तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर निर्वाचन आयोग की व्यापक समीक्षा, राजनीतिक दलों से लिए सुझाव

चेन्नई। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने चुनाव आयुक्त Sukhbir Singh Sandhu तथा Vivek Joshi के साथ चेन्नई में अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। समीक्षा बैठक में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं, मतदाता सूची का अद्यतन, इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन (ईवीएम) और मतदाता सत्यापन पर्ची लेखा यंत्र (वीवीपैट) की उपलब्धता, सुरक्षा प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान तथा आदर्श आचार संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं और चुनाव प्रक्रिया पूर्णतः स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा पारदर्शी हो। इस दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया और उनके सुझाव आमंत्रित किए। जिन दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई, उनमें आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (Marxist), इंडियन नेशनल कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी, All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam, Desiya Murpokku Dravida Kazhagam, Dravida Munnetra Kazhagam, Naam Tamilar Katchi तथा Viduthalai Chiruthaigal Katchi शामिल रहे। राजनीतिक दलों ने मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने, मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध करने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर अपने सुझाव रखे। आयोग ने सभी सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। निर्वाचन आयोग ने दोहराया कि तमिलनाडु में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य प्रशासन, पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

Arvind Kejriwal ने गोवा के बेनौलिम में अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी का किया उद्घाटन

10,000+ डिजिटल पुस्तकें, JEE/NEET संसाधनों से सुसज्जित केंद्र; विधायक Venzy Viegas की पहल से साकार हुई परियोजना बेनौलिम (गोवा)। शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा के बेनौलिम में एक अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। यह ई-लाइब्रेरी 10,000 से अधिक डिजिटल पुस्तकों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सामग्री और विशेष रूप से JEE तथा NEET जैसे प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं के संसाधनों से सुसज्जित है। यह परियोजना स्थानीय विधायक वेंजी विएगास के प्रयासों और क्षेत्र में शिक्षा को सुलभ बनाने की सोच का परिणाम है। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस ई-लाइब्रेरी में आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम, हाई-स्पीड इंटरनेट, ई-लर्निंग पोर्टल्स की सुविधा और डिजिटल रीडिंग स्टेशन उपलब्ध कराए गए हैं। छात्र यहां ऑनलाइन लेक्चर, ई-बुक्स, मॉक टेस्ट और वीडियो ट्यूटोरियल्स का लाभ उठा सकेंगे। विशेष रूप से JEE और NEET की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए समर्पित सेक्शन तैयार किया गया है, जहां नवीनतम सिलेबस के अनुरूप अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। इससे ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के छात्रों को महानगरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा ही देश के भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना समय की मांग है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक सीमाएं प्रतिभा की राह में बाधा न बनें। विधायक वेंजी विएगास ने कहा कि उनका उद्देश्य बेनौलिम के युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए सशक्त बनाना और उन्हें उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में इस ई-लाइब्रेरी का विस्तार कर और अधिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। उद्घाटन के बाद छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थियों ने कहा कि अब उन्हें महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण तैयारी कर सकेंगे। स्थानीय अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। बेनौलिम की यह ई-लाइब्रेरी न केवल एक भवन या डिजिटल संसाधनों का संग्रह है, बल्कि यह उस सोच का प्रतीक है जिसमें हर विद्यार्थी को समान अवसर देने की प्रतिबद्धता झलकती है। आने वाले समय में यह केंद्र क्षेत्र के हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भारत-इज़राइल रिश्तों में नई ऊर्जा: प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक इज़राइल दौरा आज से

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री आज दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर इज़राइल रवाना हो रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत-इज़राइल संबंधों ने रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय विस्तार देखा है प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और सशक्त बनाने, क्षेत्रीय सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और निवेश को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और इज़राइल के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत है, वहीं कृषि में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ मॉडल और जल संरक्षण तकनीकों में इज़राइल का अनुभव भारत के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस यात्रा से हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार के क्षेत्रों में नए समझौते सामने आ सकते हैं। प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान इसहाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे। यह भेंट दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय राजनीतिक संवाद को और मजबूती देगी। माना जा रहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा केनेस्सेट को प्रधानमंत्री का संबोधन। इज़राइल की संसद को संबोधित करना भारत-इज़राइल के मजबूत संसदीय और लोकतांत्रिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। यह संबोधन दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शी शासन व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाएगा। प्रधानमंत्री इज़राइल में बसे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे। यह समुदाय व्यापार, शिक्षा, तकनीक और हीरा उद्योग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। भारतीय डायस्पोरा ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु का कार्य किया है। इस संवाद को भारत-इज़राइल मित्रता की जन-आधारित मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।

भोपाल में नौकरी के बहाने फंसाकर धर्म परिवर्तन और शोषण का आरोप, पांच के खिलाफ मामला दर्ज

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से धर्म परिवर्तन और शोषण से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि अमरीन और आफरीन नाम की दो बहनों ने गरीब परिवारों की युवतियों को नौकरी और आर्थिक मदद का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल कर मानसिक और शारीरिक शोषण करने तथा जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया गया। मामले में बाग सेवनिया थाना पुलिस ने दो पीड़ित महिलाओं की शिकायत के आधार पर एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और अवैध धर्म परिवर्तन से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने अमरीन खान उर्फ माहिरा, उसकी बहन आफरीन और चंदन यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिलाओं ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उन्हें बेहतर नौकरी, रहने की व्यवस्था और आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया। कुछ समय बाद उनसे आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर ब्लैकमेल किया गया। आरोप है कि इसी आधार पर उन पर मानसिक दबाव बनाकर शोषण किया गया और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई। पीड़ितों के बयान दर्ज कर मेडिकल परीक्षण कराया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और पीड़ित सामने आ सकते हैं। घटना के उजागर होने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि यदि जबरन धर्म परिवर्तन या संगठित शोषण के प्रमाण मिलते हैं तो कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Raghav Chadha ने नूरपुर बेदी में इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा के निर्माण के लिए ₹1 करोड़ की घोषणा की

रूपनगर जिले के 135 गांवों को मिलेगा खेल अवसंरचना का बड़ा तोहफा रूपनगर (पंजाब): क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (MPLAD) फंड से ₹1 करोड़ की राशि नूरपुर बेदी गांव में इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा के निर्माण हेतु आवंटित करने की घोषणा की है। रूपनगर जिले का नूरपुर बेदी क्षेत्रीय दृष्टि से एक प्रमुख आबादी केंद्र है और इसके आसपास लगभग 135 गांव स्थित हैं। बावजूद इसके, अब तक पूरे ब्लॉक में एक भी इंडोर खेल परिसर उपलब्ध नहीं था। इस कमी को दूर करने के उद्देश्य से इस परियोजना की नींव रखी गई है। विधायक के साथ किया शिलान्यास इस महत्वपूर्ण परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में स्थानीय विधायक Dinesh Chadha भी उपस्थित रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जनभावनाओं के अनुरूप लिया गया निर्णय राघव चड्ढा ने कहा कि MPLAD फंड जनता का पैसा है और इसका उपयोग हमेशा जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नूरपुर बेदी एक अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्र है और यह आवंटन ग्राम पंचायत तथा स्थानीय विधायक द्वारा उठाई गई मांगों के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा, “यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के सपनों को नई दिशा देने का प्रयास है। खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाएं अक्सर आगे नहीं बढ़ पातीं। अब यह इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा उन्हें अभ्यास और प्रतियोगिता के बेहतर अवसर प्रदान करेगी।” युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा बनने के बाद यहां बैडमिंटन, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, कबड्डी और अन्य इनडोर खेलों का प्रशिक्षण एवं आयोजन संभव हो सकेगा। इससे न केवल युवाओं को बेहतर अभ्यास स्थल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में खेल संस्कृति को भी प्रोत्साहन मिलेगा। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह परियोजना लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रही है और इसके पूरा होने से आसपास के सैकड़ों गांवों के बच्चों और युवाओं को लाभ मिलेगा। इस प्रकार, नूरपुर बेदी में इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा का निर्माण क्षेत्रीय विकास और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राजाजी के विचारों को बताया आज भी प्रासंगिक

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘राजाजी उत्सव’ में शिरकत करते हुए देश को मानसिक उपनिवेशवाद से मुक्त करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और राजनेता C. Rajagopalachari (राजाजी) के जीवन और आदर्शों को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी देश को आत्मगौरव और सांस्कृतिक स्वाभिमान की दिशा में प्रेरित करते हैं। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि जब राजाजी ‘गवर्नमेंट हाउस’ (जो अब Rashtrapati Bhavan के नाम से जाना जाता है) पहुंचे थे, तब उन्होंने अपने कक्ष में Ramakrishna Paramahamsa और Mahatma Gandhi के चित्र स्थापित किए थे। यह केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं था, बल्कि यह स्पष्ट संदेश था कि भले ही उस समय भारत औपचारिक रूप से डोमिनियन था, किंतु भारतीयों के हृदय में ‘स्वराज’ पूर्ण रूप से स्थापित हो चुका था। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राजाजी ने अपने आचरण से यह दिखाया कि सच्ची स्वतंत्रता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक भी होती है। उन्होंने ‘मानसिक उपनिवेशवाद’ से मुक्ति का जो आदर्श प्रस्तुत किया, वही आज देशव्यापी अभियान के रूप में दिखाई देता है—जहां भारतवासी अपनी विरासत पर गर्व करते हुए औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को समाप्त करने का संकल्प ले रहे हैं। प्रदर्शनी में जीवंत होगी राजाजी की विरासत ‘राजाजी उत्सव’ के अंतर्गत 24 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक राष्ट्रपति भवन में राजाजी के जीवन और कार्यों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में उनके सार्वजनिक जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, प्रशासनिक दृष्टिकोण तथा वैचारिक लेखन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, चित्र और संस्मरण प्रदर्शित किए जाएंगे। यह आयोजन केवल एक स्मरण समारोह नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण की मूल भावनाओं से जोड़ने का प्रयास भी है। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि राजाजी के आदर्श—सादगी, नैतिकता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक चेतना—आने वाले समय में भी राष्ट्र को मार्गदर्शन देते रहेंगे। ‘राजाजी उत्सव’ के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया गया है कि स्वतंत्रता की असली ताकत हमारे विचारों, मूल्यों और आत्मगौरव में निहित है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना ‘INDIA CHIP’ का शिलान्यास

नई दिल्ली। भारत के तकनीकी और औद्योगिक भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए आज गौतम बुद्ध नगर में उत्तर प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजना INDIA CHIP (HCL–Foxconn JV) का शिलान्यास माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। यह परियोजना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता देश की प्रगति को नई गति प्रदान करेगी। वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर मजबूत होगी भारत की स्थिति ‘INDIA CHIP’ परियोजना देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिजिटल नवाचार को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह पहल भारत को सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, तकनीकी कौशल विकास तथा विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्रीय नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी , माननीय केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैभव एवं माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री Jitin Prasada की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों नेताओं ने परियोजना को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक निर्णायक पहल बताया। HCL–Foxconn साझेदारी: तकनीक और विश्वास का संगम भारत की अग्रणी आईटी कंपनी HCL Technologies और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता Foxconn के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित यह परियोजना अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक विशेषज्ञता का संगम है। इससे न केवल घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारत के निर्यात क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रदेश के विकास को नई रफ्तार गौतम बुद्ध नगर, जो पहले से ही औद्योगिक और आईटी हब के रूप में विकसित हो रहा है, अब सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान स्थापित करेगा। यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए उच्च तकनीकी रोजगार के नए द्वार खोलेगी और उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। अंत में, प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए HCL तथा Foxconn परिवार का अभिनंदन किया गया तथा प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी गई। भारत की तकनीकी क्रांति का यह नया अध्याय आने वाले वर्षों में देश को वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनाएगा।

एआई इम्पैक्ट समिट में पीएम मोदी का विज़न: जिम्मेदार एआई, वैश्विक सहयोग और समावेशी विकास पर जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एआई इम्पैक्ट समिट में आयोजित सीईओ राउंडटेबल बैठक में भाग लेते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में एआई, प्रौद्योगिकी और नवाचार की दुनिया से जुड़े विभिन्न वैश्विक उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान एआई के सुरक्षित विस्तार, नैतिक मानकों के पालन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण और सतत विकास का सशक्त उपकरण बन सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि इसे जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ विकसित और लागू किया जाए। सीईओ राउंडटेबल में प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि एआई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए देशों के बीच सहयोग, साझा मानक और पारदर्शी ढांचा अत्यंत आवश्यक है। चर्चा में यह भी सामने आया कि एआई के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एआई को लोकतांत्रिक, सुलभ और समावेशी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने वैश्विक कंपनियों और संस्थानों से आह्वान किया कि वे नवाचार के साथ-साथ नैतिक जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता दें। समिट के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन में एआई आधारित रियल-टाइम साइन लैंग्वेज ट्रांसलेशन का उपयोग किया गया। यह पहल दिव्यांगजनों के लिए तकनीक और सार्वजनिक विमर्श को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक का असली उद्देश्य समाज के हर वर्ग को जोड़ना और अवसरों की समानता सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि एआई और अन्य उभरती तकनीकें दिव्यांगजनों सहित सभी नागरिकों के लिए सुलभ और उपयोगी हों। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि एआई के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति को गति दी जा सकती है। पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और संसाधनों के कुशल प्रबंधन में एआई की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। समापन में प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई का भविष्य मानवता के हाथ में है और इसे मानव प्रगति, समानता और सतत विकास के लिए एक शक्तिशाली साधन के रूप में विकसित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

‘मुफ्त योजनाओं पर खर्च से विकास कैसे होगा?’ राज्यों को वित्तीय अनुशासन की नसीहत : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। मुफ्त की सरकारी योजनाओं को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने तीखी टिप्पणी की है। Supreme Court of India की एक पीठ ने कहा कि अधिकांश राज्य पहले से ही राजस्व घाटे से जूझ रहे हैं, इसके बावजूद वे विकास परियोजनाओं की बजाय मुफ्त योजनाओं पर अधिक संसाधन खर्च कर रहे हैं। अदालत ने सवाल उठाया कि यदि सरकारें केवल मुफ्त भोजन, साइकिल और प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण जैसी योजनाओं पर ही ध्यान केंद्रित करेंगी, तो दीर्घकालिक विकास कैसे संभव होगा? मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्यों की आर्थिक स्थिति गंभीर है। कई राज्यों का राजकोषीय घाटा बढ़ रहा है, कर्ज का बोझ भी लगातार चढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्राथमिकता बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों को मिलनी चाहिए, न कि केवल अल्पकालिक लाभ देने वाली योजनाओं को। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि लोकलुभावन घोषणाएं चुनावी राजनीति का हिस्सा बनती जा रही हैं, जिससे वित्तीय संतुलन बिगड़ सकता है। न्यायालय ने पूछा कि क्या सरकारें इन योजनाओं के दीर्घकालिक प्रभाव और वित्तीय स्थिरता पर पर्याप्त विचार करती हैं? पीठ ने कहा कि राज्य सरकारों को अपने संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। अगर राजस्व सीमित है और कर्ज बढ़ रहा है, तो योजनाओं का चयन भी प्राथमिकताओं के आधार पर होना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कल्याणकारी योजनाएं जरूरी हो सकती हैं, लेकिन उनका स्वरूप ऐसा होना चाहिए जो आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती को बढ़ावा दे।

ग्रेटर नोएडा की यूनिवर्सिटी का ‘रोबोटिक डॉग’ विवाद: AI समिट से स्टॉल हटाया गया, बाद में मांगी माफी

नई दिल्ली। सोशल मीडिया के दौर में दावे-प्रतिदावे कितनी तेजी से परखे जाते हैं, इसका ताजा उदाहरण ग्रेटर नोएडा की निजी यूनिवर्सिटी Galgotias University के साथ देखने को मिला। एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शित किए गए एक रोबोटिक डॉग को विश्वविद्यालय ने अपना स्वदेशी नवाचार बताया, लेकिन इंटरनेट यूजर्स ने कुछ ही घंटों में दावा खारिज करते हुए बताया कि यह उत्पाद चीन की कंपनी Unitree Robotics का मॉडल है। ‘ओरियन’ के नाम से किया गया था प्रदर्शन मंगलवार को विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने समिट में “ओरियन” नामक एक रोबोटिक डॉग का प्रदर्शन किया। दावा किया गया कि इसे विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित किया गया है और यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उन्नत क्षमताओं से लैस है। हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तकनीक से जुड़े उपयोगकर्ताओं और विशेषज्ञों ने तस्वीरों व वीडियो के आधार पर पहचान की कि यह रोबोट वास्तव में *Unitree Go2 मॉडल है, जिसे विश्वभर में रिसर्च और एजुकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सोशल मीडिया पर उठे सवाल जैसे ही तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, कई यूजर्स ने विश्वविद्यालय के दावे पर सवाल उठाए। कुछ ने उत्पाद के डिजाइन, बनावट और तकनीकी विनिर्देशों की तुलना करते हुए स्पष्ट किया कि यह वही मॉडल है जो बाजार में पहले से उपलब्ध है। तकनीकी समुदाय के लोगों ने यह भी कहा कि यदि किसी आयातित उत्पाद पर शोध या कस्टमाइजेशन किया गया है, तो उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए था, न कि उसे पूरी तरह स्वदेशी विकास के रूप में प्रस्तुत करना।  ‘अनोखे’ तर्क और फिर माफी विवाद बढ़ने के बाद भी बुधवार तक विश्वविद्यालय की ओर से सफाई दी जाती रही। कुछ प्रतिनिधियों ने कथित तौर पर यह तर्क दिया कि “किसी का छह, किसी का नौ हो सकता है”, यानी दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन स्थिति तब बदल गई जब समिट आयोजकों ने कड़ा रुख अपनाया। जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल पर विश्वविद्यालय के स्टॉल की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और प्रतिनिधियों को स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया। शाम होते-होते विश्वविद्यालय ने आधिकारिक तौर पर माफी जारी की और कहा कि यदि किसी प्रकार की गलतफहमी हुई है तो उसे खेद है।