DTC बसों में मुफ्त सफर के नियम बदलेंगे: 2026 से पिंक टिकट की जगह ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’, आधार होगा अनिवार्य

दिल्ली में महिलाओं को दी जा रही मुफ्त बस यात्रा योजना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों में अब पिंक टिकट की जगह 2026 से ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ लागू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से न केवल यात्रा व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि फ्री यात्रा के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी। क्या है पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड एक डिजिटल कार्ड होगा, जिसके जरिए महिलाएं DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। अभी महिलाओं को कंडक्टर से पिंक टिकट लेकर सफर करना होता है, लेकिन नई व्यवस्था में कार्ड को बस में लगे इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर टैप करना होगा। आधार कार्ड होगा जरूरी इस स्मार्ट कार्ड को बनवाने के लिए दिल्ली का आधार कार्ड अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि आधार से लिंक होने के कारण यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजना का लाभ केवल दिल्ली की पात्र महिलाओं को ही मिले। इससे बाहरी लोगों द्वारा योजना के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा। 2026 में लॉन्च होंगे तीन नए स्मार्ट कार्ड परिवहन विभाग के अनुसार, 2026 में कुल तीन नए स्मार्ट कार्ड लॉन्च किए जाएंगे— * महिलाओं के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड * छात्रों के लिए अलग स्मार्ट कार्ड * आम यात्रियों के लिए जनरल स्मार्ट कार्ड इन सभी कार्डों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे बस यात्रा को पूरी तरह कैशलेस और स्मार्ट बनाया जा सके। महिलाओं को मिलेगी खास सुविधा नई व्यवस्था के तहत महिलाओं को बार-बार टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। कार्ड के जरिए यात्रा का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इससे बस में चढ़ने के दौरान समय की बचत होगी और भीड़भाड़ के समय कंडक्टर से टिकट लेने की झंझट खत्म हो जाएगी।  सरकार का क्या कहना है सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा प्रयास है। स्मार्ट कार्ड से यह भी पता चल सकेगा कि कितनी महिलाएं रोजाना योजना का लाभ ले रही हैं, जिससे भविष्य की परिवहन नीतियों को बेहतर बनाया जा सकेगा। कब से होगा लागू फिलहाल यह योजना तैयारी के चरण में है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड पूरी तरह लागू कर दिया जाए और धीरे-धीरे पिंक टिकट प्रणाली को बंद कर दिया जाए। कुल मिलाकर, दिल्ली की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा अब और भी आसान, सुरक्षित और पारदर्शी होने जा रही है, लेकिन इसके लिए आधार से जुड़ी डिजिटल पहचान जरूरी होगी।

दिल्ली में 5 रुपये में भोजन: कहां-कहां खुलीं अटल कैंटीन, लोकेशन और टाइमिंग की पूरी जानकारी

नई दिल्ली, 25 दिसंबर: राजधानी दिल्ली में जरूरतमंदों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। इन कैंटीनों में महज 5 रुपये में भरपेट खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, दिहाड़ी श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, ताकि कोई भी भूखा न सोए। किन इलाकों में खुलीं अटल कैंटीन दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों के सहयोग से अटल कैंटीन राजधानी के कई प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शुरू की गई हैं। इनमें शामिल हैं— * रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनल के आसपास के क्षेत्र * औद्योगिक इलाके * सरकारी अस्पतालों के पास * जेजे कॉलोनियां और झुग्गी-बस्तियां * लेबर चौक और निर्माण स्थलों के आसपास इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है ताकि रोज़गार की तलाश में आने वाले मजदूरों और जरूरतमंदों को आसानी से भोजन मिल सके। खाने में क्या मिलेगा अटल कैंटीन में प्रतिदिन ताजा, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है। सामान्य तौर पर थाली में— * दाल * सब्जी * चावल * रोटी  शामिल होती है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टाइमिंग क्या है अटल कैंटीन आमतौर पर दो समय भोजन उपलब्ध कराती हैं— * दोपहर का भोजन: लगभग 12 बजे से 3 बजे तक * रात का भोजन: लगभग 7 बजे से 9 बजे तक हालांकि, अलग-अलग इलाकों में टाइमिंग में थोड़ा अंतर हो सकता है, जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किया गया है। कैसे मिलेगी जानकारी किसी भी अटल कैंटीन की सटीक लोकेशन और समय की जानकारी के लिए लोग— * स्थानीय नगर निगम कार्यालय * वार्ड पार्षद कार्यालय * प्रशासन द्वारा जारी सूचना बोर्ड से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।  सरकार का उद्देश्य दिल्ली सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद भूख से राहत देना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है। आने वाले समय में अटल कैंटीन की संख्या और बढ़ाई जाएगी, ताकि दिल्ली के हर जरूरतमंद तक सस्ता भोजन पहुंच सके। अटल कैंटीन योजना राजधानी में गरीबों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है और इसे आम जनता से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

दिल्ली-NCR में दूसरे दिन भी कोहरा नदारद, प्रदूषण से मिली हल्की राहत

25 दिसंबर, नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन कोहरे से राहत देखने को मिली। गुरुवार सुबह राजधानी और आसपास के इलाकों में दिन की शुरुआत अपेक्षाकृत साफ मौसम के साथ हुई, जिससे विजिबिलिटी सामान्य बनी रही और सड़क व हवाई यातायात पर कोहरे का खास असर नहीं पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति में मामूली बढ़ोतरी और तापमान में स्थिरता के कारण घना कोहरा नहीं छाया। इससे लोगों को सुबह के समय राहत मिली और दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहीं। वहीं, वायु गुणवत्ता में भी बीते दिनों की तुलना में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। हालांकि, GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के कुछ प्रतिबंध हटने के बावजूद प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती जारी रहेगी। निर्माण कार्यों, वाहनों के उत्सर्जन और औद्योगिक गतिविधियों पर निगरानी बनाए रखी जाएगी। प्रशासन और विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में मामूली बदलाव से अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन सर्दियों के मौसम को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदूषण और कोहरे की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।

दिल्ली मेट्रो का नया रूट बना राजधानी की नई लाइफलाइन, अब मिनटों में कनॉट प्लेस से इंडिया गेट का सफर

24 दिसंबर, नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो ने राजधानी के लोगों को एक और बड़ी सुविधा देते हुए कनॉट प्लेस और इंडिया गेट को जोड़ने वाला नया मेट्रो रूट शुरू किया है। इस रूट के शुरू होने से शहर के दो सबसे अहम और व्यस्त इलाकों के बीच यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा तेज, आसान और आरामदायक हो गई है। अब तक इस मार्ग पर सड़क के जरिए सफर करने में ट्रैफिक जाम के कारण काफी समय लग जाता था, खासकर कार्यालय समय और पर्यटन सीजन के दौरान। लेकिन नए मेट्रो रूट के चालू होने के बाद यात्री कुछ ही मिनटों में कनॉट प्लेस से इंडिया गेट पहुंच सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आएगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अधिकारियों के अनुसार, यह रूट राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र, सरकारी कार्यालयों और पर्यटन स्थलों को बेहतर तरीके से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त बाजार और इंडिया गेट जैसे ऐतिहासिक स्थल के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने से आम यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ा लाभ होगा। इस नए रूट से रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और दुकानदारों को विशेष राहत मिलेगी। वहीं, दिल्ली घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक अब बिना ट्रैफिक की परेशानी के आसानी से प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रूट राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत करेगा और लोगों को निजी वाहनों की बजाय मेट्रो का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और दिल्ली को जाम व प्रदूषण से राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, दिल्ली मेट्रो का यह नया रूट राजधानी के शहरी परिवहन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में दिल्लीवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी को और आसान बनाएगा।

दिल्ली-NCR में ‘जहरीली हवा’ से राहत नहीं, AQI 400 के पार, GRAP-4 के बावजूद हालात गंभीर

नई दिल्ली, 21 दिसंबर: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-4) की सख्त पाबंदियां लागू होने के बावजूद राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा बेहद जहरीली बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 398 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी के बेहद करीब है। राजधानी के अधिकतर इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों—आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, मुंडका, जहांगीरपुरी और द्वारका—में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे एनसीआर के शहरों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सुबह और शाम के समय स्मॉग की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता में भी भारी कमी देखी गई। GRAP-4 लागू, फिर भी सुधार नहीं प्रदूषण बढ़ने पर GRAP-4 के तहत कई सख्त कदम उठाए गए हैं। इसमें निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक, गैर-जरूरी ट्रकों की एंट्री पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर के उपयोग पर पाबंदी और स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है। सेहत पर बढ़ता खतरा डॉक्टरों के अनुसार, इतनी खराब हवा से बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है। आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और खुले में व्यायाम से बचने की सलाह दी है। मौसम बना बड़ा कारण मौसम विभाग का कहना है कि ठंडी हवाओं की रफ्तार कम होने और तापमान में गिरावट के चलते प्रदूषक कण हवा में ही फंसे हुए हैं। आने वाले कुछ दिनों तक तेज हवा या बारिश की संभावना कम है, ऐसे में राहत मिलने के आसार भी सीमित नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में ‘जहरीली हवा’ लोगों की सांसों पर भारी पड़ रही है और सख्त पाबंदियों के बावजूद हालात अब भी काबू में आते नहीं दिख रहे।

‘मौसम पर दिल्ली सरकार का कोई नियंत्रण नहीं’, गृह मंत्री आशीष सूद बोले— पड़ोसी राज्यों से बढ़ रहा प्रदूषण

नई दिल्ली, 19 दिसंबर: दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का प्रदूषण कोई नई समस्या नहीं है और इसका बड़ा कारण मौसम के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आने वाला प्रदूषण है, जिस पर दिल्ली सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं है। आशीष सूद ने कहा कि सर्दियों के मौसम में हवा की रफ्तार कम हो जाती है और प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे रह जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने, औद्योगिक धुएं और बाहरी वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण दिल्ली की हवा को और जहरीला बना रहा है। गृह मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “पुरानी सरकार ने हवा को साफ करने के बजाय आंकड़ों को साफ करने की कोशिश की। ज़मीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने के बजाय सिर्फ कागज़ी दावे किए गए।” उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने पर काम कर रही है। इसके तहत वाहनों पर नियंत्रण, निर्माण गतिविधियों की निगरानी और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर सख्ती की जा रही है। आशीष सूद ने यह भी कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या का समाधान केवल एक राज्य के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे एनसीआर क्षेत्र में सामूहिक और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

बिना PUC के नहीं मिलेगा फ्यूल, 50% कर्मचारियों को WFH, दिल्ली में आज से लागू हुए प्रदूषण नियंत्रण के सख्त नियम

नई दिल्ली, 18 दिसंबर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने आज से कड़े नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों के तहत अब PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। साथ ही BS-6 मानक से नीचे के वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को सख्ती से नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौके पर ही चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH)की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। मुख्य नियम एक नजर में * बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के वाहन को ईंधन नहीं मिलेगा * गैर-BS-6 वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित * ट्रैफिक पुलिस द्वारा सख्त चेकिंग अभियान * नियम तोड़ने पर चालान और कानूनी कार्रवाई * सरकारी-निजी दफ्तरों में 50% WFH अनिवार्य सरकार का कहना है कि ये कदम आपातकालीन प्रदूषण स्थिति को देखते हुए उठाए गए हैं और हालात सामान्य होने तक नियम सख्ती से लागू रहेंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग दें।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो जगह भीषण हादसे, तेज रफ्तार कार कंटेनर में घुसी; 2 की मौत

नई दिल्ली, 15 दिसंबर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हुए भीषण सड़क हादसों ने लोगों को दहला दिया। फरीदाबाद इलाके में एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे शवों को बाहर निकाला गया। दूसरी ओर एक्सप्रेसवे के एक अन्य हिस्से में भी एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि वहां हताहतों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। हादसों के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने वाहन चालकों से एक्सप्रेसवे पर गति सीमा का पालन करने और सावधानी से वाहन चलाने की अपील की है।

दिल्ली-एनसीआर गैस चैंबर में तब्दील, AQI खतरनाक स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली, 14 दिसंबर: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के चलते राजधानी की हवा जहरीली हो गई है और कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 के पार पहुंच गया है। मंगलवार को दिल्ली का औसत AQI 461 दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे खराब स्तर माना जा रहा है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सीधा असर आम जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें बढ़ गई हैं। अस्पतालों में दमा और सांस संबंधी रोगियों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। एनसीआर के कई शहर—नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम—देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा की गति कम होने, तापमान में गिरावट और नमी बढ़ने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंस गए हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हालात में खास सुधार की संभावना कम है। वहीं, प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ हवा की चुनौती को उजागर कर दिया है।

दिल्ली में जहरीली हवा से हड़कंप, एक्शन मोड में सरकार

ऑनलाइन क्लासेज और 50% वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी दिल्ली, 13 दिसंबर: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी गई है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और लोगों की सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोका जा सके। इसके साथ ही स्कूलों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया है। कक्षा 9वीं तक और कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए तत्काल प्रभाव से कक्षाएं हाइब्रिड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्पों के जरिए पढ़ाई कर सकेंगे। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि हालात की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में बीते कुछ दिनों से प्रदूषण लगातार गंभीर बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सरकार का यह कदम लोगों को राहत देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।