पटना, 12 दिसंबर: राजद नेता तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर बिहार की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। बुधवार को उन्होंने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि वे आने वाले चुनावों में दो राज्यों से उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन दो राज्यों से वे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। तेज प्रताप ने इसके साथ ही अपनी बहन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी बहन के साथ हाल ही में हुई एक घटना के बाद सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता है। इस संबंध में उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक हलकों में तेज प्रताप के इस बयान को 2025 के चुनावी समर से पहले एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। राजद खेमे में भी उनके इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे प्रचार पाने की कोशिश बताया, जबकि समर्थक इसे तेज प्रताप की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से जोड़कर देख रहे हैं।
बिहार में अवैध खनन रोकने की नई मुहिम — ‘बिहारी योद्धा पुरस्कार’ की घोषणा
पटना, 09 दिसंबर: बिहार सरकार ने अवैध खनन पर पूरी तरह शिकंजा कसने के लिए एक अनोखी और सशक्त पहल की शुरुआत की है। प्रदेश में पहली बार ऐसा अभियान चलाया जा रहा है जिसमें आम नागरिकों को भी इस लड़ाई का “योद्धा” माना जाएगा। सरकार ने ‘बिहारी योद्धा पुरस्कार’ का ऐलान किया है, जिसके तहत अवैध खनन में शामिल वाहनों की जानकारी देने पर जनता को सीधा नगद इनाम मिलेगा। इस योजना के मुताबिक, अगर कोई नागरिक अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर की सूचना देता है, तो उसे ₹5000 का पुरस्कार मिलेगा, और ट्रक की सूचना देने पर ₹10000 दिए जाएंगे। यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अक्सर स्थानीय स्तर पर होने वाली गलत गतिविधियाँ प्रशासन की निगाह से बच जाती हैं, और ऐसे में जनता की भागीदारी इस लड़ाई को मजबूत बना सकती है। सरकार का मानना है कि अवैध खनन न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय संसाधनों पर भी सीधा असर डालता है। ‘बिहारी योद्धा पुरस्कार’ के जरिए प्रशासन लोगों को न केवल जागरूक करना चाहता है, बल्कि उन्हें इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित भी कर रहा है। यह योजना आने वाले दिनों में बिहार की खनन व्यवस्था और जन-भागीदारी मॉडल दोनों का बदलता हुआ चेहरा साबित हो सकती है।
इंडिगो पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 7 दिन में 4500+ फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद सरकार सख्त
नई दिल्ली, 09 दिसंबर: इंडिगो द्वारा पिछले सात दिनों में 4500 से अधिक उड़ानें कैंसिल किए जाने के बाद केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार एयरलाइन के ऑपरेटिंग स्लॉट कम करने की तैयारी कर रही है। जिन स्लॉट्स को इंडिगो उपयोग नहीं कर पा रही है, उन्हें अन्य एयरलाइंस को दिया जा सकता है ताकि यात्रियों को होने वाली परेशानी कम हो सके। नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है और एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है। लगातार कैंसिलेशन के कारण यात्रियों में नाराजगी बढ़ी है, वहीं सरकार का मानना है कि बिना उपयोग वाले स्लॉट्स को अन्य कंपनियों को देने से फ्लाइट संचालन सामान्य किया जा सकेगा।
सीतामढ़ी में HIV का बड़ा खतरा, 7400 संक्रमित, 400 बच्चे भी शामिल – बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
बिहार, 09 दिसंबर: बिहार के सीतामढ़ी जिले में HIV संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 7400 से अधिक लोग HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि इनमें 400 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों में बढ़ते संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर ला दिया है। सूत्रों के मुताबिक जिले में हर महीने 40 से 60 नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे यह साफ है कि संक्रमण को रोकने की कोशिशें अभी नाकाफी साबित हो रही हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ते खतरे के पीछे अवैध क्लीनिक, असुरक्षित इलाज, संक्रमित खून का उपयोग और जागरूकता की कमी जैसे कारण प्रमुख हो सकते हैं। चिंता इस बात की भी है कि कई मामले देर से सामने आते हैं, जिससे संक्रमण का फैलाव और बढ़ जाता है। स्थिति गंभीर देखते हुए प्रशासन ने कई फर्जी क्लीनिकों और बिना लाइसेंस वाले नर्सिंग होम पर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, HIV संक्रमित मरीजों के लिए फ्री दवा, नियमित जांच और काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमण रोकने के लिए लोगों को समय पर जांच कराने और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति अपनाने की जरूरत है। बढ़ते आंकड़े चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
TRE-4 में 27,000+ शिक्षकों की भर्ती की तैयारी, लेकिन 23 जिलों की देरी से अटका नोटिफिकेशन
दिल्ली, 09 दिसंबर: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए TRE-4 इस बार सबसे चर्चित भर्ती प्रक्रिया बन गई है। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि शिक्षक भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन 26 जनवरी तक जारी किया जा सकता है। योजना के अनुसार इस बार 27,000 से अधिक पदों पर बहाली का लक्ष्य तय किया गया है, जो बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। लेकिन इस उम्मीद के बीच सबसे बड़ी रुकावट उन 23 जिलों की है, जिन्होंने अब तक रिक्तियों का पूरा ब्योरा विभाग को उपलब्ध नहीं कराया है। नतीजा—परीक्षा प्रक्रिया में देरी की आशंका बढ़ गई है और उम्मीदवारों के मन में फिर से वही पुराना सवाल उठ रहा है: क्या इस बार भी भर्ती समय पर होगी? TRE-4 को लेकर उत्साह चरम पर है, क्योंकि लंबे समय बाद इतनी बड़ी संख्या में सीटें खोली जा रही हैं। रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए यह घोषणा राहत की एक बड़ी किरण बन सकती है—बशर्ते कि जिलों की तरफ़ से लंबित आंकड़े समय पर मिल जाएं। फिलहाल, राज्यभर के उम्मीदवार शिक्षा विभाग की अगली घोषणा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
छठ महापर्व संपन्न: बसतपुर घाट पर व्रतियों ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य, श्रद्धा और आस्था का उमड़ा सैलाब
सारण/पानापुर, 28अक्टूबर: लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। व्रतियों ने नदी और तालाबों के घाटों पर पहुँचकर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। बिहार, झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में यह पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सारण जिले के बसतपुर छठ घाट पर भी आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ से घाट गुलज़ार रहा। पूरा वातावरण “जय छठी मइया” के जयघोष से गूंज उठा। घाट की साफ-सफाई और सजावट देखकर श्रद्धालु प्रसन्न नजर आए। घाट पर मौजूद ट्रैकर टाइम्स संवाददाता भास्कर के अनुसार, घाट पर पूजा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए जलपान और मूलभूत सुविधाओं की अच्छी व्यवस्था की गई थी। घाट की सफाई और साज-सज्जा की जिम्मेदारी नवयुवक पूजा समिति, बसतपुर ने संभाली। समिति के सदस्य विकास सिंह ने बताया, “पूरे गांव के सहयोग और श्रमदान से घाट की तैयारी की जाती है। हमारा एक ही उद्देश्य है — सभी व्रतियों को सुविधा मिले और सबको छठी मइया का आशीर्वाद प्राप्त हो।” चार दिन चले इस पर्व के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। व्रतियों ने नहाए-खाए से आरंभ हुए व्रत को आज उषा अर्घ्य के साथ पूर्ण किया। श्रद्धा, अनुशासन और आस्था का यह पर्व एक बार फिर समाज को एकजुटता और समर्पण का संदेश देकर विदा हुआ।
बसतपुर घाट पर छठ महापर्व की छटा, व्रतियों ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य — मुखिया अमरेन्द्र सिंह ने दी बधाई
सारण/पानापुर, 27 अक्टूबर: लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा आज पूरे बिहार, झारखंड और देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। इसी क्रम में बड़हिया पंचायत के बसतपुर घाट पर भी छठ पर्व की विशेष रौनक देखने को मिली। शाम के समय व्रतियों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। घाट पर पूजा-अर्चना के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। घाट की आकर्षक सजावट और साफ-सफाई से श्रद्धालु खासे प्रसन्न दिखे। इस अवसर पर मड़वा बड़हिया पंचायत के मुखिया अमरेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने नवयुवक पूजा समिति द्वारा किए गए सजावट और स्वच्छता के कार्यों की सराहना करते हुए सभी व्रतियों और ग्रामीणों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। कल प्रातःकाल उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पण के साथ चार दिवसीय यह महापर्व विधिवत रूप से संपन्न हो जाएगा।
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पंवार ट्रैवल्स की बस ब्रेकडाउन, छठ व्रती फंसे कई घंटे — बड़ा हादसा टला
दिल्ली/पटना, 27 अक्टूबर: दिल्ली से पटना जा रही पंवार ट्रैवल्स की बस (नंबर UP-81-CT-9481) रविवार सुबह करीब 8 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर अचानक ब्रेकडाउन हो गई, जिसके कारण बस में सवार दर्जनों यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। यह बस 25 अक्टूबर को दिल्ली से शाम 4 बजे रवाना होनी थी, लेकिन दो घंटे की देरी के बाद शाम 6 बजे निकली थी। बताया जा रहा है कि बस का कंप्रेसर पाइप फट गया, जिससे टायर से धुआं निकलने लगा। बस में बैठे यात्रियों ने जब शोर मचाया तो चालक ने तुरंत वाहन रोक दिया। समय रहते बस रुक जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों ने बताया कि उन्होंने कई बार बस मालिक और पार्टनर से संपर्क किया ताकि दूसरी बस की व्यवस्था हो सके, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बाद में ड्राइवर ने एक्सप्रेस वे पर ही एक मैकेनिक को बुलाया, जिसने बस की मरम्मत की। मरम्मत के बाद बस करीब रात 1 बजे फिर से रवाना हुई। यात्रियों का कहना है कि बस दिल्ली से निकलते समय ही ठीक हालत में नहीं थी। बस में अधिकतर यात्री छठ व्रती थे, जिन्हें समय पर अपने घर पहुंचकर खरना पूजन करना था। यात्रियों में इस देरी को लेकर गुस्से का माहौल देखने को मिला। कई टोल प्लाजा पर बस का फास्टैग भी काम नहीं कर रहा था, क्योंकि उसमें रिचार्ज नहीं था। कुछ यात्रियों ने बताया कि फास्टैग का रिचार्ज भी उन्हें खुद करना पड़ा। गोरखपुर एक्सप्रेस वे पर यात्रियों और ड्राइवर के बीच नोकझोंक भी हुई, क्योंकि वहां भी बस फास्टैग समस्या के कारण करीब आधे घंटे तक खड़ी रही। ट्रैवल एजेंसी से बात कर पता चला है कि यह बस ITO विभाग द्वारा कई महीनों से ब्लैकलिस्टेड है। इसके बावजूद बस का संचालन किया जा रहा था। टिकट बिक्री में भी अनियमितता सामने आई है — बस दिल्ली से पटना के लिए बुक थी, लेकिन उसमें किशनगंज, बेतिया और बेगूसराय के यात्रियों के टिकट भी ऑनलाइन उसी बस में जारी किए गए थे। यात्रियों का कहना है कि बस कंपनी की लापरवाही और तकनीकी खामियों के कारण उन्हें छठ पर्व जैसे पावन अवसर पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सारण: बसतपुर छठ घाट संध्या अर्घ्य के लिए तैयार, नवयुवक समिति ने संभाली कमान
सारण/पानापुर, 27 अक्टूबर: पानापुर प्रखंड के बसतपुर छठ घाट संध्याकालीन अर्घ्य के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है। घाट को फूल-मालाओं और दीपों से सजाया गया है, जहाँ आज शाम व्रती महिलाएं और श्रद्धालुजन डूबते सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित करेंगे। गांव के बीच स्थित तालाब किनारे यह घाट वर्षों से आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहा है। हर वर्ष की भांति इस बार भी घाट की सफाई और साज-सज्जा की जिम्मेदारी नवयुवक छठ पूजा समिति ने संभाली है। समिति के सदस्यों ने कई दिनों की मेहनत और सामूहिक प्रयास से घाट की सफाई, रंगाई-पुताई और व्यवस्था को सुनिश्चित किया है। इस कार्य में विकास सिंह, बिट्टू कुमार, अभिषेक कुमार, गोविंद कुमार, सुधांशु कुमार, रंजन कुमार, रौशन कुमार, सूरज कुमार, अनुज कुमार, प्रकाश कुमार, संदीप कुमार, नितेश कुमार, मिथलेश कुमार, चंदन कुमार सहित कई युवाओं का विशेष योगदान रहा। नवयुवकों की लगन और सहयोग से बसतपुर घाट अब श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। क्षेत्र में छठ महापर्व को लेकर भक्तिमय माहौल है और लोगों में उत्साह का संचार देखा जा रहा है।
बिहार में 22 नवंबर से पहले संपन्न होंगे चुनाव, बीएलओ को ट्रेनिंग से मोबाइल तक दिखेंगे कई बदलाव : सीईसी ज्ञानेश कुमार
पटना/नई दिल्ली, 05 अक्टूबर : मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को जानकारी दी कि बिहार में 22 नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि 22 नवंबर तक बिहार विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। उसके पहले ही राज्य में चुनाव संपन्न होंगे। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र हैं। इसमें दो सीटें एसटी और 38 सीटें एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि पूरी चुनाव आयोग की टीम दो दिनों से बिहार में है। सबसे पहले चुनाव आयोग ने बिहार की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। इसके अलावा, बिहार के सभी जिलाधिकारी, एसपी-एसएसपी, आईजी और डीआईजी, कमिश्नर और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों, नोडल अफसरों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी बिहार, स्टेट पुलिस नोडल अधिकारियों और सीएपीएफ के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य सचिवों के साथ भी बैठक की गई। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार से शुरू होने वाली कुछ पहलों में सबसे पहले ट्रेनिंग शामिल है। बूथ लेवल एजेंट की पहली बार चुनाव आयोग ने ट्रेनिंग कराई। बिहार के सभी बूथ लेवल एजेंट की ट्रेनिंग दिल्ली में कराई गई। बूथ लेवल अफसरों की आईआईआईडीईएम में ट्रेनिंग कराई गई। देशभर के लगभग 700 बूथ लेवल अफसर और सुपरवाइजर की ट्रेनिंग पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “साधारण तौर से पुलिस अफसरों की ट्रेनिंग जिला या राज्य में ही होती थी। इस बार मानक के तौर पर इनकी दिल्ली में भी ट्रेनिंग शुरू की गई। मतदाता सूची में सबसे बड़ी पहल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की रही। यह काम 24 जून से शुरू हुआ और समयबद्ध तरीके से सभी मतदाताओं के सहयोग के साथ समाप्त हुआ।” मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदाताओं को 15 दिन के अंदर वोटर आईडी दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बूथ लेवल अफसर को, जब वे मतदाता के पास जाएं तो मतदाता उन्हें पहचान पाएं, इसलिए बूथ लेवल अधिकारी के लिए फोटो आईडी कार्ड शुरू किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव से ही देश में पोलिंग बूथ पर मतदाताओं के मोबाइल रखने की व्यवस्था शुरू होगी। इस व्यवस्था का ट्रायल उपचुनाव के समय किया गया। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि मतदाताओं को दी जाने वाली स्लिप में बदलाव किया गया है, जिसमें बूथ नंबर और पता बड़े अक्षरों में मिलेगा। इससे मतदाता बूथ तक सुगमता के साथ जा सकते हैं। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग की लगभग 40 एप्लीकेशन अब तक बन चुकी थीं। इन सभी को मिलाकर एक कंप्यूटर प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसका प्रोग्रेसिव इंप्लीमेंटेशन अभी जारी है। बिहार में इसको लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या ज्यादा होने पर लाइनें लगती थीं, इसलिए पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं होंगे। यह व्यवस्था बिहार से शुरू होकर पूरे देश में लागू होगी।