अजय बंगा अगले हफ्ते आएंगे भारत, जी-20 की बैठक में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली, 08 जुलाई : विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे। भारतीय मूल के 63 वर्षीय अजय बंगा की जून महीने में विश्व बैंक अध्यक्ष का पद संभालने के बाद यह पहली भारत यात्रा होगी। इस दौरान वह गांधीनगर में 14 से 18 जुलाई तक आयोजित होने वाले जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर की बैठक में हिस्सा लेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत जुलाई के पहले दो हफ्तों में गुजरात जी-20 की चार बैठकों की मेजबानी करेगा। इन बैठकों में कारोबारी प्रतिनिधियों को कई आर्थिक एवं कारोबार से संबंधित विषयों पर अपना दृष्टिकोण को साझा करने का मौका मिलेगा। ये बैठकें वैश्विक आर्थिक एजेंडा और नीतियों को आकार देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

भारत, तंजानिया के बीच स्थानीय मुद्राओं में सौदों का निपटान शुरू : जयशंकर

दार अल सलाम, 08 जुलाई: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत और तंजानिया ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापारिक सौदों का निपटान शुरू कर दिया है जिससे दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। तंजानिया के दौरे पर पहुंचे जयशंकर ने यहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इस अफ्रीकी देश के बीच द्विपक्षीय व्यापार बहुत तेजी से बढ़ा है और वित्त वर्ष 2022-23 में यह 6.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। जयशंकर ने कहा, ‘इस बात को ध्यान में रखें कि यह न केवल बहुत अच्छा द्विपक्षीय व्यापार है बल्कि यह व्यापार संतुलित भी होता जा रहा है। आपसी व्यापार में कई नए उत्पादों को जोड़ा जा रहा है। भारत तंजानिया से होने वाले निर्यात का सबसे बड़ा गंतव्य बना हुआ है।’ उन्होंने कहा कि इस बढ़ते व्यापार के बीच व्यापारिक सौदों का निपटान अपनी स्थानीय मुद्राओं में करने की संभावना का मुद्दा भी समय-समय पर उठता रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने तंजानिया के प्रमुख उद्योगपतियों से कहा, ‘मैं आपको इस तथ्य से अवगत कराना चाहता हूं कि भारत के केंद्रीय बैंक ने इस तरह की संभावना को स्वीकृति दे दी है। इसके बाद यहां पर मौजूद तीन भारतीय बैंकों के पास यह क्षमता आ गई है कि वे एक-दूसरे देश की मुद्राओं में व्यापारिक लेनदेन संपन्न कर सकें।’ उन्होंने कहा कि भारतीय रुपये और तंजानियाई शिलिंग में कुछ लेनदेन किए भी जा चुके हैं और इससे दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को प्रोत्साहित करने की एक और व्यवस्था तैयार हो गई है। रुपये में विदेशी व्यापार को प्रोत्साहित करने की कोशिश में लगे भारतीय रिजर्व बैंक की स्वीकृति मिलने के बाद तंजानिया में मौजूद बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक ने स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री ने भारत और अफ्रीकी देशों के बीच आर्थिक संबंधों में आई मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का अफ्रीका के साथ कारोबार 98 अरब डॉलर का हो चुका है। इसके अलावा भारत ने अफ्रीका में 75 अरब डॉलर का निवेश भी किया हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अफ्रीका में निवेश और उसके साथ हमारा कारोबार दोनों ही बढ़ने वाला है। मैं इस बात से भी सहमत हूं कि समूचे अफ्रीका में मुक्त व्यापार व्यवस्था लागू हो जाने पर भारत के लिए यहां निवेश और व्यापार करना दोनों अधिक आसान हो जाएगा।’

एचडीएफसी बैंक विलय के बाद बना दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बैंक

नई दिल्ली, 01 जुलाई : आवास वित्त कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक में विलय आज (शनिवार) से प्रभावी हो गया है। दोनों कंपनियों के निदेशक मंडलों ने इस मर्जर पर अपनी स्वीकृति शुक्रवार को दी थी। इस विलय के बाद एचडीएफसी का अस्तित्व समाप्त हो गया है। इसी के साथ एचडीएफसी दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन गया है। विलय के बाद एचडीएफसी बैंक अब बाजार मूल्य के हिसाब से जेपी मार्गन, आईसीबीसी और बैंक ऑफ अमेरिका के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन गया है। यह मर्जर देश के कॉरपोरेट जगत का सबसे बड़ा सौदा है, जिसका आकार लगभग 40 अरब डॉलर का है। इसकी कुल संपत्ति 18 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। इस विलय के बाद बैंक की सभी ब्रांच में एचडीएफसी लिमिटेड की सेवा मिलेगी। अब एचडीएफसी बैंक की ब्रांच में लोन, बैंकिंग समेत अन्य सभी सर्विसेज मुहैया होगी। विलय लागू होने के साथ ही एचडीएफसी बैंक की ग्राहक संख्या 12 करोड़ हो गई है, जो जर्मनी की जनसंख्या से अधिक है। मर्जर से बैंक का ब्रांच नेटवर्क 8,300 से अधिक तक बढ़ गया। इसके साथ ही कुल बैंक के कर्मचारियों की संख्या 1,77,000 से अधिक हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि विलय के बाद एचडीएफसी के शेयर की डी-लिस्टिंग 13 जुलाई से प्रभावी हो जाएगी। संयुक्त कंपनी के शेयर 17 जुलाई से ट्रेड होंगे। इस सौदे के तहत एचडीएफसी के प्रत्येक शेयरधारक को 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे। मार्केट कैप के लिहाज से यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी। एचडीएफसी देश की पहली हाउसिंग फाइनेंस कंपनी थी। इसकी स्थापना 44 साल पहले हसमुखभाई पारेख ने की थी।

कहीं बेकार न हो जाए आपका पैन कार्ड? 30 जून से पहले आधार से करा लें लिंक

नई दिल्ली, 24 जून: आज के समय में आधार कार्ड और पैन कार्ड बहुत जरूरी दस्तावेज है। आपको कोई भी काम के लिए इन दस्तावेज की जरूरत पड़ती है। आप जब आईटीआर फाइल करते हैं या फिर बैंक अकाउंट खुलवाते हैं तब भी आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड की जरूरत होती है। पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करवाना अब अनिवार्य हो गया है। सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करवाने की आखिरी तारीख 30 जून 2023 तय की है। अगर आपने अपना आधार कार्ड को पैन कार्ड से अभी तक लिंक नहीं करवाया है तो आप जल्द ही ये काम कर लें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको भविष्य में परेशानी उठानी पड़ेगी, साथ ही 30 जून के बाद आधार को पैन कार्ड से लिंक करने पर आपको चालान भी देना होगा। वहीं अगर आप ये काम पूरा नहीं करते हैं तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। एक तरह से ये बेकार हो जाएगा। इनकम टैक्स विभाग ने 2007 से पैन कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। अगर आप कंप्यूज हैं कि आपका आधार कार्ड पैन से लिंक है या नहीं तो आपको एक बार चेक कर लेना चाहिए। पैन आधार लिंक स्टेट्स करें चेक अगर आपको मालूम नहीं है कि आपका आधार कार्ड पैन से लिंक है या नहीं तो आप एक बार स्टेट्स जरूर चेक करें। आइए जानते हैं इसका पूरा प्रोसेस क्या है? आपको सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग के अधिकारिक वेबसाइट www.incoएमetax.gov.in पर विजिट करना है।     यहां आपको Quick सेक्शन में दूसरे नंबर पर ही आधार स्टेट्स का ऑप्शन है, उस पर क्लिक करें। आप जैसे ही इस ऑप्शन को सिलेक्ट करते हैं तो एक नया पेज खुलेगा। इस पेज पर आपको अपना पैन नंबर और आधार नंबर दर्ज करना होगा। अगर आपका पैन आधार से लिंक होगा तो आपको स्क्रीन पर दिखाई देगा। अगर ऐसा नहीं होता है तब आपको अपना आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करना होगा।

वेटिंग तत्काल टिकेट कैंसिल हुआ तो कितना होगा आपको नुकसान, जानिए क्या हैं रेलवे के नियम

नई दिल्ली, 24 जून: रेलवे में टिकट बुक करवाते वक्त सबको कन्फर्म टिकट चाहिए होता है। लेकिन अकसर हमें वेटिंग टिकट मिलता है तो इससे बचने के लिए हम सब तत्काल टिकट लेते हैं। तत्काल टिकट से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना होती है। रेलवे के इस नियम से कई यात्रियों को फायदा होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप तत्काल टिकट करवाएं और कन्फर्म टिकट की जगह आपको तत्काल में भी वेटिंग टिकट मिल जाए और ये टिकट कंफर्म न हो तो क्या आपको पैसा वापस मिलेगा? या फिर इस पर कितना चार्ज कटता है एक-एक कर सब कुछ जानते हैं। क्या होता है तत्काल टिकट? तत्काल टिकट भारतीय रेलवे द्वारा स्थापित एक टिकटिंग प्रोसेस है जिसे लोग तब ज्यादा इस्तेमाल करते हैं जब लोगों को कम समय में यात्रा की बुकिंग करना होता है। भारतीय रेलवे ने इसे भारत की लगभग सभी ट्रेनों में सभी प्रकार की आरक्षित श्रेणियों में पेश किया। इसे 1997 में उस वक्त रेल मंत्री रहे नीतीश कुमार ने पेश किया था। वर्तमान में नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। आपको बता दें कि तत्काल टिकट की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन की जा सकती है। एसी क्लास के लिए तत्काल टिकट बुकिंग का समय 10 बजे से शुरू होता है तो वहीं स्लीपर क्लास के लिए बुकिंग 11 बजे से शुरू होती है। तत्काल टिकट की बुकिंग ट्रेन के समय से 24 घंटे पहले की जाती है। क्या है तत्काल वेटिंग टिकट के नियम? तत्काल टिकट में जो सबसे ज्यादा परेशानी आती है वो है समय का अगर आपको टिकट बुक करने में देरी होती है तो आपको तत्काल में भी वेटिंग टिकट मिलता है। यात्री के तौर पर आप इस टिकट पर यात्रा करते के पात्र नहीं है। रेलवे के द्वारा इस टिकट को अपने आप कैंसल कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि टिकट कैंसल होने के 3 से 4 दिन के भीतर आपका पैसा आपके अकाउंट में आता है। हालांकि, रेलवे इसके बदले आपसे बुकिंग चार्ज काटता है भले ही आपकी टिकट कंफर्म हो या वेटिंग में हो। कितना कटता है चार्ज? आपका कितना पैसा कटेगा यह आपके टिकट पर निर्भर करता है कि वो किस क्लास का टिकट है। एसी क्लास की टिकट पर 100 से 150 रुपये काटे जाते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले एलन मस्क, कहा-मैं मोदी का फैन हूं

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली, 21 जून: इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने बुधवार को न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। एलन मस्क ने कहा कि वह मोदी के फैन हैं और भारत में निवेश को लेकर काफी उत्साहित हैं। भारत के पास दुनिया के किसी भी दूसरे देश की तुलना में ज्यादा संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वह अगले साल भारत की यात्रा कर सकते हैं। दुनिया के सबसे अमीर मस्क ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बारे में कहा कि यह शानदार मुलाकात रही। टेस्ला प्रमुख ने कहा कि सोलर एनर्जी क्षेत्र में भारत में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वे भारत के भविष्य को लेकर अविश्वसनीय रूप से उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि मोदी भारत के लिए काफी फिक्र करते हैं, मैं कह सकता हूं कि उनका नजरिया नई कंपनियों को लेकर बहुत उदारवादी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं। एलन मस्क से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विट कर कहा, “ऊर्जा से लेकर आध्यात्मिकता तक के मुद्दों पर हमने बहुआयामी बातचीत की। अपनी तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन मोदी न्यूयॉर्क में नोबेल पुरस्कार विजेताओं, सीईओ, अर्थशास्त्रियों, उद्यमियों, विद्वानों, कलाकारों, शिक्षाविदों और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों से मुलाकात की। इस बीच वे टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क से भी मिले।

पतंजलि का कारोबार पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य : रामदेव

नई दिल्ली, 16 जून: पतंजलि समूह ने सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद उतारने की मंशा जताने के साथ ही अगले पांच वर्षों में अपना कारोबार बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये का करने का लक्ष्य रखा है। समूह के प्रमुख बाबा रामदेव ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर उपभोक्ता समूह तक पहुंचने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि समूह की कंपनी पतंजलि फूड्स (पूर्व में रुचि सोया) इस लक्ष्य को पाने में अहम भूमिका निभाएगी। इसका कारोबार अगले पांच वर्षों में 45,000-50,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। रामदेव ने कहा, “हमारा लक्ष्य पतंजलि समूह के कारोबार को अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये तक ले जाना है। अपनी सूचीबद्ध कंपनी पतंजलि फूड्स का कारोबार भी 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का इरादा है।” उन्होंने कहा कि पतंजलि समूह का कारोबार करीब 45,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और इसने अब कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि समूह पतंजलि आयुर्वेद के माध्यम से किफायती उत्पाद पेश करता रहा है और अब वह पतंजलि फूड्स के माध्यम से उभरते उच्च-मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर भी उत्पाद पेश करेगा। उन्होंने कहा कि समूह की पहुंच दुनिया के करीब 200 देशों में लगभग दो अरब लोगों तक हो चुकी है।

बीते वित्त वर्ष विंजो के माइक्रो ट्रांजेक्शन 40 अरब के पार, इस साल 55 अरब का लक्ष्य

नई दिल्ली, 13 जून: घरेलू ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो ने मंगलवार को घोषणा की कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 में 40 अरब माइक्रो ट्रांजेक्शन के आंकड़े को पार कर लिया है और मौजूदा वित्त वर्ष 2024 में 55 अरब के वार्षिक माइक्रो-ट्रांजेक्शन का लक्ष्य है। कंपनी ने बताया कि ये माइक्रो-लेन-देन छोटे टिकट-आकार के लेन-देन हैं जो उपयोगकर्ताओं द्वारा उनके गेमप्ले के दौरान विंजो पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर किए जाते हैं। विंजो गेमर्स अपने विंजो वॉलेट में फंड जमा करने के लिए मुख्य रूप से यूपीआई और दूसरी डिजिटल भुगतान विधियों का उपयोग करते हैं, जिसका उपयोग इन-गेम माइक्रोट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर होने वाले ट्रांजेक्शन में कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सेदारी यूपीआई की है। विनजो के सह-संस्थापक पावन नंदा ने एक बयान में कहा, विंजो के नए उपयोगकर्ता अपने विंजो वॉलेट में छोटी राशि जोड़ते हैं और फिर कम से कम 1 रुपये के माइक्रो ट्रांजेक्शन के माध्यम से गेमिंग गतिविधियों में शामिल होते हैं। यह पूरा व्यवसाय और बुनियादी ढांचा मॉडल यूपीआई पर बहुत अधिक निर्भर करता है, जिसके बिना यह संभव नहीं होता। गेमिंग प्लेटफॉर्म भारत में होने वाले प्रत्येक 250 यूपीआई लेनदेन में से कम से कम एक में योगदान देता है और प्रति माह तीन करोड़ से अधिक यूपीआई लेनदेन करता है। इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि विंजो पर हर चौथा उपयोगकर्ता पहली बार डिजिटल ट्रांजेक्शन कर रहा होता है, जिसमें देश भर के छोटे गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में नए लोग आते हैं। गाजीपुर, दाउदनगर, खावड़ा, खिमसर, विदिशा, और शीतलाखेत जैसी जगहों पर विंजो का गहरा प्रभाव देखा गया है। इन उपयोगकर्ताओं को डिजिटल भुगतान परि²श्य से परिचित कराने और डिजिटल ग्रिड से जोड़कर नई संभावनाएं खोली गई हैं। सफल उपयोगकर्ता अधिग्रहण प्रयासों और नए प्रारूपों और खेलों की शुरूआत के परिणामस्वरूप मार्च 2023 में समाप्त होने वाली तिमाही में विंजो ने 12 अरब से अधिक लेनदेन के साथ अपनी पहली तिमाही पूरी की। कंपनी ने उल्लेख किया कि इसने 12 भाषाओं में उपलब्ध बहुभाषी पेमेंट पेज प्रदान करके उपयोगकर्ता की समझ और विश्वास को और बढ़ाया है, जिससे उपयोगकर्ता पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आराम से ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।

फोर्ब्स की वैश्विक सूची में रिलायंस आठ पायदान चढ़कर 45वें स्थान पर

नई दिल्ली, 13 जून : फोर्ब्स की नवीनतम ‘ग्लोबल 2000’ सूची में अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड आठ पायदान चढ़कर 45वें स्थान पर पहुंच गई है। इस सूची में किसी भी भारतीय कंपनी के मुकाबले यह सर्वोच्च स्थान है। फोर्ब्स ने 2023 के लिए दुनिया की शीर्ष 2,000 कंपनियों की सूची जारी करते हुए कहा कि इसे चार कारकों – बिक्री, लाभ, संपत्ति और बाजार मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया गया है। अमेरिका का सबसे बड़ा बैंक जेपी मॉर्गन 2011 के बाद पहली बार इस सूची में शीर्ष पर है। बैंक की कुल संपत्ति 3700 अरब डॉलर है। वारेन बफेट की बर्कशायर हैथवे, जो पिछले साल सूची में सबसे ऊपर थी, वह इस साल निवेश पोर्टफोलियो में नुकसान के कारण 338वें स्थान पर आ गई। सऊदी तेल कंपनी अरामको दूसरे स्थान पर है, जिसके बाद तीन के तीन विशाल आकार के सरकारी बैंक हैं। प्रौद्योगिकी कंपनी अल्फाबेट और एप्पल 7वें और 10वें स्थान पर हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज को 109.43 अरब अमेरिकी डॉलर की बिक्री और 8.3 अरब अमेरिकी डॉलर के लाभ के साथ 45वां स्थान मिला। समूह का कारोबार तेल से लेकर दूरसंचार तक फैला हुआ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज सूची में जर्मनी के बीएमडब्ल्यू समूह, स्विट्जरलैंड के नेस्ले, चीन के अलीबाबा समूह, अमेरिकी प्रॉक्टर एंड गैंबल और जापान की सोनी से आगे है। सूची में भारतीय स्टेट बैंक 77वें स्थान (2022 में 105वां स्थान), एचडीएफसी बैंक 128वें स्थान (2022 में 153वां स्थान) और आईसीआईसीआई बैंक 163वें स्थान (2022 में 204वां स्थान) पर हैं। अन्य कंपनियों में ओएनजीसी 226वें, एलआईसी 363वें, टीसीएस 387वें, एक्सिस बैंक 423वें, एनटीपीसी 433वें, लार्सन एंड टुब्रो 449वें, भारती एयरटेल 478वें, कोटक महिंद्रा बैंक 502वें, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन 540वें, इंफोसिस 554वें और बैंक ऑफ बड़ौदा 586वें स्थान पर हैं। सूची में कुल 55 भारतीय कंपनियां शामिल हैं। अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी के समूह की तीन कंपनियां अदाणी एंटरप्राइजेज (1062वां स्थान), अदाणी पावर (1488वां स्थान) और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (1598वां स्थान) इस सूची में शामिल हैं।

सैमसंग ने लाँच किया गलैक्सी एफ 54 5 जी स्मार्टफोन

नई दिल्ली, 07 जून: स्मार्टफोन सहित विभिन्न उपभोक्ता इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद बनाने वाली प्रमुख कंपनी सैमसंग ने आज भारतीय बाजार में अत्याधुनिक कैमरा और 6000 एमएएच बैटरी वाला नया स्मार्टफोन गलैक्सी एफ 54 5 जी लाँच करने की घोषणा की जिसकी कीमत 27999 रुपये है। सैमसंग इंडिया के एमक्स डिविजन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजू पुल्लान ने इस स्मार्टफोन को लाँच करते हुये कहा कि इसमें 108 एमपी का नॉ शेक कैमरा है जो किसी प्रकार के मूवमेंट को सटीक तरीके से फोटो लेने में सक्षम है। इसमें नाइटोग्राफी दिया गया है जो कम रोशनी में भी बेहतर फोटो ले सकता है। इसके साथ ही यह कैमरा एस्ट्रोलेप्स तकनीक से भी युक्त है। उन्होंने कहा कि इस स्मार्टफोन में त्रिपल रियर कैमरा है जिसमें 108 एमपी का मुख्य कैमरा, आठ एमपी का अल्ट्रा वाइड लेंस और दो एमपी का मैक्रो लेंस है। इसके साथ 32 एमपी का फ्रंट कैमरा भी है। इसमें 6000 एमएएच की बैटरी दी गयी जो इस स्मार्टफोन को पूरे दिन चलाने में सक्षम है। इसका डिस्प्ले 6.7 इंच का है। इसके साथ ग्राहक को कई तरह की अन्य सुविधाओं से युक्त गलैक्सी फाउंडेशन फीचर भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह स्मार्टफोन आठ जीबी रैम और 256 जीबी रॉम के साथ आयेगा और यह ऑनलाइन मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट, सैमसंग डॉटकॉम और चुनिंदा रिटेल स्टोर पर भी उपलब्ध होगा।