दरभंगा/नई दिल्ली, 27 फरवरी। राजधानी दिल्ली के सरिता विहार इलाके में 20 फरवरी को हुई दोहरी हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हो गया है। मामी और उनकी छह साल की मासूम बेटी की हत्या कर शव को दिवान पलंग के भीतर छिपाने के बाद फरार हुए भांजे दिनदयाल झा को दिल्ली पुलिस ने दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घर के भीतर मिला भयावह दृश्य मृतका ज्योति अपने पति सुदर्शन कुमार और तीन बच्चों के साथ दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सरिता विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत आली विहार, भीम कॉलोनी में किराये के मकान में रहती थीं। पास के ही मकान में उनका भांजा दिनदयाल झा भी रह रहा था। 20 फरवरी की शाम जब सुदर्शन कुमार घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने और प्रयास करने के बाद जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का मंजर दिल दहला देने वाला था। कमरे में रखा दिवान पलंग असामान्य स्थिति में था। जब उसे उठाया गया तो उसके भीतर पत्नी ज्योति और छह वर्षीय बेटी जानवी का शव बरामद हुआ। घटना के बाद से दिनदयाल झा फरार था और उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। दिल्ली से हरिद्वार, फिर दरभंगा तक पीछा हत्या के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की टेक्निकल सेल सक्रिय हो गई। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी दिल्ली से हरिद्वार भागा और वहां से बिहार के दरभंगा पहुंच गया। दिल्ली पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। गुरुवार को पुलिस टीम दरभंगा पहुंची और स्थानीय नगर थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दरभंगा के एसएसपी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस हत्या के एक आरोपी को यहां से पकड़कर ले गई है। फटकार से उपजा प्रतिशोध प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुदर्शन कुमार ने किसी बात को लेकर दिनदयाल को डांट-फटकार लगाई थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने प्रतिशोध में यह जघन्य कदम उठाया। कुछ स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी का अपनी मामी के साथ अत्यधिक भावनात्मक लगाव भी था, जिसे लेकर परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है और अभी किसी ठोस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मासूम की हत्या से गहरा आक्रोश छह साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और रिश्तों के विश्वास पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। हत्या की सटीक वजह, घटना के दौरान की परिस्थितियां और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि पारिवारिक रिश्तों में उपजे विवाद किस तरह भयावह मोड़ ले सकते हैं।
Arvind Kejriwal और Manish Sisodia को बड़ी राहत, दिल्ली शराब नीति मामले में सभी 23 आरोपी बरी
नई दिल्ली। बहुचर्चित दिल्ली आबकारी नीति (शराब नीति) मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी कानूनी राहत मिली है। राजधानी स्थित Rouse Avenue Court ने सुनवाई के बाद दोनों नेताओं समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसियां आपराधिक साजिश या दुर्भावनापूर्ण इरादे के ठोस और प्रत्यक्ष प्रमाण पेश करने में असफल रहीं। अदालत की टिप्पणी: आपराधिक मंशा के पुख्ता सबूत नहीं कोर्ट ने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया कि प्रस्तुत दस्तावेज़ों, गवाहों के बयानों और प्रशासनिक फाइलों के अध्ययन से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि आरोपितों ने किसी आपराधिक साजिश के तहत कार्य किया। न्यायालय के अनुसार, जिन निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए गए, वे शासन की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा थे और उन्हें आपराधिक षड्यंत्र के रूप में स्थापित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिला। अदालत ने यह भी कहा कि केवल प्रक्रियागत त्रुटियां या नीतिगत मतभेद अपने-आप में आपराधिक इरादे का प्रमाण नहीं होते, जब तक कि उनके पीछे स्पष्ट दुर्भावना या व्यक्तिगत लाभ के ठोस साक्ष्य न हों। राजनीतिक हलकों में हलचल फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के खेमे में उत्साह का माहौल देखा गया। केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सच की हमेशा जीत होती है।” उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे सत्य की विजय बताया। वहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन पर लगाया गया पूरा मामला निराधार था और आज का फैसला यह साबित करता है कि सत्य और न्याय अंततः विजयी होते हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की मजबूती का प्रतीक बताया। मनीष सिसोदिया ने भी न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि यह फैसला ईमानदारी और सच्चाई की जीत है। विपक्ष की प्रतिक्रिया पर नजर मामले के राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। दिल्ली की राजनीति में इस फैसले के दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है, खासकर आगामी चुनावी समीकरणों के संदर्भ में। दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को लेकर जांच एजेंसियों ने कथित अनियमितताओं और साजिश के आरोप लगाए थे। इसी क्रम में कई नेताओं और अधिकारियों से पूछताछ की गई और आरोप पत्र दायर किए गए। हालांकि अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चले आ रहे इस बहुचर्चित मामले पर फिलहाल विराम लग गया है, लेकिन इसके राजनीतिक और प्रशासनिक निहितार्थ आने वाले समय में भी चर्चा का विषय बने रहेंगे।
48 घंटे पानी सप्लाई रहेगी प्रभावित: Delhi Jal Board का द्वारका WTP पर बड़ा मेंटेनेंस कार्य
नई दिल्ली, 25 फरवरी 2026। राजधानी के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में रहने वाले लाखों लोगों को अगले दो दिन पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। Delhi Jal Board (डीजेबी) ने जानकारी दी है कि द्वारका स्थित Dwarka Water Treatment Plant (डब्ल्यूटीपी) पर महत्वपूर्ण रखरखाव और इंटरकनेक्शन कार्य के चलते 25 फरवरी 2026 सुबह 11 बजे से 27 फरवरी 2026 सुबह 11 बजे तक कुल 48 घंटे जल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। डीजेबी के अनुसार, भाग्य विहार क्षेत्र में हाल ही में बिछाई गई 1500 मिमी व्यास की ट्विन रॉ वॉटर लाइन को मौजूदा 1500 मिमी ट्विन रॉ वॉटर मेन से जोड़ने (इंटरकनेक्शन) का कार्य किया जाएगा। यह तकनीकी प्रक्रिया भविष्य में पानी की आपूर्ति को अधिक स्थिर और बेहतर दबाव के साथ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस उन्नयन से दीर्घकाल में जल वितरण प्रणाली मजबूत होगी, लेकिन फिलहाल कार्य के दौरान प्लांट से सप्लाई अस्थायी रूप से बंद रखनी पड़ेगी। किन-किन इलाकों में पड़ेगा असर? मेंटेनेंस कार्य के चलते निम्न क्षेत्रों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद या कम दबाव पर रहेगी: द्वारका सब सिटी *महावीर एन्क्लेव विजय एन्क्लेव उत्तम नगर कॉलोनियां पूछनपुर *लक्ष्मी विहार बिजवासन छावला गोयला डेयरी नांगलोई मटियाला पालम कापसहेड़ा नजफगढ़ टाउन और आसपास के गांव धूलसीरस ककरोला उतम नगर विकासपुरी राजपुर मदनगीर आनंद विहार श्याम विहार नीलोठी पश्चिम विहार राजौरी गार्डन आईजीआई एयरपोर्ट यशोभूमि (आईसीसीसी) इन इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे पहले से ही पानी का पर्याप्त भंडारण कर लें और पानी का उपयोग संयम से करे। डीजेबी ने बताया कि आपूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित जोनल कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। दिल्ली जल बोर्ड ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्य शहर की जल व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए विभाग ने आश्वासन दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा कर सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
केरल की कला-संस्कृति का भव्य उत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जारी किया ब्रोशर
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में 27 से 29 मार्च तक केरल की समृद्ध कला, संस्कृति और सभ्यतागत विरासत का भव्य उत्सव ‘जनोत्सवम’ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम का आधिकारिक ब्रोशर जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, देश की विविध परंपराओं को जोड़ने वाला एक जीवंत सेतु है और ‘जनोत्सवम’ जैसे आयोजन इस भूमिका को और सशक्त बनाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सांस्कृतिक संगम न केवल दिल्लीवासियों को केरल की परंपराओं से परिचित कराएगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संवाद को भी नई ऊर्जा देगा। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राज्यसभा सांसद श्री सदानंदन मास्टर तथा इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. के. जी. सुरेश ने मुख्यमंत्री को इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में केरल की शास्त्रीय एवं लोक कलाओं, पारंपरिक संगीत, नृत्य, साहित्य और हस्तशिल्प का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, ‘जनोत्सवम’ का उद्देश्य केरल की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना और देश की विविध परंपराओं के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना है। राजधानी में आयोजित होने जा रहा यह उत्सव कला प्रेमियों और सांस्कृतिक शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। दिल्ली सरकार की भागीदारी इस आयोजन को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राजधानी में होने वाला यह सांस्कृतिक महोत्सव भारत की ‘एकता में अनेकता’ की भावना को साकार रूप में प्रस्तुत करेगा।
दिल्ली में 25 नई अटल कैंटीन का शुभारंभ, अब प्रतिदिन 71 हजार थालियां ₹5 में मिलेंगी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गरीब, श्रमिक और जरूरतमंद वर्ग के लिए बड़ी सौगात देते हुए आज 25 नई अटल कैंटीनों का शुभारंभ किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर गीता कॉलोनी स्थित अटल कैंटीन में अतिथियों ने भोजन भी किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि भाजपा सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में अब तक कुल 71 अटल कैंटीन खोली जा चुकी हैं, जबकि पिछली सरकार के 11 वर्षों में यह योजना फाइलों तक सीमित रही। सरकार के अनुसार, इन 71 अटल कैंटीनों में प्रतिदिन लगभग 71 हजार थालियां परोसी जाएंगी। मात्र ₹5 में उपलब्ध इस थाली में पौष्टिक और गर्म भोजन दिया जाएगा, जिससे दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों और अन्य मेहनतकश वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि श्रम का सम्मान है। “जो लोग दिन-रात मेहनत कर दिल्ली को आगे बढ़ाते हैं, उनके लिए सम्मानपूर्वक भोजन की व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रेरणा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजधानी में कुल 100 अटल कैंटीन खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली में कोई भी जरूरतमंद भूखे पेट न सोए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, कैबिनेट सहयोगी आशीष सूद, विधायक अनिल गोयल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सरकार का दावा है कि ‘स्पीड और स्केल’ के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारना उसकी कार्यशैली की पहचान है। अटल कैंटीन योजना को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो राजधानी के मेहनतकश वर्ग के लिए राहत और सम्मान दोनों लेकर आई है।
मोहन गार्डन में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे: VASU द्वारा 5वें रुद्राभिषेक का भव्य आयोजन
नई दिल्ली। फाल्गुनी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वैदिक आध्यात्मिक संस्कृति उत्थान (VASU) के तत्वावधान में सत साहेब गार्डन, मोहन गार्डन में 5वें रुद्राभिषेक का भव्य एवं दिव्य आयोजन 15 फरवरी (रविवार) को संपन्न हुआ। धार्मिक आस्था और वैदिक परंपरा से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। रुद्राभिषेक वैदिक विधि-विधान के अनुसार वाराणसी से पधारे आचार्य पंडित ऋषिकेश तिवारी जी एवं श्री सुरेश त्रिपाठी जी द्वारा संपन्न कराया गया। इस दौरान VASU संस्था के संस्थापक पंडित धनंजय तिवारी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और वैदिक अनुष्ठान के बीच भगवान शिव का अभिषेक श्रद्धा एवं आस्था के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाबा पंडित नंदकिशोर मिश्रा जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारत हिंदू महासभा), राही संस्था के संस्थापक डॉ. उमाकांत शर्मा जी एवं भगवान शर्मा जी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. पवन आर्य जी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आयोजन की सराहना की। अतिथियों ने अपने संबोधन में भारतीय वैदिक संस्कृति के संरक्षण और प्रसार के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने देश, समाज और विश्व शांति की कामना करते हुए भगवान शिव से सुख-समृद्धि एवं कल्याण का आशीर्वाद मांगा। कार्यक्रम में भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। इस सफल आयोजन में VASU के पदाधिकारियों और सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। विशेष रूप से आशीष रंजन, हृदेश वर्मा, वासुदेव तिवारी, राकेश पांडेय, कमलेश सिंह, एम.पी. त्रिपाठी, गोपाल जायसवाल, अमित पांडेय, प्रशंजित जी, दीपक मिश्रा, राजेंद्र गिरी, सतनदेव जी, प्रभुनाथ महतो एवं विभेष जी का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का संकल्प दोहराया।
मोहन गार्डन में गूंजे ‘हर हर महादेव’ के जयकारे: वसु संस्था का पाँचवाँ रुद्र महायज्ञ भव्य रूप से संपन्न
नई दिल्ली, 15 फरवरी 2026 (रविवार)। संवत 2082 एवं अंग्रेजी वर्ष 2026 में फाल्गुनी महाशिवरात्रि एवं देवाधिदेव महादेव के प्राकट्य दिवस के पावन अवसर पर वैदिक आध्यात्मिक संस्कृति उत्थान (वसु) संस्था द्वारा “पाँचवाँ एक दिवसीय अभिषेकात्मक पार्थिवार्चन रुद्र महायज्ञ” का भव्य आयोजन किया गया। यह धार्मिक अनुष्ठान मोहन गार्डन स्थित सतसाहेब गार्डन एवं पार्टी लॉन में संपन्न हुआ, जहाँ सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन प्रारंभ प्रातः 09 बजे वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पार्थिव शिवलिंग की स्थापना कर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार सहित यजमान बनकर रुद्राभिषेक किया। पूरे परिसर में ‘हर हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारों से आध्यात्मिक वातावरण भक्तिमय हो उठा। महायज्ञ में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस वर्ष विशेष रूप से यूट्यूब चैनल के माध्यम से ऑनलाइन पूजन की व्यवस्था की गई, जिससे दूर क्षेत्रों में रहने वाले सनातनी परिवार भी घर बैठे इस पुण्य अनुष्ठान से जुड़ सके। दोपहर 03 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। भजन-कीर्तन एवं धार्मिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कलाकारों ने शिव भक्ति पर आधारित प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंडित बृजकेश मिश्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारत हिन्द महासभा उपस्थित रहे।विशेष अतिथि के रूप में डॉ. पवन आर्य, राष्ट्रीय प्रभारी, ने सहभागिता की। यज्ञ के यजमान के रूप में वैदिक ऋषिकेश तिवारी (संपूर्णानंद, वाराणसी) ने वैदिक अनुष्ठानों का संचालन कराया। वहीं संस्था के संस्थापक आचार्य धनंजय तिवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वसु संस्था सनातन धर्म की रक्षा, उसके प्रसार एवं नई पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सनातन संस्कृति के उत्थान का संकल्प वसु संस्था द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह रुद्र महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन रहा है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। संस्था का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना है। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया तथा विश्व कल्याण एवं राष्ट्र की समृद्धि की कामना के साथ महायज्ञ का समापन हुआ।
फीस विवाद पर दिल्ली में ‘हल्ला बोल’: सौरभ भारद्वाज का सरकार पर हमला, एडमिट कार्ड दिलाने का ऐलान
नई दिल्ली। राजधानी में एक निजी स्कूल द्वारा कथित फीस वृद्धि और छात्रों के रोल नंबर रोके जाने के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए इसे “बच्चों के भविष्य से खिलवाड़” बताया और दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। भारद्वाज ने कहा कि “दिल्ली के अंदर इतनी बड़ी गुंडागर्दी चल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री उदयपुर में शादी समारोह में व्यस्त हैं।” उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अभिभावक और बच्चे परेशान हैं, तब सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। शिक्षा मंत्री पर भी सवाल विधायक ने शिक्षा मंत्री Ashish Sood की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि शिक्षा विभाग को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। ‘सील’ और कोर्ट की अंडरटेकिंग का दावा सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान संबंधित स्कूल को फीस में कथित अनियमितताओं के चलते सील किया गया था। बाद में स्कूल प्रबंधन ने अदालत में यह अंडरटेकिंग दी थी कि वह फीस में मनमानी वृद्धि नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद स्कूल प्रबंधन के “हौसले बुलंद” हो गए हैं और अब फिर से अभिभावकों पर बढ़ी हुई फीस का दबाव बनाया जा रहा है। रोल नंबर रोके जाने से बढ़ी चिंता मामले को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन अभिभावकों ने बढ़ी हुई फीस का भुगतान नहीं किया, उनके बच्चों के रोल नंबर रोक दिए गए हैं। परीक्षा नजदीक होने के कारण छात्र और अभिभावक तनाव में हैं। AAP का ऐलान: ‘एडमिट कार्ड लेकर ही जाएंगे’ भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। “हम परेशान बच्चों और अभिभावकों के साथ खड़े हैं। आज हम एडमिट कार्ड लेकर ही जाएंगे,” उन्होंने कहा। फीस वृद्धि और निजी स्कूलों की जवाबदेही का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में पहले भी उठता रहा है। ताजा विवाद ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक हस्तक्षेप को केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें दिल्ली सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि छात्रों के हित में क्या कदम उठाए जाते हैं।
मोहन गार्डन के मुनि शिव शक्ति मंदिर में आस्था का सैलाब, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा इलाका
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन स्थित मुनि शिव शक्ति मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा। शिवभक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर को विशेष रूप से फूल-मालाओं और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर रहे थे। दिनभर भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। मंदिर परिसर की देखरेख और व्यवस्थाओं का संचालन मुनि शिव शक्ति ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। स्वयंसेवकों ने भीड़ को सुव्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। मोहन गार्डन क्षेत्र में देर रात तक शिवभक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।
दिल्ली में हर भूखंड को मिलेगी डिजिटल पहचान: ULPIN और ड्रोन सर्वे से बदलेगी भूमि व्यवस्था की तस्वीर
नई दिल्ली। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी की भूमि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब दिल्ली के हर भूखंड को 14 अंकों वाला यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) प्रदान किया जाएगा। यह नंबर प्रत्येक जमीन की स्थायी और सुरक्षित डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि राजधानी में भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। हर इंच जमीन का होगा डिजिटल रिकॉर्ड नई व्यवस्था के तहत: प्रत्येक भूखंड का रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। भूमि विवादों में कमी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी। केवल एक ULPIN नंबर से जमीन की पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी। ULPIN प्रणाली के लागू होने से जमीन की खरीद-बिक्री, नामांतरण और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं अधिक सरल और तेज़ होने की उम्मीद है। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। ड्रोन सर्वेक्षण से तैयार होगा डिजिटल लैंड मैप सरकार दिल्ली का नया डिजिटल लैंड मैप तैयार करने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण भी कराएगी। अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से तैयार यह नक्शा प्रत्येक भूखंड की सटीक स्थिति और सीमांकन को दर्ज करेगा। ड्रोन सर्वे से तैयार डेटा को भूमि रिकॉर्ड प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे जमीन की वास्तविक स्थिति और कागजी रिकॉर्ड में किसी प्रकार का अंतर न रहे। यह पहल दिल्ली को एक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और पारदर्शी भूमि प्रबंधन प्रणाली की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भूमि पहचान प्रणाली से: निवेश को बढ़ावा मिलेगा, कानूनी विवादों में कमी आएगी, और संपत्ति संबंधी प्रक्रियाओं में गति आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह कदम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। दिल्ली में लागू की जा रही यह नई व्यवस्था आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।