दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने पर यातायात परामर्श जारी

नई दिल्ली, 13 जुलाई : दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक परामर्श जारी किया है। परामर्श के अनुसार आईपी फ्लाईओवर और चंदगी राम अखाड़े के बीच महात्मा गांधी मार्ग, कालीघाट मंदिर और दिल्ली सचिवालय के बीच महात्मा गांधी मार्ग, और वज़ीराबाद ब्रिज तथा चंदगी राम अखाड़े के बीच बाहरी रिंग रोड पर यातायात बाधित है। इसमें कहा गया है कि यात्रियों को इन मार्गों से बचने और अन्य मार्गों से यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। परामर्श में कहा गया है कि गैर-नियत व्यावसायिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उन्हें पूर्वी तथा पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की ओर भेजा जाएगा। व्यावसायिक वाहनों का मार्ग मुकरबा चौक से बदला जाएगा इसके अलावा मुकरबा चौक और वजीराबाद पुल के बीच किसी भी व्यावसायिक वाहन को आने जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श के अनुसार, व्यावसायिक वाहनों को सराय काले खां से अन्य मार्ग पर भेजा जाएगा। सराय काले खां और आईपी फ्लाईओवर के बीच ऐसे किसी भी वाहन को आने जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गाजीपुर बॉर्डर तथा अक्षरधाम से भी उनके मार्ग परिवर्तित किए जाएंगे। अक्षरधाम और सराय काले खां के बीच भी ऐसे किसी वाहन को आने जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।        

यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद दिल्ली सचिवालय में भरा पानी

नई दिल्ली, 13 जुलाई: यमुना का जल स्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय में पानी भर गया, जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके मंत्रिमंडल और अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों के आवास-कार्यालय हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें दिल्ली सचिवालय में पानी भरने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि वे स्थिति को लेकर यातायात पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। राजघाट से दिल्ली सचिवालय जाने वाली सड़क पर भी पानी भर गया है। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीरी गेट और पुराना लोहे के पुल के बीच रिंग रोड पर पानी भर गया है और इसलिए वहां यातायात रोक दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट (पूर्व) के एक आदेशानुसार, जल स्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण गीता कॉलोनी में शमशान घाट को बंद कर दिया गया है। दिल्ली में यमुना का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह बढ़कर 208.48 मीटर पर पहुंच गया, जिससे आसपास की सड़कें, सार्वजनिक व निजी बुनियादी ढांचे जलमग्न हो गए और नदी के पास रहने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ‘ओल्ड रेलवे ब्रिज’ पर नदी का जलस्तर बुधवार रात 208 मीटर के निशान को पार कर गया था और बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक बढ़कर 208.48 मीटर तक पहुंच गया। उफनती हुई यमुना नदी का पानी आईटीओ तक पहुंच गया, जो पूर्वी दिल्ली से मध्य दिल्ली और कनॉट प्लेस तक आने-जाने का एक प्रमुख मार्ग है। इसके अलावा बोट कॉलोनी, गीता कॉलोनी, गांधी नगर के कुछ हिस्से, अशोक नगर और पांडव नगर जैसे इलाके भी जलमग्न हो गए। शहर में कई इलाकों से लोगों को निकालने की घोषणा की गई है।

यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश व निकास बंद, मेट्रो की गति सीमित की गई : डीएमआरसी

नई दिल्ली, 13 जुलाई: यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण मेट्रो की ‘ब्लू लाइन’ पर यमुना बैंक स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश व निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और उसकी गति भी सीमित कर दी गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यमुना में पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है और इससे 1978 का सर्वकालिक रिकॉर्ड टूट गया। इससे तटों के पास के निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ट्वीट किया, ”यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण मेट्रो की ब्लू लाइन पर यमुना बैंक स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश व निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। स्टेशन पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध है और ब्लू लाइन पर सेवाएं सामान्य है।” दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि यमुना बैंक स्टेशन की ओर आने वाली सड़क पर पहुंच भी अभी संभव नहीं है। डीएमआरसी ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर अभी पहुंच संभव नहीं है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यात्रा करें, वैकल्पिक मार्ग चुनें। (स्टेशन पर) मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध है।” डीएमआरसी ने बढ़ते जल स्तर के कारण एहतियाती तौर पर यमुना के चार पुलों को मेट्रो के 30 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमित गति से पार करने की जानकारी भी दी। डीएमआरसी ने कहा, ‘‘बढ़ते जल स्तर के कारण एहतियाती तौर पर यमुना के चार पुलों को मेट्रो 30 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमित गति से पार कर रही है। अन्य सभी गलियारों में सेवाएं सामान्य हैं।” डीएमआरसी के अधिकारियों ने बुधवार को बताया था कि नदी के बढ़ते जल स्तर के बीच वे यमुना पर बने मेट्रो के पुलों पर ”करीबी नजर” बनाए हुए हैं। दिल्ली में यमुना का जलस्तर बृहस्पतिवार को सुबह बढ़कर 208.48 मीटर पर पहुंच गया, जिससे आसपास की सड़कें, सार्वजनिक व निजी बुनियादी ढांचे जलमग्न हो गए और नदी के पास रहने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ‘ओल्ड रेलवे ब्रिज’ पर नदी का जलस्तर बुधवार रात 208 मीटर के निशान को पार कर गया था और बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक बढ़कर 208.48 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, इसके और बढ़ने की आशंका है। उसने इसे ”भीषण स्थिति” करार दिया है।

दिल्ली में उफान पर यमुना, टूटा 45 साल का रिकॉर्ड, सीएम ने बुलाई बैठक

नई दिल्ली, 12 जुलाई : दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। यमुना के पानी का स्तर 207.55 मीटर पर पहुंच गया है और इसी के साथ 45 साल का पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया है। तटबंध टूटने से गढ़ी मांडू गांव डूबा, जैतपुर और मीठापुर भी डूबने के कगार पर है। दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर दिल्ली के बाढ़ग्रस्त इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है। जानकारी के अनुसार लाल किला के पास पुराने लोहे के पुल से रेल और वाहनों का परिचालन रोक दिया गया है। यमुना का पानी निचले इलाकों को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले चुका है। यमुना में 1978 में जलस्तर सर्वाधिक था, जोकि 207.49 के करीब था। यमुना में बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्य के लिए 45 नावें तैनात की गई हैं। यमुना के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। हालात की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज शाम चार बजे आला अफसरों की आपात बैठक बुलाई है।

आतिशी ने किया बाढ़ राहत शिविर का दौरा, लिया तैयारियों का जायजा

नई दिल्ली, 12 जुलाई: दिल्ली में हथिनिकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चूका है। जिस कारण खादर इलाकों में यमुना का पानी घुस गया है। ऐसे में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी रखते हुए, केजरीवाल सरकार ने यमुना के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने राहत शिविरों में शिफ्ट किया है। जहाँ लोगों को खाना, साफ़ पानी, शौचालय, मेडिकल सहित अन्य जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाई जा रही है। ऐसे में राहत और बचाव संबंधी सभी तैयारियों का जायजा लेने के लिए राजस्व मंत्री आतिशी ने बुधवार को मयूर विहार व मिलेनियम डिपो स्थित केजरीवाल सरकार के बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया और लोगों से बातचीत की। राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा कि, बाढ़ कुदरत का कहर है लेकिन सरकार के रूप में हमारी जिम्मेदारी इससे प्रभावित होने वाले लोगों को की मदद करना और उन्हें हर जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाना है। इस दिशा में खादर इलाकों से लोगों को निकालने के साथ हमने उनके लिए राहत शिविर लगाये है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में लोगों के रहने की, खाने-पानी, मेडिकल सहित अन्य तमाम व्यवस्था सुनिश्चित की है। खासतौर पर इन कैम्पों में बहुत से बच्चे भी है जिनके लिए मेडिकल सुविधा सुनिश्चित की गई है। साथ ही गर्मी के कारण यहाँ प्रशासन को पंखे लगाने व अन्य जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाने के निर्देश दिए है। राजस्व मंत्री आतिशी ने यहाँ बाढ़ पीड़ितों से भी चर्चा की और प्रशासन को निर्देश दिए कि स्थानीय दिल्ली सरकार के स्कूलों से बात कर इन शिविरों में रह रहे बच्चों को उन स्कूलों में पढने के लिए भेजा जाए ताकि बच्चों की पढाई न रुके। साथ ही उन्होंने अधिकारीयों को निर्देश दिए कि, सभी शिविरों में हर जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाई जाए और ध्यान रखा जाए कि यहाँ रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। मीडिया से साझा करते हुए राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा कि पूरी दिल्ली में जहाँ-जहाँ यमुना के तटबंध है उन्हें और मजबूत बनाया जा रहा है ताकि वे टूटे न साथ ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर को लेकर कड़ी नजर बना रखी है और आगे की तैयारियां कर रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के इतिहास में यमुना का जलस्तर कभी इतना नहीं पहुंचा है। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी ने आज शाम एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें बाढ़ और राहत तथा बचाव से संबंधित सभी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि, दिल्ली में यमुना का बढ़ता जलस्तर का कारण हरियाणा से छोड़ा जा रहा पानी है। यदि हथिनिकुंड बैराज से पानी को धीरे-धीरे नहीं छोड़ा जायेगा तो खादर के साथ-साथ यमुना का पानी आबादी वाले इलाकों में भी पहुँच सकता है। इसको लेकर हम केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से बात करेंगे। बता दे कि, यमुना खादर इलाके के लोगों को केजरीवाल सरकार के शिविरों में रेस्क्यू कर लाया जा रहा है। दिल्ली के 6 डिस्ट्रिक्ट में करीब 2500 शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में लोगों के लिए रहने, भोजन, पानी, मेडिकल व अन्य जरुरी सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। इन शिविरों में लोगों की सुविधा के लिए दरी और गद्दें की भी व्यवस्था की गई है। पूर्वी दिल्ली बाढ़ से ज्यादा प्रभावित है ऐसे में यहाँ करीब 1700 से ज्यादा शिविर स्थापित किए गए है। नार्थ ईस्ट और साउथ ईस्ट में करीब 200 शिविर है।

यमुना के बढ़ते जल स्तर के मद्देनजर केजरीवाल ने अमित शाह को लिखा खत

नई दिल्ली, 12 जुलाई: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से हस्तक्षेप करने का बुधवार को आग्रह किया कि यमुना का स्तर और न बढ़े। केजरीवाल ने इसके लिए बकायदा गृह मंत्री अमित शाह को खत भी लिखा है। दिल्ली में बाढ़ की खबर से दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जायेगा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से हस्तक्षेप करने का बुधवार को आग्रह किया कि यमुना का स्तर और न बढ़े। उन्होंने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में बाढ़ की खबर से दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जायेगा। केजरीवाल ने कहा कि यमुना का जलस्तर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 207.55 मीटर तक बढ़ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में, उन्होंने अनुरोध किया कि ‘‘यदि संभव हो तो हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से पानी सीमित गति में छोड़ा जाये।” उन्होंने कहा कि दिल्ली कुछ सप्ताह के बाद जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है। केजरीवाल ने शाह को लिखे पत्र में कहा, ‘‘देश की राजधानी में बाढ़ की खबर से दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जायेगा। हमें एक साथ मिलकर दिल्ली के लोगों को इस तरह की स्थिति से बचाना होगा।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय जल आयोग के अनुमान के मुताबिक बुधवार रात को यमुना का स्तर 207.72 मीटर तक पहुंच जायेगा जो ‘‘गंभीर” चिंता का विषय है। यमुना के जल स्तर के बारे में एक अद्यतन जानकारी साझा करते हुए, केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, ‘‘केंद्रीय जल आयोग ने आज रात यमुना का जलस्तर 207.72 मीटर तक पहुंचने का अनुमान जताया है। दिल्ली के लिए यह अच्छी खबर नहीं है।” उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में पिछले दो दिन से बारिश नहीं हुई है, हालांकि, हथिनीकुंड बैराज में हरियाणा द्वारा असामान्य रूप से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का स्तर बढ़ रहा है। केंद्र से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाता है कि यमुना का जलस्तर और न बढ़े। वर्ष 1978 में उच्चतम बाढ़ स्तर 207.49 मीटर था। वर्तमान स्तर 207.55 मीटर है।” केजरीवाल ने कहा कि यमुना का जलस्तर अब तक के सबसे अधिक 207.55 मीटर तक बढ़ गया है। सरकारी एजेंसियों ने बुधवार को कहा कि यमुना का जल स्तर 1978 में 207.49 मीटर तक पहुंच गया था और अब इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए जलस्तर 207.55 मीटर तक पहुंच गया है। यमुना के जल स्तर के बारे में एक अद्यतन जानकारी साझा करते हुए, केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, ‘‘केंद्रीय जल आयोग ने आज यमुना का जलस्तर 207.72 मीटर तक पहुंचने का अनुमान जताया है। दिल्ली के लिए यह अच्छी खबर नहीं है।” उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में पिछले दो दिन से बारिश नहीं हुई है, हालांकि, हथिनीकुंड बराज में हरियाणा द्वारा असामान्य रूप से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का स्तर बढ़ रहा है। केंद्र से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाता है कि यमुना का जलस्तर और न बढ़े। वर्ष 1978 में उच्चतम बाढ़ स्तर 207.49 मीटर था। वर्तमान स्तर 207.55 मीटर है।”

ग्रेटर नोएडा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री : बाबा बोले- पाखंड फैलाने वालों को मेरा खुला चैलेंज, पर्ची खुलवाने के लिए मची होड़

ग्रेटर नोएडा, 12 जुलाई: “सनातन से ऊपर इस दुनिया में कुछ नहीं है, जो व्यक्ति सनातन धर्म को पाखंड बताता है। मैं उसको खुला चैलेंज देता हूं। वह कभी भी मुझसे मिल सकता है और बातचीत कर सकता है। उसकी पोल पट्टी में 2 मिनट में खोल दूंगा।” यह शब्द बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कार्यक्रम में मंच के माध्यम से कहे। “जो लोग फूंक मारकर पाखंड करते हैं, वो ये सब बंद कर दें” धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ग्रेटर नोएडा में होने की इस भागवत कथा में कहा, “भारत में जितने भी हली-उल्लाह करने वाले हैं, वो सुन लें। अब तुम्हारी यह फूंकने और फेंकने वाले चमत्कार बंद हो जाएंगे। हम तुम्हारी ठठरी बांधने वाले हैं। अगर तुम में दम है तो कभी भी आ जाना, हम तुम्हारे बारे में इतना बताएंगे कि तुम अपनी लुगाई को भी मुंह नहीं दिखा पाओगे। जो लोग फूंक मारकर पाखंड करते हैं, वो ये सब बंद कर दें। सनातन से बड़ी कोई शक्ति नहीं है। जो लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं और कहते हैं कि भगवान नहीं है, उन लोगों को मेरा खुला चैलेंज है, वह कभी भी आकर बात कर लें, उनकी पूरी पोल पट्टी खोल दूंगा।” आज लगा दिव्य दरबार ग्रेटर नोएडा के जैतपुर गोल चक्कर के पास भव्य भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम है। आज बुधवार 12 जुलाई 2023 को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दिव्य द्वार लगा हुआ है। लाखों की संख्या में भक्तगण अपनी पर्ची खुलवाने के लिए बाबा के दरबार में पहुंचे हैं। हालत काबू से बाहर है। भीड़ ज्यादा होने की वजह से हालत काबू से बाहर भीड़ ज्यादा होने की वजह से हालत काबू से बाहर हो गई। एक तरफ गर्मी और दूसरी तरफ ज्यादा भीड़ की वजह से भगदड़ मच गई। आयोजन कर्ता और पुलिस वालों के काबू से हालत बाहर पहुंच गई है। भगदड़ होने की वजह से करीब 10 लोग घायल हुए हैं। काफी लोगों के हाथ-पैर में चोट आई है। कुछ लोगों को करंट लगने की भी जानकारी मिली है। हालांकि काफी अस्पतालों के डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद है, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में रेफर किया गया।

बाबा बागेश्वर टूटा बिहार का रिकार्ड, बाबा के दिव्य दरबार में पहुंचे 12 लाख से अधिक भक्त

ग्रेटर नोएडा, 12 जुलाई : ग्रेटर नोएडा में हो रही भागवत कथा का आज तीसरा दिन है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आज दिव्य दरबार लगाया गया। दिव्य दरबार में बिहार का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 12 लाख से अधिक भक्तजन शामिल हुए। पंडाल में लोगों के लिए खड़े होने की जगह नहीं बची। बढ़ती भक्तजनों की संख्या, गर्मी और बिगड़ते हालातों को देखते हुए बाबा द्वारा दिव्य दरबार को बंद करना पड़ा। आपको बता दें कि चेतना मंच ने आज सुबह ही यह स्पष्ट किया था कि नोएडा में आयोजित होने वाली इस कथा और दिव्य दरबार में बिहार का रिकार्ड टूटेगा। दरबार के दौरान बाबा ने कहा ग्रेटर नोएडा में अब तक पूरे देश का रिकॉर्ड टूट चुका है। उन्होंने अब से पहले इतनी भीड़ कहीं और नहीं देखी है। आज सुबह से ही दरबार में हालात काबू से बाहर हो गए। पंडाल की अव्यवस्था भी धरी की धरी रह गई। पंडाल में वीआईपी पास वाले और मीडिया कर्मियों की भी एंट्री बंद कर दी गई। भक्तजनों का जमावड़ा करीबन 500 बीघा जमीन से भी अधिक में फैला रहा। बेहोश होकर गिरे भक्तजन पंडाल में गर्मी और भीड़ के कारण कई लोगों की हालत बिगड़ गई। किसी को चक्कर आए तो किसी को उल्टी होने लगी। पुलिस और वॉलिंटियर्स की मशक्कत भी काम ना आई। गर्मी के कारण लोग बेहोश होकर गिरने लगे लेकिन उसके बावजूद भीड कम नहीं हुई। जब हालात काबू से बिल्कुल बाहर हो गए तो बाबा ने भक्तजनों से हाथ जोड़कर घर जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम धाम के हनुमान जी सब पर कृपा करेंगे। लोग अपने घर जाकर यूट्यूब पर बाबाजी की कथा सुने। 25 लाख से अधिक भक्तों के सम्मिलित होने की आशंका दरबार के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा 15 से 20 अर्जियां लगाने के बाद हाथ जोड़कर दरबार बंद कर दिया गया। आज दिव्य दरबार के दौरान बिहार का रिकॉर्ड टूट गया। ग्रेटर नोएडा में तकरीबन 12 लाख से अधिक लोग दरबार में शामिल हुए। पूरी कथा के दौरान तकलीफ 25 लाख से अधिक भक्तजनों के सम्मिलित होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं पुलिस द्वारा हालात पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की जा रही है।

दिल्ली की गीता कॉलोनी में फ्लाईओवर के पास टुकड़ों में मिला शव

नई दिल्‍ली, 12 जुलाई: दिल्‍ली की गीता कॉलोनी में फ्लाईओवर के पास टुकड़े किया हुआ एक शव मिला है। संदेह है कि यह किसी महिला का शव है। यह घटना श्रद्धा वाकर हत्याकांड से काफी मिलती-जुलती है, जिसने पिछले साल पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उत्तरी दिल्ली की गीता कॉलोनी के पास मिला शव भयानक तरीके से कई टुकड़ों में कटा हुआ था। पुलिस ने कहा कि शरीर के कटे हुए हिस्सों के बारे में सुबह करीब सवा नौ बजे एक कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि शव के अवशेष जमुना खादर इलाके में फ्लाईओवर के पास दो अलग-अलग स्थानों पर पाए गए। डीसीपी ने कहा, एफएसएल और अपराध टीमें मौके पर हैं। प्रथम दृष्टया यह लगभग 35-40 साल के व्यक्ति का शव है। डीसीपी ने कहा, हम ऑर्थो फोरेंसिक के माध्यम से पुष्टि कर रहे हैं कि शरीर के अंग पुरुष के हैं या महिला के। हम किसी अन्य सबूत के लिए क्षेत्र की खोज कर रहे हैं। डीसीपी ने बताया कि उत्तरी जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। पिछले साल अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाकर की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को गिरफ्तार किया गया था। साकेत कोर्ट में पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र में आरोपी के कबूलनामे में कहा गया है कि उसने वॉकर के शरीर को 17 से अधिक टुकड़ों में काट दिया था।

दिल्ली: यमुना का जलस्तर 207.25 मीटर पर पहुंचा, और बढ़ने की आशंका

नई दिल्ली, 12 जुलाई : दिल्ली में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ के पानी से उफनती यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर 207.25 मीटर तक पहुंच गया है, जो 1978 के अब तक के रिकार्ड सर्वाधिक जलस्तर 207.49 के करीब है। सरकारी एजेंसियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़-निगरानी पोर्टल के अनुसार, पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जल स्तर 2013 के बाद पहली बार सुबह चार बजे 207 मीटर के निशान को पार कर गया था और बुधवार को सुबह आठ बजे तक बढ़कर यह 207.25 मीटर तक पहुंच गया। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर 12 बजे तक नदी का जलस्तर बढ़कर 207.35 मीटर हो जाएगा तथा जलस्तर में आगे भी वृद्धि होगी। दिल्ली में पिछले तीन दिनों में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसका जलस्तर रविवार को सुबह 11 बजे 203.14 मीटर दर्ज किया गया था, जो उम्मीद से 18 घंटे पहले ही खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया। यमुना का जलस्तर सोमवार की रात 206 मीटर के निशान को पार कर गया था, जिससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा और सड़क और रेल यातायात के लिये पुराने रेलवे पुल को बंद कर दिया गया। सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के मुताबिक, यमुना का मौजूदा 207.25 मीटर का जलस्तर 2013 के बाद सबसे अधिक है, जब यमुना 207.32 मीटर के स्तर पर पहुंच गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश से ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में जल का स्तर बढ़ने और संतृप्त मिट्टी के कारण यमुना के जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई। विभाग ने बताया कि निचले इलाके में रहने वाले लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि जागरूकता, निकासी और बचाव कार्य के लिए 45 नावें तैनात की गई हैं और निकाले गए लोगों को राहत प्रदान करने के लिए गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जा रही है। विभाग ने कहा, ‘पुराने रेलवे पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। अतिरिक्त पानी छोड़ने और लंबे समय तक उच्च जल स्तर को रोकने के लिए ओखला बैराज के सभी दरवाजे खोल दिए गए हैं।’ विभाग ने बताया कि इस काम के लिये संबंधित जिलों के सभी जिलाधिकारी और उनकी सेक्टर समितियां सतर्क हैं और बाढ की स्थिति से निपटने के लिये सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय करते हुए काम कर रही हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में सोमवार को कहा था कि दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका नहीं है, लेकिन सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। दिल्ली सरकार ने पहले रविवार और बाद में मंगलवार को बाढ़ की चेतावनी जारी की थी और अधिकारियों से सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया था। इसके अलावा, त्वरित प्रतिक्रिया दल और नौकाएं तैनात की गई हैं। दिल्ली सरकार ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों और यमुना के जलस्तर की निगरानी के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष सहित 16 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। यमुना नदी प्रणाली के जलग्रहण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्से शामिल हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में ‘भारी से अत्यधिक भारी’ वर्षा दर्ज की गई है। इससे नदियां, नाले उफान पर हैं और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व पंजाब में बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है तथा आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में 153 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। आईएमडी ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश होने और अगले चार से पांच दिन में रुक-रुक कर बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है।