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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

रांची, 24 मई: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को रांची एयरपोर्ट से बिरसा चौक पहुंची। यहां उन्होंने भगवान बिरसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने हाथ हिलाकर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने अल्बर्ट एक्का चौक स्थित परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वहां से राष्ट्रपति के राजभवन पहुंचने पर राज्यपाल और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल डेविड हर्ले से की मुलाकात

सिडनी/नई दिल्ली, 24 मई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल डेविड हर्ले से मुलाकात की। इस दौरान, दोनों नेताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों के बीच संपर्क और लंबे समय से जारी द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापक बातचीत के बाद मोदी ने हर्ले से मुलाकात की। अल्बनीज के साथ बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के अलावा समग्र द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने पर चर्चा की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, “सिडनी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल हर्ले के बीच वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों के बीच संपर्क और लंबे समय से चली आ रही द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।” मोदी ने भी कहा कि हर्ले से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। मोदी ने ट्वीट किया, “गवर्नर जनरल डेविड हर्ले से मिलकर और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर चर्चा करके प्रसन्नता हुई। हमारे राष्ट्रों के बीच मजबूत संबंध एक बेहतर दुनिया के निर्माण में योगदान देंगे।” मोदी ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ कुडोस बैंक एरिना में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान, मोदी और अल्बनीज दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना की थी।

बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी के लिए पहलवानों का इंडिया गेट प्रदर्शन, निकला कैंडल मार्च

नई दिल्ली, 23 मई: यौन शोषण मामले में भारतीय कुश्ती संघ (डब्लूएफआई) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी के लिए पहलवान आज इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वो मोमबत्ती जलाकर (कैंडल मार्च) गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस दौरान पहलवानों के समर्थन में कर्तव्य पथ पर कैंडल मार्च के दौरान भीड़ भी मौजूद है। पहलवानों के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन का आज (23 मई) एक महीना पूरा हो गया है। उन्होंने 23 अप्रैल से बृज भूषण की गिरफ्तारी के लिए जंतर-मंतर पर पहुंचकर धरना देना शुरू कर दिया था। यौन शोषण का आरोप लगाते हुए बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सात महिला पहलवानों ने 21 अप्रैल को कनॉट प्लेस थाने में शिकायत की थी। पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए हुए राजी बृजभूषण शरण सिंह रविवार को फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए कहा था कि अगर उनके टेस्ट के साथ पहलवान विनेश फोगट और बजरंग पूनिया का भी यही टेस्ट कराया जाता है तो वह पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए तैयार हैं। विनेश और बजरंग बोले- हम नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवान बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट ने सोमवार को कहा था कि वह नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। साथ ही भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने वाली पीड़िता भी टेस्ट के लिए तैयार हैं। दोनों ने बृजभूषण के उस बयान के संदर्भ में जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। शर्त है कि उनके साथ बजरंग और विनेश को भी नार्कों टेस्ट कराना होगा। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे। पहली प्राथमिकी एक नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ी है जिसमें पॉक्सो कानून और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरी प्राथमिकी वयस्कों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है।

ब्रिसबेन में वाणिज्य दूतावास खोलेगा भारत : प्रधानमंत्री मोदी

सिडनी/नई दिल्ली, 23 मई : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासी भारतीयों की लंबित मांग को पूरा करने के लिए मंगलवार को घोषणा की कि भारत जल्द ही ब्रिसबेन में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलेगा। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध आपसी विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित है। प्रधानमंत्री मोदी सिडनी स्थित कुडोस बैंक एरिना में खचाखच भरे स्टेडियम में भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों को संबोधित करते हुए अपनी बात रख रहे थे। इस कार्यक्रम में उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीस भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ना बेहद खुशी की बात है।” उन्होंने अपनी पिछली यात्रा का स्मरण कराते हुए कहा, “जब मैं 2014 में यहां आया था, तो मैंने आपसे वादा किया था कि आपको भारतीय प्रधानमंत्री के लिए फिर से 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसलिए मैं एक बार फिर यहां सिडनी में हूं। प्रधानमंत्री अल्बानीस भी यहां मेरे साथ हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब थ्री सी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों को परिभाषित करते थे। ये तीन थे- कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और करी। उसके बाद यह थ्री डी था, लोकतंत्र, डायस्पोरा और दोस्ती! जब यह थ्री ई बना, तो यह ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और शिक्षा के बारे में था। आगे उन्होंने कहा कि लेकिन सच्चाई यह है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों की वास्तविक गहराई इन सी-डी-ई से परे आपसी विश्वास और आपसी सम्मान के भाव से है और इसके पीछे असली कारण भारतीय प्रवासी हैं। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कितनी भी भौगोलिक दूरियां क्यों न हों हिंद महासागर हमें जोड़ता है। दोनों देशों की जीवनशैली अलग-अलग क्यों न हो, योग हमें जोड़ता है। क्रिकेट एक ऐसी चीज है, जिसने हमें युगों से जोड़े रखा है। अब टेनिस और सिनेमा अन्य जोड़ने वाले सेतु हैं। प्रधानमंत्री मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बनीज ने इस दौरान सिडनी के उपनगर हैरिस पार्क का नाम बदलकर ‘लिटिल इंडिया’ कर दिया। मोदी ने सिडनी के एक उपनगर ‘लिटिल इंडिया’ की आधारशिला के अनावरण में समर्थन देने के लिए अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष का आभार व्यक्त किया। दरअसल, हैरिस पार्क पश्चिमी सिडनी का एक केंद्र है, जहां भारतीय समुदाय दिवाली और ऑस्ट्रेलिया दिवस जैसे त्यौहारों और कार्यक्रमों का जश्न मनाता है। प्रधानमंत्री ने दुनिया में भारत की स्थिति को वैश्विक अच्छाई की ताकत के रूप में बताया। उन्होंने कहा, “जब भी कोई आपदा आती है तो भारत दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है।” उन्होंने भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में ‘उज्ज्वल स्थान’ के रूप में भी सराहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईएमएफ भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का ब्राइट स्पॉट मानता है। विश्व बैंक के अनुसार यदि कोई देश है जो वैश्विक विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तो वह भारत है। भारत ने सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी रिकॉर्ड निर्यात किया है। आगे उन्होंने कहा कि पिछले 9 सालों में भारत ने काफी तरक्की की है। हमने गरीब लोगों के लिए करीब 50 करोड़ बैंक खाते खोले हैं। इतना ही नहीं, दरअसल भारत में पब्लिक डिलीवरी का पूरा इको-सिस्टम ही बदल गया है। 2014 से 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है। जेम ट्रिनिटी और डीबीटी ने देश में एक क्रांति ला दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने कोरोना महामारी में दुनिया का सबसे तेज वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया। आज भारत दुनिया में नंबर-एक स्मार्टफोन डेटा कंज्यूमर है। उन्होंने आगे कहा कि हम राष्ट्र को भी एक परिवार के रूप में देखते हैं और विश्व को भी एक परिवार मानते हैं। जब भारत अपनी जी-20 अध्यक्षता की थीम तय करता है, तो कहता है- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य। जब भारत पर्यावरण की रक्षा के लिए सोलर एनर्जी के बड़े लक्ष्य तय करता है, तो कहता है- वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड। जब भारत वैश्विक समुदाय के स्वस्थ रहने की कामना करता है तो कहता है- एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य। लगातार लग रहे मोदी-मोदी नारों के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि सोलर एलायंस जैसे संघों के लिए हो, डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए या बिग कैट एलायंस का नेतृत्व करने के लिए भारत ने हमेशा विभिन्न राष्ट्रों को जोड़ने के लिए ‘बाइंडिंग फोर्स’ के रूप में काम किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन के दौरान खचाखच भरे स्टेडियम में लगातार नारे लगते रहे। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री भी लगातार ताली बजाते हुए प्रसन्न चित दिखे। कार्यक्रम प्रारंभ होने से पहले प्रधानमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। अपने उद्बोधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष एंथनी अल्बनीस के साथ दर्शकों से मिले। उनके साथ सेल्फी ली और ऑटोग्राफ भी दिये।

केजरीवाल ने ममता से की मुलाकात, केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ लड़ाई में मांगा समर्थन

कोलकाता/नई दिल्ली, 23 मई : दिल्ली में सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ अपनी लड़ाई में समर्थन जुटाने के लिए देशव्यापी दौरे के तहत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोलकाता में मुलाकात की। इस बैठक में केजरीवाल के साथ आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा और आतिशी सिंह ने भी शिरकत की। नेताओं के बीच बैठक में राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण की स्थापना के संबंध में केंद्र के अध्यादेश पर चर्चा होने की उम्मीद है जिसने उच्चतम न्यायालय के आदेश को उलट दिया है। न्यायालय ने पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और भूमि से संबंधित सेवाओं को छोड़कर, दिल्ली की निर्वाचित सरकार को सेवाओं का नियंत्रण दिया था। यहां मुख्यमंत्री सचिवालय के सूत्रों ने यह भी कहा कि इस बैठक में 2024 के राष्ट्रीय चुनावों और विपक्षी दलों के बीच एकता बनाने की संभावना पर चर्चा होने की उम्मीद है। कोलकाता के लिए यात्रा शुरू करने से पहले केजरीवाल ने ट्वीट किया था, ‘‘आज से देश भर में निकल रहा हूं। दिल्ली के लोगों के हक के लिए। उच्चतम न्यायालय ने बरसों बाद आदेश पारित करके दिल्ली के लोगों के साथ न्याय किया, उन्हें उनके हक दिये। केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर वो सारे हक वापस छीन लिये।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब ये कानून राज्यसभा में आएगा, तो इसे किसी हालत में पास नहीं होने देना। सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों से मिलकर उनका साथ मांगूंगा।’

UPSC CSE EXAM 2022: पहले चार स्थानों पर महिला उम्मीदवारों ने बाजी मारी

नई दिल्ली, 23मई  संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम परिणाम की आज घोषणा कर दी जिसमें कुल 933 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है इनमें से शीर्ष चार स्थानों पर महिला उम्मीदवारों ने बाजी मारी है। आयोग द्वारा मंगलवार को घोषित परिणामों में सफल घोषित 933 उम्मीदवारों में 613 पुरूष तथा 320 महिलाएं हैं। सुश्री इशिता किशोर पहले, गरिमा लोहिया दूसरे, उमा हराथी तीसरे तथा स्मृति मिश्रा चौथे स्थान पर रही हैं। शीर्ष 25 उम्मीदवारों में से 14 महिलाएं तथा 11 पुरूष हैं। पहले स्थान पर रही सुश्री किशोर ने राजनीति शास्त्र और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विषय के साथ परीक्षा पास की है। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कालेज ऑफ कार्मस की अर्थशास्त्र की छात्रा रही हैं। दूसरे स्थान पर रही सुश्री लोहिया ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से कार्मस में पढाई की है। सिविल सेवा परीक्षा में उनके विषय कामर्स और अकाउंटेंसी थे। तीसरे स्थान पर रही सुश्री हराथी ने आई आई टी हैदराबाद से सिविल इंजीनयरिंग में बी टेक किया है। सिविल सेवा परीक्षा उन्होंने वैकल्पिक विषय एंथ्रोपोलोजी के साथ पास की। सुश्री मिश्रा दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कालेज से पढी हैं और सिविल सेवा परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय प्राणी विज्ञान रहा है। सिविल सेवा 2022 की प्रारंभिक परीक्षा 5 जून 2022 को हुई थी जिसके लिए 11 लाख 35 हजार 697 उम्मीदवारों ने आवेदन किया लेकिन 5 लाख 73 हजार 735 ने परीक्षा दी। इनमें से 13090 उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा पास की। इनमें से 2529 उम्मीदवारों ने सितम्बर 2022 में हुई मुख्य परीक्षा पास की जिनमें से 933 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के बाद सफल घोषित किया गया। सफल उम्मीदवारों में 41 बेंचमार्क दिव्यांग भी शामिल हैं। सिलेक्ट किए गए टॉप 10 उम्मीदवारों की लिस्ट 1. इशिता किशोर 2. गरिमा लोहिया 3. उमा हरति एन 4. स्मृति मिश्रा 5. मयूर हजारिका 6. गहना नव्या जेम्स 7. वसीम अहमद 8. अनिरुद्ध यादव 9. कनिका गोयल 10. राहुल श्रीवास्तव

UPSC CSE 2022 : बिहार की बादशाहत कायम, बिहार की बेटी गरिमा लोहिया हुई सेकेंड टॉपर

नई दिल्ली, 23 मई: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा(UPSC CSE 2022 Exam) के परिणाम की घोषण कर दी है। इस बार भी बिहार की बादशाहत कायम रही है। बिहार के बक्सर जिला की रहने वाली गरिमा लोहिया ने पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं, पहला स्थान इशिता किशोर ने प्राप्त किया है। इस बार टॉप 10 में देश की बेटियों ने जगह बनाई है। बक्सर की बेटी ने दूसरा स्थान लाकर बिहार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। उनकी इस सफलता से बक्सर ही नहीं पूरे बिहारवासियों में खुशी की लहर है। गरिमा ने बक्सर के वूड स्टॉक स्कूल से से पढ़ाई की गरिमा लोहिया ने बक्सर के वूड स्टॉक स्कूल से पढ़ाई की है। उनके पिता नारायण प्रसाद लोहिया का निधन चार साल पहले हो चुका है। पिता के जाने के बाद उनकी हिम्मत टूट चुकी थी। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और काफी मेहनत कर यह सफलता पाई। अमर उजाला से खास बातचीत में गरिमा ने बताया कि उन्होंने बक्सर में रह कर ही तैयारी की। इतनी अच्छी रैंक आएगी, इसकी उम्मीद नहीं थी। कोरोना के दौरान कोचिंग नहीं कर सकती थी। इसलिए ऑनलाइन कोर्सेस से ही तैयारी की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने खासतौर पर अपनी मां को दिया। सेल्फ स्टडी पर ही ज्यादा जोर दिया, जीएस के ऑनालइन मदद गरिमा ने बताया कि उन्होंने दिल्ली विश्विद्यालय में कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। इसी दौरान यूपीएससी की तैयारी शुरू की और उन्हें सफलता मिली। उनके परिवार में मां, भाई और एक बड़ी बहन है। उन्होंने बताया, ‘मैंने सेल्फ स्टडी पर ही ज्यादा जोर दिया। सामान्य ज्ञान के लिए सोशल साइट्स की मदद ली। इस परीक्षा में तैयारी बहुत मुश्किल होती है। इसका मतलब यह नहीं होता कि हम निराश हो जाएं। आपको जो चीज खुशी देती हो, वह करें, परिवार के साथ रहें और मनोबल बढ़ाते रहें। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देना चाहती हूं।’ टॉप 10 में दो बिहारियों का झंडा बुलंद नजर गरिमा लोहिया के अलावा पटना निवासी राहुल श्रीवास्तव ने 10वां स्थान प्राप्त किया है। अमर उजाला से बातचीत के दौरान राहुल कहते हैं- “बिहार की मिट्टी में मेहनत और जज्बा है। मेहनत करने का जज्बा ही बिहारियों को बाकी से अलग करता है। ऐसा नहीं कि बहुत बड़े स्कूल या किसी बहुत बड़े संस्थान से ही आपका आधार तय होता है। अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट हो तो अंत में आप उसे हासिल कर ही लेते हैं। लक्ष्य के प्रति समर्पण सबसे ज्यादा जरूरी है और इसके लिए शुरू से मेहनत करनी होती है।”

जी20 शिखर बैठक में शामिल होने श्रीनगर पहुंचे विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, स्मृति चिन्ह देकर किया गया स्वागत

श्रीनगर, 22 मई: जम्मू-कश्मीर में जी20 शिखर बैठक में शामिल होने वाले विभिन्न सदस्य देशों के प्रतिनिधि सोमवार को श्रीनगर पहुंच गए है। यहां पहुंचने पर इन विदेशी मेहमानों का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। उसके बाद में स्थानीय लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिये समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की। सूत्रों ने बताया कि यहां से ये विदेशी मेहमान अपने निर्धारित होटलों (ताज विवांता और ललित) की ओर रवाना होंगे। जहां उन्हें कमरे आवंटित किए जाएंगे और सम्मेलन सामग्री दी जाएगी। इसके बाद दिनभर अन्य बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन होगा। डल झील किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित बैठक में विभिन्न राष्ट्रों के 60 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होने जा रहे हैं। आकाश से लेकर जमीन तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए है। डल झील में मार्काेस कमांडो का पहरा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल बॉब डाडे से की बातचीत

नई दिल्ली/पोर्ट मोरेस्बी, 22 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पापुआ न्यू गिनी में गवर्नर जनरल बॉब डाडे के साथ दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए बातचीत की। श्री मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण के लिए रविवार को पापुआ न्यू गिनी पहुंचे। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, “पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल सर बॉब डाडे के साथ शानदार बैठक हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर बातचीत की।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी में दिन की शुरुआत ऐतिहासिक गवर्नमेंट हाउस में गवर्नर जनरल सर बॉब डाडे के साथ गर्मजोशी भरे माहौल में बातचीत हुई। दोनों देशों के बीच संबंधों और विकास साझेदारी के महत्वों पर जोर दिया गया।” यह बैठक पोर्ट मोरेस्बी में गवर्नमेंट हाउस में भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन के अवसर पर हुई। गवर्नर जनरल ने प्रधानमंत्री मोदी की पापुआ न्यू गिनी की पहली यात्रा पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एक बयान में कहा गया कि दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों एवं विकास साझेदारी के महत्व सहित विचारों का आदान-प्रदान किया और वे इसे अधिक मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

मुख्यमंत्री केजरीवाल से नीतीश कुमार, बोले संविधान बचाने के लिए सभी को एकजुट होने की ज़रूरत

नई दिल्ली, 21 मई: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि संविधान को बचाने के लिए देश भर में सभी को एकजुट होने की ज़रूरत है। श्री कुमार ने यहाँ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाक़ात करने के बाद रविवार को पत्रकारों से कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसले के बाद केंद्र सरकार द्वारा जो करने की कोशिश हो रही है वह विचित्र है। सरकार को जो अधिकार दिया गया है उसे कैसे छीन सकते हैं।उन्होंने कहा कि सब लोग एकजुट हों, ताकि संविधान का ये लोग अपने ढंग से इधर-उधर कर रहे हैं उसे रोकें। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं और ऐसे में इस मुद्दे को लेकर हम उन्हें अपना समर्थन दे रहे हैं। श्री कुमार ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं ज्यादा से ज्यादा विपक्षी पार्टियों को एक साथ लाएं। आपस में प्रेम और भाईचारा क़ायम हो। लोगों के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है उसे बंद करना चाहिए ताकि देश आगे बढ़े। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के आठ दिन बाद केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर फ़ैसले को पलट दिया जो संविधान के ख़िलाफ़ है। उन्होंने कहा कि अगर सभी विपक्षी दल एकजुट हो जायें तो इस अध्यादेश को क़ानून बनने से राज्यसभा में रोका जा सकता है। यह 2024 का सेमीफ़ाइनल होगा। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार को अधिकार मिले हैं लेकिन गैर भाजपा शासित राज्य में केंद्र उन्हें परेशान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो परेशानी अरविंद केजरीवाल झेल रहे हैं हम उसके खिलाफ उनको समर्थन देने आए हैं। अगर दिल्ली में भाजपा की सरकार होती तो उपराज्यपाल में हिम्मत होती इस प्रकार का काम करने की? दिल्ली में भाजपा कभी वापसी नहीं करेगी। अरविंद केजरीवाल को जितनासताएंगे वह उतने ही मजबूत होंगे। दिल्ली में भाजपा कभी भी वापसी नहीं करेगी। इस मौक़े पर जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ़ लल्लन सिंह, राज़द के राज्यसभा सांसद मनोज झा, आप सांसद संजय सिंह समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।