छपरा, 12 जुलाई (संवाददाता मो.अशरफ ): सारण जिले के गड़खा प्रखंड के बाजीतपुर पंचायत के केवानी गांव की मामला हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने देश के गरीब आर्थिक वर्ग के लोगों के कई तरह की सरकारी सुविधाएँ मुहैया कराती है।इन योजनाओं मे से एक योजना का नाम है पूर्विकता प्राप्त गृहस्थी राशन कार्ड योजना। कोरोना महामारी शुरु होने के बाद से सरकार हर राशन कार्ड उपभोक्ता को मुफ्त में चावल,गेहूं,दाल हर महीने दे रही है। ऐसे में सरकार राशन कार्ड के जरिए लोगों को मुफ्त राशन गरीब कल्याण योजना के तहत दे रहा है। जिसको लेकर गड़खा प्रखंड के बाजीतपुर पंचायत के मुखिया संपत राम रही ने सारण के डीएम अमन समीर को लिखित आवेदन देकर शिकायत किया है। केवानी गाँव निवासी संजय कुमार शाही,रंजीत कुमार सिंह व प्राणप्रति देवी सहित कई अपात्र लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा राशन कार्ड द्वारा मिल रही है।जबकि सभी कार्डधारक पूर्ण रूप से शक्ति संपन्न लोग है,जिनकी महीने की आमदनी हजारों लाखों रुपये में है।इसके साथ ही इनके पास कृषि योग्य बीस बिगहा जमीन,चार पहिया वाहन,नौकरी,बिजनेस, बड़ा मकान,दूकान,आई टी आई शैक्षणिक संस्थान आदि होने के बावजूद भी गलत ढंग से राशन कार्ड बनवाकर सरकारी राशन का उपभोग कर रहे है। मुखिया संपत राम राही ने अधिकारी से मिलकर अपात्र लोगों के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने की माँग किया है।वही इस संबंध में आपूर्ति पदाधिकारी निरंजन कुमार से पूछे जाने पर बताया कि शीघ्र ही जाँच कर दोषियों के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करते हुए राशन कार्ड निरस्त किया जाएगा।
बिहार: घर से मिला दंपति का शव, चार साल का बच्चा खेलता मिला
मुजफ्फरपुर, 12 जुलाई : बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार सुबह एक घर के कमरे से एक दंपति का शव बरामद किया है। पति-पत्नी दोनों के शव पंखे में लगे फंदे से झूल रहे थे जबकि माता-पिता की मौत से बेखबर उनका चार वर्षीय बेटा वहीं खेल रहा था। पुलिस के अनुसार, फरदो पुल के पास स्थित एक मकान के कमरे से पति-पत्नी का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान पारू थाना क्षेत्र के लाल छपरा निवासी विक्रम कुमार और उनकी पत्नी शबनम सिंह के रूप में हुई है। दंपति सदर थाना क्षेत्र के फरदो पुल के समीप सैनिक कैंटीन के पास एक किराये के मकान में रहता था। विक्रम सिंह प्राइवेट जॉब कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। सूत्रों ने बताया कि किसी बात को लेकर देर शाम पति-पत्नी में विवाद हो गया था जिसके बाद उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। सदर थाना प्रभारी सत्येंद्र मिश्रा ने बताया कि एक घर से दंपति का शव बरामद किया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है। प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या की ही संभावना है।
पटना में किसान सलाहकारों का प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां
पटना, 12 जुलाई: बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे किसान सलाहकारों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारियों को घायल होने की खबर है। बिहार के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों किसान सलाहकार जनसेवक का दर्जा सहित विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे और राज्य सरकार के विरोध में नारेबाजी की। ये सभी पटना के आर ब्लॉक चौराहे पर एकत्रित होकर विधानसभा घेराव करने वाले थे। आर ब्लॉक चौराहे से जब ये आगे बढ़े तब पुलिस ने इन्हें हटने को कहा। उन्हें रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी। वरीय पुलिस अधिकारी माइक पर किसान सलाहकारों को पीछे हटने के लिए कह रहे थे। लेकिन, जब ये नहीं माने तो पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठियां चलाईं, जिससे अफरातफरी मच गई। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि उन्हे जनसेवक के पद पर समायोजित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे 13 साल से काम कर रहे हैं और राज्य सरकार ठगने का काम कर रही है।
नियोजित शिक्षकों के मुद्दे को लेकर विधान परिषद में हंगामा, कार्यवाही स्थगित
पटना, 11 जुलाई: बिहार विधान परिषद में मॉनसून सत्र के दूसरे दिन मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर भारी शोरगुल और नारेबाजी की जिसके कारण भोजनावकाश से पूर्व कार्यवाही मात्र सात मिनट बाद ही स्थगित करनी पड़ी। सभापति देवेश चंद्र ठाकुर के आसन ग्रहण करते ही भाजपा के प्रोफ़ेसर नवल किशोर यादव ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के पूर्व से निर्धारित धरना प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने रात में ही शिक्षक नेताओं को उनके घर से हिरासत में ले लिया है। बिहार में आपातकाल से भी गंभीर हालात हो गए हैं। पुलिस शिक्षकों और उनके नेताओं को घर में नजरबंद कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। श्री यादव के इतना कहते ही भाजपा के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गए। भाजपा सदस्य नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देना होगा- देना होगा, लाठी -गोली की सरकार नहीं चलेगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
मानसून सत्र के पहले दिन हंगामे के बीच अनुपूरक विवरण सदन में प्रस्तुत
पटना, 10 जुलाई: बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने अपनी बात रखी। वित्त मंत्री विजय चौधरी ने प्रथम अनुपूरक व्यय विवरण सदन में प्रस्तुत किया।. इसके बाद सदन में शोक प्रकाश पढ़ा गया। स्पीकर ने जननायकों के निधन पर शोक प्रकट किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। स्पीकर ने पहले दिन आसन से अध्याशी सदस्यों के नाम का ऐलान किया।इसके बाद विस सचिव ने सदन में मंत्री विजय चौधरी ने प्रथम अनुपूरक व्यय विवरण सदन में प्रस्तुत किया।. इसके बाद सदन में शोक प्रकाश पढ़ा गया। स्पीकर ने जननायकों के निधन पर शोक प्रकट किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वित्त मंत्री विजय चौधरी ने बिहार विधान मंडल में वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक से संबंधित प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी प्रस्तुत किया। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 43,774.7581 करोड़ की राशि प्रस्तावित है। वार्षिक स्कीम के अन्तर्गत 25,699.8640 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान प्रथम अनुपूरक आगणन में प्रस्तावित किया गया। जिसमें केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम के केन्द्रांश मद में 1,097.1407 करोड़ रुपये एवं राज्यांश मद में 8,739,6592 करोड़ रुपये अर्थात कुल 9,836,7999 करोड़ रुपये में स्कीम वार केंद्र प्रायोजित स्कीम (केन्द्रांश) में 404.09 करोड़ रुपये मनरेगा योजना के लिए।166.48 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए,85.00 करोड़ रुपये राष्ट्रीय पोषण मिशन हेतु, 80.00 करोड़ रुपये राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना हेतु,100.00 करोड़ रुपये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन हेतु,50.39 करोड़ रुपये सक्षण आंगनबाड़ी पोषण -2.0 हेतु,41.40 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा निधि योजना हेतु है। दूसरी ओर केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम (राज्यांश) मद में 6223.01 करोड़ रुपये समग्र शिक्षा अभियान हेतु,436.00 करोड़ रुपये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु,380.00 करोड़ रुपये मनरेगा योजना के लिए होंगे।
AISF ने बेतिया में शिक्षा बचाओ रैली निकाल कर प्रदर्शन किया
बेतिया, 10 जुलाई: आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF ) पं चम्पारण की ओर से 13 सूत्रीय मांगों को लेकर बेतिया शहीद पार्क से शिक्षा बचाओ रैली निकाल कर जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया तथा जिला पदाधिकारी को मांग पत्र सौपा गया। प्रदर्शन कारी शिक्षा नीति 2022 वापस लेने, शिक्षण सामग्रियों पर लगे जी एस टी वापस लेने, महंगी शिक्षा एवं बेरोजगारी पर रोक लगाने, नीजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी पर रोक लगाने, सभी शिक्षण संस्थानों में विषयवार शिक्षक की व्यवस्था करने शैक्षणिक सत्र नियमित करने, बढे फीस वापस लेने, छात्राओं के सुरक्षा की गारंटी करने, शिक्षा के नीजिकरण पर रोक लगाने, बजट का 10 वां हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने आदि मांगों को लेकर छात्र छात्राओं ने दोषपूर्ण प्रदर्शन किया तथा बताया कि सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं होती तो सरकार के शिक्षा विरोधी नीति के खिलाफ संघर्ष तेज किया जायेगा।
चिराग पासवान ने राजग से जुड़ने का दिया संकेत
पटना, 09 जुलाई: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में लौटने का संकेत दिया। उन्होंने बिहार में हाल के उपचुनावों में राजग के लिए प्रचार किया था। लोजपा के अलग होकर बने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की बैठक में चिराग पासवान को ‘किसी भी गठबंधन’ में पार्टी के शामिल होने को लेकर निर्णय लेने के लिए ‘अधिकृत’ किया गया। चिराग पासवान के दिवंगत पिता राम विलास पासवान ने लोजपा की स्थापना की थी। लोक जनशक्ति (रामविलास) की बैठक ऐसे दिन हुई है जब भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने चिराग से भेंट की और उनके आवास को ‘अपना दूसरा घर’ बताया। राय ने चिराग के साथ किसी गठजोड़ के बारे में कुछ कहने से इनकार किया लेकिन यह जरूर कहा, ”भाजपा और दिवंगत रामविलास भाई के मूल्य एक समान हैं। दोनों के मूल्य जनता को सेवा के जरिये प्रसन्न करने पर आधारित है। ” जब चिराग से राजग में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ” मेरे लिए उनसे पहले कोई घोषणा करना गठबंधन की ‘मर्यादा’ के विरूद्ध है। वे (राजग) अपना मन बनाने से पहले दूसरे दौर की बातचीत कर सकते हैं।” भाजपा के प्रति चिराग का लगाव तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उनके द्वारा की गयी प्रशंसा जगजाहिर है लेकिन माना जा रहा है कि गठबंधन की राह में कुछ रूकावट है। चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री हैं। पारस ने रामविलास पासवान के निधन के बाद बगावत कर दिया था, फलस्वरूप लोजपा विभाजित हो गयी थी। चाचा और भतीजा दोनों कई बार कह चुके हैं कि जिस गठबंधन में दूसरा होगा, वह उसका हिस्सा नहीं बनेंगे। चिराग ने रविवार को अपने चाचा के बारे में कोई नया बयान नहीं दिया लेकिन उन्होंने पहले स्पष्ट किया था कि उनकी पार्टी ‘नि:संदेह’ हाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ेगी जिसका उनके पिता ने कई बार संसद में प्रतिनिधित्व किया था। इस समय उनके चाचा इस निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। जमुई से दूसरी बार सांसद चुने गए चिराग से जब पूछा गया कि क्या उन्हें भी मंत्रिपरिषद में जगह देने की पेशकश की गयी है, तो उन्होंने कहा, ” गठबंधन का हिस्सा बनने का मेरा फैसला मंत्रिपद के बजाय लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में संभावना से अधिक प्रभावित है।’
बिहार में लगातार बारिश से गंगा, गंडक, कोसी और बागमती समेत कई नदियां उफान पर
पटना, 09 जुलाई: बिहार में लगातार हो रही बारिश से गंगा, गंडक, कोसी और बागमती समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदियों के आसपास के इलाकों में कटाव का खतरा बना हुआ है। लोग अब सुरक्षित जगहों पर पलायन कर रहे हैं। मौसम विभाग ने बिहार के पांच जिलों में ऑरेंज और पांच अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। बिहार और नेपाल में हो रही लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही कटाव भी तेज होने से नदी किनारे बसी आबादी पर खतरा बढ़ गया है। गंगा, गंडक, कोसी, बागमती समेत सारी नदियों की कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। बेतिया के योगापट्टी और गोपालगंज के छह प्रखंडों में गंडक नदी का कटाव तेज होने से लोगों में दहशत है। योगापट्टी के सिसवां दलित बस्ती, मंगलपुर रखई और परती टोला गांव पर गंडक नदी के कटाव का खतरा मंडराने लगा है। कटाव से अब तक इन गांवों के दर्जनों किसानों की ईख की फसल सहित पूरा खेत नदी में समा चुका है। दूसरी तरफ, गोपालगंज के छह प्रखंडों के 42 गांव गंडक नदी के निशाने पर हैं। नदी के बढ़ते-घटते जलस्तर के बीच दियारा क्षेत्र के लोगों में बाढ़ का भय सता रहा है। जिले के कुचायकोट, गोपालगंज सदर, मांझागढ़, बरौली, सिधवलिया व बैकुंठपुर प्रखंडों के 42 गांव गंडक नदी के निचले हिस्से में बसे हैं। पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर दलित बस्ती गांव के पास कटाव करती गंडक नदी। मधेपुरा में कोसी की सहायक नदियों में पानी बढ़ने से चौसा प्रखंड इलाके में निचले हिस्सों में नदी का पानी फैलने लगा है। चौसा के मोरसंडा पंचायत के समीप घघरी नदी का कटाव भी जारी हो चुका है, जिससे लगभग दो दर्जन परिवारों पर कटाव का खतरा मंडराने लगा है। मुंगेर में गंगा अभी लाल निशान से नीचे है लेकिन बढ़ते जलस्तर व कटाव से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
सारण : श्रीपाल बसंत पंचायत के ग्रामीणों ने खराब सड़क को लेकर किया प्रदर्शन
बिहार, 09 जुलाई (संवाददाता- मो अशरफ) : सारण जिले के गरखा प्रखंड के श्रीपाल बसंत पंचायत में गौहर बसंत टांरा गाछी सड़क पर बड़े- बड़े गड्ढे हो जाने को लेकर ग्रामीणों ने आज रविवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया। लोगों का कहना है कि वर्ष 2021में शिवकान स्टेट ने यह सड़क गरखा मानपुर रोड पर बसंत मोड़ से लेकर गौहर बसंत हरिजन टोली टांरा गाछी तक सड़क निर्माण कराया था लेकिन बनने के कुछ ही दिनों बाद टांरा गाछी के पास सड़क जहां तहां धंसने और टूटने लगा जिससे इस सड़क पर कभी भी कोई दूर्घटना हो सकती है। विदित हो कि यह सड़क बसंत के रास्ते गरखा मानपुर रोड को डेरनी भेल्दी रोड से जोड़ती है।इस रास्ते से डेरनी थाना क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव बसंत के रास्ते गरखा छपरा मार्ग से जुड़ते हैं तो वहीं श्रीपाल बसंत और जलाल बसंत पंचायत के लोगों के लिए डेरनी भेल्दी दरियापुर मुख्य मार्ग से जुड़ने के लिए आवागमन का एक मात्र सड़क है। इस सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो जाने से चारपहिया वाहनों को इस रास्ते से आने जाने में काफी कठिनाई होती है जिसे लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
बाजीतपुर पंचायत भवन पर कार्यकारणी की बैठक को वार्ड, सदस्यों ने किया बहिष्कार
बिहार/छपरा, 9 जुलाई ( संवाददाता – मो अशरफ): सारण जिले के गरखा प्रखंड के बाजीतपुर पंचायत सचिव द्वारा कार्यकारणी की बैठक को लेकर 8 जुलाई 2023 को दिन में 11:00 बजे पंचायत भवन पर बैठक बुलाई गई थी। और सभी वार्ड सदस्य पहुंचकर कार्यकारणी की बैठक का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। वार्ड सदस्यों का कहना है कि पंचायत चुनाव जीतने के बाद लगभग डेढ़ वर्ष खत्म होने के बाद आज हमलोगों को जरूरत पंचायत सचिव को पड़ा है। नहीं कभी बुलाया गया। और 2022-23 और 2023-24 का योजना चढ़ गया है और कार्य भी हुआ है.लेकिन आज तक कोई कार्यकारणी नहीं बना नहीं आमसभा हुई जिसका सभी वार्ड सदस्यों ने जमकर विरोध किया। इसको लेकर सारण के डीएम डीपीआरओ सारण प्रमंडल आयुक्त से लिखित शिकायत कर उचित कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।