रेखा गुप्ता के साथ कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे, जिनमें केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शामिल थे।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने किया जलभराव प्रभावित क्षेत्र का दौरा, आप का तंज
नई दिल्ली, 10 अगस्त : दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने रविवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में जलभराव प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद केवल कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल पर बाबा होटल के पास 100 मीटर क्षेत्र में ही जलभराव दिखाई दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शनिवार रात जलभराव की समस्या देखने के लिए वे अकेले ही इस स्थान पर आए, जहां उन्हें बस थोड़े से स्थान पर ही जल भराव दिखाई दिया। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यहां सौ साल पुराने ब्रिटिशकालीन बैरल सिस्टम को आसपास की इमारतों ने संकरा कर दिया है, जिससे जल निकासी बाधित होती है। समाधान के लिए नए पंप लगाए गए हैं और हर पॉइंट पर टेक्निकल स्टडी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस साल जखीरा, मिंटो ब्रिज, मूलचंद, आईटीओ समेत पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर 34 क्रिटिकल पॉइंट्स पर जलभराव नहीं हुआ — जबकि बीते 10 वर्षों से यहां हर साल पानी भरता था। जहां भी जलभराव की सूचना मिल रही है, मैं स्वयं और हमारी पीडब्ल्यूडी टीम मौके पर पहुंचकर तत्काल समाधान कर रहे हैं। हमारा संकल्प है — आने वाले वर्षों में दिल्ली को जलभराव से पूरी तरह मुक्त करना। आम आदमी पार्टी (आप)के दिल्ली प्रभारी सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री के दौरे पर तंज करते हुए कहा दिल्ली में जलभराव कल हुआ था, कल लोगों की मौत हुई और प्रवेश साहिब सिंह आज सड़कों पर जलभराव ढूंढने निकले हैं। प्रवेश साहिब सिंह को आज उन लोगों के घरों पर जाना चाहिए, जिनकी कल मौत हो गई। उस बच्चे के घर जाना चाहिए, जिसकी खुले हुए सीवर में डूबने से मौत हो गई।