मुंगेर (बिहार), 29 जून: केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने पटना में 23 जून की बैठक में शामिल हुए विपक्षी नेताओं पर 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के घोटालों में शामिल होने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया। बैठक आयोजित करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि राज्य के लोग 2024 के लोकसभा चुनाव में “भ्रष्ट नेताओं को करारा जवाब” देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री मुंगेर संसदीय क्षेत्र के लखीसराय में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे। शाह ने कहा, “बिहार ने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। 23 जून को पटना की बैठक में शामिल हुए विपक्षी नेता 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के घोटालों में शामिल हैं…बिहार 2024 के लोकसभा चुनाव में भ्रष्ट नेताओं को करारा जवाब देगा।” पिछले साल राज्य में ‘महागठबंधन’ सरकार बनाने के लिए भाजपा का साथ छोड़ने वाले कुमार के संदर्भ में शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को धोखा देने वाले नेताओं को “दंडित” किया जाना चाहिए। शाह ने मुख्यमंत्री के पूर्व उपलब्धियों पर भी सवाल उठाया और पूछा, “नीतीश बाबू को बताना चाहिए कि उन्होंने बिहार के लिए क्या किया?” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ‘महागठबंधन’ (जदयू, राजद और कांग्रेस गठबंधन) सरकार के तहत कानून-व्यवस्था की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। दूसरी ओर, शाह ने दावा किया कि केंद्र में राजग शासन के नौ वर्ष के दौरान राज्य को मेडिकल कॉलेज, एक्सप्रेस-वे, पुल, नई रेलवे लाइन, 130 मेगावाट ताप बिजली संयंत्र सहित कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं मिली हैं।
बिहार: विपक्षी पार्टियां 70 वर्षों तक धारा 370 को गोद में बिठा कर रखा- अमित शाह
पटना, 29 जून : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि इन्होंने धारा 370 को 70 वर्षों तक गोद में बिठा कर रखा। कांग्रेस, जदयू और राजद सभी लोग धारा 370 को लगाकर बच्चों की तरह गोदी में खिलाते थे। दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर नरेन्द्र मोदी ने 05 अगस्त, 2019 को धारा 370 को उखाड़ कर फेंक दिया। शाह लखीसराय के गांधी मैदान में गुरुवार को जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पलटूराम नीतीश बाबू कहते हैं कि 9 साल में क्या किया? नीतीश बाबू जिनके कारण आप मुख्यमंत्री बने, जिनके साथ इतना साल बैठे कुछ तो लिहाज करो। नीतीश बाबू आप सुनना चाहते हो तो पूरा हिसाब देने आया हूं। अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर-घर पहुंच रहा है। मोदी सरकार ने 18 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में डालने का काम किया। मुंगेर में इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज बनाने का काम भी नरेन्द मोदी ने ही किया। इसके साथ रोडवेज के लिए 3 लाख करोड़ के 13 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे नरेन्द मोदी ने दिए हैं। केंद्र सरकार ने बिहार में 3 हजार 400 करोड़ की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाएं लागू की। 230 किलोमीटर लंबा असम-दरभंगा एक्सप्रेस-वे का काम शुरू हुआ। बिहार में अलग-अलग योजनाओं में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 175 करोड़ की लागत से सड़क बनाया। रेलवे में 13 हजार 400 करोड़ से पटना में मेट्रो का काम शुरू किया। अमित शाह ने कहा कि नरेन्द मोदी ने समग्र देश में ढेर सारे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम किए हैं। बिहार को विकास कार्यों से मोदी सरकार ने पाट दिया है। इनमें मुंगेर से बेगूसराय तक रेल सड़क को डबल करने का काम हो या फिर पुल के निर्माण का काम नरेन्द्र मोदी की सरकार ने ही किया। इससे पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमित शाह की रैली से 2024 में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की राजनीति खत्म हो जाएगी। इस रैली का असर पूरे 40 लोकसभा सीटों पर पड़ेगा। अमित शाह की हुंकार बिहार में नीतीश के खात्मे का संकेत होगी। उल्लेखनीय है कि तय कार्यक्रम के मुताबिक अमित शाह आज 1:00 बजे पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे। फिर हेलीकॉप्टर से लखीसराय के लिए रवाना हुए। तकरीबन 2:00 बजे लखीसराय पहुंचने के बाद उन्होंने यहां के अशोक धाम में 40 मिनट तक पूजा-अर्चना किया। फिर 3:00 बजे उनकी जनसभा हुई। जनसभा के बाद 4:00 बजे से लेकर 5:00 बजे तक उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात की। इसमें 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई।
सीएम नीतीश कुमार ने अमित शाह की यात्रा पर कहा- हर कोई बिहार आने के लिए स्वतंत्र
पटना, 29 जून: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बृहस्पतिवार को बिहार के लखीसराय की यात्रा से पहले सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हर कोई राज्य में आने के लिए स्वतंत्र है। पटना में 23 जून को हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद शाह का बिहार दौरा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के किसी शीर्ष नेता की पहली यात्रा है। विपक्षी दलों के बैठक का मकसद अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में भाजपा के खिलाफ एकजुट होने और पार्टी को हराने की रणनीति तैयार करना था। नीतीश ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान वह समान नागरिक संहिता पर प्रधानमंत्री की पुरजोर वकालत के मामले में प्रश्न से साफ बचते नजर आए। शाह की लखीसराय की यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ‘‘यहां आने के लिए हर कोई स्वतंत्र है। बिहार आने का हक सभी को है।’’ विपक्षी दलों की बैठक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘बैठक समाप्त हो चुकी है…हम इस पर बाद में बातचीत करेंगे।’’ शाह का आज दोपहर यहां जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने का कार्यक्रम है। शाह हेलीकॉप्टर से मुंगेर जिले के लखीसराय के लिए रवाना होंगे, जहां वह एक रैली को संबोधित करेंगे। पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सम्राट चौधरी और बिहार के केंद्रीय मंत्रियों सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता उनका स्वागत करेंगे। शाह जनसभा को संबोधित करने से पहले भगवान शिव और देवी पार्वती के प्रसिद्ध मंदिर अशोक धाम में पूजा-अर्चना भी करेंगे। शाह तीन महीने पहले बिहार आए थे। इसबीच शाह के आगमन से पहले सत्तारूढ़ महागठबंधन दलों के समर्थकों ने तथा भाजपा के समर्थकों ने हवाई अड्डे के निकट तथा पटना के अन्य स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं। विपक्षी दलों के पोस्टर में मणिपुर में हिंसा के लिए साथ ही केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय तथा आयकर विभाग के दुरुपयोग के लिए भाजपा नेतृत्व की आलोचना की गई है। इसके विपरीत भाजपा समर्थकों के पोस्टर में विपक्षी दलों की एकता पर कटाक्ष किया गया है। पोस्टर युद्ध के बारे में पूछे जानेपर सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ‘‘पार्टी का इन पोस्टर से कोई लेना-देना नहीं है। यह पार्टी कार्यकर्ताओं की परिकल्पना है और उन्होंने ही पोस्टर शहर में लगाए हैं।’’
शिक्षक भर्ती: डोमिसाइल हटाने का तुगलकी निर्णय वापस ले सरकार : सुशील मोदी
पटना, 28 जून: बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने शिक्षक भर्ती में बिहार के स्थाई निवासी की शर्त को वापस लेने संबंधी तुगलकी फरमान को बिहार प्रतिभा का अपमान बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की आज मांग की। श्री मोदी ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि मंत्री का यह बयान हास्यास्पद है कि अंग्रेजी, गणित, फिजिक्स में योग्य शिक्षक नहीं मिलने के कारण बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है। बिहार के लड़के अखिल भारतीय सेवाओं तथा आईआईटी आदि में परचम फहरा रहे हैं और मंत्री कह रहे हैं कि इन विषयों में लड़के नहीं मिल रहे हैं। भाजपा सांसद ने सवालिया लहजे में कहा कि 15 जून के विज्ञापन में बिहार डोमिसाइल की शर्त अनिवार्य रखी गई थी, फिर अचानक उसे क्यों हटा दिया गया। क्या कक्षा 1-5 के लिए भी बिहारी प्रतिभा पढ़ाने योग्य नहीं है कि बाहर के लोगों को बुलाया जाए। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। चार लाख नियोजित शिक्षकों एवं एक लाख से ज्यादा टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा में बैठने की बाध्यता उनके साथ विश्वासघात है। अब एक ही विद्यालय में तीन प्रकार के शिक्षक हो जाएंगे। भाजपा सांसद ने कहा कि अभी तक आठ बार विज्ञापन में संशोधन किया जा चुका है। नई नियुक्ति के कारण 11,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस कारण सरकार मुकदमे में फंसाकर परीक्षा टालने का बहाना खोज रही है।
बिहार : भूमि विवाद को लेकर किसान की पीट-पीट कर हत्या
गोपालगंज, 27 जून: बिहार के गोपालगंज जिले में भूमि विवाद को लेकर एक किसान की पीट-पीट कर कथित तौर पर हत्या कर दी गयी। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मंगलवार को बताया, ‘प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह भूमि विवाद का मामला है।” विजयीपुर थाना अंतर्गत कुर्थिया गांव में रविवार को यह घटना उस समय हुई जब घनश्याम मिश्रा और उनके भाई मंटू एक तालाब खोदने के लिए अपने भूखंड का सीमांकन कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लाठियों और अन्य वस्तुओं से लोगों के एक समूह ने दोनों भाइयों की बेरहमी से पिटाई की और फरार हो गए। उन्होंने कहा, ‘ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। दोनों भाइयों को अस्पताल ले जाया गया जहां घनश्याम ने दम तोड़ दिया। उनके भाई का वहां इलाज चल रहा है।’ प्रभात ने कहा, 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, ”हम सोशल मीडिया पर आए घटना के वीडियो की भी जांच कर रहे हैं।” ग्रामीणों ने दावा किया कि घनश्याम ने 14 जून को पुलिस को पत्र लिखकर बताया था कि उसकी जान को खतरा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बिहार के सहरसा में सड़क दुर्घटना में जज के पिता समेत तीन की मौत
सहरसा, 26 जून: पटना सिविल कोर्ट के जज व सहरसा जिले के सरडीहा गांव निवासी प्रफुल कुमार सिंह (40)के पिता रंजीत कुमार सिंह (65)सहित परिवार के तीन सदस्यों की मौत सड़क दुर्घटना में सोमवार के अहले सुबह हो गई। जज व तीन बच्चे जख्मी हो गये। सभी जख्मी को इलाज के लिए सहरसा में भर्ती कराया गया है। बख्तियारपुर थाना पुलिस ने तीनों मृतकों को पोस्टमार्टम में सदर अस्पताल सहरसा भेज दिया है। घटना के संबंध में जज के परिजन ने बताया कि जज प्रफुल कुमार सिंह अपने परिवार के साथ अपनी हौंडा क्रेटा गाड़ी से मधेपुरा जिले के शहजादपुर गांव में अपने साले के फलदान कार्यक्रम में शामिल होकर वापस सरडीहा गांव आ रहे थे। गाड़ी जज स्वयं चला रहे थे। अहले चार बजे के करीब सोनवर्षाराज-सहरसा एन.एच-107 के टेंगराहा मोड़ के समीप एक पुलिया से टकरा कर गढ़े में पलट गया। परिजन ने आंख लग जाने की संभावना जताई है। मृतकों में जज के पिता रंजीत कुमार कुमार सिंह (65), चाचा नारद कुमार सिंह (60),चचेरा भाई सचिता कुमार सिंह (55) हैं। जख्मी तीन बच्चे तान्या कुमारी (13),नवनीत कुमार (11) तथा मयंक कुमार (10) है।
इमरजेंसी थोपने वाली कांग्रेस की गोद में बैठे लालू और नीतीश : सुशील मोदी
पटना, 25 जून: बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 48 वर्ष पूर्व देश में आपातकाल घोषित करने वाली कांग्रेस की गोद में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार बैठ गए हैं।देश में इमरजेंसी थोपने वाली कांग्रेस और उसका साथ देने वाले लालू-नीतीश को कभी बिहार की जनता माफ नहीं करेगी। सुशील मोदी ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि लालू-नीतीश सरकार ने बिहार में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है। विपक्षी एकता सम्मेलन के दौरान भाजपा के 100 से ज्यादा होर्डिंग को हटा दिया गया। विज्ञापन कंपनी को धमकी देकर जो बड़े होर्डिंग लगाए गए थे उन्हें भी उतरवा दिया गया। उन्होंने कहा कि बिहार में अखबारों को धमकी दी जा रही है कि अगर विपक्ष के समाचार प्रमुखता से छपे या अखबारों में सरकार की आलोचना हुई तो उनका विज्ञापन बंद कर दिए जायेंगे। परिणामतः विपक्ष के समाचारों के पर कतर कर दो कॉलम में छाप दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के पंचायत चुनाव में नामांकन के दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। कांग्रेस नेता अधीर रंजन को धरने पर बैठना पड़ा और केंद्रीय बलों की प्रतिनियुक्ति पर हाई कोर्ट जाना पड़ा लेकिन विपक्षी एकता में शामिल दल के किसी नेता ने अभी तक बंगाल की हिंसा की निंदा तक नहीं की है।
बिहार में ठाकुरगंज-बहादुरगंज के बीच मेची नदी पर निर्माणाधीन पुल का पाया धंसा
पटना, 24 जून : बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पार निर्माणाधीन पुल के धंसने के मामला अभी पूरी तरह ठंडा भी नहीं पड़ा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 327 ई पर ठाकुरगंज से बहादुरगंज के बीच मेची नदी पर निर्माणाधीन पुल का पाया धंस गया। नेपाल और पश्चिम बंगाल को बिहार से जोड़ने वाली अररिया-गलगलिया सड़क का चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसमें कई पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। ठाकुरगंज-बहादुरगंज के बीच गौडी गांव के पास मैसी नदी पर छह स्पेन वाला एक पुल बन रहा है, इसके बीच का पाया शुक्रवार को धंस गया। बिहार में अभी पूरी तरह बारिश भी शुरू नहीं हुई है, उससे पहले ही पुल धंसने के बाद इसका निर्माण कर रही कम्पनी जीआर इंफ्रा कंपनी के कार्यों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अभी इस सड़क पर कई पुलों का निर्माण होना है। 94 किलोमीटर लंबी अररिया-गलगलिया सड़क पर दो पैकेज में काम होना है। पहले पैकेज में, जहां गलगलिया से बहादुरगंज के बीच काम है, वहीं दूसरे पैकेज में बहादुरगंज से अररिया के बीच निर्माण होना है। इस योजना में करीब 1546 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। इस मामले में एनएचएआई, पूर्णिया के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने पत्रकारों को बताया कि पुल पर अभी यातायात शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पुल धंसने की सूचना के बाद जांच की जा रही है। इधर, किशनगंज के जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि उन्हे भी इसकी सूचना मिली है। पुल का एक पाया धंसा है। उन्होंने कहा इस पुल का निर्माण कार्य एनएचएआई द्वारा एक कंपनी से करवाई जा रही है, जो भी कारवाई की जानी है उनकी ओर से किया जाना है।
भाजपा के लिए प्रयोगशाला है जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ्ती
पटना, 24 जून: जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए उनका राज्य एक ‘प्रयोगशाला’ है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस ले लिया है और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया है। यहां विपक्षी दलों की बैठक के एक दिन बाद महबूबा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें डर है कि यदि भाजपा सत्ता में लौटी, तो पूरे देश का कहीं ‘कश्मीर जैसा हाल’ न हो जाए। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”असल में, भारत की अवधारणा पर ही हमला किया गया है। यह उस वक्त बिल्कुल स्पष्ट हो गया, जब उसने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया तथा तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं को जेल में डाल दिया।” पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा ने कहा, ”जम्मू कश्मीर एक प्रयोगशाला है। आज हमने केंद्रीय अध्यादेश के जरिए दिल्ली में जो कुछ होते देखा है, वह हमारे राज्य में बहुत पहले शुरू हो गया था। दुर्भाग्य से तब कुछ लोग ही इसे समझ पाये थे।” गुपकर गठबंधन की उपाध्यक्ष महबूबा ने कहा, ”यदि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भी भाजपा सत्ता में बरकरार रहती है तो वह संविधान को कुचल देगी और पूरे देश का ‘कश्मीर जैसा’ हाल कर देगी।” उल्लेखनीय है कि महबूबा भाजपा के साथ जम्मू कश्मीर में गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर चुकी हैं।
बाबा सोमेश्वरनाथ धाम अरेराज के महंथ रविशंकर गिरी बनें निक्षय मित्र,150 टीबी मरीजों को लिया गोद
– गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करेंगे टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण पूर्वी चंपारण, 22 जून: पीएम मोदी के टीबी मुक्त भारत अभियान से प्रेरित होकर निक्षय मित्र बनने में अब धर्मिक गुरुओं ने भी दिलचस्पी दिखाने लगे है।इसी क्रम में जिले के सुप्रसिद्ध बाबा सोमेश्वरनाथ धाम अरेराज के महंथ महामंडलेश्वर रविशंकर गिरी ने गुरूवार निक्षय मित्र बनकर अरेराज अनुमंडल क्षेत्र के चिह्नित सभी 150 टीबी मरीजों को गोद लिया है। अरेराज के महंथ व महामंडलेश्वर (जुना अखाड़ा) के रविशंकर गिरी ने बताया कि हमसभी सनातनी चाहते है की हमारा जिला व राज्य खुशहाल बने लोग रोग से मुक्त रहें, इसी सोंच के बदौलत उन्होंने निक्षय मित्र बन अनुमंडल क्षेत्र के सभी टीबी मरीजों को गोद लिया है। उन्होने बताया की मेरे शैक्षिक गुरु चंदेश्वर नारायण जी एवं जिला यक्ष्मा केंद्र के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर ललित कुमार ने टीबी मरीजों को निजी स्तर पर सहयोग करने की बातें गंभीरता पूर्वक बताई उन्होंने कहा था कि टीबी मरीजों को पूर्णतः स्वस्थ होने की लिए दवा, इलाज के साथ ही संतुलित भोजन की आवश्यकता होती है,जिन्हे गोद लेकर सहायता कर स्वस्थ किया जा सकता है, बस इन बातों को विचार कर एवं गुरूजी की प्रेरणा पर अनुमंडल के सभी मरीजों को गोद लेने एवं भावनात्मक रूप से सहायता देने का मैंने निर्णय किया है। महंथ रविशंकर गिरी ने बताया कि महंथ होने के नाते धार्मिक व समाजिक कार्यों में पूर्व से ही सहयोग रहा है। परंतु अब एक मौका है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर निक्ष्य मित्र बन नई जिम्मेदारी का निर्वहन करूं,उन्होंने बताया की आगामी 03 जुलाई 2023 को गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अरेराज नगर परिषद के सभी मरीजों के बीच फ़ूड बास्केट का वितरण किया जाएगा। वही कुछ दिनों के अंतराल के बाद पुरे अरेराज प्रखंड व अनुमंडल क्षेत्र में अरेराज के 24 हरसिद्धि के 50, पहाड़पुर 44, संग्रामपुर 32 कुल 150 टीबी मरीजों के बीच फ़ूड बास्केट वितरित किया जायेगा।