पटना/गोपालगंज, 04 जनवरी : गोपालगंज मे बढ़ते शीत लहर के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोपालगंज जिले वासियों को बड़ी सौगात दी है. प्रगति यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने गोपालगंज जिले में लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से 72 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया है. इनमें 7169.080 लाख रुपये की लागत से 61 योजनाओं का उद्घाटन तथा 6733.670 लाख रुपये की लागत से 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है. सीएम ने कई योजनाओं की दी सौगात इस दौरान मुख्यमंत्री ने सात निश्चय के तहत 21.60 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सिधवलिया गोपालगंज के प्रशासनिक भवन, कर्मशाला भवन, स्टाफ हॉस्टल, कैंटीन ब्लॉक, प्राचार्य आवास, उप प्राचार्य आवास, चाहरदीवारी, पहुंच पथ, स्थल विकास (वर्ष जल संचयन के साथ), फर्नीचर एवं फर्निशिंग कार्य से संबंधित शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया है. उद्घाटन के पश्चात् मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने वर्कशॉप का मुआयना किया. मुख्यमंत्री ने वर्कशॉप में हैंड शीयरिंग मशीन, मेटल कटर मशीन, पिलर टाइप ड्रिल मशीन, सेंटर लेथ मशीन द्वारा किए जाने वाले कार्यों के संबंध में जानकारी ली. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गोपालगंज के प्रांगण में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के विकास योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास संबंधित शिलापट्टों का अनावरण किया. आईटीआई कॉलेज का किया भ्रमण इस क्रम में मुख्यमंत्री ने सिधवलिया में बने आईटीआई कॉलेज को लेकर कहा कि, काफी सुंदर भवन बन गया है. इसका नियमित रूप से रख-रखाव होना चाहिए. यहां स्टाफ के आवासन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि पठन-पाठन का कार्य स-समय होता रहे. यहां विद्यार्थियों के लिए भी हर प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध करायी गई है. विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु नई तकनीक संबंधित मशीनें लगाई गई हैं. इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने सिधवलिया प्रखंड के ग्राम पकड़ी के पोखरा टोला का भ्रमण कर कराए गए विकासात्मक योजनाओं का जायजा लिया. जायजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जीर्णोद्धार कराए गए पकड़ी पोखर का मुआयना किया. मुआयना के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पकड़ी पोखर में सीढ़ीनुमा घाट का निर्माण कराएं, ताकि आसानी से लोगों की पहुंच पोखर के जल तक हो सके. पकड़ी पोखर के पास किया पौधारोपण इस दौरान मुख्यमंत्री ने पकड़ी पोखर के समीप पौधारोपण भी किया. पौधारोपण के बाद सीएम ने कहा कि, हम लोगों ने वर्ष 2019 में जल-जीवन-हरियाली अभियान को शुरू कराया. इसके तहत सभी सार्वजनिक कुओं, तालाबों, पोखरों आदि के जीर्णोद्धार का काम प्रारंभ कराया गया. पकड़ी पोखर भी अच्छे ढंग से बन गया है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पकड़ी पोखर में मछली का जीरा एवं बत्तखों को छोड़ा गया. मुख्यमंत्री ने वार्ड संख्या-8 में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी जायजा लिया. इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया. 1,431 परिवारों को प्रदान किया सांकेतिक चेक मुख्यमंत्री ने सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत गोपालगंज जिले के कुल 1431 परिवारों को 4 करोड़ 31 लाख 11 हजार 755 रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने गोपालगंज जिले में जल-जीवन-हरियाली अभियान के सतह निर्मित 3 जलाशयों को विजयीपुर प्रखंड में जीविका संपोषित ग्राम संगठनों को अगले 5 वर्षों के लिए निःशुल्क आवंटन से संबंधित स्वीकृति पत्र जीविका दीदियों को प्रदान किया. 7050 जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 40,280 जीविका दीदियों को बैंक लिंकेज के द्वारा आर्थिक सहयोग से संबंधित 141 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों को प्रदान किया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना के लाभुकों को मुख्यमंत्री ने सांकेतिक चेक प्रदान किया. जीविका दीदियों के संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल इस दौरान सीएम नीतीश पकड़ी ग्राम में आयोजित जीविका दीदियों से संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए. जीविका दीदियों ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हो रही आमदनी एवं मिल रही सुविधाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया. जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रगट करते हुये कहा कि, आप जीविका समूहों के माध्यम से हम सभी महिलाओं के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं. इसके लिए हम सब आपको धन्यवाद देते हैं. जीविका से जुड़कर न सिर्फ हमारी आमदनी बढ़ी है बल्कि समाज में महिलाओं का मान-सम्मान भी बढ़ा है. सामुदायिक भवन पुस्तकालय का किया उद्घाटन मुख्यमंत्री ने पकड़ी ग्राम के वार्ड संख्या-8 में सामुदायिक भवन सह पुस्तकालय का फीता काटकर उद्घाटन किया. उद्घाटन के पश्चात् मुख्यमंत्री ने सामुदायिक भवन सह पुस्तकालय का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली. प्रगति यात्रा के क्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कई नेता और वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
बिहार: पटना के 22 केंद्रों पर दोबारा आयोजित बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा संपन्न
पटना, 04 जनवरी: बिहार की राजधानी पटना के 22 केंद्रों पर शनिवार को दोबारा आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। बीपीएससी की गत 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा को अराजकता के बाद पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर रद्द कर दिया गया था। इसके बाद इस केंद्र के अभ्यर्थियों के लिए फिर से पटना के 22 केंद्रों पर प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया गया। दोबारा आयोजित यह परीक्षा दोपहर 12 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई और दोपहर दो बजे संपन्न हो गई। बीपीएससी ने 13 दिसंबर को कथित अनियमितताओं के बाद केवल बापू परीक्षा केंद्र के अभ्यर्थियों के लिए इस परीक्षा को फिर से कराए जाने की घोषणा की थी। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने शनिवार को कहा कि सभी 22 केंद्रों पर यह परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि आज आयोजित की गई परीक्षा को लेकर अभी तक कहीं से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि आज आयोजित की गई परीक्षा में कुल 12,000 उम्मीदवारों में से 5943 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा से पूर्व पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था, ‘‘पटना में 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा होने जा रही है। कुल 12,000 उम्मीदवारों में से लगभग 8,200 उम्मीदवारों ने अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिए हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद ही संबंधित अधिकारी आज की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की सही संख्या बता पाएंगे।’’ उन्होंने बताया था , ‘‘सुचारु और शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में अनधिकृत प्रवेश, सभा और विरोध प्रदर्शन प्रतिबंधित हैं।’ इस बीच, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीपीएससी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं सीसीई को रद्द करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार से शुरू किया गया अपना आमरण अनशन शनिवार को भी जारी रखा। पत्रकारों से शनिवार को बात करते हुए किशोर ने कहा, ‘मुझे पता है कि 13 दिसंबर को राज्य भर में आयोजित पूरी परीक्षा को रद्द करने के लिए हमारी ओर से बार-बार मांग की गई, लेकिन इसके बावजूद बापू परीक्षा केंद्र के अभ्यर्थियों के लिए आज पटना में दोबारा परीक्षा कराई जा रही है। फिर से परीक्षा की मांग कर रहे बाकी अभ्यर्थियों का क्या होगा? मुझे यकीन है कि आज की परीक्षा के बाद विरोध और तेज होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘सरकार हमारी बात सुनेगी। प्रशासन शुक्रवार को हमारे पास आया और हमसे हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया।’’ किशोर ने आरोप लगाया, ‘राज्य में भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार के बारे में सभी जानते हैं। लोग कह रहे हैं कि बीपीएससी की आधी सीट माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों ने पहले ही बेच दी हैं। भ्रष्ट अधिकारी और माफिया राज्य और बीपीएससी में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 30 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक वसूल रहे हैं। किशोर के आमरण अनशन पर पटना के जिलाधिकारी ने कहा, “हम घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं….आज की परीक्षा समाप्त होने के बाद हम आगे की रणनीति तय करेंगे। जो लोग गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आमरण अनशन पर बैठे हैं, वह अवैध है।” बीपीएससी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित एक संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने, राज्य की राजधानी पटना के बापू परीक्षा केंद्र में संचालित परीक्षा का बहिष्कार किये जाने पर आयोग ने 12000 उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया था। इस आदेश के तहत अभ्यर्थियों को चार जनवरी को शहर के विभिन्न केंद्रों पर नए सिरे से आयोजित की जाने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा गया था। हालांकि, आयोग का मानना है कि बिहार के शेष 911 केंद्रों पर परीक्षा ठीक से आयोजित की गई और इस परीक्षा में शामिल पांच लाख से अधिक उम्मीदवारों की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई थी।लेकिन उम्मीदवारों के एक वर्ग ने ‘समान अवसर’ सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों के लिए फिर से परीक्षा का आदेश दिये जाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अधिकारियों को ‘सबूत’ मुहैया कराए हैं कि कदाचार व्यापक रूप से हुआ था और यह केवल बापू परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं था, जबकि बीपीएससी ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया है।
बिहार: ‘वैनिटी वैन’ के बारे में पूछने वाले पत्रकार पर भड़के प्रशांत किशोर
पटना, 04 जनवरी: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पटना में आमरण अनशन स्थल के पास मौजूद ‘वैनिटी वैन’ के बारे में सवाल पूछे जाने पर शनिवार को भड़क गए। पटना के गांधी मैदान से कुछ सौ मीटर की दूरी पर खड़ी ये ‘वैनिटी वैन’ कथित तौर पर कई लग्जरी सुविधाओं से लैस है। किशोर ने बृहस्पतिवार शाम को बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर गांधी मैदान में ‘आमरण अनशन’ शुरू किया था। किशोर (47) ने सवाल पूछने वाली महिला पत्रकार से कहा, “आप वैनिटी वैन के बारे में क्या जानना चाहती हैं? आप देखना चाहती हैं कि मैं कहां शौच करता हूं।” सवाल पर भड़के किशोर ने कहा, “ऐसा लगता है कि आपके लिए यह सवाल कि हम कहां शौच जाएं, बीपीएससी उम्मीदवारों के भविष्य से ज्यादा महत्वपूर्ण है। क्या आप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके द्वारा प्राप्त सुविधाओं के बारे में सवाल पूछने की हिम्मत करेंगी?” जिला प्रशासन ने किशोर और उनके 150 समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर धरना स्थल पर प्रदर्शन को ‘अवैध’ करार दिया। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार गर्दनी बाग में निर्दिष्ट स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर धरने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। जिलाधिकारी ने बताया, “हम किशोर और उनके समर्थकों को धरना स्थल खाली करने का नोटिस दिया गया है और ऐसा न करने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री को बीपीएससी के आंदोलनरत बच्चों से मिलना ही पड़ेगा : जनसुराज
पीड़ित अभ्यर्थियों के साथ न्याय मिलने तक चट्टान की तरह खड़ा रहेगा जनसुराज पटना (बिहार), 3 जनवरी: गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि अब तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बीपीएससी के आंदोलनरत बच्चों से मिलकर उनकी मांगों पर विचार करना ही होगा। लोकतंत्र में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। ये बच्चे बिहार के ही हैं और बिहार के मुखिया होने के नाते क्या मुख्यमंत्री को यह मालूम नहीं है कि बच्चें किस वजह से आंदोलनरत हैं ? यह तो अहंकार की पराकाष्ठा है भाई। उक्त जानकारी देते हुए बिहार प्रदेश जनसुराज राज्य परिषद् के सदस्य प्रमोद सिंह टुन्ना ने कहा कि अब आंदोलन से एक कदम भी पीछे हटना संभव नहीं है।बिहार के बच्चों का कैरियर दांव पर है।यदि बच्चों का कैरियर ही खराब हो जाएगा तो हमें राजनीति में होने का कोई मतलब नहीं है।राज्य में पक्ष और विपक्ष दोनों ही सत्ता के लिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। श्री टुन्ना ने आगे कहा कि बल प्रयोग कर अब बच्चों को डराया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री या उनके किसी सक्षम दूत को बच्चों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता कर जायज मांगों पर विचार करना ही चाहिए अन्यथा आंदोलन की सारी जवाबदेही सरकार की होगी।लाठी के बल पर आखिर कब तक बच्चों की जायज मांगों को दबाते रहिएगा। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि अभी तो सिर्फ गांधी मैदान का एक कोना भरा है।कल पूरा गांधी मैदान भर जाएगा,तब आपकी आंखें खूलेंगी क्या ?
बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रशांत किशोर आज से शुरू करेंगे भूख हड़ताल
नई दिल्ली, 02 जनवरी : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (बीपीएससी) के अभ्यर्थियों की चिंताओं का समाधान करने की मांग को लेकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। दरअसल, प्रशांत किशोर ने यह फैसला 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं का विरोध करने वाले अभ्यार्थियों के बीच बढ़ती अशांति के बाद लिया है। इससे पहले किशोर ने बिहार सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उन छात्रों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया था, जो परीक्षा रद्द करने और नए सिरे से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अगर छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े होंगे।” 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी, जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने विरोध दर्ज कराने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था। इसके बाद बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर में फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया। दूसरी तरफ छात्र पूरी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए थे। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में छात्र संसद का आयोजन किया गया था। इसके लिए लिए प्रशासन ने उनको अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद छात्र मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। पुलिस ने लाठी चार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया था। पुलिस ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन के बाद किशोर सहित 700 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बीपीएससी परीक्षा रद्द करवाने की मांग को लेकर बिहार बंद करेंगे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव
पूर्णिया, 25 दिसंबर: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर राजनीति जारी है। इसी बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सड़कों पर उतरने की घोषणा करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर बिहार बंद कराएंगे। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि प्रश्न पत्र लीक के बाद बिहार के छात्र अवसाद में हैं और सुसाइड कर रहे हैं। बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक में 500 करोड़ रुपए का खेल हुआ है। उन्होंने हाईकोर्ट की बेंच से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कोचिंग माफियाओं की भी मिलीभगत बताया। पप्पू यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बीपीएससी परीक्षा रद्द नहीं की गई तो एक जनवरी को बिहार बंद करेंगे। वह प्रश्न पत्र लीक मामले में चुप नहीं बैठने वाले हैं। इससे पहले पप्पू यादव सोमवार की देर रात पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचे और छात्रों के साथ धरने पर बैठे। पप्पू यादव पीटी परीक्षा रद्द कर पुनर्परीक्षा की मांग कर रहे हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी धरनास्थल पहुंचकर धरने पर बैठे छात्रों का समर्थन कर चुके हैं। 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन केंद्र पर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी, जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने विरोध दर्ज कराने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था। बीपीएससी ने दावा किया कि ऐसी अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्व थे। हालांकि, बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर में परीक्षा देने वाले 5,000 से अधिक उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है। छात्र परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हुए हैं।
बिहार : कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का छात्र बना साइबर अपराधी, गिरफ्तार
मोतिहारी, 25 दिसंबर: बिहार में इन दिनों साइबर अपराध की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। पुलिस हालांकि साइबर अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर लगातार प्रयास में जुटी है। इस बीच, बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के छतौनी थाना क्षेत्र से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के एक छात्र को साइबर फ़्रॉड के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड करने के आरोप में छतौनी थाना के बरियारपुर से हर्ष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। यह पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया का रहने वाला है और यहां आकर रह रहा था। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया गिरफ्तार युवक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का छात्र है, जो कई माध्यम से फ्रॉड करता था। बताया गया कि यह मुख्य तौर पर कस्टम में पकड़े गए सामान को टेलीग्राम में फर्जी विज्ञापन बनाकर और प्रीपेड ऑर्डर का झांसा देकर पैसे की ठगी करता था। जब कुछ समय बीत जाता तब लोग ऑर्डर डिलीवरी के बारे में पूछते तो पेमेंट फेल होने या जीएसटी के नाम पर और पैसे की मांग करता। गिरफ्तार युवक पर इसके टेलीग्राम पर पायरेटेड मूवी डाउनलोड करने का ग्रुप बनाने और इसके माध्यम से ही ट्रोजन वायरस लगा हुआ एपीके भेजने और लोगों का मोबाइल हैक करके फ्रॉड करने का भी आरोप है। फंसने से बचने के लिए फ्रॉड के पैसे दुकानों और अन्य व्यवसायियों के स्कैनर पर मंगाता था। इसी क्रम में शिकायत दर्ज होने पर उक्त व्यवसायियों का खाता भी फ्रीज हो जाता था। मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार छात्र के पास से एक रियलमी का एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुआ है जिसमें अभियुक्त द्वारा बनाए गए टेलीग्राम के सभी ग्रुप हैं। दूसरा बरामद वीवो का मोबाइल ट्रोजन वायरस युक्त पाया गया है। फ्रॉड के कुल पांच कांड करने में उपयोग किया गए तीन सीम कार्ड भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्र हर्ष कुमार के विरूद्ध ऑनलाइन फ्रॉड करने के आरोप में मोतिहारी साइबर थाना में कांड दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘प्रगति यात्रा’ पर हुए रवाना, करेंगे प्रगति की समीक्षा
पटना, 23 दिसंबर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को अपनी ‘प्रगति यात्रा’ पर रवाना हो गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी यात्रा की शुरुआत वाल्मीकिनगर से करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा के लिए पटना से रवाना हुए। उनके साथ कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी बेतिया गए हैं। बताया गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी यात्रा की शुरुआत बेतिया के वाल्मीकि नगर के घोटवा टोला से करेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में जाएंगे और लोगों की राय भी जानेंगे। इस दौरान वह करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। इस बीच वह विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। मुख्यमंत्री अपनी यात्रा के क्रम में जीविका समूह की महिलाओं से भी संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर इलाके में सुरक्षा के तगड़े प्रबंध किए गए हैं। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यात्रा के पहले चरण में मुख्यमंत्री 23 से 28 दिसंबर तक छह जिलों में जाएंगे। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश 24 दिसंबर को पूर्वी चंपारण, 26 को शिवहर-सीतामढ़ी, 27 को मुजफ्फरपुर और 28 दिसंबर को वैशाली का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान समीक्षा बैठक में 23 और 24 दिसंबर को नौ विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित रहेंगे। इन विभागों में शिक्षा, राजस्व एवं भूमि सुधार, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सहकारिता और ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं। कई अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक में शामिल होंगे। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री की इस यात्रा को एनडीए के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगले चुनाव में जदयू को 20 सीट भी नहीं मिलेगी : प्रशांत
पटना, 23 दिसंबर: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में चल रही खींचतान पर कटाक्ष करते हुए आज कहा कि जनता दल यूनाईटेड (जदयू), राजग के साथ लड़े या महागठबंधन के साथ, अगले चुनाव में उन्हें 20 सीटें भी नहीं मिलेंगी। श्री किशोर ने सोमवार को कहा कि आज यदि बिहार की जनता किसी से सबसे ज्यादा नाराज है, तो वो नीतीश कुमार हैं। जनता नीतीश के अफसर राज से परेशान है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी जानती है कि श्री कुमार आज राजनीतिक बोझ बन चुके हैं और कोई कंधा उन्हें उठा नहीं सकता। लेकिन नियति ने भी ऐसी व्यवस्था बना दी है जिसके चलते भाजपा के लिए मजबूरी हो गई है कि उन्हें अगला चुनाव नीतीश के नेतृत्व में ही लड़ना होगा और श्री कुमार ही राजग का चेहरा होंगे, जन सुराज पार्टी के लिए इससे अच्छी बात और कुछ नहीं हो सकती। श्री किशोर ने राजग की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को चुनौती दी है कि यदि उसमें हिम्मत है तो वह अगला चुनाव श्री कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करके लड़े। यदि ऐसा हुआ तो जो 2020 के चुनाव में जदयू के साथ हुआ, वही इस बार जदयू के साथ-साथ भाजपा के साथ भी होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बिहार के बच्चों की चिंता करने की बजाये भाजपा ने दिल्ली में चंद सांसदों के लालच में बिहार को श्री कुमार के हवाले कर दिया,जबकि भाजपा जानती है कि नीतीश कुछ नहीं कर रहे हैं, इसलिए अगले चुनाव में जनता जदयू और भाजपा दोनों को सबक सिखाएगी।
सितारवादिका जानवी मुखर्जी का निधन
समस्तीपुर, 23 दिसंबर: बिहार में समस्तीपुर महिला कॉलेज की संगीत की पूर्व विभागाध्यक्ष और प्रसिद्ध सितारवादिका प्रोफेसर जानवी मुखर्जी का रविवार की रात निधन हो गया। वह करीब 82 वर्ष की थी। प्रोफेसर जानवी मुखर्जी का रविवार की रात उनके बंगाली टोला स्थित आवास पर निधन हो गया। वह शहर के प्रमुख चिकित्सक डॉ.सुप्रियों मुखर्जी और चार्टर अकाउंटेंट सुनंद मुखर्जी की मां थी। जानवी मुखर्जी समस्तीपुर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल प्रोफेसर एन. मुखर्जी की पत्नी थी। जानवी मुखर्जी के निधन पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रामनाथ ठाकुर, स्थानीय विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहिन, समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान पार्षद तरूण कुमार, जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के जिलाध्यक्ष प्रो.दूर्गेश राय और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक दल के नेता अजय कुमार ने शोक व्यक्त किया और कहा कि स्व.जानवी मुखर्जी ने संगीत एवं शिक्षा के प्रति जो कार्य किया गया उसे भुलाया नहीं जा सकता है।