नई दिल्ली, गुरुवार। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत का रुख सख्त नजर आया। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए स्पष्ट कहा कि अभिनेता को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने अदालत के समक्ष किए गए अपने वादों को पूरा नहीं किया। यह याचिका परिवार में विवाह समारोह के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग को लेकर दायर की गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की कि राजपाल यादव ने पूर्व में कई मौकों पर भुगतान करने और अपने दायित्वों को निभाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे। “दो दर्जन से अधिक मौके दिए गए” अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि कम से कम दो दर्जन अवसरों पर राजपाल यादव ने अदालत में बयान दिया कि वे अपने वादे को पूरा करेंगे और संबंधित भुगतान करेंगे। इसके बावजूद, उन्होंने न तो तय समयसीमा का पालन किया और न ही अदालत के निर्देशों का समुचित अनुपालन किया। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, “आपके मुवक्किल जेल इसलिए गए क्योंकि उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया।” अदालत की इस टिप्पणी से स्पष्ट संकेत मिला कि न्यायालय इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अभिनेता ने पहले पारित आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने इस तथ्य का भी उल्लेख किया और कहा कि मामले से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी फाइल देखने के दौरान सामने आई है। अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष को निर्देश दिया कि वह अपना जवाब दाखिल करे। कोर्ट ने कहा, “जब मैं फाइल देख रहा था, तो बहुत सी ऐसी बातें थीं जिनके बारे में हमें पता भी नहीं था। आपको जवाब फाइल करना होगा। हम सोमवार को इस मामले में सुनवाई करेंगे।” बचाव पक्ष की दलील राजपाल यादव की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उन्होंने अभिनेता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि जमानत आवेदन दाखिल कर दिया गया है और यदि अदालत चाहे तो दूसरी ओर से जवाब मांगा जा सकता है। वकील ने आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक वे अदालत के समक्ष कुछ ठोस प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे। 16 फरवरी को अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 16 फरवरी के लिए निर्धारित की है। इस दौरान अदालत शिकायतकर्ता के जवाब और बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले तथ्यों पर विचार करेगी। फिलहाल, अदालत की कड़ी टिप्पणियों ने अभिनेता की जमानत याचिका पर अनिश्चितता के बादल और गहरा दिए हैं। अब सभी की निगाहें 16 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि क्या राजपाल यादव को अंतरिम राहत मिलती है या उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करते हुए आगे भी हिरासत में रहना पड़ेगा।
20 करोड़ की मानहानि याचिका से गरमाया कपूर परिवार का विवाद: संपत्ति संग्राम अब अदालत की चौखट पर
प्रिया कपूर ने ननद मंदिरा और पॉडकास्ट होस्ट पर लगाया सामाजिक अपमान का आरोप, फैमिली ट्रस्ट को लेकर रानी कपूर की याचिका से मामला और उलझा नई दिल्ली। हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा कपूर परिवार का विवाद अब कानूनी मोर्चे पर और तेज हो गया है। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी ननद मंदिरा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर करते हुए 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इस मामले में एक पॉडकास्ट होस्ट को भी प्रतिवादी बनाया गया है। प्रिया कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर दीवानी मुकदमे में दावा किया है कि मंदिरा द्वारा एक पॉडकास्ट में दिए गए कथित बयानों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। उनका कहना है कि इन बयानों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमान और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा। आपराधिक और दीवानी—दोनों मोर्चों पर लड़ाई सूत्रों के अनुसार, पटियाला हाउस कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत में मंदिरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं हाईकोर्ट में दायर सिविल सूट में 20 करोड़ रुपये के हर्जाने के साथ-साथ अदालत से निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) जारी करने की अपील की गई है। प्रिया कपूर ने अदालत से अनुरोध किया है कि मंदिरा और संबंधित पॉडकास्ट होस्ट को उनके खिलाफ कथित मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से रोका जाए। साथ ही, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मौजूदा कंटेंट हटाने का भी निर्देश देने की मांग की गई है। संपत्ति विवाद की पृष्ठभूमि संजय कपूर की संपत्ति को लेकर पहले से ही कई कानूनी विवाद चल रहे हैं। प्रिया कपूर और संजय कपूर की दूसरी पत्नी, अभिनेत्री करिश्मा कपूर, के बीच संपत्ति को लेकर कानूनी संघर्ष पहले से चर्चा में है। ऐसे में यह नया मानहानि मामला विवाद को और जटिल बना रहा है। फैमिली ट्रस्ट पर भी सवाल इस पूरे प्रकरण में एक और मोड़ तब आया जब संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने नाम पर बनाए गए फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की मांग की। रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और सहमति के बिना बनाया गया था और इसके जरिए संपत्तियों का अवैध हस्तांतरण किया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों पर उनसे बिना उचित जानकारी दिए हस्ताक्षर कराए गए और उन्हें उन संपत्तियों से बाहर कर दिया गया जिन पर उनका वैध अधिकार था। कानूनी लड़ाई लंबी होने के संकेत कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब बहुस्तरीय हो चुका है—जहां एक ओर आपराधिक मानहानि का प्रश्न है, वहीं दूसरी ओर संपत्ति के स्वामित्व, ट्रस्ट की वैधता और पारिवारिक अधिकारों से जुड़े गंभीर आरोप भी हैं। अदालत में सुनवाई की अगली तारीखों पर सभी पक्षों के जवाब और साक्ष्य इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, कपूर परिवार का यह आंतरिक विवाद सार्वजनिक मंच पर आ चुका है और आने वाले समय में इसके कई कानूनी और सामाजिक आयाम सामने आ सकते हैं।
दिल्ली मेट्रो की ‘मजेंटा’ बनेगी सबसे लंबी लाइन: इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर जुड़ते ही 89 किमी का होगा सफर, 65 स्टेशन और 21 इंटरचेंज
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 और फेज-5 (ए) के तहत राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को अब ग्रीन लाइन के बजाय मजेंटा लाइन में शामिल कर दिया गया है। इस बदलाव के साथ ही मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) से इंद्रलोक तक विस्तारित होगी और इसकी कुल लंबाई 39.271 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी। इसके साथ ही यह दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा। पिंक लाइन का रिकॉर्ड टूटेगा वर्तमान में दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन पिंक लाइन है, जिसकी लंबाई 59.242 किलोमीटर है और विस्तार के बाद यह लगभग 71.5 किलोमीटर हो जाएगी। हालांकि, मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद यह रिकॉर्ड टूट जाएगा और राजधानी को एक नया, तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और व्यापक नेटवर्क मिलेगा। ग्रीन लाइन से हटकर मजेंटा में शामिल करीब 11.9 किलोमीटर लंबा इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर पहले ग्रीन लाइन (कीर्ति नगर/इंद्रलोक से ब्रिगेडियर होशियार सिंह) के विस्तार के रूप में प्रस्तावित था। लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने इसे अब मजेंटा लाइन (बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम) के विस्तार में शामिल कर लिया है। पहले मजेंटा लाइन को जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम तक बढ़ाने की योजना थी। हाल ही में केंद्र सरकार ने फेज-5 (ए) के तहत आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक कॉरिडोर को मंजूरी दी है, ताकि सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। इसी क्रम में इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक खंड को भी मजेंटा लाइन का हिस्सा बना दिया गया है। इंद्रलोक अब इस विस्तारित लाइन का टर्मिनल स्टेशन होगा। 65 स्टेशन, 40 भूमिगत परियोजना पूरी होने के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 स्टेशन भूमिगत होंगे। यह दिल्ली मेट्रो का सबसे अधिक भूमिगत स्टेशनों वाला कॉरिडोर होगा। साथ ही, इस लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे — जो इसे नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त कॉरिडोर बनाएंगे। इंटरचेंज का मजबूत नेटवर्क वर्तमान में मजेंटा लाइन पर कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास चार प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन हैं। फेज-4 और फेज-5 (ए) के कार्य पूर्ण होने के बाद 17 नए इंटरचेंज स्टेशन जुड़ेंगे। नए इंटरचेंज स्टेशनों में शामिल हैं: कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक। इनमें केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जहां तीन-तीन लाइनों का संपर्क मिलेगा। यात्रा होगी आसान और तेज डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट संचार) अनुज दयाल के अनुसार, मजेंटा लाइन के व्यापक इंटरचेंज नेटवर्क से यात्रियों की यात्रा दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे प्रमुख कॉरिडोरों पर यातायात दबाव घटेगा और एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षित, निर्बाध एवं कुशल सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी। पूरी तरह स्वचालित कॉरिडोर बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम तक मजेंटा लाइन पहले से ही ड्राइवरलेस (स्वचालित) है। फेज-4 और फेज-5 (ए) के विस्तार के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक पूरा 89 किलोमीटर का कॉरिडोर स्वचालित हो जाएगा। यह तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि होगी। इंजीनियरिंग की मिसाल मजेंटा लाइन पहले से ही दो महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों के लिए जानी जाती है। हैदरपुर बादली मोड़ स्टेशन — लगभग 28.362 मीटर ऊंचाई के साथ यह दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है। हौज खास स्टेशन — लगभग 29 मीटर गहराई के साथ यह सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन है। राजधानी को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर मजेंटा लाइन का यह विस्तार न केवल दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। सेंट्रल विस्टा से लेकर पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली तथा नोएडा तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिलने से रोजाना लाखों यात्रियों को सीधा लाभ होगा। दिल्ली मेट्रो का यह नया अध्याय राजधानी की रफ्तार को और तेज करने वाला है — जहां दूरी घटेगी, समय बचेगा और सफर होगा अधिक सुगम।
पीरागढ़ी रहस्य: कार में मिले तीन शव, ‘बाबा’ की मौजूदगी से उलझी जांच
नई दिल्ली। दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर दो पुरुष और एक महिला के शव मिलने से सनसनी फैल गई है। इस कथित सामूहिक आत्महत्या मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने अब एक ऐसे व्यक्ति की पहचान कर ली है, जो घटना से ठीक पहले मृतकों के साथ कार में बैठा था। सीसीटीवी फुटेज में यह व्यक्ति ‘बाबा’ के वेश में नजर आ रहा है, जिसे पुलिस इस रहस्यमय मामले की अहम कड़ी मान रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में साफ तौर पर देखा गया है कि यह ‘बाबा’ घटना वाले दिन मृतकों से मिला था और कुछ समय तक उसी कार में मौजूद रहा। फिलहाल पुलिस उसकी भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस को रविवार अपराह्न करीब 3:50 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें सूचना दी गई कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार खड़ी है, जिसके दरवाजे बंद हैं और अंदर बैठे लोग किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां कार के अंदर तीनों लोग मृत पाए गए। जांच में सामने आया है कि पुलिस को सूचना मिलने से पहले कार करीब 50 मिनट तक उसी स्थान पर खड़ी थी। मृतकों की पहचान बापरोला निवासी रणधीर (76 वर्ष), शिव नरेश सिंह (47 वर्ष) और जहांगीरपुरी निवासी लक्ष्मी देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों मूल रूप से बिहार के निवासी थे। प्रारंभिक जांच में संकेत मिल रहे हैं कि यह मामला आत्महत्या का हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने जहर मिला शीतल पेय पीकर जान दी। हालांकि पुलिस इस निष्कर्ष पर अभी पूरी तरह नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘बाबा’ के वेश में दिखाई दे रहे व्यक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने मृतकों से क्यों मुलाकात की, कार में कितनी देर बैठा और क्या वह किसी साजिश या उकसावे से जुड़ा हुआ था। फिलहाल, पीरागढ़ी की यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजों के बाद इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा और सच सामने आएगा।
दिल्ली की सड़कों पर हरित क्रांति: 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की ऐतिहासिक सौगात, EV ट्रांसपोर्ट में बना नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली: दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ने आज एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जब रामलीला ग्राउंड से राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने राजधानी को एक साथ 500 नई इलेक्ट्रिक बसें समर्पित कीं। यह दिल्ली के इतिहास में पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों को एक साथ परिवहन बेड़े में शामिल किया गया। बीते एक वर्ष के दौरान दिल्ली सरकार ने डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) के बेड़े को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने के साथ ही दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 4000 के आंकड़े को पार कर गई है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक डीटीसी की सभी बसों को पूर्णतः इलेक्ट्रिक बनाया जाए, जिस दिशा में तेज़ी से काम चल रहा है। इन नई EV बसों से न केवल राजधानी की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के मोर्चे पर भी यह एक निर्णायक पहल साबित होगी। इलेक्ट्रिक बसें शून्य उत्सर्जन पर आधारित हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार, ध्वनि प्रदूषण में कमी और ईंधन पर निर्भरता घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दिल्ली को स्वच्छ हवा और हरित भविष्य की ओर ले जाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। कार्यक्रम के दौरान एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दिल्ली–पानीपत के बीच इलेक्ट्रिक अंतरराज्यीय बस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। इस नई सेवा से दिल्ली और हरियाणा के हजारों यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेगा। यह पहल अंतरराज्यीय परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देगी। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, स्मार्ट डिपो और आधुनिक तकनीक के ज़रिये दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को देश के लिए हरित मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की यह सौगात न सिर्फ आज की जरूरत है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और टिकाऊ दिल्ली की मजबूत नींव भी है।
राजधानी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: 15 दिनों में 800 से ज़्यादा लोग लापता, केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली की कानून-व्यवस्था एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं। केजरीवाल के अनुसार, जनवरी महीने के शुरुआती मात्र 15 दिनों में दिल्ली से 807 लोग लापता हो गए, जिनमें सबसे बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की बताई जा रही है। अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था “पूरी तरह चरमरा चुकी है” और मौजूदा हालात में आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र की भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। “दिल्ली की कानून व्यवस्था ICU में है” — AAP का आरोप आम आदमी पार्टी ने एक बयान में कहा कि दिल्ली की कानून व्यवस्था इस समय आईसीयू में पहुंच चुकी है। पार्टी का आरोप है कि राजधानी में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार और पुलिस व्यवस्था हालात को संभालने में नाकाम साबित हो रही है। केजरीवाल ने कहा, “जब राजधानी में 15 दिनों में सैकड़ों लोग गायब हो रहे हों और उनमें महिलाएं व बच्चे शामिल हों, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है। यह साफ दिखाता है कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।” महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गहराता संकट AAP नेताओं का कहना है कि लापता लोगों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक होना, दिल्ली की सामाजिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। पार्टी ने सवाल उठाया कि आखिर राजधानी में महिलाएं और बच्चे सुरक्षित क्यों नहीं हैं और लापता मामलों में त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। भाजपा पर राजनीतिक हमला तेज इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर सीधा राजनीतिक हमला बोला है। AAP का कहना है कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी भाजपा की बनती है। पार्टी ने मांग की है कि सरकार इन मामलों पर जवाबदेही तय करे और लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाए। इस बयान के बाद राजधानी की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक गूंज सकता है। अब देखना होगा कि भाजपा और दिल्ली पुलिस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और लापता लोगों के मामलों में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
“अमृत उद्यान” आज से आम नागरिकों के लिए खुला — प्रवेश नियम और समय विस्तार से
नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 — राष्ट्रपति भवन परिसर का प्रतिष्ठित अमृत उद्यान (पहले मुगल गार्डन) आज से आम जनता के लिए खुल गया है। इस खूबसूरत बगीचे को इस बार “विंटर एनुअल्स एडिशन 2026” के रूप में 3 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक जनता के लिए खोला गया है, ताकि लोग प्राकृतिक हरियाली, फूलों की विविधता और शांत वातावरण का आनंद ले सकें। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया। प्रवेश की तारीखें एवं समय खुलने की तिथि: 3 फरवरी 2026 समाप्ति तिथि: 31 मार्च 2026 समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक अंतिम प्रवेश: 5:15 बजे तक बंद रहेगा: हर सोमवार (रखरखाव के लिए) और 4 मार्च (होली) के दिन सप्ताह में 6 दिन उद्यान जनता के लिए खुला रहेगा (सोमवार को बंद) प्रवेश नियम और टिकट प्रवेश पूर्णतया मुफ्त (Free) है। ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य: सभी आगंतुकों को अपनी स्लॉट पहले से ऑनलाइन बुक करनी होगी — visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर। स्पॉट टिकट/ऑन-द-डेट प्रवेश उपलब्ध नहीं होगा, इसलिए पहले से बुकिंग करना ज़रूरी है। मोबाइल नंबर आवश्यक: ऑनलाइन बुकिंग में मोबाइल नंबर का उपयोग होता है और हर मोबाइल क्रमांक से एक ही स्लॉट बुक हो सकता है। वॉक-इन विज़िटर्स: अगर कोई पहले से ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाता है तो उद्यान प्रवेश के पास बने Self-Service Kiosks पर जाकर पंजीकरण कर सकता है (स्लॉट उपलब्ध होने पर)। प्रवेश द्वार: Gate No. 35 (राष्ट्रपति भवन के North Avenue Road के पास) विशेष नियम और सुझाव QR कोड से जानकारी: उद्यान के विभिन्न हिस्सों में QR कोड लगे हैं, जिन्हें स्कैन कर फूलों/पौधों के बारे में जानकारी ली जा सकती है, जिससे यह यात्रा शिक्षाप्रद भी बन जाती है। शटल सेवा: Central Secretariat Metro Station से Gate No. 35 तक शटल बस सेवा भी उपलब्ध है (लगभग हर 30 मिनट पर) जिससे पहुँच और अधिक सुविधाजनक होती है।सप्ताहांत और छुट्टियों पर भीड़ हो सकती है, इसलिए अगर संभव हो तो सप्ताह के मध्य आने की योजना बनाएं। मुख्य आकर्षण अमृत उद्यान में इस बार 140 से अधिक गुलाबों की किस्में, ट्यूलिप और अन्य शानदार प्रकार के फूल सजाए गए हैं, जो इसे प्रकृति प्रेमियों और परिवार के साथ घूमने वालों के लिये एक अद्भुत स्थल बनाते हैं। अगर आप दिल्ली में हैं या बाहर से घूमने आ रहे हैं, तो यह अवसर प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का आनंद लेने का शानदार मौका है — यात्रियों से अनुरोध है कि वे पहले से स्लॉट बुक कर अपना समय सुनिश्चित करें।
दिल्लीवालों को राहत का तोहफा: पानी बिल माफी योजना की तारीख बढ़ी, अब 15 अगस्त तक मिलेगा मौका
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी के लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए पानी बिल माफी योजना की अंतिम तारीख बढ़ाने का ऐलान किया है। पहले यह योजना 31 जनवरी तक लागू थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 अगस्त कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से उन लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जो किसी कारणवश अब तक योजना का फायदा नहीं उठा सके थे या जिनके बिलों में तकनीकी गड़बड़ियां बनी हुई थीं। क्यों बढ़ाई गई योजना की तारीख सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पास बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ताओं की शिकायतें आई थीं, जिनके पानी के बिलों में लंबे समय से गलतियां दर्ज थीं। कई उपभोक्ता दस्तावेज़ी दिक्कतों, तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में तय समयसीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने योजना की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया। लाखों उपभोक्ताओं को होगा फायदा इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया पानी बिलों पर पूरी या आंशिक माफी दी जा रही है। जिन उपभोक्ताओं के बिल वर्षों से लंबित हैं, उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के अपने कनेक्शन को नियमित कर सकेंगे। कैसे मिलेगा योजना का लाभ दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, उपभोक्ता अपने नजदीकी DJB कार्यालय, अधिकृत केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान उपभोक्ताओं को अपने पुराने बिलों की जानकारी, कनेक्शन डिटेल्स और पहचान से जुड़े दस्तावेज़ जमा करने होंगे। जिन मामलों में बिलिंग में गलती पाई जाएगी, वहां सुधार के बाद माफी का लाभ दिया जाएगा। सरकार का संदेश दिल्ली सरकार ने अपील की है कि पात्र उपभोक्ता 15 अगस्त से पहले योजना का लाभ जरूर लें। सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ आर्थिक राहत नहीं, बल्कि जल सेवाओं को पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है। सरकार संकेत दे चुकी है कि योजना के दौरान मिली शिकायतों और अनुभवों के आधार पर भविष्य में जल बिलिंग सिस्टम को और सरल व डिजिटल बनाया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, पानी बिल माफी योजना की तारीख बढ़ाना दिल्ली सरकार का एक अहम जनहितैषी फैसला माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर आम लोगों की जेब और जीवन दोनों को राहत देगा।
गणतंत्र दिवस पर सीएम रेखा गुप्ता का विज़न: संविधान से विकास तक, 11 महीनों की उपलब्धियों का खुला लेखा-जोखा
नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संबोधन न सिर्फ़ भावनात्मक रहा, बल्कि सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का स्पष्ट रोडमैप भी पेश करता दिखा। अपने भाषण में उन्होंने एक ओर भारत के संविधान निर्माताओं को नमन किया, तो दूसरी ओर दिल्ली सरकार के 11 महीनों के कामकाज का विस्तृत ब्यौरा जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर है। साथ ही, RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को भी स्मरण किया। दिल्ली के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा, “दिल्ली भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। जिन्होंने इसे लूटने की कोशिश की, वे इतिहास में गुम हो गए, लेकिन दिल्ली हर बार पहले से ज्यादा मजबूत और समृद्ध बनकर उभरी है।” उन्होंने आगे कहा कि जब उनकी सरकार ने 11 महीने पहले दिल्ली की बागडोर संभाली, तब व्यवस्थाओं में जमी धूल और वर्षों की रुकावटें सबसे बड़ी चुनौती थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को आधार बनाकर सरकार ने फैसले लिए, जिनका उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना है। 11 महीनों में सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और घोषणाएं अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने जनकल्याण से जुड़ी कई अहम योजनाओं और आंकड़ों को विस्तार से रखा: 50 अटल कैंटीन शुरू की गईं, जहां मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध है। रोज़ाना करीब 50,000 लोग इसका लाभ ले रहे हैं। दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना पहले दिन से लागू की गई, जिससे अब तक से 6.5 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 4,000 नए डॉक्टरों और पेरामेडिक्स की भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। शिक्षा और युवा सशक्तिकरण शिक्षा के लिए बजट का 21% हिस्सा निर्धारित किया गया। स्कूल फीस बढ़ोतरी पर रोक के लिए सरकार कानूनी बिल लेकर आई है। 1,300 करोड़ रुपये की लागत से नरेला में एजुकेशन हब का निर्माण किया जा रहा है। खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिल्ली सरकार देश में खिलाड़ियों को सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि देने वाली सरकार बन गई है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर 7 करोड़, रजत पर 5 करोड़ और कांस्य पदक पर 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। इन्फ्रास्ट्रक्चर और परिवहन दिल्ली का कैपिटल एक्सपेंडिचर 30,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया। अगले 3 वर्षों में 11,000 ई-बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। दिल्ली के सभी ISBT का कायाकल्प किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो का बजट बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। सामाजिक समावेशन और सुरक्षा महिलाओं के साथ-साथ अब ट्रांसजेंडर समुदाय को भी फ्री बस यात्रा के लिए ‘पिंक बस कार्ड’ दिया जाएगा। राजधानी की सुरक्षा के लिए 10,000 नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। तिहाड़ जेल को शिफ्ट करने की योजना पर सरकार काम कर रही है। ग्रामीण और झुग्गी विकास दिल्ली के गांवों के विकास के लिए 1,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए। झुग्गी बस्तियों के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान। राजधानी में 10 नई गौशालाओं के निर्माण का कार्य जारी है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को एक आधुनिक, सुरक्षित और समावेशी राजधानी बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दिल्ली विकास, संवेदनशील शासन और सामाजिक संतुलन का आदर्श मॉडल बनेगी।
दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू, पारा और गिरेगा; घने कोहरे का अलर्ट जारी
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बीते दिनों हुई बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ली है। तापमान में आई गिरावट के चलते अब ठिठुरन और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले 7 दिन राजधानी और आसपास के इलाकों में कड़ाके की सर्दी महसूस की जाएगी। सुबह-शाम घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है, वहीं ठंडी हवाओं से सर्दी का असर और तेज होगा। मौसम विभाग के अनुसार, 24 से 30 जनवरी के बीच दिल्ली-एनसीआर में दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 4 से 13 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तापमान में यह गिरावट लोगों को ठिठुरन का एहसास कराएगी। पूरे हफ्ते बदला-बदला रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पूरे सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज अस्थिर बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। खासकर दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 27 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 27 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाएगा। इसके बाद 28 से 30 जनवरी के बीच मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है, हालांकि हल्के बादल और कोहरा बने रह सकते हैं। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और वाहन चलाते समय सतर्क रहने की जरूरत है।