छपरा, 10 फरवरी। जिले में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अंचलवार फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया और अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एक-एक अंचल की प्रगति रिपोर्ट देखी और स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन भी कर्मियों का लॉगिन आईडी फार्मर रजिस्ट्री के लिए बनाया गया है, वे सभी फील्ड में सक्रिय रहते हुए शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के नाम से जमाबंदी कायम है, उनका फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी अंचलों में जमाबंदी की सूची उपलब्ध है। इस सूची को संबंधित कर्मियों को उपलब्ध कराकर रैयत किसानों से एक-एक कर संपर्क किया जाए और फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराई जाए। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर इस कार्य का सतत अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। कृषि विभाग की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी लगातार फील्ड में रहकर फार्मर रजिस्ट्री की गहन मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही कृषि विभाग और जीविका के माध्यम से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों में भी तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की प्रगति की नियमित अंतराल पर समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं जिला कृषि पदाधिकारी को प्रत्येक दो घंटे पर कार्य प्रगति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को साझा करने को कहा गया। बैठक में अपर समाहर्त्ता, सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक उद्यान, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भी बैठक से जुड़े। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। ऐसे में इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने खुद दवा खाकर दिया भरोसा, सारण में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का भव्य आग़ाज़
40.46 लाख लाभार्थियों को घर-घर खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा, 27 फरवरी तक चलेगा विशेष अभियान छपरा। सारण जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत इस बार एक सशक्त और भरोसेमंद संदेश के साथ की गई। अभियान के उद्घाटन अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी द्वारा दवा देने से पहले जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की लंबाई (हाइट) मापी गई और सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया। यह दृश्य आम जनता के लिए यह संदेश देने वाला था कि यह अभियान पूरी तरह सुरक्षित है और नियम प्रशासन व आम नागरिक—दोनों के लिए समान हैं। यह विशेष अभियान 10 फरवरी से 27 फरवरी तक जिले में संचालित किया जाएगा। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पात्र लाभार्थियों को अपने सामने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और दवा सेवन की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही दवा का सेवन करें और अपने परिवार को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें। 40.46 लाख लाभार्थी होंगे कवर, तीन तरह की दवाएं खिलाई जाएंगी जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत जिले में 40 लाख 46 हजार 610 लाभार्थियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। आशा कार्यकर्ता 4 दिनों तक घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी, जबकि अंतिम तीन दिनों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। अभियान के दौरान लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल, डीईसी और आइवरमेक्टिन—तीन प्रकार की दवाएं दी जाएंगी। इसके लिए जिले में 2198 टीमें, 4396 आशा कार्यकर्ता (ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर) और 217 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। कुल 9 लाख 52 हजार 143 घरों को इस अभियान के तहत लक्षित किया गया है। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष बूथ लगाकर स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने लक्षित लाभार्थियों को दवा का सेवन कराएंगे। जागरूकता रथ से गांव-गांव पहुंचेगा संदेश जन-जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने 20 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ जिले के सभी प्रखंडों में गांव-गांव जाकर ऑडियो संदेशों के माध्यम से फाइलेरिया से बचाव और दवा सेवन के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी, डीपीएम अरविन्द कुमार, डीएमओ डॉ. भूपेंद्र कुमार, डीएस डॉ. आर.एन. तिवारी, डीपीसी रमेशचंद्र कुमार, डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार सुधीर कुमार, अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद, वीडीसीओ मिनाक्षी, वीडीसीओ सुमन कुमारी, पिरामल फाउंडेशन एवं सीफार के प्रतिनिधि समेत कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित : सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने कहा कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हैं। उच्च रक्तचाप, शुगर, गठिया या अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी ये दवाएं अवश्य लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दवा सेवन के बाद यदि हल्का बुखार, चक्कर या मितली जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह घबराने की बात नहीं है—बल्कि यह संकेत है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी नष्ट हो रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई है। खाली पेट दवा नहीं, कुछ वर्ग अभियान से बाहर यह अभियान लहलादपुर प्रखंड को छोड़कर जिले के सभी प्रखंडों में संचालित किया जाएगा। दवाओं का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि स्वास्थ्यकर्मी लाभार्थियों को अपने सामने दवा का सेवन कराएंगे। दवा खाली पेट नहीं खानी है। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति इस अभियान से बाहर रखे गए हैं। फाइलेरिया (हाथीपांव रोग) मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति लगातार 5 वर्षों तक फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर लेता है, तो उसे जीवनभर इस बीमारी से बचाव मिल सकता है।
छपरा में जिला स्तरीय नियोजन मेला 2026: 39 काउंटरों पर 4375 पदों के लिए आवेदन, दो दिव्यांग युवकों को पहली बार मिला रोजगार
छपरा, 09 फ़रवरी | स्थानीय संवाददाता: हिमालय राज, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में अवर प्रादेशिक नियोजनालय, छपरा (सारण) द्वारा शहर के राजेंद्र स्टेडियम में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन मेला 2026 का आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने भाग लिया और रोजगार के अवसरों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। इस नियोजन मेले में कुल 39 काउंटर लगाए गए, जिनके माध्यम से 4375 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। मेले में बाहरी राज्यों की एजेंसियों की भागीदारी अपेक्षाकृत अधिक रही। विशेष रूप से भागलपुर, पुणे, चेन्नई और मुंबई से आई लेबर नेट कंपनी ने सर्वाधिक 1500 पदों के लिए आवेदन प्राप्त किए। वहीं, सारण जिले के अनुमंडल मुख्यालय मढ़ौरा स्थित वेबटेक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सबसे कम, मात्र 05 पदों के लिए आवेदन लिया गया। दिव्यांग युवकों के लिए मेला बना उम्मीद की किरण इस रोजगार मेले की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें दो दिव्यांग युवकों को पहली बार रोजगार का अवसर मिला। जलालपुर प्रखंड के गंभरिया गांव निवासी दिव्यांग अरविंद कुमार तथा सोनपुर से आए दिव्यांग अरविंद को मेले के दौरान ही नौकरी प्रदान की गई। दोनों को मार्केटिंग क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिला है। इस संबंध में उत्कर्ष मार्केटिंग के प्रतिनिधि उमेश सिंह ने बताया कि चयनित युवकों को प्रारंभिक रूप से 90 से 120 दिनों तक फील्ड में मार्केटिंग का कार्य करना होगा। इसके उपरांत उन्हें कार्यालय में बैठकर कार्य करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब रोजगार मेला के माध्यम से दो दिव्यांग युवकों को उनकी योग्यता के अनुरूप काम दिया गया है। युवाओं में दिखा उत्साह मेले में शामिल युवाओं ने इसे रोजगार की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। बड़ी संख्या में युवाओं ने विभिन्न कंपनियों और एजेंसियों के काउंटरों पर जाकर आवेदन किया और साक्षात्कार प्रक्रिया में हिस्सा लिया। आयोजन से यह स्पष्ट हुआ कि ऐसे नियोजन मेले न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का माध्यम बनते हैं, बल्कि दिव्यांगजनों के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलते हैं। कुल मिलाकर, जिला स्तरीय नियोजन मेला 2026 छपरा के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ।
बम धमकी से थमी अदालत की सांसें, पप्पू यादव की जमानत पर सुनवाई टली
पटना। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। पटना सिविल कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट समेत पूरे न्यायालय परिसर को एहतियातन खाली करा लिया गया। सुरक्षा कारणों से कोर्ट की सभी कार्यवाहियां स्थगित कर दी गईं, जिसके चलते पप्पू यादव की बेल पर फैसला टल गया। फिलहाल उन्हें पटना के बेऊर जेल में ही रहना होगा। सोमवार सुबह पटना सिविल कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर आरडीएक्स और आईईडी से धमाके की धमकी मिली। इस सूचना के मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस की टीमों ने पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया। एमपी-एमएलए कोर्ट सहित अन्य अदालतों को तत्काल खाली कराया गया और जगह-जगह सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा जांच के कारण कोर्ट की नियमित कार्यवाही पूरी तरह प्रभावित रही। इसी बीच पप्पू यादव की जमानत याचिका पर निर्धारित सुनवाई भी नहीं हो सकी। अदालत की कार्यवाही स्थगित होने के चलते मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। अब उनकी जमानत पर सुनवाई अगली तारीख पर ही संभव हो पाएगी। गौरतलब है कि पप्पू यादव फिलहाल बेऊर जेल में बंद हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पीएमसीएच ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई थी। पीएमसीएच के अधीक्षक राजीव कुमार के मुताबिक जांच में उनकी सेहत सामान्य पाई गई थी, हालांकि जेल ले जाते समय वे एंबुलेंस में लेटे हुए दिखाई दिए थे, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हुईं। पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी ऐसे वक्त हुई, जब वे हाल ही में सामने आए NEET छात्रा की मौत के मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगातार सवाल उठा रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की थी। कोर्ट परिसर को मिली बम धमकी ने एक बार फिर न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की सत्यता की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
छपरा में न्यायिक गतिरोध पर जिला न्यायाधीश का संवाद का संदेश, अधिवक्ताओं से कार्य बहिष्कार खत्म करने की अपील
छपरा। जिले में चल रहे अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार को लेकर जिला न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग ने संवाद और सहयोग पर जोर दिया है। रविवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे न्यायिक कार्य ठप रखने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाएं और कार्य बहिष्कार समाप्त करें। जिला न्यायाधीश ने कहा कि अधिवक्ताओं की जो भी शिकायतें या समस्याएं हैं, उन पर खुलकर और सकारात्मक माहौल में चर्चा करने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी विवाद या असहमति का समाधान संवाद से ही संभव है, न कि न्यायिक कार्य को बाधित करके। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकर बिंदुवार चर्चा की जा सकती है, ताकि हर मुद्दे को गंभीरता से समझा जाए और उसका व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके। जिला न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे सोमवार से न्यायिक कार्य प्रारंभ करें और अपनी टीम के साथ आकर संवाद स्थापित करें। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने भरोसा जताया कि आपसी विश्वास, बातचीत और सहयोग के माध्यम से सभी लंबित मुद्दों का समाधान अवश्य निकल आएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक व्यवस्था का सुचारू संचालन आम जनता के हित में है और इसमें न्यायपालिका तथा अधिवक्ता दोनों की समान जिम्मेदारी है। जिला न्यायाधीश की इस अपील को न्यायिक गतिरोध समाप्त करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें अधिवक्ताओं के अगले कदम पर टिकी हैं, जिससे छपरा की न्यायिक व्यवस्था फिर से पूरी गति से आगे बढ़ सके।
दिनदहाड़े हथियारों के बल पर ज्वेलरी शॉप लूट, दो मिनट में 20 लाख की वारदात से सहमा सारण
सारण (बिहार), रविवार: बिहार के सारण जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर खुलेआम दिखाई दिए, जब मांझी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर बाजार में स्थित एक ज्वेलरी शॉप से दिनदहाड़े करीब 20 लाख रुपये की लूट कर ली गई। इस सनसनीखेज वारदात को दो बाइक पर सवार होकर आए छह बदमाशों ने महज दो मिनट में अंजाम दिया और फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाश अचानक दुकान पर पहुंचे और अंदर घुसते ही पिस्टल दिखाकर दुकानदार व ग्राहकों को आतंकित कर दिया। हथियारों के बल पर सभी को बंधक बना लिया गया। इसके बाद बदमाशों ने सोने-चांदी के आभूषण बोरे में भरने शुरू कर दिए। दहशत फैलाने के लिए अपराधियों ने फायरिंग भी की, जिससे पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। वीडियो में कैद हुई पूरी वारदात घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि तीन बदमाश दुकान के अंदर मौजूद हैं। दो के हाथों में पिस्टल है, जबकि एक बदमाश गन पॉइंट पर ग्राहकों को बंधक बनाए हुए है। वहीं, दो अन्य बदमाश तेजी से ज्वेलरी को बोरे में भरते नजर आ रहे हैं। दुकान के अंदर मौजूद ग्राहकों की चीख-पुकार भी वीडियो में सुनी जा सकती है। दुकानदार ने बताई आपबीती दुकान के मालिक बृज बिहारी गुप्ता ने बताया कि वे ग्राहकों को आभूषण दिखा रहे थे, तभी अचानक दो बाइक पर सवार होकर छह बदमाश पहुंचे। उन्होंने बिना कुछ कहे पिस्टल निकाल ली और लूटपाट शुरू कर दी। फायरिंग की आवाज सुनते ही पूरा बाजार दहल उठा। घटना की सूचना मिलते ही मांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि दुकान और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज हाथ लगी है, जिसके आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। इलाके की नाकेबंदी कर फरार अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई है। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूट की घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी वर्ग में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग कर रहे हैं।
बिहार में अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की कथा के दौरान हंगामा, भीड़ बेकाबू होने पर पुलिस का लाठीचार्ज
न्यूज डेस्क | बिहार : बिहार में प्रसिद्ध कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब उनके कार्यक्रम में प्रवेश के लिए उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। हालात इस कदर बिगड़ गए कि भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से कहीं अधिक पहुंच गई थी। प्रवेश के लिए केवल एक ही गेट खोला गया था, जिससे हजारों श्रद्धालु एक साथ अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान धक्का-मुक्की बढ़ गई और लोहे का गेट दबाव के कारण उखड़ गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। भीड़ के बेकाबू होते ही मौके पर मौजूद पुलिस बल ने पहले समझाइश और बैरिकेडिंग के जरिए लोगों को पीछे हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब हालात नहीं संभले तो हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आने की भी सूचना है, हालांकि किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक होने के कारण दबाव बढ़ गया। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया और प्रवेश-निकास की व्यवस्था को अस्थायी रूप से बंद कर हालात को नियंत्रण में लिया गया। वहीं, आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है और कथा कार्यक्रम आगे की व्यवस्थाओं के साथ जारी रखने की तैयारी की जा रही है।
“कार्यकर्ताओं के जोश के बीच तेजस्वी यादव का शक्ति प्रदर्शन, बोले—अब बूथ स्तर से बदलेगी बिहार की सियासत”
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे तो माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा नजर आया। ढोल-नगाड़ों, नारों और फूल-मालाओं के साथ कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का यह जोश देखकर तेजस्वी यादव भी भावुक और उत्साहित दिखे। पार्टी कार्यालय में मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक सफर और संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि वह देश के सबसे युवा उप मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन उसी दौर में उनके चाचा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे अलग हो गए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ केस-मुकदमे दर्ज कराए गए। तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जो जनता के भरोसे और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम था। उन्होंने कहा कि 2025 के चुनावी दौर को भी उन्होंने करीब से देखा है और अब संगठन में उन्हें पहली बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए तेजस्वी ने कहा कि अब पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा करना उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक बार फिर बिहार में आरजेडी की सरकार बनाना उनका सपना ही नहीं, बल्कि संकल्प है। अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “आज के लोकतंत्र में लोक गायब हो गया है और सिर्फ तंत्र ही बचा है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने से पहले ही फर्जी केस बनाकर लोगों को उठाया जाता है और झूठे आरोपों में जेल भेज दिया जाता है। उनका कहना था कि आरजेडी कार्यकर्ताओं को भी जबरन परेशान किया गया, लेकिन अब पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है। तेजस्वी यादव ने शेखपुरा के पूर्व विधायक को मिल रही जान से मारने की धमकियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार लोकतंत्र नहीं, बल्कि “डर-तंत्र” में बदल चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरजेडी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और न ही कमजोर हैं। अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “कमजोर हम नहीं हैं, सिर्फ समय कमजोर है।” उन्होंने सभी से अपील की कि वे आरजेडी के सिपाही की तरह मजबूती से खड़े रहें और आने वाले समय में बदलाव की लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ें।
31 साल पुराने मामले में बड़ा एक्शन: पप्पू यादव गिरफ्तार, देर रात पुलिस छापे से मचा सियासी हलचल
पटना। करीब तीन दशक पुराने एक मामले में शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई, जिसके तहत पुलिस की एक टीम रात में उनके मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने सांसद को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें तत्काल मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस ले जाया गया। इस दौरान समर्थकों द्वारा विरोध किए जाने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायालय के आदेश के तहत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्दनीबाग थाना से जुड़े एक पुराने मामले में सांसद को तय तारीख पर कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण अदालत ने गिरफ्तारी का आदेश जारी किया था। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस टीम रात करीब दस बजे सांसद के आवास पर पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों ने जब उन्हें गिरफ्तारी की जानकारी दी तो सांसद ने रात में कहीं भी जाने से इनकार कर दिया और अधिकारियों से सुबह आने को कहा। हालांकि, कोर्ट के आदेश को देखते हुए पुलिस ने उसी रात कार्रवाई को अंजाम दिया। इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और अदालत के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। घटना के बाद पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
छपरा में जलजमाव पर प्रशासन सख्त, डीएम ने खनुआ नाला व शहर के ड्रेनेज सिस्टम का किया व्यापक निरीक्षण
छपरा । छपरा शहर में जलनिकासी की गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव ने आज दिनांक 04 फरवरी 2026 को छपरा नगर निगम और सदर प्रखंड अंतर्गत खनुआ नाला समेत शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और उनके आउटलेट का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम, वरीय परियोजना अभियंता बुडको एवं उनकी टीम, सहायक अभियंता पथ प्रमंडल छपरा, अंचलाधिकारी सदर तथा अमीन शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान डीएम ने नालों की स्थिति, अतिक्रमण, जल प्रवाह और निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने उप समाहर्ता भूमि सुधार सदर एवं अंचलाधिकारी सदर को साढ़ा ढाला ओवरब्रिज के नीचे से जटही पोखरा, वहां से दूधिया पोखरा होते हुए तेल नदी तक तथा दूधिया पोखरा से बग्घी नाला तक नक्शे में दर्शाए गए सभी छोटे-बड़े नालों की विधिवत मापी कराने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि मापी के बाद 15 दिनों के भीतर पिलर या अन्य स्थायी सामग्री से मार्किंग अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि भविष्य में अतिक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे। डीएम ने वरीय परियोजना अभियंता, बुडको को छपरा नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पटेल छात्रावास से आईडीएस पब्लिक स्कूल तक शेष 200 मीटर खनुआ नाला निर्माण कार्य एक सप्ताह के अंदर शुरू करने का सख्त निर्देश दिया। इसके साथ ही खनुआ नाला से जुड़ने वाले सभी प्राथमिक नालों के जंक्शन पॉइंट पर स्क्रीन लगाने और जंक्शन चैंबर निर्माण का आदेश दिया गया, ताकि प्लास्टिक और ठोस कचरा मुख्य नाले में प्रवेश न कर सके। शहर की दीर्घकालिक समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम को पूरे शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार करने हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग से परामर्शी (कंसल्टेंट) की नियुक्ति के लिए विभाग को अनुरोध पत्र भेजने का निर्देश दिया। वहीं कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल छपरा को नगर निगम क्षेत्र में उनके द्वारा निर्मित सभी कलवर्ट की मरम्मति हेतु अविलंब प्राक्कलन (एस्टिमेट) तैयार करने का आदेश दिया गया, ताकि बरसात से पहले आवश्यक सुधार कार्य पूरे किए जा सकें। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट जल प्रबंधन को लेकर निदेशक, डीआरडीए एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी सदर को SLWM योजना के तहत दूधिया पोखरा में Waste Water Stabilisation Pond स्थापित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही दूधिया पोखरा से तेल नदी तक नाला निर्माण के लिए मनरेगा, पंचायत समिति एवं जिला परिषद से छोटी-छोटी योजनाएं लेकर आबादी वाले क्षेत्रों में कवर नाला और शेष हिस्सों में खुला नाला निर्माण कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जलनिकासी व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा में सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन का यह कदम छपरा शहर को जलजमाव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।