विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होंगे आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी

पटना, 22 जून: बिहार में 23 जून को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में देशभर के गैर भाजपा दलों के प्रमुख नेताओं के पटना पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच बताया गया है कि राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के प्रमुख जयंत चौधरी बैठक में शामिल नहीं होंगें। आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने बैठक में शामिल नहीं होने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। जयंत चौधरी ने पारिवारिक कार्यक्रम का हवाला देकर विपक्षी एकता की बैठक में शामिल नहीं होने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार को बैठक की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दी है। जदयू ने दावा किया है कि इस बैठक में 18 दलों के विपक्ष के शीर्ष नेता शामिल होने वाले हैं।

AAP ने केजरीवाल की प्रशंसा और नीतीश का उपहास करने वाले पोस्टर से खुद को अलग किया

पटना, 22 जून: बिहार में विपक्षी दलों की बैठक के एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने बृहस्पतिवार को यहां लगाए गए उस पोस्टर को विपक्षी एकता के खिलाफ घृणित साजिश करार दिया है जिसमें अरविंद केजरीवाल को ‘भावी प्रधानमंत्री’ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘नरेंद्र मोदी का विश्वासपात्र’ बताया गया है। यह पोस्टर शहर के एक प्रमुख चौराहे पर लगाया गया है जिसपर विकास कुमार ज्योति नामक व्यक्ति का हस्ताक्षर है। आप ने दावा किया है कि विकास कुमार ज्योति आप से जुड़ा व्यक्ति नहीं है। पोस्टर में केजरीवाल को ‘भावी प्रधानमंत्री’ बताने के अलावा कहा गया है कि नीतीश कुमार ‘नरेंद्र मोदी के खासमखास’ हैं और उन पर लोगों को ‘न तो विश्वास था और न ही उनसे आशा है।’ उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने ही शुक्रवार को यहां विपक्षों दलों की बैठक बुलायी है। आप की बिहार इकाई के प्रवक्ता बब्लू कुमार ने कहा, ”यह विपक्षी एकता के खिलाफ एक घृणित साजिश है। हमारे नेता दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब के अपने समकक्ष भगवंत मान के साथ बैठक में हिस्सा लेने के लिए पटना आ रहे हैं।’ आप प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जिस व्यक्ति ने पोस्टर लगाया है, उसे हम नहीं जानते और वह कभी भी हमारी पार्टी का प्राथमिक सदस्य नहीं रहा है।” आप की बिहार इकाई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसके सह-प्रभारी अभिनव राय ने भी एक बयान जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया, “भाजपा एकजुट विपक्ष से डर गई है इसलिए वह अफवाह और झूठ फैलाने के लिए भ्रामक पोस्टर लगवा रही है। सभी सतर्क रहें और 2024 में तानाशाही भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए खुद को समर्पित करें।’

राजग में शामिल होगी जीतन राम मांझी की ‘हम’, शाह से मुलाकात के बाद हुई घोषणा

नई दिल्ली, 21 जून : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) जल्द ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो जाएगी। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने यह घोषणा की। मांझी और समुन ने बुधवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी उपस्थित थे। राय बिहार के उजियारपुर से सांसद हैं। शाह से मुलाकात के बाद सुमन ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ”मुलाकात हुई है और बहुत अच्छे वातावरण में बातें हुई हैं। सभी मुद्दों पर बात करने के बाद एक सहमति बनी है। हम निश्चित रूप से हम साथ चलने को तैयार हैं।” उन्होंने कहा, ”आज हमने सहमति जता दी है कि हम राजग के साथ रहेंगे। आने वाले समय में चर्चा होगी कि हम कितने सीटों पर लड़ेंगे।” ज्ञात हो कि हम ने सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। उनके इस कदम के बाद से उनके राजग में शामिल होने की चर्चा जोरों पर थी। बिहार विधानसभा में ‘हम’ के मांझी सहित चार विधायक हैं। बिहार विधान परिषद के सदस्य सुमन ने एक सप्ताह पहले राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। मांझी ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार उनकी पार्टी का जनता दल (यूनाइटेड) में विलय करने का दबाव डाल रहे थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जद (यू) की करारी हार के बाद नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए मांझी ने 2015 में जब कुमार को कुर्सी सौंपने की बात आई थी तो बगावत कर दी थी और भाजपा से हाथ मिला लिया था। वह 2019 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थे। इस चुनाव को जद (यू) और भाजपा ने एक साथ लड़ा था। बिहार के कुछ हिस्सों में ‘मांझी’ समुदाय में जीतन राम मांझी का खासा प्रभाव है। सत्तारूढ़ महागठबंधन के पास लगभग 160 विधायक हैं। इस गठबंधन में जदयू, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और तीन वाम दल शामिल हैं। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत होती है।

योग करने के दौरान बिगड़ी केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की तबीयत

पटना, 21 जून: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित समारोह में शामिल होने हाजीपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की तबीयत अचानक खराब हो गई। केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस बुधवार सुबह वैशाली जिले के हाजीपुर में नहारा घाट स्थित योग शिविर पहुंचे। जहां कुछ देर तक उन्होंने योगाभ्यास भी किया और कई तरह के आसन किए। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचानक लड़खड़ाने लगे। आसपास योग कर रहे लोगों ने उन्हें बेसुध होते देखकर संभाला और सोफे पर बैठाया। उन्हें तत्काल प्राथमिक चिकित्सा दी गई। स्थानीय अस्पताल में उनका इलाज करवाया गया। इसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स ले जाने की तैयारी हो रही है। हालांकि योग का कार्यक्रम बाधित नहीं हुआ और पूरा कार्यक्रम विधिवत चला। पारस ने बताया कि योग दिवस का इतना महत्वपूर्ण कार्यक्रम था। चिकित्सा के बाद वे वापस पटना लौट गये। अब उनका इलाज दिल्ली एम्स में कराया जायेगा।

सारण: गरखा सीएचसी पर मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

छपरा,21 जून (संवाददाता- माे अशरफ): सारण जिले के गरखा सीएचसी पर बुधवार को दिन में 10 बजे दिन में योगा का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ आर के पांडे ने कहाकी हर साल 21 जून को दुनिया भर के लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन का लक्ष्य योग के कई लाभों के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाना है और शारीरिक- मानसिक स्वास्थ्य के लिए दुनिया भर के योग चिकित्सकों को प्रेरित करना है। इस मौके पर गरखा सीएचसी प्रखंड प्रसार पदाधिकारी ब्रज माधव, फार्मासिस्ट उपेंद्र कुमार, ANM सरोज कुमारी, ऋतू कुमारी, किरण कुमारी के साथ अन्य सीएचसी के पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

महागठबंधन सरकार से अलग होने के बाद दिल्ली पहुंचे जीतन राम मांझी, अमित शाह से करेंगे मुलाकात

पटना, 20 जून : बिहार में महागठबंधन सरकार से अलग होने के बाद हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी अपने बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन के साथ मंगलवार को तीन दिनों के दौरे पर दिल्ली पहुंचे हैं। जीतन राम मांझी के दिल्ली कार्यक्रम के अनुसार इस दिन दिवसीय दौरे के दौरान वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे। हालांकि, जीतन राम मांझी ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद कहा था कि दिल्ली में वे सिर्फ अमित शाह और एनडीए के नेताओं से ही नहीं मिलेंगे, बल्कि राहुल गांधी और मायावती से भी मिलेंगे। मांझी ने कहा था कि दिल्ली में वे सभी नेताओं से मिलने की कोशिश करेंगे, कोई जरूरी नहीं है कि सिर्फ एनडीए के ही नेताओं से मिलें। मांझी के इस बयान के बाद कहा जा रहा है कि कहीं मांझी विपक्षी दलों की बैठक से पहले राहुल गांधी से मुलाकात कर नीतीश का खेल न बिगड़ दें। उनकी पार्टी का गठबंधन किसके साथ होगा फिलहाल इस पर संशय बरकरार है। उल्लेखनीय है कि जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के नीतीश कैबिनेट से इस्तीफे के बाद पार्टी ने 19 जून को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद मांझी अपने बेटे और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन के साथ राजभवन पहुंचे थे और राज्यपाल को सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंप दिया था। इसके बाद वे देर शाम बेटे के साथ दिल्ली कूच कर गए।

मुख्यमंत्री का तमिलनाडु दौरा रद्द, तेजस्वी और संजय झा गए

पटना, 20 जून: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का तमिलनाडु दौरे स्थगित कर दिया गया। मुख्यमंत्री मंगलवार को तमिलनाडु जाने वाले थे लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने से कुछ घंटे पहले उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। क्योंकि, उनका स्वास्थ्य खराब हो गया। मुख्यमंत्री के तमिलनाडु जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। तेजस्वी एयरपोर्ट पर पहुंचकर सीएम का इंतजार कर रहे थे लेकिन ऐन वक्त पर नीतीश की तबीयत बिगड़ गई और उनका तमिलनाडु जाने का कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को अकेले ही तमिलनाडु के लिए रवाना होना पड़ा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपनी जगह जदयू नेता और मंत्री संजय झा को तेजस्वी के साथ भेजा है। तमिलनाडु में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मंत्री संजय झा एम करुणानिधि स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वहां के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात करेंगे। मुलाकात के दौरान दोनों नेता स्टालिन को 23 जून को पटना में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक के लिए उन्होंने निमंत्रण देंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश तमिलनाडु के सीएम से भी मुलाकात करने वाले थे, जिसकी चर्चा पिछले चार दिन से हो रही थी।

राहुल गांधी और खरगे 23 जून को पटना आएंगे, पार्टी में खासा उत्साह

पटना, 19 जून: विपक्षी दलों को एकजुट करने के मद्देनजर 23 जून को पटना में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी उसी दिन बिहार की राजधानी पहुंचेंगे। ये दोनों नेताओं के पटना आगमन को लेकर कांग्रेसियों में खासा उत्साह है। कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि दोनों नेता पटना हवाई अड्डे से सीधे प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम पहुंचेंगे, जहां उनका स्वागत किया जाएगा। इस दौरान ये दोनों नेता प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओ से मिलेंगे और उन्हें संबोधित भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी पहली बार बिहार आ रहे हैं। दोनों नेताओं के स्वागत के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि सदाकत आश्रम के बाद दोनों नेता विपक्षी दलों की आयोजित बैठक में शामिल होंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटे हैं। इसी के तहत 23 जून को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में 15 से अधिक दलों के नेताओं के भाग लेने की संभावना है।

बहुत गर्मी है: पटना की भीषण गर्मी ने नीतीश को किया परेशान

पटना, 18 जून: जीवन में कई तूफानों का सामना कर चुके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को भीषण गर्मी से परेशान दिखे और उन्होंने पत्रकारों का यह कहकर अभिवादन किया कि-बहुत गर्मी है। यहां राज्य के पहले उपमुख्यमंत्री अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह में भाग लेने पहुंचे नीतीश को प्रचंड गर्मी का अहसास हुआ। पटना में अधिकतम तापमान कई दिनों से 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। लेकिन कड़ाके की धूप के बावजूद नीतीश कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक मंडप के नीचे बैठे रहे। समारोह के बाद जदयू नेता नीतीश ने पत्रकारों का अभिवादन करते हुए कहा, ”बहुत गर्मी है।” हालांकि, एक निजी कर्मचारी मुख्यमंत्री के सिर पर छाता लिए उनके बगल में खड़ा था। भाजपा विरोधी विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक आयोजित करने जा रहे नीतीश ने समान नागरिक संहिता से संबंधित सवाल पर कहा, ”कुछ समय बाद इन मामलों पर बात करते हैं। आज बहुत गर्मी है।” इस तरह वह सवाल को टाल गये।

नीतीश कुमार तमिलनाडु के तिरुवरुर में ‘कलैगनार कोट्टम’ का उद्घाटन करेंगे: स्टालिन

चेन्नई, 18 जून: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव 20 जून को तिरुवरुर में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के दिवंगत नेता एम. करुणानिधि की स्मृति में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। करुणानिधि के बेटे एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने रविवार को यह जानकारी दी। स्टालिन ने कहा कि करुणानिधि के पैतृक जिले तिरुवरूर में स्थापित ‘कलैगनार कोट्टम’ परिसर का उद्घाटन कुमार करेंगे, जबकि यादव ‘मुथुवेलार’ पुस्तकालय का उद्घाटन करेंगे। तमिल में ‘कोट्टम’ का अर्थ किसी बहुत ही सम्मानित व्यक्ति की स्मृति में निर्मित संरचना से है। पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में द्रमुक प्रमुख ने उनसे 20 जून के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। स्टालिन ने कहा कि कार्यक्रम में वह अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।