टोक्यो/नई दिल्ली, 11 मई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी-7 की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सुबह जापान पहुंची। जापान और मार्शल आईलैंड के भारतीय राजदूत सिबी जार्ज ने सीतारमण का टोक्यो के हनेडा हवाईअड्डे पर स्वागत किया। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को ट्वीट कर दी जानकारी में बताया कि सीतारमण दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। वित्त मंत्री को जापान के निगाता में होने वाली जी-7 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में शामिल होंगी। मंत्रालय के मुताबिक इस बैठक में भारत को भी आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक अपनी जापान यात्रा के दौरान सीतारमण अन्य देशों के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेंगी। इसके साथ ही वह कारोबारियों और निवेशकों की गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगी। इस दौरान सीतारमण टोक्यो में निवेशकों और उद्योग जगत के लोगों को भी संबोधित करेंगी। इसके अलावा वह वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक में ‘कल्याण के लिए आर्थिक नीति’ पर एक संगोष्ठी को संबोधित करेंगी। उल्लेखनीय है कि जी-7 दुनिया के 7 प्रमुख औद्योगिक देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका का मंच है।
पाकिस्तान : इमरान खान के करीबी पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी गिरफ्तार
इस्लामाबाद, 11 मई(वेब वार्ता) : पाकिस्तान में हिंसा के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहायक एवं पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। इस हिंसा में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गयी है तथा देश की राजधानी और तीन प्रांतों में सेना बुलानी पड़ी है। कुरैशी की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी द्वारा ट्विटर पर साझा किए गये एक वीडियो में सादे कपड़ों में कुछ लोग उन्हें ले जाते हुए दिखे और वह हिरासत में लिए जाने वाले स्थान से रवाना होने से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर हाथ हिलाते हुए नजर आए। पीटीआई ने दावा किया कि इस्लामाबाद पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के 66 वर्षीय कुरैशी को गिरफ्तार किया तथा उन्हें एक ‘‘अज्ञात स्थान’’ पर ले जाया गया है। उनकी गिरफ्तारी से दो दिन पहले मंगलवार को इमरान खान को अर्धसैनिक बलों ने उस समय गिरफ्तार कर लिया था जब वह भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में मौजूद थे। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के आदेश पर मंगलवार को अर्द्धसैनिक बल ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के एक कक्ष में घुस कर खान (70) को हिरासत में ले लिया था। बुधवार को एक भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने 70 वर्षीय खान को आठ दिन की रिमांड में भेज दिया। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री खान को भ्रष्टाचार के मामले में अदालत परिसर से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किए जाने के बाद देशभर में व्यापक पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गयी तथा प्रदर्शनकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच झड़पों में करीब 300 अन्य लोग घायल हो गए। हिंसा के कारण प्राधिकारियों को बुधवार को राजधानी इस्लामाबाद के साथ ही पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को राष्ट्र के नाम दिए संबोधन में अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री खान के समर्थकों द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शनों की निंदा की और प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने की चेतावनी दी। प्रधानमंत्री ने कहा, “सार्वजनिक संपत्ति पर हमला आतंकवाद और देश के प्रति शत्रुता का कार्य है।” उन्होंने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। खबरों के अनुसार, लाहौर तथा पेशावर में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं और वहां आगजनी तथा गोलीबारी की घटनाएं हुईं। पाकिस्तानी सेना ने अपने प्रतिष्ठानों पर हमले को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों को “कड़ा जवाब” देने की चेतावनी दी और कहा कि किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। साथ ही, उसने नौ मई को उसके प्रतिष्ठानों पर हमलों को देश के इतिहास का ‘काला अध्याय’ करार दिया। इसके कुछ घंटों बाद शरीफ ने देश को संबोधित किया। खान के समर्थकों ने मंगलवार को सेना के जनरल मुख्यालय और कई अन्य सैन्य संपत्तियों और प्रतिष्ठानों पर धावा बोला। उन्होंने सैन्य वाहनों और प्रतिष्ठानों पर हमला किया और लाहौर कोर कमांडर के आवास में आग लगा दी। सेना की मीडिया शाखा अंतर सेवा जनसंपर्क (आईएसपीआर) ने कहा, “हम किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने देंगे।” आईएसपीआर ने कहा कि एक तरफ ये बदमाश अपने ‘सीमित और स्वार्थी उद्देश्यों’ को हासिल करने के लिए देश की भावनाओं को भड़काते हैं और दूसरी तरफ लोगों को धोखा देते हैं। उसने कहा कि यह पाखंड की एक मिसाल है। पीटीआई ने खान को रिहा करने तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। ‘डॉन’ अखबार में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, पीटीआई ने आईएसपीआर के बयान का खंडन जारी करते हुए इसे ‘‘तथ्यों से परे’’ और ‘‘जमीनी हकीकत की खराब समझ पर आधारित’’ बताया। पुलिस ने पीटीआई के एक अन्य शीर्ष नेता फवाद चौधरी को भी उच्चतम न्यायालय की इमारत से बाहर निकलते वक्त बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। वह गिरफ्तारी से संरक्षण के लिए अदालत पहुंचे थे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने पाकिस्तान में शांति की अपील की है। इस्लामाबाद पुलिस ने महानिरीक्षक (आईजी) अकबर नासिर इमरान के हवाले से एक संक्षिप्त बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि इमरान को उस मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें आरोप है कि बहरिया टाउन ने पीटीआई अध्यक्ष एवं उनकी पत्नी बुशरा बीबी के स्वामित्व वाले अल-कादिर ट्रस्ट को 53 करोड़ रुपये की जमीन आवंटित की थी।
यौन उत्पीड़न और मानहानि केस में डोनाल्ड ट्रंप दोषी करार, अदालत ने लगाया 50 लाख डॉलर जुर्माना
न्यूयॉर्क, 10 मई (वेब वार्ता): अमेरिका में मैनहट्टन फैडरल ज्यूरी ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वर्ष 1996 में स्तंभकार ई. जीन कैरल का यौन उत्पीड़न और उनकी मानहानि करने का दोषी पाया है। अदालत ने ट्रंप पर 50 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया है। अदालत का यह फैसला 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में ट्रंप की उम्मीदवारी की कोशिश को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, अदालत ने कहा कि कैरल यह साबित करने में विफल रहीं कि ट्रंप ने उनके साथ बलात्कार किया था। कैरल ने आरोप लगाया था कि पूर्व राष्ट्रपति ने मैनहैट्टन के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में उनसे दुष्कर्म किया था। ट्रंप द्वारा इन आरोपों को ‘‘झूठ’’ करार देने से संबंधित वीडियो जारी करने के बाद कैरल ने पूर्व राष्ट्रपति पर उनकी मानहानि करने का दावा किया था। कैरल (79) ने अदालत के इस फैसले को अपनी जीत करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैंने अपना जीवन वापस पाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ये मुकदमा किया था। आज, सच दुनिया के सामने आ चुका है।’’ कैरल ने कहा, ‘‘यह जीत सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि हर उस महिला के लिए है जिसने दुख झेला है क्योंकि उस पर विश्वास नहीं किया गया।’’ कैरल का हवाला देते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘मुझे बिल्कुल नहीं पता कि यह महिला कौन है। यह फैसला शर्मनाक है।’’ अदालती सुनवाई पर सवाल खड़ा करते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया, ‘‘ट्रंप से नफरत करने वाले, क्लिंटन द्वारा नियुक्त न्यायाधीश से आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं।’’ पूर्व राष्ट्रपति के वकील ने अदालत के बाहर कहा कि ट्रंप फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। गौरतलब है कि ट्रंप ने अलग-अलग महिलाओं द्वारा खुद पर लगाए गए यौन उत्पीड़न और यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लगातार खारिज किया है। उनका दावा है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और उनकी छवि खराब करने की साजिश हैं, ताकि वह व्हाइट हाउस की दौड़ में न शामिल हो पाएं।
पाकिस्तान में इमरान की गिरफ्तारी के बाद ,पीटीआई कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प
कराची, 10 मई (वेब वार्ता): पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान की इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के बाहर मंगलवार को हुई गिरफ्तारी के बाद पूरे देश में अनेक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। पुलिस ने कराची, लाहौर और फैसलाबाद में विरोध प्रदर्शन कर रहे श्री इमरान के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए आसूं गैस के गोले दागे और पानी की तेज बौछार की। पीटीआई कार्यकर्ताओं ने पार्टी की ओर से श्री इमरान की गिरफ्तारी के विरोध में पाकिस्तान बंद का आह्वान करने के बाद चारसद्दा, कराची, लाहौर और अन्य शहरों में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिस की गाड़ियों को आग लगा दी। पीटीआई ने ट्विटर पर लिखा,“पाकिस्तान के लोगों यह आपका समय है। श्री इमरान हमेशा आपके लिए खड़े रहे हैं। अब उनके लिए खड़े होने का समय है।” इससे पहले श्री इमरान की गिरफ्तारी के प्रयास के वक्त उनके समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुईं थी। मिष्ठान स्टोर के मालिक हनीफ ने स्थानीय मीडिया से कहा, “श्री इमरान खान हमारी ‘रेड लाइन’ हैं। उनको एक खरोंच आना भी हमें बर्दाश्त नहीं है। हम अपनी जान दे देंगे लेकिन इमरान को आजाद करवा कर रहेंगे।” प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद श्री इमरान के विरुद्ध कई मामले दर्ज किये गये हैं। सामरिक विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान की सरकारें लगातार अपने विरोधियों को चुप कराती रही हैं। श्री इमरान को इन मामलों में दोषी करार दिया जाता है तो इस वर्ष पाकिस्तान में होने वाले चुनावों में वह शिरकत नहीं कर पायेंगे।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार
इस्लामाबाद, 09 मई: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया गया है कि उन्हें पाक रेंजर्स ने गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई पाकिस्तान रेंजर्स की ओर से की गई है। इमरान जब अल-कादिर ट्रस्ट मामले में पेशी के लिए हाईकोर्ट पहुंचे, तभी उन्हें पाक रेंजर्स ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वकील फैसल चौधरी ने इसकी पुष्टि की। वहीं पीटीआई नेता मुसर्रत चीमा ने एक वीडियो मैसेज में कहा कि वे लोग इमरान खान साहब को मार रहे हैं। उन्होंने इमरान साहब के साथ कुछ कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, इमरान की गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। कोर्ट के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। बताया यह भी जा रहा है कि इमरान खान के वकील और समर्थकों से मारपीट भी की गई है। गिरफ्तारी से पहले इमरान और बाद में पार्टी ने क्या कहा? गिरफ्तारी से पहले पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने कहा कि मुझ पर कोई मामला नहीं है। वे मुझे जेल में डालना चाहते हैं, मैं इसके लिए तैयार हूं। इसके बाद खबर आई कि इमरान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान रेंजर्स ने पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान का अपहरण कर लिया है। रेंजसे ने इमरान को धक्का दिया। इस धक्कामुक्की में वे घायल हुए हैं। हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने पूछा- गिरफ्तार क्यों किया? मामले के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आमेर फारूक ने गृह मंत्रालय के सचिव और इस्लामाबाद के पुलिस चीफ को तलब किया। उन्होंने 15 मिनट में सभी को कोर्ट के सामने पेश होने को कहा। जस्टिस फारूक ने कहा कि अगर पुलिस चीफ कोर्ट में पेश नहीं हुए तो हम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को यहां बुलाएंगे। आप यह बताएं कि इमरान को किस मामले में और क्यों गिरफ्तार किया गया? क्या है अल-कादिर ट्रस्ट केस? यह एक विश्वविद्यालय से जुड़ा मामला है। आरोप है कि इमरान ने बतौर प्रधानमंत्री इसे गैरकानूनी तरीके से करोड़ों रुपए की जमीन मुहैया कराई थी। इसका खुलासा पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्सियत मलिक रियाज ने किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इमरान और उनकी पत्नी ने उनकी गिरफ्तारी के नाम पर धमकाकर अरबों रुपये की जमीन अपने नाम करा ली। बाद में रियाज और उनकी बेटी का ऑडियो भी लीक हुआ था। इसमें इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की ओर से पांच कैरेट के हीरे की अंगूठी मांगे जाने की बात सामने आई थी।
भारतीय इंजीनियर का पार्थिव शरीर स्वदेश भेजने की प्रक्रिया जारी,अमेरिकी मॉल में गोलीबारी में हुई थी मौत
ह्यूस्टन (अमेरिका), 09 मई (वेब वार्ता): ह्यूस्टन में भारतीय वाणिज्य दूतावास, शनिवार को टेक्सास के मॉल में हुई गोलीबारी में जान गंवाने वाली भारतीय इंजीनियर ऐश्वर्या थतिकोंडा का पार्थिव शरीर उनके परिवार को सौंपने के लिए औपचारिकताएं पूरी करने में परिजनों की मदद कर रहा है। साथ ही दूतावास ने यह भी पुष्टि की कि इस दुखद घटना में दो भारतीय घायल भी हुए हैं। मैककिनी निवासी ऐश्वर्या (26) अपने एक दोस्त के साथ मॉल में खरीदारी कर रही थीं तभी डलास में ऐलेन प्रीमियम आउटलेट्स में बंदूकधारी मौरिसियो गार्सिया ने उन पर गोली चला दी। गोलीबारी शनिवार को दिन में दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुई और उस वक्त मॉल के बाहरी हिस्से में खरीदारों की भीड़ जमा हो गई थी। गोलीबारी में कम से कम आठ लोग मारे गए थे और हमलावर मौरिसियो गार्सिया (33) को भी पुलिस ने मार गिराया था। भारत के तेलंगाना राज्य में रांगा रेड्डी जिला अदालत में जिला न्यायाधीश की बेटी ऐश्वर्या परफेक्ट जनरल कॉन्ट्रैक्टर्स एलएलसी में प्रोजेक्ट मैनेजर थीं। ह्यूस्टन में भारतीय वाणिज्य दूतावास ऐश्वर्या के और गोलीबारी में घायल दो अन्य भारतीयों के परिवार के संपर्क में है। ह्यूस्टन में भारतीय महावाणिज्य दूत असीम महाजन ने ‘पीटीआई’ को बताया कि वे ऐश्वर्या का पार्थिव शरीर उनके परिवार को सौंपने के लिए औपचारिकताएं पूरी करने में परिजनों की मदद कर रहे हैं। महाजन ने कहा, ‘‘गोलीबारी की इस दुखद घटना में दो अन्य भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। हमलोग स्थानीय एवं अस्पताल प्रशासन, घायलों के रिश्तेदारों और समुदाय के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं।’’ सूत्रों के अनुसार इनमें से एक की हालत गंभीर है। डलास में वाणिज्य दूतावास के अधिकारी औपचारिकताएं पूरी करने तथा यहां से संबंधित अन्य जिम्मेदारियों के सिलसिले में हरसंभव सहायता करेंगे। तेलुगु एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका के नेता अशोक कोल्ला थतिकोंडा के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की व्यवस्था कर रहे हैं। मारे गए अन्य लोगों में तीन साल का एक बच्चा, उसके माता पिता, एक सुरक्षा गार्ड और प्राथमिक स्कूल जाने वाली दो बहनें शामिल हैं। घटना में सात अन्य लोग भी घायल हुए हैं और उनका अब भी अस्पताल में इलाज हो रहा है। अपराध की जांच जारी है और घटना में मारे गए लोगों के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।