मुजफ्फरपुर, 30 जनवरी : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के एक छात्रावास पर तड़के सुबह कई राउंड फायरिंग हुई है। गोलीबारी की इस घटना से छात्रावास के छात्र दहशत में हैं। इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के ठक्कर बप्पा छात्रावास के मुख्य गेट पर गुरुवार की सुबह असामाजिक तत्वों ने फायरिंग की है। घटना की सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी थाना पुलिस सहित नगर पुलिस उपाधीक्षक सीमा कुमारी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि तीन दिन पहले इसी छात्रावास के छात्रों और पीजी-एक के छात्रों के बीच सरस्वती पूजा के चंदा को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद भयंकर झड़प हुई थी। इस दौरान कई छात्र घायल हो गए थे। अब वहीं पर गोलीबारी होने से छात्र डरे हुए हैं। पिछले दिनों हुए विवाद और मारपीट की घटना की प्राथमिकी विश्वविद्यालय थाना में दर्ज कराई गई थी, जिसमें सात लोगों को नामजद और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले की भी पुलिस अभी जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि उसी विवाद में दहशत फैलाने के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया गया होगा। मुजफ्फरपुर नगर की पुलिस उपाधीक्षक सीमा देवी ने बताया कि कुछ उपद्रवी तत्वों के द्वारा एक छात्रावास पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से तीन राउंड फायरिंग की गई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि सरस्वती पूजा को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। जल्द ही उपद्रवियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
बिहार में वाहनों पर फर्जी तरीके से ‘प्रेस’, ‘पुलिस’, ‘आर्मी’ लिखवाया तो होगी कार्रवाई
पटना, 30 जनवरी: बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने प्रेस, पुलिस, आर्मी या ऐसे दूसरे शब्द लिखी गाड़ियों की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि ऐसा देखा गया है कि अपराधी और असामाजिक तत्व इन शब्दों का गलत इस्तेमाल कर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। इसलिए सभी पुलिस अधिकारियों को ऐसी गाड़ियों की सख्ती से जांच करने को कहा गया है। उन्होंने कहा, “इन स्टिकरों के जरिए अपराधी पुलिस को धोखा देकर अवैध गतिविधियों में शामिल रहते हैं। मेरा यह उद्देश्य नहीं है कि कोई वास्तविक हो उसे तंग किया जाए। पुलिस अधिकारियों को ऐसे लोगों पर सूक्ष्मता पूर्वक निगरानी रखने को कहा गया है, जिससे इस तरह के स्टिकर का प्रयोग कर कोई गलत धंधे में शामिल न हो। ऐसी कई घटनाएं देखी भी गई हैं।” उन्होंने हाल की ही एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दरभंगा में एक ऐसी घटना सामने आई जिसमें एक व्यक्ति एडीएम रैंक का अधिकारी बताकर, कई बार पुलिस को धोखा दे चुका था। उसने अपने वाहन पर स्टिकर भी चिपकाया हुआ था। इस कारण स्टिकर लगाकर चलने वाले लोगों पर निगरानी रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जांच के क्रम में इस पर निगरानी रखी जाएगी। इधर, बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर जाम की समस्या पर उन्होंने कहा कि प्रयागराज में शाही स्नान को लेकर ऐसी व्यवस्था की गई थी, गुरुवार से अब सभी व्यवस्था कर ली जाएगी। सभी वाहनों को अब गंतव्य के लिए जाने दिया जाएगा। उल्लेखनीय है प्रयागराज जाने वाले लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने उत्तर प्रदेश जाने वाले बड़े वाहनों को सीमा पार करने पर रोक लगा दी थी।
बिहार : दिल्ली के कर्तव्य पथ पर दिखेगी बिहार की परंपरा, आठ साल बाद दिखेगी प्रदेश की झांकी
पटना, 25 जनवरी: गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आठ सालों के बाद बिहार की झांकी दिखेगी। इस झांकी के जरिए बिहार की समृद्ध विरासत और परंपरा की झलक लोगों को देखने को मिलेगी। गणतंत्र दिवस समारोह में बिहार की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी। इस झांकी में राज्य की समृद्ध ज्ञान और शांति की परंपरा को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें नालंदा की प्राचीन विरासत और उसके संरक्षण के प्रयासों को दर्शाया गया है। बिहार की झांकी के माध्यम से ज्ञानभूमि नालंदा की प्राचीन विरासत एवं उसके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से बिहार को पुनः शिक्षा के मानचित्र पर वैश्विक रूप में स्थापित करने के प्रयास को दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भगवान बुद्ध की अलौकिक एवं भव्य मूर्ति के साथ घोड़ा कटोरा झील को इको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने के अनूठे प्रयास को भी दर्शाया गया है। झांकी के अग्र भाग में बोधिवृक्ष “इसी धरती से ज्ञान का प्रकाश सम्पूर्ण विश्व में फैला है” का संदेश देती नजर आएगी। झांकी में प्राचीन नालंदा महाविहार (विश्वविद्यालय) के भग्नावशेषों को भी दर्शाया गया है, जो इस बात के साक्षी हैं कि चीन, जापान एवं मध्य एशिया के सुदूरवर्ती देशों से छात्र यहां ज्ञान की प्राप्ति के लिए आते थे। नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष प्राचीन भारत की ज्ञान परंपरा के प्रतीक हैं। इन भग्नावशेषों का संरक्षण एवं संवर्द्धन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिहार सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से नालंदा का प्राचीन गौरव पुनर्स्थापित हो रहा है। झांकी में बिहार की प्राचीन एवं समृद्ध विरासत को भित्ति चित्रों के माध्यम से भी उकेरा गया है। उल्लेखनीय है कि नालंदा विश्वविद्यालय का लोकार्पण 19 जून 2024 को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में किया गया। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की वास्तुकला पर आधारित इस आधुनिक संरचना में सारिपुत्र स्तूप, गोपुरम प्रवेश द्वार तथा पारंपरिक बरामदे की अवधारणा को दर्शाया गया है। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से निर्मित इन संरचनाओं से यह विश्वविद्यालय कार्बन न्यूट्रल तथा नेट जीरो कैम्पस के रूप में स्थापित हुआ है।
पटना : आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा से की मुलाकात, कहा – बिहार ज्ञान की धरती है
पटना, 25 जनवरी: कल्कि धाम के पीठाधीश्वर एवं पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम बिहार के दौरे पर हैं। वह शनिवार को पटना में बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के आवास पहुंचे और उनसे मुलाकात की। दोनों के बीच हुई मुलाकात के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बिहार की धरती को नमन किया। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की धरती है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “बिहार की धरती ज्ञान की, मेधा की, थाती की, तपस्या की धरती है। बिहार की भूमि बहुत पावन है, हम उसको नमन करते हैं। मैं श्री कल्कि धाम से आया हूं। श्री कल्कि धाम दुनिया का ऐसा धाम है, जो भगवान के अवतार से पहले भगवान के अवतरण स्थल के रूप में स्थापित हो रहा है। श्री कल्कि धाम की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। 19 फरवरी को स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। मैंने उप मुख्यमंत्री को निमंत्रण दिया है। मैं चाहूंगा कि विजय सिन्हा अपने हाथ से एक शिला श्री कल्कि धाम में स्थापित करने के लिए वहां पधारे।” बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इस मुलाकात के बाद कहा कि आचार्य का मेरे आवास पर आना हमारा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथों के अंदर वेदव्यास के रचित श्रीमद् भागवत और उसके अंदर कल्कि अवतार की चर्चा है। आज उसे जमीन पर आचार्य प्रमोद कृष्णम के द्वारा उतारा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भी उस स्थल पर गए हैं। उन्होंने कहा कि यह 21वीं सदी के बदलते भारत के विराट स्वरूप की एक शुरुआत है। निश्चित रूप से हम वहां जाएंगे और बदलते भारत के विराट स्वरूप का गवाह बनने का हमें भी मौका मिलेगा।
आम आदमी पार्टी मानसिक रूप से बीमार हो गई है : सम्राट चौधरी
पटना, 25 जनवरी: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार में भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। बिहार में भी बयानबाजियों का दौर जारी है। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई भाजपा नेताओं को ‘बेईमान’ बताए जाने पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी मानसिक रूप से बीमार हो गई है। पटना में पत्रकारों से चर्चा के दौरान जब उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता मानसिक रूप से बीमार हो चुके हैं और उन्हें दिल्ली में हार दिख रही है। इस कारण इस तरह के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा बढ़ा हुआ है। इस बार चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में एक कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ पोस्टर वॉर शुरू कर दिया है। इस पोस्टर में उन्होंने भाजपा के कई नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर एक चरण में पांच फरवरी को वोटिंग होनी है और नतीजे आठ फरवरी को आएंगे। आम आदमी पार्टी ने मतदान से पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर किया है। इस पोस्टर में लिखा है, “केजरीवाल की ईमानदारी सभी बेईमान लोगों पर भारी पड़ेगी।” इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली भाजपा के नेताओं की तस्वीरें भी हैं। इस पोस्टर में राहुल गांधी की भी तस्वीर है। इसी पोस्टर को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
सोनू-मोनू के पिता बोले अनंत सिंह ने शुरू की फायरिंग, अनंत का जवाब- सोनू-मोनू किडनैपर और चोर हैं
पटना, 23 जनवरी: बिहार की राजनीति में बाहुबली छवि के लिए चर्चित पूर्व विधायक अनंत सिंह पर हमले के बाद मोकामा और बाढ़ इलाके में गैंगवार के भड़कने की आशंका बढ़ गई है। अनंत सिंह पर हमला तब हुआ जब वे मोकामा के नौरंगा गांव में एक विवाद सुलझाने पहुंचे थे। उनका दावा है कि गांव के कुछ गरीब लोगों ने उनसे मदद की गुहार लगाई थी, जिनके घरों पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने जबरन ताले लगा दिए थे। उन्होंने अपने समर्थकों को ताले खोलने का निर्देश दिया और संबंधित लोगों को बुलाने को कहा। इस दौरान सोनू-मोनू नामक व्यक्तियों और उनके समर्थकों ने फायरिंग शुरू कर दी। वीडियो फुटेज में ताबड़तोड़ गोलीबारी देखी गई, जिसमें दावा किया जा रहा है कि लगभग 70 राउंड गोलियां चलीं। घटना में अनंत सिंह के एक समर्थक को गर्दन पर गोली लगने की भी खबर है। घटना के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि “सोनू-मोनू किडनैपर और चोर हैं। उनके पिता भी डकैत थे। ये लोग लोगों के खेत लूटते हैं और पिस्टल लेकर घूमते हैं। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो यह घटना नहीं होती।” उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की और पैसे लेकर मामले को दबा दिया। अनंत सिंह ने कहा कि “मैं सुरक्षा की मांग नहीं करता। यह सरकार पर है कि मुझे जेल भेजे या ना भेजे। मुझे अपने खिलाफ केस से कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं हमेशा गरीबों के साथ खड़ा रहूंगा।” वहीं सोनू और मोनू के पिता ने आरोप लगाया है कि अनंत सिंह ने ही गोलीबारी शुरू की थी। उनके अनुसार, अनंत सिंह पर पहले से ही एफआईआर दर्ज है।
अनंत सिंह पर हमले के मामले में तेजस्वी यादव की एंट्री, नीतीश के साथ आनंद मोहन को भी घेरा
पटना, 23 जनवरी : मोकामा के पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर हुए हमले के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को उजागर करती हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि “यह कितनी बड़ी घटना है, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। दोनों पक्ष खुलेआम मीडिया में इंटरव्यू दे रहे हैं और चुनौती दे रहे हैं। इससे साफ समझा जा सकता है कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर नाम की कोई चीज नहीं बची है।” तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। उन्होंने कहा कि “राजधानी पटना से सटे इलाके में दो सौ राउंड गोलियां चलती हैं, और मुख्यमंत्री बयान तक नहीं देते। आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन है?” तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। आनंद मोहन और अनंत सिंह की रिहाई के बारे में तेजस्वी यादव ने कहा कि “अगर अपराधियों की पृष्ठभूमि और उनके संरक्षकों को देखा जाए, तो यह साफ समझा जा सकता है कि इसके पीछे सरकार की भूमिका क्या है। मुख्यमंत्री ने हाल के महीनों में अपने करीबी दो अपराधी साथियों को जेल से रिहा करने का काम किया है। यह वही मुख्यमंत्री हैं जो सात दिन के लिए सीएम बने थे और सबको पता है कि तब किन लोगों के सहयोग से वह मुख्यमंत्री बने थे।” हालांकि आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद और अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी, दोनों ही राजद के टिकट पर ही अभी विधायक हैं। तेजस्वी यादव ने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में इस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार बनने पर एक भी अपराधी बचेंगे नहीं। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। विधि व्यवस्था को दुरुस्त कर बिहार के लोगों को दिखाने का काम करेंगे।” गौरतलब है कि मोकामा में दो गुटों के बीच हुए विवाद में भारी गोलीबारी हुई थी। इसमें दो सौ से अधिक राउंड गोलियां चलने की खबर है। हालांकि, पुलिस अब तक इस मामले में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। तेजस्वी यादव ने इस मामले में सरकार की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
बिहार : बेतिया में शिक्षा अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी, मिली नोटों की गड्डियां, गिनने के लिए मंगाई गई मशीनें
बेतिया, 23 जनवरी : बिहार के बेतिया में गुरुवार को विजिलेंस टीम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण के घर पर छापेमारी की। इस दौरान तलाशी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। इसे गिनने के लिए टीम की तरफ से मशीनें भी मंगाई गई हैं। तीन घंटे से ज्यादा समय से उनके घर पर छापेमारी चल रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने चहेते ठेकेदारों को ही काम दिया। इसके अलावा, उन पर कई शिक्षकों ने भी भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। फिलहाल, अब तक उनके घर से कितनी रकम बरामद हुई है। इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। रजनीकांत खुद मौके पर मौजूद हैं, जहां उनसे पूछताछ जारी है। वहीं, उन पर लगे आरोपों की जांच विजिलेंस टीम की तरफ से की जा रही है। इसके अलावा, उन पर आय से अधिक संपत्ति के भी आरोप लग चुके हैं। बेतिया, समस्तीपुर और दरभंगा स्थित उनके ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग धनार्जन करने के लिए किया। गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। रजनीकांत पिछले तीन सालों से बेतिया में शिक्षा पदाधिकारी के पद पर तैनात हैं। वो 2005 से इस सेवा में हैं। वो दरभंगा, समस्तीपुर सहित अन्य जिलों में भी बतौर शिक्षा अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में उन पर लगे आरोप गंभीर बताए जा रहे हैं। बता दें कि हाल के दिनों में शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता को लेकर कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। हाल ही में स्कूलों में बेंच डेस्क की खरीदारी में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया था। इससे पहले किशनगंज और पूर्वी चंपारण में भी शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता को लेकर कार्रवाई हो चुकी है।
सारण: राज्यस्तरीय दो सदस्यीय टीम ने रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया मूल्यांकन
• कायाकल्प योजना के तहत रिविलगंज सीएचसी को मिलेगा प्रमाण-पत्र • मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का किया असेस्मेंट • कायाकल्प योजना के तहत रैंकिंग में प्रथम स्थान आने पर मिलेगा 15 लाख का इनाम सारण/बिहार, 23 जनवरी : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के कारण मरीजों का विश्वास स्वास्थ्य विभाग में बढ़ा है। खासतौर पर कायाकल्प योजना के तहत किए गए प्रयासों ने इस विश्वास को और मजबूत किया है। कायाकल्प योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाना है, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसी कड़ी में, सारण जिले के रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प के मानक के अनुरूप विकसित किया गया है। इस स्वास्थ्य केंद्र को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं, जिससे मरीजों को बेहतर वातावरण में इलाज मिल सके। कायाकल्प आवार्ड योजना के तहत, स्वास्थ्य केंद्र का मूल्यांकन राज्य स्तरीय टीम द्वारा किया गया। इस मूल्यांकन टीम में राज्य स्वास्थ्य समिति के डॉ. जयती श्रीवास्तव और यूनिसेफ से डॉ. अर्पिता हलदर शामिल थी। टीम ने अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं के अलावा, अस्पताल के साफ-सफाई इंतजाम, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों के रख-रखाव, और चिकित्सा कर्मियों के व्यवहार का भी मूल्यांकन किया। साथ ही, अस्पताल में दिए जा रहे अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे टीकाकरण, प्रसव कक्ष, एएनसी रूम, ओपीडी, और जांच घर की गहनता से जांच की गई।। इन मानकों के आधार पर अस्पतालों का मूल्यांकन किया जाता है और अच्छे प्रदर्शन पर उन्हें पुरस्कृत भी किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना और मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आठ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर किया गया है फोकस: राज्य स्वास्थ्य समिति के डॉ जयती श्रीवास्तव ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों में आठ मुख्य बिंदुओं पर फोकस किया गया है। इनमें अस्पताल का अपना भवन, वहां की स्वच्छता व साफ सफाई, मेडिकल वेस्ट के निष्पादन की व्यवस्था, इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी का क्रियाकलाप, सपोर्ट सर्विस (आउटसोर्स कर्मियों के काम काज व उपलब्धता), हाइजेनिक प्रोमोशन और बी ऑन द बांड्री यानि अस्पताल परिसर के बाहर आसपास वाले क्षेत्रों की साफ सफाई का होना शामिल है। इसके अलावे साईनेज बोर्ड, हर्बल गार्डेनिंग भी की गयी है। असेस्मेंट के आधार पर अस्पतालों की रैंकिंग की जाएगी और रैंकिंग में प्रथम स्थान पाने वाले अस्पताल को 15 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। द्वितीय स्थान के लिए 10 लाख रुपये और तृतीय स्थान के लिए 5 लाख रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, 70 प्रतिशत अंक पाने वाले अस्पतालों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से मरीजों का बढ़ा विश्वास: जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेश चंद्रकुमार ने कहा कि कायाकल्प योजना के तहत रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने जो सुधार किए हैं, वे न केवल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, बल्कि इससे स्वास्थ्य विभाग पर भी मरीजों का विश्वास बढ़ा है। यह योजना स्वास्थ्य संस्थानों को एक नए दृष्टिकोण से देखती है, जिसमें अस्पताल केवल इलाज का स्थान नहीं बल्कि एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण भी होता है, जो मरीजों के अच्छे स्वास्थ्य की ओर एक बड़ा कदम है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने कहा यह योजना अस्पतालों को स्वच्छ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करती है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। सारण जिले के रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किए गए सुधारों की सराहना राज्य स्तर पर की गई है, और अस्पताल को अच्छे प्रदर्शन के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना है। इस मौके पर जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेश चंद्र कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार, बीएचएम संजीव, बीसीएम रितु कुमारी, बीएमएनई प्रियंका कुमारी, पीरामल के प्रोग्राम लीड डॉ. रविश्वर कुमार समेत अन्य मौजूद थे। दिघवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध है ये सुविधाएं: • 24 घंटे इमरजेंसी सेवा • प्रसव की सुविधा • मातृ-शिशु स्वास्थ्य • टीकाकरण • ओपीडी सेवा • दवा का बेहतर रख-रखाव और उपलब्धता • आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रसव कक्ष और ओटी • शौचायल-पेयजल की सुविधा • हर्बल गार्डेन
रेलवे क्लेम घोटाले में पटना समेत देश के पांच ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
पटना, 22 जनवरी: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेलवे क्लेम घोटाला मामले में बुधवार को बिहार के पटना और नालंदा समेत देश के पांच स्थानों पर छापेमारी की है। पटना और नालंदा के अलावा बेंगलुरु में भी ईडी की छोपमारी चल रही है। पटना में तीन, नालंदा में एक और बेंगलुरु में एक स्थान पर छापेमारी चल रही है। रेलवे क्लेम घोटाला 100 करोड़ से अधिक का माना जा रहा है। यह घोटाला रेलवे कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे किया गया है। ईडी इस मामले में कई न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। खासकर, रेलवे न्यायिक अधिकारी रहे आरके मित्तल और वकील बीएन सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। आरके मित्तल को कुछ साल पहले भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया था। उल्लेखनीय है कि रेलवे में हुए करोड़ों के इस घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति उदय यू. ललित की पीठ के निर्देश पर सीबीआई ने यह मामला दर्ज किया था। इस घोटाले में रेलवे कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दावे दाखिल किए गए थे और फिर उन दावों के आधार पर बड़ी रकम हड़पी गई थी। इस पूरे रैकेट में कई लोगों की मिलीभगत थी। एक-एक व्यक्ति के नाम पर चार-चार बार धन की उगाही की गई। मामला वर्ष 2015-2018 के बीच का है। सीबीआइ की कार्रवाई को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच शुरू की थी।