गोपाल राय की अध्यक्षता में हुई पशु कल्याण बोर्ड की पहली बैठक

नई दिल्ली, 27 जुलाई: दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में पशु कल्याण बोर्ड की पहली बैठक की गई। बैठक के बाद गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में नव गठित पशु कल्याण के मुद्दों को लेकर दिल्ली पशु कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। 19 वर्गों में विभाजित विधायक सोमदत्त और बन्दना कुमारी समेत कुल 27 सदस्य पशु कल्याण बोर्ड में शामिल किए गए है। यह बोर्ड दिल्ली में पशुओं के प्रति होने वाली क्रूरता की रोकथाम और उनकी बेहतरी के लिए कार्य करेगी। साथ ही दिल्ली में पशुओं के इलाज के लिए 5 मोबाइल वैन लगाने के लिए निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही पशुओं के हेल्थ चेकअप के लिए सभी सुविधाओं से लैस पांच डायग्नोस्टिक सेंटर्स बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पशु कल्याण बोर्ड पशु कल्याण से संबंधित कानूनों का दिल्ली में सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने व इस कार्य से जुड़ी संस्थाओं की मदद करने इस संबंध में परामर्श देने का कार्य करता है। 19 वर्गों में विभाजित 27 सदस्यों के इस पशु कल्याण बोर्ड में आज विधायक सोमदत्त और बन्दना कुमारी समेत राज्य में पशु कल्याण कार्यों में सक्रिय रूप से कार्यरत लोग, संबंधित विभाग के उच्च अधिकारी, एसपीसीए, गौशालाओ और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल रहे। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य है कि सभी प्रकार के जीवों की पीड़ा से बचाव करना और उनकी बेहतरी के लिए रोडमैप तैयार करना। आगे गोपाल राय ने बताया कि यह बोर्ड पशु कल्याण से संबंधित कानूनों का दिल्ली में सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने और इस कार्य से जुड़ी संस्थाओं की मदद करने का कार्य करेगा। दिल्ली के 11 जिलों में पशु कल्याण कार्यों में शामिल संगठनों/निकायों को दिशानिर्देशों सहित वित्तीय और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा। इसके लिए यह बोर्ड शासन निकाय के रूप में कार्यरत रहेगा।

राम-राम कहने पर दिल्ली के सरकारी स्कूल ने स्टूडेंट को निकाला, हिंदू संगठन ने जताया विरोध

नई दिल्ली, 26 जुलाई : राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दिल्ली सरकार के स्कूल में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि राम-राम कहने पर स्कूल प्रशासन ने निकाल दिया है। घटना मंगलवार, 25 जुलाई की है, जिसमें बताया गया कि कई छात्रों को स्कूल प्रशासन ने अध्यापकों से राम राम कहने पर बाहर निकाल दिया गया है। जब छात्रों ने यह बात अपने परिजनों को बताई तो वे स्कूल पहुंचे और इसे लेकर विरोध जताया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। छात्रों और परिजनों के हंगामे के बीच हिंदू संगठन के लोग भी वहां पहुंचे। स्कूल प्रशासन ने स्कूल के बाहर भीड़ इकट्ठा होते देख पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जहांगीरपुरी थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराया। 10वीं के एक छात्र ने बताया कि कुछ छात्र स्कूल में माथे पर टीका लगाकर आते थे और टीचरों से राम-राम करते थे। इस पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल ने विरोध किया और छात्रों को कई बार स्कूल से बाहर निकालने की चेतावनी भी दी। छात्रों ने वाइस प्रिंसिपल पर भेदभाव व राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आंदोलन के समय खुद वाइस प्रिंसिपल, किसानों का हरे रंग का बैच लगाकर आते थे और बीजेपी सरकार का विरोध करते थे। उधर, परिजनों का आरोप है कि स्कूल में इस तरह के हालात बीते दो सालों से बने हुए हैं। छात्र डर के कारण इस बात की जानकारी नहीं दे रहे थे, लेकिन जब स्कूल प्रशासन की तरफ से छात्रों को बाहर निकालने की घटना हुई तो यह बात सामने आई। हिंदू संगठन ने स्कूल प्रशासन की नीतियों का विरोध करते हुए वाइस प्रिंसिपल के ट्रांसफर की मांग की। उनका कहना है कि अगर वाइस प्रिंसिपल का ट्रांसफर नहीं किया गया तो वह बच्चों को तंग करेंगे और उनसे दोबारा भेदभाव करेंगे।

एम्स में आपस में जुड़ी दो बच्चियों को किया गया अलग, दोनों बच्चे स्वस्थ

नई दिल्ली, 26 जुलाई : यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आपस में जुड़ी एक साल की दो बच्चियों को सर्जरी के माध्यम से सफलतापूर्वक अलग किया गया है। आपस में पेट और छाती से जुड़े जुड़वां बच्चों को सर्जरी कर अलग करने में एम्स के डाक्टरों ने सफलता पाई है। एम्स के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीनू वाजपेयी के नेतृत्व में करीब तीन दर्जन डाक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की टीम ने पिछले महीने यह सफल सर्जरी की। अब दोनों जुड़वां बच्चे स्वस्थ हैं। बच्चे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं। एम्स के मुताबिक पिछले तीन वर्षो में आपस में जुड़े जुड़वां बच्चों को अलग करने की यह तीसरी जटिल सर्जरी है। इन तीन सर्जरी में एम्स के डाक्टरों ने छह बच्चों को अलग कर उन्हें नई जिंदगी दी है। बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चिकित्सकों ने बताया कि बच्चियों को एक दूसरे से जुड़े रहने के कारण सोने में दिक्कत होती थी। एम्स में जांच के दौरान पता चला कि एक बच्चे के लिवर का दायां हिस्सा दूसरे बच्चे के बायें हिस्से से जुड़ा था। इसके अलावा छाती की पसलियां और हृदय का ऊपरी हिस्सा आपस में जुड़ा था। हालांकि बच्चों के हृदय की धमनियां या नसें आपस में नहीं जुड़ी थीं। आठ घंटे तक चली सर्जरी में बच्चों के लिवर और छाती के हिस्से को अलग किया गया। बच्चों को डाक्टरों की निगरानी में रखा गया और अब बच्चे स्वस्थ हैं। जल्दी ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

कॉल उठाते ही केंद्रीय मंत्री के फोन में चलने लगा अश्लील विडियो, ब्लैकमेल कर मांगी मोटी रकम; दो गिरफ्तार

नई दिल्ली, 26 जुलाई : केंद्रीय जल शक्ति व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल को एक सेक्सटॉर्शन गिरोह द्वारा पैसे उगाही करने के मकसद से कॉल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने कॉलर के माेबाइल नंबरों की जांच कर दो आरोपित माेहम्मद वकील व मोहम्मद साहिब को राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार कर लिया है। रैकेट में शामिल एक अन्य आरोपित व मास्टरमाइंड मोहम्मद साबिर की पुलिस तलाश कर रही है। ये सभी संगठित सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाते हैं। क्राइम ब्रांच के विशेष आयुक्त रवींद्र सिंह यादव का कहना है कि केंद्रीय मंत्री जब मध्य प्रदेश में अपने गांव का दौरा कर रहे थे, तभी 26 जून को किसी ने महिला की प्रोफाइल फोटो लगे वाट्सऐप नंबर से उन्हें वीडियो कॉल किया था। कॉल उठाते ही कॉलर के नंबर पर एक महिला के कपड़े उतारने संबंधी पहले से रिकार्डेड वीडियो चालू हो गया था। करीब दो तीन मिनट के दौरान जब तक वह कुछ समझ पाते कॉलर ने दूसरे मोबाइल से बातचीत संबंधी वीडियो रिकार्ड कर लिया और उसके बाद सेक्सटार्शन गिरोह के सदस्यों ने पैसे ऐंठने के मकसद से उन्हें कॉल करना शुरू कर दिया था। ब्लैकमेल कर मंत्री से मांगे रुपये केंद्रीय मंत्री को फोन करने वाले ने कहा कि उन्होंने एक महिला के साथ वीडियो कॉल पर अश्लील बातें की हैं जिसका वीडियो उसके पास है। वह उक्त वीडियो को फेसबुक पर डाल देगा, जिससे उनकी बदनामी होगी। वीडियो न डालने के एवज में जैसे ही कॉलर ने उनसे पैसे की मांग करनी चाही, उन्होंने माजरा समझ कर फोन काट दिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री के अपने अतिरिक्त निजी सचिव आलोक मोहन को सारी जानकारी दी। आलोक मोहन ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा दी। कॉलर के नंबरों की जांच करने पर पता चला कि भरतपुर के मलिकी गांव से कॉल की गई थी। पुलिस टीम कई बार आरोपितों को पकड़ने वहां गई। स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों को गांव में नहीं घुसने दिया। दो आरोपितों को पुलिस ने पकड़ा पिछले हफ्ते क्राइम ब्रांच की टीम ने बहुत मुश्किल से गांव के समीप दोनों को उस समय दबोच लिया, जब वे गांव से निकलकर बाजार के लिए निकले थे। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल एक मोबाइल बरामद कर लिया गया है। दूसरा मोबाइल बरामद करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पूरे गांव में अधिकतर लोग सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाते हैं। पुलिस जब वहां आरोपितों को पकड़ने जाती है, तब गांव के लोग पुलिसकर्मियों का विरोध करते हैं।

दिल्ली सरकार के खिलाफ भाजपा का विशाल प्रदर्शन

नई दिल्ली, 25 जुलाई : दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच सियासी जंग लगातार जारी है। अब दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर विशाल प्रदर्शन किया। भाजपा का यह प्रदर्शन आंध्र भवन के पास किया गया। यह प्रदर्शन केजरीवाल सरकार की विफलताओं के विरोध में किया गया है। वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का भी प्रयोग किया है।जानकारी के अनुसार भाजपा के कार्यकर्ता ‘आप’ के ऑफिस की तरफ बैरिकेडिंग तोड़कर जा रहे थे, इस दौरान दिल्ली पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। इस विशाल प्रदर्शन में वीरेंद्र सचदेवा, नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। क्या है पूरा मामला : सुप्रीम कोर्ट ने आरटीजीएस रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए दिल्ली सरकार को अविलंब 415 करोड़ रुपए भुगतान करने को कहा। इसी के बाद दिल्ली सरकार के खिलाफ भाजपा प्रदर्शन कर रही है। भाजपा का कहना है कि मेट्रो के लिए केजरीवाल के पास पैसा नहीं है, लेकिन विज्ञापन के लिए पैसा है। वीरेंद्र सचदेवा ने प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ सरकार के खिलाफ चार्जशीट पेश करते हुए दिल्ली की बदहाली के लिए केजरीवाल को कटघरे में खड़ा किया है।

हर घर को साफ-स्वच्छ पानी पहुंचाने के मिशन में वॉटर-एटीएम का प्रयोग कर रही दिल्ली सरकार

नई दिल्ली, 24 जुलाई: केजरीवाल सरकार दिल्ली में हर घर तक साफ पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर मिशन मोड में काम कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जगह-जगह आरओ एटीएम भी लगाए जा रहे हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मायापुरी फेस दो के खजान बस्ती में आरओ एटीएम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर घर तक साफ-स्वच्छ पानी पहुंचाने के मिशन में हम वॉटर-एटीएम जैसा अनूठा प्रयोग भी कर रहे हैं। जहां-जहां हमें टैंकर से पानी देना पड़ता है, वहां हम वॉटर-एटीएम शुरू करेंगे। अमीर लोगों की तरह अब दिल्ली के गरीब लोग भी आरओ का साफ पानी पिया करेंगे। दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तहत खजान बस्ती के अलावा शकुरबस्ती, कालका और झरोदा में आरओ प्लांट शुरू हो चुके हैं। आने वाले दिनों में इस तरह के करीब 500 आरओ प्लांट लगाए जाएंगे। हर व्यक्ति को वॉटर एटीएम कार्ड दिया जाएगा, जिसकी मदद से वो प्रतिदिन 20 लीटर फ्री पानी ले सकेगा। इस दौरान जल मंत्री सौरभ भारद्वाज, डीजेबी के उपाध्यक्ष सोमनाथ भारती और स्थानीय विधायक राजकुमार ढिल्लों समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कई इलाके ऐसे हैं, जहां बहुत ज्यादा घनी आबादी है। कई इलाकों में टैंकर से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जाती है। कई कारणों की वजह से ऐसे इलाकों में पानी की पाइप लाइन नहीं डाली जा सकती। ऐसे इलाकों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति के लिए हमने तकनीक का इस्तेमाल कर नया तरीका निकाला है। इसके तहत हम जिन इलाकों में भू-जल स्तर ऊंचा होगा, वहां पर ट्यूबवेल लगाएंगे। दिल्ली के कई इलाकों में भू-जल की गुणवत्ता बहुत अच्छी नहीं है। ट्यूबवेल से इस पानी को निकालेंगे और आरओ से उसकी सफाई करेंगे। इसके बाद आरओ का पानी लोगों को दिया जाएगा। इसके लिए लोगों को वाटर एटीएम (कार्ड) जारी किया गया है। इस वाटर एटीएम की मदद से प्रति व्यक्ति 20 लीटर पानी प्रतिदिन ले सकता है। प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 20 लीटर पानी काफी होता है। दिल्ली में चार वाटर एटीएम लग चुके हैं और 500 एटीएम अभी लगने हैं- सौरभ भारद्वाज दिल्ली के जल मंत्री सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर कहा कि हरिनगर के खजान बस्ती मायापुरी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ वॉटर एटीएम प्लांट का शुभारंभ किया। दिल्ली में जिन इलाकों में पानी की लाइन नहीं पहुंच पाती है, उस जगह पर दिल्ली सरकार ट्यूब बेल के जरिये पानी का आर.ओ प्लांट लगाकर स्थानीय जनता को साफ़ व शुद्ध पानी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि खजान बस्ती के प्लांट में एक कार्ड के जरिए हर रोज 20 लीटर पानी लिया जा सकता हैं। अब तक इस तरह से पूरी दिल्ली में चार वाटर एटीएम लगे हैं, 500 एटीएम दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में लगने हैं। अब तक 2500 कार्ड दिए जा चुके हैं। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सोमनाथ भारती ने ट्वीट कर कहा कि जो कहां सो किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में 93 फीसद इलाकों में दिल्ली जल बोर्ड की लाइनें बिछा दी गई हैं। बाकी सात फीसद में वे इलाके हैं, जो बहुत घने हैं और पानी की लाइन बिछाना बहुत मुश्किल है। उन इलाकों के लिए आरओ प्लांट के जरिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अरविंद केजरीवाल ने पिया आरओ का पानी डीजेबी के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को एक कार्ड दिया गया है। उस कार्ड की मदद से लोग 5, 10 या 20 लीटर आरओ का पानी ले सकते हैं। इस दौरान कार्ड के जरिए पानी लेने वाले कुछ लोग भी मौजूद थी। अधिकारियों ने लोगों को कार्ड से पानी लेते हुए दिखाया और मुख्यमंत्री ने खुद भी आरओ का पानी पिया। आरओ का पानी उच्च गुणवत्ता का मीठा है। शकुरबस्ती, कालका और झरोदा में भी चालू है आरओ प्लांट वर्तमान में मायापुरी फेस 2 के खजान बस्ती में एक आरओ प्लांट स्थापित है जो चालू हो गया। अभी यहां पर आरओ पानी का वर्तमान उत्पादन लगभग 35 केएलडी है जो आने वाले दिनों में 50 केएलडी तक बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, तीन और आरओ प्लांट चालू हैं। जिसमें शकुबस्ती, कालका जी के देशबंधु अपार्टमेंट और झरोदा शामिल है। आरओ प्लांट प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएं- – विभिन्न जेजेसी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी 50 केएलडी के 30 आरओ प्लांट लगाए जाएंगे। – डीजेबी प्रत्येक आरओ प्लांट के लिए 10 लाख रुपए का खर्च करेगा। – डीजेबी उपयोग के अधिकार के आधार पर मुफ्त भूमि प्रदान/व्यवस्था करेगा। – ट्यूबवेल से आरओ इंस्टॉलेशन तक भूजल/कच्चा पानी डीजेबी द्वारा मौजूदा ट्यूबवेल से या नए ट्यूबवेल की स्थापना से उपलब्ध कराया जाएगा। – डीजेबी उपभोक्ताओं को आरओ प्लांट से मुफ्त में पानी लेने के लिए ऑपरेटर के माध्यम से आरएफआईडी कार्ड दिलाएगा। डीजेबी उपभोक्ताओं को आपूर्ति किए गए पानी के लिए भुगतान करेगा। ऑपरेटर को डीजेबी का भुगतान ऑपरेटर द्वारा प्रदान किए जाने वाले आरएफआईडी कार्ड खपत के अनुसार होगा। डीजेबी द्वारा जारी आरएफआईडी कार्ड के अलावा किसी अन्य तरीके से पानी की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। – शुद्ध पानी की दर 1.60 रुपये प्रति 20 लीटर (यानी 8 पैसे प्रति लीटर) है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड द्वारा नजदीकी जेजेसी निवासियों को यह पानी मुफ्त दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार के स्कूलों में जश्न के रूप हुआ ‘हैप्पीनेस सप्ताह’ का आगाज

नई दिल्ली, 24 जुलाई: दिल्ली सरकार के स्कूलों में सोमवार से ‘हैप्पीनेस सप्ताह 2023’ की शुरुआत हुई। शिक्षा मंत्री आतिशी ने सोमवार को सर्वोदय को-एड विद्यालय, कालकाजी में एक सप्ताह तक चलने वाले इस उत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री बच्चों के साथ हैप्पीनेस क्लास में शामिल हुई और एक्टिविटीज में भी भाग लिया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि पिछले पांच सालों में हैप्पीनेस करिकुलम का सफ़र शानदार रहा है। इससे बच्चों का पढ़ाई में फोकस बढ़ा है और उन्हें स्ट्रेस-फ्री रहने में भी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि एक इंसान को अपने वास्तविक जीवन में जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उन सभी चुनौतियों का जबाव हैप्पीनेस करिकुलम है। हैप्पीनेस करिकुलम से दिल्ली सरकार के स्कूली बच्चों में जो आत्मविश्वास आया है। ये आत्मविश्वास समाज व देश के भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। आतिशी ने कहा कि, पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में 14-15 साल की स्कूली शिक्षा के दौरान बच्चों को साइंस पढ़ाई जाती है, मैथ्स-लैंग्वेज पढ़ाई जाती है लेकिन उस दौरान सोशल-इमोशनल वेल-बींग, क्रिटिकल थिंकिंग, टीम मैनेजमेंट व अन्य जरुरी स्किल्स को कही न कही अनदेखा किया जाता है। इसका नतीजा होता है कि जब बच्चा स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद बाहर निकलता है और उसके सामने वास्तविक जीवन की चुनौतियाँ आती तो वह उसके लिए तैयार नहीं होता है। बच्चों को इन सभी चुनौतियों से निपटना और तनावमुक्त होकर खुश रहना सीखाने के लिए हैप्पीनेस करिकुलम की शुरुआत हुई। आगे आतिशी ने गर्व से कहा, हैप्पीनेस करिकुलम ने इन मूल प्रश्नों को संबोधित करके और हमारे छात्रों को सामजिक,मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाकर एक वैश्विक मानदंड स्थापित किया है। रोजाना 30 मिनट की हैप्पीनेस क्लास से, दिल्ली सरकार के स्कूलों के लाखों बच्चों ने न सिर्फ़ रिश्तों की अहमियत को समझना सीखा है, बल्कि अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखा है,और सबसे जरुरी, हमारे लाखों बच्चों ने खुश रहना सीखा है। इसी का नतीजा है कि, अब बच्चे ख़ुद यह मानते है कि उनका पढ़ाई में फोकस बढ़ा है और उन्हें स्ट्रेस-फ्री रहने में मदद मिली है। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2018 में नर्सरी से कक्षा 8 तक के लिए दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों में शुरू किए गए हैप्पीनेस पाठ्यक्रम ने पिछले पांच सालों में शानदार सफलता हासिल की है। और रोजाना लाखों छात्र हैप्पीनेस क्लास में शामिल होते है, माइंडफुलनेस के साथ अपने दिन की शुरुआत करते है।

दिल्ली : यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, ‘ओल्ड रेलवे ब्रिज’ रेल यातायात के लिए बंद

नई दिल्ली, 24 जुलाई: यमुना नदी का जलस्तर सोमवार सुबह खतरे से निशान 205.33 मीटर से एक मीटर से अधिक ऊपर रहा, जिसके कारण प्राधिकारियों ने ‘ओल्ड रेलवे ब्रिज’ (ओआरबी) पर रेलगाड़ियों का आवागमन रोक दिया। ओआरबी पर नदी का जलस्तर 13 जुलाई को 208.66 मीटर के अब तक के सर्वाधिक ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ दिन से खतरे के निशान के आस-पास है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से नदी में पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि ओआरबी पर रेलगाड़ियों का परिचालन यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण निलंबित कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा, ”दिल्ली और शाहदरा के बीच मार्ग बंद रहेगा और रेलगाड़ियों को नई दिल्ली के रास्ते भेजा जाएगा।” अधिकारियों के मुताबिक, नदी के जलस्तर में वृद्धि से राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में राहत एवं पुनर्वास के काम पर असर पड़ सकता है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के आंकड़ों के अनुसार, यमुना का जलस्तर शनिवार रात 10 बजे 205.02 मीटर से बढ़कर रविवार देर रात तीन बजे 206.57 मीटर पर पहुंच गया।, जिसके बाद इसमें गिरावट आने लगी। आंकड़ों के मुताबिक, जलस्तर सोमवार सुबह आठ बजे 206.54 मीटर दर्ज किया गया, जिसके अपराह्न दो बजे तक गिरकर 206.42 मीटर पहुंचने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 25 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के मुताबिक, यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में जल प्रवाह की दर शनिवार सुबह नौ बजे एक लाख के आंकड़े के पार चली गई और सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच दो लाख से 2.5 लाख क्यूसेक के बीच रही। दिल्ली सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के ऊपरी हिस्सों में भारी बारिश से निचले इलाकों में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर असर पड़ेगा और उन्हें लंबे समय तक राहत शिविरों में रहना पड़ सकता है। इससे शहर में जल आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है, जो वजीराबाद पंप हाउस में बाढ़ के कारण चार-पांच दिन तक प्रभावित रही थी। पंप हाउस वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला शोधन संयंत्र में अशोधित जल की आपूर्ति करता है। ये संयंत्र शहर को करीब 25 फीसदी जल की आपूर्ति करते हैं। दिल्ली को इस महीने अप्रत्याशित जलभराव और बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

मणिपुर हिंसा के विरोध में दिल्ली कांग्रेस ने जंतर मंतर पर किया मौन सत्याग्रह

नई दिल्ली, 23 जुलाई: मणिपुर हिंसा के विरोध में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) द्वारा आज रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मौन सत्याग्रह का आयोजन किया जा रहा है। मोदी सरकार पर तानाशाही रवैया और लोकतंत्र विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए दिल्ली कांग्रेस पार्टी के प्रभारी दीपक बाबरिया और अध्यक्ष अनिल चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के नेताओं का जंतर-मंतर पर मौन सत्याग्रह जारी है। इस मौके पर अनिल चौधरी ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में भाजपा की देश विरोधी कूटनीति और पूंजीपतियों को पोषित करने की नीति, तानाशाही शासन की प्रवृति, कार्यपालिका और न्यायपालिका पर संपूर्ण नियंत्रण के कारण देश बर्बाद हो चुका है। कांग्रेस पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देश पर दिल्ली के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की केन्द्र सरकार के खिलाफ मौन सत्याग्रह में काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। यह विरोध दर्शाता है कि देश अब तानाशाह के खिलाफ लामबंद हो चुका है। अनिल चौधरी ने कहा कि हालांकि मणिपुर पिछले ढाई महीने से जल रहा है और अशांति में है, लेकिन मोदी सरकार उत्तर पूर्वी राज्य की गंभीर स्थिति के प्रति तभी जागी जब राहुल गांधी ने मणिपुर का दौरा किया, शांति की सलाह देने के लिए मैतेई और कुकी विस्थापित लोगों से मुलाकात की, और राज्य के राज्यपाल से भी मुलाकात की और उनसे राज्य में शांति और व्यवस्था लाने का अनुरोध किया क्योंकि आम लोगों का जीवन बर्बाद हो गया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री और प्रधान मंत्री मोदी दोनों अशांत राज्य में शांति लाने के लिए प्रयास नहीं कर हैं, इस वजह से मणिपुर जैसे संवेदनशील राज्य में जो कुछ हो रहा है उसके ख़िलाफ़ जानता विरोध और आक्रोश। दीपक बाबरिया ने कहा कि दंगों में दो महिलाओं को नग्न करके दरिंदगी हुई उससे पूरे देश में रोष है। पिछले ढाई महीनों से अधिक समय से मणिपुर जल रहा है और भाजपा की मणिपुर सरकार हिंसा और दंगों पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी जब गरीबों की आवाज और इन पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते है तो उसको दबाने का प्रयास किया जाना अनैतिक है। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव तारिक अनवर, पूर्व अध्यक्ष अजय माकन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली, पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ, उत्तराखंड प्रभारी देवेंद्र यादव, मेघालय-अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी मनीष चतरथ, पूर्व मंत्री हारुन यूसुफ, पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र नाथ, पूर्व मंत्री डॉ. किरण वालीया, पूर्व सांसद रमेश कुमार, मीडिया कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन अनिल भारद्वाज सहित पूर्व विधायकों, निगम पार्षदों, पूर्व निगम पार्षदों, जिला अध्यक्ष, ब्लाक अध्यक्ष, जिला को ऑर्डिनेटर व अग्रिम संगठनों, सेल एवं विभागों ने हजारों की संख्या में हिस्सा लिया।

आई फ्लू फैलने के कारण बाढ़ पीड़ितों के लिए लगाया नेत्र जांच शिविर

-बिधूड़ी ने वितरित की राशन किट, साड़ियां और कपड़े नई दिल्ली, 23 जुलाई: बदरपुर विधानसभा क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए आज निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जैतपुर पार्ट-2 की विश्वकर्मा कॉलोनी के विश्वकर्मा मंदिर में आयोजित किया गया। इस कॉलोनी में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी इस मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को राशन किट, साड़ियां और बच्चों के लिए कपड़ों का वितरण भी किया। निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन ‘स्वाभिमान देश का संगठन’ द्वारा आयरिस आई क्लीनिक के सहयोग से किया गया। संस्था के संस्थापक सुरेंद्र सिंह बिधूड़ी ने बताया कि बाढ़ आने के बाद राजधानी में आई फ्लू बहुत तेजी से फैल रहा है। इसलिए इसी क्षेत्र में नेत्र जांच शिविर का आयोजन इसलिए किया गया है कि ताकि जिनकी आंखें खराब हैं, डॉक्टर उनकी जांच कर सकें और उन्हें दवाई उपलब्ध करा सकें। यही नहीं, लोगों को यह भी बताया गया कि इस बीमारी से बचने के लिए बाहर से आने पर साफ पानी से आंखों को धोएं। सफाई का ध्यान रखें और आई फ्लू होने पर दूसरों से दूर रहें, एक ही तौलिया या कपड़ा इस्तेमाल न करें, साफ कपड़े से ही आंखों को साफ करें। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस कैंप का लाभ उठाया। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि बाढ़ में विश्वकर्मा कॉलोनी बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। शिविर के साथ ही बाढ़पीड़ितों को राशन किट और कपड़े भी वितरित किए गए। राशन किट में आटा, चावल, दाल, चीनी, चायपत्ती, नमक, सरसों का तेल, साबुन और आलू हैं। कुल मिलाकर 752 लोगों को राशन किट, महिलाओं को साड़ी और बच्चों को पेंट और शर्ट वितरित की गई। बाढ़ के दौरान यहां के लोगों के लिए किचन के साथ-साथ साफ पानी, दवाइयों और शौचालय का भी इंतजाम किया गया।