राहुल गांधी कांग्रेस के नए मणिशंकर अय्यर बन गए हैं : संबित पात्रा

नई दिल्ली, 28 अगस्त : भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और उन्हें ‘कांग्रेस का नया मणिशंकर अय्यर’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बार-बार अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल विपक्ष के ‘अहंकार और राजनीतिक हताशा’ को दर्शाता है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर वार करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने याद दिलाया कि कैसे पूर्व कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने वर्षों पहले प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करके विवाद खड़ा किया था। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी, मणिशंकर अय्यर और संजय राउत में कोई फर्क नहीं है। इंडी गठबंधन के कुछ नेताओं में एक कॉम्पिटिशन चल रहा है। राहुल गांधी खुद कांग्रेस पार्टी के नए मणिशंकर अय्यर बन गए हैं। कांग्रेस पार्टी के मणिशंकर अय्यर युग की समाप्ति के पश्चात कोई मणिशंकर अय्यर की आवश्यकता थी, उस रिक्त स्थान को भरने का काम खुद राहुल गांधी ने कर दिया।” भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी पर कहा, “बिहार में एक यात्रा चल रही है। लोकतंत्र में एक मर्यादा होती है, सुषमा जी ने एक बार सदन में कहा था कि हम शत्रु नहीं हैं, विचारधारा के आधार पर विरोधी हैं। आज भाषा की मर्यादा तार-तार हो रही है। आज जब ऐसी भाषा का प्रयोग किया गया है, उसके लिए आज उस पार्टी को शर्मसार होना चाहिए, जो पार्टी कभी अपने आपको भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ती है। जो पार्टी अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ती थी, वो गांधी जी की पार्टी थी। लेकिन, आज जो पार्टी अपने आप को तथाकथित रूप से स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ती है, मगर वो आज गाली वाली पार्टी बन गई है। ये महात्मा गांधी जी की पार्टी नहीं, बल्कि तथाकथित नकली गांधी परिवार की पार्टी है। जिनमें कूट-कूट के अहंकार भरा हुआ है। जिनको लगता है कि भारतवर्ष इन्हीं का है।” उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता इस प्रकार की भाषा को देख रही है, उसे परख रही है और इसका जवाब भी देगी। इस भाषा का कोई जनक है, तो वो हैं राहुल गांधी। दरभंगा की रैली के मंच से जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी के लिए कहा गया, उससे ठीक पूर्व लगभग 5-7 दिन से राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी को ‘तू’ कहकर संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी 140 करोड़ जनता के प्रधानमंत्री हैं, खिसियानी बिल्ली कितना भी खंभा नोच ले। याद रखिए मर्यादा एक ऐसा विषय है, जिसे भारतवर्ष पसंद करता है और भारतवर्ष अमर्यादित भाषा को पसंद नहीं करता है।”

जनसंख्या नियंत्रण पर तीन बच्चों की सीमा जरूरी : मोहन भागवत

नई दिल्ली, 28 अगस्त : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण और संतुलन समाज तथा राष्ट्र के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर परिवार को अधिकतम तीन बच्चों तक सीमित रहना चाहिए ताकि जनसंख्या पर्याप्त और नियंत्रित बनी रहे। डॉ. भागवत विज्ञान भवन में गुरुवार को तीन दिवसीय व्याख्यान शृंखला ‘100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज’ के तीसरे दिन जिज्ञासा समाधान सत्र में प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि केवल संख्या ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसके पीछे का इरादा भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा, “जनसंख्या से ज्यादा इरादा क्या है, यह महत्वपूर्ण है। जनसंख्या में असमानता कभी-कभी गंभीर परिणाम देती है, यहां तक कि विभाजन जैसी परिस्थितियां भी पैदा कर सकती है। हमें इस पर गहराई से विचार करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारत में जनसंख्या असंतुलन का एक कारण जबरन या लालच देकर किए गए मतांतरण भी हैं, जिन्हें रोकना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है, लेकिन यदि किसी को बलपूर्वक बदला जाता है तो यह गलत है। इसे रोकना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।” घुसपैठ के विषय पर सरसंघचालक ने कहा कि हर देश की तरह भारत के भी अपने कानून और सीमित संसाधन हैं। ऐसे में अवैध प्रवास स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है, लेकिन समाज को भी सजग होना चाहिए। उन्होंने कहा, “अवैध प्रवासियों की पहचान करनी होगी, शिकायत करनी होगी और उन्हें रोजगार नहीं देना चाहिए। यदि रोजगार देना है तो सबसे पहले अपने ही देश के नागरिकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।” डॉ. भागवत ने स्पष्ट किया कि भारत में सभी नागरिकों को रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से अनुमति लेकर आता है तो उसे काम मिल सकता है, लेकिन अवैध तरीके से देश में प्रवेश करने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने जन्म दर को नियंत्रित रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि 2.1 का आंकड़ा सभ्यता को बनाए रखने के लिए आदर्श माना जाता है, जो व्यवहारिक रूप से तीन बच्चों के बराबर है। उन्होंने कहा, “बच्चे तीन होने चाहिए और उससे ज्यादा नहीं। यह विचार सभी को स्वीकार करना होगा। संसाधनों का संतुलित उपयोग और समाज में स्थिरता बनाए रखने के लिए जनसंख्या का नियंत्रित रहना आवश्यक है।” डॉ. भागवत ने भाषा और संस्कृति पर भी जोर देते हुए कहा कि भारत में जन्मी सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं। उन्होंने कहा कि व्यवहार और संपर्क के लिए एक सामान्य भारतीय भाषा होनी चाहिए, पर वह विदेशी भाषा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अंग्रेजी सीखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अपनी मातृभाषा और संस्कृति का त्याग नहीं करना चाहिए।”

राहुल गांधी वोटर अधिकार यात्रा के 12वें दिन सीतामढ़ी के जानकी मंदिर पहुंचे, पूजा अर्चना कर लिया आशीर्वाद

सीतामढ़ी, 28 अगस्त : बिहार में इस साल होने वाले चुनाव से पूर्व कथित वोट चोरी के विरोध में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार महागठबंधन द्वारा निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा के 12वें दिन की शुरुआत सीतामढ़ी से हुई। गुरुवार को राहुल गांधी जानकी मंदिर पहुंचे और गर्भगृह में जाकर माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने जानकी मंदिर में माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने मंदिर की पूरी जानकारी दी। राहुल गांधी के साथ सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सहित महागठबंधन के कई नेता थे। सभी ने माता जानकी की पूजा अर्चना की। वोटर अधिकार यात्रा के 12वें दिन आज राहुल गांधी सीतामढ़ी के रीगा मिल चौक, मनियारी चौक, और बैरगनिया होते हुए ढाका पहुंचेंगे। यहां आजाद चौक, मोतिहारी रोड, चिरैया विधानसभा छतौनी, और गांधी चौक होते हुए उनकी यात्रा मोतिहारी के महात्मा गांधी प्रेक्षागृह पहुंचेगी, जहां ये संविधान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे बेतिया पहुंचेंगे जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। दरअसल, विपक्ष इस यात्रा के जरिए जहां एसआईआर में नाम काटने का मुद्दा उठा रही है, वहीं सरकार बदलाव को लेकर भी लोगों के पास पहुंच रही है। इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल होकर विपक्ष की एकजुटता का संदेश दिया है। इस यात्रा में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेता भी राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिला रहे हैं। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई है। 16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। एक सितंबर को पटना में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।

रण संवाद में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ………भारत कभी पहले आक्रमण नहीं करता, लेकिन यदि कोई चुनौती देता है तो…..

–पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बिना ही साधा निशाना और बताया भविष्य का युद्ध कैसा होगा इंदौर, 27 अगस्त: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार 27 अगस्त को मध्य प्रदेश के महू में आयोजित रण-संवाद 2025 कार्यक्रम में देश की सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य के युद्ध के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर भी परोक्ष हमला बोला और स्पष्ट किया कि भारत कभी पहले आक्रमण नहीं करता, लेकिन यदि कोई चुनौती देता है तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। रण संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम के नाम को भी विशेष बताया। उन्होंने कहा कि रण और संवाद सुनने में विरोधाभासी लगते हैं, लेकिन भारतीय परंपरा में दोनों साथ-साथ चलते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाभारत होने से पहले भगवान श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर गए थे, ताकि युद्ध टल सके। यानी भारत की संस्कृति में संवाद युद्ध का विकल्प नहीं, बल्कि उसका अंग रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के युद्ध केवल बंदूकों और टैंकों से नहीं लड़े जाएंगे। भविष्य के युद्ध प्रौद्योगिकी, खुफिया, कूटनीति और अर्थव्यवस्था के मिश्रण होंगे। साइबर अटैक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन, उपग्रह आधारित निगरानी और डेटा-संचालित रणनीति किसी भी देश की जीत-हार तय करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी और रणनीति में आगे होगा, वही वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा। राजनाथ सिंह ने कहा, सिर्फ सैनिकों की संख्या और हथियारों का भंडार ही काफी नहीं है। भविष्य के युद्धों का दायरा अब जमीन, समुद्र और आकाश तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष और साइबरस्पेस तक फैल चुका है। उपग्रह-रोधी हथियार और अंतरिक्ष कमान केंद्र अब शक्ति के नए पैमाने हैं। इसलिए भारत को केवल रक्षात्मक नीति नहीं, बल्कि सक्रिय रणनीति भी अपनानी होगी। रण संवाद कार्यक्रम में उन्होंने पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बिना संकेत दिया कि पड़ोसी देशों से चुनौती मिलती रही है। उन्होंने कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर कोई देश उसकी संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती देगा तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की रक्षा तैयारियां लगातार मजबूत की जा रही हैं और इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नति और रणनीतिक साझेदारियां अहम भूमिका निभा रही हैं।

वैष्णोदेवी भूस्खलन : राहत सामग्री लेकर वायुसेना का सी-130 विमान जम्मू पहुंचा

नई दिल्ली, 27 अगस्त: राहत और बचाव सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना का एक सी-130 परिवहन विमान बुधवार को माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए जम्मू पहुंच गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का सामान लेकर सी130 परिवहन विमान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसेना अड्डे से रवाना हो कर जम्मू पहुंचा। इसके अलावा, चिनूक और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर और पठानकोट के आस-पास के वायुसेना अड्डों पर ‘‘बिल्कुल तैयार स्थिति में’’ रखे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुंवारी के पास वैष्णो देवी मार्ग पर बचाव अभियान जारी है, जहां मंगलवार को भूस्खलन हुआ था। भूस्खलन की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है जबकि 20 अन्य घायल हुए हैं। जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार को चौथे दिन भी मूसलाधार बारिश जारी रहने के कारण बाढ़ग्रस्त निचले इलाकों से हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

अनाम पार्टियों को मिले चंदे पर राहुल ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 27 अगस्त : चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाने के कारण उनसे एफिडेविट की मांग से घिरे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आयोग को बुधवार कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया है कि गुजरात अनाम पार्टियों ने हज़ारों करोड रुपए का चंदा जुटाया है तो क्या उनसे भी शपथ पत्र मांगा जाएगा। श्री गांधी ने कहा कि जिन पार्टियों को भारी रकम चंदे के रूप में मिली है उनकाे कोई जानता नहीं है और न ही उन्होंने ज्यादा चुनाव लड़े हैं। इन पार्टियों को जितना चंदा मिला है उसका कहीं कोई हिसाब किताब नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दलों से भी चुनाव आयोग को शपथ पत्र मांगना चाहिए। उन्होंने कहा “गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना-लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला। इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उन पर खर्च किया है।” कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि इन अनाम पार्टियों के खातों में ये हजारों करोड़ रुपये आए कहां से, इन पार्टियों को चला कौन रहा है और चंदे का जो पैसा इन पार्टियों की खाते में गया वह पैसा कहां है। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया, “क्या चुनाव आयोग जांच करेगा – या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके।”

फ्रंटलाइन स्टील्थ फ्रिगेट ‘उदयगिरि’ और ‘हिमगिरि’ नौसेना के समुद्री बेड़े में शामिल

– हिंद महासागर क्षेत्र में अपने समुद्री हितों की रक्षा करने में भारत और मजबूत होगा नई दिल्ली, 26 अगस्त: यह पहली बार है जब आज दो प्रतिष्ठित भारतीय शिपयार्डों के दो प्रमुख सतही लड़ाकू जहाजों को एक साथ समुद्री बेड़े का हिस्सा बनाया गया है। विशाखापत्तनम के नौसेना बेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्रिम पंक्ति के मल्टी मिशन स्टील्थ फ्रिगेट ‘उदयगिरि’ और ‘हिमगिरि’ का जलावतरण किया। दो जहाजों का एक साथ नौसेना में शामिल होना भारत के तेजी से बढ़ते नौसैनिक आधुनिकीकरण और विभिन्न शिपयार्डों से अत्याधुनिक युद्धपोतों की आपूर्ति करने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। प्रोजेक्ट 17ए के तहत स्टील्थ फ्रिगेट्स का दूसरा जहाज ‘उदयगिरि’ मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने निर्मित किया है, जबकि ‘हिमगिरि’ कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स में निर्मित इसी प्रोजेक्ट का पहला जहाज है। भारतीय नौसेना के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि उदयगिरि नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो में डिजाइन किया गया 100वां जहाज है। डिजाइन के लिहाज से देखा जाए तो उदयगिरि और हिमगिरि अगली पीढ़ी के जहाज हैं। लगभग 6,700 टन विस्थापन वाले प्रोजेक्ट 17ए के यह फ्रिगेट अपने पूर्ववर्ती शिवालिक-श्रेणी के फ्रिगेट से लगभग पांच प्रतिशत बड़े हैं। फिर भी इनका आकार अधिक सुडौल है और इनका रडार क्रॉस सेक्शन कम है। नौसेना के मुताबिक इन्हें डीजल इंजन और गैस टर्बाइनों का उपयोग करते हुए संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन संयंत्रों से संचालित किया जाता है, जो नियंत्रणीय-पिच प्रोपेलर चलाते हैं और एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से प्रबंधित होते हैं। हथियार सूट में सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, 76 मिमी एमआर गन और 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन हथियार प्रणालियों और पनडुब्बी रोधी/पानी के नीचे की हथियार प्रणालियों का संयोजन शामिल है। दोनों जहाजों के निर्माण में 200 से अधिक एमएसएमई का सहयोग रहा है। इनसे लगभग 4,000 प्रत्यक्ष नौकरियों और 10 हजार से अधिक अप्रत्यक्ष नौकरियों का मौका मिला है। आत्मनिर्भरता का एक गौरवशाली प्रमाण उदयगिरि और हिमगिरि का जलावतरण जहाजों के डिजाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके बाद अन्य स्वदेशी जहाजों, जैसे विध्वंसक आईएनएस सूरत, फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरि, पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर, पनडुब्बी आईएनएस अर्णाला और गोताखोरी सहायता पोत आईएनएस निस्तार का जलावतरण 2025 में ही होगा। कठोर समुद्री परीक्षणों के दौरान फ्रिगेट्स के पतवार, मशीनरी, अग्निशमन, क्षति नियंत्रण, नौवहन और संचार प्रणालियों ने पुष्टि की है कि वे परिचालन तैनाती के लिए तैयार हैं।लगभग 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री वाले ये जहाज रक्षा निर्माण में सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। अपने प्रतिष्ठित पूर्ववर्तियों के नामों को पुनर्जीवित करने की नौसेना की परंपरा को ध्यान में रखते हुए दोनों फ्रिगेटों का नाम पूर्ववर्ती आईएनएस उदयगिरि (एफ35) और आईएनएस हिमगिरि (एफ34) के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने सेवामुक्त होने से पहले 30 वर्षों से अधिक समय तक राष्ट्र की विशिष्ट सेवा की थी। इस प्रकार नये उदयगिरि और हिमगिरि का जलावतरण उनके पूर्वजों की विरासत का सम्मान तथा जहाज निर्माण क्षमता के नये युग का सूत्रपात है। उदयगिरि और हिमगिरि के नौसेना में शामिल होने से समुद्री युद्धक तत्परता बढ़ेगी और हिंद महासागर क्षेत्र में अपने समुद्री हितों की रक्षा करने में भारत और मजबूत होगा।

भारत के विश्व गुरु बनने में है संघ की सार्थकता : भागवत

नई दिल्ली, 26 अगस्त : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को यहां विज्ञान भवन में समाज के विविध क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ संगठन की सौ वर्षों की यात्रा पर संवाद की शुरुआत की। तीन दिवसीय इस संवाद का विषय “100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज” रखा गया है। डॉ. भागवत ने कहा कि प्रत्येक राष्ट्र का विश्व में एक योगदान होता है और संघ की सार्थकता भारत के विश्व गुरु बनने में है। उन्होंने माना कि भारत के उत्थान की प्रक्रिया धीमी है, लेकिन यह निरंतर जारी है और संघ की यात्रा का लक्ष्य इसी भारत के उत्थान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि संघ के बारे में अनेक चर्चाएं होती हैं, लेकिन प्रामाणिक जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा, “जो जानकारी है, वह भी अधिकतर परसेप्शन पर आधारित है, तथ्यपरक नहीं। हमारा उद्देश्य किसी को कनविंस करना नहीं, बल्कि संघ की सही जानकारी देना है। निष्कर्ष निकालना श्रोताओं का अधिकार है।” उन्होंने 2018 में विज्ञान भवन में हुए अपने पिछले संवाद का जिक्र कर कहा कि तब भी यही भावना रही थी कि संघ को लेकर तथ्य सामने लाए जाएं। इस बार सौ वर्ष की यात्रा पूरी होने के बाद संगठन आगे किस दिशा में काम करेगा, इस पर दृष्टि साझा करना उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस बार संवाद केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य तीन स्थानों पर भी होगा ताकि ज्यादा लोग शामिल हो सकें। उन्होंने बताया कि 70-75 प्रतिशत प्रतिभागी नये लोगों को आमंत्रित किए गए हैं। संघ के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए डॉ. भागवत ने कहा, “संघ क्यों शुरू हुआ, कैसे बाधाओं के बीच स्वयंसेवकों ने इसे आगे बढ़ाया और आज सौ साल बाद भी नए क्षितिज की बात क्यों हो रही है— इसका उत्तर एक वाक्य में है। प्रार्थना के अंत में हम कहते हैं ‘भारत माता की जय’। अपना देश है, उसकी जय-जयकार होनी चाहिए और उसे विश्व में अग्रगण्य स्थान मिलना चाहिए।”

जनसांख्यिकी में बदलाव चिंता का बड़ा कारण,कलेक्टर और पुलिस इसे गंभीरता से लें : अमित शाह

नई दिल्ली, 26 अगस्त : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसांख्यिकी में बदलाव को चिंता का बड़ा कारण बताते हुए कहा है कि वा्इब्रेट विलेज प्रोग्राम में शामिल जिला कलेक्टरों और पुलिस को इसे गंभीरता से लेना होगा क्योंकि यह सीधे देश और सीमाओं की सुरक्षा को प्रभावित करता है। श्री शाह ने मंगलवार को यहां सीमा प्रबंधन विभाग के दो दिन की वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (वीवीपी) कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने कहा था कि ‘डेमोग्राफिक’ बदलाव हमारे लिए चिंता का विषय है। श्री शाह ने कहा कि वीवीपी में शामिल जिलों के कलेक्टरों को इस मुद्दे को गंभीरता और बारीकी से देखना होगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी में बदलाव सीधे तौर पर देश और सीमाओं की सुरक्षा को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि यह नहीं मानना चाहिए कि यह भौगोलिक स्थिति के कारण हो रहा है बल्कि यह एक निश्चित डिजाइन के तहत हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यों के मुख्य सचिवों और केन्द्रीय पुलिस बलों को भी इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लिए जिला कलेक्टरों को केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ समन्वय करना चाहिए। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल स्वास्थ्य, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में मदद कर सकते हैं। अरुणाचल प्रदेश में भारत तिब्बत सीमा पुलिस ने रोजमर्रा की चीजें जैसे-दूध, सब्जी, अंडे, अनाज आदि वाइब्रेंट गांव से ही खरीदने का सफल प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि हर सीमांत गांव में इस प्रयोग को जमीन पर उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सेना, गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से समन्वय कर वाइब्रेंट गांव में रोजगार सृजन की दिशा में काम कर सकती है। श्री शाह ने कहा कि वीवीपी का विचार तीन बिंदुओं सीमांत गांवों से पलायन रोकने, सीमांत गांवों के हर नागरिक को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने और चिन्हित गांवों को सीमा तथा देश की सुरक्षा के लिए एक माध्यम बनाने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सीमांत गांवों में रहने वाले हर नागरिक को केन्द्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं से लैस करके उनके व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि चिह्नित किए गए देश के पहले गांव कुछ वर्ष बाद देश और उसकी सीमाओं की रक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण उपकरण सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा, “इस प्रोग्राम के माध्यम से मल्टी-डायमेंशनल और मल्टी-सेक्टोरल विकास की कल्पना के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने, संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन, पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन और हर तरह से गाँव के जीवन को वाइब्रेंट बनाने के प्रयास हुए हैं।”

प्रियंका गांधी राहुल के साथ मतदाता अधिकार यात्रा में हुईं शामिल

पटना/नई दिल्ली, 26 अगस्त : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज बिहार में चल रही ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ में अपने भाई राहुल गांधी के साथ शामिल हुईं। यात्रा के दसवें दिन सुपौल जिले में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। पहली बार प्रियंका गांधी इस अभियान में शामिल हुईं और राहुल गांधी के साथ खुले वाहन में लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान माहौल उत्साहपूर्ण रहा और महागठबंधन के कार्यकर्ताओं में नई स्फूर्ति देखी गई। पारंपरिक परिधान नीले रंग की सलवार सूट सलवार सूट और गहरे नीले रंग का दुपट्टा प्रियंका गांधी की गंभीरता, आत्मविश्वास और विश्वसनीयता को बता रहा था। प्रियंका गांधी की भागीदारी से इस अभियान को एक नई ऊर्जा मिली है, जो आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष की एकजुटता को दर्शाती है। यह यात्रा लोकतांत्रिक और निर्वाचन अधिकारों में कथित कटौती के खिलाफ इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित की गई है। सुपौल से यात्रा शुरू होकर कोसी महासेतु पार करते हुये राष्ट्रीय राजमार्ग- 27 से मधुबनी की ओर बढ़ी। इस यात्रा में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और भाकपा (माले) के नेता दीपंकर भट्टाचार्य भी साथ चल रहे थे। सड़कों पर ‘वोट चोर – गद्दी छोड़’ के नारे गूंजते रहे और हजारों लोग नेताओं का स्वागत करने के लिए जमा हुये। प्रियंका गांधी हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन करती रहीं और जनसमर्थन के लिये धन्यवाद भी कहा। रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, वोटर अधिकारों की लड़ाई संविधान बचाने की लड़ाई है। अगर गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों की आवाज़ दबा दी जायेगी, तो लोकतंत्र ही खतरे में पड़ जायेगा। प्रियंका गांधी की इस यात्रा में भागीदारी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है। पार्टी नेताओं ने इसे अभियान का एक ‘टर्निंग पॉइंट’ बताया है। प्रियंका गांधी कल सीतामढ़ी के जानकी मंदिर में दर्शन करेंगी।