‘हमारी सरकार आई तो देख लेंगे’, बिहार से राहुल गांधी की चेतावनी

गया/नवादा, 19 अगस्त: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों वोटर अधिकार यात्रा पर बिहार में हैं। लगातार आक्रामक तेवर अपनाए राहुल ने एक बार फिर चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए चेतावनी दी, “हमारी सरकार आई तो देख लेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव चोरी हुए हैं और अब बिहार में भी यही साजिश रची जा रही है। क्या बोले राहुल गांधी? राहुल गांधी ने कहा कि, “सालों से संदेह था कि चुनाव में गड़बड़ी हो रही है। महाराष्ट्र में साफ पता चला कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच चार महीने में चुनाव आयोग ने जादू से एक करोड़ नए वोटर पैदा कर दिए। लोकसभा चुनाव में हम जीते और विधानसभा में बीजेपी। हमारे वोट घटे नहीं, लेकिन जहां नए वोटर आए वहां बीजेपी जीत गई। यानी साफ चुनाव चोरी हुई।” डुप्लिकेट वोटर और फर्जी सूची का आरोप कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कर्नाटक में बैंगलोर सेंट्रल सीट पर जांच के दौरान एक लाख फर्जी वोट मिले। इनमें डुप्लिकेट वोटर, फेक एड्रेस, एक ही पते पर 50-60 नाम, फॉर्म-6 में 000 एड्रेस और फर्जी फोटो शामिल थे।“हमने सबूत दिए, पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई करने की बजाय हमसे हलफनामा मांगा। चोरी उनकी पकड़ी गई और जिम्मेदारी हमारी बना दी।” बिहार में नई साजिश? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब बिहार के लिए एक “स्पेशल पैकेज” लाया गया है, जिसे उन्होंने एसआईआर – स्पेशल इंडियन रिग्गिंग बताया। उन्होंने दावा किया कि बिहार में नए तरीके से वोट चोरी की कोशिश की जा रही है। “बिहार की जनता को बता दूं, अगर वोट चोरी हुई तो यहां की जनता बीजेपी और चुनाव आयोग को सबक सिखाएगी।” ‘हमारी सरकार आई तो…’ राहुल ने दो टूक कहा कि, “चुनाव आयोग बीजेपी का सदस्य बन चुका है। लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब दिल्ली और बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार होगी और तब हम आपको देखेंगे। आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” उन्होंने कहा कि संविधान देश की आत्मा है और वोट चोरी करना इस आत्मा पर हमला है। बीजेपी का पलटवार राहुल गांधी की चेतावनी पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तीखा हमला बोला। “राहुल गांधी की यात्रा शुरू होते ही हवा निकल गई है। बिहार की जनता सतर्क है, किसी को वोट चोरी करने की इजाजत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग उनकी रक्षा कर रहे हैं। यह कहना कि ‘हमारी सरकार आई तो देख लेंगे’— घटिया किस्म की बात है।”

चीन ने भारत को रेयर अर्थ और फर्टिलाइजर से जुड़ी देश की चिंताओं का समाधान करने का दिया आश्वासन

नई दिल्ली, 19 अगस्त : चीन ने आर्थिक संबंधों में मधुरता के संकेत देते हुए भारत को उसकी प्रमुख व्यापारिक चिंताओं, खासकर रेयर अर्थ और फर्टिलाइजर के आयात से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को बताया है कि बीजिंग भारत की तीन प्रमुख चिंताओं रेयर अर्थ, फर्टिलाइजर और सुरंग खोदने वाली मशीनों का समाधान कर रहा है। चीन ने अमेरिकी टैरिफ वृद्धि के जवाब में रेयर अर्थ मैग्नेट के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिए हैं और व्यापार युद्ध में इस वस्तु का इस्तेमाल सौदेबाजी के तौर पर कर रहा है। इसका असर उन अन्य देशों पर भी पड़ा है, जो चीनी आयात पर निर्भर हैं। रेयर अर्थ मैग्नेट का इस्तेमाल कई तरह की हाई-टेक एप्लीकेशन में किया जाता है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक सामान और इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर बड़े पैमाने के औद्योगिक उपकरण शामिल हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। इस यात्रा के दौरान वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की वार्ता का एक नया दौर आयोजित करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि वांग यी की भारत यात्रा दोनों देशों को पिछले साल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बनी सहमति को लागू करने के लिए मिलकर काम करने में मदद करेगी। अपने उद्घाटन भाषण में, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पड़ोसी देशों और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, भारत-चीन संबंधों के कई पहलू और आयाम हैं। उन्होंने आगे कहा, “इस संदर्भ में यह भी आवश्यक है कि प्रतिबंधात्मक व्यापार उपायों और बाधाओं से बचा जाए।” विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “जब दुनिया के दो सबसे बड़े देश मिलते हैं तो यह स्वाभाविक है कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर चर्चा होगी। हम एक निष्पक्ष, संतुलित और मल्टी-पोलर विश्व व्यवस्था चाहते हैं, जिसमें मल्टी-पोलर एशिया भी शामिल हो। सुधारित बहुपक्षवाद भी आज की जरूरत है। वर्तमान परिवेश में, वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना और उसे बढ़ाना भी स्पष्ट रूप से जरूरी है। आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई एक और प्रमुख प्राथमिकता है। मैं हमारे विचारों के आदान-प्रदान की प्रतीक्षा कर रहा हूं।” बैठकों में दोनों पक्ष सीमा की स्थिति, व्यापार और उड़ान सेवाओं की बहाली सहित कई प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं।

‘क्या तुमने मेरा दिया होमवर्क किया?’ पीएम मोदी ने पूछा, अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने मुस्कुराकर दिया जवाब

नई दिल्ली, 19 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर उनके सफल मिशन के बारे में एक हल्की-फुल्की बातचीत की। इस मुलाकात में दिलचस्प यह रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुभांशु शुक्ला के भारत लौटने पर उनसे ‘होमवर्क’ पर अपडेट लिया, जिस पर ग्रुप कैप्टन ने बताया कि उन्होंने ‘होमवर्क’ पूरा कर लिया है। सोमवार को नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर मुलाकात के दौरान पीएम मोदी और शुभांशु शुक्ला के बीच कई विषयों पर चर्चा हुई। करीब साढ़े 8 मिनट की बातचीत में शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री को अपने मिशन के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने चालक दल के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए पूछा, “मैंने जब आपको होमवर्क कहा था, उसका क्या प्रोग्रेस हुआ है?” इस पर शुभांशु शुक्ला ने हंसते हुए कहा, “बहुत अच्छा प्रोग्रेस हुआ है। लोग मुझे चिढ़ाते थे कि तुम्हारे प्रधानमंत्री तुम्हें होमवर्क देते हैं।” शुभांशु शुक्ला ने बताया कि उन्होंने अंतरिक्ष में कई महत्वपूर्ण प्रयोग किए, जिनमें टार्डीग्रेड्स, मयोजेनिसिस, मेथी और मूंग के बीजों का अंकुरण, सायनोबैक्टीरिया, माइक्रोएल्गी और फसली बीजों से जुड़े अध्ययन शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अंतरराष्ट्रीय क्रूमेट्स गगनयान मिशन को लेकर काफी उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जब पूछा कि पृथ्वी पर लौटने के बाद उन्हें क्या अनुभव हुआ, तो शुक्ला ने कहा, “दिमाग को यह समझने में समय लगता है कि अब चलना है। वापस आने के बाद मैं चल नहीं पा रहा था, लोग मुझे सहारा देकर उठा रहे थे।” उन्होंने बताया कि ऐसा ही अनुभव उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने पर भी हुआ था। शुक्ला ने प्रधानमंत्री को बताया कि पिछले एक साल में वे जहां भी गए, लोगों में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर उत्साह और जिज्ञासा देखी गई। उन्होंने हंसते हुए बताया, “लोग मुझसे गगनयान के लॉन्च की तारीख तक पूछते थे।” शुक्ला ने यह भी साझा किया कि अंतरिक्ष मिशन के दौरान उन्होंने जो अनुभव और जानकारियां हासिल कीं, वे गगनयान कार्यक्रम के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगी। पीएम मोदी ने पूछा कि आईएसएस पर सबसे ज्यादा समय कौन रुका है? इस पर शुभांशु शुक्ला ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर इस समय एक बार में कोई भी अंतरिक्ष यात्री 8 महीने तक रहता है। कुछ लोग दिसंबर में वापस भी लौट रहे हैं।

मोदी ने की विपक्षी दलों से राधाकृष्णन का समर्थन करने की अपील

नई दिल्ली, 19 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों से मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन का समर्थन करने की अपील की। श्री मोदी ने यहां संसद भवन के सभागार में आयोजित राजग सांसदों की एक बैठक में सभी विपक्षी दलों से श्री राधाकृष्णन के लिए समर्थन मांगते हुए उन्हें सर्वसम्मति से चुनने की अपील की। इसमें राजग के सभी घटक दलों के सांसदों को बुलाया गया था। इसमें प्रधानमंत्री ने श्री राधाकृष्णन का राजग सांसदों से परिचय भी कराया। जानकारी के अनुसार श्री राधाकृष्णन आगामी 20 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान श्री मोदी और राजग के घटक दलों के सांसदों के भी मौजूद रहने की संभावना है। राजग ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। इस संबंध में सोमवार देर शाम केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर एक अहम बैठक हुई और उसमें तय हुआ कि श्री राधाकृष्णन बुधवार को सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे।

जिम्मेदारियां से भाग रहा है चुनाव आयोग : कांग्रेस

नई दिल्ली, 18 अगस्त: कांग्रेस ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब वोट चोरी के खिलाफ बिहार में वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत कर रहे थे तो उसी समय चुनाव आयोग ने आरोपों का जवाब देने बजाय उनके सवालों को नकार दिया और जिम्मेदारी से भाग खड़ा हुआ है लेकिन सांसदों की उसकी गतिविधियों पर नजर है और उसके खिलाफ जरुरी कार्रवाई को लेकर कदम भी उठाया जा सकता है। कांग्रेस के गौरव गोगोई ने सोमवार को यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन के नेताओं के संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव आयोग सवालों का जवाब देने की बजाय जिम्मेदारियों से भाग रहा है लेकिन सांसद उसकी गतिविधियों पर नजर रखेंगे और समय आने पर जरूरी करवाई को लेकर कदम भी उठाए जाएंगे। आयोग श्री गांधी तथा अन्य राजनीतिक दलो के नेताओं के सवालों के जवाब नहीँ दे पा रहा है और उल्टे राजनीतिक दलों पर सवाल उठा रहा है। आयोग जिम्मेदारियां से भाग रहा है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि वह 45 दिन में मतदान के फुटेज डिलीट क्यों कर देता है। चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी को नकारा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग को अपनी कमियों को बताना चाहिए था और विपक्षी सवालों का जवाब देना चाहिए लेकिन उसने इसके विपरीत रानीतिक दलों पर ही सवाल उठाया और एक तरह से सवाल उठाने वाले दलों पर पर आक्रमण किया। सवाल था कि बिहार में हड़बड़ी में मतदाता सूची पुनरीक्षण क्यो हो रहा है, महाराष्ट्र में मतदाता कैसे बढ़े, आधार की प्रमाणिकता के खिलाफ क्यो है आयोग, इन सवालों का जवाब नही दिया गया है। चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता से स्पष्ट है की आयोग में ऐसे अधिकारी काम कर रहे हैं जो निष्पक्ष नहीं है। ऐसे अधिकारी किसी भी तरह की शिकायत पर जांच के खिलाफ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयुक्त को समझना चाहिए कि आयोग में अधिकारी आएंगे और जाएंगे लेकिन सदन पल पर नजर रखे हुए है और समय पर जरूरी कदम भी उठाये जाएंगे। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का 2022 में आरोप लगाया था। आयोग। ने तब श्री यादव से एफिडेविट मांगा था लेकिन अब तक इस एफिडेविट पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उस समय 18000 मतदाताओं के नाम काटे जिनमे मुसलमान और यादवों के नाम काटे गए थे। हमने शिकायत की लेकिन इस पर कोई करवाई नहीं हुई।

इंडिया गठबंधन की बैठक में उपराष्ट्रपति पद को लेकर चर्चा

नई दिल्ली, 18 अगस्त : इंडिया गठबंधन के नेताओं की लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सोमवार को संसद भवन परिसर में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में बैठक हुई जिसमें मतदाता सूची पुनरीक्षण के साथ ही उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। इस बीच विपक्षी दलों के सदस्यों ने पिछले सप्ताह की तरह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद भवन के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन किया और बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर बैनर लेकर नारे लगाए और प्रदर्शन किया। इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर विपक्षी दलों की इस बैठक में चर्चा हुई लेकिन इस बारे में व्यापक विचार विमर्श अभी किया जाना है और उसके बाद सबकी सहमति से इंडिया गठबंधन का उम्मीदवार तय किया जाएगा। कांग्रेस के मणिक्कम टैगोर ने कहा कि इंडिया गठबंधन उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार उतरेगा और इसके लिए गठबंधन के नेताओं की बैठक होगी। उनका कहना था की सत्ता पक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन की पृष्ठभूमि आरएसएस की है और इसे बर्दाश्त नहीं जा सकता।

‘वोट चोरी’ का नया हथियार है एसआईआर, ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार की रक्षा करेंगे: राहुल

औरंगाबाद, 18 अगस्त : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को ‘वोट चोरी का नया हथियार’ करार दिया और कहा कि वह ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार की रक्षा के लिए खड़े हैं। राहुल गांधी ने अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दूसरे दिन यह भी कहा कि लोकतंत्र में सबकी भागीदारी को किसी भी हाल में खत्म नहीं होने दिया जाएगा। राहुल गांधी ने दूसरे दिन की यात्रा औरंगाबाद के कुटुंबा से शुरू की और आज की यात्रा का समापन गया में होगा। कुटुंबा बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार का विधानसभा क्षेत्र है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के साथ इस यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी और महागठबंधन के कई अन्य नेता शामिल हैं। यात्रा के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने औरंगाबाद स्थित प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर में दर्शन किए। राहुल गांधी ने ऐसे कई लोगों से मुलाकात की एक तस्वीर अपने व्हाट्सएप चैनल पर साझा की जिनके नाम एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से काट दिए गए, जबकि उन्होंने लोकसभा चुनाव में वोट डाला था। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘एसआईसीआर वोट चोरी का एक नया हथियार है। इत्तेफ़ाक से इस तस्वीर में मेरे साथ खड़े ये लोग इस चोरी के ‘जीते-जागते’ सबूत हैं।’ उन्होंने कहा कि इन सभी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट डाला था, मगर बिहार विधानसभा चुनाव आते आते भारत के लोकतंत्र से इनकी पहचान, इनका वजूद मिटा दिया गया। कांग्रेस नेता ने किसान एवं सेवानिवृत्त फौजी राज मोहन सिंह (70), दलित महिला उमरावती देवी (35), पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले धनजेय कुमार बिंद (30), मनरेगा में मजदूर रहीं सीता देवी (45), महिला एवं पूर्व मनरेगा मज़दूर राजू देवी (55) और मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मजदूर मोहमुद्दीन अंसारी (52) से मुलाकात की। उनके मुताबिक, इनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, जबकि लोकसभा चुनाव में इन्होंने मतदान किया था। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत इन्हें बहुजन और गरीब होने की सज़ा दे रही है। उन्होंने कहा, ‘हमारे जवानों तक को नहीं छोड़ा – न वोट रहेगा, न पहचान रहेगी, और न ही अधिकार।’ राहुल गांधी ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और आर्थिक परिस्थितियों के कारण ये सब ‘सिस्टम’ के षड़यंत्र के विरुद्ध लड़ पाने में असमर्थ हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, ”उनके साथ हम यहां खड़े हैं ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सबसे मूल अधिकार की रक्षा करने के लिए।’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह हक़ का, हिस्सेदारी का, लोकतंत्र में सबकी भागीदारी का सवाल है। इसे हम किसी भी हालत में खत्म नहीं होने देंगे।’

राधाकृष्णन ने लगन, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से विशिष्ट पहचान बनाई है: मोदी

नई दिल्ली, 18 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन राजग के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन की सराहना करते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी लगन, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड की रविवार को हुई बैठक में श्री राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जाने के बाद श्री मोदी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि राजग परिवार ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में, थिरु सी.पी. राधाकृष्णन जी ने अपनी लगन, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विभिन्न पदों पर रहते हुए, उन्होंने हमेशा सामुदायिक सेवा और वंचितों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर व्यापक कार्य किया है। मुझे खुशी है कि एनडीए परिवार ने उन्हें हमारे गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित करने का निर्णय लिया है। ” उल्लेखनीय है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 21 अगस्त तक नामांकन दायर किए जा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव 9 सितंबर को होगा। उपराष्ट्रपति का चुनाव श्री जगदीप धनखड़ द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद कराया जा रहा है।

सूची में हेराफेरी का आरोप लगाने वाले सात दिन में सबूत दें, नहीं तो देश से माफी मांगे : चुनाव आयोग

नई दिल्ली, 17 अगस्त : चुनाव आयोग ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर शपथ पत्र के साथ सात दिन के अंदर सबूत पेश करने, अन्यथा देश से माफी मांगने के लिए कहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को यहां विशेष रूप से आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कोई किसी सूची में डेढ़ लाख मतदाताओं के नाम फर्जी होने का आरोप लगा दे, तो क्या आयोग बिना हलफनामे उनको नोटिस जारी कर देगा और उन्हें उप मंडलीय अधिकारी (एसडीएम) के दरवाजे पर चक्कर लगाने के लिए विवश करेगा।” उन्होंने कांग्रेस नेता श्री गांधी द्वारा कर्नाटक और महाराष्ट्र की सूचियों में गड़बड़ी के लगाये गये आरोपों को लेकर पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए कहा, “मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप संगीन है और ऐसे विषय में बिना हलफनामे के आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है।” चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ़ विवेक जोशी की उपस्थिति में श्री कुमार ने श्री गांधी के आरोपों पर कहा, “सात दिन में हलफनामा दें, नहीं तो देश से माफी मांगे। अन्यथा यही माना जाएगा कि ये आरोप निराधार हैं।” उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार 18 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक को ही वोट देने का अधिकार है तथा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किये गये हैं, जिनका कोई उल्लंघन नहीं कर सकता है। श्री कुमार ने कहा कि कुछ लोग चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रख कर मतदाताओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव आयोग मतदाताओं के अधिकार की रक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़ा है।” उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल चुनाव आयोग के पंजीकरण के साथ बनते हैं। आयोग न तो किसी के पक्ष में हो सकता है और न विपक्ष में। आयोग के लिए सभी समकक्ष हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की मतदाता सूची के बारे विपक्ष के आरोपों को लेकर कहा कि वहां पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव से पहले सूचियों की सरसरी समीक्षा का मसौदा और चुनाव के समय हर उम्मीदवार को पक्की सूची दी गयी थी, लेकिन आठ महीने तक किसी ने उस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं करायी थी और अब उसे मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी हलफानामा देने के लिए कोयी तैयार नहीं है। श्री कुमार ने एक मतदाता द्वारा एक से अधिक स्थानों पर वोट देने, मतदाता सूचियों में पते में शून्य अंकित होने जैसे मुद्दों पर पूछे गये सवालों के जवाब में कहा कि सूची में नाम होने और न होने तथा वोट देने का मुद्दा अलग-अलग है, इन्हें एक साथ जोड़कर चुनाव आयोग के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि एक व्यक्ति का चुनाव में दो जगह वोट देना अपराध है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह की बात कर मतदाताओं को बिना किसी साक्ष्य या शपथ-पत्र के अपराधी नहीं बताया जा रहा है? उन्होंने कहा कि सूची में त्रुटि संभव है पर ‘‘मतदान की चोरी का आरोप” संविधान का अपमान है। घर के पते के स्थान पर शून्य दर्ज होने के मामले में उन्होंने कहा, “देश में ऐसे बहुत से नागरिक है, जिनके पास घर नहीं है। वे किसी पुल के नीचे, किसी लैंप पोस्ट या बिना पते की जगह पर रहते हैं। वे भारत के नागरिक हैं और उन्हें मतदाता के तौर पर पंजीकरण करवाने का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे लोगों के लिए आयोग की कम्प्यूटर प्रणाली में घर के पते की जगह शून्य दर्ज हो जाता है।” श्री कुमार ने कहा कि मलिन बस्तियों या गांव में मकानों पर नंबर नहीं पड़े हैं और उनमें रहने वालों के पते के स्थान पर भी शून्य दर्ज किया जाता है। उन्होंने कहा कि घर के पते के स्थान पर शून्य दर्ज किये जाने को लेकर आपत्ति उठाना गरीबों का अपमान है। आयोग ने बिहार में मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे राज्य की सूची के नये मसौदे में किसी भी कमी में सुधार के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग करें और दावे तथा आपत्तियों के लिए इस महीने के अंत तक बचे समय का उपयोग करें। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सारी त्रुटियों का यही जवाब है कि सभी राजनीतिक दल और सामाजिक कार्यकर्ता मिलकर काम करें। बिहार में अभी सूची के मसौदे पर दावे और आपत्तियों के लिए 15 दिन का समय बाकी है। इस दौरान यदि वे त्रुटियों को दूर कराने में सहयोगी होंगे, तो आयोग उनका शुक्रगुजार होगा।” उन्होंने कहा कि आयोग का नारा है कि मतदाता सूची में किसी पात्र व्यक्ति का नाम नहीं छूटे और किसी अपात्र का नाम न बचे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का तरीका ही एसआईआर है। इसमें मतदाताओं से छपे हुए गणना फॉर्म भरवाए जाते हैं और उसके आधार पर बनी सूची बिल्कुल नई होती है। उन्होंने बताया कि पिछला एसआईआर दो दशक से भी पहले हुआ था। इसलिए बिहार से शुरू करायी जा रही एसआईआर में बड़ी संख्या में ऐसे नाम उजागर हुए हैं जो मर गये हैं, स्थायी रूप से विस्थापित हो चुके हैं या वे राज्य में ही एक से अधिक जगह पर मतदाता के तौर पर पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोग, मतदाताओं और राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है कि सूचियां शुद्ध हों। उन्होंने कहा कि बिहार में एक सितंबर से पहले आने वाली आपत्तियों पर अधिकारी सुनवाई कर त्रुटि निकाल सकते हैं। उसके बाद अपील में ही जाना होगा। उन्होंने कहा कि आयोग ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर 56 घंटे के अंदर ही जिला स्तर की सूचियां तैयार कर दी हैं।

बिहार के सासाराम से शुरू हुई कांग्रेस की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’

नई दिल्ली, 17 अगस्त : बिहार में कांग्रेस पार्टी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ सासाराम से शुरू हो गई है। सासाराम के सुआरा हवाई अड्डा ग्राउंड में जनसभा हो रही है। इसमें राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस की यह ‘मतदाता अधिकार रैली’ बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष सघन पुनर्रीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर आयोजित की गई है। रैली की शुरुआत सासाराम के सुआरा हवाई पट्टी (बियाडा मैदान) से हुई है, जहां कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और ‘इंडी’ गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। यह यात्रा में रैली सासाराम से शुरू होकर शाम 4 बजे डेहरी ऑन सोन के अंबेडकर चौक पहुंचेगी, जहां से काराकाट होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी। तय मार्ग में थाना चौक, पाली रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, बैरन, नबीनगर और औरंगाबाद शामिल हैं। राहुल गांधी शाम 7 बजे औरंगाबाद के रमेश चौक पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे। यह यात्रा एक सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगी। पटना की जनसभा में ‘इंडी’ गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर के कई नेता शामिल होंगे। इस दौरान यात्रा राज्य के औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा जिलों से होकर गुजरेगी। कांग्रेस का दावा है कि यह यात्रा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर जनता को जागरूक करने के लिए की जा रही है।