सीएम नीतीश कुमार ने ‘हर घर नल का जल’ निश्चय की 7166 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी

पटना, 18 मार्च : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को रिमोट के माध्यम से ‘हर घर नल का जल’ निश्चय के तहत 7,166 करोड़ 6 लाख रुपये लागत की जलापूर्ति योजनाओं और भवन संरचनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 83 करोड़ रुपये लागत की लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मुख्यालय भवन का भी शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं का आज शिलान्यास किया गया है, उन्हें समय पर पूर्ण करें। उन्होंने अधिकारियों से ‘हर घर नल का जल’ योजना का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से करने का निर्देश देते हुए कहा कि यह जरूरी है कि सभी चीजों का मेंटेनेंस हो। हमलोगों का उद्देश्य है कि लोगों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो, इसमें किसी प्रकार की परेशानी न हो। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि राज्य के लोगों को नियमित और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। पेयजल गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप राज्य सरकार सभी ग्रामीण परिवारों को 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से जलापूर्ति कर रही है, जो राष्ट्रीय औसत से 16 लीटर अधिक है। ‘हर घर नल का जल’ निश्चय के तहत निर्मित सभी जलापूर्ति योजनाओं का संचालन एवं रख-रखाव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने हरित पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की योजनाओं पर आधारित एक लघु फिल्म प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री नीरज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के जिलाधिकारी एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अधिकारी जुड़े हुए थे।

बिहार में बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, “हिंदुओं का एकजुट होना जरूरी, इकट्ठे रहे तो कोई हरा नहीं पाएगा”

गोपालगंज, 08 मार्च : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान हिंदू एकता को देश के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि अगर एकजुट रहेंगे तो कोई भी हमें तोड़ नहीं पाएगा। प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि अगर हिंदू अकेले रहेंगे तो वे टूट जाएंगे, लेकिन अगर वे एकजुट होकर रहेंगे तो कोई भी उन्हें तोड़ नहीं सकता। अगर कुत्ते को एक पत्थर मारा जाए तो वह भाग जाएगा, लेकिन वही पत्थर अगर मधुमक्खी के छत्ते पर मारा जाए तो आपको ही भागना पड़ेगा। इसका मतलब यह है कि कुत्ता अकेला था, जबकि मधुमक्खी एकजुट थी। उन्होंने कहा कि जैसे मधुमक्खियां अपने एकजुट होने की ताकत से किसी को भी हरा सकती हैं, ठीक उसी तरह हिंदू समाज यदि इकट्ठा रहेगा तो कोई भी उसे हरा नहीं सकेगा। हिंदू अलग रहेगा तो उसे भागना पड़ेगा, लेकिन अगर वह एकजुट रहेगा तो देशद्रोहियों को भागना पड़ेगा। मैं किसी पार्टी का प्रचारक नहीं हूं, मैं एक हिंदुत्व का विचारक हूं। कथावाचक ने संविधान संशोधन को लेकर भी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि हम संविधान के खिलाफ हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हम भारत के संविधान का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे पहले भी 125 बार से ज्यादा संविधान में संशोधन हो चुका है और यदि जरूरत पड़ी तो एक बार फिर हिंदू राष्ट्र के लिए संविधान में संशोधन किया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 6 मार्च से 10 मार्च तक बिहार के गोपालगंज जिले में हैं। यहीं भोरे के रामनगर मठ में हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। हनुमंत कथा के दूसरे दिन भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी, रितेश पाण्डेय, शिवेश मिश्रा, पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी सहित अन्य भाजपा नेता पहुंचे।

पहले की सरकारों ने महिला सशक्तिकरण के लिए कोई काम नहीं किया : नीतीश

पटना, 08 मार्च : बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधा और कहा कि पहले जिन लोगों को मौका मिला उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया। श्री कुमार ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यहां पार्टी कार्यालय में बिहार प्रदेश महिला जदयू की ओर से आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन का शुभारंभ करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मैं आप तमाम महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनायें देता हूं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। वह प्रारम्भ से ही महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले जिन लोगों को मौका मिला उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया।” उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। यह देखकर उन्हें बेहद प्रसन्नता होती है। जदयू की बिहार प्रदेश महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. भारती मेहता ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह् भेंटकर उनका अभिनंदन किया। सम्मेलन में शामिल सभी महिलाओं ने ताली बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, परिवहन मंत्री शीला मंडल, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद संजय कुमार झा, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, पूर्व मंत्री रंजू गीता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

सरकार में इच्छा शक्ति हो तो बेहतर प्लान के साथ सब के हित में हो सकता है काम: तेजस्वी

पटना, 02 मार्च: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि सरकार में इच्छा शक्ति हो तो बेहतर प्लान के साथ सब के हित में काम हो सकता है लेकिन नीतीश सरकार एक थकी हुई सरकार है, जो जनता के हित में निर्णय नहीं ले पा रही है। श्री यादव ने रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार सरकार कैसे काम कर रही है, यह नीति आयोग की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होता है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा, चिकित्सा, कृषि के क्षेत्र में बिहार फिसड्डी है। पलायन और शिक्षा की बदहाली से लोग काफी परेशान हैं लेकिन इस दिशा में सरकार के स्तर से कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बिहार में भ्रष्टाचार, अपराध, गरीबी और बेरोजगारी से आम लोग तंग आ चुके है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कुछ करने की बजाय हमेशा अपना पुराना टेप रिकॉर्डर बजाते रहते हैं और वर्ष 2005 के पहले की बातें ही बार-बार दोहराते हैं। श्री यादव ने विधानसभा में सोमवार को पेश होने वाले बजट में राज्य की सभी महिलाओं के लिए प्रति माह 2500 रुपये की मदद देने तथा वृद्धावस्था, दिव्यांगता और विधवा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने की घोषणा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा में उन्होंने आठ हजार पंचायत प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया और जिलों में महिलाओं की बातें भी सुनी। संवाद यात्रा के क्रम में उन्हें जो फीडबैक मिला और जो अनुभव किया, उससे पता चलता है कि महिलाएं, मजदूर और गरीब सबसे अधिक महंगाई से परेशान हो रहे है।

बिहारः नीतीश कुमार ने मंत्रिपरिषद में सात नये चेहरों को किया शामिल, सभी भाजपा विधायक

पटना, 26 फरवरी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को अपनी मंत्रिपरिषद में सात नये चेहरों को शामिल किया। ये सभी गठबंधन सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हैं। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या 36 हो गई है। बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीट हैं। नियमों के अनुसार कुल सीट का 15 प्रतिशत ही मंत्री हो सकते हैं। इस लिहाज से राज्य मंत्रिपरिषद में 36 सदस्य ही हो सकते हैं। यहां राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया है उनमें जिबेश कुमार, संजय सरावगी, सुनील कुमार, राजू कुमार सिंह, मोती लाल प्रसाद, विजय कुमार मंडल और कृष्ण कुमार मंटू शामिल हैं। बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं। नये मंत्रियों में शामिल जिबेश कुमार अगस्त 2022 तक राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य थे, जब मुख्यमंत्री कुमार ने यह आरोप लगाते हुए अचानक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ दिया था कि भाजपा उनके नेतृत्व वाले जनता दल (यूनाईटेड) को ‘तोड़ने’ की कोशिश कर रही है। दरभंगा से पांचवीं बार विधायक बने संजय सरावगी और बिहारशरीफ का प्रतिनिधित्व करने वाले सुनील कुमार को भी मंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गढ़ कहे जाने वाले नालंदा जिले के बिहारशरीफ से वह तीन बार जद(यू) के टिकट पर चुने गए। वह 2015 में भाजपा में शामिल हो गए थे। मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज सीट से विधायक राजू कुमार सिंह को भी मंत्री पद से नवाजा गया है। वह भी पहले जद (यू) में थे। उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में मुकेश सहनी के नेतत्व वाली विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में वीआईपी ने कुल मिलाकर तीन सीट जीती थीं। दो साल पहले उस समय इसके सभी विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे, जब सहनी ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था। कुमार की मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए नेताओं में एक और उल्लेखनीय चेहरा सारण जिले के अमनौर के विधायक कृष्ण कुमार मंटू का है। हाल ही में उन्होंने पटना में ‘कुर्मी चेतना रैली’ आयोजित की थी, जिसका उद्देश्य इस ओबीसी समुदाय में भाजपा की पैठ बढ़ाने की थी। नीतीश कुमार खुद कुर्मी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए दो अन्य चेहरों में अररिया जिले के सिकटी से विधायक विजय कुमार मंडल और सीतामढ़ी के रीगा से विधायक मोती लाल प्रसाद शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मंत्रिपरिषद के विस्तार में जातिगत समीकरण के साथ ही भाजपा के राजनीतिक समर्थन के आधार वाले क्षेत्रों पर भी खासा ध्यान दिया गया है। ज्ञात हो कि एक दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पटना में पार्टी के कोर समूह के नेताओं के साथ बैठक की थी। नए मंत्रियों में से दो, जिबेश कुमार (भूमिहार) और राजू कुमार सिंह (राजपूत) उच्च जातियों से हैं, जो बिहार में आबादी का 10 प्रतिशत से अधिक हैं, लेकिन दशकों से भाजपा के सबसे वफादार मतदाता रहे हैं। इसके अलावा, सुनील कुमार को छोड़कर सभी गंगा के उत्तर क्षेत्र से आते हैं। इस क्षेत्र में राजग के मुकाबले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कांग्रेस और वाम दलों के गठबंधन का प्रदर्शन बेहतर रहा है। मंत्रिपरिषद में नये चेहरों को ऐसे दिन शामिल किया गया जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने पार्टी की ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति का हवाला देते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। जायसवाल को पिछले साल जनवरी में जद(यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने के बाद गठित नये मंत्रिमंडल में राजस्व और भूमि सुधार विभाग का प्रभार प्रदान किया गया था। जायसवाल जुलाई, 2024 में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के स्थान पर भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बनाये गये थे।

हेल्थ जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजन

सारण, 26 फरवरी: राष्ट्रीय मानवाधिकार एण्ड एंटी करप्शन मिशन के द्वारा हेल्थ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय मानवाधिकार एण्ड एंटी करप्शन मिशन जिले के गरखा कार्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.वसीम रजा, चंदन कुमार राष्ट्रीय सलाहकार ने बैठक कर संगठन विस्तार पर चर्चा किया। साथ ही हेल्थ जागरूकता कार्यक्रम बिहार में करने के लिए डॉ नौशाद आलम प्रदेश उपाध्यक्ष बिहार डॉ शमशाद आलम, के साथ कार्यक्रम करने के लिए विचार विमर्श किया साथ ही संस्था के द्वारा किए जा रहे कार्यों को आम जन तक पहुंचाने के लिए बिहार में महा सदस्यता अभियान चलाने के रूप रेखा तैयार करने के लिए कहा ज्यादा से ज्यादा लोगों को संस्था के द्वारा आम जन तक पहुंचाने के लिए ज्यादा से सदस्य भी बनाना पड़ेगा। इस बैठक में कई पदाधिकारी उपस्थित है।

बिहार में ‘लालू राज’ कभी नहीं आने वाला, जनता सचेत है : गिरिराज सिंह

पटना, 22 फरवरी: केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने राजद नेता तेजस्वी यादव के 2025 में महागठबंधन की सरकार बनने के दावे को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि बिहार में अब कभी ‘लालू राज’ नहीं आने वाला है, जनता सचेत है। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने तेजस्वी यादव के सरकार बनाने के दावे पर कहा, “अपने मन से पुआ पकाने से तेजस्वी यादव को कौन रोकेगा। अपने मन से सरकार बनाना हो तो बना लें। सरकार बनाएगी जनता और जनता को मालूम है कि राज्य में बिहार में फिर से ‘लालू राज’ नहीं आने वाला है। जनता सचेत है।” बिहार भाजपा के गुटों में बंटे होने को नकारते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में सिर्फ एक ही गुट है, वह है भारतीय जनता पार्टी। भाजपा एक है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ को लेकर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “जिसको जो लग रहा है, वह बोल रहे हैं, जैसी जिसकी भावना है, वैसे बोल रहे हैं। सनातन को गाली देना उचित नहीं है।” उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों के नेताओं के महाकुंभ के विरोध में दिए जा रहे बयान को लेकर बिहार भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को पटना के शिव-पार्वती, हनुमान मंदिर में ऐसे नेताओं की सद्बुद्धि की कामना के साथ बुद्धि शुद्धिकरण यज्ञ किया गया था। इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हवन, यज्ञ कर महाकुंभ के विरोध में बयान देने वाले राजद अध्यक्ष लालू यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को सद्बुद्धि देने की कामना की थी। वक्ताओं ने कहा कि लालू यादव, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के महाकुंभ को लेकर दिए गए बयान लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। महाकुंभ पर सवाल उठाकर ये लोग क्या जाहिर करना चाहते हैं। सही अर्थों में तुष्टिकरण की राजनीति में उनकी बुद्धि खराब हो गई है। इसलिए वे इस तरह की बातें कर रहे हैं।

भाजपा से रिश्ते को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा, ‘हम एक साथ हैं और आगे भी एक साथ मिलकर करेंगे काम’

पटना, 12 फरवरी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को भाजपा के साथ रिश्ते को पुराना बताते हुए कहा कि हम एक साथ हैं और आगे भी एक साथ मिलकर काम करेंगे। इस दौरान उन्होंने बिना किसी के नाम लिए राजद पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले वाली सरकार ने बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया। संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती के अवसर पर आयोजित विकास मित्रों के क्षमता वर्धन कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे। हम लोग लगातार सभी समाज के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बिहार के लोगों को संत रविदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब से मुझे बिहार में काम करने का मौका मिला, तब से सभी तबकों का विकास किया। चाहे वो हिंदू हो, मुस्लिम हो, ऊंची जाति के हो, दलित हो, पिछड़ा हो या महादलित हो। सभी के लिए हमने काम किया है। हमने वंचित वर्गों के लोगों के लिए काम किया और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों के जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा, हम हर जगह जा रहे हैं, हर चीज को देख रहे हैं, और जो भी सुधार की जरूरत होती है, उसे पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए चलाई जा रही योजनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने रोजगार, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं, जिससे समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला। लोगों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वाजपेयी जी की सरकार थी, तब मैं केंद्र में मंत्री था। उसी समय बिहार के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। फिर जब मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया, तब से लगातार राज्य के विकास के लिए काम कर रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार आगे भी बिहार के विकास को प्राथमिकता देती रहेगी और लोगों के कल्याण का काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “केंद्र के साथ मिलकर हम लोग सब काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री अब एक-एक चीज को देखते हैं।” संत रविदास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने समाज में छुआछूत, भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।  

मोतिहारी में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का दारोगा पैरवी करने पहुंचा एसपी कार्यालय, गिरफ्तार

मोतिहारी, 10 फरवरी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक दारोगा को पैरवी करने के लिए पुलिस अधीक्षक के कार्यालय जाना भारी पड़ गया। दारोगा स्वयं एक मामले में आरोपी था और उसी की पैरवी करने वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय गया था, जहां तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार दारोगा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में कार्यरत है। दरअसल, यह पूरा मामला दो साल पुराना है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में पदस्थापित दारोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा थाना के एक मामले में आरोपी है। इस मामले को लेकर अदालत ने परमानेंट वारंट का आदेश जारी किया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दारोगा राम बहादुर सोमवार को कुछ अन्य लोगों के साथ अपनी पैरवी करने पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कार्यालय पहुंचा। इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को भी थी। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल थाना पुलिस बुलाई और दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार दारोगा पिपरा थाना क्षेत्र के बैरिया का रहने वाला है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया, “अदालत द्वारा सब इंस्पेक्टर राम बहादुर कुशवाहा, जो अभी निगरानी विभाग में कार्यरत है, के खिलाफ परमानेंट वारंट जारी किया गया था। इसकी सूचना पुलिस को भी मिली थी। इसी आदेश के अनुपालन में सब इंस्पेक्टर राम बहादुर कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया है और अदालत में अग्रसारित किया गया है।” उन्होंने बताया कि यह मामला करीब दो वर्ष पुराना है, जिसमें रंगदारी और मारपीट का आरोप लगाया गया था। अदालत में इस मामले को लेकर वाद दायर किया गया था और उसी के क्रम में परमानेंट वारंट जारी किया गया था, जिस पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे कोई कितना बड़ा हो।

‘प्रगति यात्रा’ में नवादा पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, 211 करोड़ रुपए की दी सौगात

पटना, 10 फरवरी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को प्रगति यात्रा के क्रम में नवादा जिले के रजौली प्रखंड पहुंचे। यहां उन्होंने बहादुरपुर ग्राम पंचायत के करिगांव ग्राम में बने कृषि फार्म में आयोजित कार्यक्रम में 211.96 करोड़ रुपए की कुल 202 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिले की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गोविंदपुर-रोह पथ में सकरी नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने रजौली प्रखंड के बहादुरपुर पंचायत के करिगांव ग्राम के कृषि फार्म में बने कार्यक्रम स्थल पर डिग्री कॉलेज, करिगांव के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जीविकोपार्जन के लिए की जा रही विभिन्न गतिविधियों एवं उत्पादों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में जब हम लोगों को बिहार में काम करने का मौका मिला तब स्वयं सहायता समूह की संख्या नाममात्र की थी। इसके बाद विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह की संख्या बढ़ाने की कोशिश की गई। हमने ही स्वयं सहायता समूह का नाम ‘जीविका’ दिया, जिससे प्रेरित होकर तत्कालीन केंद्र सरकार ने इसका नाम ‘आजीविका’ किया। मुख्यमंत्री ने नूतन नवादा के प्रस्तावित मॉडल का अवलोकन किया और रिमोट के माध्यम से इसे लॉन्च किया। नूतन नवादा के तहत एक ही जगह पर विभिन्न संस्थानों का निर्माण किया जाएगा। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत माखर के रुनीपुर में खेल मैदान का उद्घाटन किया। उन्होंने रजौली के रोह एवं गोविंदपुर प्रखंड को जोड़ने वाली सड़क पर सकरी नदी पर पुल का निर्माण, हिसुआ-नवादा-जमुई राज्य उच्च पथ पर नवादा बाइपास निर्माण, नवादा जिले में बहुद्देशीय प्रेक्षागृह का निर्माण और पकरीबरावां अंचल के कचना मौजा में ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने रजौली अनुमंडल में डिग्री कॉलेज की स्थापना की भी बात कही।