नए साल पर पहली बड़ी खुशी, कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ सस्ता

नई दिल्ली, 01 जनवरी: नए साल-2024 के पहले दिन कमर्शियल गैस सिलेंडर के मूल्य में कटौती की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं विपणन कंपनियों ने बड़ी राहत देते हुए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 1.50 रुपये से लेकर 4.50 रुपये तक की कटौती की है। नई दरें आज (सोमवार) से लागू हो गई हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की वेबसाइट के मुताबिक अब राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1.50 रुपये घटकर 1755.50 रुपये हो गई है। मुंबई में इसका दाम 1.50 रुपया सस्ता होकर 1708.50 रुपये हो गया है। चेन्नई में सबसे ज्यादा 4.50 रुपये घटकर इसकी कीमत 1924.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में इसकी कीमत 50 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 1869 रुपए हो गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले तेल कंपनियों ने 22 दिसंबर, 2023 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 39.50 रुपये तक की कटौती की थी। हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों के दाम में कोई कटौती नहीं की गई है। दिल्ली में अभी यह 903 रुपये में मिल रहा है।

नीता अंबानी को ग्लोबल लीडरशिप अवॉर्ड

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर: रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर एवं चेयरपर्सन नीता अंबानी को ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यूएस इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) द्वारा दिल्ली में आयोजित एक समारोह में फोरम के अध्यक्ष जॉन चैंबर्स ने नीता अंबानी को अवार्ड दिया। कार्यक्रम में भारत सरकार के शीर्ष अधिकारी और बिजनेस लीडर्स शामिल थे। श्रीमती अंबानी ने कहा, “मैं पुरस्कार पाकर बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं। मैं रिलायंस फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व करती हूं, जिसके जरिए हमने 7 करोड़ 10 लाख से अधिक लोगों के जीवन को छुआ है। ‘कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ के मानक बनने से बहुत पहले, रिलायंस ‘कॉर्पोरेट मोरल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ को पूरा करती आ रही है।“ यूएस इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम ने वक्तव्य जारी कर बताया कि नीता अंबानी सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने वाली एक बिजनेस लीडर हैं, जिनके नेतृत्व में रिलायंस फाउंडेशन ने शिक्षा, कला, खेल और स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से लाखों भारतीयों के जीवन को प्रभावित किया है। उनका काम विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण और बच्चों के हितों के लिए होता है। लिंग विभाजन को पाटने और भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में महिलाओं के योगदान को बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कला और संस्कृति में नीता एम. अंबानी के महत्वपूर्ण योगदान को हाल ही में मान्यता मिली जब वह मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट, न्यूयॉर्क के बोर्ड में मानद ट्रस्टी के रूप में चुनी गईं। पिछले वर्ष, नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (एनएमएसीसी) मुंबई में खोला गया, जिसे काफी सराहना मिली। रिलायंस फाउंडेशन ने खलों के लिए भी बेहतरीन काम किया है। भारत में युवा एथलीटों को जमीनी स्तर पर और साथ ही वैश्विक स्तर पर चमकाने में फाउंडेशन ने सहायता की है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) में भारत के प्रतिनिधि के रूप में नीता अंबानी ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया, जिसने चार दशकों के बाद भारत में 141वें आईओसी सत्र की मेजबानी का अधिकार मिला। यह आयोजन अक्टूबर 2023 में मुंबई में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इससे 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी का अधिकार हासिल करने की भारतीय उम्मीदों को बल मिला है। नीता अंबानी को अवार्ड पर यूएसआईएसपीएफ के चेयरमैन जॉन चैंबर्स ने कहा: “जो लोग जीवन में सफल हुए हैं उनके लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे दूसरों को सफल होने मदद करें। ऐसी ही एक शख्सियत हैं नीता एम. अंबानी, जो परोपकारिता का उदाहरण हैं और उन्होंने रिलायंस फाउंडेशन में कला, खेल, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय काम किया है।’

पश्चिम बंगाल में इस्पात कारखाना शुरू करेंगे सौरव गांगुली

कोलकाता, 16 सितंबर: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के शालबनी में जल्द ही एक इस्पात कारखाना शुरू करेंगे। गांगुली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ स्पेन और दुबई की 12 दिवसीय यात्रा पर गए प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम बंगाल में तीसरे इस्पात संयंत्र का निर्माण शुरू कर रह रहे हैं और मैं इस मौके पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं। कई लोगों को लगता है कि मैं केवल खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन हमने 2007 में एक छोटा इस्पात कारखाना शुरू किया था और पांच से छह महीने में हम मेदिनीपुर में हमारे नये इस्पात संयंत्र का निर्माण शुरू करेंगे।’’ गांगुली ने बृहस्पतिवार को मैड्रिड में ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस)’ को संबोधित करते हुए कहा कि अगले एक साल में वह इस अत्याधुनिक कारखाने का निर्माण पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि इस प्रक्रिया को पूरा होने में सिर्फ चार से पांच महीने लगे। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा, क्योंकि मैं मुख्यमंत्री के साथ हूं, बल्कि यह मेरा अपना अनुभव है।’’ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष ने 50-55 साल पहले अपने दादा द्वारा शुरू किए गए पारिवारिक व्यवसाय का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने उस समय कितना सहयोग किया था। उन्होंने कहा, ‘‘इस राज्य ने शेष दुनिया को व्यापार के लिए हमेशा आमंत्रित किया है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री आज इस देश में हैं। यह बिल्कुल साफ है कि सरकार राज्य और युवाओं के विकास के लिए काम करना चाहती है।’’

भरोसेमंद वृद्धि के लिए मुद्रास्फीति को काबू में रखना मेरी प्राथमिकताः सीतारमण

नई दिल्ली, 25 अगस्त : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भरोसेमंद आर्थिक वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए मुद्रास्फीति को काबू में करना सरकार की प्राथमिकता है। सीतारमण ने यहां बी-20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एक लंबी अवधि तक ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर रहने से आर्थिक गतिविधियों के पुनरुद्धार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मेरी प्राथमिकता मुद्रास्फीति को काबू में रखने की है।’ खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई के महीने में बढ़कर 7.44 प्रतिशत हो गई जो पिछले 15 महीनों का उच्च स्तर है। इसमें टमाटर समेत मौसमी सब्जियों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की अहम भूमिका रही है। हालांकि वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में अच्छी रहनी चाहिए। इस तिमाही के आंकड़े 31 अगस्त को जारी होने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत आर्थिक सुधारों की रफ्तार तेज करने में सफल रहा है। इसकी वजह से अप्रैल-जून तिमाही की वृद्धि दर का आंकड़ा अच्छा रहना चाहिए।’ सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाने का बजट में ऐलान किए जाने के बाद निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय के सकारात्मक संकेत भी नजर आने लगे हैं। उन्होंने विदेशी निवेश को आर्थिक वृद्धि के लिए अहम बताते हुए कहा कि सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए कई सुधार किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन से संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तपोषण का भी उल्लेख किया।

गुलामी की मानसिकता छोड़ने से ही 2047 तक विकसित देश बनेगा भारत : सीतारमण

भुवनेश्वर/नई दिल्ली, 17 अगस्त: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि गुलामी वाली मानसिकता छोड़कर ही 2047 तक भारत का विकसित देश बनने का सपना साकार होगा।ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर देर रात भुवनेश्वर पहुंची सीतारमण ने सुबह जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। सीतारमण ने ओडिशा के पुरी में ‘मेरी माटी, मेरा देश’ कार्यक्रम के तहत ‘पंच प्रण प्रतिज्ञा’ में लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में हमारे अंदर पैदा की गई गुलामी की मानसिकता से खुद को मुक्त करने की जरूरत है, तभी भारत 2047 तक विकसित देश बन सकेगा। ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर देर रात भुवनेश्वर पहुंची सीतारमण ने सुबह जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा, स्थानीय विधायक जयंत सारंगी और ललितेंदु विद्याधर महापात्र मौजूद थे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओडिशा के पुरी में ‘मेरी माटी, मेरा देश’ के तहत पौधरोपण अभियान और ‘पंच प्रण प्रतिज्ञा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संबित पात्रा के साथ ओडिशा के पुरी में ब्लू फ्लैग समुद्र तट पर प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक की ‘मेरी माटी मेरा देश’ थीम पर तैयार रेत कला देखी। दो दिवसीय ओडिशा दौरे पर भुनेश्वर पहुंची वित्त मंत्री सीतारमण एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम और राष्ट्रीय सीए सम्मेलन के 20वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में भी शिरकत करेंगी।

कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ सस्ता, कंपनियों ने की 99.75 रुपये की कटौती

नई दिल्ली, 01 अगस्त: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 99.75 रुपये की कटौती की है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। इंडियन ऑयल के वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में अब 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर 1680 रुपये में मिलेगा, जो पहले 1780 रुपये में मिल रहा था। कोलकाता में यह 1802.50 रुपये में मिलेगा, जो पहले 1895.50 रुपये में मिल रहा था। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में यह 1640.50 रुपये में मिलेगा। पहले इसकी कीमत 1733.50 रुपये थी। चेन्नई में इसकी कीमत घटकर 1852.50 रुपये (92.50 रुपये की कटौती) के साथ हो गई है। पहले यह 1945 रुपये में मिल रहा था। गौरतलब है कि कोलकाता और मुंबई में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 93 रुपये तक की कटौती हुई है। इससे पहले चार जुलाई को कमर्शियल सिलेंडर के दाम में सात रुपये की मामूली बढ़ोतरी की गई थी।

रसायन, पेट्रोरसायन क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना पर विचार करेगी सरकार : सीतारमण

नई दिल्ली, 27 जुलाई: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा भारत को इन उत्पादों का विनिर्माण केंद्र बनाने का है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के कड़े नियमों और श्रम की बढ़ती लागत के मद्देनजर रसायन उद्योग के वैश्विक विनिर्माता अपने उत्पादों और उत्पादन क्षमता में विविधता लाने पर विचार कर रहे हैं और भारत विनिर्माण के लिए एक वैकल्पिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने ‘भारत में वैश्विक रसायन और पेट्रोरसायन विनिर्माण केंद्र’ विषय पर शिखर सम्मेलन के तीसरे संस्करण को संबोधित करते हुए बृहस्पतिवार को यहां कहा कि इसके अलावा भारत एक बड़ा घरेलू बाजार भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ”हम भारत को विनिर्माण केंद्र बनाना चाहते हैं। इसलिए हम रसायन और पेट्रोरसायन पर पीएलआई योजना लाने पर विचार करेंगे।” सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि जिस उद्योग में व्यापक संभावनाएं हैं, उसे स्थिरता, कार्बन उत्सर्जन, सामान्य प्रदूषण और भूजल प्रदूषण को ध्यान में रखकर विनिर्माण क्षमता का निर्माण करना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘हमें याद रखना है कि भारत ने 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने और 2070 तक शून्य कॉर्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य तबतक हासिल नहीं हो सकता, जबतक कि सभी उद्योग और सभी क्षेत्र इसमें अपना योगदान नहीं दें।” सीतारमण ने कहा, ‘‘हम हरित वृद्धि पर ध्यान दे रहे हैं। कार्बन गहनता को कम करने की जरूरत है। ऐसे में प्रत्येक क्षेत्र को इसमें योगदान देना होगा।” उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा प्रतिबद्धताएं भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। भारतीय उद्योग जगत को शुद्ध शून्य उत्सर्जन और गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 500 गीगावॉट की स्थापित बिजली क्षमता के लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने उद्योग जगत से हाइड्रोजन मिशन पर भी ध्यान देने का आग्रह किया। सरकार ने उत्सर्जन में कटौती के लिए हरित हाइड्रोजन के विनिर्माण को प्रोत्साहन देने को 19,744 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है।

गौतम अडाणी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से की मुलाकात

नई दिल्ली, 21 जुलाई : अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी ने शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और द्वीप राष्ट्र में एक हरित हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। श्रीलंका में अडाणी समूह पहले से ही एक कंटेनर टर्मिनल और 500 मेगावाट की पवन परियोजना विकसित कर रहा है। अडाणी ने पहले से जारी और नई परियोजनाओं पर चर्चा करने के लिए विक्रमसिंघे से मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से कोलंबो बंदरगाह के पश्चिमी कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने, 500 मेगावाट की पवन परियोजना और हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए हमारी नवीकरण ऊर्जा विशेषज्ञता का विस्तार करने सहित श्रीलंका में जारी विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा के लिए मुलाकात की।” अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईजेड) कोलंबो बंदरगाह पर 70 करोड़ डॉलर के निवेश से कंटेनर टर्मिनल विकसित कर रहा है। कोलंबो बंदरगाह दक्षिण एशिया में माल की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है। हरित हाइड्रोजन को हाइड्रोजन के अन्य रूपों की तुलना में स्वच्छ ईंधन माना जाता है। अडाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) ने 2030 तक दस लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट गलत है, बदनाम करने के लिए लगाए थे आरोप: अडाणी

नई दिल्ली, 18 जुलाई: अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट गलत है और समूह को बदनाम करने के लिए आरोप लगाए गए थे। उन्होंने अपने समूह की कंपनियों की आम सभा (एजीएम) में कहा कि इस साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने रिपोर्ट उस समय प्रकाशित की, जब समूह भारत के इतिहास में सबसे बड़े अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश (एफपीओ) की योजना बना रहा था। उन्होंने कहा, ”रिपोर्ट गलत सूचना और बेबुनियाद आरोपों को मिलाकर तैयार की गई थी, जिनमें से ज्यादातर आरोप 2004 से 2015 तक के थे।” अडाणी ने कहा, ”उन सभी आरोपों का निपटारा उस समय उपयुक्त अधिकारियों ने किया था। यह रिपोर्ट जानबूझकर और दुर्भावना के साथ तैयार की गई थी, जिसका मकसद हमारी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और हमारे शेयरों की कीमतों में अल्पकालिक गिरावट से मुनाफा कमाना था।” इस रिपोर्ट के बाद भी समूह के एफपीओ को पूरा अभिदान मिल गया था, लेकिन निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उनका धन वापस करने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा, ”हमने तुरंत इसका एक व्यापक खंडन जारी किया, लेकिन निहित स्वार्थों के चलते कुछ लोगों ने शॉर्ट-सेलर के दावों से फायदा उठाने की कोशिश की। इन्होंने विभिन्न समाचारों और सोशल मीडिया मंचों पर झूठी कहानियों को बढ़ावा दिया।”

नए जीएसटी नियम की तैयारी: ज्यादा आईटीसी लेने पर वजह बतानी होगी या उसे लौटाना होगा

नई दिल्ली, 09 जुलाई: माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के तहत यदि किसी कंपनी या कारोबारी ने अधिक इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) का दावा किया है, तो उसे इसकी वजह बतानी होगी या अतिरिक्त राशि सरकारी खजाने में जमा करानी होगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि केंद्र और राज्यों के कर अधिकारियों वाली विधि समिति का विचार है कि जहां जीएसटीआर-3बी रिटर्न में लिया गया आईटीसी स्वत: सृजित वाले जीएसटीआर-बी में दर्ज राशि से एक निश्चित सीमा से अधिक हो जाता है, तो पंजीकृत व्यक्ति को पोर्टल के जरिये इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उसे इस अंतर की वजह बताने या अतिरिक्त आईटीसी को ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया जाना चाहिए। समिति ने सुझाव दिया है कि यदि अंतर 20 प्रतिशत से अधिक और राशि 25 लाख रुपये से अधिक है, तो यह प्रावधान लागू होना चाहिए। जीएसटी परिषद की 11 जुलाई को होने वाली 50वीं बैठक में समिति की सिफारिशों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। अभी कारोबारी अपने आपूर्तिकर्ताओं द्वारा किए गए कर के भुगतान का इस्तेमाल जीएसटीआर-3बी में अपनी जीएसटी देनदारी निपटाने के लिए करते हैं। ऐसे मामलों में जहां जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी में घोषित कर देनदारी में अंतर 25 लाख रुपये और 20 प्रतिशत की निर्दिष्ट सीमा से अधिक है, कारोबारियों को इसकी वजह बताने या शेष कर को जमा कराने के लिए कहा जाएगा। जीएसटी नेटवर्क जीएसटीआर-2बी फॉर्म तैयार करता है, जो एक स्वत: सृजित होने वाला दस्तावेज है। इससे आपूर्तिकर्ताओं द्वारा जमा कराए गए प्रत्येक दस्तावेज में आईटीसी की उपलब्धता या अनुपलब्धता का पता चलता है। सूत्रों ने कहा कि विधि समिति का विचार है कि पंजीकृत व्यक्ति को बाहरी आपूर्ति या जीएसटीआर -1 का मासिक विवरण दाखिल करने की अनुमति उस समय तक नहीं दी जानी चाहिए, जब तक कि उसने कर अधिकारी को विसंगति के बारे में संतुष्ट न कर दिया हो या अतिरिक्त आईटीसी दावे को लौटा नहीं दिया हो। जीएसटी अधिकारियों पिछले महीने जीएसटीआर-1 में घोषित कर देनदारी और जीएसटीआर-3बी में भुगतान किए गए कर में अंतर के मामलों में इसी तरह का ही कर अपवंचना को रोकने का कदम उठाया था। इस कदम का उद्देश्य फर्जी चालान के मामलों पर अंकुश लगाना है। जालसाज आमतौर पर सामान या सेवाओं की वास्तविक आपूर्ति के बिना गलत तरीके से आईटीसी का लाभ उठाने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। जीएसटी के तहत फर्जी पंजीकरण का पता लगाने के लिए जीएसटी अधिकारियों दो माह का विशेष अभियान शुरू किया है। ऐसे पंजीकरण फर्जी बिल या इन्वॉयस जारी करने और सरकार को चूना लगाने के मकसद से किए जाते हैं। जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने वित्त वर्ष 2022-23 में 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी का पता लगाया है, जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना आंकड़ा है। इनमें अधिकारियों ने 14,000 मामले दर्ज किए गए हैं।