पूर्वी चंपारण, 02 अगस्त : बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के निवासी सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया है। मधुरेन्द्र का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। 31 वर्षीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को यह सम्मान ब्रिटिश पार्लियामेंट लंदन में आयोजित एक समारोह के दौरान दिया गया। समारोह में लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अविनाश डी सकुंडे व यूरोपीय संघ के प्रमुख डॉ इवान गैसीना ने संयुक्त रूप से उन्हे प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र के साथ मैडल पहनाकर सम्मानित किया। इस मौके पर लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अविनाश डी सकुंडे ने कहा कि मधुरेंद्र एक उज्ज्वल क्षितिज का नेतृत्व करने की नई भावना के साथ सामाजिक जागरूकता के लिए रेत और पत्ती कला की रचनात्मकता का नया कीर्तिमान स्थापित कर सराहनीय रिकॉर्ड कायम किया है। इसलिए सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रमाणन संख्या: LBOWRE401990 में शामिल किया गया है। हम आपके कीर्तिमान को आगे बढ़ाते हुए मानवता के लिए विश्व पटल पर प्रेरणा के स्त्रोत बनकर भारत के आधार की ओर अग्रसर हैं। यूरोपीय संघ के प्रमुख डॉ इवान गैसीना ने कहा कि वैश्विक मंच पर बिहार के 31 वर्षीय भारतीय कलाकार मधुरेंद्र कुमार बहुत ही अल्प समय में लगभग 5000 (पांच हजार) से अधिक अपनी बेमिसाल कलात्मक रचनाओं के नये-नये तकनीकों के माध्यम से समाज को सकारात्मक सन्देश देने का रिकॉर्ड बनाया हैं। इसलिए पूरे उत्साह के साथ लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के हरे-भरे मैदान से सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को हृदय की गहराइयों से हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देती हूं। उल्लेखनीय है,कि लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए टीम द्वारा जून 2025 के एक सर्वे में सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार का नाम चयनित किया गया। जिसमें 95 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली है। यह सर्वे 10 जून से 17 जून के बीच दर्जनों से ज्यादा देशों में किया गया था। इस रिपोर्ट में सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने लगभग 5000 (पांच हजार) से अधिक अपनी बेमिसाल कलात्मक रचनाओं के नये-नये तकनीकों के माध्यम से समाज को सकारात्मक सन्देश देने का रिकॉर्ड बनाकर यूएसए, चाइना, यू येन, रसिया, श्रीलंका और कनाडा जैसे बड़े देशों के कलाकारों को पीछे छोड़ते हुए ग्लोबल आर्टिस्टो की सूची में पहला स्थान हासिल किया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री रामदास आठवले ने भी सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को विशेष रूप से बधाई दी है। इस सम्मान के लिए सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की पूरी टीम का हृदय से आभार व धन्यवाद भी जताया। मधुरेंद्र की इस सफलता के लिए देश-दुनिया के राजनैतिक हस्तियों, शिक्षाविदों व प्रबुद्ध लोगों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से बधाई व शुभकामनाएं दी है।
तेजस्वी के मतदाता सूची में ‘नाम नहीं होने’ के दावे पर पटना जिला प्रशासन ने दिया जवाब, जदयू भी भड़का
पटना, 02 अगस्त: बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से उनका नाम गायब है। इस दावे को पटना जिला प्रशासन ने सिरे से नकारते हुए कहा कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में है। मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया है, जिसमें उनका नाम है। दरअसल, राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में दावा कर दिया कि उनका वोटर लिस्ट से नाम गायब है; अब वे किस तरह से चुनाव लड़ पाएंगे? तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। उन्होंने सवाल पूछा है कि अब मैं चुनाव कैसे लडूंगा? तेजस्वी यादव के इस दावे के बाद पटना जिला प्रशासन ने बाकायदा मतदाता सूची का वह प्रारूप भी जारी किया है, जिसमें तेजस्वी की फोटो के साथ उनका नाम, उम्र, पिता का नाम, मकान संख्या दर्ज है। पटना जिला प्रशासन ने कहा, “कुछ समाचार माध्यमों से यह ज्ञात हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है। इस बारे में जिला प्रशासन, पटना द्वारा जांच की गई। इसमें यह स्पष्ट हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज है। वर्तमान में उनका नाम मतदान केन्द्र संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, क्रम संख्या 416 पर अंकित है। पूर्व में उनका नाम बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, मतदान केन्द्र संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर दर्ज था।” इसके साथ जिला प्रशासन ने मतदाता सूची का प्रारूप भी जारी किया है। इधर, जदयू ने भी राजद नेता तेजस्वी यादव पर जोरदार निशाना साधा। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को राजनीति का फरेबी बताते हुए कहा कि राजनीति का जालसाज पकड़ा गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में उनका नाम नहीं है। लेकिन यह फरेब है, झूठ है। उन्होंने आगे कहा कि सच यह है कि उनका नाम मतदाता सूची में है, जिसमें उनके नाम के साथ मकान संख्या 110, उम्र 36 दर्ज है। उन्होंने तेजस्वी यादव को राजनीति का फरेबी बताया। जदयू नेता ने आगे कहा कि ये लोग आरोप लगाते हैं। ये अपना ठीकरा दूसरे पर मढ़ रहे हैं। तेजस्वी यादव को माफी मांगनी चाहिए।
नीतीश की एक और सौगात, शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक, मिड डे मील रसोइयों और नाइट वॉचमैन के मानदेय में दोगुनी बढ़ोतरी
पटना, 01 अगस्त : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरे चुनावी मोड में चल रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार उन्होंने शिक्षा विभाग के अंतर्गत मध्याह्न भोजन में कार्यरत रसोइयों के मानदेय में दोगुनी वृद्धि करते हुए 1650 रूपये से 3300 रूपये किए जाने की घोषणा की। अपने एक्स हैंडिल से उन्होंने पोस्ट कर बताया है कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में रसोइयों, रात्रि प्रहरियों तथा शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसे ध्यान में रखते हुए इन कर्मियों की मानदेय राशि में सम्मानजनक वृद्धि करते हुए इसे दोगुना करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत मध्याह्न भोजन में कार्यरत रसोइयों के मानदेय में दोगुनी वृद्धि करते हुए 1650 रूपये से 3300 रूपये करने का निर्णय लिया गया है। वहीं माध्यमिक/उच्च शिक्षा विद्यालय में कार्यरत रात्रि प्रहरी का मानदेय 5000 रूपये से दोगुना करते हुए इसे अब 10000 रूपये करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का मानदेय 8 हजार रूपये से दोगुना करते हुए अब 16 हजार रूपये करने का निर्णय लिया गया है। इनकी वार्षिक वेतन वृद्धि 200 रूपये के स्थान पर 400 रूपये करने का निर्णय लिया गया है।
पटना जिले के जानीपुर थाना क्षेत्र में दो मासूम की हत्या के दूसरे दिन स्थानीय लोग ने किया विरोध प्रदर्शन
पटना, 01 अगस्त :पटना जिले के जानीपुर थाना क्षेत्र में दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश के विरोध में शुक्रवार को लोगों ने प्रदर्शन किया और पुलिस से आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की। बच्चो की हत्या के विरोध में शुक्रवार को जानीपुर में दुकाने बंद रही। लोगों ने सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोग सड़क जामकर पुलिस महकमा के वरीय अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। आक्रोशित लोगों का कहना है कि पुलिस जांचकर घटना के आरोपित को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे। दरअसल, दिनदहाड़े घर में घुसकर मासूम भाई-बहन की हत्या कर जलाने की वारदात में पुलिस दूसरे दिन भी खाली हाथ है।आरोपित पुलिस की पकड़ से दूर है। फिलहाल पुलिस आरोपित की पहचान तक नहीं कर सकी है। हालांकि, घटना के बाद बीती रात पुलिस गांव में कैंप करते रही । देर रात घटना स्थल पर दोबारा पुलिस पहुंची थी। आरोपित की पहचान के लिए पुलिस तकनीकि जांच और स्थानीय लोगों से इनपुट जुटा रही है। पुलिस स्वजनों और उनके करीबी से लेकर संपर्क में आने वाले सभी लोगों से बच्चों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि शवों को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उनकी हत्या कर जलाया गया है। यह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा। नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी), पश्चिमी के नेतृत्व में विशेष टीम मामले की जांच कर रही है। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस बच्चों और उनके माता-पिता के व्यक्तिगत संबंधों के बारे में पता लगा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस परिवार के किसी से दुश्मनी तो नही है। उल्लेखनीय है कि जानीपुर के नगवां निवासी ललन गुप्ता चुनाव आयोग के काल सेंटर में काम करते हैं। उनकी पत्नी शोभा कुमारी पटना, एम्स में एक निजी कंपनी के अधीन गार्ड हैं। दोनों गुरुवार की सुबह सात से आठ बजे के बीच काम पर चले गए। इससे पहले सुबह साढ़े छह बजे 15 वर्षीय बेटी अंजलि कुमारी और 10 वर्षीय बेटा अंशु स्कूल जा चुके थे। स्कूल से और दिनों की तरह दोनों बच्चे दोपहर दो बजे के आसपास घर लौटे। इसके एक घंटे बाद तीन बजे शोभा ड्यूटी कर घर लौटी, तो देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ है। वह घर में गई तो अंदर सन्नाटा था। बच्चों को पुकारा, पर कोई जवाब नहीं मिला। फिर देखा कि अंदर के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद है। दरवाजा खोलकर अंदर गई, तो देखा कि बेटी बिस्तर पर मृत पड़ी है। उसके शरीर का बड़ा हिस्सा और बिस्तर जला हुआ था। यह देख वह बदहवासी में बेटे को खोजते हुए दूसरे कमरे में गई, तो उसका शव भी बिस्तर पर पड़ा मिला। उसके शरीर का कुछ हिस्सा भी जला था। बेटे-बेटी का शव देख वह फूट फूटकर रोने लगी। चित्कार सुनकर पड़ोसी जुट गए। तब घटना की जानकारी उनके पति और रिश्तेदारों की दी गई।
बिहार विधानसभा मानसून सत्र के आखिरी दिन हंगामा जारी, सीएम नीतीश ने विपक्ष के प्रदर्शन का मजाक उड़ाया
पटना, 25 जुलाई: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को सदन में फिर से हंगामा हुआ। विपक्षी दलों (आरजेडी, कांग्रेस और वामपंथी) के विधायकों ने सदन के बेल में आकर नारेबाजी की और प्रश्नकाल के दौरान मेजें गिराने की कोशिश की। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन नारेबाजी और हंगामा जारी रहा, जिसके कारण उन्हें कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी विधायक, जो राज्य में विशेष मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लगातार पांचवें दिन काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे। विपक्ष का यह विरोध मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की मांग को लेकर था। हंगामे के दौरान सदन में मौजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष की विरोध पोशाक पर कटाक्ष किया। सीएम नीतीश ने कहा कि सब एक जैसे कपड़े पहने हुए हैं। एक बात तो साफ हो गई है, पहले एक-दो दिन हंगामा होता था, बाकी दिन काम चलता रहता था। अब तो सब रोज यही काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि लोग जानते हैं कि सरकार ने कितना काम किया है और हर जगह लोगों को लाभ मिल रहा है। पांच दिवसीय मानसून सत्र में विपक्ष ने मतदाता सूची संशोधन को लेकर लगातार हंगामा किया, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ। विपक्ष का आरोप है कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर विधानसभा चुनाव से पहले गरीबों के नाम मतदाता सूची से हटा रहे हैं। सरकार ने इस आरोप को खारिज किया है। सत्र शुरू होने से ही विपक्ष दोनों सदन के अंदर और बाहर हंगामा कर रहा है, और मतदाता सूची संशोधन पर बहस की मांग कर रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां विपक्ष ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग ने विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का बचाव करते हुए कहा है कि यह मतदाता सूची से ‘अयोग्य व्यक्तियों’ को हटाकर चुनाव की शुद्धता बढ़ाता है।
पटना: प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज का प्रदर्शन, पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप
पटना, 23 जुलाई: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष का हंगामा जारी है। इस बीच, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक सैकड़ों समर्थकों के साथ बिहार विधानसभा का घेराव करने निकले। जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता जैसे ही चितकोहरा गोलंबर के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। दोनों ओर से धक्का-मुक्की हुई। जन सुराज का आरोप है कि पुलिस ने लाठी चार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, “अभी तो जंग की शुरुआत है। इनका जीना हराम कर देंगे। अभी तीन महीने बाकी हैं। इनको पता नहीं है कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है। इन भ्रष्टाचारियों को हटाना चाहती है। ये लोग सदन में और पुलिस के पीछे छिप नहीं सकते हैं।” उन्होंने कहा, “पुलिस का क्या है? जो ऊपर बैठे हैं, उनके अनुसार काम करती है। पुलिस अपना काम कर रही है और हम अपना काम कर रहे हैं। पुलिस ने रोक दी हैं, रुके हुए हैं। लोकतंत्र है। जब मन होगा, उठकर चल देंगे।” इस दौरान जमकर बवाल हुआ। जन सुराज के कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। बता दें कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को विधानसभा घेराव की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद बड़ी संख्या में लोग पटना पहुंच गए। जन सुराज पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि यह प्रदर्शन पूर्व निर्धारित योजना के तहत तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। इनमें गरीब परिवारों को दो लाख रुपये की रोजगार सहायता राशि नहीं मिलना, दलित भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन का वितरण न होना और भूमि सर्वेक्षण में भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। पार्टी ने पहले ही ऐलान किया था कि इन तीन मुद्दों को लेकर एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर इकट्ठा किए जाएंगे और मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के मद्देनजर पटना पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
देवघर, 22 जुलाई: सावन माह में झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में लगातार श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। मंगलवार को सुबह 04:22 से मंदिर का पट खुलते ही जलाभिषेक शुरू हो गया है। अब तक धाम में 18 लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके हैं। बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में शिवभक्तों की गूंज से पूरा रूट लाइन गुंजायमान है और सभी कांवड़िया कतारबद्ध होकर बाबा का जयघोष करते हुए जलाभिषेक के लिए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। देश के हर कोने और विदेश से भी भक्त भोलेनाथ को जलार्पण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के सुविधा के अनुरूप रूटलाइन में गर्मी और उमस से राहत दिलाने के लिए ठंडे पानी की फुहारों के छिड़काव की व्यवस्था की गयी है, ताकि रूटलाइन में जलार्पण के लिए कतारबद्ध श्रद्धालुओं को लगातार उमस भरी गर्मी में परेशानी महसूस न हो। ठंडक के बीच आराम से जलाभिषेक कर सकें। जिला प्रशासन के अनुसार 10 जुलाई से अब तक 18 लाख पांच हजार 891 श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके हैं। इस दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में कुल 564 मजिस्ट्रेट और 9650 पुलिस बल की तैनाती है। साथ ही चार सीआरपीएफ की कम्पनी, दो पुलिस अधीक्षक, एनडीआरएफ की टीम मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त हैं। सुरक्षा के लिहाज से 765 सीसीटी कैमरा, 200 एआई कैमरा और 10 ड्रोन कैमरा कार्यरत हैं। एसपी अजीत पीटर डुंगडुग ने बताया कि सुरक्षा में एटीएस की टीम, बम डिस्पोजल की टीम, डॉग स्वाक्वायड, क्यूआरटी टीम, 43 पुलिस उपाधीक्षक 93 पुलिस निरीक्षक, 723 सहायक पुलिस निरीक्षक, 1093 सशस्त्र और विभिन्न पुलिस बटालियनों की प्रतिनियुक्ति मेला क्षेत्र में की गयी है। लगातार सुरक्षा की मॉनिटरिंग की जा रही है।
बिहार मानसून सत्र : एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन, भाई वीरेंद्र बोले- यह लोकतंत्र के लिए खतरा
पटना, 22 जुलाई: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘इंडी गठबंधन’ के विधायक काले कपड़ों में नजर आए और उन्होंने विधानसभा के मुख्य द्वार की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दरअसल, बिहार विधानसभा के मुख्य द्वार पर जिस समय विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन चल रहा था, उसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव भी वहां पहुंचे। इसके बाद मार्शलों ने विधायकों को रास्ते से हटाया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने एसआईआर को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “बिहार में मतदाता पुनरीक्षण का काम गलत तरीके से हो रहा है। दलितों, अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और अति पिछड़ों के वोट काटने की साजिश रची जा रही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।” भाई वीरेंद्र ने बिहार में बढ़ते अपराध पर भी चिंता जताते हुए कहा, “बिहार में अपराध इतना बढ़ गया कि यहां हर शख्स खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। किसी भी दल का नेता हो या पत्रकार हो या फिर सामाजिक कार्यकर्ता हो, सभी लोग खुद को बिहार के अंदर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बिहार में गुंडाराज कायम है और इसके खात्मे के लिए आज हमने संकल्प लिया है, इसलिए काले कपड़े पहनकर विरोध जता रहे हैं।” बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर राजद विधायक ने बात की। उन्होंने कहा, “बिहार में जात पूछकर लोगों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं। विपक्ष अपराध और अपराधियों के खिलाफ है, लेकिन अगर किसी की जाति पूछकर हत्या की जाती है, तो ये घटना बर्दाश्त के बाहर है। कुछ पुलिस पदाधिकारी ऐसे हैं, जो सरकार के इशारे पर लोगों की हत्या कर रहे हैं। मैं इतना ही कहूंगा कि बिहार में अपराधियों को पुलिस अधिकारियों द्वारा संरक्षण भी दिया जा रहा है।”
बिहार विधानसभा सत्र का दूसरा दिन, विपक्षी विधायकों ने किया हंगामा
पटना, 22 जुलाई: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया, जब विपक्षी विधायकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभियान के विरोध में सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया। जैसे ही स्पीकर नंद किशोर यादव ने सदन की कार्यवाही शुरू की, विपक्षी विधायक खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर बहस की मांग करते हुए पोस्टर लेकर सदन के बेल में पहुंच गए। स्पीकर ने विरोध कर रहे विधायकों को शांत करने की कोशिश की और उन्हें अपनी सीटों पर लौटने को कहा। स्पीकर ने कहा कि नारे लगाने से आपका गला थक जाएगा, आपको चुनाव के लिए अपनी आवाज बचानी चाहिए। विपक्षी विधायक काले कपड़े पहनकर सदन में विरोध जताने पहुंचे, जिस पर स्पीकर ने उनकी पोशाक पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अच्छा नहीं लगता। मार्शलों को निर्देश दिया गया कि वे प्रदर्शन कर रहे विधायकों के हाथों से तख्तियां छीन लें, जिन्हें बाद में सदन से बाहर निकाल दिया गया। इससे पहले, राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर हंगामा किया और स्पीकर नंद किशोर यादव को सदन में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे अपने कक्ष तक पहुंचने में सफल रहे। राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के जरिए ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया और इसे वापस लेने की मांग की। विपक्षी विधायकों ने मुख्य द्वार पर नाकाबंदी की, जिसके कारण सालों से बंद विधानसभा के दूसरे द्वार को हथौड़े और छेनी से तोड़कर खोला गया, ताकि सत्तारूढ़ दल के विधायक अंदर जा सकें। इसके बाद भी विपक्षी विधायकों ने प्रवेश द्वार को बाधित करने का प्रयास किया, लेकिन राजद विधायक मुकेश रोशन और कांग्रेस विधायक राजेश कुमार को हटाकर मार्शलों ने रास्ता खाली कराया। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वैकल्पिक मार्ग से विधानसभा पहुंचे और स्पीकर से मिले। उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी और मंत्री श्रवण कुमार भी मौजूद थे।
भोजपुरी गायक रितेश पांडे और पूर्व आईपीएस अधिकारी जेपी सिंह पटना में जन सुराज पार्टी में शामिल
पटना, 18 जुलाई: भोजपुरी गायक रितेश पांडे और हिमाचल प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी जयप्रकाश सिंह शुक्रवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो गए। किशोर ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए कहा, ‘हमने जानबूझकर वह दिन चुना है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार आ रहे हैं और वह अपनी बड़ी-बड़ी बातों से लोगों को लुभाने की कोशिश करेंगे।’ इस अवसर पर सारण जिले के निवासी सिंह ने कहा कि उन्होंने 25 साल की सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) इसलिए ली ‘क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि जन सुराज मेरे गृह राज्य में इतिहास रचने वाली है।” पांडे ने एक हिंदी गीत गाया, जिसमें ‘राज्य में सभी को रोजी रोटी मिले’ सुनिश्चित करने की जन सुराज पार्टी की आकांक्षा को रेखांकित किया गया है।