आयतुल्ला अली खामेनेई की ‘शहादत’ पर भारत स्थित ईरानी दूतावास का शोक संदेश, अमेरिका और इज़राइल पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। भारत में स्थित Embassy of the Islamic Republic of Iran in the Republic of India ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की कथित ‘शहादत’ पर गहरा शोक और दुख व्यक्त किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने आधिकारिक बयान में इस घटना को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किया गया “क्रूर और आपराधिक हमला” बताया है। दूतावास के बयान के अनुसार, आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु अमेरिका और इज़राइल के हमलों के परिणामस्वरूप हुई। बयान में अमेरिका को “अपराधी शासन” और इज़राइल को “ज़ायोनी कब्ज़ाधारी शासन” करार देते हुए कहा गया कि इस “अक्षम्य अपराध” के गंभीर परिणाम सीधे तौर पर इन दोनों देशों पर ही आएंगे और वे इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।  शोक संवेदनाएं और धार्मिक संदर्भ दूतावास ने अपने संदेश में हज़रत Imam Mahdi (अल्लाह उनकी पुनः उपस्थिति शीघ्र करे), समूचे मुस्लिम उम्मा, ईरान की महान जनता और विश्व के स्वतंत्रता-प्रेमी देशों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं। बयान में कहा गया कि यह क्षति न केवल ईरान बल्कि पूरी इस्लामी दुनिया और स्वतंत्र राष्ट्रों के लिए गहरा आघात है। ‘ईरान का संकल्प अडिग रहेगा’ दूतावास ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि ईरान की जनता पहले की तरह मजबूती, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने “महान मार्ग” पर आगे बढ़ती रहेगी। बयान में कहा गया कि देश के कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा और शहीदों का “पवित्र रक्त” ईरानी जनता के स्वतंत्रता, गरिमा और उच्च आदर्शों की रक्षा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील भारत स्थित ईरानी दूतावास ने विश्व के स्वतंत्र और न्यायप्रिय देशों से इस घटना की कड़ी निंदा करने और “अवैधता एवं आक्रामकता” के खिलाफ चुप्पी न साधने की अपील की है। बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस “स्पष्ट अपराध” के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

ईरान संकट का असर: 410 उड़ानें रद्द, रविवार को 444 इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर खतरा

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर पड़ रहा है। ईरान पर हुए हमले के बाद शनिवार को भारत से संचालित 410 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि रविवार को 444 और इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द किए जाने की आशंका जताई जा रही है। बदलते हालात के बीच विमानन क्षेत्र में अनिश्चितता और यात्रियों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। DGCA की सख्त निगरानी एविएशन रेगुलेटर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए निगरानी और तेज कर दी है। DGCA एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि सुरक्षा मानकों और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा। मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय मिडिल ईस्ट क्षेत्र में लाखों भारतीय कामकाजी और व्यावसायिक कारणों से रहते हैं। एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों के रद्द होने के कारण बड़ी संख्या में भारतीय यात्री दुबई, अबू धाबी और अन्य खाड़ी देशों के एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में यात्रियों को एयरपोर्ट लाउंज और टर्मिनलों में इंतजार करते देखा जा सकता है। कई लोगों ने टिकट रद्द होने, वैकल्पिक उड़ान न मिलने और होटल व्यवस्था की कमी को लेकर नाराज़गी भी जताई है। एअर इंडिया ने घटाईं सेवाएं बढ़ते तनाव को देखते हुए एअर इंडिया ने अपनी निर्धारित अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में और कटौती करने का फैसला लिया है। एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी ट्रैवल एडवाइजरी में कहा है कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र की अस्थिर स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से स्थगित किया जा रहा है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच कर लें। साथ ही, प्रभावित यात्रियों के लिए रीशेड्यूलिंग और रिफंड की सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप और एशिया के बीच संचालित कई प्रमुख रूट्स पर भी पड़ सकता है। कई एयरलाइंस ने ईरानी एयरस्पेस से बचते हुए वैकल्पिक रूट अपनाए हैं, जिससे उड़ानों की अवधि और लागत दोनों बढ़ रही हैं। सरकार और विमानन कंपनियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। यदि क्षेत्र में स्थिति सामान्य होती है तो उड़ान सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा सकती हैं, लेकिन फिलहाल यात्रियों को धैर्य और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक तनाव का प्रभाव अब सीधे आम यात्रियों की जिंदगी पर भी पड़ने लगा है। आने वाले 24 से 48 घंटे इस संकट की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद नई मतदाता सूची जारी, 63.66 लाख नाम हटे

कोलकाता, 28 फरवरी 2026। Election Commission of India के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभियान के बाद शनिवार को नई मतदाता सूची जारी कर दी गई। West Bengal के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Manoj Kumar Agrawal ने बताया कि व्यापक सत्यापन और दावों-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या अब 7,04,59,284 दर्ज की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नामों की पहचान की गई जो या तो स्थानांतरण, मृत्यु अथवा अन्य कारणों से अपात्र हो चुके थे। अंतिम प्रकाशित सूची में कुल 63,66,952 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार लगभग 61 लाख से अधिक नामों को सूची से विलोपित करने की कार्रवाई की गई थी, जबकि अंतिम संकलन के बाद यह संख्या 63 लाख 66 हजार 952 पर पहुंच गई। व्यापक सत्यापन अभियान निर्वाचन विभाग ने बूथ स्तर पर विशेष अभियान चलाकर घर-घर सत्यापन कराया। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से मतदाताओं के पते, आयु और पात्रता की जांच की गई। जिन मतदाताओं के नाम दो स्थानों पर पाए गए या जो लंबे समय से अनुपस्थित थे, उनके मामलों की अलग से समीक्षा की गई। नए मतदाताओं का पंजीकरण अधिकारियों ने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नए योग्य मतदाताओं ने भी अपना पंजीकरण कराया। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं, स्थानांतरण के बाद नए पते पर रहने वाले नागरिकों और अन्य पात्र व्यक्तियों को सूची में जोड़ा गया। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने में मदद मिली है।

एयर इंडिया ने दुबई-दोहा-रियाद-तेल अवीव समेत सभी उड़ानें रोकीं, AI139 बीच रास्ते से लौटी

नई दिल्ली, 28 फरवरी। मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच एयरलाइंस ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रीय विमानन कंपनी Air India ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दुबई, दोहा, रियाद और तेल अवीव समेत पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र के लिए अपनी सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी हैं। ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ से बढ़ा तनाव सूत्रों के अनुसार इजरायल ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ नाम से सैन्य अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में उसे अमेरिका का समर्थन भी प्राप्त है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया है, जिसके बाद क्षेत्र के कई देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों और मिसाइल गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के सामने सुरक्षा चुनौती खड़ी हो गई है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 28 फरवरी को तेल अवीव जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI139 को बीच रास्ते से ही भारत वापस लौटना पड़ा। यह फैसला यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। इन प्रमुख शहरों की उड़ानें रद्द एयर इंडिया ने जिन प्रमुख गंतव्यों के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की हैं, उनमें शामिल हैं: Dubaiऔर Abu Dhabi(संयुक्त अरब अमीरात)  Riyadh, Jeddah और Dammam (सऊदी अरब) Doha (कतर) Muscat (ओमान) Tel Aviv (इजरायल) कंपनी की ओर से जारी एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालात सामान्य होने तक उड़ानों को बहाल करने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया गया है। एयर इंडिया लगातार सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय विमानन प्राधिकरणों के संपर्क में है। इंडिगो ने भी जारी की ट्रैवल एडवाइजरी देश की निजी विमानन कंपनी IndiGo ने भी हालात को देखते हुए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। कंपनी का कहना है कि वह ईरान और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि सुरक्षा परिस्थितियों में कोई बदलाव होता है तो फ्लाइट ऑपरेशंस में तुरंत आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इंडिगो ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि किसी भी परिवर्तन की स्थिति में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तुरंत सूचना दी जाएगी।  यात्रियों से अपील: स्टेटस जांचकर ही निकलें एयरलाइंस कंपनियों ने प्रभावित रूट्स पर यात्रा करने वाले सभी यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस अवश्य जांच लें। वेबसाइट, मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर के माध्यम से ताजा जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कंपनियों का कहना है कि रद्द या स्थगित उड़ानों के यात्रियों को रिफंड या री-शेड्यूलिंग का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। पश्चिमी देशों की बढ़ी चिंता मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए कई पश्चिमी देशों ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। ब्रिटेन सरकार ने ईरान से अपने स्टाफ को वापस बुला लिया है। फ्रांस ने अपने नागरिकों को इजरायल और वेस्ट बैंक की यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है। इटली ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से देश छोड़ने की अपील की है, जबकि जर्मनी ने इजरायल के लिए अपनी यात्रा गाइडलाइंस को और अधिक कड़ा कर दिया है। वैश्विक उड़ानों पर पड़ सकता है व्यापक असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के बीच संचालित कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदलने पड़ सकते हैं, जिससे यात्रा समय और लागत दोनों में वृद्धि संभव है। तेल कीमतों और वैश्विक व्यापार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में सुरक्षा स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर विमानन क्षेत्र और वैश्विक यातायात का भविष्य निर्भर करेगा।

भारत-कनाडा संबंधों को नई रफ्तार देने पहुंचे पीएम मार्क कार्नी, चार दिवसीय दौरे में रणनीतिक साझेदारी पर होगा फोकस

नई दिल्ली/मुंबई। प्रधानमंत्री Narendra Modi के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री कार्नी शुक्रवार को अपनी पत्नी के साथ विशेष विमान से मुंबई पहुंचे। यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने उनके चार दिवसीय दौरे का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्नी नई दिल्ली और मुंबई में विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है, जिसमें व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने पर जोर यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और कनाडा दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच हाल के समय में उत्पन्न मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में यह दौरा अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री कार्नी की यह यात्रा आपसी विश्वास बहाली और दीर्घकालिक सहयोग की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उद्योग जगत से संवाद पर विशेष ध्यान अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री कार्नी भारतीय और कनाडाई सीईओ, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, वित्तीय विशेषज्ञों, स्टार्टअप इनोवेटर्स, शिक्षाविदों तथा भारत में सक्रिय कनाडाई पेंशन फंड्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य व्यापारिक अवसरों का विस्तार, निवेश को बढ़ावा देना और प्रौद्योगिकी व नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करना है। कनाडा के पेंशन फंड्स पहले से ही भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान निवेश को और प्रोत्साहन देने तथा नई परियोजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है। शिक्षा, ऊर्जा और तकनीक पर सहयोग सूत्रों के अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में छात्र आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग और स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी चर्चा होगी। स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर साझा पहल को आगे बढ़ाने पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बन सकती है।

राज्यसभा चुनाव: तृणमूल कांग्रेस ने बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी और कोयल मल्लिक को बनाया उम्मीदवार

कोलकाता। आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने मंत्री बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और बंगाली फिल्म अभिनेत्री कोयल मल्लिक को राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है। पार्टी ने शुक्रवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि उसे इन चारों नामों की उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है और सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं। निर्वाचन आयोग ने घोषित की तारीखें भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल समेत 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग के अनुसार, इन सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना प्रारंभ होगी। इन 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने जा रहा है, जिसके चलते समय पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि बाबुल सुप्रियो वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। वर्तमान में वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। राजीव कुमार राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद पर रह चुके हैं। इससे पूर्व वे कोलकाता पुलिस आयुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मेनका गुरुस्वामी उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और संवैधानिक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वहीं, कोयल मल्लिक बंगाली फिल्म उद्योग का चर्चित नाम हैं और लंबे समय से अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई अंतरिम रोक

प्रयागराज। देश के प्रमुख धार्मिक संतों में गिने जाने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते विवादों में घिर गए हैं। बटुकों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के बाद प्रयागराज में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। आरोप और कानूनी कार्रवाई बताया जा रहा है कि कुछ बटुकों ने स्वामी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया और मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने अशोभनीय स्पर्श का आरोप लगाया था। हालांकि, स्वामी के पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि मेडिकल रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। बचाव पक्ष का कहना है कि घटना के कथित समय के लगभग सवा महीने बाद कराए गए मेडिकल परीक्षण में किसी प्रकार की पुष्टि नहीं मिली। हाईकोर्ट में याचिका, गिरफ्तारी पर रोक गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। दोनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एन. मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामला झूठा और सुनियोजित तरीके से बनाया गया है। वहीं अभियोजन पक्ष ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। साथ ही, आदेश आने तक गिरफ्तारी की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस निर्णय से स्वामी को फिलहाल लगभग तीन सप्ताह की राहत मिल गई है। मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च को निर्धारित की गई है। स्वामी और वकील का बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके वकील ने अदालत में उनका पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय को उनकी दलीलों में बल दिखाई दिया, तभी गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई। स्वामी ने यह भी कहा कि आश्रम और गुरुकुल में बटुकों के शोषण की जो बातें प्रचारित की जा रही हैं, वे निराधार हैं। उनके अनुसार, संबंधित पक्ष के सरकारी अधिवक्ता (एजी) ने भी अदालत में कहा कि आश्रम में वे बटुक रहे ही नहीं, जिनके नाम से आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने स्पष्ट किया कि अदालत ने फिलहाल केवल फैसला सुरक्षित रखा है और गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक दी है। अंतिम निर्णय आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। मामला अब न्यायालय के अंतिम आदेश पर निर्भर है। 15 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत का रुख स्पष्ट हो सकता है। तब तक गिरफ्तारी पर रोक बनी रहेगी। धार्मिक प्रतिष्ठा, गंभीर आरोप और कानूनी प्रक्रिया—इन तीनों के बीच यह मामला अब न्यायिक कसौटी पर है। अदालत के अंतिम निर्णय से ही यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।

राउज एवेन्यू कोर्ट से केजरीवाल और सिसोदिया बरी, अन्ना हजारे बोले – “न्यायपालिका ही देश की असली ताकत”

नई दिल्ली। आबकारी नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia को आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत के इस निर्णय के बाद देश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है। फैसले के बाद सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधता भरे देश में न्यायिक व्यवस्था ही स्थिरता की आधारशिला है। उन्होंने कहा, “हमारा देश न्यायिक और सुरक्षा तंत्र की मजबूती पर चलता है। इतनी बड़ी आबादी, अलग-अलग दल, जातियां, धर्म और समुदाय होने के बावजूद देश सुचारु रूप से कार्य करता है, तो इसका श्रेय न्यायपालिका को जाता है। यदि न्यायपालिका न हो, तो देश में अराजकता और अशांति फैल सकती है। अब जब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि अरविंद केजरीवाल दोषी नहीं हैं, तो इस फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए।” क्या है मामला आबकारी नीति को लेकर जांच एजेंसियों द्वारा दिल्ली सरकार के कुछ निर्णयों पर सवाल उठाए गए थे। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री से पूछताछ के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर दोनों नेताओं को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने इसे “सत्य की जीत” बताया, जबकि विपक्षी दलों ने मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस निर्णय का आगामी राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। न्यायपालिका पर फिर दिखा भरोसा विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि देश में कानून और न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि है। अदालत के निर्णय को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में नई हलचल है और आगे की रणनीति को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं।

अमित शाह का सीमांचल दौरा: इंडो-नेपाल बॉर्डर सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव पर आज होगी हाई-लेवल समीक्षा

पूर्णिया, 27 फरवरी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय सीमांचल दौरे के दूसरे दिन गुरुवार की शाम पूर्णिया पहुँचे। किशनगंज और अररिया का दौरा करने के बाद उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में रहीं। गृह मंत्री ने गुरुवार रात पूर्णिया में ही विश्राम किया। उनके प्रवास को देखते हुए शहर के प्रमुख ठिकानों, विशेषकर होटल मेफेयर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए। हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर सील कर दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने मल्टी-लेयर चेकिंग और निगरानी की व्यवस्था की थी, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की संभावना न रहे। देर रात पार्टी नेताओं के साथ बैठक पूर्णिया पहुंचने के बाद गृह मंत्री ने होटल में ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सीमांचल क्षेत्र की जमीनी राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और स्थानीय समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों पर भी गहन चर्चा की गई। आज होगी गोपनीय समीक्षा बैठक दौरे के तीसरे दिन यानी शुक्रवार को गृह मंत्री होटल मेफेयर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गोपनीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा इंडो-नेपाल बॉर्डर के रास्ते होने वाली अवैध घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों में बदलते जनसांख्यिकीय स्वरूप (Demographic Change) और उससे उत्पन्न संभावित आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा खतरों पर विस्तृत मंथन किया जाएगा। बैठक में अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों की पहचान, सत्यापन और प्रभावी रोकथाम के लिए ठोस रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों की रहेगी मौजूदगी इस हाई-प्रोफाइल बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के संयुक्त निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), सीआईडी, एसएसबी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे। सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को भी रणनीतिक चर्चा का हिस्सा बनाया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, समीक्षा बैठक संपन्न करने के बाद गृह मंत्री शुक्रवार शाम लगभग 4:20 बजे होटल मेफेयर से हेलीकॉप्टर द्वारा पूर्णिया सैन्य एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। वहां से वे सीधे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि गृह मंत्री का यह दौरा सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। सीमांचल क्षेत्र में इस दौरे को सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

संघर्षों की मिसाल रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के ताबड़तोड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रहे थे और तबीयत बिगड़ने के बाद वेंटिलेटर पर थे। पिता की गंभीर हालत की खबर मिलते ही रिंकू सिंह टी-20 विश्वकप के बीच टीम का साथ छोड़कर अस्पताल पहुंचे थे। संघर्षों से भरा रहा परिवार का सफर रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता खानचंद सिंह का त्याग और संघर्ष सबसे बड़ी ताकत रहा। वह घर-घर जाकर गैस सिलेंडर बांटने का काम करते थे। बेहद सीमित आय में परिवार का पालन-पोषण करना आसान नहीं था। खानचंद सिंह की मासिक कमाई मात्र सात से आठ हजार रुपये के बीच थी। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। रिंकू का बचपन दो कमरों के छोटे से घर में बीता। हालात ऐसे थे कि उन्हें झाड़ू-पोछा तक का काम करना पड़ा। एक समय ऐसा भी आया जब उनके बड़े भाई ने उनकी नौकरी एक सफाई कर्मचारी के रूप में लगवा दी, लेकिन रिंकू वहां सिर्फ एक दिन ही काम कर पाए। उन्होंने ठान लिया कि अब वह क्रिकेट में ही अपना भविष्य बनाएंगे। पिता से मिली डांट, फिर बना सबसे बड़ा सहारा रिंकू सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2012 में क्रिकेट खेलने को लेकर उन्हें पिता से डांट और मार भी खानी पड़ी थी। शुरुआत में खानचंद सिंह बेटे के क्रिकेट करियर के फैसले के खिलाफ थे। लेकिन उसी साल रिंकू ने एक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर इनाम में एक बाइक जीती। इसके बाद पिता का नजरिया बदला और उन्होंने बेटे का पूरा साथ दिया। यही बाइक बाद में खानचंद सिंह के काम आई, जिससे वह घर-घर सिलेंडर पहुंचाने लगे।  कर्ज, मेहनत और फिर किस्मत का खुलना परिवार की जिम्मेदारियों के चलते एक समय खानचंद सिंह करीब पांच लाख रुपये के कर्ज में डूब गए थे। रिंकू के भाई ऑटो चलाकर घर चलाने में मदद करते थे, जबकि एक भाई कोचिंग संस्थान में काम करता है। उनकी बहन यूट्यूब पर वीडियो बनाती हैं। क्रिकेट खेलते समय रिंकू को जो डेली अलाउंस मिलता था, उसमें से भी वह बचत किया करते थे। संघर्षों के बीच उनकी किस्मत तब बदली जब Kolkata Knight Riders ने उन्हें आईपीएल में 55 लाख रुपये में खरीदा। इसके बाद Gujarat Titans के खिलाफ एक मैच में उन्होंने पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़कर सनसनी मचा दी। इस पारी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। बाद में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया। पिता को समर्पित सफलता कामयाबी मिलने के बाद रिंकू सिंह ने अपने परिवार के सपनों को साकार किया। उन्होंने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये में एक भव्य घर बनवाकर पिता को उपहार में दिया। साथ ही करीब साढ़े तीन लाख रुपये की कावासाकी बाइक भी उन्हें भेंट की। कुछ महीने पहले खानचंद सिंह को लिवर कैंसर का पता चला था। तब से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गए। रिंकू सिंह की कहानी संघर्ष, मेहनत और पारिवारिक त्याग की मिसाल है। पिता के निधन से जहां परिवार गहरे शोक में है, वहीं देशभर के क्रिकेट प्रेमी भी इस दुख की घड़ी में रिंकू सिंह के साथ खड़े हैं।