दिल्लीवालों को राहत का तोहफा: पानी बिल माफी योजना की तारीख बढ़ी, अब 15 अगस्त तक मिलेगा मौका

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी के लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए पानी बिल माफी योजना की अंतिम तारीख बढ़ाने का ऐलान किया है। पहले यह योजना 31 जनवरी तक लागू थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 अगस्त कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से उन लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जो किसी कारणवश अब तक योजना का फायदा नहीं उठा सके थे या जिनके बिलों में तकनीकी गड़बड़ियां बनी हुई थीं। क्यों बढ़ाई गई योजना की तारीख सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पास बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ताओं की शिकायतें आई थीं, जिनके पानी के बिलों में लंबे समय से गलतियां दर्ज थीं। कई उपभोक्ता दस्तावेज़ी दिक्कतों, तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में तय समयसीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने योजना की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया। लाखों उपभोक्ताओं को होगा फायदा इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया पानी बिलों पर पूरी या आंशिक माफी दी जा रही है। जिन उपभोक्ताओं के बिल वर्षों से लंबित हैं, उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के अपने कनेक्शन को नियमित कर सकेंगे। कैसे मिलेगा योजना का लाभ दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, उपभोक्ता अपने नजदीकी DJB कार्यालय, अधिकृत केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान उपभोक्ताओं को अपने पुराने बिलों की जानकारी, कनेक्शन डिटेल्स और पहचान से जुड़े दस्तावेज़ जमा करने होंगे। जिन मामलों में बिलिंग में गलती पाई जाएगी, वहां सुधार के बाद माफी का लाभ दिया जाएगा। सरकार का संदेश दिल्ली सरकार ने अपील की है कि पात्र उपभोक्ता 15 अगस्त से पहले योजना का लाभ जरूर लें। सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ आर्थिक राहत नहीं, बल्कि जल सेवाओं को पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है। सरकार संकेत दे चुकी है कि योजना के दौरान मिली शिकायतों और अनुभवों के आधार पर भविष्य में जल बिलिंग सिस्टम को और सरल व डिजिटल बनाया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, पानी बिल माफी योजना की तारीख बढ़ाना दिल्ली सरकार का एक अहम जनहितैषी फैसला माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर आम लोगों की जेब और जीवन दोनों को राहत देगा।

गणतंत्र दिवस पर सीएम रेखा गुप्ता का विज़न: संविधान से विकास तक, 11 महीनों की उपलब्धियों का खुला लेखा-जोखा

नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संबोधन न सिर्फ़ भावनात्मक रहा, बल्कि सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का स्पष्ट रोडमैप भी पेश करता दिखा। अपने भाषण में उन्होंने एक ओर भारत के संविधान निर्माताओं को नमन किया, तो दूसरी ओर दिल्ली सरकार के 11 महीनों के कामकाज का विस्तृत ब्यौरा जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर है। साथ ही, RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को भी स्मरण किया। दिल्ली के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा, “दिल्ली भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। जिन्होंने इसे लूटने की कोशिश की, वे इतिहास में गुम हो गए, लेकिन दिल्ली हर बार पहले से ज्यादा मजबूत और समृद्ध बनकर उभरी है।” उन्होंने आगे कहा कि जब उनकी सरकार ने 11 महीने पहले दिल्ली की बागडोर संभाली, तब व्यवस्थाओं में जमी धूल और वर्षों की रुकावटें सबसे बड़ी चुनौती थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को आधार बनाकर सरकार ने फैसले लिए, जिनका उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना है। 11 महीनों में सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और घोषणाएं अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने जनकल्याण से जुड़ी कई अहम योजनाओं और आंकड़ों को विस्तार से रखा: 50 अटल कैंटीन शुरू की गईं, जहां मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध है। रोज़ाना करीब 50,000 लोग इसका लाभ ले रहे हैं। दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना पहले दिन से लागू की गई, जिससे अब तक से 6.5 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 4,000 नए डॉक्टरों और पेरामेडिक्स की भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। शिक्षा और युवा सशक्तिकरण शिक्षा के लिए बजट का 21% हिस्सा निर्धारित किया गया। स्कूल फीस बढ़ोतरी पर रोक के लिए सरकार कानूनी बिल लेकर आई है। 1,300 करोड़ रुपये की लागत से नरेला में एजुकेशन हब का निर्माण किया जा रहा है। खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिल्ली सरकार देश में खिलाड़ियों को सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि देने वाली सरकार बन गई है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर 7 करोड़, रजत पर 5 करोड़ और कांस्य पदक पर 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। इन्फ्रास्ट्रक्चर और परिवहन दिल्ली का कैपिटल एक्सपेंडिचर 30,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया। अगले 3 वर्षों में 11,000 ई-बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। दिल्ली के सभी ISBT का कायाकल्प किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो का बजट बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। सामाजिक समावेशन और सुरक्षा महिलाओं के साथ-साथ अब ट्रांसजेंडर समुदाय को भी फ्री बस यात्रा के लिए ‘पिंक बस कार्ड’ दिया जाएगा। राजधानी की सुरक्षा के लिए 10,000 नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। तिहाड़ जेल को शिफ्ट करने की योजना पर सरकार काम कर रही है। ग्रामीण और झुग्गी विकास दिल्ली के गांवों के विकास के लिए 1,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए। झुग्गी बस्तियों के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान। राजधानी में 10 नई गौशालाओं के निर्माण का कार्य जारी है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को एक आधुनिक, सुरक्षित और समावेशी राजधानी बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दिल्ली विकास, संवेदनशील शासन और सामाजिक संतुलन का आदर्श मॉडल बनेगी।

दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू, पारा और गिरेगा; घने कोहरे का अलर्ट जारी

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बीते दिनों हुई बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ली है। तापमान में आई गिरावट के चलते अब ठिठुरन और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले 7 दिन राजधानी और आसपास के इलाकों में कड़ाके की सर्दी महसूस की जाएगी। सुबह-शाम घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है, वहीं ठंडी हवाओं से सर्दी का असर और तेज होगा। मौसम विभाग के अनुसार, 24 से 30 जनवरी के बीच दिल्ली-एनसीआर में दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 4 से 13 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तापमान में यह गिरावट लोगों को ठिठुरन का एहसास कराएगी। पूरे हफ्ते बदला-बदला रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पूरे सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज अस्थिर बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। खासकर दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  27 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 27 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाएगा। इसके बाद 28 से 30 जनवरी के बीच मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है, हालांकि हल्के बादल और कोहरा बने रह सकते हैं। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और वाहन चलाते समय सतर्क रहने की जरूरत है।

सुबह की बारिश ने बदला दिल्ली-NCR का मिज़ाज तेज हवाओं और ओलों के अलर्ट के बीच तापमान में आई गिरावट

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तड़के हुई हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं ने ठंडक बढ़ा दी, जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी हल्की गर्माहट से राहत मिली। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सुबह-सुबह सड़कों पर ठंडक का अहसास साफ नजर आया। मौसम विभाग (IMD) ने 23 जनवरी को लेकर दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज दिनभर रुक-रुक कर बारिश हो सकती है, साथ ही गरज-चमक, ओलावृष्टि और 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगले 3 घंटे अहम मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन घंटे खासे संवेदनशील हो सकते हैं। इस दौरान अचानक तेज आंधी चलने, पेड़ गिरने और खुले इलाकों में नुकसान की आशंका जताई गई है। लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। बारिश और तेज हवाओं के असर से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह और शाम के समय ठंड और बढ़ने के आसार हैं, जिससे सर्द कपड़ों की जरूरत फिर से महसूस की जा रही है। बारिश के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। दफ्तर जाने वाले लोगों को जगह-जगह जाम का सामना करना पड़ा। वहीं, तेज हवाओं की वजह से कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी आशंका जताई जा रही है।

“पारिवारिक विवादों पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: हर मामले में ससुराल पक्ष दोषी नहीं, कानून के दुरुपयोग पर भी जताई चिंता”

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवादों और दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान एक अहम और दूरगामी टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि हर मामले में ससुराल पक्ष को ही दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है और यह भी स्वीकार करना होगा कि कुछ मामलों में महिलाएं कानून का दुरुपयोग करती हैं। अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दहेज उत्पीड़न कानूनों के दुरुपयोग को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज निषेध और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य निर्दोष लोगों को परेशान करना नहीं है। अदालत ने चिंता जताई कि कई मामलों में पति के पूरे परिवार को बिना ठोस सबूतों के आरोपी बना दिया जाता है, जिससे न केवल कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होता है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संबंध भी गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि वैवाहिक विवाद अक्सर निजी और संवेदनशील होते हैं, जिन्हें आपसी समझ, मध्यस्थता और संतुलित दृष्टिकोण से सुलझाने की कोशिश की जानी चाहिए। हर विवाद को आपराधिक रंग देना न तो परिवार के हित में है और न ही समाज के। न्यायालय ने निचली अदालतों और जांच एजेंसियों को भी सतर्कता बरतने की सलाह दी, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया कि जहां महिलाओं के साथ वास्तव में उत्पीड़न और अन्याय होता है, वहां कानून पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा। अदालत ने कहा कि कानून का उद्देश्य पीड़ित को न्याय दिलाना है, न कि उसे व्यक्तिगत बदले या दबाव बनाने का साधन बनाना। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली हाईकोर्ट की यह टिप्पणी संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे एक ओर जहां दहेज और घरेलू हिंसा के वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर कानून के दुरुपयोग पर भी लगाम लग सकेगी। यह टिप्पणी आने वाले समय में पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई और जांच प्रक्रिया को अधिक जिम्मेदार और न्यायसंगत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

दिल्ली में घर और जमीन खरीदना होगा और महंगा, सर्किल रेट में 40% तक बढ़ोतरी की तैयारी

नई दिल्ली। दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह खबर झटका देने वाली है। रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी में रिहायशी संपत्तियों और कृषि भूमि के सर्किल रेट में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। प्रस्ताव के अनुसार सर्किल रेट में 10 से 40 प्रतिशत तक इजाफा किया जा सकता है, जिससे घर, फ्लैट और जमीन खरीदना सीधे तौर पर महंगा हो जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर पड़ेगा। यानी खरीदारों को अब पहले की तुलना में ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। लंबे समय से दिल्ली में सर्किल रेट में बदलाव नहीं किया गया था, जबकि बाजार भाव लगातार बढ़ते रहे। इसी अंतर को खत्म करने के लिए सरकार यह कदम उठाने जा रही है। श्रेणियों में होंगे बदलाव, बनेंगी उप-श्रेणियां प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि मौजूदा प्रॉपर्टी श्रेणियों को और स्पष्ट करने के लिए नई उप-श्रेणियां बनाई जाएं। इससे अलग-अलग इलाकों, कॉलोनियों और सुविधाओं के आधार पर सर्किल रेट तय किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि पॉश इलाकों में बढ़ोतरी ज्यादा हो सकती है, जबकि सामान्य और बाहरी क्षेत्रों में सीमित बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। सरकार का तर्क सरकार का कहना है कि सर्किल रेट और वास्तविक बाजार कीमतों के बीच बड़ा अंतर है, जिससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। सर्किल रेट बढ़ने से सरकारी आय में इजाफा होगा और प्रॉपर्टी सौदों में पारदर्शिता आएगी। आम लोगों पर पड़ेगा असर हालांकि, इस फैसले से मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई लागत के कारण कुछ समय के लिए प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती भी आ सकती है। कब होगा लागू? फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है। संबंधित विभागों और हितधारकों से राय लेने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। यदि मंजूरी मिलती है तो आने वाले महीनों में नए सर्किल रेट लागू किए जा सकते हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे लोगों को जल्द फैसला लेना पड़ सकता है, क्योंकि सर्किल रेट बढ़ते ही घर और जमीन की कीमतें और जेब पर बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।

सुबह की बारिश ने दिल्ली-NCR में बढ़ाई ठिठुरन, पहाड़ों से मैदान तक बदला मौसम का मिजाज; यूपी-उत्तराखंड में भी असर

नई दिल्ली।दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तड़के से कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का एहसास और बढ़ गया। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया। सड़कों पर सुबह के समय नमी और फिसलन देखी गई, जिससे दफ्तर जाने वालों को थोड़ी परेशानी भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान में भी गिरावट आने की संभावना जताई गई है। सुबह-शाम ठंड के साथ दिन में हल्की धूप निकलने के आसार बने हुए हैं, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रह सकती है यूपी में कैसा रहेगा मौसम उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हुई है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। कोहरे की संभावना भी बनी हुई है, खासकर रात और सुबह के समय। उत्तराखंड में ठंड और बढ़ेगी उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड का प्रकोप और तेज हो गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की भी खबरें मिल रही हैं। देहरादून, नैनीताल और मसूरी जैसे इलाकों में तापमान गिरा है, जबकि पहाड़ों पर ठंडी हवाओं ने सर्दी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अन्य राज्यों में भी असर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। कई जगहों पर बादल छाए हैं और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इससे रबी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है, लेकिन ठंड बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड बनी रह सकती है। सुबह-शाम कोहरा, ठंडी हवाएं और कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

आधी रात चला बुलडोजर, तुर्कमान गेट पर हाई कोर्ट के आदेश से अवैध निर्माण ध्वस्त; पथराव में 5 पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली :दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद राजधानी के तुर्कमान गेट इलाके में आधी रात को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। नगर निगम दिल्ली (MCD) ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई रामलीला मैदान के नजदीक की गई, जहां पहले से ही अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा था। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई थी। बावजूद इसके, देर रात कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और निगम की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हाई कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने इलाके में लंबे समय से बने अवैध ढांचों को हटाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी आदेश के अनुपालन में MCD ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से यह अभियान चलाया। तनावपूर्ण रहा माहौल बुलडोजर कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। पथराव के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई, हालांकि पुलिस ने हालात को काबू में लेते हुए अतिरिक्त बल बुलाया और कार्रवाई को पूरा किया। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई और आने-जाने पर अस्थायी रोक लगाई गई। प्रशासन का बयान दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था भंग करने वालों की पहचान की जा रही है। CCTV फुटेज और वीडियो के आधार पर पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, MCD अधिकारियों ने कहा कि आगे भी कोर्ट के आदेशों के तहत अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा।  इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। यह कार्रवाई एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।

दिल्ली में ठंड, कोहरा और प्रदूषण का डबल अटैक: चार दिन शीत लहर का अलर्ट, AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली में नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और गंभीर वायु प्रदूषण के साथ हुई है। मौसम विभाग ने 2 से 5 जनवरी तक शीत लहर की चेतावनी जारी की है, जबकि घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम और प्रदूषण की इस दोहरी मार ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे सुबह और रात के समय तेज ठिठुरन महसूस की जा रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना हुआ है। घने कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में दृश्यता बेहद कम रही। सुबह के समय कुछ इलाकों में विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं रेल और हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर देखा गया। ठंड के साथ-साथ राजधानी की वायु गुणवत्ता भी गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 370 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार, अशोक विहार, वजीरपुर और रोहिणी जैसे इलाकों में AQI और भी अधिक रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा की रफ्तार और कोहरे के कारण प्रदूषण फैलने के बजाय वातावरण में ही फंसा हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है। डॉक्टरों ने ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह और देर शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा और खराब वायु गुणवत्ता से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में राजधानीवासियों को सतर्क रहने और एहतियात बरतने की जरूरत है।

नया साल 2026: श्रद्धा और भक्ति में डूबा दिल्ली-एनसीआर, मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

नई दिल्ली। नव वर्ष 2026 की पहली सुबह दिल्ली-एनसीआर में आस्था, श्रद्धा और विश्वास के रंग में रंगी नजर आई। कड़ाके की ठंड के बावजूद राजधानी दिल्ली सहित नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचे और नए साल की शुरुआत सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ की। नए साल के पहले दिन सुबह से ही प्रमुख मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दिल्ली के प्रसिद्ध झंडेवाला देवी मंदिर में विशेष रौनक रही, जहां तड़के से ही श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए पुलिस तथा मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। इसके अलावा हनुमान मंदिर (कनॉट प्लेस), लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर) छतरपुर मंदिर, काली बाड़ी मंदिर और इस्कॉन मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और समाज के लिए खुशहाली की प्रार्थना की। एनसीआर के शहरों में भी दिखी आस्था की झलक नोएडा के सेक्टर-62 स्थित मंदिरों, गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर और फरीदाबाद के प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी नव वर्ष पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई मंदिरों में विशेष आरती, हवन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन से करने से पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। एक भक्त ने कहा, “हर साल हम नए साल की शुरुआत मंदिर जाकर करते हैं, ताकि पूरा साल शांति और सफलता से भरा रहे।” सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा, वहीं यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की गई। कुल मिलाकर, नव वर्ष 2026 की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर में उत्सव और आस्था के अनूठे संगम के साथ हुई, जहां लोगों ने भक्ति के साथ नए साल का स्वागत किया और बेहतर भविष्य की कामना की।