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‘हमारी सरकार आई तो देख लेंगे’, बिहार से राहुल गांधी की चेतावनी

गया/नवादा, 19 अगस्त: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों वोटर अधिकार यात्रा पर बिहार में हैं। लगातार आक्रामक तेवर अपनाए राहुल ने एक बार फिर चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए चेतावनी दी, “हमारी सरकार आई तो देख लेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव चोरी हुए हैं और अब बिहार में भी यही साजिश रची जा रही है। क्या बोले राहुल गांधी? राहुल गांधी ने कहा कि, “सालों से संदेह था कि चुनाव में गड़बड़ी हो रही है। महाराष्ट्र में साफ पता चला कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच चार महीने में चुनाव आयोग ने जादू से एक करोड़ नए वोटर पैदा कर दिए। लोकसभा चुनाव में हम जीते और विधानसभा में बीजेपी। हमारे वोट घटे नहीं, लेकिन जहां नए वोटर आए वहां बीजेपी जीत गई। यानी साफ चुनाव चोरी हुई।” डुप्लिकेट वोटर और फर्जी सूची का आरोप कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कर्नाटक में बैंगलोर सेंट्रल सीट पर जांच के दौरान एक लाख फर्जी वोट मिले। इनमें डुप्लिकेट वोटर, फेक एड्रेस, एक ही पते पर 50-60 नाम, फॉर्म-6 में 000 एड्रेस और फर्जी फोटो शामिल थे।“हमने सबूत दिए, पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई करने की बजाय हमसे हलफनामा मांगा। चोरी उनकी पकड़ी गई और जिम्मेदारी हमारी बना दी।” बिहार में नई साजिश? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब बिहार के लिए एक “स्पेशल पैकेज” लाया गया है, जिसे उन्होंने एसआईआर – स्पेशल इंडियन रिग्गिंग बताया। उन्होंने दावा किया कि बिहार में नए तरीके से वोट चोरी की कोशिश की जा रही है। “बिहार की जनता को बता दूं, अगर वोट चोरी हुई तो यहां की जनता बीजेपी और चुनाव आयोग को सबक सिखाएगी।” ‘हमारी सरकार आई तो…’ राहुल ने दो टूक कहा कि, “चुनाव आयोग बीजेपी का सदस्य बन चुका है। लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब दिल्ली और बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार होगी और तब हम आपको देखेंगे। आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” उन्होंने कहा कि संविधान देश की आत्मा है और वोट चोरी करना इस आत्मा पर हमला है। बीजेपी का पलटवार राहुल गांधी की चेतावनी पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तीखा हमला बोला। “राहुल गांधी की यात्रा शुरू होते ही हवा निकल गई है। बिहार की जनता सतर्क है, किसी को वोट चोरी करने की इजाजत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग उनकी रक्षा कर रहे हैं। यह कहना कि ‘हमारी सरकार आई तो देख लेंगे’— घटिया किस्म की बात है।”

अगले लोकसभा चुनाव के बाद राहुल प्रधानमंत्री बनेंगे: तेजस्वी

नवादा (बिहार), 19 अगस्त : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को कहा कि युवाओं ने राज्य की ”पुरानी और खटारा” राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को हटाने और अगले लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लिया है। नवादा में कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तीसरे दिन एक रैली को संबोधित करते हुए यादव ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि युवा पीढ़ी को राज्य चलाने का मौका मिले। उन्होंने कहा, ”नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ‘खटारा’ हो गई है और इसे तुरंत बदलने की जरूरत है। युवाओं को अब मौका मिलना चाहिए… हमारे पास बिहार के लिए दृष्टिकोण हैं। युवाओं ने संकल्प लिया है कि वे इस पुरानी और खटारा सरकार को सत्ता से हटाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अगले लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें।” यादव ने दोहराया कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोगों के मताधिकार को छीनने की एक कवायद है। उन्होंने आरोप लगाया, ”एसआईआर वोट की डकैती है और हम ऐसा नहीं होने देंगे। यह बिहार में मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की सत्तारूढ़ सरकार की साजिश है।”

‘वोट चोरी’ का नया हथियार है एसआईआर, ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार की रक्षा करेंगे: राहुल

औरंगाबाद, 18 अगस्त : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को ‘वोट चोरी का नया हथियार’ करार दिया और कहा कि वह ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार की रक्षा के लिए खड़े हैं। राहुल गांधी ने अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दूसरे दिन यह भी कहा कि लोकतंत्र में सबकी भागीदारी को किसी भी हाल में खत्म नहीं होने दिया जाएगा। राहुल गांधी ने दूसरे दिन की यात्रा औरंगाबाद के कुटुंबा से शुरू की और आज की यात्रा का समापन गया में होगा। कुटुंबा बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार का विधानसभा क्षेत्र है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के साथ इस यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी और महागठबंधन के कई अन्य नेता शामिल हैं। यात्रा के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने औरंगाबाद स्थित प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर में दर्शन किए। राहुल गांधी ने ऐसे कई लोगों से मुलाकात की एक तस्वीर अपने व्हाट्सएप चैनल पर साझा की जिनके नाम एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से काट दिए गए, जबकि उन्होंने लोकसभा चुनाव में वोट डाला था। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘एसआईसीआर वोट चोरी का एक नया हथियार है। इत्तेफ़ाक से इस तस्वीर में मेरे साथ खड़े ये लोग इस चोरी के ‘जीते-जागते’ सबूत हैं।’ उन्होंने कहा कि इन सभी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट डाला था, मगर बिहार विधानसभा चुनाव आते आते भारत के लोकतंत्र से इनकी पहचान, इनका वजूद मिटा दिया गया। कांग्रेस नेता ने किसान एवं सेवानिवृत्त फौजी राज मोहन सिंह (70), दलित महिला उमरावती देवी (35), पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले धनजेय कुमार बिंद (30), मनरेगा में मजदूर रहीं सीता देवी (45), महिला एवं पूर्व मनरेगा मज़दूर राजू देवी (55) और मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मजदूर मोहमुद्दीन अंसारी (52) से मुलाकात की। उनके मुताबिक, इनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, जबकि लोकसभा चुनाव में इन्होंने मतदान किया था। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत इन्हें बहुजन और गरीब होने की सज़ा दे रही है। उन्होंने कहा, ‘हमारे जवानों तक को नहीं छोड़ा – न वोट रहेगा, न पहचान रहेगी, और न ही अधिकार।’ राहुल गांधी ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और आर्थिक परिस्थितियों के कारण ये सब ‘सिस्टम’ के षड़यंत्र के विरुद्ध लड़ पाने में असमर्थ हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, ”उनके साथ हम यहां खड़े हैं ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सबसे मूल अधिकार की रक्षा करने के लिए।’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह हक़ का, हिस्सेदारी का, लोकतंत्र में सबकी भागीदारी का सवाल है। इसे हम किसी भी हालत में खत्म नहीं होने देंगे।’

बिहार के सासाराम से शुरू हुई कांग्रेस की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’

नई दिल्ली, 17 अगस्त : बिहार में कांग्रेस पार्टी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ सासाराम से शुरू हो गई है। सासाराम के सुआरा हवाई अड्डा ग्राउंड में जनसभा हो रही है। इसमें राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस की यह ‘मतदाता अधिकार रैली’ बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष सघन पुनर्रीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर आयोजित की गई है। रैली की शुरुआत सासाराम के सुआरा हवाई पट्टी (बियाडा मैदान) से हुई है, जहां कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और ‘इंडी’ गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। यह यात्रा में रैली सासाराम से शुरू होकर शाम 4 बजे डेहरी ऑन सोन के अंबेडकर चौक पहुंचेगी, जहां से काराकाट होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी। तय मार्ग में थाना चौक, पाली रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, बैरन, नबीनगर और औरंगाबाद शामिल हैं। राहुल गांधी शाम 7 बजे औरंगाबाद के रमेश चौक पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे। यह यात्रा एक सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगी। पटना की जनसभा में ‘इंडी’ गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर के कई नेता शामिल होंगे। इस दौरान यात्रा राज्य के औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा जिलों से होकर गुजरेगी। कांग्रेस का दावा है कि यह यात्रा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर जनता को जागरूक करने के लिए की जा रही है।

‘वोटर अधिकार यात्रा’ वोट नहीं संविधान बचाने की लड़ाई : राहुल गांधी

सासाराम, 17 अगस्त : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार से बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की। इससे पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा वोट नहीं, संविधान बचाने की लड़ाई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार के लोग वोटों की चोरी नहीं होने देंगे। इस मौके पर राजद के अध्यक्ष लालू यादव सहित महागठबंधन में शामिल सभी घटक दलों के नेता शामिल हुए। राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह संविधान को बचाने की लड़ाई है। पूरे देश में भाजपा और आरएसएस संविधान को मिटाने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी चुनाव होता है, ये लोग जीतते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि चुनाव से पहले सभी ओपिनियन पोल कह रहे थे कि इंडी गठबंधन चुनाव जीतेगा। लोकसभा में महागठबंधन जीतता है, लेकिन चार महीने में हम हार जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब कार्रवाई हुई तब पता चला कि चुनाव आयोग ने एक करोड़ नए वोटर जादू से पैदा किए। उन्होंने कहा कि हमें उतना ही वोट मिला, लेकिन जितने नए वोटर बने, सभी भाजपा गठबंधन को मिले। उन्होंने इस दौरान कर्नाटक चुनाव की भी चर्चा की। राहुल गांधी ने कहा, “मैंने ‘वोट चोरी’ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो चुनाव आयोग ने मुझसे एफिडेविट मांगा। चुनाव आयोग कहता है, ‘आप एफिडेविट दें कि आपका डेटा सही है।’ ये डेटा चुनाव आयोग का है, मुझसे एफिडेविट क्यों मांगा जा रहा है? उन्होंने कहा कि बिहार की जनता वोटों की चोरी नहीं करने देगी क्योंकि गरीब कमजोर लोगों के पास सिर्फ वोट का हक है। आयोग जो कर रहा है, वो सबको पता है। चुनाव आयोग को हम यह नहीं करने देंगे। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए अरबपतियों के साथ सरकार चलाता है। आप वोट डालते हैं, आपका वोट चोरी किया जाता है और आपका सारा पैसा 5-6 अरबपतियों को दे दिया जाता है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जातीय जनगणना की चर्चा करते हुए कहा कि दबाव में आकर उन्होंने जाति जनगणना करवाने की घोषणा कर दी, लेकिन वे 50 प्रतिशत आरक्षण की दीवार नहीं तोड़ना चाहते। उन्होंने कहा कि जब हम लोग आएंगे तो जातीय जनगणना भी कराएंगे और 50 फीसदी आरक्षण का बैरियर भी समाप्त करेंगे। यही नहीं, वोट की चोरी भी नहीं होने देंगे।

अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को मिलेगी नौकरी, पीटी परीक्षा में अब100 रुपये लगेंगे शुल्क: नीतीश कुमार

पटना, 15 अगस्त : बिहार में शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। लोग जोश और जुनून के साथ इस समारोह में शामिल हो रहे हैं। पटना के गांधी मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तिरंगा फहराया। नीतीश कुमार ने इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए जहाँ चलाई जा रही विकास योजनाओं की चर्चा की, वहीं कई घोषणाएं भी की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 2005 से, जब से काम करने का मौका मिला, सभी धर्मों और जातियों के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने नौकरी और रोजगार की चर्चा करते हुए कहा कि हम लोगों की सरकार के द्वारा युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा रही है। 2020 में सात निश्चय-2 में हम लोगों ने तय किया कि 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार दिए जाएंगे, तो ये तो हो ही गया और बढ़ ही रहा है। अब तय किया है कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिए जाएंगे। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए तथा उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए हमारी सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। अब हम लोगों ने युवाओं के हित में एक निर्णय और लिया है। राज्यस्तरीय सरकारी नौकरी के सभी आयोगों के द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षाओं के शुल्क में एकरूपता लाते हुए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क में बड़ी छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए मात्र 100 रुपये का शुल्क रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं प्रारंभिक परीक्षा पास कर मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अब कोई परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा। राज्य सरकार के इस कदम से लाखों युवाओं को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमारी प्राथमिकता रही है। राज्य सरकार की इस पहल से युवा और प्रोत्साहित होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने घोषणा की कि उद्योग लगाने वालों को मुफ्त में सरकार जमीन देगी। बिहार से बाहर रहने वाले लोगों को पर्व त्योहार में अपने घर लौटने के लिए सरकार बसें चलाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम लोगों ने महिलाओं के लिए आरक्षण दिया। अब नौकरी में भी उन्हें आरक्षण दे रहे हैं। बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। इतनी संख्या दूसरे किसी राज्य में नहीं है। नीतीश कुमार ने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान हम लोगों ने विकास कार्यों को देखा। इसके बाद 430 नए विकास योजनाओं को स्वीकृति दे दी। अब हाल में ही सरकार ने कुछ नए कदम उठाए हैं। सरकार सभी पंचायतों में विवाह भवन बनाएगी। अब प्रखंड स्तर तक दीदी की रसोई की सेवा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने सामाजिक पेंशन की राशि बढ़ाने और 125 यूनिट बिजली मुफ्त कर देने की भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए लगातार सहायता मिलने की बात कही।

तेजस्वी यादव का एसआईआर पर फिर हमला, कहा- वोटर लिस्ट से नाम हटाना भाजपा की साजिश

पटना, 12 अगस्त : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एसआईआर प्रक्रिया पर फिर सवाल उठाए हैं। मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि यह पूरी तरह से भाजपा की साजिश है, वे चुनाव आयोग को आगे करके काम करवा रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “यह बिहार का दुर्भाग्य है, कई मतदाताओं के नाम लगातार हटाए जा रहे हैं। कई लोगों के पास दस्तावेज नहीं हैं और कई ऐसे व्यक्ति हैं, जो बिहार से बाहर रहते हैं, लेकिन बिहार में वोट देते हैं।” उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि राजद एसआईआर का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया का विरोध कर रही है। लोगों के नाम कट गए, लेकिन कोई बताने वाला नहीं है कि नाम काटा तो क्यों काटा? तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार को विशेष पैकेज और विशेष राज्य का दर्जा चाहिए था, ताकि बिहार तरक्की कर सके। लेकिन एसआईआर लागू हो रहा है। एसआईआर का कोई विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि इसकी प्रक्रिया का विरोध है।” उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का उदाहरण देते हुए तेजस्वी बोले, “डिप्टी सीएम ने खुद पूरा मामला (दोहरी वोटर आईडी) चुनाव आयोग पर डाल दिया है। ऐसे और भी कई लोग हैं, तो फिर प्रक्रिया पर क्यों सवाल नहीं उठेगा।” उन्होंने आरोप लगाए कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था होने के अपने दर्जे का दुरुपयोग कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सलाह को भी आयोग नहीं मान रहा है। बिहार में ‘वोट अधिकार यात्रा’ पर भी तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से महागठबंधन के दल ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं। लोगों के बीच जाएंगे और उनको जागरुक करेंगे। राजद नेता ने यह भी कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के साथ-साथ बिहार में वर्तमान स्थिति के बारे में भी लोगों से सीधे संवाद करेंगे। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी समेत महागठबंधन के कई नेता इस यात्रा में शामिल होंगे।

बिहार के विद्युत उपभोक्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुये नीतीश कुमार

पटना, 12 अगस्त : नीतीश सरकार ने बिहार के घरेलु उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ दे रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के घरेलु उपभोक्ता इसका लाभ ले रहे हैं। मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार इसी मामले पर बिहारवासियों के साथ ऑनलाइन संवाद किया। राज्य के 16 लाख लोग इस ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं के साथ आज संवाद कार्यक्रम में शामिल पर मुझे खुशी हो रही है। आप जानते ही हैं कि 125 यूनिट बिजली पर कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। 2005 से पहले कोई काम नहीं होता था। बिजली की क्या स्थिति थी? सब जगह बुरा हाल था। यहां तक की पहचान में भी सात से आठ घंटे ही बिजली रहती थी। हमलोग नवंबर 2005 में आएं। इसके बाद बिजली में सुधार के लिए काम किया गया। राज्य के सभी गांव और टोलों में बिजली पहुंचाई गई। 2015 में सात निश्चय के तहत हर घर बिजली योजना लाई गई। 2018 में हर लोगों के घर तक यह बिजली पहुंचा दी गई। एक करोड़ 89 लाख उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोग तो शुरू से ही बिहारवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराते रहे हैं। हमलोगों ने यह तय किया कि अब राज्य के घरेलु उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त कर दिया जाएग। राज्य के एक करोड़ 89 लाख उपभोक्ताओं को यह लाभ मिल रहा है। अब हमलोग लोगों को सौर उर्जा लगाने के लिए आपको मदद दे रहे हैं। आज के कार्यक्रम के 16 लाख लोग शामिल हैं। आप सब लोग इस ऑनलाइन जुड़े, इससे मुझे काफी खुशी हो रही है। सरकार राज्य के विकास के लिए काफी काम कर रही है। आगे भी यह काम जारी रहे हैं। अब अगर आप चाहिएगा तो सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगा दिया जाएगा सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मुझे पूरा उम्मीद है कि इस योजना से आपलोगों को काफी फायदा मिला है। आगे भी सरकार आपलोगों के हित के लिए लगातार कदम उठा रही है। हमलोगों ने कैबिनेट में यह तय दिया है कि आपलोगों को बिजली मुफ्त में दिया जाए। अब अच्छा हो गया है। अब अगर आप चाहिएगा तो सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगा दिया जाएगा। ऊर्जा विभाग के मंत्री विजेंद्र यादव शुरू से ही सब काम देखते रहे हैं। मैंने मुफ्त बिजली के लिए इन्हें और ऊर्जा विभाग की पूरी टीम को बधाई देता हूं। मुफ्त बिजली के साथ सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए भी मदद देगी सरकार उर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त रुपये 3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस वर्ष 19 हजार 792 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार को करना पड़ेगा। अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि बढ़ती जाएगी। कैबिनेट में लिए निर्णय के अनुसार, इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट प्रति माह तक यादि शत-प्रतिशत अनुदान पर बिजली दी जाती है। उनके घर की छतों पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है, तो राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष कर कम बिजली खपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ होगा। इससे न सिर्फ इन घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रूके बिजली मिलेगी, बल्कि सौर ऊर्जा उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा।

बिहार एसआईआर : चुनाव आयोग के सामने अब तक 13,970 निर्वाचकों ने दर्ज कराई आपत्ति, विपक्ष 12 दिन बाद भी खामोश

नई दिल्ली, 12 अगस्त : बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के अगले चरण में मतदाता सूची में सुधार के लिए चुनाव आयोग विशेष अभियान चला रहा है। इसमें बिहार के लोग वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने या हटाने के लिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि 12 अगस्त सुबह 10 बजे तक 13,970 निर्वाचकों ने सीधे दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। अहम यह है कि बिहार से दिल्ली तक हंगामा करने वाले राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के सामने मतदाता सूची संबंधी अभी तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। चुनाव आयोग के दैनिक बुलेटिन में जारी आंकड़ों के अनुसार, 18 साल की आयु पूर्ण करने वाले या उससे अधिक उम्र के मतदाताओं से प्राप्त फॉर्म-6 और घोषणा पत्र संबंधी कुल 63,591 दर्ज हुई हैं। इसके अलावा, निर्वाचक नामावली के संबंध में निर्वाचकों से सीधे प्राप्त दावे और आपत्तियों की संख्या 13,970 है, जिसमें से चुनाव आयोग ने 7 दिन के भीतर 341 दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया है। आयोग ने बताया कि पूरे बिहार में 12 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों के कुल बीएलए 1,60,813 हैं। इनमें से किसी भी पार्टी के बीएलए ने निर्वाचक नामावली के संबंध में नाम जोड़ने या हटाने के लिए आपत्ति नहीं की है। इन बीएलए में कांग्रेस के 17,549 और राजद के 47,506 बीएलए भी शामिल हैं। नियमों के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निस्तारण संबंधित ईआरओ या एईआरओ की तरफ से 7 दिन की अवधि समाप्त होने पर पात्रता दस्तावेज की जांच के बाद किया जाना है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नाम को ईआरओ या एईआरओ की जांच पड़ताल के बाद स्पीकिंग आदेश पारित किए बिना नहीं हटाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद आपत्ति दर्ज कराने संबंधी प्रक्रिया शुरू की थी।

बिहार के समस्तीपुर में कोचिंग जा रही छात्रा की गोली मारकर हत्या, शिक्षक पर आरोप

समस्तीपुर, 11 अगस्त: बिहार के समस्तीपुर जिला के शिवाजीनगर थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप एक निजी स्कूल के शिक्षक पर लगाया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र के लोग आक्रोशित हैं। बताया जा रहा है कि परसा पंचायत के वार्ड संख्या एक निवासी विनय कुमार की पुत्री गुड़िया कुमारी (19) प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह अन्य दिनों की तरह सोमवार को दरभंगा जिला के बहेड़ी स्थित एक कोचिंग में पढ़ाई करने जा रही थी। कहा जा रहा है कि वह पगडंडी से होते हुए बगीचे के रास्ते से जा रही थी, तभी परसा और बघौनी गांव के बीच अज्ञात बदमाश ने उसे गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद गांव के लोग आक्रोशित हो गए। परिजन निजी स्कूल के एक शिक्षक पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी तत्काल पहुंच गई और मामले की छानबीन में जुट गई। परिजनों का कहना है कि निजी स्कूल का शिक्षक पहले भी जान से मार देने की धमकी दे चुका था। बताया जा रहा है कि शिक्षक का किसी से प्रेम संबंध था, जिसका गुड़िया विरोध कर रही थी। आक्रोशित लोग सड़क पर उतर गए और मामले में आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने स्कूल के एक वाहन में भी आग लगा दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले की सभी एंगल से जांच की जा रही है। अपराधी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही अपराधी की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इलाके में घटना के बाद तनाव देखा जा रहा है।