नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन स्थित मुनि शिव शक्ति मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा। शिवभक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर को विशेष रूप से फूल-मालाओं और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर रहे थे। दिनभर भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। मंदिर परिसर की देखरेख और व्यवस्थाओं का संचालन मुनि शिव शक्ति ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। स्वयंसेवकों ने भीड़ को सुव्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। मोहन गार्डन क्षेत्र में देर रात तक शिवभक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।
दिल्ली में हर भूखंड को मिलेगी डिजिटल पहचान: ULPIN और ड्रोन सर्वे से बदलेगी भूमि व्यवस्था की तस्वीर
नई दिल्ली। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी की भूमि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब दिल्ली के हर भूखंड को 14 अंकों वाला यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) प्रदान किया जाएगा। यह नंबर प्रत्येक जमीन की स्थायी और सुरक्षित डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि राजधानी में भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। हर इंच जमीन का होगा डिजिटल रिकॉर्ड नई व्यवस्था के तहत: प्रत्येक भूखंड का रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। भूमि विवादों में कमी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी। केवल एक ULPIN नंबर से जमीन की पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी। ULPIN प्रणाली के लागू होने से जमीन की खरीद-बिक्री, नामांतरण और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं अधिक सरल और तेज़ होने की उम्मीद है। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। ड्रोन सर्वेक्षण से तैयार होगा डिजिटल लैंड मैप सरकार दिल्ली का नया डिजिटल लैंड मैप तैयार करने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण भी कराएगी। अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से तैयार यह नक्शा प्रत्येक भूखंड की सटीक स्थिति और सीमांकन को दर्ज करेगा। ड्रोन सर्वे से तैयार डेटा को भूमि रिकॉर्ड प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे जमीन की वास्तविक स्थिति और कागजी रिकॉर्ड में किसी प्रकार का अंतर न रहे। यह पहल दिल्ली को एक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और पारदर्शी भूमि प्रबंधन प्रणाली की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भूमि पहचान प्रणाली से: निवेश को बढ़ावा मिलेगा, कानूनी विवादों में कमी आएगी, और संपत्ति संबंधी प्रक्रियाओं में गति आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह कदम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। दिल्ली में लागू की जा रही यह नई व्यवस्था आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
महाशिवरात्रि पर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने उदयपुर में किया शिव अभिषेक, लोककल्याण की कामना
उदयपुर/नई दिल्ली। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने राजस्थान के उदयपुर स्थित अम्बेरी में प्राचीन श्री अमरख महादेव मंदिर में देवाधिदेव महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना की। शताब्दियों पुराना यह धाम तप, वैराग्य और शिव चेतना का सजीव केंद्र माना जाता है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक और विशेष पूजन कर देश और दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर शिवत्व के जागरण का अवसर है। शिव ही शून्य हैं, शिव ही अनंत हैं, और वही सृजन, संतुलन तथा परिवर्तन के आधार हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद दिल्ली और समस्त देशवासियों पर बना रहे तथा सभी को सेवा, समर्पण और लोककल्याण के मार्ग पर अडिग रहने की शक्ति प्राप्त हो। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का संगम अम्बेरी स्थित यह प्राचीन शिवधाम अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां साधकों ने वर्षों तक कठोर तपस्या कर शिव कृपा प्राप्त की। महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी श्री आशीष सूद, श्री रविन्द्र इन्द्राज, विधायक श्री अनिल शर्मा सहित भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से प्रदेश और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सेवा और सुशासन को ही सर्वोपरि बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य जन-जन तक विकास पहुंचाना है। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर उन्होंने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और जनहितकारी नीतियों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। धार्मिक आस्था और जनसेवा के इस समागम ने महाशिवरात्रि के पर्व को और भी सार्थक बना दिया, जहां आध्यात्मिकता के साथ लोककल्याण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती रही।
IGI एयरपोर्ट पर एंटी स्मॉग फॉगर सिस्टम का शुभारंभ, 120 मिस्ट गन से वायु गुणवत्ता सुधार की नई पहल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI एयरपोर्ट) परिसर में अत्याधुनिक Anti Smog Fogger System का उद्घाटन किया। इस परियोजना के अंतर्गत एयरपोर्ट क्षेत्र में 120 मिस्ट गनों की स्थापना की गई है, जो धूल और सूक्ष्म कणों को नियंत्रित करने में सहायक होंगी। यह पहल राजधानी में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों का उदाहरण मानी जा रही है। एयरपोर्ट परिसर में धूल के स्तर को कम करने के उद्देश्य से यह प्रणाली नियमित अंतराल पर फाइन वॉटर मिस्ट का छिड़काव करेगी, जिससे हवा में मौजूद प्रदूषक कण नीचे बैठेंगे और वातावरण अपेक्षाकृत स्वच्छ रहेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए बहुआयामी रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी स्टेकहोल्डर्स—सरकारी एजेंसियों, निजी कंपनियों और नागरिकों—के साथ समन्वय स्थापित कर राजधानी को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एयरपोर्ट क्षेत्र में डस्ट मिटिगेशन के लिए GMR Group द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे ‘पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप’ का सफल उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के तकनीकी उपायों को शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक कैलाश गहलोत सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन अब कहलाएगा ‘सेवा तीर्थ’ मेट्रो कोच में स्टेशनों की सूची अपडेट
नई दिल्ली। राजधानी के प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र में स्थित ‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया है। नाम परिवर्तन के बाद मेट्रो कोचों में प्रदर्शित स्टेशनों की सूची भी अपडेट कर दी गई है, जिससे यात्रियों को नई नामावली के अनुरूप जानकारी मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, यह परिवर्तन केंद्र सरकार की उस सोच को दर्शाता है जिसमें जनसेवा को शासन की प्राथमिकता माना गया है। ‘सेवा तीर्थ’ नाम को सरकार ने प्रतीकात्मक रूप से सेवा-भाव और पारदर्शी प्रशासन के संदेश के रूप में प्रस्तुत किया है। मेट्रो प्रशासन ने सभी डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणाओं तथा स्टेशन परिसर में लगे साइनबोर्ड में भी नया नाम प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कुछ समय तक पुराने और नए नाम दोनों का उल्लेख किया जा सकता है। मेट्रो यात्रियों ने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की पहचान में नया आयाम जुड़ा है, हालांकि कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि ऐसे बदलावों की व्यापक जानकारी पूर्व में दी जानी चाहिए ताकि यात्रियों को भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, ‘उद्योग भवन’ से ‘सेवा तीर्थ’ बना यह स्टेशन अब राजधानी की प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में नई पहचान के साथ सामने आया है।
“वादों से मुकरना पड़ा भारी: राजपाल यादव की जमानत पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, 16 फरवरी को अगली सुनवाई”
नई दिल्ली, गुरुवार। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत का रुख सख्त नजर आया। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए स्पष्ट कहा कि अभिनेता को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने अदालत के समक्ष किए गए अपने वादों को पूरा नहीं किया। यह याचिका परिवार में विवाह समारोह के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग को लेकर दायर की गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की कि राजपाल यादव ने पूर्व में कई मौकों पर भुगतान करने और अपने दायित्वों को निभाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे। “दो दर्जन से अधिक मौके दिए गए” अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि कम से कम दो दर्जन अवसरों पर राजपाल यादव ने अदालत में बयान दिया कि वे अपने वादे को पूरा करेंगे और संबंधित भुगतान करेंगे। इसके बावजूद, उन्होंने न तो तय समयसीमा का पालन किया और न ही अदालत के निर्देशों का समुचित अनुपालन किया। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, “आपके मुवक्किल जेल इसलिए गए क्योंकि उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया।” अदालत की इस टिप्पणी से स्पष्ट संकेत मिला कि न्यायालय इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अभिनेता ने पहले पारित आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने इस तथ्य का भी उल्लेख किया और कहा कि मामले से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी फाइल देखने के दौरान सामने आई है। अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष को निर्देश दिया कि वह अपना जवाब दाखिल करे। कोर्ट ने कहा, “जब मैं फाइल देख रहा था, तो बहुत सी ऐसी बातें थीं जिनके बारे में हमें पता भी नहीं था। आपको जवाब फाइल करना होगा। हम सोमवार को इस मामले में सुनवाई करेंगे।” बचाव पक्ष की दलील राजपाल यादव की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उन्होंने अभिनेता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि जमानत आवेदन दाखिल कर दिया गया है और यदि अदालत चाहे तो दूसरी ओर से जवाब मांगा जा सकता है। वकील ने आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक वे अदालत के समक्ष कुछ ठोस प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे। 16 फरवरी को अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 16 फरवरी के लिए निर्धारित की है। इस दौरान अदालत शिकायतकर्ता के जवाब और बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले तथ्यों पर विचार करेगी। फिलहाल, अदालत की कड़ी टिप्पणियों ने अभिनेता की जमानत याचिका पर अनिश्चितता के बादल और गहरा दिए हैं। अब सभी की निगाहें 16 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि क्या राजपाल यादव को अंतरिम राहत मिलती है या उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करते हुए आगे भी हिरासत में रहना पड़ेगा।
20 करोड़ की मानहानि याचिका से गरमाया कपूर परिवार का विवाद: संपत्ति संग्राम अब अदालत की चौखट पर
प्रिया कपूर ने ननद मंदिरा और पॉडकास्ट होस्ट पर लगाया सामाजिक अपमान का आरोप, फैमिली ट्रस्ट को लेकर रानी कपूर की याचिका से मामला और उलझा नई दिल्ली। हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा कपूर परिवार का विवाद अब कानूनी मोर्चे पर और तेज हो गया है। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी ननद मंदिरा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर करते हुए 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इस मामले में एक पॉडकास्ट होस्ट को भी प्रतिवादी बनाया गया है। प्रिया कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर दीवानी मुकदमे में दावा किया है कि मंदिरा द्वारा एक पॉडकास्ट में दिए गए कथित बयानों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। उनका कहना है कि इन बयानों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमान और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा। आपराधिक और दीवानी—दोनों मोर्चों पर लड़ाई सूत्रों के अनुसार, पटियाला हाउस कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत में मंदिरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं हाईकोर्ट में दायर सिविल सूट में 20 करोड़ रुपये के हर्जाने के साथ-साथ अदालत से निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) जारी करने की अपील की गई है। प्रिया कपूर ने अदालत से अनुरोध किया है कि मंदिरा और संबंधित पॉडकास्ट होस्ट को उनके खिलाफ कथित मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से रोका जाए। साथ ही, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मौजूदा कंटेंट हटाने का भी निर्देश देने की मांग की गई है। संपत्ति विवाद की पृष्ठभूमि संजय कपूर की संपत्ति को लेकर पहले से ही कई कानूनी विवाद चल रहे हैं। प्रिया कपूर और संजय कपूर की दूसरी पत्नी, अभिनेत्री करिश्मा कपूर, के बीच संपत्ति को लेकर कानूनी संघर्ष पहले से चर्चा में है। ऐसे में यह नया मानहानि मामला विवाद को और जटिल बना रहा है। फैमिली ट्रस्ट पर भी सवाल इस पूरे प्रकरण में एक और मोड़ तब आया जब संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने नाम पर बनाए गए फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की मांग की। रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और सहमति के बिना बनाया गया था और इसके जरिए संपत्तियों का अवैध हस्तांतरण किया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों पर उनसे बिना उचित जानकारी दिए हस्ताक्षर कराए गए और उन्हें उन संपत्तियों से बाहर कर दिया गया जिन पर उनका वैध अधिकार था। कानूनी लड़ाई लंबी होने के संकेत कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब बहुस्तरीय हो चुका है—जहां एक ओर आपराधिक मानहानि का प्रश्न है, वहीं दूसरी ओर संपत्ति के स्वामित्व, ट्रस्ट की वैधता और पारिवारिक अधिकारों से जुड़े गंभीर आरोप भी हैं। अदालत में सुनवाई की अगली तारीखों पर सभी पक्षों के जवाब और साक्ष्य इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, कपूर परिवार का यह आंतरिक विवाद सार्वजनिक मंच पर आ चुका है और आने वाले समय में इसके कई कानूनी और सामाजिक आयाम सामने आ सकते हैं।
दिल्ली मेट्रो की ‘मजेंटा’ बनेगी सबसे लंबी लाइन: इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर जुड़ते ही 89 किमी का होगा सफर, 65 स्टेशन और 21 इंटरचेंज
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 और फेज-5 (ए) के तहत राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को अब ग्रीन लाइन के बजाय मजेंटा लाइन में शामिल कर दिया गया है। इस बदलाव के साथ ही मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) से इंद्रलोक तक विस्तारित होगी और इसकी कुल लंबाई 39.271 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी। इसके साथ ही यह दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा। पिंक लाइन का रिकॉर्ड टूटेगा वर्तमान में दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन पिंक लाइन है, जिसकी लंबाई 59.242 किलोमीटर है और विस्तार के बाद यह लगभग 71.5 किलोमीटर हो जाएगी। हालांकि, मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद यह रिकॉर्ड टूट जाएगा और राजधानी को एक नया, तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और व्यापक नेटवर्क मिलेगा। ग्रीन लाइन से हटकर मजेंटा में शामिल करीब 11.9 किलोमीटर लंबा इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर पहले ग्रीन लाइन (कीर्ति नगर/इंद्रलोक से ब्रिगेडियर होशियार सिंह) के विस्तार के रूप में प्रस्तावित था। लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने इसे अब मजेंटा लाइन (बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम) के विस्तार में शामिल कर लिया है। पहले मजेंटा लाइन को जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम तक बढ़ाने की योजना थी। हाल ही में केंद्र सरकार ने फेज-5 (ए) के तहत आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक कॉरिडोर को मंजूरी दी है, ताकि सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। इसी क्रम में इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक खंड को भी मजेंटा लाइन का हिस्सा बना दिया गया है। इंद्रलोक अब इस विस्तारित लाइन का टर्मिनल स्टेशन होगा। 65 स्टेशन, 40 भूमिगत परियोजना पूरी होने के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 स्टेशन भूमिगत होंगे। यह दिल्ली मेट्रो का सबसे अधिक भूमिगत स्टेशनों वाला कॉरिडोर होगा। साथ ही, इस लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे — जो इसे नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त कॉरिडोर बनाएंगे। इंटरचेंज का मजबूत नेटवर्क वर्तमान में मजेंटा लाइन पर कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास चार प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन हैं। फेज-4 और फेज-5 (ए) के कार्य पूर्ण होने के बाद 17 नए इंटरचेंज स्टेशन जुड़ेंगे। नए इंटरचेंज स्टेशनों में शामिल हैं: कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक। इनमें केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जहां तीन-तीन लाइनों का संपर्क मिलेगा। यात्रा होगी आसान और तेज डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट संचार) अनुज दयाल के अनुसार, मजेंटा लाइन के व्यापक इंटरचेंज नेटवर्क से यात्रियों की यात्रा दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे प्रमुख कॉरिडोरों पर यातायात दबाव घटेगा और एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षित, निर्बाध एवं कुशल सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी। पूरी तरह स्वचालित कॉरिडोर बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम तक मजेंटा लाइन पहले से ही ड्राइवरलेस (स्वचालित) है। फेज-4 और फेज-5 (ए) के विस्तार के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक पूरा 89 किलोमीटर का कॉरिडोर स्वचालित हो जाएगा। यह तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि होगी। इंजीनियरिंग की मिसाल मजेंटा लाइन पहले से ही दो महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों के लिए जानी जाती है। हैदरपुर बादली मोड़ स्टेशन — लगभग 28.362 मीटर ऊंचाई के साथ यह दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है। हौज खास स्टेशन — लगभग 29 मीटर गहराई के साथ यह सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन है। राजधानी को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर मजेंटा लाइन का यह विस्तार न केवल दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। सेंट्रल विस्टा से लेकर पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली तथा नोएडा तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिलने से रोजाना लाखों यात्रियों को सीधा लाभ होगा। दिल्ली मेट्रो का यह नया अध्याय राजधानी की रफ्तार को और तेज करने वाला है — जहां दूरी घटेगी, समय बचेगा और सफर होगा अधिक सुगम।
पीरागढ़ी रहस्य: कार में मिले तीन शव, ‘बाबा’ की मौजूदगी से उलझी जांच
नई दिल्ली। दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर दो पुरुष और एक महिला के शव मिलने से सनसनी फैल गई है। इस कथित सामूहिक आत्महत्या मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने अब एक ऐसे व्यक्ति की पहचान कर ली है, जो घटना से ठीक पहले मृतकों के साथ कार में बैठा था। सीसीटीवी फुटेज में यह व्यक्ति ‘बाबा’ के वेश में नजर आ रहा है, जिसे पुलिस इस रहस्यमय मामले की अहम कड़ी मान रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में साफ तौर पर देखा गया है कि यह ‘बाबा’ घटना वाले दिन मृतकों से मिला था और कुछ समय तक उसी कार में मौजूद रहा। फिलहाल पुलिस उसकी भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस को रविवार अपराह्न करीब 3:50 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें सूचना दी गई कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार खड़ी है, जिसके दरवाजे बंद हैं और अंदर बैठे लोग किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां कार के अंदर तीनों लोग मृत पाए गए। जांच में सामने आया है कि पुलिस को सूचना मिलने से पहले कार करीब 50 मिनट तक उसी स्थान पर खड़ी थी। मृतकों की पहचान बापरोला निवासी रणधीर (76 वर्ष), शिव नरेश सिंह (47 वर्ष) और जहांगीरपुरी निवासी लक्ष्मी देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों मूल रूप से बिहार के निवासी थे। प्रारंभिक जांच में संकेत मिल रहे हैं कि यह मामला आत्महत्या का हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने जहर मिला शीतल पेय पीकर जान दी। हालांकि पुलिस इस निष्कर्ष पर अभी पूरी तरह नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘बाबा’ के वेश में दिखाई दे रहे व्यक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने मृतकों से क्यों मुलाकात की, कार में कितनी देर बैठा और क्या वह किसी साजिश या उकसावे से जुड़ा हुआ था। फिलहाल, पीरागढ़ी की यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजों के बाद इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा और सच सामने आएगा।
दिल्ली की सड़कों पर हरित क्रांति: 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की ऐतिहासिक सौगात, EV ट्रांसपोर्ट में बना नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली: दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ने आज एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जब रामलीला ग्राउंड से राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने राजधानी को एक साथ 500 नई इलेक्ट्रिक बसें समर्पित कीं। यह दिल्ली के इतिहास में पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों को एक साथ परिवहन बेड़े में शामिल किया गया। बीते एक वर्ष के दौरान दिल्ली सरकार ने डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) के बेड़े को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने के साथ ही दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 4000 के आंकड़े को पार कर गई है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक डीटीसी की सभी बसों को पूर्णतः इलेक्ट्रिक बनाया जाए, जिस दिशा में तेज़ी से काम चल रहा है। इन नई EV बसों से न केवल राजधानी की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के मोर्चे पर भी यह एक निर्णायक पहल साबित होगी। इलेक्ट्रिक बसें शून्य उत्सर्जन पर आधारित हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार, ध्वनि प्रदूषण में कमी और ईंधन पर निर्भरता घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दिल्ली को स्वच्छ हवा और हरित भविष्य की ओर ले जाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। कार्यक्रम के दौरान एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दिल्ली–पानीपत के बीच इलेक्ट्रिक अंतरराज्यीय बस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। इस नई सेवा से दिल्ली और हरियाणा के हजारों यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेगा। यह पहल अंतरराज्यीय परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देगी। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, स्मार्ट डिपो और आधुनिक तकनीक के ज़रिये दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को देश के लिए हरित मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की यह सौगात न सिर्फ आज की जरूरत है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और टिकाऊ दिल्ली की मजबूत नींव भी है।