आम आदमी पार्टी मुख्यालय में ‘बाढ़ राहत रसोई’ की हुई शुरुआत

नई दिल्ली, 15 जुलाई: दिल्ली में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने पार्टी मुख्यालय में शनिवार को ‘बाढ़ राहत रसोई’ शुरू की है। यहां से बाढ़ प्रभावित लोगों तक आप कार्यकर्ता भोजन पहुंचाएंगे। आप के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने यह जानकारी दी है। राय ने कहा कि आज से आम आदमी पार्टी मुख्यालय में ‘बाढ़ राहत रसोई’ की शुरूआत की गई है। दिल्ली में करीब 40 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में कोऑर्डिनेटर लगाए गए हैं, जो वहां रह रहे लोगों के अनुसार भोजन की जरूरतें बताएंगे और पार्टी मुख्यालय से उनके माध्यम से भोजन का पैकेट लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक युद्ध स्तर पर बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम कर रहे हैं जबकि भाजपा के सभी सांसद और केंद्र सरकार न जाने कहां गायब हैं। गोपाल राय ने कहा कि हथिनी कुंड से अगर उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तरफ भी पानी छोड़ा जाता तो दिल्ली में बाढ़ नहीं आती और सड़कों को बंद नहीं करना पड़ता। भाजपा अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में दिल्ली को डुबोने का षड्यंत्र तक करेगी, दिल्ली की जनता ने यह कभी सोचा भी नहीं था।

दिल्ली में आई आपदा मोदी सरकार की ओर से प्रायोजित : आप

नई दिल्ली, 15 जुलाई: आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को एक बार फिर दोहराया कि दिल्ली में आई बाढ़ प्राकृतिक आपदा नहीं थी बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भजपा) और मोदी सरकार द्वारा प्रायोजित आपदा है। ‘आप’ के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज संवाददाताओं से कहा,“ दिल्ली में आई बाढ़ प्राकृतिक आपदा नहीं, एक प्रायोजित आपदा है। पिछले छह दिनों से दिल्ली में बारिश नहीं हुई है। अगर बारिश के पानी का इंतजाम करने में हमसे कहीं कमी रह जाती, तब बात समझ में आती है। मगर यह कैसे हुआ कि दिल्ली में बारिश ही नहीं हुई और पानी खतरे ने निशान से ऊपर पहुंच गया, सारे रिकॉर्ड टूट गए और दिल्ली में बाढ़ आ गई। असल में यह भाजपा द्वारा प्रायोजित संकट है। नौ से 13 जुलाई तक हरियाणा में ईस्टर्न और वेस्टर्न कैनाल में पानी नहीं छोड़ा गया। हथिनीकुंड बैराज की लॉगशीट साफ कह रही है कि पानी को ईस्टर्न और वेस्टर्न कैनाल में नहीं छोड़ा गया, बल्कि सारा पानी सिर्फ दिल्ली में छोड़ा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और उनकी पार्टी का एक ही मकसद है कि दिल्ली के लोगों को परेशान करो और किसी भी तरह से अरविंद केजरीवाल को बदनाम करो।” श्री सिंह ने कहा,“ जब दिल्ली के जल मंत्री सौरभ भारद्वाज और सोमनाथ भारती ने इस मामले को उठाया कि किस तरह से सिर्फ एक ही जगह सारा पानी छोड़ा जा रहा है। हमने इस सवाल को उठाया और इसकी चर्चा तेज हुई, तब आनन-फानन में 13 जुलाई को पहले वेस्टर्न कैनाल में पानी छोड़ा गया और उसके बाद ईस्टर्न कैनाल में पानी छोड़ना शुरू किया।” उन्होंने एक वीडियो के जरिए दिखाया कि कैसे जो कैनाल पहले सूखी पड़ी हुई थीं, वहां ‘आप’द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद पानी छोड़ा गया है। श्री सिंह ने कहा कि दिल्ली को बाढ़ में डुबाने के पीछे केंद्र सरकार की गहरी साजिश है। प्रधानमंत्री ने देश के पांच राज्यों को बाढ़ग्रस्त छोड़कर फ्रांस जाना जरूरी समझा और अपने नेताओं को एक ही काम देकर गए कि दिल्ली को बर्बाद करने में जो भूमिका निभा सकते हो निभाना।

यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा, भारी बारिश नहीं हुई तो हालात जल्द सामान्य होंगे : केजरीवाल

नई दिल्ली, 15 जुलाई : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि यमुना नदी में जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है और अगर भारी बारिश नहीं हुई, तो हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। राष्ट्रीय राजधानी में अब भी कई इलाके जलमग्न हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों को जलमग्न इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने दिल्ली के शांतिवन इलाके में बाढ़ के पानी में खेल रहे बच्चों का वीडियो ट्वीट करते हुए कहा, ”मैं सबसे अपील करता हूं कि ऐसा न करें। यह जानलेवा हो सकता है।” केजरीवाल ने बताया कि वजीराबाद और चंद्रावल में जलशोधन संयंत्र रविवार तक फिर से काम करना शुरू कर देंगे। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ”यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। अगर भारी भारी बारिश नहीं हुई, तो हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। वजीराबाद और चंद्रावल जलशोधन संयंत्रों से पानी निकाला जा रहा है। बाद में मशीनों को सुखाया जाएगा। दोनों संयंत्र रविवार से फिर से काम करना शुरू कर देंगे।” उन्होंने कहा, ”एहतियात बरतें और एक-दूसरे की मदद करें।” दिल्ली में उफान पर बह रही यमुना नदी में शनिवार सुबह जलस्तर घटना शुरू हुआ, लेकिन यह कुछ सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से ही कम हो रहा है। यमुना नदी के तेज बहाव के कारण इंद्रप्रस्थ के पास क्षतिग्रस्त हुए जल रेगुलेटर (गति व्यवस्थापक) की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और दिल्ली यातायात पुलिस ने शांतिवन से गीता कॉलोनी तक रिंग रोड के दोनों कैरिजवे पर कार, ऑटो-रिक्शा और अन्य हल्के वाहनों की आवाजाही की अनुमति दे दी है। यातायात पुलिस विभाग ने ट्वीट किया कि शांतिवन से राजघाट और आईएसबीटी की ओर जाने वाली सड़क अभी भी बंद है। उधर, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यमुना पुल पर मेट्रो ट्रेन पर लगाया गया गति प्रतिबंध, नदी के जलस्तर में गिरावट आने के बाद हटा दिया है। डीएमआरसी ने ट्वीट किया, ”यमुना पर मेट्रो पुल पार करते समय ट्रेन पर लगाया गया गति प्रतिबंध हटा दिया गया है। सभी ट्रेन अब सामान्य रफ्तार से चल रही हैं।”

सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का ईडी, सीबीआई को नोटिस

नई दिल्ली, 14 जुलाई : उच्चतम न्यायालय न्यायालय ने शराब नीति में अनियमितता के आरोप में तिहाड़ जेल में करीब छह माह से न्यायिक हिरासत में बंद दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री की अंतरिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर उन्हें अगली सुनवाई 28 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया था। न्यायमूर्ति खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ शुरूआत में इस मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को रखना चाहती थी, लेकिन सिसोदिया का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने याचिकाकर्ता की पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए इस मामले को शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई। इसके बाद पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 28 जुलाई मुकर्रर की। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिसोदिया को सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक रोकथाम अधिनियम के तहत 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने लंबी पूछताछ के बाद धन शोधन के आरोप में उन पर प्राथमिकी दर्ज किया था। श्री सिसोदिया ने दोनों मामले में अलग-अलग तारीखों पर निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जहां उन्हें निराशा हाथ लगी थी। श्री सिसोदिया ने अंतरिम जमानत नहीं देने के उच्च न्यायालय के फैसले को विशेष अनुमति याचिका दायर कर शीर्ष अदालत में चुनौती दी। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिसोदिया की याचिका पर शीघ्र सुनवाई की गुहार 10 जुलाई को स्वीकार करते हुए इसे संबंधित मामले को 14 जुलाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था। पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने विशेष उल्लेख के दौरान सिसोदिया की पत्नी के अस्वस्थ होने का जिक्र करते हुए उनकी याचिका पर शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई, जिसे स्वीकार कर लिया गया। पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने सीबीआई और ईडी की ओर से दर्ज प्राथमिकियों के मामले में उच्च न्यायालय से अपनी जमानत याचिका खारिज होने के बाद छह जुलाई को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी की शराब नीति-2021-22 (जो बाद में रद्द कर दी गई थी) में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन के मामले में तीन जुलाई और इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले में 30 मई को सिसोदिया एवं अन्य की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा की एकल पीठ ने ईडी मामले में सिसोदिया के अलावा सह आरोपी विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली और बी. बाबू को जमानत देने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति शर्मा ने अपने आदेश में कहा था कि यह मामला सार्वजनिक धन के भारी नुकसान और गहरी साजिश करने के आरोप पर आधारित है। याचिकाकर्ता सिसोदिया के खिलाफ इस मामले में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसलिए इस मामले को कुछ अलग तरीके से देखना होगा। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया पर बाहरी लोगों की सलाह पर शराब नीति नीति को प्रभावित करने के आरोप हैं। उच्च न्यायालय की इसी पीठ ने सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया की जमानत याचिका 30 मई को खारिज कर दी थी और तब इसी एकल पीठ ने सिसोदिया की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता प्रभावशाली व्यक्ति है। जमानत मिलने के बाद वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इस वजह से जमानत नहीं दी सकती। इससे पहले राउस एवेन्यू स्थित एम. के. नागपाल की विशेष अदालत ने 31 मार्च को सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सिसोदिया ने विशेष अदालत के इस फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय चुनौती दी थी। विशेष अदालत ने ईडी द्वारा धन शोधन से संबंधित प्राथमिकी में सिसोदिया की जमानत याचिका 28 अप्रैल खारिज कर दी थी। सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह ईडी और सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद है। सीबीआई मामले में न्यायिक हिरासत के दौरान ईडी ने सिसोदिया से पूछताछ की थी और पर नौ मार्च को गिरफ्तार किया था। बाद में विशेष अदालत ने ईडी की याचिका पर सिसोदिया को उसकी हिरासत में भेजा दिया था। सिसोदिया की ईडी की हिरासत खत्म होने के बाद इस मामले में भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। सीबीआई ने 17 अक्टूबर 2022 को सिसोदिया से पूछताछ की थी। सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को सिसोदिया और अन्य 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

दिल्ली : यमुना नदी का पानी आईटीओ, राजघाट में घुसा

नई दिल्ली, 14 जुलाई: यमुना नदी में जल स्तर घटने लगा है लेकिन इंद्रप्रस्थ के समीप दिल्ली सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के रेगुलेटर को नुकसान पहुंचने के कारण आईटीओ और राजघाट के इलाके शुक्रवार को जलमग्न हो गए जिससे हालात और बदतर हो गए हैं। बाढ़ का पानी मध्य दिल्ली के तिलक मार्ग इलाके में स्थित उच्चतम न्यायालय तक भी पहुंच गया है। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने मुख्य सचिव को रेगुलेटर (गति व्यवस्थापक) को क्षति पहुंचने के मामले पर प्राथमिकता के आधार पर गौर करने और समस्या को हल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, ”सारी रात हमारे दल ने डब्ल्यूएचओ इमारत के समीप नाला संख्या 12 के रेगुलेटर की मरम्मत का काम किया। फिर भी यमुना का पानी इसके जरिए शहर में घुस रहा है। सरकार ने मुख्य सचिव को इस पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर काम करने का निर्देश दिया है।” इस रेगुलेटर को नुकसान पहुंचने के कारण यमुना नदी का पानी शहर के इलाकों में घुसा। सुबह आठ बजे यमुना का जल स्तर 208.42 मीटर था। आईटीओ और राजघाट के इलाकों में बाढ़ आने के कारण प्राधिकारियों को यातायात की आवाजाही पर पाबंदियां लगानी पड़ी। दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ”डब्ल्यूएचओ इमारत के समीप नाले में क्षमता से अधिक पानी बहने के कारण आईपी फ्लाईओवर की ओर सराय काले खां से महात्मा गांधी मार्ग पर वाहनों की कोई आवाजाही नहीं होगी। यात्रियों को इस मार्ग से बचने की सलाह दी जाती है।” पूर्वी दिल्ली को लुटियंस दिल्ली से जोड़ने वाले अहम मार्ग आईटीओ रोड पर जलभराव के कारण यात्रियों को काफी समस्याएं हुईं। अपने कार्यालय और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे लोगों को इस मार्ग से गुजरते वक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे अंडर ब्रिज के समीप नाले में क्षमता से अधिक पानी बहने के कारण भैरों रोड को भी यातायात की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। कुछ लोगों को आईटीओ के जलभराव वाले हिस्से में अपने वाहनों को खींचकर ले जाते हुए देखा गया। नोएडा की ओर जाने वाले एक यात्री ने कहा, ”अब तक हमें लग रहा था कि बाढ़ का पानी केवल निचले इलाकों में घुस रहा है लेकिन अब खतरा नजदीक लग रहा है क्योंकि अब दिल्ली के मुख्य हिस्से में भी बाढ़ आ गयी है।”

दिल्ली में रविवार तक सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय रहेंगे बंद : केजरीवाल

नई दिल्ली, 13 जुलाई : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद सभी स्कूलों-कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के साथ-साथ दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों को रविवार तक के लिए बंद करने का आदेश दिया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में गुरुवार को डीडीएमए की बैठक में यमुना में बढ़ते जल स्तर को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्री केजरीवाल ने निर्णयों की जानकारी देते हुए आज बताया कि यमुना का जल स्तर अभी बढने की संभावना है इसलिए आवश्यक सेवाओं को छोड़कर दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों को रविवार तक बंद करने का आदेश दिया गया है। सभी कर्मचारी रविवार तक घर से ही काम करेंगे। प्राइवेट संस्थानों को भी एडवाइजरी जारी कर अधिक से अधिक वर्क फ्राॅम होम करने की अपील की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को बंद करना पड़ा है। इससे 25 फीसद पानी का प्रोडक्शन कम हो गया है। दिल्ली सरकार पानी की राशनिंग कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी की काफी ज्यादा किल्लत होने वाली है। तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से दिल्ली की पानी उत्पादन क्षमता 25 फीसद तक कम हो गई है। दिल्ली के लोगों को एक-दो दिन पानी की दिक्कत हो सकती है। दिल्ली के अंदर प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। सिर्फ आवश्यक सेवाएं देने वाले भरी वाहनों को ही दिल्ली में आने दिया जाएगा। राहत केंद्रों में शौचालय और बॉथरूम की काफी दिक्कत आ रही थी क्योंकि कांवड़ के भी काफी कैंप लगे हैं, वहां भेज दिए गए हैं। राहत केंद्रों को अब स्कूलों में शिफ्ट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बने राहत केंद्रों में करीब 20 हजार लोग हैं। 50 से अधिक नावों का इंतजाम किया गया है। अगर जरूरत पड़ेगी तो और नावों का इंतजाम कर दिया जाएगा। हथिनी कुंड बैराज में जितना पानी आ रहा है वह उनको छोड़ना ही पड़ रहा है, क्योंकि वहां पर कोई रिजर्वायर नहीं है। इससे संभावना है कि आज शाम तक यमुना का जल स्तर थोड़ा और ऊपर तक पहुंचेगा। इसके बाद संभावना जतायी गयी है कि जल स्तर नीचे जाना शुरू हो जाएगा।

यमुना का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली में कई इलाके जलमग्न, जनजीवन व यातायात प्रभावित

नई दिल्ली, 13 जुलाई: यमुना का पानी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन तथा यातायात प्रभावित हो गया। अधिकारियों को बचाव व राहत कार्यों को अंजाम देने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुबह 10 बजे यमुना का जलस्तर 208.53 मीटर तक पहुंच गया, जिससे 45 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नदी के पास के स्कूलों को बंद करने और जल शोधक संयंत्रों को बंद करने की घोषणा की है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए निचले इलाकों में घुटनों तक भरे पानी से गुजरना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाए गए। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर एहतियाती कदम के रूप में राज्य सरकार ने सिंधु बार्डर सहित शहर की चारों सीमाओं से आवश्यक सामान लाने वाले वाहनों को छोड़कर भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। ट्विटर पर परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश की एक प्रति साझा करते हुए उन्होंने कहा, ”यमुना नदी में असामान्य रूप से बढ़ते जल स्तर को देखते हुए एहतियात के तौर पर सिंघू बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, लोनी बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर से भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।” गहलोत ने एक ट्वीट में कहा, ”वहीं हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड से आने वाली अंतरराज्यीय बसें आईएसबीटी कश्मीरी गेट न जाकर सिंघू बॉर्डर पर ही रुक जायेंगी।” उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं जैसे खाद्य पदार्थ और पेट्रोलियम उत्पादों को लाने वाले वाहनों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। मेट्रो की ‘ब्लू लाइन’ पर यमुना बैंक स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश व निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और उसकी गति भी सीमित कर दी गई है। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि यमुना बैंक स्टेशन की ओर आने वाली सड़क पर पहुंच भी अभी संभव नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना शहर में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की एक विशेष बैठक करेंगे। उन्होंने बताया कि डीडीएमए के उपाध्यक्ष केजरीवाल भी बैठक में शामिल होंगे। ‘ओल्ड रेलवे ब्रिज’ पर नदी का जलस्तर बुधवार रात 208 मीटर के निशान को पार कर गया था और बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक बढ़कर 208.48 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, इसके और बढ़ने की आशंका है। उसने इसे ”भीषण स्थिति” करार दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को उन इलाकों में स्कूलों को बंद करने की घोषणा की, जहां पानी भर गया है। वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र बंद कर दिए गए, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में जल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। लोगों की परेशानियां बढ़ने पर उन्होंने विधायकों, पार्षदों, स्वयंसेवकों और अन्य लोगों से राहत शिविरों तक पहुंचने और वहां लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। यमुना का जल स्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय में पानी भर गया, जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके मंत्रिमंडल और अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों के आवास-कार्यालय हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें दिल्ली सचिवालय में पानी भरने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि वे स्थिति को लेकर यातायात पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। राजघाट से दिल्ली सचिवालय जाने वाली सड़क पर भी पानी भर गया है। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीरी गेट और पुराना लोहे के पुल के बीच रिंग रोड पर पानी भर गया है और इसलिए वहां यातायात रोक दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट (पूर्व) के एक आदेशानुसार, जल स्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण गीता कॉलोनी में शमशान घाट को बंद कर दिया गया है। लोगों के घुटनों तक गहरे पानी से गुजरते और निचले इलाकों में अपना सामान ले जाते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आए हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक परामर्श जारी किया है। परामर्श के अनुसार आईपी फ्लाईओवर और चंदगी राम अखाड़े के बीच महात्मा गांधी मार्ग, कालीघाट मंदिर और दिल्ली सचिवालय के बीच महात्मा गांधी मार्ग, और वजीराबाद ब्रिज तथा चंदगी राम अखाड़े के बीच बाहरी रिंग रोड पर यातायात बाधित है। परामर्श में कहा गया कि ऐसे व्यावसायिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिनके गंतव्य तय न हो। उन्हें पूर्वी तथा पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की ओर भेजा जाएगा। व्यावसायिक वाहनों का मार्ग मुकरबा चौक से बदला जाएगा इसके अलावा मुकरबा चौक और वजीराबाद पुल के बीच किसी भी व्यावसायिक वाहन को आने जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श के अनुसार, व्यावसायिक वाहनों को सराय काले खां से अन्य मार्ग पर भेजा जाएगा। सराय काले खां और आईपी फ्लाईओवर के बीच ऐसे किसी भी वाहन को आने जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गाजीपुर बॉर्डर तथा अक्षरधाम से भी उनके मार्ग परिवर्तित किए जाएंगे। अक्षरधाम और सराय काले खां के बीच भी ऐसे किसी वाहन को आने जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हर गुजरते घंटे के साथ स्थिति बिगड़ने के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया और पुलिस ने एहतियाती तौर पर राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में बुधवार को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इस धारा के तहत चार से अधिक लोगों के एक ही स्थान पर एकत्रित होने पर रोक होती है।

धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम में सेवादार ने महिला को उठा कर रेलिंग के पार फेंका, एफआईआर दर्ज

नोएडा, 13 जुलाई : बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री का कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा में चल रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर काफी विवाद सामने आया है। यह विवाद एक सेवादार के एक महिला को रेलिंग के पार फेंकने के बाद शुरू हुआ। एक तरफ जहां अव्यवस्थाओं के चलते लोगों को दिक्कतें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अब सेवादार भी लोगों और महिलाओं से बदतमीजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक वीडियो सामने आया है जिसका संज्ञान लेते हुए गौतम बुध नगर में पुलिस ने मामला दर्ज किया है और सेवादार की तलाश की जा रही है। वीडियो में एक सेवादार एक महिला को उठाकर रेलिंग से दूसरी तरफ फेंकता दिख रहा है। वह महिला दरबार में अर्जी लगाने के लिए रेलिंग फांदकर दूसरी तरफ आ गई थी। जब सेवादार महिला के साथ बदसलूकी कर रहा था तो उस वक्त वहां पुलिस वाले भी मौजूद थे लेकिन उन्होंने उसे नहीं रोका। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया है और इस मामले में सूरजपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित महिला और सेवादार की पहचान की जा रही है। जबकि दरोगा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ के बाद 1,000 से अधिक लोगों और 500 मवेशियों को बचाया गया

नई दिल्ली, 13 जुलाई : राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने और बुधवार को 207.71 मीटर तक पहुंचने के बाद निचले इलाकों में भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में दिल्ली पुलिस, अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सफलतापूर्वक काम कर रही है। इस बीच 1,000 से अधिक लोगों और 500 से अधिक मवेशियों को बचाया गया। फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए एक नाव में गश्त के दौरान, पुलिस ने एक पेड़ पर बैठे एक व्यक्ति को सुरक्षा की तलाश में देखा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जितेंद्र नाम का यह शख्स अपनी जान बचाने के लिए पिछले 22 घंटों से पेड़ पर बैठा था। वरिष्ठ अधिकारियों सहित दिल्ली पुलिस विभिन्न एजेंसियों के साथ बचाव प्रयासों के समन्वय में सक्रिय रूप से शामिल रही है। उनके कार्यों में सार्वजनिक घोषणाएं करना, फंसे हुए लोगों की पहचान करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करना और बचाव कार्यों के लिए नावों की व्यवस्था करना शामिल है। नदी के किनारे घरों और बाजारों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है, क्योंकि उनके आसपास पानी भर गया है। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान 1,065 लोगों और 517 मवेशियों को बचाया गया। शाहदरा जिले में पांच मवेशियों को बचाया गया, जबकि उस्मानपुर में 190 लोगों और 100 मवेशियों को बचाया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “शास्त्री पार्क में 100 लोगों और 175 मवेशियों को बचाया गया, जबकि सोनिया विहार में पानी भरे इलाकों में फंसे 200 लोगों और 150 मवेशियों को निकाला गया।” अधिकारी ने कहा, “मयूर विहार इलाके में कुल 65 लोगों और 12 मवेशियों को बचाया गया, जबकि पांडव नगर इलाके से 450 लोगों और 50 मवेशियों को निकाला गया।”

बाहरी दिल्ली में सड़क हादसे में चार तीर्थयात्रियों की मौत

नई दिल्ली, 13 जुलाई : बाहरी दिल्ली में बुधवार देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर में चार कांवड़ियों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हादसे के बारे में देर रात 12 बजकर 44 मिनट पर सूचना मिली। पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) रवि कुमार सिंह ने बताया कि हरियाणा में पंजीकृत ट्रक जी.टी. करनाल रोड पर डिवाइडर से टकरा गया और दूसरी ओर कांवड़ियों को ले जा रहे एक अन्य ट्रक से टकरा गया। हादसे में चार तीर्थयात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हुए हैं। सिंह ने कहा, ”हमने अलीपुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 304 ए (लापरवाही के कारण मौत) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।”