नई दिल्ली, 12 मई : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मिल गया है। एलन मस्क ने देर रात ट्विटर के सीईओ का पद छोड़ने का ऐलान किया, लेकिन नए सीईओ के नाम का खुलासा नहीं किया। हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक एनबीसी यूनिवर्सल टॉप एडवरटाइजिंग सेल्स एग्जीक्यूटिव लिंडा याकारिनो ट्विटर की नई सीईओ हो सकती हैं। ट्विटर प्रमुख ने बिना नाम लिए ट्विटर के नए सीईओ नियुक्ति किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वो छह हफ्तों में अपना काम शुरू करेंगी। एलन मस्क ने ट्वीट किया कि वे अब ट्विटर के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। दरअसल, मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद लंबे समय से ट्विटर के लिए नए सीईओ की तलाश में थे। उल्लेखनीय है कि एलन मस्क ने 27 अक्टूबर, 2022 को 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर खरीदा था। इसके बाद मस्क ने कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इनमें सीईओ पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव्स विजया गड्डे और सीन एडगेट शामिल थे। मस्क अभी तक ट्विटर के 7,500 एम्प्लॉइज में से 50 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल चुके हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी-7 की बैठक में हिस्सा लेने, दिवसीय दौरे पर जापान पहुंचीं
टोक्यो/नई दिल्ली, 11 मई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी-7 की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सुबह जापान पहुंची। जापान और मार्शल आईलैंड के भारतीय राजदूत सिबी जार्ज ने सीतारमण का टोक्यो के हनेडा हवाईअड्डे पर स्वागत किया। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को ट्वीट कर दी जानकारी में बताया कि सीतारमण दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। वित्त मंत्री को जापान के निगाता में होने वाली जी-7 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में शामिल होंगी। मंत्रालय के मुताबिक इस बैठक में भारत को भी आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक अपनी जापान यात्रा के दौरान सीतारमण अन्य देशों के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेंगी। इसके साथ ही वह कारोबारियों और निवेशकों की गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगी। इस दौरान सीतारमण टोक्यो में निवेशकों और उद्योग जगत के लोगों को भी संबोधित करेंगी। इसके अलावा वह वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक में ‘कल्याण के लिए आर्थिक नीति’ पर एक संगोष्ठी को संबोधित करेंगी। उल्लेखनीय है कि जी-7 दुनिया के 7 प्रमुख औद्योगिक देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका का मंच है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव लगातार जारी, कच्चा तेल 77 डॉलर प्रति बैरल के करीब
नई दिल्ली, 10 मई : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। ब्रेंट क्रूड का भाव 77 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर पर टिका रहा। मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल का भाव 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हफ्ते के तीसरे दिन शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 0.57 डॉलर यानी 0.74 फीसदी की गिरावट के साथ 76.87 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है। इसी तरह वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 0.53 डॉलर यानी 0.72 फीसदी लुढ़क कर 73.18 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
तीन जन सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की भलाई लिए समर्पित : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण
नई दिल्ली, 09 मई: प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के 8 साल पूरे होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज कहा कि ये तीन जन सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की भलाई लिए समर्पित हैं और अप्रत्याशित जोखिमों, हानियों और वित्तीय अनिश्चितताओं के खिलाफ मानव जीवन को सुरक्षा प्रदान करती हैं। पीएमजेजेबीवाई के अब तक कुल 16 करोड़ से अधिक नामांकन, पीएमएसबीवाई में अब तक कुल 34 करोड़ से अधिक नामांकन और एपीवाई के लिए 5 करोड़ से अधिक लोगों ने नामांकन करा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई का शुभारम्भ 9 मई, 2015 को कोलकाता से किया था। ये तीनों योजनाएं नागरिकों के कल्याण के लिए समर्पित हैं, जो अप्रत्याशित घटना और वित्तीय अनिश्चितताओं से मानव जीवन को सुरक्षित करने की आवश्यकता को पूरा करने के लिए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश के असंगठित वर्ग के लोग वित्तीय रूप से सुरक्षित रहे, दो बीमा योजनाएं शुरू कीं – पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई। इसके साथ ही सरकार ने वृद्धावस्था की जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए अटल पेंशन योजना- एपीवाई भी शुरू की। श्रीमती सीतारमण ने इन तीनों जन सुरक्षा योजनाओं के पीछे की परिकल्पना को याद करते हुए कहा, “वर्ष 2014 में राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन को यह सुनिश्चित करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था कि भारत के प्रत्येक नागरिक की पहुंच बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय साक्षरता और सामाजिक सुरक्षा कवरेज तक बढ़े और देश में वित्तीय समावेशन को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन तीन जन सुरक्षा योजनाओं की शुरुआत की गयी थी।” वित्त मंत्री ने कहा कि ये तीन सामाजिक सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की भलाई के लिए समर्पित हैं, जो अप्रत्याशित जोखिमों, हानियों और वित्तीय अनिश्चितताओं की स्थिति में मानव जीवन की सुरक्षा के महत्व को स्वीकार करती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य वंचित पृष्ठभूमि के लोगों को आवश्यक वित्तीय सेवाएं प्रदान करना है, जिससे उनकी वित्तीय कमजोरी दूर किया जा सके। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 26 अप्रैल 2023 तक पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई के तहत क्रमश: 16.2 करोड़, 34.2 करोड़ और 5.2 करोड़ नामांकन किए गए हैं। पीएमजेजेबीवाई योजना के बारे में वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना ने 6.64 लाख परिवारों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है और बीमा दावों के रूप में इन परिवारों को 13,290 करोड़ रुपये मिले। इसी तरह से पीएमएसबीवाई योजना के तहत 1.15 लाख से अधिक परिवारों को 2,302 करोड़ रुपये के दावे प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई दोनों योजनाओं के लिए दावा प्रक्रिया को आसान बनाने की वजह से दावों का तेजी से निपटान हुआ है। उन्होंने कहा “यह देखना उत्साहजनक है कि इन योजनाओं को अधिकतम लोगों तक पहुंचाने के लिए लक्षित दृष्टिकोण के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से समर्पित है कि इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पूरे देश में प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।” वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत किशनराव कराड ने कहा, “सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बीमा सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक लक्षित दृष्टिकोण अपनाया है और योजना के तहत पूरे देश में पात्र लाभार्थियों को कवरेज प्रदान करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में अभियान चलाए जा रहे हैं” इन जन सुरक्षा योजनाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए इससे जुड़े सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए डॉ. कराड ने उन्हें इन योजनाओं से जुड़ने वाले लोगों की संख्या (कवरेज) और बढ़ाने के प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) एक साल की जीवन बीमा योजना है जो किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु को कवर करती है। इसका साल-दर-साल नवीकरण किया जाता है। 18-50 वर्ष के आयु वर्ग के व्यक्ति जिनके पास एक व्यक्तिगत बैंक या डाकघर खाता है, योजना के तहत नामांकन के लिए पात्र हैं। 50 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले योजना में शामिल होने वाले लोग नियमित प्रीमियम के भुगतान पर 55 वर्ष की आयु तक जीवन के जोखिम को जारी रख सकते हैं। 436 रुपये प्रति वर्ष की प्रीमियम पर किसी भी कारण से मृत्यु के मामले में 2 लाख रुपये का जीवन कवर मिलता है। योजना के तहत नामांकन खाताधारक के बैंक की शाखा/बीसी पॉइंट या बैंक की वेबसाइट पर जाकर या डाकघर बचत बैंक खाते के मामले में डाकघर में किया जा सकता है। योजना के तहत प्रीमियम खाताधारक के एकमुश्त शासनादेश के आधार पर ग्राहक के बैंक खाते से हर साल ऑटो डेबिट किया जाता है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) एक साल की दुर्घटना बीमा योजना है जो दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता के लिए कवरेज प्रदान करती है और यह साल-दर-साल नवीकरणीय है। 18-70 वर्ष के आयु वर्ग के व्यक्ति जिनके पास एक व्यक्तिगत बैंक या डाकघर खाता है, योजना के तहत नामांकन के लिए पात्र हैं। दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता के लिए 20 रुपये प्रति वर्ष की प्रीमियम पर 2 लाख रूपये (आंशिक विकलांगता के मामले में एक लाख रुपये) का दुर्घटना मृत्यु सह विकलांगता कवर मिलता है। योजना के तहत नामांकन खाताधारक के बैंक की शाखा/बीसी प्वाइंट या बैंक की वेबसाइट पर या डाकघर बचत बैंक खाते के मामले में डाकघर में जाकर किया जा सकता है। योजना के तहत प्रीमियम खाताधारक के एकमुश्त शासनादेश के आधार पर ग्राहक के बैंक खाते से हर साल ऑटो डेबिट किया जाता है। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सभी भारतीयों, विशेष रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाने के लिए शुरू की गई थी। यह असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और उनके भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार की एक पहल है। एपीवाई का प्रबंधन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के समग्र प्रशासनिक और संस्थागत ढांचे के तहत पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) करता है। एपीवाई 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी बैंक खाताधारकों के लिए खुला है जो आयकर दाता नहीं हैं और चुने