इग्नू ने पर्यावरण अध्ययन में पीजी डिप्लोमा शुरू किया

नई दिल्ली, 11 जुलाई: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2023 सत्र से पर्यावरण अध्ययन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पीजीडी) शुरू किया है। इग्नू ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नए कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न प्रकार की पर्यावरणीय चिंताओं पर जागरूकता पैदा करना है। इसमें कहा गया है कि प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का वर्तमान क्षरण पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी, जैव विविधता हानि आदि के रूप में देखा जाता है। मानवजनित गतिविधियों से प्रेरित पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, जैविक विविधता का संरक्षण, जैविक संसाधनों का प्रबंधन, वन और वन्यजीव संरक्षण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में एक जानकार कार्यबल विकसित करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का उपयोग संस्थान द्वारा प्रस्तावित एमए (पर्यावरण अध्ययन) में सीधे प्रवेश के लिए भी किया जा सकता है। इग्नू ने कहा कि कार्यक्रम पूरा करने के बाद, शिक्षार्थी भारत और दुनिया भर में पर्यावरण और स्थिरता संबंधी चिंताओं को संबोधित करने में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम होंगे। यह शिक्षार्थियों को पर्यावरण को बहाल करने, संरक्षित करने और बनाए रखने में मदद करेगा और पर्यावरण के घटकों के बीच परस्पर निर्भरता की सराहना करेगा।

दिल्ली: यमुना में जलस्तर 206 मीटर के पार, बाढ़ संभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने का काम शुरू

नई दिल्ली, 11 जुलाई:  दिल्ली में यमुना का जलस्तर 206 मीटर के निशान को पार कर गया, जिससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने काम शुरू कर दिया गया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। दिल्ली में नदी का पानी अनुमान से काफी पहले सोमवार शाम को खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया था। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़-निगरानी मंच के अनुसार, “हरियाणा द्वारा यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अधिक पानी छोड़े जाने के कारण मंगलवार सुबह छह बजे तक ओल्ड रेलवे ब्रिज पर जलस्तर बढ़कर 206.28 मीटर हो गया। इसके मंगलवार दोपहर तक 206.65 मीटर तक बढ़ने की आशंका है। इसके बाद उम्मीद है कि नदी में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होता जाएगा।” दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में सोमवार को कहा था कि दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका नहीं है, लेकिन सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। केजरीवाल ने कहा था कि नदी के 206 मीटर के निशान को पार करते ही निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया जाएगा। नदी में जलस्तर के 206 मीटर के ‘निकासी स्तर’ (इवेक्यूएशन मार्क) के पार जाते ही निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया जाता है। पूर्वी दिल्ली जिले के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद सोमवार रात को वहां से लोगों को निकालना शुरू किया गया। उन्होंने कहा, “केवल प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंचे स्थानों पर बने शिविरों में स्थानांतरित किया गया है।” आमतौर पर, बैराज पर पानी का प्रवाह 352 क्यूसेक रहता है, लेकिन जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण इसका प्रवाह बढ़ जाता है। एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है। बैराज से पानी दिल्ली पहुंचने में करीब दो से तीन दिन लग जाते हैं। दिल्ली सरकार ने मूसलाधार बारिश के कारण सोमवार को सभी स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की थी और सरकारी अधिकारियों की रविवार की छुट्टी रद्द करते हुए उन्हें ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया था। अधिकारियों से सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई करने का को कहा गया है। इसके अलावा, त्वरित प्रतिक्रिया दल और नौकाएं तैनात की गई हैं। दिल्ली सरकार ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों और यमुना के जलस्तर की निगरानी के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष सहित 16 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। यमुना नदी प्रणाली के जलग्रहण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्से शामिल हैं। युमना नदी का जलस्तर पिछले साल सितंबर में दो बार खतरे के निशान को पार गया था। उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में ‘भारी से अत्यधिक भारी’ वर्षा दर्ज की गई है। इससे नदियां, नाले उफान पर हैं और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व पंजाब में बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है तथा आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में 153 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

दिल्ली : इंडिया गेट के पास सड़क धंसी, यातायात प्रभावित

नई दिल्ली, 11 जुलाई : दिल्ली में शेरशाह रोड के समीप मंगलवार को सुबह सड़क का एक हिस्सा धंस गया जिससे इंडिया गेट सी-हेक्सागन पर यातायात बाधित हो गया। यातायात पुलिस ने यह जानकारी दी। दिल्ली में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश होने के कारण कई हिस्सों में जलभराव हो गया है और वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्विटर पर यात्रियों को सड़क धंसने की सूचना दी और उन्हें इसके अनुसार ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी। यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ”शेरशाह रोड मोड़ के समीप सड़क धंसने के कारण सी-हेक्सागन इंडिया गेट पर यातायात प्रभावित है। यात्रियों को इसके अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।” पुलिस ने बताया कि सड़क का जो हिस्सा धंसा है, वहां किसी भी हादसे से बचने के लिए अवरोधक लगा दिए गए हैं।

दिल्ली में सीवर लाइन, जल निकासी की योजना का अभाव जलभराव के लिए जिम्मेदार : उपराज्यपाल सक्सेना

नई दिल्ली, 11 जुलाई : दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मंगलवार को कहा कि शहर की आबादी 2014 के बाद से 50 लाख तक बढ़ गयी है लेकिन उसके अनुरूप सीवर लाइनों और पानी की निकासी के लिए योजना नहीं बनायी गयी जिसकी वजह से, बारिश के बाद शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। यमुना बाजार इलाके में यमुना नदी में पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति का जायजा लेते हुए सक्सेना ने कहा कि अप्रत्याशित रूप से हो रही बारिश से निपटने के लिए पहले ही तैयारी कर ली जानी चाहिए थी। उन्होंने प्रगति मैदान सुरंग, मिंटो ब्रिज और जखीरा अंडरपास का भी निरीक्षण किया जहां गत सप्ताहांत से हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया और इन जगहों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

यमुना के 206 मीटर का निशान छूने पर निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू किया जाएगा: केजरीवाल

नई दिल्ली, 10 जुलाई : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को घोषणा की कि यमुना के 206 मीटर के निशान को छूने पर नदी के आस-पास के निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ की स्थिति संभवत: पैदा नहीं होगी। मूसलाधार बारिश और यमुना के बढ़ते जल स्तर पर बैठक करने के बाद केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार स्थिति पर निकटता से नजर रख रही है और इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, ”अप्रत्याशित बारिश ने लोगों के लिए समस्या पैदा कर दी है और दिल्ली की प्रणाली इसे झेलने में सक्षम नहीं थी। बारिश के बाद हर साल कुछ इलाकों में पानी भर जाता है और कुछ ही घंटों में पानी निकल जाता है, लेकिन 153 मिलीमीटर बारिश अप्रत्याशित है। ऐसा करीब 40 साल पहले हुआ था।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय जल आयोग के संपर्क में हैं और उन्होंने दावा किया कि मौसम की भविष्यवाणियों से संकेत मिलता है कि भले ही और बारिश होगी, लेकिन भारी बारिश नहीं होगी। उन्होंने कहा, ”बारिश की वजह से सड़कों पर कुछ गड्ढे हो गए होंगे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इन्हें पत्थरों से भरा जाएगा। हमने सड़क धंसने की घटनाओं की भी जांच के आदेश दिए हैं। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र, जो एक वीवीआईपी क्षेत्र है, में जलभराव हो गया है। हमने उनसे (एनडीएमसी) समस्याओं को हल करने के लिए कहा है।”

दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ा,आतिशी ने यमुना के विभिन्न हिस्सों में किया मुआयना

नई दिल्ली, 10 जुलाई : दिल्ली की राजस्व मंत्री आतिशी ने यमुना के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर सोमवार अधिकारीयों के साथ मोटर बोट पर यमुना के विभिन्न हिस्सों में जाकर मुआयना किया और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए विभागों के राहत एवं बचाव संबंधी तैयारियों का भी निरीक्षण किया। सुश्री आतिशी ने पत्रकारों से कहा कि पूरे उत्तरी भारत में हो रही भारी बारिश के कारण यमुना में तेजी से पानी बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही हथिनिकुंड बैराज से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल हथिनिकुंड बैराज से 45,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जो रात होते-होते तीन लाख क्यूसेक तक पहुँच गया है। ऐसे में बहुत जल्द दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। राजस्व मंत्री ने कहा कि ऐसे में राजस्व विभाग सहित सभी संबंधित विभागों ने कमर कस ली है और युद्धस्तर पर काम कर रही है। राहत और बचाव कार्यों के लिए यमुना में 50 से अधिक मोटर बोट तैनात की गई है, जिसपर बचाव संबंधित सभी जरुरी उपकरण मौजूद है। साथ ही गोताखोर और मेडिकल टीमें भी तैयार है। उन्होंने कहा कि पल्ला से लेकर जैतपुर तक यमुना के खादर इलाकों में लगातार पैनी नजर बनाकर रखी गई है। विभाग द्वारा यमुना के निचले इलाकों में से लोगों को निकालने के लिए मुनादी की जा रही है। खादर इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यमुना के निचले इलाकों में लगभग 40,000 लोग रहते हैं।

हथिनीकुंड बराज से यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, बाढ़ की चेतावनी जारी

नई दिल्ली, 09 जुलाई : दिल्ली सरकार ने हरियाणा द्वारा हथिनीकुंड बराज से यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद रविवार को बाढ़ की चेतावनी जारी की। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने एक आदेश में कहा, ”शाम चार बजे हथिनीकुंड बराज से 1,05,453 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़े जाने के चलते पहली चेतावनी जारी की जा रही है।” बाढ़ के खतरे के मद्देनजर अधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया गया है। नदी के तटबंध के आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक और आगाह करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी तैनात किया गया है। वहीं, दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और इसके मंगलवार को खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार करने की आशंका है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़ निगरानी पोर्टल के अनुसार, ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर रविवार अपराह्न एक बजे 203.18 मीटर था, जबकि खतरे का स्तर 204.5 मीटर है। सीडब्ल्यूसी ने एक परामर्श में कहा कि मंगलवार को सुबह 11 बजे से अपराह्न एक बजे के बीच जलस्तर 205.5 मीटर तक बढ़ने की आशंका है। उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कई इलाकों में ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में 153 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में सर्वाधिक बारिश है। चंडीगढ़ और अंबाला में रिकॉर्ड क्रमश: 322.2 मिलीमीटर और 224.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दिल्ली में यमुना नदी के पास स्थित निचले इलाके बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं और वहां करीब 37,000 लोग रहते हैं।

जलभराव से निपटने की तैयारियां पूरी हैं, रिकॉर्ड बारिश होने से आयी दिक्कत : डॉ. शैली ओबरॉय

-भारी बारिश की चेतावनी के चलते एमसीडी के स्कूलों की आज छुट्टी घोषित नई दिल्ली, 09 जुलाई : मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने जलभराव रोकने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए किशनगंज अंडर पास निरीक्षण किया। मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने कहा कि दिल्ली नगर निगम की जलभराव से निपटने की तैयारियां पूरी हैं। दिल्ली में रिकॉर्ड बारिश होने के कारण दिक्कत आयी है। एमसीडी के कर्मचारियों और अधिकारियों को रविवार को भी ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए गए, ताकि जलभराव की समस्या को जल्द दूर किया जा सके। एमसीडी के सभी 12 जोन में कंट्रोल रूम बनाए गए, जो कि 24 घंटे काम कर रहे हैं। जलभराव की शिकायत मिलने पर तत्काल अस्थाई पंप लगाए जा रहे हैं। दिल्ली में जलभराव की समस्या आज की नहीं है। यह पिछले 20 सालों से बरकरार है। दिल्ली वासियों को जलभराव की समस्या से‌ निजात दिलाने के लिए मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ग्राउंड जीरो पर उतरीं। इसके साथ ही दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी को रविवार को भी ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जा सके। मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने सदर बाजार के किशनगंज अंडर पास का निरीक्षण किया। यहां पर एमसीडी की जलभराव से निपटने संबंधी तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने कहा कि दिल्ली में शुक्रवार रात से लेकर शनिवार रात तक लगातार बारिश हुई। दिल्ली में 133 एमएम बारिश हुई है, जिसने पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौसम विभाग ने भी बताया है कि इतनी बारिश 20 साल पहले 2003 में हुई थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम लोगों की समस्या का समाधान निकाल रही है। सभी अधिकारी और कर्मचारी आज रविवार के छुट्टी के दिन भी काम कर रहे हैं। सभी की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों ने शनिवार को भी सड़कों पर उतर कर रात 3 बजे तक काम किया। जहां जहां पर जलभराव था, वहां पर अस्थाई पंप भी लगाए गए। मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने कहा कि दिल्ली में होने वाली कुल बारिश की 15 फ़ीसदी सिर्फ शनिवार को 12 घंटे में हो गई थी। दिल्ली नगर निगम की जलभराव से निपटने को लेकर पूरी तैयारियां है लेकिन इस बार रिकॉर्ड बारिश होने की वजह से जलभराव की दिक्कत सामने आयी।एमसीडी के सभी 12 जोन में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो कि 24 घंटे काम कर रहे हैं। जहां से भी जलभराव की शिकायतें आ रही हैं, वहां पर तत्काल अस्थाई पंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जलभराव की समस्या आज की नहीं है। यह पिछले 20 सालों से बरकरार है। इस समस्या को दूर करने के लिए मिलकर काम किया जा रहा है। दिल्ली की जनता को जल्द जल भराव की समस्या से राहत मिलेगी। दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम इस समस्या को दूर करने के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रही है। दिल्ली को जलभराव से मुक्त करने के लिए हर कदम उठाया जाएगा। एमसीडी के स्कूलों में की गई छुट्टी : दिल्ली में सोमवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी देते हुए अलर्ट जारी किया है ऐसे में मेयर डॉ. शैली ओबरॉय के निर्देश पर निगम के स्कूलों में सोमवार को छुट्टी घोषित कर दी गई। मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने कहा कि मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के चलते एमसीडी के स्कूलों की सोमवार छुट्टी की गई है।

दिल्ली में बारिश से मकान गिरा, दो लोगों को बचाया गया

नई दिल्ली, 09 जुलाई : दिल्ली में भारी बारिश के कारण जखीरा इलाके में रविवार को एक मकान ढहने के बाद मलबे में फंसे दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल पर यह पता लगाने के लिए तलाशी और बचाव अभियान जारी है कि कहीं मलबे के नीचे और लोग तो नहीं फंसे हैं। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में जलभराव हुआ और डीएफएस के नियंत्रण कक्ष को शनिवार को घर ढहने से संबंधित 15 फोन आए। दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे घर गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले चौबीस घंटे के दौरान दिल्ली में 153 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में सबसे ज्यादा है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के कारण उत्तर पश्चिम भारत में भारी वर्षा हो रही है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी भी शामिल है। दिल्ली में शनिवार को मॉनसून की पहली ‘भारी बारिश’ दर्ज की गई थी।

दिल्ली: श्रीनिवासपुरी में मूसलाधार बारिश से सरकारी स्कूल की दीवार ढही

नई दिल्ली, 09 जुलाई : दिल्ली के श्रीनिवासपुरी में एक सरकारी स्कूल की दीवार रविवार को बारिश की वजह से ढह गई। सूत्रों के मुताबिक, चार महीने पहले ही स्कूल का पुनर्निर्माण हुआ था। राष्ट्रीय राजधानी में मूसलाधार बारिश की वजह से रविवार को स्कूल की चारदीवारी का एक हिस्सा ढह गया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली अभिभावक संघ की सदस्य अपराजिता गौतम ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार को सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता पर ही नहीं बल्कि स्कूलों में आधारभूत संरचना की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आम आदमी पार्टी (आप) विश्व स्तरीय शिक्षा के बारे में बात तो करती है लेकिन आधारभूत संरचना के पहलू को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ आप सरकार को आधारभूत संरचना में सुधार पर भी ध्यान देना चाहिए।’’ गौतम ने कहा कि छात्रों को मध्यावधि परीक्षा से पहले दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह भी चाहते हैं कि बच्चों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए, ताकि मध्यावधि परीक्षा के दौरान उनकी पढ़ाई बाधित न हो।’’ इस मामले पर स्कूल प्रशासन की ओर से कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं मिली है।