प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले एलन मस्क, कहा-मैं मोदी का फैन हूं

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली, 21 जून: इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने बुधवार को न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। एलन मस्क ने कहा कि वह मोदी के फैन हैं और भारत में निवेश को लेकर काफी उत्साहित हैं। भारत के पास दुनिया के किसी भी दूसरे देश की तुलना में ज्यादा संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वह अगले साल भारत की यात्रा कर सकते हैं। दुनिया के सबसे अमीर मस्क ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बारे में कहा कि यह शानदार मुलाकात रही। टेस्ला प्रमुख ने कहा कि सोलर एनर्जी क्षेत्र में भारत में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वे भारत के भविष्य को लेकर अविश्वसनीय रूप से उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि मोदी भारत के लिए काफी फिक्र करते हैं, मैं कह सकता हूं कि उनका नजरिया नई कंपनियों को लेकर बहुत उदारवादी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं। एलन मस्क से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विट कर कहा, “ऊर्जा से लेकर आध्यात्मिकता तक के मुद्दों पर हमने बहुआयामी बातचीत की। अपनी तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन मोदी न्यूयॉर्क में नोबेल पुरस्कार विजेताओं, सीईओ, अर्थशास्त्रियों, उद्यमियों, विद्वानों, कलाकारों, शिक्षाविदों और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों से मुलाकात की। इस बीच वे टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क से भी मिले।

पतंजलि का कारोबार पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य : रामदेव

नई दिल्ली, 16 जून: पतंजलि समूह ने सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद उतारने की मंशा जताने के साथ ही अगले पांच वर्षों में अपना कारोबार बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये का करने का लक्ष्य रखा है। समूह के प्रमुख बाबा रामदेव ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर उपभोक्ता समूह तक पहुंचने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि समूह की कंपनी पतंजलि फूड्स (पूर्व में रुचि सोया) इस लक्ष्य को पाने में अहम भूमिका निभाएगी। इसका कारोबार अगले पांच वर्षों में 45,000-50,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। रामदेव ने कहा, “हमारा लक्ष्य पतंजलि समूह के कारोबार को अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये तक ले जाना है। अपनी सूचीबद्ध कंपनी पतंजलि फूड्स का कारोबार भी 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का इरादा है।” उन्होंने कहा कि पतंजलि समूह का कारोबार करीब 45,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और इसने अब कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि समूह पतंजलि आयुर्वेद के माध्यम से किफायती उत्पाद पेश करता रहा है और अब वह पतंजलि फूड्स के माध्यम से उभरते उच्च-मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर भी उत्पाद पेश करेगा। उन्होंने कहा कि समूह की पहुंच दुनिया के करीब 200 देशों में लगभग दो अरब लोगों तक हो चुकी है।

बीते वित्त वर्ष विंजो के माइक्रो ट्रांजेक्शन 40 अरब के पार, इस साल 55 अरब का लक्ष्य

नई दिल्ली, 13 जून: घरेलू ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो ने मंगलवार को घोषणा की कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 में 40 अरब माइक्रो ट्रांजेक्शन के आंकड़े को पार कर लिया है और मौजूदा वित्त वर्ष 2024 में 55 अरब के वार्षिक माइक्रो-ट्रांजेक्शन का लक्ष्य है। कंपनी ने बताया कि ये माइक्रो-लेन-देन छोटे टिकट-आकार के लेन-देन हैं जो उपयोगकर्ताओं द्वारा उनके गेमप्ले के दौरान विंजो पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर किए जाते हैं। विंजो गेमर्स अपने विंजो वॉलेट में फंड जमा करने के लिए मुख्य रूप से यूपीआई और दूसरी डिजिटल भुगतान विधियों का उपयोग करते हैं, जिसका उपयोग इन-गेम माइक्रोट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर होने वाले ट्रांजेक्शन में कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सेदारी यूपीआई की है। विनजो के सह-संस्थापक पावन नंदा ने एक बयान में कहा, विंजो के नए उपयोगकर्ता अपने विंजो वॉलेट में छोटी राशि जोड़ते हैं और फिर कम से कम 1 रुपये के माइक्रो ट्रांजेक्शन के माध्यम से गेमिंग गतिविधियों में शामिल होते हैं। यह पूरा व्यवसाय और बुनियादी ढांचा मॉडल यूपीआई पर बहुत अधिक निर्भर करता है, जिसके बिना यह संभव नहीं होता। गेमिंग प्लेटफॉर्म भारत में होने वाले प्रत्येक 250 यूपीआई लेनदेन में से कम से कम एक में योगदान देता है और प्रति माह तीन करोड़ से अधिक यूपीआई लेनदेन करता है। इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि विंजो पर हर चौथा उपयोगकर्ता पहली बार डिजिटल ट्रांजेक्शन कर रहा होता है, जिसमें देश भर के छोटे गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में नए लोग आते हैं। गाजीपुर, दाउदनगर, खावड़ा, खिमसर, विदिशा, और शीतलाखेत जैसी जगहों पर विंजो का गहरा प्रभाव देखा गया है। इन उपयोगकर्ताओं को डिजिटल भुगतान परि²श्य से परिचित कराने और डिजिटल ग्रिड से जोड़कर नई संभावनाएं खोली गई हैं। सफल उपयोगकर्ता अधिग्रहण प्रयासों और नए प्रारूपों और खेलों की शुरूआत के परिणामस्वरूप मार्च 2023 में समाप्त होने वाली तिमाही में विंजो ने 12 अरब से अधिक लेनदेन के साथ अपनी पहली तिमाही पूरी की। कंपनी ने उल्लेख किया कि इसने 12 भाषाओं में उपलब्ध बहुभाषी पेमेंट पेज प्रदान करके उपयोगकर्ता की समझ और विश्वास को और बढ़ाया है, जिससे उपयोगकर्ता पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आराम से ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।

फोर्ब्स की वैश्विक सूची में रिलायंस आठ पायदान चढ़कर 45वें स्थान पर

नई दिल्ली, 13 जून : फोर्ब्स की नवीनतम ‘ग्लोबल 2000’ सूची में अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड आठ पायदान चढ़कर 45वें स्थान पर पहुंच गई है। इस सूची में किसी भी भारतीय कंपनी के मुकाबले यह सर्वोच्च स्थान है। फोर्ब्स ने 2023 के लिए दुनिया की शीर्ष 2,000 कंपनियों की सूची जारी करते हुए कहा कि इसे चार कारकों – बिक्री, लाभ, संपत्ति और बाजार मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया गया है। अमेरिका का सबसे बड़ा बैंक जेपी मॉर्गन 2011 के बाद पहली बार इस सूची में शीर्ष पर है। बैंक की कुल संपत्ति 3700 अरब डॉलर है। वारेन बफेट की बर्कशायर हैथवे, जो पिछले साल सूची में सबसे ऊपर थी, वह इस साल निवेश पोर्टफोलियो में नुकसान के कारण 338वें स्थान पर आ गई। सऊदी तेल कंपनी अरामको दूसरे स्थान पर है, जिसके बाद तीन के तीन विशाल आकार के सरकारी बैंक हैं। प्रौद्योगिकी कंपनी अल्फाबेट और एप्पल 7वें और 10वें स्थान पर हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज को 109.43 अरब अमेरिकी डॉलर की बिक्री और 8.3 अरब अमेरिकी डॉलर के लाभ के साथ 45वां स्थान मिला। समूह का कारोबार तेल से लेकर दूरसंचार तक फैला हुआ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज सूची में जर्मनी के बीएमडब्ल्यू समूह, स्विट्जरलैंड के नेस्ले, चीन के अलीबाबा समूह, अमेरिकी प्रॉक्टर एंड गैंबल और जापान की सोनी से आगे है। सूची में भारतीय स्टेट बैंक 77वें स्थान (2022 में 105वां स्थान), एचडीएफसी बैंक 128वें स्थान (2022 में 153वां स्थान) और आईसीआईसीआई बैंक 163वें स्थान (2022 में 204वां स्थान) पर हैं। अन्य कंपनियों में ओएनजीसी 226वें, एलआईसी 363वें, टीसीएस 387वें, एक्सिस बैंक 423वें, एनटीपीसी 433वें, लार्सन एंड टुब्रो 449वें, भारती एयरटेल 478वें, कोटक महिंद्रा बैंक 502वें, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन 540वें, इंफोसिस 554वें और बैंक ऑफ बड़ौदा 586वें स्थान पर हैं। सूची में कुल 55 भारतीय कंपनियां शामिल हैं। अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी के समूह की तीन कंपनियां अदाणी एंटरप्राइजेज (1062वां स्थान), अदाणी पावर (1488वां स्थान) और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (1598वां स्थान) इस सूची में शामिल हैं।

सैमसंग ने लाँच किया गलैक्सी एफ 54 5 जी स्मार्टफोन

नई दिल्ली, 07 जून: स्मार्टफोन सहित विभिन्न उपभोक्ता इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद बनाने वाली प्रमुख कंपनी सैमसंग ने आज भारतीय बाजार में अत्याधुनिक कैमरा और 6000 एमएएच बैटरी वाला नया स्मार्टफोन गलैक्सी एफ 54 5 जी लाँच करने की घोषणा की जिसकी कीमत 27999 रुपये है। सैमसंग इंडिया के एमक्स डिविजन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजू पुल्लान ने इस स्मार्टफोन को लाँच करते हुये कहा कि इसमें 108 एमपी का नॉ शेक कैमरा है जो किसी प्रकार के मूवमेंट को सटीक तरीके से फोटो लेने में सक्षम है। इसमें नाइटोग्राफी दिया गया है जो कम रोशनी में भी बेहतर फोटो ले सकता है। इसके साथ ही यह कैमरा एस्ट्रोलेप्स तकनीक से भी युक्त है। उन्होंने कहा कि इस स्मार्टफोन में त्रिपल रियर कैमरा है जिसमें 108 एमपी का मुख्य कैमरा, आठ एमपी का अल्ट्रा वाइड लेंस और दो एमपी का मैक्रो लेंस है। इसके साथ 32 एमपी का फ्रंट कैमरा भी है। इसमें 6000 एमएएच की बैटरी दी गयी जो इस स्मार्टफोन को पूरे दिन चलाने में सक्षम है। इसका डिस्प्ले 6.7 इंच का है। इसके साथ ग्राहक को कई तरह की अन्य सुविधाओं से युक्त गलैक्सी फाउंडेशन फीचर भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह स्मार्टफोन आठ जीबी रैम और 256 जीबी रॉम के साथ आयेगा और यह ऑनलाइन मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट, सैमसंग डॉटकॉम और चुनिंदा रिटेल स्टोर पर भी उपलब्ध होगा।

खगड़िया-भागलपुर पुल निर्माता एस.पी. सिंगला कंस्ट्रक्शन के पास हैं बिहार के 2 और प्रोजेक्ट

पटना, 06 जून: बिहार की नीतीश कुमार सरकार को रविवार को खगड़िया-भागलपुर पुल गिरने को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा, एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, जो इसे बनाने के लिए जिम्मेदार थी, को बिहार में दो और परियोजनाएं सौंपी गई थीं। ये दो परियोजनाएं हैं सोनपुर-दीघा पहुंच मार्ग और पटना में लोहिया पथ चक्र का हरताली मोड़ खंड। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) के चीफ इंजीनियर, सर्कल 1, जितेंद्र कुमार ने कहा, सोनपुर-दीघा एप्रोच रोड के निर्माण का ठेका एस.पी. सिंगला कंपनी को दिया गया था और इसकी फिनिशिंग का काम अभी चल रहा है। इस साल 11 जून को पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन पर 2.87 किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड को जनता के लिए खोल दिए जाने की उम्मीद है। इस अप्रोच रोड के शुरू होने के बाद यात्रियों का कम से कम 1 घंटा बचेगा। परियोजना की लागत 383 करोड़ रुपये है। पटना के मध्य में स्थित लोहिया पथ चक्र की हरताली मोड़ परियोजना का भी इस साल जुलाई में उद्घाटन होने की उम्मीद है। बीआरपीएनएनएल के मुख्य अभियंता, सर्कल 2, सुनील कुमार ने कहा, लोहिया पथ चक्र का निर्माण एस.पी. सिंगला कंपनी को दिया गया था और परियोजना की लागत 391 करोड़ रुपये है। इससे बोरिंग कैनाल रोड से दरोगा प्रसाद राय पथ जाने वाले यात्रियों को परेशानी मुक्त ड्राइविंग अनुभव मिलेगा और बेली रोड के दोनों ओर आने वाले यात्रियों को भी परेशानी होगी। एक अंडरपास भी परियोजना का एक हिस्सा है। राजभवन के पास लोहिया पथ चक्र का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। सुनील कुमार ने कहा, रविवार को गंगा नदी पर गिरने वाला पुल तीसरा प्रोजेक्ट था, जिसे एसपी सिंगला कंपनी को 1,710 करोड़ रुपये की लागत से दिया गया था। कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस हरियाणा के पंचकूला में है।

बिहार : गया में मोटे अनाज और दरभंगा में मखाना का बनेगा विशिष्ट केंद्र

पटना, 06 जून: बिहार के कम बारिश वाले क्षेत्रों में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए गया में जहां मोटे अनाज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी विशिष्ट केंद्र का निर्माण होगा, वहीं दरभंगा में मखाना का विशिष्ट केंद्र बनेगा। बिहार में चौथे कृषि रोड मैप में पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) को मंजूरी दी गई है। कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने बताया कि वैशाली के राघोपुर में पान का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा। इसी तरह बांका में शहद, दरभंगा में मखाना और किशनगंज में चाय का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाना है। इन सबके लिए डीपीआर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गया कि टनकुप्पा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण के लिए 52 एकड़ जमीन चिह्न्ति कर ली गई है। कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने कहा कि मोटे अनाज के लिए बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का डीपीआर बन रहा है। यहां किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा कम पानी में बेहतर सिंचाई और तालाब का मॉडल भी बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि गया, नवादा और औरंगाबाद में तिल की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तिलकुट निर्माण के लिए प्रसिद्ध गया में स्थानीय तिल से ही तिलकुट बनेगा। इसके अलावा ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का की फसल लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि जैविक खेती की भी सरकार ब्रांडिंग करेगी। उन्होंने कहा कि किशनगंज में उत्पादित चाय की राज्य सरकार ब्रांडिंग करेगी। इसकी योजना बनाई जा रही है।

गो फर्स्ट के बंद होने से कई रूट पर महंगी हुई यात्रा, दिल्ली-लेह का विमान किराया पेरिस के बराबर

नई दिल्ली, 03 जून: गो फर्स्ट के बंद होने से देश के पर्यटन वाले कई स्थानों का हवाई किराया आसमान छूने लगा है। दिल्ली से लेह का वापसी किराया अब पेरिस के बराबर 52,000 रुपये पहुंच गया है। गर्मियों के इस सीजन में ज्यादा मांग होने से किराये में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले सीजन की तुलना में इस गर्मी में हवाई किराए पहले से ही अधिक हैं, क्योंकि एयरलाइन कंपनियां पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। हवाई यात्रा मार्च के बाद से सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है और सभी एयरलाइंस 90 फीसदी ऑक्युपेंसी दर्ज कर रही हैं। गो फर्स्ट ने तीन मई से अपना परिचालन बंद कर दिया है। इसका ज्यादा परिचालन पर्यटन वाले क्षेत्रों पर होता था। आंकड़े बताते हैं कि मई में इसने जो शेड्यूल जारी किया था, उसके मुताबिक, दिल्ली से श्रीनगर के बीच 199 फ्लाइट्स, दिल्ली से लेह के लिए 182 फ्लाइट्स और मुंबई से गोवा के लिए 156 फ्लाइट्स चलाने वाली थी। गो फर्स्ट दिल्ली-श्रीनगर और मुंबई-गोवा के बीच कुल 30 में से 6 फ्लाइट्स, दिल्ली-मुंबई के लिए 52 में से 6 फ्लाइट्स और दिल्ली-लेह के बीच 13 में से पांच फ्लाइट्स चलाती थी। इसकी बाजार हिस्सेदारी 7 फीसदी है। जानकारों का मानना है, आगे और ज्यादा किराया बढ़ सकता है, क्योंकि नियामक के पास किराये को रेगुलेट करने का कोई अधिकार नहीं है। दिल्ली-लेह के बीच 3-10 मई के बीच किराया 13,674 रुपये था, जो 20-28 अप्रैल की तुलना में 125 फीसदी अधिक था। दिल्ली से श्रीनगर के बीच 86 फीसदी बढ़कर यह 16,898 रुपये हो गया था। 115 नए विमान चलाने की तैयारी यात्रियों की संख्या बढ़ने से विमानन कंपनियां चालू वित्त वर्ष में 115 नए विमान अपने बेड़े में जोड़ने की तैयारी में हैं। इसमें सबसे ज्यादा इंडिगो और एअर इंडिया जोड़ेंगी। इंडिगो ने हाल में कहा था कि वह 45-50 नए विमान अपने बेड़े में शामिल करेगी जो घरेलू रूट पर चलेंगे।

कमर्शियल गैस के दाम में बड़ी कटौती, सिलेंडर 83.50 रुपये सस्ता

नई दिल्ली, 01 जून: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने महीने के पहले दिन कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 83.50 रुपये तक की कटौती की है। पिछले महीने कमर्शियल सिलेंडर करीब 172 रुपये सस्ता हुआ था। नई दरें एक जून, गुरुवार से लागू हो गई है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1856.50 रुपये से घटकर 1773 रुपये हो गयी है। कोलकाता में यह 1960.50 रुपये के मुकाबले 1875.50 रुपये में मिलेगा। इसी तरह मुंबई में यह 1808.50 रुपये की जगह 1725 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा चेन्नई में इसकी कीमत 2021.50 रुपये से घटकर 1937 रुपए रह गई है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।  

नेपाल ने भारत को बिजली का निर्यात किया शुरू

काठमांडू, 27 मई (वेब वार्ता): नेपाल ने शनिवार से भारत को बिजली का निर्यात शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि हिमालयी देश में मानसून की शुरुआत के साथ ही नदियों में पानी बढ़ने से पनबिजली का उत्पादन बढ़ गया है। पिछले साल भी नेपाल ने जून से नवंबर तक भारत को पनबिजली का निर्यात किया था। नेपाल बिजली प्राधिकरण के प्रवक्ता सुरेश भट्टाराई ने कहा, ”हमने शनिवार से भारत को 600 मेगावॉट घंटे बिजली की बिक्री शुरू कर दी है, क्योंकि देश में बिजली अधिक है।” कुछ समय पहले नेपाल घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत से 400 मेगावाट तक बिजली का आयात कर रहा था। नेपाल में सर्दियों में बिजली की घरेलू मांग बढ़ जाती है, जबकि गर्मियों में मांग घट जाती है। पिछले साल नेपाल ने भारत को बिजली निर्यात कर करीब 12 अरब रुपये कमाए थे।