मुंबई/नई दिल्ली, 03 अप्रैल : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पहली समीक्षा बैठक बुधवार को शुरू हो गई। आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता में हो रही तीन दिवसीय एमपीसी बैठक के नतीजे पांच अप्रैल को आएगा। हालांकि, अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आरबीआई एक बार फिर रेपो रेट को यथावत रख सकता है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में आज चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक शुरू हुई। रिजर्व बैंक गवर्नर तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक के नतीजे की घोषणा 5 अप्रैल को करेंगे। आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि आरबीआई एक बार फिर नीतिगत रेपो दर को यथावत रख सकता है। उल्लेखनीय है कि आरबीआई की मौद्रिक समिति प्रत्येक दो महीनों पर मॉनेटरी पॉलिसी पर फैसला लेती है। केंद्रीय बैंक ने लगातार छह बार से रेपो रेट को स्थिर रखा है। इस बार भी ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं कि लगातार सातवीं बार भी नीतिगत दर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। रिजर्व बैंक ने पिछली बार फरवरी 2023 में रेपो रेट बढ़ाकर 6.50 फीसदी कर दिया था।
देश में 31 मार्च तक 302.02 लाख टन चीनी का हुआ उत्पादन: इस्मा
नई दिल्ली, 02 अप्रैल : चीनी के उत्पादन के र्मोचे पर अच्छी खबर है। देश में चालू चीनी विपणन वर्ष 2023-24 में 31 मार्च, 2024 तक चीनी का उत्पादन 302.02 लाख टन पर पहुंच गया है। पिछले चीनी विपणन वर्ष में इसी तारीख को 300.77 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन (इस्मा) ने यह जानकारी दी है। इस्मा ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि चीनी विपणन वर्ष 2023-24 में 31 मार्चतक चीनी का उत्पादन 302.02 लाख टन रहा है। इससे पिछले चीनी विपणन वर्ष की इसी तारीख को 300.77 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इस तरह अबतक चीनी का 1.25 लाख टन ज्यदा उत्पादन हुआ है। उद्योग निकाय ने सरकार से चालू चीनी सीजन में 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उद्योग निकाय इस्मा ने कहा कि भारत में गन्ना पेराई सत्र 2023-24 अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। क्योंकि बड़ी संख्या में चीनी मिलों ने परिचालन बंद करना शुरू कर दिया है। इस्मा के मुताबिक देशभर में इस साल चालू चीनी मिलों की संख्या 210 से अधिक थी, जबकि पिछले साल इसी तारीख को 187 मिलें काम कर रही थीं। वहीं, 322 चीनी मिलों ने पेराई कार्य अब बंद कर दिया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 346 बंद हो चुके थे। उल्लेखनीय है कि उद्योग निकाया इस्मा ने मार्च के मध्य में चालू चीनी सीजन 2023-24 के लिए अपने चीनी उत्पादन के अनुमान को संशोधित कर 320 लाख टन कर दिया था, जबकि घरेलू खपत 285 लाख टन होने की उम्मीद है।
राजस्थान में नौकरी के अवसरों को बढ़ाने की कोशिश करेगी इन टाइम टेक साफ्टवेयर कम्पनी
जयपुर, 02 अप्रैल : विकासशील अग्रणी आईटी साफ्टवेयर कंपनी इन टाइम टेक प्रतिवर्ष ढाई सौ कर्मचारियों की भर्ती करेगी और राजस्थान में नौकरी के अवसरों को लगातार बढ़ाने की कोशिश करेगी। कम्पनी के अध्यक्ष एवं सीईओ जीत कुमार ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजधानी जयपुर के कनकपुरा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कम्पनी के 750 कर्मचारियों की क्षमता वाले नए ऑफिस कैंपस का शुभारम्भ किया गया। गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कम्पनी के कैंपस का विजिट कर कंपनी द्वारा राज्य में उत्पन्न की जा रही नौकरी के अवसरों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी लेते हुए कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इन टाइम टेक अपने आठ वैश्विक कार्यालयों के साथ ही हर महाद्वीप में मौजूद है। यह कम्पनी न केवल अधिक नौकरियां प्रदान करने की उम्मीद कर रही है बल्कि समाज के लाभ के लिए विस्तृत तकनीकी और लीडरशिप कार्यक्रम करने का भी लक्ष्य रखा है। इन टाइम टेक विभिन्न कॉलेजों के साथ काम कर रही है और कंपनी के समाजिक पहल कल्पवृक्ष में विशेष रूप से सक्रिय हैं, जो इच्छुक लोगों को सॉफ्टवेर के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के लिए तैयारी कर रही है। कम्पनी का मुख्य उद्देश्य इन टाइम टेक में गुणवत्ता वाले रोजगार को बढ़ावा देना, सामाजिक विकास को बढ़ावा देना और कम्युनिटी को क्रियेटिंग एबूडेंस के वचन के जरिए सार्थक योगदान देना है। गौरतलब है कि 15 वर्ष पहले जयपुर से शुरू हुई आईटी सॉफ्टवेयर कंपनी इन टाइम टेक इकनोमिक टाइम्स, फ्यूचर रेडी, नासकोम, एसएमई, इंस्पायर अवार्ड, ग्रेट प्लेस टू वर्क और ग्लोबल आइकॉन अवार्ड जैसे कई पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है।
वॉल स्ट्रीट से कमजोरी के संकेत, एशिया में मिला-जुला कारोबार
नई दिल्ली, 02 अप्रैल : ग्लोबल मार्केट से आज मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र के दौरान निराशा का माहौल बना रहा, जिसकी वजह से अमेरिकी बाजार लगातार दबाव में कारोबार करते रहे। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी फिलहाल गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आ रहा है। दूसरी ओर, यूरोपीय बाजार पिछले सत्र के दौरान मामूली मजबूती के साथ कारोबार करने के बाद बंद हुए। वहीं एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार होता नजर आ रहा है। क्रूड ऑयल की कीमत में आई तेजी ने अमेरिका में एक बार फिर महंगाई बढ़ने की आशंका बना दी है, जिसकी वजह से वॉल स्ट्रीट में पिछले सत्र के दौरान दबाव में कारोबार होता रहा। डाउ जॉन्स पिछले सत्र के दौरान 240.52 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। इसी तरह एसएंडपी 500 इंडेक्स ने 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,243.77 अंक के स्तर पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया। दूसरी ओर, नैस्डेक पूरे दिन दबाव में कारोबार करने के बाद अंतिम समय में हुई खरीदारी के सपोर्ट से 0.07 प्रतिशत मजबूत होकर 16,390.26 अंक के स्तर पर बंद हुआ। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी आज 140.03 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 39,426.82 अंक के स्तर पर कारोबार करता नजर आ रहा है। अमेरिकी बाजार के विपरीत यूरोपीय बाजार पिछले सत्र के दौरान मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। एफटीएसई इंडेक्स 0.26 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,952.62 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह सीएसी इंडेक्स ने 0.01 प्रतिशत की सांकेतिक तेजी के साथ 8,205.81 अंक के स्तर पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया। इसके अलावा डीएएक्स इंडेक्स 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,492.49 अंक के स्तर पर बंद हुआ। एशियाई बाजार में आज मिला-जुला कारोबार होता नजर आ रहा है। एशिया के 9 बाजारों में से 5 के सूचकांक मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि 4 सूचकांक गिरावट के साथ लाल निशान में बने हुए हैं। गिफ्ट निफ्टी 0.18 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,568 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह निक्केई इंडेक्स 0.14 प्रतिशत टूट कर 39,745.95 अंक के स्तर तक लुढ़क गया है। इसके अलावा सेट कंपोजिट इंडेक्स 0.06 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,378.68 अंक के स्तर पर और जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 0.49 प्रतिशत फिसल कर 7,169.40 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। दूसरी ओर, स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.37 प्रतिशत की मजबूती के साथ 3,246.90 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह कोस्पी इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,753.94 अंक के स्तर पर पहुंचा हुआ है। हैंग सेंग इंडेक्स ने आज बड़ी छलांग लगाई है। फिलहाल ये सूचकांक 390.11 अंक यानी 2.36 प्रतिशत की मजबूती के साथ 16,931.53 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह ताइवान वेटेड इंडेक्स 205.96 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,428.29 अंक के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 3,078.33 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
डीजीसीए ने विस्तारा की उड़ान रद्द होने और देरी पर दैनिक
नई दिल्ली, 02 अप्रैल : नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को विस्तारा एयरलाइंस को फ्लाइट रद्द होने के साथ-साथ उड़ानों में विलंब होने की रोजाना जानकारी देने का निर्देश दिया है। विमान नियामक ने क्रू मेंबर्स के उपलब्ध न होने के अलावा कई अन्य वजहों से विस्तारा की उड़ानों में हो रही देरी को देखते हुए कंपनी को यह आदेश दिया है। विमान नियामक डीजीसीए ने जारी एक बयान में कहा कि विस्तारा एयरलाइन की विभिन्न उड़ान बाधाओं के मद्देनजर उसने एयरलाइन को रद्द की जा रही और विलंबित उड़ानों की दैनिक जानकारी तथा विवरण देने को कहा है। डीजीसीए के अधिकारी उड़ान रद्द होने और देरी की स्थिति में यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरतों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। एयरलाइन ने सोमवार को चालक दल की अनुपलब्धता के कारण करीब 50 उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि कई उड़ानें विलंबित हुईं। विस्तारा ने चालक दल की समस्या के बीच अस्थायी रूप से अपने उड़ानों में कटौती करने का फैसला किया है, जिससे आज करीब 70 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। दरअसल, विस्तारा एयरलाइन की एयर इंडिया के साथ विलय की प्रक्रिया चल रही है।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 32 रुपये तक हुआ सस्ता, नई दरें लागू
नई दिल्ली, 01 अप्रैल : एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत हो गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने सोमवार को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस के दाम में 32 रुपये प्रति सिलेंडर तक की कटौती की गई है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक कॉमर्शियल गैस के दाम में की गई कटौती के बाद दिल्ली में इसकी कीमत 30.50 रुपये घट कर 1764.50 रुपये हो गयी है, जो पहले 1795 रुपये में मिल रहा था। वहीं, कोलकाता में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 32 रुपये घटकर 1879 रुपये हो गयी है, जो पहले 1911 रुपये था। मुंबई में इसका भाव 31.50 रुपये सस्ता होकर 1749 रुपये प्रति सिलेंडर की जगह 1717.50 रुपये हो गया है। इसके अलावा चेन्नई में कॉमर्शियल गैस 1930 रुपये का मिल रहा है। हालांकि, तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में यह 803 रुपये, कोलकाता में 829 रुपये, मुंबई में 802.50 रुपये और चेन्नई में 818.50 रुपये का मिल रहा है।
आरबीआई के पेशेवर प्रबंधन ने बाहरी अनिश्चितताओं से निपटने में मदद की: वित्त मंत्री सीतारमण
मुंबई, 01 अप्रैल : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के पेशेवर प्रबंधन ने बाहरी असंतुलन और अनिश्चितताओं से निपटने की भारत की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया है। आरबीआई के 90वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने बैंकों की बैलेंस शीट की समस्याओं को सुधारने में केंद्रीय बैंक की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले भारत में ‘‘बैलेंस शीट की समस्या’’ थी, जबकि आज सरकार और आरबीआई के सहयोगात्मक प्रयास से इसमें सुधार है। सीतारमण ने कहा कि परिसंपत्ति गुणवत्ता प्रबंधन, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढांचा सभी बड़े कदम हैं, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अच्छी तरह से क्रियान्वित किया गया। सीतारमण ने कहा कि मौद्रिक सख्ती के दबाव के बावजूद मुद्रास्फीति प्रबंधन ने सरकारी बांड (जी-सेक) प्रतिफल स्थिर किया जो अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी, सोना और चांदी की बढ़ी चमक
नई दिल्ली, 01 अप्रैल : वर्ल्ड गोल्ड मार्केट की मजबूती के कारण घरेलू सर्राफा बाजार में सोमवार को तेजी का रुख बना हुआ है। देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 69 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के करीब या इससे ऊपर कारोबार कर रहा है। आज की तेजी के कारण गुरुग्राम, जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोना 69,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के ऊपर पहुंच कर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन शहरों में 24 कैरेट सोना भी 63,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा हुआ है। सोने की तरह ही चांदी के भाव में भी आज तेजी आई है। इस तेजी के कारण आज दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 78,600 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 68,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 62,890 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इसी तरह मुंबई में 24 कैरेट सोना 68,440 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 62,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जबकि चेन्नई में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 69,480 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 63,690 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना आज 68,490 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 62,790 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 68,440 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 62,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा हुआ है।लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 69,530 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 63,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 69,430 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 63,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 69,530 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 63,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसके अलावा भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 69,380 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना 63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा हुआ है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक और तेलंगाना के सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। इन दोनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना आज 68,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इन दोनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 62,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों ने रिलायंस और अदाणी समूहों के बीच सहयोग की सराहना की
मुंबई, 30 मार्च : बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों ने मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और गौतम अदाणी की अध्यक्षता वाले अदाणी समूह के बीच सहयोग की सराहना की। आरआईएल ने मध्य प्रदेश में अदाणी समूह के बिजली संयंत्र में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। उन्होंने दावा किया कि यह देश के बिजली क्षेत्र के प्रमुख अध्यायों में से एक है, विशेष रूप से इसकी 4,28,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता और 2030 तक इसमें 5,00,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोडऩे की महत्वाकांक्षी योजना को देखते हुए। बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि इस क्षेत्र को उदार बनाने के लिए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रोत्साहन के मद्देनजर इस तरह के कई और सहयोग होंगे। सहयोग के अनुसार, आरआईएल 50 करोड़ रुपये में अदाणी पावर की सहायक कंपनी महान एनर्जेन में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी और मध्य प्रदेश संयंत्र के लिए 500 मेगावाट बिजली खरीदेगी। अदाणी पावर के अनुसार, मध्य प्रदेश में महान थर्मल पावर प्लांट की 600 मेगावाट क्षमता वाले एक संयंत्र को निर्धारित मानदंडों के अनुसार कैप्टिव यूनिट के रूप में नामित किया जाएगा। इस पर टिप्पणी करते हुए, पूर्व बिजली सचिव आर.वी. शाही ने कहा, देश के दो सबसे बड़े समूहों के बीच सहयोग से न केवल ऐसे सहयोगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सहयोग के अन्य प्रयासों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे सफलता की और भी अधिक ऊंचाइयां हासिल होंगी। उन्होंने कहा, विद्युत अधिनियम, 2003 के बाद जो हासिल किया गया है, वह उससे पहले के 50 वर्षों के दौरान हासिल उपलब्धियों से तीन गुना से ज्यादा है। शाही ने कहा, यह नवीकरणीय ऊर्जा का युग है, जिसे बिजली उत्पादन के डी-लाइसेंसिंग से भी मदद मिली है, जिसने बिजली क्षेत्र में विकास को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया है। हम वर्ष 2032 तक आठ लाख मेगावाट से अधिक क्षमता हासिल करने के लिए तैयार हैं। 2032 के बाद अगले 10 वर्षों में पूरी क्षमता को दोगुना किया जा सकता है, जिससे क्षमता 1,500 गीगावॉट से अधिक हो जाएगी। यह जीडीपी को पांच लाख करोड़ डॉलर और उससे भी अधिक तक बढ़ाने की देश की विकास रणनीति के मूल में होगा। एसोसिएशन ऑफ पावर प्रोड्यूसर्स के महानिदेशक, अशोक खुराना ने कहा, यह सहयोग उदारीकृत कैप्टिव बिजली आपूर्ति ढांचे के साथ-साथ ट्रांसमिशन लाइसेंसिंग प्रणाली में बदलाव के कारण संभव हुआ है, जहां उपभोक्ताओं को ट्रांसमिशन लाइसेंस की अनुमति दी गई है, जबकि केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग ने इसके लिए प्रक्रियाएं सरल की हैं। वास्तव में, हम जनरेटर और उपभोक्ताओं के बीच ऐसे कई सहयोग देखेंगे। महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) के पूर्व सदस्य जयंत देव ने जोर देकर कहा कि भारत के दो शीर्ष व्यापारिक घरानों का बिजली क्षेत्र में सहयोग करना देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में आगे बढऩे के लिए एक अच्छा संकेत है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संस्थापक हैरी धौल ने बताया कि इस तरह के सहयोग ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारतीय बिजली क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक कदम हैं।
चीन में इलेक्ट्रॉनिक सूचना निर्माण उद्योग का तेज विकास
बीजिंग, 30 मार्च : चीनी उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से फरवरी तक चीन में इलेक्ट्रॉनिक सूचना निर्माण उद्योग के उत्पादन में बड़ा इजाफा दर्ज हुआ। निर्यात और क्षमता में सुधार कायम रहा, निवेश की वृद्धि में तेजी आई और क्षेत्रीय राजस्व में भिन्नता स्पष्ट दिखी। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस साल जनवरी से फरवरी तक सालाना आय दो करोड़ युआन (23 करोड़ रुपये) से अधिक वाले इलेक्ट्रॉनिक सूचना निर्माण उद्योग के वर्धित मूल्य में 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मोबाइल का उत्पादन 23 करोड़ 40 लाख रहा, जिनमें स्मार्टफोन की संख्या 17 करोड़ 20 लाख थी, जो पिछले साल की इसी अवधि से क्रमश: 26.4 प्रतिशत और 31.3 प्रतिशत अधिक है। माइक्रो कंप्यूटर उपकरणों का उत्पादन चार करोड़ 38 लाख 10 हजार रहा और इंटीग्रेटेड सर्किट का उत्पादन 70 अरब 42 करोड़ रहा, जिसकी वृद्धि दर 16.5 फीसदी थी। वहीं, जनवरी से फरवरी तक सालाना आय दो करोड़ युआन से अधिक वाले इलेक्ट्रॉनिक सूचना निर्माण उद्योग का राजस्व 21 खरब 40 अरब युआन (247 खरब रुपये) रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 8.2 प्रतिशत अधिक है। उधर, जनवरी से फरवरी तक चीन ने एक करोड़ 90 लाख 80 हजार लैपटॉप, 12 करोड़ 40 लाख मोबाइल फोन और 39 अरब 40 करोड़ इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्यात किया, जिनकी वृद्धि दर क्रमश: सात फीसदी, 12.8 फीसदी और 6.3 फीसदी थी।