पटना, 23 दिसंबर: बिहार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रवक्ता एजाज अहमद ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना चेहरा चमकाने के उद्देश्य को लेकर यात्रा पर निकले हैं। राजद प्रवक्ता ने श्री कुमार की प्रगति यात्रा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि बिहार में 20 सालों में प्रगति के कार्य कहीं दिख नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुल -पुलिया गिर रहे हैं, भ्रष्टाचार को सदाचार और शिष्टाचार का रूप दे दिया गया है, महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। बिहार में सरकार का इकबाल पूरी तरह से समाप्त हो गया है। शासन और प्रशासन पर से सरकार की पकड़ समाप्त हो गई है, साथ ही महंगाई बढ़ रही है। श्री अहमद ने कहा, नीति आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिहार विकास के सूचकांक के मामले में सबसे फिसड्डी राज्य है। चाहे चिकित्सा का क्षेत्र हो,शिक्षा का क्षेत्र हो या बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का क्षेत्र हो सभी मामलों में बिहार पूरी तरह से फिसड्डी है। उसके बाद भी किस प्रगति को दिखाने और देखने के लिए मुख्यमंत्री जी प्रगति यात्रा कर रहे हैं यह समझ से परे है। जहां प्रगति नहीं हुई है,वहां पर प्रगति यात्रा पर 226 करोड़ जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद करने का एक तरीका है। श्री कुमार अपना चेहरा चमकाने के उद्देश्य को लेकर यात्रा पर निकले हैं।
किसानो को सिंचाई के लिए बिजली का कनेक्शन देना सर्वोच्च प्राथमिकता: ऊर्जा सचिव
पटना, 22 दिसंबर: ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली का कनेक्शन देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिहार के चतुर्थ कृषि रोड मैप के अन्तर्गत प्रतिवेदित राज्य में कृषि कार्य के लिए डीजल चालित कुल 7 लाख 20 हजार पम्प सेटों में से पूर्व की योजनाओं के अन्तर्गत अब तक कुल 3.60 लाख कृषि पम्प सेटों को विद्युत सम्बंध प्रदान किया जा चुका है। रविवार काे एक बयान जारी करऊर्जा सचिव पाल ने बताया कि ऊर्जा विभाग ने शेष 3.60 लाख पम्प सेटों के अतिरिक्त 1.20 लाख नये पम्प सेटों का आकलन करते हुए कुल 4.80 लाख पम्प सेटों को कृषि कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। कुल 4.80 लाख बिजली कनेक्शन को माह सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित हैं। इसमें से 1.50 लाख पम्प सेटों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में विद्युत सम्बंध दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 1.46 लाख किसानों को बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अर्थात माह दिसम्बर में अबतक निर्धारित लक्ष्य से कहीं ज्यादा कृषि सम्बंध दिये जा चुके हैं। ऊर्जा सचिव ने कहा कि जिस युद्ध स्तर पर इस योजना का क्रियान्वयन चल रहा है और राज्य के किसान अपनी उत्सुकता दिखा रहे हैं निश्चित ही यह लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सात निश्चयों में से एक, मुख्यमंत्री कृषि विद्युत सम्बद्ध योजना के तहत ऊर्जा विभाग हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बिहार स्टेट पावर होल्डिग कम्पनी लिमिटेड तथा राज्य की दोनों वितरण कम्पनियों द्वारा स्थानीय स्तर पर कैम्प एवं अन्य माध्यमों से किसानों को इस योजना का लाभ लेने हेतु व्यापक जगरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। सभी जिलों में इस योजना का लाभ लेने के लिए बिजली कनेक्शन लेने हेतु किसानों द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कृषि विद्युत सम्बद्ध योजना के अन्तर्गत बिजली का कनेक्शन बिलकुल ही निःशुल्क दिया जाता है। बिजली कनेक्शन लेने को सरल एवं सुगम बनाने के लिए किसानों को मात्र आधार कार्ड की प्रति और जमीन से जुड़ा कोई भी कागजात प्रस्तुत करना होता है। उल्लेखनीय है कि किसानों को अब बिजली से पटवन का खर्च अब डीजल के मुकाबले 10 गुना से भी अधिक सस्ता पड़ता है।
तेजस्वी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की, बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग का किया समर्थन
पटना, 22 दिसंबर: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा हाल ही में विवादास्पद परिस्थितियों में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को अपना समर्थन दिया। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य के सुदूर सीमांचल क्षेत्र का दौरा कर रहे पूर्व उपमुख्मयंत्री यादव शनिवार देर रात राजधानी पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष शहर के गर्दनी बाग इलाके में गए, जहां कई अभ्यर्थी ठंड के बावजूद प्रदर्शन कर रहे हैं और 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) रद्द करने की मांग कर रहे हैं। अपने करीबी सहयोगी और राज्यसभा सदस्य संजय यादव के साथ आए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों से कुछ देर बातचीत की और कहा “हम इस मुद्दे पर पूरी तरह छात्रों के साथ हैं। नीतीश कुमार सरकार को परीक्षा रद्द करने का आदेश देना होगा।” उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा, “आप जो भी कदम उठाएंगे, तेजस्वी चार कदम आगे बढ़ने को तैयार हैं।”
लालू-नीतीश का उद्देश्य समाज को बांटकर राजनीति करना : प्रशांत
पटना, 21 दिसंबर: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आज हमला बोला और कहा कि इन दोनों नेताओं का राजनीतिक मॉडल एक जैसा है, दोनों नेताओं का उद्देश्य समाज को बांटकर और सबको गरीब, अनपढ़ और मजदूर बनाकर अपनी राजनीति करते रहना है। किशोर ने शनिवार को कहा कि सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाकर उनसे वोट लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लालू यादव से किसी ने सवाल नहीं किया कि वो दावा करते हैं कि उन्होंने अपने शासन काल में गरीबों, वंचितों और पिछड़ों को आवाज दी लेकिन उन्होंने जिन वर्गों को आवाज दी, उन्हें शिक्षा, जमीन या रोजगार क्यों नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने आवाज दी, जिससे वो जीवन भर उनके लिए नारे लगा सकें और उनका झंडा लेकर घूम सकें। वहीं यदि उन्होंने इन वर्गों को शिक्षा दी होती या पूंजी उपलब्ध कराकर रोजगार मुहैया कराया होता तो आज वो उनकी पार्टी का झंडा लेकर नहीं घूम रहे होते। जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि अपनी राजनीति के लिए इन नेताओं ने पूरे बिहार को गरीब, अनपढ़ और मजदूर बना दिया है। इसका नतीजा है कि महज 400 रुपये पेंशन पाने के बावजूद लोग सरकार को इस बात के लिए वोट दे रहे हैं कि सरकार 400 रुपये दे रही है।
नीतीश कुमार अलविदा यात्रा पर निकलने से पहले जनता के सवालों का जवाब दें : तेजस्वी
पटना, 20 दिसंबर: बिहार विधान सभा में प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दो अरब 25 करोड़ 78 लाख की अलविदा यात्रा पर निकलने से पहले बिहार की जनता के सवालों के जवाब देने चाहिए। श्री यादव ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार को जनता से क्षमा-याचना मांगनी चाहिए कि 20 वर्षों में कथित यात्राओं के माध्यम से राजनीतिक पर्यटन पर निकलने के बावजूद वो अभी तक वास्तविक तथ्य-सत्य और साक्ष्य क्यों नहीं जान एवं समझ पाए है। वह बताएं कि 20 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम क्यों है। नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि बीस साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी बिहार मानव विकास सूचकांक और नीति आयोग के सतत विकास सूचकांक के हर मापदंड में सबसे पीछे क्यों है। एक भी संकेतक को सुधारने में क्या 200 साल और चाहिए। बीस साल बाद भी मुख्यमंत्री क्यों नहीं जान पाए हैं कि बिहार के 36.6 प्रतिशत स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है। बिहार के 5681 सरकारी विद्यालयों के पास अपना भवन भी नहीं है और वह बगल के विद्यालय से संलग्न होकर चलाए जा रहे हैं जबकि इनमें से 933 के पास भूमि उपलब्ध है तथा जिन विद्यालयों के पास अपना भवन है उनमें से 62 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालय और 20 प्रतिशत माध्यमिक विद्यालयों के परिसरों की चारदीवारी भी क्यों नहीं है। बारम्बार यात्राएं करने के बाद भी श्री कुमार को यह पता क्यों नहीं चलता था कि जिला सदर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज एवं अनुमंडलीय अस्पतालों के हालात इतने बदतर क्यों थे? 17 महीने में हमने मिशन-60, मिशन परिवर्तन और मिशन बुनियाद के तहत सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में क्रांतिकारी बदलाव के साथ चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मियों, उपकरणों एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी। हमारे हटने के बाद से फिर एक साल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं में गिरावट क्यों हुई, क्या मुख्यमंत्री इसमें सुधार का प्रयास करेंगे। श्री यादव ने कहा कि बिहार के थानों और कार्यालयों में रिश्वतखोरी एवं अफ़सरशाही क्यों है। जिला मुख्यालय से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह जानने की कोशिश क्यों नहीं की। मुख्यमंत्री ने जब यात्राएं शुरू नहीं की थी तब बिहार की चीनी मिलें चलती थी लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा यात्राएं शुरू करने के बाद से सभी चीनी मिल बंद क्यों है? मुख्यमंत्री जवाब दें उन्होंने चीनी मिले बंद क्यों करायी। दस वर्ष से डबल इंजन सरकार होने के बावजूद भी चीनी मिल शुरू क्यों नहीं हो पाई। हम 17 महीने सरकार में आए तो राजद कोटे से गन्ना और उद्योग विभाग ने मिलकर रीगा चीनी मिल शुरू कराने का कैबिनेट से निर्णय पास कराया? आपसे इतने सालों की सत्ता में यही काम क्यों नहीं हो पाया था। 17 बरसों से कथित फिज़ूलखर्ची यात्रा करने के बाद भी मुख्यमंत्री और उनके अधिकारियों को यह क्यों नहीं पता चला कि विभिन्न विभागों में 10लाख पद रिक्त थे? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आम जनता को चिढ़ाने वाले इन बेमतलब की यात्राओं में जब मुख्यमंत्री जिले-जिले मुँह चमकाने के लिए घूमते थे तब भी इनको यह ज्ञात क्यों नहीं होता था कि जिला रोजगार पंजीकरण एक्सचेंज में कितने बेरोजगार पंजीकृत है। उनकी नज़र में रोजगार पंजीकरण एक्सचेंज का कोई मतलब भी है या नहीं। जनता के पैसों को बर्बाद कर यात्रा करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अभी तक यह ज्ञात क्यों नहीं हुआ कि बिहार के आधे घरों से यानि हर दूसरे घर से लोग काम की तलाश में राज्य से बाहर पलायन कर अपने परिवार से दूर रहने को विवश क्यों हैं? हर वर्ष कम से कम आधा साल बिहार बाढ़ या सुखाड़ से जूझता है। सरकारी खजाने से अरबों खर्च कर अपने महिमामंडन के लिए राजनीतिक पर्यटन पर निकलने वाले आत्ममुग्ध सीएम को इतना समय भी नहीं मिला कि डबल इंजन सरकार होने के बावजूद इतनी गंभीर समस्या के हल पर कुछ विचार करें? क्या सीएम को किसानों की दिक़्क़त और खाद की क़िल्लत के बारे में जानकारी है? अगर है तो खाद की कालाबाज़ारी के क्या वो दोषी नहीं है। पहले की यात्राओं के दौरान की गयी घोषणाओं, आश्वासनों और निर्देशों का अनुपालन नहीं होना क्या एक विफल, कमजोर, रिटायर्ड अधिकारियों पर आश्रित बेबस मुख्यमंत्री का परिचायक नहीं है। क्या मुख्यमंत्री को अपनी विफलता के लिए क्षमाप्रार्थी नहीं होना चाहिए?
बिहार में राजद विधायक के भाई के घर छापेमारी, हथियार सहित नोट गिनने की मशीन बरामद
पटना, 19 दिसंबर: बिहार की राजधानी पटना में एम्स के सुरक्षा अधिकारी पर जानलेवा हमले के आरोपी पिंकू यादव के घर पर गुरुवार को पुलिस ने छापेमारी की। इस छापेमारी में तीन बंदूक, नोट गिनने की मशीन सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं। पिंकू यादव राजद विधायक रीतलाल यादव का भाई बताया जाता हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि खगौल थाना कांड संख्या 284/24 में कोर्ट से वारंट लेकर पुलिस की टीम ने पिंकू यादव उर्फ टिंकू यादव के कोथमा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में अवैध हथियार, कैश और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट सहित नोट गिनने की एक मशीन भी बरामद की गई है। दानापुर के एएसपी भानु प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पिंकू यादव उर्फ टिंकू यादव के कोथमा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की गई है। अभी छापेमारी लगातार चल रही है। इसके ठिकानों से कुछ संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गई हैं। उन्होंने बताया, “छापेमारी के दौरान तीन बंदूकें जिनका लाइसेंस अभी नहीं दिखाया गया है, इसको जब्त किया जा रहा है। साढ़े ग्यारह लाख रुपये कैश भी बरामद किए गए हैं। बड़ी संख्या में फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के कागजात भी मिले हैं। इसके अलावा जमीन के पेपर, स्टांप पेपर भी मिले हैं। इनके घर से पैसा गिनने की एक मशीन भी बरामद की गई है।” हालांकि, पिंकू यादव की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है। उल्लेखनीय है कि एम्स के एक सुरक्षा अधिकारी पर गोली चलवाने और उन्हें धमकी देने के एक मामले में पुलिस को पिछले कई दिनों से विधायक के भाई पिंकू यादव की तलाश कर रही है , लेकिन वह अब तक पुलिस से बच रहा है।
बिहार के सभी ग्राम पंचायतों में बनेगा खेल मैदान, सीएम नीतीश ने किया निर्माण कार्य का शुभारंभ
पटना, 19 दिसंबर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 5,671 ग्राम पंचायतों में 6,659 खेल मैदान के निर्माण कार्य का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया। ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मनरेगा योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों के 5,671 ग्राम पंचायतों में प्रथम चरण में 6,859 खेल मैदानों के निर्माण की स्वीकृति पहले ही दी गयी थी। इसके निर्माण में 63,827.35 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन खेल मैदानों के निर्माण कार्य में अनुमानित 41 लाख मानव दिवस का सृजन होगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल कूद के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ खेल की आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। खेल मैदान के विकास के फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और उत्साहवर्धन भी होगा। खेल मैदान विकसित होने से युवाओं के बीच खेल प्रतियोगिताओं और प्रतिस्पर्धाओं के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। खेल मैदान के विकास के क्रम में ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। भूमि की उपलब्धता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न तीन प्रकार के खेल मैदान विकसित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया, “पहले प्रकार के खेल मैदान बड़े आकार के होंगे जिनका क्षेत्रफल चार एकड़ तक का है। बड़े खेल मैदान में गांव के युवाओं को खेलने के लिए क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, रनिंग ट्रैक, बैडमिंटन, ऊंची कूद, लम्बी कूद, कबड्डी और खो-खो खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।” उन्होंने बताया कि दूसरे प्रकार के खेल मैदान मध्यम आकार के होंगे जिनका क्षेत्रफल एक से 1.5 एकड़ तक होगा। मध्यम आकार के खेल मैदान में क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, रनिंग ट्रैक, बैडमिंटन, ऊंची कूद और लम्बी कूद की सुविधाएं उपलब्ध होगी जबकि तीसरे प्रकार के खेल मैदान छोटे आकार के हैं जिनका क्षेत्रफल एक एकड़ से कम है। इसमें बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, रनिंग ट्रैक और बैडमिंटन की सुविधा मिल सकेगी। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी उपस्थित रहे।
‘हमारा बिहार, हमारी सड़क’ ऐप से ग्रामीण यातायात में होगा सुधार : नीतीश
-पटना में सीएम ने लॉन्च किया हमारा बिहार हमारी सड़क ऐप, खराब सड़क की मोबाइल से भेज सकेंगे रिपोर्ट पटना, 19 दिसंबर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को “हमारा बिहार हमारी सड़क” नामक मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया। इस ऐप का उद्देश्य ग्रामीण सड़कों की स्थिति में सुधार लाना और उनके मेंटेनेंस में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस नई पहल से राज्य के लोग अब सीधे अपनी सड़कों की समस्याएं सरकार तक पहुंचा सकेंगे। इस मोबाइल ऐप को विशेष रूप से बिहार की ग्रामीण सड़कों की देखभाल और मेंटेनेंस के लिए विकसित किया गया है। लोग अपने मोबाइल फोन से खराब सड़कों की फोटो और समस्याओं की रिपोर्ट सीधे संबंधित अधिकारियों को भेज सकेंगे। दर्ज की गई शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर किया जाएगा। समाधान प्रक्रिया और अपडेट ऐप पर उपलब्ध होंगे, जिससे लोगों को काम की प्रगति की जानकारी मिलती रहेगी। लॉन्च कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप सड़कों की देखभाल में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जनता से इसे अधिक से अधिक इस्तेमाल करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा, सड़क खराब होने की जानकारी अब सीधे अधिकारी तक पहुंचेगी। आप इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड करें और सड़क की स्थिति की रिपोर्ट भेजें। इससे समस्या का तुरंत समाधान हो सकेगा। इस ऐप के माध्यम से पूरे बिहार की ग्रामीण सड़कों की देखभाल की जाएगी। लोग गड्ढों या अन्य समस्याओं की तस्वीरें खींचकर रिपोर्ट कर सकते हैं। यूजर्स अपने प्रखंड या क्षेत्र की सड़कों का चयन कर सकते हैं। समस्या हल होने पर ऐप में जानकारी अपडेट की जाएगी। यह प्लेटफॉर्म जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी और बिहार के मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने भी इस ऐप की सराहना की और इसे ग्रामीण विकास में अहम कदम बताया। शिकायतों का निपटारा तेजी से किया जाएगा। यह पहल सरकार और जनता के बीच भरोसा बढ़ाएगी। सड़कों की बेहतर स्थिति से ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी और विकास में सुधार होगा। ऐप के जरिए सड़कों की देखरेख में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस पहल से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क समस्याओं का समाधान आसान हो जाएगा। सरकार का यह कदम न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगा। “हमारा बिहार हमारी सड़क” ऐप बिहार की ग्रामीण जनता के लिए एक बड़ी सुविधा है। यह न केवल सड़कों की समस्याओं को हल करने में मदद करेगा, बल्कि विकास की गति को भी तेज करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह प्रयास राज्य के विकास में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
जनता से मिलने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करोड़ों खर्च कर रहे हैं : तेजस्वी यादव
सहरसा, 16 दिसंबर: बिहार में विपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित ‘महिला संवाद यात्रा’ को लेकर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी 15 दिन की यात्रा पर 2 अरब 25 करोड़ 78 लाख रुपए खर्च कर रहे हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर कौन ऐसा मुख्यमंत्री होगा, जो जनता से मिलने के लिए इतने रुपए खर्च करेगा। उन्होंने बताया कि इतने रुपए में बिहार में बहुत सारा काम हो जाता, आखिर वह किस बात की यात्रा कर रहे हैं? यह सिर्फ अधिकारियों की लूट की छूट की यात्रा है। पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अपने ‘कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा’ को लेकर सहरसा पहुंचे थे। उन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का विरोध करते हुए कहा कि आज पूरे देश में उपचुनाव भी एक तिथि को संभव नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर कम खर्च होने का तर्क दिया जा रहा है, लेकिन आज विज्ञापन पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने निर्णय लिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में अगर उनकी सरकार बनी तो ‘माई-बहिन मान योजना’ के तहत प्रत्येक महिला को हर महीने 2,500 रुपए दिए जाएंगे, जिससे महिलाएं अपनी जरूरत के सामान की पूर्ति कर पाएंगी। उन्होंने बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों के वोट से केंद्र में सरकार बनी, लेकिन, आज तक विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से कितनी राशि मिली? उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं कागजों पर चल रही हैं। इस यात्रा के दौरान हम लोग अपना विजन बता रहे हैं। जबकि, जदयू के लोग इसी की कॉपी करते हुए यात्रा पर निकल पड़े। सरकार के सारे मंत्री कामकाज छोड़कर यात्रा पर निकल पड़े हैं। सभी जिला तक जा रहे हैं।
बीपीएससी पीटी : बापू भवन परीक्षा केंद्र की परीक्षा रद्द
पटना, 16 दिसंबर: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 70वीं प्रारंभिक परीक्षा के तहत पटना के बापू भवन केंद्र में ली गई परीक्षा रद्द कर दी है। आयोग ने बताया कि जल्द ही इस केंद्र के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। बीपीएससी के चेयरमैन रवि मनुभाई परमार ने सोमवार को पटना में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा केंद्र में परीक्षा के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा हंगामा किया गया था। इस घटना की जांच जिला प्रशासन द्वारा की गई थी। जांच की रिपोर्ट रविवार को मिल गई है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के लिए राज्य के करीब 4.80 लाख परीक्षार्थियों ने आवेदन पत्र भरा था। परीक्षा के लिए राज्य में 912 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 911 परीक्षा केंद्रों में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न हुई थी, लेकिन बापू भवन परिसर परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्रों ने हंगामा किया था। यहां कुल 12 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देने आए थे। कुछ छात्रों ने प्रश्न पत्र लेट देने का आरोप लगाकर हंगामा किया था। उन्होंने बताया कि उपद्रव करने वाले 25 से 30 लोगों की पहचान कर ली गई है जिनके खिलाफ एक्शन को लेकर बीपीएससी समीक्षा कर रहा है। पटना पुलिस अधीक्षक के स्तर से भी दो टीमें इस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि आयोग शांतिपूर्ण परीक्षा दे रहे छात्रों के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है, इस कारण केवल इसी केंद्र की परीक्षा रद्द की गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी। परीक्षा का परिणाम अन्य केंद्रों के साथ ही घोषित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि नॉर्मलाइजेशन नहीं किया जाएगा और होने वाली परीक्षा का प्रश्न पत्र अलग होगा। उल्लेखनीय है कि बीपीएससी 70वीं परीक्षा का पीटी 13 दिसंबर को पूरे राज्य में आयोजित किया गया था।