नई दिल्ली, 15 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपरेशन सिंदूर को सीमा पार से आतंकवाद के खिलाफ भारत की जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति बताते हुए कहा है कि भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और रोज नये नये खुलासे हो रहे हैं। श्री मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस संबोधन में शुक्रवार को कहा ‘आपरेशन सिंदूर 140 करोड़ देशवासियों की आक्रोश की अभिव्यक्ति है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे देश की सेना ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है जिसको वे लंबे समय तक नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने पाकिस्तान में सैंकड़ों किलोमीटर घुसकर कार्रवाई की। आतंकवादियों के ठिकानों को मटियामेट कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘मुझे गर्व है कि आज मुझे लाल किले की प्राचीर से आपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को सैलूट करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।’ प्रधानमंत्री ने कहा ’22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकवादियों ने आकर जिस प्रकार का कत्लेआम किया, धर्म पूछकर लोगों को मारा, पत्नी के सामने उसके पति को गोलियां मार दी गईं, बच्चों के सामने उनके पिता मौत के घाट उतार दिया गया उससे पूरा हिन्दुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। पूरा विश्व भी इस प्रकार के नरसंहार से चौंक गया था।
दुनिया से मुकाबले के लिए मोदी का लाल किले से आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और एकजुटता का आह्वान
नई दिल्ली, 15 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में बढते संरक्षणवाद के बीच विकसित और वैश्विक रूप से हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को मूल मंत्र बताते हुए राजनीतिक दलों और सभी देशवासियों से इसके लिए अपनी पूरी शक्ति लगाने का पुरजोर आह्वान किया है। श्री मोदी ने भारत के खिलाफ व्यापार के क्षेत्र में बढ रहे दबावों के बीच कहा कि विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य शर्त है। उन्होंने कहा कि भारत अपने किसानों तथा कमजोर वर्गों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और स्वदेशी को अपनी मजबूती के लिए अपनाकर दूसरों को मजबूर करेगा। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को यहां 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से 12 वीं बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने अब तक के सबसे लंबे भाषण में देश के समक्ष चुनौतियों, देश की ताकत और देश के भविष्य का खाका प्रस्तुत किया जिसमें रक्षा और सुरक्षा से लेकर आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया है। उन्होंने इसी संदर्भ में नई योजनाओं और पहलों की घोषणा की जिसमें युवाओं के लिए रोजगार योजना, सैन्य और असैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए मिशन सुदर्शन चक्र, अवैध घुसपैठियों से निपटने के लिए उच्च अधिकार प्राप्त मिशन, जीएसटी में नई पीढी के सुधार, देश को दस लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुधारों पर कार्य बल के गठन, लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन के विकास, परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता में विस्तार और खनिज तेल तथा गैस के लिए गहरे समुद्र में अन्वेषण के लिए समुद्र मंथन जैसी कई घोषणाएं शामिल हैं। उन्होंने सेमिकंडक्टर मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में इसी वर्ष माइक्रोचिप का विनिर्माण शुरू हो जायेगा। उन्होंने अंतरिक्ष में भारत की ऊंची उडान का जिक्र किया और कहा कि देश गगनयान मिशन की अपने बल पर सफलता तथा अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में काम कर रहा है। श्री मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत अब परमाणु धमकी में आने वाला नहीं है और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेनाओं को खुली छूट दी गयी है। सिंधु जल संधि को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत इसे मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने भारत के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई कर रहे देशों को करारा संदेश देते हुए दोहराया कि भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हित के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेगा और न ही किसी देश के चंगुल में आयेगा। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी की भावना को मजबूत करने के लिए सभी दलों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने दुकानदारों से अपनी दुकान पर ‘यहां स्वदेशी माल बिकता है’ के बोर्ड लगाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्र सेवा की सराहना करते हुए संगठन को उसके शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं भी दी। श्री मोदी ने लाल किले से पिछले संबोधन में किये गये पंच प्रणों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘विकसित भारत के लिए न रूकेंगे, न झुकेंगे, परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे और 2047 में अपनी आंखों के सामने विकसित भारत बना कर रहेंगे।” विरासत को भारत का गौरव तथा आभूषण बताते हुए उन्होंने कहा कि हम जीवन में, व्यवस्थाओं में और नियम, कानून परंपराओं में गुलामी का एक भी कण नहीं बचने देंगे। उन्होंने देश की एकता को शक्तिशाली मंत्र बताते हुए कहा कि हम एकता की डोर को कटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह कर्तव्य पूजा और तपस्या से कम नहीं है और उसी भाव से हम सब मातृभूमि के कल्याण के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे। हम अपने आप को खपा देंगे, जो भी सामर्थ्य है, अवसर है उसे नहीं छोड़ेंगे और नये अवसर बनायेंगे।” उन्होंने भाषण के समापन पर जय हिन्द के उद्घोष से पहले कविता की इन पंक्तियों में अपने भावों का उद्गार करते हुए कहा, ‘‘परिश्रम में जो तपा है, उसने ही इतिहास रचा है। जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है। समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।” उन्होंने कहा कि ये पंक्तियां बहुत सुंदर हैं जो हमें हर क्षण की महत्ता समझने और उसे व्यर्थ न गँवाने के लिए प्रेरित करती हैं।
पीएम मोदी ने 12वीं बार लाल किले पर किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता दिवस को बताया ‘140 करोड़ संकल्पों का महापर्व’
नई दिल्ली, 15 अगस्त: देश ने आजादी का 79वां पर्व उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये दिवस 140 करोड़ संकल्पों का महापर्व है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से 12वीं बार ध्वजारोहण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ वायुसेना की फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा मौजूद रहीं। ध्वजारोहण के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई। इस सलामी के लिए पूरी तरह स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया गया। बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत के पास थी, जबकि नायब सूबेदार अनुतोष सरकार गन पोजिशन ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “आजादी का यह महापर्व 140 संकल्पों का पर्व है। आजादी का ये पर्व सामूहिक सिद्धियों और गौरव का पर्व है। हृदय उमंग से भरा हुआ है। देश एकता की भावना को मजबूती दे रहा है। 140 करोड़ देशवासी तिरंगे के रंग में रंगे हैं। हर घर तिरंगा है। भारत के हर कोने से, हिमालय हो या रेगिस्तान हो या समुद्र तट हो, हर तरफ एक ही गूंज है- हमारी प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है।” उन्होंने कहा कि 1947 में अनंत संभावनाओं के साथ कोटि-कोटि भुजाओं के सामर्थ्य के साथ देश आजाद हुआ। देश का आकांक्षाएं उड़ाने भर रही थीं, लेकिन चुनौतियां उससे भी कुछ ज्यादा थी। पूज्य बापू के सिद्धांतों पर चलते हुए संविधान सभा के सदस्यों ने महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। भारत का संविधान 78 वर्ष से प्रकाश स्तंभ बनकर मार्ग दिखाता रहा है। भारत के संविधान निर्माता डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब अंबेडकर, पंडित नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी रहे हैं। इतना ही नहीं हमारी नारी शक्ति का भी योगदान रहा। मैं इन सभी और संविधान के निर्मातओं को नमन करता हूं। हम आज श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं। वे भारत के संविधान के लिए जान देने वाले पहले पुरुष थे। धारा 370 की दीवार गिराकर एक देश, एक संविधान के मंत्र को जब साकार किया, तब डॉ. मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी।’ समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री ने परेड का निरीक्षण भी किया। ध्वजारोहण से पहले पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों से भेंट की। लाल किले पर तिरंगे के लहराते ही देशभर में देशभक्ति का माहौल और गहरा हो गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जवानों और देशवासियों के योगदान को याद करते हुए भविष्य के भारत के लिए अपने विजन को साझा किया।
ओडिशा, पंजाब, आंध्र प्रदेश में चार नई सेमीकंडक्टर कारखाना परियोजनाओं को मंजूरी
नई दिल्ली, 12 अगस्त : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को देश भर में 4,594 करोड़ रुपये की लागत से चार नई सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना को मंजूरी दे दी। इनमें से दो कारखाने ओडिशा में, जबकि एक-एक आंध्र प्रदेश और पंजाब में स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार के अनुसार, इन चार अप्रूव्ड प्रस्तावों से कुल मिलाकर 2034 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इससे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को गति मिलेगी और कई अप्रत्यक्ष रोजगार के मौके खुलेंगे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी दी। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन परियोजनाओं को ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत स्वीकृति दी गई है। सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय मदद देने के इरादे से इस मिशन के लिए 76,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वैष्णव ने कहा, “मंत्रिमंडल ने चार सेमीकंडक्टर प्लांट को स्वीकृति दी है जिनकी स्थापना ओडिशा, पंजाब एवं आंध्र प्रदेश में की जाएगी।” कहां कितना होगा निवेश वैष्णव ने कहा कि भुवनेश्वर में सिलिकॉन कार्बाइड सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिस पर सिकसेम प्राइवेट लिमिटेड 2,066 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। ओडिशा में ही एक 3डी ग्लास निर्माण संयंत्र भी स्थापित होगा, जिस पर 1,943 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस संयंत्र में अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां इंटेल और लॉकहीड मार्टिन सहित अन्य का निवेश होगा। मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश में चिप पैकेजिंग संयंत्र को मंजूरी दी है, जिसे एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड 468 करोड़ रुपये के निवेश से लगाएगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे बनाने वाली कंपनी सीडीआईएल की पंजाब में 117 करोड़ रुपये के निवेश वाली सेमीकंडक्टर परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।
बिहार एसआईआर : चुनाव आयोग के सामने अब तक 13,970 निर्वाचकों ने दर्ज कराई आपत्ति, विपक्ष 12 दिन बाद भी खामोश
नई दिल्ली, 12 अगस्त : बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के अगले चरण में मतदाता सूची में सुधार के लिए चुनाव आयोग विशेष अभियान चला रहा है। इसमें बिहार के लोग वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने या हटाने के लिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि 12 अगस्त सुबह 10 बजे तक 13,970 निर्वाचकों ने सीधे दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। अहम यह है कि बिहार से दिल्ली तक हंगामा करने वाले राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के सामने मतदाता सूची संबंधी अभी तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। चुनाव आयोग के दैनिक बुलेटिन में जारी आंकड़ों के अनुसार, 18 साल की आयु पूर्ण करने वाले या उससे अधिक उम्र के मतदाताओं से प्राप्त फॉर्म-6 और घोषणा पत्र संबंधी कुल 63,591 दर्ज हुई हैं। इसके अलावा, निर्वाचक नामावली के संबंध में निर्वाचकों से सीधे प्राप्त दावे और आपत्तियों की संख्या 13,970 है, जिसमें से चुनाव आयोग ने 7 दिन के भीतर 341 दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया है। आयोग ने बताया कि पूरे बिहार में 12 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों के कुल बीएलए 1,60,813 हैं। इनमें से किसी भी पार्टी के बीएलए ने निर्वाचक नामावली के संबंध में नाम जोड़ने या हटाने के लिए आपत्ति नहीं की है। इन बीएलए में कांग्रेस के 17,549 और राजद के 47,506 बीएलए भी शामिल हैं। नियमों के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निस्तारण संबंधित ईआरओ या एईआरओ की तरफ से 7 दिन की अवधि समाप्त होने पर पात्रता दस्तावेज की जांच के बाद किया जाना है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नाम को ईआरओ या एईआरओ की जांच पड़ताल के बाद स्पीकिंग आदेश पारित किए बिना नहीं हटाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद आपत्ति दर्ज कराने संबंधी प्रक्रिया शुरू की थी।
संसद : बिहार एसआईआर को लेकर चर्चा की मांग पर अड़ा विपक्ष, सदन की कार्यवाही स्थगित
नई दिल्ली, 12 अगस्त : संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को जमकर नारेबाजी हुई। दरअसल दोनों सदनों यानी राज्यसभा व लोकसभा में विपक्ष के सांसद बिहार में चुनाव आयोग द्वारा करवाए जा रहे गहन मतदाता सूची रिव्यू (एसआईआर) को लेकर चर्चा की मांग कर रहे थे। विपक्षी सांसदों ने अपनी इस मांग को लेकर दोनों सदनों में नारेबाजी की, जिसके बाद राज्यसभा व लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद विपक्ष द्वारा चर्चा की मांग उठाई गई। दरअसल सदन को जानकारी देते हुए उपसभापति हरिवंश नारायण ने बताया कि उन्हें 12 अगस्त को चर्चा के लिए 21 नोटिस प्राप्त हुए हैं। विपक्षी सांसदों द्वारा ये नोटिस नियम 267 के अंतर्गत दिए गए थे। नियम 267 के अंतर्गत सदन की पहले से तय अन्य सभी चर्चा व कार्यवाही को स्थगित कर दिया जाता और नियम 267 के अंतर्गत दिए गए नोटिस पर चर्चा कराई जाती है। इस चर्चा के अंत में मतविभाजन भी होता है। उप सभापति ने राज्यसभा को जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें चार अलग-अलग विषयों पर चर्चा के कुल 21 नोटिस प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही, उपसभापति ने कहा कि अधिकांश विपक्षी सांसदों द्वारा दिए गए नोटिसों में नोटिस देने संबंधी नियमों का अनुपालन नहीं किया गया है। उपसभापति ने कहा कि सांसदों ने कई ऐसे विषयों पर भी चर्चा के लिए नोटिस दिया है जिनकी सुनवाई अदालत में चल रही है। उपसभापति ने कहा कि अदालत में लंबित मामलों पर सदन में चर्चा नहीं कराई जाती है। नियमों का हवाला देते हुए, उपसभापति ने सभी नोटिसों को अमान्य घोषित कर दिया। इसके बाद राज्यसभा में विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा व नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने सदन में चर्चा कराए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। उपसभापति ने सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही चलाने के लिए अनुरोध किया, लेकिन विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा। सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं लोकसभा में तो सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के सांसद चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। थोड़ी ही देर में विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए। सदन में प्रश्नकाल चल रहा था। हंगामे बढ़ता देख लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीट पर जाकर बैठने का आग्रह किया। विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे तो सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। गौरतलब है कि संसद में सोमवार को भी जबरदस्त हंगामा हुआ था। इस हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों, राज्यसभा और लोकसभा, की कार्यवाही बाधित हुई थी। दोनों ही सदनों में विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। विपक्ष के कई सांसदों का कहना है कि वे बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के गहन रिव्यू समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा चाहते हैं। विपक्ष ने राज्यसभा में अन्य सभी संसदीय कार्यों को रोककर सबसे पहले इन मुद्दों पर चर्चा कराने का नोटिस दिया था। विपक्षी सांसदों के इस नोटिस को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लोकसभा में स्वीकार, तीन सदस्यीय समिति गठित
नई दिल्ली, 12 अगस्त: देश के न्यायिक इतिहास में दुर्लभ और संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, मंगलवार को लोकसभा ने औपचारिक रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। इसके साथ ही संविधान के अनुच्छेद 124(4), 217 और 218 के तहत उन्हें पद से हटाने की कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में बताया कि उन्हें 31 जुलाई 2025 को यह प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और विपक्ष के नेता सहित कुल 146 लोकसभा सदस्यों और 63 राज्यसभा सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। यह मामला मार्च 2025 में सामने आए उस विवाद से जुड़ा है, जब दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर आग लगने की घटना के दौरान जले हुए नोटों के बंडल बरामद हुए थे। हालांकि, उस समय जस्टिस वर्मा घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन बाद में तीन सदस्यीय आंतरिक न्यायिक जांच ने निष्कर्ष निकाला कि वे इस नकदी पर ‘नियंत्रण’ रखते थे। इस रिपोर्ट के आधार पर भारत के मुख्य न्यायाधीश ने उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी। संसद में प्रस्ताव पढ़ते हुए स्पीकर ओम बिरला ने यह भी घोषणा की कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 और संबंधित नियमों के तहत आरोपों की जांच के लिए एक वैधानिक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार, मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनिंदर मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वीवी आचार्य शामिल हैं। समिति शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, तब तक प्रस्ताव लंबित रहेगा। जस्टिस वर्मा ने जांच रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए इसे प्रक्रिया में खामी और संवैधानिक अतिक्रमण बताया था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और संवैधानिक बताते हुए उनके इस रुख की आलोचना की कि पहले उन्होंने जांच में भाग लिया और बाद में उसकी वैधता पर सवाल उठाए। अगर समिति आरोपों को सही पाती है, तो महाभियोग प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित करना होगा, अर्थात उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई मत तथा कुल सदस्यों का बहुमत। इसके बाद ही प्रस्ताव राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। स्वतंत्र भारत में यह तीसरा मौका है जब किसी कार्यरत न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की गई है।
‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष का संसद से चुनाव आयोग तक मार्च, पुलिस ने कई बड़े नेताओं को हिरासत में लिया
नई दिल्ली, 11 अगस्त : बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने सोमवार को संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया और कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया। मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस की कुमारी शैलजा, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह समेत तृणमूल, डीएमके, एनसीपी, सपा और अन्य विपक्षी दलों के सैकड़ों सांसद शामिल हुए। सांसदों ने सफेद रंग की टोपी पहन रखी थी जिस पर ‘एसआईआर’ और ‘वोट चोरी’ लिखा था तथा लाल रंग से क्रॉस का निशान बना था। संसद के मकर द्वार पर राष्ट्रगान के साथ विरोध की शुरुआत हुई, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने “वोट चोरी बंद करो” के नारे लगाते हुए पैदल मार्च शुरू किया। दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर बैरिकेड लगाकर मार्च को रोका। इस दौरान कई नेताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैरिकेड फांदकर आगे बढ़ने की कोशिश करते नजर आए और बोले, “हम वोट बचाने के लिए बैरिकेड फांद रहे हैं। जिन लोगों ने वोट काटे हैं, उनके खिलाफ चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए।” पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन का हवाला देते हुए नेताओं को बस में बैठाकर संसद मार्ग थाने ले जाया, जहां कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा, “यह सरकार डरी हुई है।” मार्च के दौरान राहुल गांधी ने कहा, “सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, यह संविधान को बचाने की लड़ाई है, ‘एक व्यक्ति एक वोट’ की लड़ाई है। हमें एक साफ-सुथरी और सही मतदाता सूची चाहिए।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया, “भाजपा की कायराना तानाशाही नहीं चलेगी। यह जनता के वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई है। अगर सरकार हमें चुनाव आयोग तक पहुंचने नहीं देती, तो उसे किस बात का डर है?” कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “चुनाव आयोग वोट चोरी करवा रहा है और सीनाजोरी भी कर रहा है। बिहार में 65 लाख वोट काटे गए हैं, न सूची दी जा रही है, न कारण बताया जा रहा है। राहुल गांधी की यह मुहिम अब पूरे देश में फैलेगी।” यह प्रदर्शन राहुल गांधी द्वारा 7 अगस्त को बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़े सामने लाने के बाद हुआ। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि वहां 1,00,250 मतों की चोरी की गई, जबकि बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट 2019 में भाजपा ने सिर्फ 32,707 वोटों के अंतर से जीती थी। उनका दावा था कि यही ‘वोट चोरी मॉडल’ देशभर में लागू किया जा रहा है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह मतदाता सूची में गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराए, सभी हटाए गए मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करे और पारदर्शी तरीके से सही मतदाता सूची तैयार करे। विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों के लिए 184 नए फ्लैटों का किया उद्घाटन
नई दिल्ली, 11 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर सांसदों के लिए बनाए गए 184 नए बहुमंजिला फ्लैट का उद्घाटन किया। ये सभी फ्लैट टाइप-VII श्रेणी के हैं। यह कार्यक्रम सुबह 9:00 बजे शुरू हुआ। इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और किरेन रिजिजू भी शामिल हुए। उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आवासीय परिसर में सिंदूर का एक पौधा भी लगाया। इसके साथ ही वे वहां काम करने वाले श्रमिकों (श्रमजीवियों) से भी मिले और उनके योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हर नया फ्लैट लगभग 5,000 वर्ग फुट के कारपेट एरिया में बना है। इन फ्लैटों का डिज़ाइन ऐसा है कि सांसद अपने घर से ही अपने आधिकारिक और सार्वजनिक कार्य आसानी से कर सकें। इस परिसर में सांसदों के आवास के साथ-साथ कार्यालय, कर्मचारियों के लिए आवास और एक सामुदायिक केंद्र भी शामिल है। यह सभी सुविधाएं मिलकर यहां रहने वालों के लिए एक आत्मनिर्भर वातावरण तैयार करती हैं। इसका बुनियादी ढांचा आधुनिक मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। सभी इमारतें भूकंपरोधी हैं और उनमें आधुनिक संरचनात्मक सुरक्षा सुविधाएं मौजूद हैं। सिर्फ इमारतों की मजबूती ही नहीं, बल्कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद मज़बूत और व्यापक है, जिससे सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह परिसर सांसदों की बदलती ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, यह परिसर दिव्यांगजनों के लिए भी अनुकूल है, जो समावेशी डिज़ाइन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सीमित ज़मीन की उपलब्धता को देखते हुए, भूमि का अधिकतम उपयोग करने और रखरखाव की लागत को कम रखने के लिए आवासों का निर्माण किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात, रेलवे व मेट्रो ढांचे को मिली बड़ी मजबूती
बेंगलुरु, 10 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु के के.एस.आर. रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक भव्य समारोह में देश को तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी। इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव, कर्नाटक के मुख्यमंत्री, केंद्रीय व राज्य मंत्रीगण सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, रेलकर्मी और आमजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले बेंगलुरु-बेलगावी वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन दक्षिण और उत्तर कर्नाटक को जोड़ते हुए व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नया आयाम देगी। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने ट्रेन के कोच का अवलोकन किया तथा यात्रियों, स्कूली बच्चों और रेलवे स्टाफ से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने समारोह के दौरान वीडियो लिंक के माध्यम से अमृतसर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा व नागपुर (अजनी)–पुणे मार्ग पर भी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को रवाना किया। अमृतसर–कटरा लाइन दो प्रमुख धार्मिक स्थलों — स्वर्ण मंदिर एवं वैष्णो देवी — के बीच यात्रा को तेज व सुविधाजनक बनाएगी, जबकि नागपुर–पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस महाराष्ट्र के औद्योगिक और शैक्षिक केंद्रों को जोड़कर व्यापारिक गतिविधियों को गति देगी। इन तीनों ट्रेनों के शुरू होते ही भारत में वंदे भारत ट्रेनों की कुल संख्या बढ़कर 150 हो गई है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन का भी उद्घाटन किया, जिससे मेट्रो नेटवर्क में 19 किमी और 16 नए स्टेशन जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “वंदे भारत ट्रेनें नए भारत की गति, संकल्प और विकास की प्रतीक हैं। आने वाले समय में देश के लगभग सभी राज्यों को इस आधुनिक रेल सेवा से जोड़ा जाएगा।” वहीं, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “ये ट्रेनें स्वदेशी तकनीक आधारित आधुनिक रेल इंजीनियरिंग के नए युग का आगाज हैं और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव दिलाएँगी।” मुख्य विशेषताएँ: वंदे भारत एक्सप्रेस की अधिकतम गति 160 किमी/घंटा, अत्याधुनिक एयरोडायनामिक डिज़ाइन, रीक्लाइनिंग व रोटेटेबल सीटें, ऑनबोर्ड वाई-फाई व इंफोटेनमेंट, स्वचालित दरवाजे, जीरो-डिस्चार्ज बायो-टॉयलेट्स, उन्नत कवच सुरक्षा प्रणाली व सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध। बेंगलुरु मेट्रो येलो लाइन के उद्घाटन तथा मेट्रो फेज-3 परियोजना के शिलान्यास से शहर का सार्वजनिक परिवहन और अधिक मजबूत होगा। रेलवे ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही वंदे भारत एक्सप्रेस का स्लीपर वर्जन भी शुरू किया जाएगा। इन कदमों से भारतीय रेलवे और मेट्रो नेटवर्क देश की तेज़, आधुनिक और सुरक्षित यात्रा सुविधाओं के लक्ष्य को साकार करने के लिए लगातार आगे बढ़ रहा है।