सिकलीगढ़ धरहरा में राजकीय होलिका दहन, लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में गूंजा “नरसिंह भगवान की जय”

पूर्णिया, प्रतिनिधि। बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडल अंतर्गत सिकलीगढ़ धरहरा गांव सोमवार की देर संध्या आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव के अद्भुत संगम का साक्षी बना। मान्यता है कि इसी पावन भूमि पर भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान नरसिंह खंभा फाड़कर प्रकट हुए थे। इस ऐतिहासिक आस्था से जुड़ा राजकीय होलिका दहन महोत्सव इस वर्ष भी भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ, जिसमें करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। प्रह्लाद स्तंभ परिसर में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह और बनमनखी के विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि सिकलीगढ़ धरहरा केवल पूर्णिया ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण, संवर्द्धन और धार्मिक पर्यटन के रूप में इसके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा कि सिकलीगढ़ धरहरा को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यहां के कण-कण में भगवान नरसिंह की आस्था रची-बसी है और अनेक पुरातात्विक साक्ष्य इसकी पुष्टि करते हैं। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच जैसे ही विशाल होलिका में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा परिसर “नरसिंह भगवान की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा और श्रद्धालुओं ने परंपरागत ‘धुरखेल’ की शुरुआत की। यहां सदियों से चली आ रही मान्यता के अनुसार होलिका की भस्म से होली खेली जाती है, जिसे अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस अनूठी परंपरा को देखने और उसमें सहभागिता के लिए बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा नेपाल, झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी धरती पर दैत्यराज हिरण्यकश्यप की बहन होलिका भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी थी, किंतु वरदान के बावजूद वह स्वयं भस्म हो गई और प्रह्लाद सुरक्षित बच गए। इसके पश्चात भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया। यह घटना अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक मानी जाती है, जो आगे चलकर होली पर्व के रूप में स्थापित हुई। आयोजन को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। कार्यक्रम स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग कर वाहनों का प्रवेश रोका गया था। महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार बनाए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। सिकलीगढ़ धरहरा में आयोजित यह राजकीय होलिका दहन महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव बनकर उभरा। इस आयोजन ने एक बार फिर पूर्णिया को देश-विदेश के श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।

“नारी शक्ति का उत्सव: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली मिलन में सम्मानित हुईं समाज की अग्रणी महिलाएं”

छपरा, 02 फरवरी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही संस्था कौशिकी रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के तत्वावधान में प्रभुनाथ नगर स्थित प्रधान कार्यालय सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सह होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके प्रयासों को सराहना और प्रोत्साहन देना था। समारोह का शुभारंभ राज्य एवं देश की वयोवृद्ध महिला समाजसेविका सिस्टर ज्योति सहित जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) की प्रतिनिधि निभा सिंह, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक मधुबाला, संस्था की संस्थापिका सह निर्देशिका डॉ अंजली सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता खुशबू ठाकुर और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण बन गया। नारी: परिवार की आधारशिला से राष्ट्र निर्माण की धुरी तक सम्मान समारोह के पश्चात अपने प्रेरणादायक संबोधन में सिस्टर ज्योति ने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सशक्त धुरी भी हैं। उन्होंने कहा कि आज की महिला शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और राजनीति जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक महिला के भीतर अपार शक्ति और संभावनाएं निहित हैं, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और आगे बढ़ने की है। उनके विचारों का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। महिला सशक्तिकरण: एक सतत प्रक्रिया संस्था की संस्थापिका सह निर्देशिका डॉ अंजली सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि यह एक सतत सामाजिक प्रक्रिया है, जिसके लिए परिवार, समाज और सरकार को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षित महिला न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनती है, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ी को भी सशक्त बनाती है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय या भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। साथ ही समाज से आग्रह किया कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान प्रदान कर ही एक समतामूलक और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है। सम्मान और समरसता का संदेश कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को मोमेंटो एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। डॉ अंजली सिंह, कोषाध्यक्ष सोनी कुमारी और वरीय सदस्य पुष्पा सिंह द्वारा संयुक्त रूप से अतिथियों का अभिनंदन किया गया। वहीं मुख्य अतिथि सिस्टर ज्योति एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा भी डॉ अंजली सिंह, पुष्पा सिंह और सोनी कुमारी को सम्मानित किया गया। सचिव सुरेश कुमार राय एवं संरक्षक धर्मेंद्र रस्तोगी के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह के अंत में उपस्थित महिलाओं और अतिथियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं, जिससे वातावरण में सामाजिक समरसता और सौहार्द का सुंदर संदेश प्रसारित हुआ। इस अवसर पर डॉ नीतू सिंह, डॉ गुंजन सिंह, अनामिका कुमारी, प्रीति कुमारी, संगीत शिक्षिका प्रियंका कुमारी, कंचन बाला, पूनम कुमारी, मुन्नी, गुड़िया सहित कई अन्य गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं। यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और सहभागिता की भावना को भी मजबूत करने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।

SPMA के स्नेह मिलन में झलकी पत्रकारिता की एकजुटता, संगोष्ठी से होली मिलन तक छाया उत्साह

“मीडिया समाज का दर्पण, त्योहारों में दिखती है सामाजिक समरसता” — सुधांशु रंजन छपरा, 01 मार्च। सारण की पत्रकार बिरादरी ने शनिवार को एक मंच पर जुटकर न केवल पेशेवर सरोकारों पर मंथन किया, बल्कि आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया। सारण प्रेस एंड मीडिया एसोसिएशन (SPMA) के तत्वावधान में शहर के साढ़ा ढाला रोड स्थित रामानंद विवाह भवन के सभागार में मीडिया संगोष्ठी, कार्यशाला सह होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब पोर्टल से जुड़े पत्रकारों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। पेशे की व्यस्तता के बीच यह आयोजन संवाद, समन्वय और आत्मीयता का मंच बन गया। दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ समारोह का विधिवत उद्घाटन पूर्व विधान पार्षद प्रत्याशी सुधांशु रंजन, डॉ. आर. के. गुप्ता, समाजसेवी कविता सिंह, स्थानीय नेता सुभाष झड़ीमन राय, श्याम बिहारी अग्रवाल, विजय मिश्रा, कृष्णा मिश्र, समाजसेवी मनीष कुमार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में सुधांशु रंजन ने कहा,“होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मीडिया समाज का आईना है और पत्रकारों की यह एकजुटता सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का कार्य करती है।” उन्होंने ऐसे आयोजनों को पत्रकारों के लिए प्रेरणादायी बताते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। पत्रकारों की भूमिका पर गहन मंथन कार्यशाला सत्र में पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, जिम्मेदारियों और कार्यशैली पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तेज रफ्तार खबरों की दुनिया में निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तथ्यपरकता सबसे बड़ी पूंजी है। इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि पत्रकार केवल खबरों के वाहक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत हैं। आपसी समन्वय और संवाद से ही मीडिया की विश्वसनीयता सशक्त होती है। ऐसे सामूहिक आयोजन मानसिक ऊर्जा और पेशेवर संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं। अबीर-गुलाल के साथ सौहार्द का संदेश संगोष्ठी के बाद सभागार का वातावरण पूरी तरह होली के रंगों में रंग गया। पत्रकारों और अतिथियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएँ दीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में नई ऊर्जा भर दी। कलाकार इमरान, वैभव, अनीश अनु, रंजीत राजा और पलसाक्षी ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। संगीत और रंगों के बीच सभी ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से होली मनाने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति कार्यक्रम संयोजक दिवाकर मिश्रा, आनंद वर्मा, अभिषेक अरुण, संजीव मिश्रा और संजीव सिंह समेत वेब पोर्टल, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिले के वरिष्ठ पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। एकजुटता का संदेश SPMA द्वारा आयोजित यह स्नेह मिलन केवल उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और आपसी भाईचारे का सशक्त संदेश बनकर उभरा। होली के रंगों के बीच पत्रकारों ने समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार संवाद को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

19 साल पुराने हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद, 25-25 हजार रुपये जुर्माना

छपरा, 28 फरवरी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वादश अंजनी कुमार गोड़ की अदालत ने मढ़ौरा थाना कांड संख्या 28/2007 से जुड़े बहुचर्चित हत्या मामले में चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सत्र वाद संख्या 600/27 में सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी करने के बाद मढ़ौरा थाना क्षेत्र के भोथहा निवासी रविंद्र सिंह, गुड्डू सिंह, विजय सिंह और सुभाष सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषीगण सामूहिक रूप से हत्या के अपराध में संलिप्त पाए गए हैं। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। 2007 में हुई थी घटना अभियोजन के अनुसार, मढ़ौरा थाना क्षेत्र के भोथहा गांव निवासी बालेंद्र सिंह ने 4 फरवरी 2007 को सदर अस्पताल छपरा में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि 3 फरवरी 2007 की संध्या लगभग 7 बजे वे अपने दरवाजे पर रामविचार सिंह और राजेश कुमार सिंह के साथ आग ताप रहे थे। इसी दौरान सभी आरोपी वहां पहुंचे और जान से मारने की नीयत से लाठी, डंडा और चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान जब उनके पुत्र राजेश कुमार सिंह और भाई रामविचार सिंह बचाने आए तो आरोपियों ने उन्हें भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर-शराबा सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल छपरा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने रामविचार सिंह को मृत घोषित कर दिया। छह गवाहों की हुई गवाही मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक विमल चंद्र सिंह एवं उनके सहयोगी ओम प्रकाश राय ने सरकार की ओर से पैरवी की। अदालत में चिकित्सक और अनुसंधानकर्ता सहित कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई। पुलिस ने 24 नवंबर 2007 को आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया था। लगभग 19 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

प्राथमिकी दर्ज न करने पर गरखा थानाध्यक्ष पर गिरी गाज, विशेष न्यायाधीश ने एसएसपी को विभागीय कार्रवाई का दिया आदेश

छपरा। न्यायालय के आदेश की अवहेलना और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के मामले में गरखा थाना के थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सह सत्र न्यायाधीश दीपांशु श्रीवास्तव ने विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने इस संबंध में सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गड़खा थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी राजू दास ने दिनांक 8 अप्रैल 2025 को परिवाद पत्र संख्या 34/2025 न्यायालय में दाखिल किया था। इस परिवाद में उन्होंने अपने ही गांव के रंजीत महतो सहित कुल 15 व्यक्तियों को नामजद अभियुक्त बनाया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परिवादकर्ता एवं गवाहों के बयान दर्ज किए। गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश संबंधित थानाध्यक्ष को दिया था। हालांकि, न्यायालय के आदेश के बावजूद गरखा थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इतना ही नहीं, न्यायालय द्वारा निर्गत शो-कॉज नोटिस का जवाब भी निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे न्यायालय ने गंभीर लापरवाही और आदेश की अवहेलना माना। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विशेष न्यायाधीश ने थानाध्यक्ष के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने हेतु एसएसपी सारण को पत्र प्रेषित किया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि थानाध्यक्ष के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। न्यायालय के इस सख्त रुख को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले को लेकर पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

टीबी मुक्त भारत: आयुष ने जन्मदिन पर चार मरीजों को लिया गोद, पौष्टिक आहार की दूसरी किस्त वितरित

छपरा, 28 फरवरी। सेवा और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए शहर के एसडीएस कॉलेज के 17 वर्षीय छात्र आयुष राज ने अपने जन्मदिन को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए टीबी मरीजों के बीच सहयोग का हाथ बढ़ाया। ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयुष ने चार क्षय रोगियों—सबिता कुंअर, केदारनाथ महतो, सरल राय और पिंकी कुमारी—को गोद लेकर उनके उपचार में सहयोग करने का संकल्प लिया था। इसी क्रम में शनिवार को गोद लिए गए मरीजों के बीच पौष्टिक आहार की दूसरी किस्त का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. आरपी सिंह ने आयुष की पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। आयुष जैसे जागरूक और संवेदनशील युवा अन्य लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यक्ष्मा विभाग के डीपीसी हिमांशु शेखर ने जानकारी देते हुए बताया कि टीबी मरीजों के लिए नियमित पोषण सहायता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि उचित आहार से दवाओं का प्रभाव बेहतर होता है और मरीज जल्द स्वस्थ हो पाते हैं। उन्होंने आमजन, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की कि वे आगे आकर टीबी मरीजों को गोद लें और वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहयोग दें। एसटीएलएस कुमार अमित ने कहा कि आयुष की इस मानवीय पहल से मरीजों को केवल पोषण ही नहीं, बल्कि मानसिक संबल भी मिल रहा है। कम उम्र में सामाजिक जिम्मेदारी निभाकर आयुष ने यह साबित कर दिया है कि सेवा के लिए उम्र नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और मजबूत इरादा जरूरी होता है। इस अवसर पर डीपीसी हिमांशु शेखर, डीपीएस मुकेश कुमार, एसटीएस मुकेश कुमार, एलटी संजेश कुमार, सहायक संजय कुमार एवं गुड़िया कुमारी, परिचारी सुनील कुमार, नरेश राय, कृष्ण राय सहित यक्ष्मा विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी में मरीजों को पौष्टिक आहार वितरित किया गया और उन्हें नियमित उपचार जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। आयुष की यह पहल न केवल समाज में जागरूकता का संदेश दे रही है, बल्कि यह भी दर्शा रही है कि यदि युवा पीढ़ी आगे आए तो ‘टीबी मुक्त भारत’ का सपना अवश्य साकार हो सकता है।

सारण्य महोत्सव के होलिकोत्सव में गूंजे देशभक्ति और फाग के रंग ‘बाबू कुंवर सिंह’ से लेकर ‘रंग बरसे’ तक झूम उठा छपरा

छपरा, 27 फरवरी। सारण की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा लोक परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से ‘सारण्य महोत्सव’ के बैनर तले एस.डी.एस. पब्लिक स्कूल परिसर में भव्य होलिकोत्सव का आयोजन किया गया। रंग, अबीर और लोकधुनों से सराबोर इस सांस्कृतिक उत्सव में भोजपुरी अस्मिता, देशभक्ति और पारंपरिक फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूरी तरह होलीमय बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वस्ति वाचन, भोजपुरी संस्कार गीत और ‘बटोहिया’ गीत से हुआ। दीप प्रज्वलन कर समारोह का विधिवत उद्घाटन मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता, सारण्य महोत्सव के संरक्षक एवं पूर्व प्राचार्य अरुण कुमार सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. हरेंद्र सिंह, अध्यक्ष चंद्र प्रकाश राज और महासचिव श्याम बिहारी अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। समारोह की शुरुआत ‘गाई के गोबर महादेव’ संस्कार गीत से हुई, जिसने लोकपरंपरा की सुगंध बिखेर दी। इसके बाद भोजपुरी के राष्ट्रीय गीत ‘सुंदर सुभूमि भइया भारत के देशवा हो’ की प्रस्तुति ने श्रोताओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों—सृष्टि पाण्डेय, शुभम कुमार, रवि कुमार, मनोज कुमार और प्रमोद कुमार सिंह—ने एक से बढ़कर एक होली गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘बाबू कुंवर सिंह तेगवा बहादुर बंगला में उड़ेला गुलाल’ जैसे वीर रस से ओतप्रोत गीत से लेकर ‘होली खेले रघुवीरा अवध में’, ‘रंग बरसे भींगे चुनर वाली’, ‘पनिया लाले लाल ऐ गौरा हमरो के चाही’, ‘होली के जोगीरा’, ‘आज बिरज में होली रे रसिया’, ‘रंग ले के खेलते राधा संग नंदलाल’, ‘होली के दिन दिल खिल जाते हैं’ और ‘बलम पिचकारी’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर पूरा परिसर तालियों और ठुमकों से गूंज उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्र प्रकाश राज ने की, जबकि संचालन महासचिव श्याम बिहारी अग्रवाल और संजय भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों का स्वागत पूर्व प्राचार्य अरुण कुमार सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राकेश कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। होलिकोत्सव के अवसर पर सभी आगत अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन की सफलता में डॉ. देवेश कुमार सिंह, सुभाष ओझा, सीए अमित कुमार, जितेन्द्र सिंह, डॉ. सम्पूर्णानंद सिंह, प्रियेश रंजन सिंह, रामनाथ राय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों का सराहनीय सहयोग रहा। उल्लेखनीय है कि इस आयोजन के माध्यम से सारण्य महोत्सव ने न केवल होली के पारंपरिक रंगों को जीवंत किया, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति और भोजपुरी भाषा के संरक्षण का भी सशक्त संदेश दिया।

पटना में ‘महिला प्रेरित सम्मान सीजन–2’ में सारण की बेटी सलोनी कुमारी को मिला सम्मान

  छपरा, 27 फरवरी। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘महिला प्रेरित सम्मान सीजन–2’ समारोह में सारण जिले की प्रतिभाशाली बेटी सलोनी कुमारी को योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह भव्य कार्यक्रम “The Tiger Events” द्वारा आशियाना स्थित बीएन क्लब रामनगरी में आयोजित किया गया, जहां विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 101 चयनित महिलाओं को सम्मानित किया गया। सारण जिले के सोनपुर प्रखंड अंतर्गत बाकरपुर गांव निवासी प्रद्युमन कुमार सिंह और संगीता देवी की पुत्री सलोनी कुमारी वर्तमान में सारण जिला योगासना स्पोर्ट्स एसोसिएशन की कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्हें भोजपुरी फिल्म अभिनेता कुणाल सिंह के हाथों मोमेंटो एवं प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के आयोजक केसरी टाइगर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को एक साझा मंच प्रदान करना तथा उनके कार्यों को व्यापक पहचान दिलाना है। सम्मान के लिए कला एवं संस्कृति, उद्यमिता एवं व्यवसाय, शिक्षा एवं विज्ञान, खेल, चिकित्सा, प्रशासनिक सेवा, विधवा सशक्तिकरण, राजनीति, समाज सेवा, दिव्यांग, किन्नर समुदाय और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों को शामिल किया गया था। इस अवसर पर सलोनी कुमारी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से महिलाओं को आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं को पहचान और प्रोत्साहन देना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि समाज में अनेक ऐसी महिलाएं हैं जो चुपचाप समाज कल्याण के कार्यों में जुटी हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। सलोनी के सम्मान से पूरे सारण जिले में हर्ष का माहौल है। उन्हें बधाई देने वालों में सारण जिला योगासना स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह वरीय अधिवक्ता पारस नाथ श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र रस्तोगी, सचिव चंद्र शेखर प्रसाद सिंह, सहायक सचिव तरुण कुमार सिंह, संरक्षिका डॉ. अंजू सिंह एवं डॉ. रंजिता प्रियदर्शिनी सहित परिवार के सदस्य दादा स्वर्गीय योगेंद्र प्रसाद सिंह, दादी देवंती देवी, चाचा बृजनंदन सिंह, चाची काजल सिंह और दीदी सिमरन सिंह समेत कई गणमान्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। ‘महिला प्रेरित सम्मान सीजन–2’ जैसे आयोजनों से यह संदेश स्पष्ट होता है कि समाज में महिलाओं की भूमिका को अब नए दृष्टिकोण से देखा जा रहा है और उनके योगदान को सम्मानित कर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है।

रोहतास में घूसखोरी पर निगरानी का शिकंजा: नल-जल भुगतान के बदले 12 हजार लेते पंचायत सचिव रंगे हाथ गिरफ्तार

सासाराम, 27 फरवरी। रोहतास जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठोरसन पंचायत के पंचायत सचिव को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई गुरुवार शाम सीढ़ी गांव के समीप की। गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रखंड क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार ठोरसन ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव ऋतु रंजन पंडित उर्फ सोनू पंडित पर आरोप है कि उन्होंने नल-जल योजना के तहत भुगतान जारी करने के बदले वार्ड सदस्य धर्मेंद्र पटेल से 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। वार्ड सदस्य ने इस संबंध में निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद हुई सत्यापन जांच निगरानी विभाग ने शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक जांच की। जांच के दौरान रिश्वत मांगने से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिससे आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद विभाग ने विशेष टीम का गठन कर ट्रैप की योजना बनाई। जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी पूर्व निर्धारित योजना के तहत वार्ड सदस्य को चिन्हित नोट देकर पंचायत सचिव से मिलने भेजा गया। जैसे ही पंचायत सचिव ने 12 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाए निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। मामले की पुष्टि करते हुए विजिलेंस डीएसपी रीता सिन्हा ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप टीम गठित की गई थी। पंचायत सचिव को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। उनका फिंगर प्रिंट टेस्ट (फिंगर टेस्ट) कराया गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए पटना ले जाया जाएगा। टीम में शामिल थे ये अधिकारी इस कार्रवाई में डीएसपी सदानंद सिंह, एसआई राकेश कुमार एवं राहुल कुमार सहित निगरानी विभाग की विशेष टीम शामिल रही। गौरतलब है कि राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी विभाग लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। रोहतास में हुई इस ताजा कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप है और आम लोगों में भी यह संदेश गया है कि रिश्वतखोरी के मामलों में अब सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।

दिल्ली में मामी और छह वर्षीय बेटी की हत्या कर शव पलंग में छिपाया, दरभंगा से भांजा गिरफ्तार

दरभंगा/नई दिल्ली, 27 फरवरी। राजधानी दिल्ली के सरिता विहार इलाके में 20 फरवरी को हुई दोहरी हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हो गया है। मामी और उनकी छह साल की मासूम बेटी की हत्या कर शव को दिवान पलंग के भीतर छिपाने के बाद फरार हुए भांजे दिनदयाल झा को दिल्ली पुलिस ने दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घर के भीतर मिला भयावह दृश्य मृतका ज्योति अपने पति सुदर्शन कुमार और तीन बच्चों के साथ दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सरिता विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत आली विहार, भीम कॉलोनी में किराये के मकान में रहती थीं। पास के ही मकान में उनका भांजा दिनदयाल झा भी रह रहा था। 20 फरवरी की शाम जब सुदर्शन कुमार घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने और प्रयास करने के बाद जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का मंजर दिल दहला देने वाला था। कमरे में रखा दिवान पलंग असामान्य स्थिति में था। जब उसे उठाया गया तो उसके भीतर पत्नी ज्योति और छह वर्षीय बेटी जानवी का शव बरामद हुआ। घटना के बाद से दिनदयाल झा फरार था और उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। दिल्ली से हरिद्वार, फिर दरभंगा तक पीछा हत्या के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की टेक्निकल सेल सक्रिय हो गई। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी दिल्ली से हरिद्वार भागा और वहां से बिहार के दरभंगा पहुंच गया। दिल्ली पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। गुरुवार को पुलिस टीम दरभंगा पहुंची और स्थानीय नगर थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दरभंगा के एसएसपी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस हत्या के एक आरोपी को यहां से पकड़कर ले गई है।  फटकार से उपजा प्रतिशोध प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुदर्शन कुमार ने किसी बात को लेकर दिनदयाल को डांट-फटकार लगाई थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने प्रतिशोध में यह जघन्य कदम उठाया। कुछ स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी का अपनी मामी के साथ अत्यधिक भावनात्मक लगाव भी था, जिसे लेकर परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है और अभी किसी ठोस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मासूम की हत्या से गहरा आक्रोश छह साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और रिश्तों के विश्वास पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। हत्या की सटीक वजह, घटना के दौरान की परिस्थितियां और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि पारिवारिक रिश्तों में उपजे विवाद किस तरह भयावह मोड़ ले सकते हैं।